Market cues : 23800 के ऊपर टिके रहने पर निफ्टी में 24500 का लेवल मुमकिन, 23800 के नीचे जाने पर बढ़ सकती है गिरावट

Trade setup for today : 19 जून को निफ्टी में 0.6 प्रतिशत की गिरावट के साथ बाजार की लगातार पांच दिनों की बढ़त का सिलसिला टूट गया। प्रॉफिट बुकिंग के बावजूद,इंडेक्स अपने शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज से काफी ऊपर बना रहा। इसने MACD में बुलिश क्रॉसओवर भी बनाए रखा,हालांकि RSI में थोड़ी नरमी आई। वहीं,शुक्रवार को बढ़त के बावजूद इंडिया VIX निचले स्तर पर ही बना रहा। बाजार जानकारों के मुताबिक,कंसोलिडेशन के दौर में निफ्टी को 23,800 के सपोर्ट जोन (10-दिन और 50-दिन के EMA) को बनाए रखने की जरूरत है। अगर यह लेवल टूटता है,तो इंडेक्स के 23,700–23,600 तक गिरने की संभावना बढ़ सकती है। हालांकि,अगर इंडेक्स 23,800 के ऊपर बना रहता है,तो यह 24,200–24,300 और उसके बाद 24,500 की ओर बढ़ सकता है,जो एक अहम रेजिस्टेंस लेवल है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 23,932, 23,898 और 23,842

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,043, 24,077 और 24,133

गैप-डाउन ओपनिंग के बाद,डेली चार्ट पर निफ्टी 50 ने निचले शैडो वाली एक छोटी बॉडी वाली बुलिश कैंडल बनाई। इससे पता चलता है कि ऊंचे स्तरों से थोड़ी गिरावट आई है,लेकिन निचले स्तरों पर खरीदारी में भी दिलचस्पी दिखी है। हालांकि,अगले सेशन में इंडेक्स 100-दिन के EMA के ऊपर नहीं टिक पाया,लेकिन यह अपने शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर बना रहा और ये दोनों ही ऊपर की ओर बढ़ रहे थे। 10-दिन का EMA भी 50-दिन के EMA के ऊपर जाने की कगार पर है। RSI में थोड़ी नरमी आई लेकिन यह अपनी रेफरेंस लाइन से ऊपर बना रहा,जबकि MACD ज़ीरो लाइन और सिग्नल लाइन दोनों के ऊपर रहा,हालांकि हरे हिस्टोग्राम बार में मोमेंटम में कुछ कमी दिखी। ये सभी बातें बताती हैं कि थोड़े समय के कंसोलिडेशन के बावजूद ओवरऑल ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है।

बैंक निफ्टी

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,782, 57,862 और 57,992

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,522, 57,441 और 57,311

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 59,195, 61,678

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 56,772, 56,012

बैंक निफ्टी की लगातार छह दिनों की बढ़त का सिलसिला टूट गया और प्रॉफ़िट बुकिंग के कारण इसमें 0.5% की गिरावट आई,लेकिन यह पिछले दिन के निचले स्तर को बनाए रखने में कामयाब रहा। डेली टाइमफ़्रेम पर बैंकिंग इंडेक्स ने छोटी बॉडी वाली बेयरिश कैंडल बनाई,जिसमें नीचे की तरफ़ एक छोटी शैडो थी। यह हल्की गिरावट (करेक्शन)का संकेत है,जबकि कुल मिलाकर ट्रेंड अभी भी बुल्स के पक्ष में है। इंडेक्स अप्रैल के स्विंग हाई और फरवरी के हाई से अप्रैल के लो तक आए करेक्शन के 61.8 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल से ऊपर बना रहा। यह सभी अहम मूविंग एवरेज से भी ऊपर रहा,जो ऊपर की ओर बढ़ रहे थे। RSI गिरकर 67.81 पर आ गया, लेकिन अपनी सिग्नल लाइन से काफी ऊपर बना रहा,जबकि MACD ने अपना बुलिश क्रॉसओवर बनाए रखा,हालांकि हरे हिस्टोग्राम बार थोड़े हल्के पड़ गए। ये सभी बातें बताती हैं कि कुछ प्रॉफिट बुकिंग के बावजूद,ओवरऑल बुलिश ट्रेंड बना हुआ है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

