Swiggy Share Target: स्विगी के शेयरों में 127% तेजी की उम्मीद, ICICI Securities ने ₹400 का टारगेट दिया

Swiggy Share Target: ऑनलाइन फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स कंपनी Swiggy के शेयर पर ICICI Securities ने खरीदारी की राय दी है। हालांकि, ब्रोकरेज ने टारगेट ₹520 से घटाकर ₹400 कर दिया है। ₹176 के मौजूदा भाव के मुकाबले यह करीब 127% की संभावित तेजी दिखाता है।

फूड डिलीवरी कारोबार में सुधार

Swiggy का रेवेन्यू दूसरी तिमाही में तिमाही आधार पर 11.1% बढ़कर ₹7,571 करोड़ हो गया। सालाना आधार पर इसमें 36.1% की बढ़ोतरी हुई।

हालांकि, कंपनी को ₹922 करोड़ का नेट लॉस हुआ। फूड डिलीवरी कारोबार में मार्जिन बेहतर हुआ है। इसका एडजस्टेड EBITDA मार्जिन पिछली तिमाही के 3.1% से बढ़कर 3.4% हो गया। ICICI Securities को उम्मीद है कि आने वाली तिमाहियों में इसमें और सुधार हो सकता है।

Instamart पर नजर

Swiggy के क्विक कॉमर्स कारोबार Instamart की ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू (GOV) दूसरी तिमाही में 16.7% बढ़कर ₹9,230 करोड़ हो गई। सालाना आधार पर इसमें 31.4% की बढ़ोतरी हुई। y

कंपनी ने इस दौरान 69 नए स्टोर जोड़े। सितंबर के अंत तक 133 शहरों में इसके 1,240 स्टोर हो गए थे। हालांकि, इस कारोबार में अभी घाटा हो रहा है। ब्रोकरेज का मानना है कि छूट कम करने और लागत पर नियंत्रण से दूसरी छमाही में मार्जिन सुधर सकता है।

₹400 का टारगेट क्यों दिया?

ICICI Securities ने Swiggy पर BUY रेटिंग बरकरार रखी है। हालांकि, टारगेट प्राइस ₹520 से घटाकर ₹400 कर दिया है।

ब्रोकरेज ने पूंजी की लागत के अनुमान में बढ़ोतरी और संभावित शेयरों की संख्या को इसकी वजह बताया है। अब कंपनी के लिए फूड डिलीवरी कारोबार में ग्रोथ बनाए रखना और Instamart के घाटे को कम करना अहम होगा।

स्विगी के शेयरों का हाल

स्विगी का शेयर पिछले कारोबारी सत्र में 16.75% की भारी गिरावट के साथ 175 रुपये पर बंद हुआ। निवेशकों ने उम्मीद के मुताबिक नतीजे न रहने पर जमकर बिकवाली की।

पिछले 6 महीने में स्टॉक 38.50% टूटा है। वहीं 1 साल में 58.65% क्रैश हो चुका है। कंपनी का मार्केट कैप भी घटकर 40.42 हजार करोड़ रुपये पर आ गया है।

Stocks to Watch: सोमवार 26 अक्टूबर को फोकस में रहेंगे ये 20 स्टॉक्स, नेटवेब से इंफोसिस तक शामिल

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Swiggy Share Price: नतीजों के बाद स्विगी में लगा लोअर सर्किट, ब्रोकरेज ने भी घटाए टारगेट प्राइस

Swiggy Share Price: आज, 23 अक्टूबर को स्विगी में बड़ा एक्सिडेंट हुआ है। नतीजों के बाद स्विगी में 10% का लोअर सर्किट लग गया है। यह शेयर 190.20 रुपये के लोअर सर्किट पर पहुंच गया है। वित्त वर्ष 2026-27 की सितंबर तिमाही में कंपनी के नतीजे अच्छे नहीं रहे हैं। इंस्टामार्ट चलाने वाली इस कंपनी के क्विक-कॉमर्स कारोबार में और अधिक नुकसान हुआ है। इस हफ्ते ‘इटर्नल’ के तिमाही नतीजों के बाद इस सेगमेंट में मुनाफे पर सबकी नजरें टिकी हुई थीं। इस बीच, कई ब्रोकरेज फर्मों ने स्विगी के टारगेट प्राइस को भी घटा दिया है। साथ ही कंपनी के क्विक-कॉमर्स कामकाज और मुनाफे को लेकर चिंता जताई है, जिसका असर आज इस शेयर पर दिख रहा है।

स्विगी के Q2 नतीजे की बात करें तो इस अवधि में कंपनी का घाटा 1092 करोड़ से घटकर 922 करोड़ हुआ। साथ ही EBITDA Loss भी कम हुआ, लेकिन ये दोनों आकंड़े उम्मीद से खराब आए हैं। इस अवधि में कंपनी की आय सालाना आधार पर 5,561 करोड़ रुपए से बढ़कर 7,571 करोड़ रुपए पर रही है। वहीं, EBITDA घाटा 798 से घट कर 770 करोड़ रुपए पर रहा है। जबकि नेट घाटा 1,092 करोड़ रुपए से कम होकर 922 करोड़ रुपए पर रहा है। Q2 में कंपनी की फूड डिलीवरी ग्रोथ 17.2% रही है जिसके 19% रहने का अनुमान था। वहीं, फूड डिलीवरी मार्जिन 3.4% पर रही है। वहीं, क्विक कॉमर्स की नेट ऑर्डर वैल्यू 33.3% रही है।

