LPG Price Today: घरेलू गैस सिलेंडर और कमर्शियल एलपीजी ग्राहकों को बड़ी राहत, जानिए देश के प्रमुख शहरों में नई कीमतें

LPG Price Today: देशभर में घरेलू और कमर्शियल रसोई गैस (LPG) उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है। सरकारी तेल कंपनियों (इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम) ने जुलाई 2026 के लिए 14.2 किलो घरेलू LPG सिलेंडर के दामों में कोई नई बढ़ोतरी नहीं की है। जून में हुई ₹29 प्रति सिलेंडर की वृद्धि के बाद कीमतें फिलहाल स्थिर बनी हुई हैं। तेल कंपनियों ने जुलाई महीने में घरेलू 14.2 किलोग्राम गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई नया बदलाव नहीं किया है।

हालांकि, इस महीने की शुरुआत में कमर्शियल 19 किलोग्राम LPG सिलेंडर की कीमत में 183.50 रुपये की कटौती की गई थी, जिससे होटल, रेस्तरां और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को बड़ी राहत मिली है। कमर्शियल सिलेंडर की इन कीमतों में 1 जुलाई को ₹183.50 की कटौती शामिल है। वहीं, जून के महीने में तेल कंपनियों द्वारा की गई ₹29 की बढ़ोतरी के बाद घरेलू गैस के दाम फिलहाल स्थिर बने हुए हैं।

उपभोक्ताओं को राहत

फिलहाल घरेलू और कमर्शियल LPG उपभोक्ताओं को राहत मिली हुई है क्योंकि सिलेंडर की कीमतों में कोई नई बढ़ोतरी नहीं हुई है। कमर्शियल LPG सस्ता होने से होटल, ढाबों और रेस्तरां कारोबार को लाभ मिलेगा। हालांकि अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार और पश्चिम एशिया की स्थिति आने वाले महीनों में LPG कीमतों की दिशा तय कर सकती है।

घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतें स्थिर

ताजा दरों के अनुसार, दिल्ली में 14.2 किलोग्राम घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत 942 रुपये है। जून में 29 रुपये की बढ़ोतरी के बाद से कीमतों में कोई नया बदलाव नहीं किया गया है। आम घरेलू उपभोक्ताओं के लिए यह स्थिरता राहत लेकर आई है।

प्रमुख महानगरों में घरेलू LPG के दाम

शहर                                                                                          14.2 किग्रा घरेलू LPG (रुपये)

दिल्ली                                                                                          942

मुंबई                                                                                            941.50

कोलकाता                                                                                     लगभग 939

चेन्नई                                                                                            लगभग 928.50

(ये दरें 1 जुलाई 2026 से प्रभावी हैं और इनमें आज तक कोई बदलाव नहीं हुआ है।)

कमर्शियल LPG सिलेंडर हुआ सस्ता

तेल कंपनियों ने हाल ही में 19 किलोग्राम कमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम में 183.50 रुपये की कटौती की थी। नई दरों के बाद दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर 2,930 रुपये में उपलब्ध है। यह कटौती वर्ष 2026 की पहली बड़ी कमी मानी जा रही है।

प्रमुख शहरों में 19 किग्रा कमर्शियल LPG की कीमत

शहर                                                                                          कमर्शियल LPG (रुपये)

दिल्ली                                                                                         2,930

मुंबई                                                                                           2,885.50

कोलकाता                                                                                    3,072

चेन्नई                                                                                             3,100

पश्चिम एशिया संकट पर नजर

घरेलू LPG की कीमतें फिलहाल स्थिर हैं। लेकिन पश्चिम एशिया में जारी तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ती अनिश्चितता ऊर्जा बाजारों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। भारत अपनी LPG आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए अमेरिका सहित वैकल्पिक स्रोतों से आयात बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है।

थाली पर भी पड़ा असर

हाल ही में जारी एक रिपोर्ट के अनुसार टमाटर, प्याज और LPG की बढ़ी हुई लागत के कारण जून में घरेलू थाली की लागत में 5 से 6 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई। इससे साफ है कि रसोई गैस की कीमतों का सीधा असर आम परिवारों के मासिक बजट पर पड़ता है।

क्यों स्थिर हैं घरेलू दाम?