लगातार 23 सेशन तक नेट बायर बने रहने के बाद,19 जून को घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs) नेट सेलर बन गए और उन्होंने ₹1,159 करोड़ के शेयर बेचे। इसके उलट,विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) नेट बायर बनकर उभरे और उन्होंने ₹4,859 करोड़ के शेयर खरीदे,जिससे विदेशी निवेशकों की फिर से दिलचस्पी का संकेत मिलता है।

इंडिया VIX

मार्केट में उतार-चढ़ाव की उम्मीद को मापने वाला इंडिया VIX 2.35 प्रतिशत बढ़कर 12.97 पर पहुंचने के बावजूद निचले स्तर पर बना रहा। यह इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से काफी नीचे ट्रेड करता रहा। मार्केट में तेज़ी के नज़रिए को बनाए रखने के लिए इसके 14 के स्तर से नीचे बने रहना जरूरी है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 19 जून को पिछले सेशन के 1.12 से गिरकर 0.91 पर आ गया। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक:कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक:केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक:कोई नहीं

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : GIFT Nifty में बढ़त को देखते हुए,बेंचमार्क इंडेक्स Sensex और Nifty के 22 जून को बढ़त के साथ खुलने की उम्मीद है। शुरुआती कारोबार में GIFT Nifty बढ़त के साथ 24,124.50 के आसपास ट्रेड कर रहा था। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

IT,ऑयल एंड गैस और रियल्टी सेक्टर के शेयरों में बिकवाली के कारण,19 जून को भारतीय इक्विटी इंडेक्स की लगातार पांच दिनों की बढ़त का सिलसिला थम गया और वे गिरावट के साथ बंद हुए। निफ्टी 24,000 के आसपास रहा। सेंसेक्स 607.08 अंक या 0.78 प्रतिशत गिरकर 76,802.90 पर बंद हुआ,जबकि निफ्टी 154.90 अंक या 0.64 प्रतिशत गिरकर 24,013.10 पर आ गया।

गिफ्ट निफ्टी

सुबह 08.00 बजे के आसपास गिफ्ट निफ्टी 78 अंक यानी 0.32 फीसदी की बढ़त के साथ 24,126 के आसपास कारोबार कर रहा था।

एशियाई बाजार

एशियाई शेयर बाजारों में मिलाजुला रुख देखने को मिल रहा है। जापान के निक्केई में 2.12 फीसदी की तेजी देखने को मिल रही है। वहीं,स्ट्रेट टाइम्स 0.13 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा है। हैंगसेंग 1.60 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा है। ताइवान के बाजार में 2.75 फीसदी की तेजी है। कोस्पी 1.09 फीसदी ऊपर दिख रहा है। वहीं,शांघाई कंपोजिट में 0.46 फीसदी की गिरावट नजर आ रही है।

Share Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, बढ़त के साथ खुल सकते है भारतीय बाजार

अमेरिकी बाजार

जूनटीन्थ (Juneteenth) की सरकारी छुट्टी के कारण शुक्रवार, 19 जून को अमेरिकी बाजार बंद रहे।

डॉलर इंडेक्स

सोमवार को डॉलर मजबूत रहा क्योंकि मध्य पूर्व में फिर से युद्ध शुरू करने की राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों और तेहरान के होर्मुज़ जलडमरूमध्य को बंद करने के ऐलान के बाद,अमेरिका-ईरान के बीच संभावित शांति समझौते पर अनिश्चितता के बादल छा गए। फिलहाल डॉलर इंडेक्स 100.80 के स्तर पर दिख रहा है।

US बॉन्ड यील्ड

अमेरिका में 10-साल और 2-साल के ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड में 2 बेसिस पॉइंट से ज्यादा की बढ़त हुई है। जिससे ये क्रमशः 4.47% और 4.20% पर पहुच गए हैं।

एशियन करेंसी

सोमवार को ज्यादातर एशियाई करेंसीज में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले गिरावट दिख रही है। थाई बाहत एकमात्र ऐसी करेंसी रही जिसमें बढ़त दिखी,जबकि जापानी येन और चीनी रेनमिनबी में सबसे ज्यादा गिरावट आई।