स्विगी: FY27 गाइ़डेंस

कंपनी के मैनेजमेंट ने FY27 के लिए अपने गाइ़डेंस में कहा है कि फूड डिलीवरी में 18-20% ग्रोथ का लक्ष्य हासिल होगा। फूड डिलीवरी में Adj EBITDA मार्जिन 5% हासिल होना संभव है। क्विक कॉमर्स के कंट्रीब्यूशन मार्जिन 0-100 bps की रेंज में रहेंगे। IOCC ट्रांजिशन Q3 के मध्य से शुरू होगा। IOCC से मार्जिन को 80 bps का सपोर्ट मिलेगा।

स्विगी: ब्रोकरेज की राय

HSBC ने SWIGGY पर होल्ड रेटिंग देते हुए अपना टारगेट 315 रुपए प्रति शेयर से घटाकर 240 रुपए प्रति शेयर कर दिया है। ब्रोकरेज का कहना है कि Q2 में ऑपरेटिंग प्रदर्शन में सुधार होगा। लंबी अवधि की ग्रोथ गाइडेंस पर कम भरोसा है। Instamart की ग्रोथ में सुधार की गति में सुस्ती और फूड डिलीवरी में मार्केट शेयर घटने से चिंता है। कंपिटीशन बढ़ने का भी दबाव कायम है।

Jefferies ने Swiggy को Buy रेटिंग देते हुए लक्ष्य घटाकर 330 रुपए प्रति शेयर कर दिया है। ब्रोकरेज का कहना है कि क्विक कॉमर्स का Adj. EBITDA घाटा बढ़कर करीब 900 करोड़ रुपए रहा है। EBITDA घाटा 3 तिमाहियों के ऊंचे स्तर पर है। इसके भाव में फूड डिलीवरी बिजनेस और कैश की पूरी वैल्यू शामिल नहीं है। इटरनल के मुकाबले प्रदर्शन कमजोर है। वैल्यू अनलॉक के लिए क्विक कॉमर्स का घाटा कम करना जरूरी है।

Citi ने Swiggy पर Buy रेटिंग देते हुए लक्ष्य 390 रुपए से घटाकर 330 रुपए प्रति शेयर कर दिया है। ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी स्थिर ग्रोथ के लिए नए रास्ते देख रही है।

BofA ने Swiggy पर Neutral रेटिंग देते हुए इसका लक्ष्य 275 रुपए से घटाकर 245 रुपए प्रति शेयर कर दिया है। ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी के Q2 नतीजे कमजोर रहे हैं। क्विक कॉमर्स की ग्रोथ उम्मीद से कमजोर रही है। क्विक कॉमर्स में घाटा बढ़ने से चिंता है।

 

 

सरकार चार सरकारी बैंकों में हिस्सेदारी घटाने की तैयारी में, दो और बैंकों का जल्द हो सकता है निजीकरण -रिपोर्ट

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Swiggy Q2 Results: स्विगी का घाटा 15% घटकर ₹922 करोड़ पर आया, रेवेन्यू 36% बढ़ा

Swiggy Q2 Results: फूड और ग्रॉसरी डिलीवरी कंपनी Swiggy का घाटा सितंबर तिमाही में कम हुआ है। जुलाई-सितंबर तिमाही में कंपनी को ₹922 करोड़ का नेट लॉस हुआ। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹1,092 करोड़ था। यानी सालाना आधार पर घाटा 15.6% घटा है। हालांकि, जून तिमाही के ₹791 करोड़ के मुकाबले घाटा बढ़ गया।

रेवेन्यू बढ़कर ₹7,571 करोड़ हुआ

Swiggy के रेवेन्यू में अच्छी बढ़त दर्ज की गई। सितंबर तिमाही में कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू सालाना आधार पर 36% बढ़कर ₹7,571 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹5,561 करोड़ था। जून तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू ₹6,812 करोड़ रहा था।

Instamart के विस्तार का असर

Swiggy के क्विक कॉमर्स बिजनेस Instamart का तेजी से विस्तार हो रहा है। हालांकि, इस विस्तार का असर कंपनी की कमाई पर पड़ रहा है। कंपनी का घाटा जून तिमाही के ₹791 करोड़ से बढ़कर सितंबर तिमाही में ₹922 करोड़ हो गया।

Eternal का मुनाफा बढ़ा

जोमैटो और ब्लिंकिट को चलाने वाली Swiggy की प्रतिद्वंद्वी कंपनी Eternal का प्रदर्शन सितंबर तिमाही में बेहतर रहा। Eternal का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 92% बढ़कर ₹125 करोड़ हो गया। कंपनी का रेवेन्यू भी 78% बढ़कर ₹24,138 करोड़ पहुंच गया। इस दौरान Blinkit ने अपने बिजनेस मॉडल में बदलाव किया और इन्वेंट्री की ओनरशिप अपने हाथ में ले ली।

Swiggy का खर्च भी बढ़ा

सितंबर तिमाही में Swiggy का कुल खर्च सालाना आधार पर करीब 30% बढ़कर ₹8,703 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹6,711 करोड़ था। जून तिमाही में कंपनी का कुल खर्च ₹7,813 करोड़ रहा था।

5% से ज्यादा गिरा शेयर

Swiggy का शेयर 22 अक्टूबर को तिमाही नतीजों से पहले शेयर 5.48% टूटकर ₹211.40 पर बंद हुआ। स्टॉक पिछले 6 महीने में 28.27% टूटा है। वहीं, 1 साल में 50% से ज्यादा क्रैश हो चुका है।

Eternal Target Price: इटरनल पर तीन ब्रोकरेज बुलिश, ₹425 तक जा सकता है जोमैटो की पैरेंट कंपनी का शेयर

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।