तेल कंपनियों ने जून में अंतरराष्ट्रीय LPG कीमतों और पश्चिम एशिया में तनाव के कारण घरेलू सिलेंडर महंगा किया था। फिलहाल सरकार और कंपनियों ने घरेलू उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ नहीं डालने का फैसला किया है। इसलिए जुलाई संशोधन में कोई नई बढ़ोतरी नहीं की गई।

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US-Iran War News: ईरान-अमेरिका युद्ध फिर भड़का! IRGC ने होर्मुज स्ट्रेट को किया बंद, अमेरिकी सेना ने शुरू किया घातक हमला

US-Iran War News: पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। शनिवार (11 जुलाई) देर रात ईरान ने रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को दोबारा बंद करने की घोषणा कर दी। इसके कुछ ही घंटों बाद अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर तीसरे दौर की हवाई और मिसाइल कार्रवाई शुरू कर दी। इन घटनाओं ने पिछले महीने हुए अस्थायी युद्धविराम (सीजफायर) के भविष्य पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

होर्मुज जलडमरूमध्य फिर बंद

ईरान का कहना है कि एक कमर्शियल जहाज ने उसकी ओर से निर्धारित रूट्स का पालन नहीं किया। इसके बाद ईरानी सेना इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने जहाज की ओर चेतावनी स्वरूप गोलियां चलाईं। ईरान ने इसे अपनी समुद्री सुरक्षा का उल्लंघन बताते हुए घोषणा की है कि होर्मुज अगले आदेश तक बंद रहेगा।

रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने जहाजों को चेतावनी दी है कि वे ईरानी अधिकारियों द्वारा मंजूरी न किए गए किसी भी रास्ते से इसे पार करने की कोशिश न करें। यह फैसला ऐसे समय लिया गया है, जब ओमान की मध्यस्थता में समुद्री रूट्स को सुरक्षित रखने और युद्धविराम बनाए रखने की कोशिशें जारी थीं।

अमेरिका का तीसरा सैन्य हमला

ईरान की इस घोषणा के कुछ ही समय बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि अमेरिकी सेना ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर तीसरे दौर की कार्रवाई शुरू कर दी है। अमेरिका का दावा है कि इन हमलों का उद्देश्य ईरान की क्षमताओं को कमजोर करना है। जिनके जरिए वह अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों और नागरिक समुद्री ट्रैफिक को निशाना बना सकता है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ईरानी कार्रवाई में क्षतिग्रस्त हुए साइप्रस के झंडे वाले एक कंटेनर जहाज के इंजन रूम को भारी नुकसान पहुंचा है। उसका एक चालक दल का सदस्य अब भी लापता है।

सीजफायर पर मंडराया खतरा

अमेरिकी प्रशासन पहले ही स्पष्ट कर चुका था कि जब तक होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह सुरक्षित नहीं रहेगा, तब तक युद्धविराम को आगे बढ़ाने या नए समझौते पर बातचीत संभव नहीं होगी। वॉशिंगटन को उम्मीद थी कि ईरान सार्वजनिक रूप से सभी जहाजों की सुरक्षित आवाजाही की गारंटी देगा। लेकिन इसके उलट तेहरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने की घोषणा कर दी।

ओमान की मध्यस्थता जारी

तनाव के बीच ईरान और ओमान के विदेश मंत्रियों की शनिवार को बैठक हुई। दोनों देशों ने समुद्री रूट्स की सुरक्षा और भविष्य की व्यवस्था पर तकनीकी और राजनीतिक स्तर पर बातचीत जारी रखने पर सहमति जताई। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि बैठक में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए उपयुक्त तंत्र पर चर्चा हुई। इस बीच, ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अपने पिता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के बाद पहली बार सार्वजनिक बयान जारी किया है।

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US-Iran War: अमेरिका ने भीषण बमबारी से ईरान के कई शहरों को फिर दहलाया, जहाज पर IRGC की फायरिंग के बाद बिगड़े हालात; होर्मुज हुआ बंद

मिडिल ईस्ट में हालात एक बार फिर बिगड़ते जा रहे हैं। अमेरिका ने ईरान पर एक बार फिर हवाई हमले किए हैं। ईरान ने होर्मुज पर एक जहाज पर हमला किया, जिसके जवाब में अमेरिका सेना ने तेहरान के केश्म द्वीप समते कई शहरों में भीषण बमबारी शुरू कर दी। दोनों देशों ने ताजा हमलों की पुष्टि की है।

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US-Iran Tension: ‘ईरान के साथ सीजफायर खत्म…’ ट्रंप का बड़ा ऐलान, मिडिल ईस्ट में फिर से भयंकर तबाही की आहट

Donald Trump on Iran Ceasefire: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा सैन्य टकराव अब पूरी तरह से कूटनीतिक युद्ध में बदल चुका है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आज एक बेहद चौंकाने वाला ऐलान करते हुए कहा है कि ईरान के साथ हुआ समझौता और सीजफायर अब पूरी तरह से ‘खत्म’ हो चुका है।

अंकारा में आयोजित नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान नाटो के महासचिव मार्क रुटे के साथ मौजूद ट्रंप ने ईरानी नेतृत्व पर जमकर गुस्सा निकाला। उन्होंने साफ कहा कि अब ईरान के साथ किसी भी तरह की बातचीत करना सिर्फ और सिर्फ समय की बर्बादी है।