जापानी येन में 0.12 प्रतिशत की गिरावट आई है। उसके बाद चीनी रेनमिनबी में 0.11 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। दक्षिण कोरियाई वॉन,मलेशियन रिंगित, ताइवानी डॉलर,इंडोनेशियाई रुपिया,फिलीपीनी पेसो और सिंगापुर डॉलर में भी 0.03-0.10 की मामूली गिरावट है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

लगातार 23 सेशन तक नेट बायर बने रहने के बाद,19 जून को घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs) नेट सेलर बन गए और उन्होंने ₹1,159 करोड़ के शेयर बेचे। इसके उलट,विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) नेट बायर बनकर उभरे और उन्होंने ₹4,859 करोड़ के शेयर खरीदे,जिससे विदेशी निवेशकों की फिर से दिलचस्पी का संकेत मिलता है।

Nestle India दे सकती है स्पेशल डिविडेंड का तोहफा, 3 जुलाई को होगा फाइनल

किटकैट और मैगी जैसे प्रोडक्ट्स की ओनर FMCG कंपनी नेस्ले इंडिया (Nestle India) के शेयरहोल्डर्स के लिए स्पेशल डिविडेंड की घोषणा हो सकती है। इस प्रस्ताव पर कंपनी का बोर्ड 3 जुलाई की मीटिंग में चर्चा करने वाला है। इस बारे में कंपनी ने शेयर बाजारों को जानकारी दी है। कंपनी का कहना है कि स्पेशल डिविडेंड मंजूर होने पर उसका पेमेंट 30 जुलाई को या 30 जुलाई से किया जाएगा। इस डिविडेंड पर 3 जुलाई को ही सालाना आम बैठक में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी।

एक्सचेंज फाइलिंग में नेस्ले इंडिया ने कहा कि कंपनी ​वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 5 रुपये प्रति शेयर का फाइनल ​डिविडेंड देने वाली है। इसके लिए रिकॉर्ड डेट 10 जुलाई है। यही तारीख स्पेशल डिविडेंड के लिए भी रिकॉर्ड डेट होगी। इस तारीख तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में होंगे, वे डिविडेंड के हकदार होंगे। कंपनी इससे पहले वित्त वर्ष 2026 के लिए 7 रुपये प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड दे चुकी है।

Nestle India का शेयर 3 महीनों में 19 प्रतिशत चढ़ा

नेस्ले इंडिया के शेयर की फेस वैल्यू 1 रुपये है। BSE पर वर्तमान में शेयर प्राइस 1415.35 रुपये है। कंपनी का मार्केट कैप 2.73 लाख करोड़ रुपये के करीब है। शेयर BSE 100 इंडेक्स का हिस्सा है। 3 महीनों में शेयर की कीमत 19 प्रतिशत मजबूत हुई है। BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 1,498.60 रुपये और एडजस्टेड लो 1,085 रुपये है। कंपनी में मार्च 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 62.76 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

22 जुलाई को जारी होंगे जून तिमाही के नतीजे

नेस्ले इंडिया ने यह भी जानकारी दी है कि उसका बोर्ड 22 जुलाई को भी एक मीटिंग करने वाला है। इस मीटिंग में अप्रैल-जून 2026 तिमाही के वित्तीय नतीजों को मंजूरी दी जाएगी। जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में कंपनी का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 6,747.79 करोड़ रुपये रहा। इस बीच शुद्ध मुनाफा 1,114.11 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। वित्त वर्ष 2026 में स्टैंडअलोन रेवेन्यू 23,154.60 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 3,544.60 करोड़ रुपये रहा।

Stock Market Holiday: 26 जून को मुहर्रम पर BSE और NSE में छुट्टी रहेगी या नहीं? क्या कहता है हॉलिडे कैलेंडर

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock Market Holiday: 26 जून को मुहर्रम पर BSE और NSE में छुट्टी रहेगी या नहीं? क्या कहता है हॉलिडे कैलेंडर

शुक्रवार, 26 जून को देश के शेयर बाजारों में छुट्टी रहने वाली है। इसके पीछे वजह है- मुहर्रम। इस मौके पर BSE और NSE दोनों पर इक्विटी में ट्रेडिंग बंद रहने वाली है। दोनों स्टॉक एक्सचेंजों की हॉलिडे लिस्ट में यह छुट्टी मौजूद है। वैसे तो शेयर बाजार में हर शनिवार और रविवार को छुट्टी रहती है लेकिन इसके अलावा कुछ दूसरे खास मौकों और सार्वजनिक अवकाशों पर भी मार्केट बंद रहता है।

BSE पर मौजूद जानकारी के मुताबिक, 26 जून को BSE में इक्विटी सेगमेंट, इक्विटी डेरिवेटिव सेगमेंट, करेंसी डेरिवेटिव्स सेगमेंट्स, NDS-RST, ट्राई पार्टी रेपो सेगमेंट्स के लिए ट्रेडिंग हॉलिडे रहेगा। वहीं कमोडिटी डेरिवेटिव्स सेगमेंट और इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीप्ट्स (EGR) में शाम का सेशन (शाम 5 बजे से 11:30/11:55 बजे तक) ओपन रहने वाला है।

इसी तरह NSE में भी कमोडिटी डेरिवेटिव्स में सुबह के सेशन में ट्रेडिंग बंद रहेगी लेकिन शाम के सेशन (शाम 5 बजे से 11:30/11:55 बजे तक) में ट्रेडिंग चालू रहेगी। वहीं इक्विटीज, इक्विटी डेरिवेटिव्स, करेंसी डेरिवेटिव्स, कॉरपोरेट बॉन्ड्स, न्यू डेट सेगमेंट्स, म्यूचुअल फंड्स, सिक्योरिटी लेंडिंग एंड बॉरोइंग स्कीम्स, निगोशिएटेड ट्रेड रिपोर्टिंग प्लेटफॉर्म, इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीप्ट्स और इंट्रेस्ट रेट डेरिवेटिव्स सेगमेंट्स में छुट्टी रहेगी।

बाकी बचे साल में शनिवार-रविवार के अलावा और कब बाजार रहेगा बंद

14 सितंबर: गणेश चतुर्थी

2 अक्टूबर: महात्मा गांधी जयंती

20 अक्टूबर: दशहरा

10 नवंबर: दिवाली-बलिप्रतिपदा

24 नवंबर: प्रकाश पर्व श्री गुरु नानक देव

25 दिसंबर: क्रिसमस

शनिवार/रविवार को पड़ रही छुट्टियां

15 अगस्त: स्वतंत्रता दिवस

8 नवंबर: दिवाली लक्ष्मी पूजन

दिवाली के मौके पर मुहूर्त ट्रेडिंग रविवार, 8 नवंबर 2026 को होगी। मुहूर्त ट्रेडिंग का समय बाद में घोषित किया जाएगा।

Jio Platforms IPO: साइज, वैल्यूएशन से लेकर फंड के इस्तेमाल और कंपनी की वित्तीय सेहत तक, 10 पॉइंट में पूरी डिटेल

19 जून को कैसी रही थी बाजार की चाल

5 दिन तेजी दर्ज करने के बाद शुक्रवार, 19 जून को शेयर बाजार में ​गिरावट रही। सेंसेक्स 607.08 अंक टूटकर 76,802.90 पर और निफ्टी 154.90 अंकों की गिरावट के साथ 24,013.10 पर बंद हुआ। दिन में सेंसेक्स पिछली क्लोजिंग से 940.26 अंक तक टूटा और 76,469.72 का लो देखा। निफ्टी 266.1 अंक तक लुढ़ककर 23,901.90 के लो तक गया।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock Market Fall: 5 दिन बाद गिरावट की दस्तक, सेंसेक्स 607 अंक फिसला; लेकिन निवेशकों की दौलत ₹49543 करोड़ बढ़ी