‘मेरे लिए अब समझौता खत्म’: डोनाल्ड ट्रंप

मिडिल ईस्ट में दोनों देशों के बीच जारी मिसाइल और ड्रोन हमलों के बीच राष्ट्रपति ट्रंप का यह बयान आग में घी का काम कर रहा है। ट्रंप ने दोटूक शब्दों में कहा, ‘जहां तक मेरा सवाल है, ईरान के साथ हुआ समझौता और सीजफायर अब खत्म हो चुका है।’ ट्रंप ने अपने आक्रामक अंदाज में ईरानी लीडरशिप को आड़े हाथों लिया। उन्होंने ईरानी नेताओं को ‘झूठा’, ‘नीच’ और ‘सनकी/बीमार लोग’ तक कह डाला।

बातचीत के सारे रास्ते बंद?

डोनाल्ड ट्रंप के इस कड़े रुख से यह साफ हो गया है कि अमेरिका अब ईरान के साथ किसी भी तरह के समझौते के मूड में नहीं है। ट्रंप ने जोर देकर कहा कि इन लोगों (ईरानी नेताओं) के साथ डील करने का अब कोई मतलब नहीं रह गया है, यह सिर्फ वक्त जाया करना है। उन्होंने संकेत दिए कि अमेरिका अब ईरान के खिलाफ और ज्यादा सख्त और सीधी सैन्य कार्रवाई का रुख अपना सकता है।

क्यों बढ़ा अचानक इतना तनाव?

यह बयान ऐसे समय में आया है जब हाल ही में अमेरिका और ईरान ने एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों पर भीषण बमबारी की है। इसके पहले ईरान ने दावा किया था कि उसने बहरीन और कुवैत में स्थित अमेरिकी सैन्य सुविधाओं से जुड़े 85 ठिकानों पर जवाबी हमला किया है। यह हमला अमेरिका द्वारा ईरान के भीतर घुसकर 80 से ज्यादा ठिकानों को तबाह करने के विरोध में किया गया था।

Crude Oil Price: US-ईरान बातचीत की संभावना से कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, ब्रेंट $72 प्रति बैरल के करीब

Crude Oil Price: मंगलवार को तेल की कीमतों में गिरावट आई क्योंकि इन्वेस्टर्स दोहा में होने वाली US-ईरान बातचीत के नतीजे का इंतज़ार कर रहे थे, जबकि दोनों पक्षों ने वीकेंड में मिसाइल हमले किए, जिससे चार महीने से चल रहे संघर्ष को खत्म करने के मकसद से किया गया अंतरिम सीजफ़ायर दबाव में आ गया।

मंगलवार को एक्सपायर होने वाला अगस्त डिलीवरी का ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 1.03%, या 75 सेंट गिरकर $72.40 प्रति बैरल पर आ गया। ज़्यादा एक्टिवली ट्रेड होने वाला सितंबर ब्रेंट कॉन्ट्रैक्ट 0.54%, या 40 सेंट गिरकर $73.51 प्रति बैरल पर आ गया।

इस बीच, US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 0.66%, या 47 सेंट गिरकर $70.32 प्रति बैरल पर आ गया।

आज कच्चे तेल की कीमतों को क्या चला रहा है?

ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री काजम गरीबाबादी के हवाले से रॉयटर्स ने सोमवार को कहा कि ईरानी और ओमानी एक्सपर्ट्स आने वाले दिनों में होर्मुज स्ट्रेट के जरिए ट्रांजिट रूट को फिर से तय करने पर बातचीत शुरू कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि ईरान जहाजों को तय शिपिंग लेन से बाहर जाने से रोकने की कोशिश करेगा।

साथ ही, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एस्माईल बघाई ने साफ किया कि आने वाले दिनों में अमेरिका के साथ किसी भी लेवल पर कोई मीटिंग या बातचीत तय नहीं है।

संभावित बातचीत को लेकर अलग-अलग संकेतों ने 17 जून के सीज़फ़ायर समझौते की कमज़ोरी को दिखाया, जिसने होर्मुज स्ट्रेट के ज़रिए दुनिया भर में तेल शिपमेंट में रुकावट डालने वाली दुश्मनी को कुछ समय के लिए रोक दिया था और नवंबर में होने वाले कांग्रेस चुनावों से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए एक पॉलिटिकल टेस्ट खड़ा कर दिया था।

इज़राइल अमेरिका-ईरान शांति प्रक्रिया से बाहर रहा है और उसने सार्वजनिक रूप से इस समझौते से खुद को दूर रखा है।

शिपिंग डेटा के मुताबिक, होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर नए हमलों और अमेरिका और ईरान के बीच नए हमलों के बावजूद, मिडिल ईस्ट के एनर्जी प्रोड्यूसर कच्चे तेल और LNG कार्गो लोड करना जारी रखे हुए हैं।

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