5 दिन तेजी दर्ज करने के बाद शुक्रवार, 19 जून को शेयर बाजार में ​गिरावट रही। सेंसेक्स 607.08 अंक टूटकर 76,802.90 पर और निफ्टी 154.90 अंकों की गिरावट के साथ 24,013.10 पर बंद हुआ। हालांकि इस बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 49543 करोड़ रुपये से ज्यादा बढ़ गया। दिन में सेंसेक्स पिछली क्लोजिंग से 940.26 अंक तक टूटा और 76,469.72 का लो देखा। निफ्टी 266.1 अंक तक लुढ़ककर 23,901.90 के लो तक गया।

गुरुवार, 18 जून को शेयर मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,77,04,016.033 करोड़ रुपये रहा था। शुक्रवार को मार्केट बंद होने पर यह 4,77,53,559.57 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। यानि कि 49543.537 करोड़ रुपये का इजाफा।

एक दिन पहले गुरुवार को शेयर बाजारों में लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में तेजी रही थी। सेंसेक्स 254.36 अंक चढ़कर 77,409.98 पर बंद हुआ था। निफ्टी 82.30 अंक चढ़कर 24,168 पर बंद हुआ था। 5 कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स में कुल 3,577.43 अंकों और निफ्टी में 1,006.4 अंकों की बढ़त दर्ज की गई।

क्यों गिरा बाजार

शेयर बाजार में गिरावट की एक वजह यह रही कि IT शेयरों में बिकवाली का भारी दबाव दिखा। Nifty IT इंडेक्स 3 प्रतिशत से ज्यादा टूटा। इंफोसिस में 6.5 प्रतिशत और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) में 3 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की सेलिंग, प्रॉफिट बुकिंग, दूसरे एशियाई बाजारों की कमजोरी की वजह से भी घरेलू शेयर बाजार लाल निशान में आ गए।

Jio Platforms IPO में जारी होंगे 27 करोड़ तक नए शेयर, जल्द मिलने वाला है पैसा लगाने का मौका

mcap new

रुपये की चाल

रुपया 19 जून को 6 पैसे मजबूत होकर 94.34 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ। एक दिन पहले अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया 10 पैसे की मजबूती के साथ 94.40 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

दूसरे एशियाई बाजारों की चाल

अन्य एशियाई बाजारों में हेंग सेंग 1.6 प्रतिशत गिरा है। सेट कंपोजिट में लगभग 1 प्रतिशत की गिरावट है। शंघाई कंपोजिट और कॉस्पी भी नीचे आया है। वहीं निक्केई 225 फ्लैट है। हालांकि अमेरिकी बाजार हरे निशान में बंद हुए हैं। यूरोपीय बाजारों में भी तेजी है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock Market Fall: 5 दिन बाद गिरावट की दस्तक, सेंसेक्स 607 अंक फिसला; लेकिन निवेशकों की दौलत ₹49543 करोड़ बढ़ी

5 दिन तेजी दर्ज करने के बाद शुक्रवार, 19 जून को शेयर बाजार में ​गिरावट रही। सेंसेक्स 607.08 अंक टूटकर 76,802.90 पर और निफ्टी 154.90 अंकों की गिरावट के साथ 24,013.10 पर बंद हुआ। हालांकि इस बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 49543 करोड़ रुपये से ज्यादा बढ़ गया। दिन में सेंसेक्स पिछली क्लोजिंग से 940.26 अंक तक टूटा और 76,469.72 का लो देखा। निफ्टी 266.1 अंक तक लुढ़ककर 23,901.90 के लो तक गया।

गुरुवार, 18 जून को शेयर मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,77,04,016.033 करोड़ रुपये रहा था। शुक्रवार को मार्केट बंद होने पर यह 4,77,53,559.57 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। यानि कि 49543.537 करोड़ रुपये का इजाफा।

एक दिन पहले गुरुवार को शेयर बाजारों में लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में तेजी रही थी। सेंसेक्स 254.36 अंक चढ़कर 77,409.98 पर बंद हुआ था। निफ्टी 82.30 अंक चढ़कर 24,168 पर बंद हुआ था। 5 कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स में कुल 3,577.43 अंकों और निफ्टी में 1,006.4 अंकों की बढ़त दर्ज की गई।

क्यों गिरा बाजार

शेयर बाजार में गिरावट की एक वजह यह रही कि IT शेयरों में बिकवाली का भारी दबाव दिखा। Nifty IT इंडेक्स 3 प्रतिशत से ज्यादा टूटा। इंफोसिस में 6.5 प्रतिशत और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) में 3 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की सेलिंग, प्रॉफिट बुकिंग, दूसरे एशियाई बाजारों की कमजोरी की वजह से भी घरेलू शेयर बाजार लाल निशान में आ गए।

Jio Platforms IPO में जारी होंगे 27 करोड़ तक नए शेयर, जल्द मिलने वाला है पैसा लगाने का मौका

mcap new

रुपये की चाल

रुपया 19 जून को 6 पैसे मजबूत होकर 94.34 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ। एक दिन पहले अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया 10 पैसे की मजबूती के साथ 94.40 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

दूसरे एशियाई बाजारों की चाल

अन्य एशियाई बाजारों में हेंग सेंग 1.6 प्रतिशत गिरा है। सेट कंपोजिट में लगभग 1 प्रतिशत की गिरावट है। शंघाई कंपोजिट और कॉस्पी भी नीचे आया है। वहीं निक्केई 225 फ्लैट है। हालांकि अमेरिकी बाजार हरे निशान में बंद हुए हैं। यूरोपीय बाजारों में भी तेजी है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market cues : कुल मिलाकर बाजार का ट्रेंड पॉजिटिव, लेकिन प्रॉफिट बुकिंग की वजह से हल्का कंसोलिडेशन मुमकिन

Trade setup for today : 18 जून को निफ्टी पिछले स्विंग-हाई लेवल और शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर बना रहा। यह 0.34 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। लगातार पांचवें सेशन में भी तेजी का ट्रेंड बना रहा। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और VIX के निचले स्तर पर रहने से मार्केट सेंटीमेंट को सपोर्ट मिला,जबकि मोमेंटम इंडिकेटर्स में मजबूती रही। इन सभी बातों से लगता है कि कुल मिलाकर ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है,हालांकि प्रॉफिट बुकिंग की वजह से कुछ कंसोलिडेशन और रिट्रेसमेंट की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। 24,200 का लेवल तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है, इसके बाद 24,500 एक अहम रेजिस्टेंस हो सकता है। हालांकि, मार्केट एक्सपर्ट्स का यह भी कहना है कि अगर प्रॉफ़िट बुकिंग होती है, तो 24,000 का स्तर तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता है और इसके बाद 23,800 का स्तर अहम सपोर्ट लेवल हो सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,073, 24,037 और 23,979

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,190, 24,225 और 24,284

निफ्टी ने डेली टाइमफ्रेम पर ‘हायर हाई-हायर लो’पैटर्न के साथ एक बुलिश कैंडल बनाई,जो पॉजिटिव ट्रेंड का संकेत है। शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज ऊपर की ओर बढ़ते रहे,जबकि इंडेक्स 23 फरवरी के बाद पहली बार 100-दिन के EMA के ऊपर बंद हुआ। RSI लगातार दूसरे सेशन में 60 के लेवल से ऊपर बना रहा और बढ़कर 62.43 पर पहुंच गया। MACD ने जीरो लाइन के ऊपर बुलिश क्रॉसओवर बनाए रखा और ग्रीन हिस्टोग्राम बार में और बढ़ोतरी देखी गई। ये सभी इंडिकेटर बुलिश मोमेंटम के मज़बूत होने का संकेत देते हैं और मौजूदा ट्रेंड के जारी रहने का समर्थन करते हैं।

बैंक निफ्टी

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 58,023, 58,127 और 58,294

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,689, 57,585 और 57,418

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 59,195, 61,678

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 56,772, 56,012

बैंक निफ्टी ने डेली चार्ट पर एक ग्रीन कैंडल बनाई और फरवरी के हाई से अप्रैल के लो तक के करेक्शन के 61.8 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल के ऊपर बना रहा,जो एक अच्छे ट्रेंड का संकेत है। 10-दिन का EMA दूसरे अमह मूविंग एवरेज (20-, 50-, 100- और 200-दिन के EMA) से काफी ऊपर ट्रेड कर रहा था,जबकि वे सभी ऊपर की ओर बढ़ रहे थे। बैंक निफ्टी ने 9 मार्च के ‘बेयरिश गैप’को भी भर दिया और लगातार दूसरे सेशन में पिछले’स्विंग हाई’से ऊपर बना रहा। RSI बढ़कर 70.97 पर पहुंच गया,जबकि MACD ने लगातार बढ़ते हरे हिस्टोग्राम बार के साथ मज़बूत’बुलिश क्रॉसओवर’बनाए रखा। ये सभी बातें लगातार खरीदारी की दिलचस्पी दिखाती हैं और संकेत देती हैं कि बैंकिंग इंडेक्स से निकट भविष्य में अपनी तेजी को बनाए रखने की संभावना है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

18 जून को विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) नेट सेलर बने रहे और उन्होंने ₹1,000 करोड़ से ज्यादा के शेयर बेचे। इसके उलट,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बाजार को सहारा दिया और सेशन के दौरान ₹3,516 करोड़ के शेयर खरीदे।

इंडिया VIX

मार्केट में उतार-चढ़ाव की उम्मीद को मापने वाला इंडिया VIX कल 3.91 प्रतिशत गिरकर 12.67 पर आ गया। यह 18 फरवरी के बाद का सबसे निचला क्लोजिंग लेवल है। इसने लगातार छठे सेशन में अपनी गिरावट जारी रखी,जो बताता है कि बुल अब ज्यादा सहज महसूस कर रहे हैं। मार्केट में तेजी के सेंटीमेंट को बनाए रखने के लिए VIX का निचले लेवल पर बने रहना जरूरी है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 18 जून को बढ़कर 1.12 हो गया, पिछले सेशन में यह 1.1 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक:कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक:केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक:कोई नहीं

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : 19 जून को बेंचमार्क इंडेक्स BSE सेंसेक्स और निफ्टी की शुरुआत सुस्त रहने की उम्मीद है। GIFT निफ्टी में मामूली बढ़त है। यह शुरुआती कारोबार में 24,008 के आसपास ट्रेड कर रहा है। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

18 जून को उतार-चढ़ाव भरे ट्रेडिंग सेशन में भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। निफ्टी कल 24,200 के स्तर के करीब बंद हुआ। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और ग्लोबल मार्केट से मिले अच्छे संकेतों से सेंटीमेंट बेहतर हुआ। निवेशकों ने US फेडरल रिजर्व के सख्त पॉलिसी रुख पर भी नजरें रखीं। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 254.36 अंक या 0.33 प्रतिशत बढ़कर 77,409.98 पर और निफ्टी 82.30 अंक या 0.34 प्रतिशत बढ़कर 24,168 पर बंद हुआ।

गिफ्ट निफ्टी

सुबह 08.00 बजे के आसपास गिफ्ट निफ्टी 12 अंक यानी 0.05 फीसदी की बढ़त के साथ 24,007 के आसपास कारोबार कर रहा था।

एशियाई बाजार

एशियाई शेयर बाजारों में मिलाजुला रुख देखने को मिल रहा है। जापान के निक्केई में 0.75 फीसदी की तेजी देखने को मिल रही है। वहीं, स्ट्रेट टाइम्स 0.47 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा है। कोस्पी 2.64 फीसदी ऊपर दिख रहा है। वहीं,शांघाई कंपोजिट में 0.43 फीसदी की गिरावट नजर आ रही है।

अमेरिकी बाजार

गुरुवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में तेजी रही। सेमीकंडक्टर शेयरों में बढ़त की वजह से नैस्डैक में 1.9% की बढ़ोतरी हुई। वहीं,अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते के बाद महंगाई को लेकर चिंताएं कम हुईं। हालांकि निवेशकों ने फेडरल रिजर्व द्वारा इस साल ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना को भी ध्यान में रखा। डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 72.15 अंक या 0.14% बढ़कर 51,564.70 पर पहुंच गया,S&P 500 में 80.48 अंक या 1.08% की बढ़त हुई और यह 7,500.58 पर बंद हुआ। नैस्डैक कम्पोजिट 496.28 अंक या 1.91% बढ़कर 26,517.93 पर पहुंच गया।

डॉलर इंडेक्स

शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में दूसरी प्रमुख करेंसी के मुकाबले अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में बहुत कम बदलाव देखने को मिला है। फिलहास डॉलर इंडेक्स 100.77 के स्तर पर दिख रहा है।

एशियन करेंसी

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एशियाई करेंसीज में मिला-जुला कारोबार देखने को मिल रहा है। जापानी येन सबसे मजबूत है। इसमें 0.174% की बढ़त देखने को मिल रही है। इसके बाद दक्षिण कोरियाई वॉन में 0.125% की बढ़त है। सिंगापुर डॉलर में भी 0.008% की मामूली बढ़त हुई है जो बाजार में स्थिरता का संकेत है।

कमजोर प्रदर्शन करने वालों में फिलीपीन पेसो में सबसे ज्यादा 0.323% की गिरावट दर्ज की गई है। जबकि इंडोनेशियाई रुपिया में 0.180% की गिरावट आई है। चीनी रेनमिनबी 0.106% कमजोर दिख रही है। ताइवान डॉलर में 0.028% की गिरावट आई है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

18 जून को विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) नेट सेलर बने रहे और उन्होंने ₹1,000 करोड़ से ज्यादा के शेयर बेचे। इसके उलट,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बाजार को सहारा दिया और सेशन के दौरान ₹3,516 करोड़ के शेयर खरीदे।

 

 

RIL AGM 2026: रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं AGM आज, जानिए किन ऐलानों पर रहेगी बाजार की नजर

Max Healthcare Share Price: 6% उछलकर निफ्टी का टॉप गेनर बना शेयर, सिटी हुआ बुलिश, दिया ‌₹1,240 का टारगेट प्राइस

Max Healthcare Share Price: हेल्थकेयर सेक्टर की दिग्गज कंपनी मैक्स हेल्थकेयर इंस्टीट्यूट (Max Healthcare) के शेयर गुरुवार 18 जून को 6 फीसदी की तेजी देखने को मिली और यह निफ्टी 50 पर टॉप गेनर बना। दोपहर के ट्रेड में मैक्स हेल्थकेयर का स्टॉक 1,088 रुपये पर ट्रेड कर रहा था, जिससे हॉस्पिटल ऑपरेटर की वैल्यू लगभग 1.05 लाख करोड़ रुपये हो गई। यह रैली बड़े मार्केट से काफी आगे निकल गई, उस समय निफ्टी 50 0.12 फीसदी की तेजी दिखा रहा था।

बता दें कि सिटी ने पिछले साल स्टॉक में करेक्शन के बाद एक फेवरेबल रिस्क-रिवॉर्ड प्रोफाइल पर जोर दिया और अगले कई सालों में मजबूत अर्निंग्स ग्रोथ का अनुमान लगाया। सिटी ने मैक्स हेल्थकेयर स्टॉक पर 1,240 रुपये प्रति शेयर के टारगेट प्राइस के साथ अपनी ‘Buy’ रेटिंग बनाए रखी। ब्रोकरेज ने कहा कि पिछले साल स्टॉक में लगभग 18 फीसदी की गिरावट आई है, जिससे वैल्यूएशन हिस्टोरिकल एवरेज पर वापस आ गए हैं।

सिटी के मुताबिक, वैल्यूएशन करेक्शन से स्टॉक का अट्रैक्शन बेहतर हुआ है, ऐसे समय में जब कंपनी मीडियम-टर्म में मज़बूत ग्रोथ प्रोफाइल दे रही है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि मैक्स हेल्थकेयर FY26 और FY30 के बीच 20 परसेंट EBITDA कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) देगी, जिसे कैपेसिटी बढ़ाने और इसके हॉस्पिटल नेटवर्क में ग्रोथ से सपोर्ट मिलेगा।

सिटी को FY27 में लगभग 15 फीसदी रेवेन्यू ग्रोथ की उम्मीद है और कहा कि FY28 में ग्रोथ और तेज़ हो सकती है क्योंकि एक्सपेंशन के काम ज़्यादा असरदार तरीके से होने लगेंगे। हालांकि, ब्रोकरेज ने एग्ज़िक्यूशन में देरी को एक बड़ा रिस्क बताया है जो ग्रोथ की रफ़्तार पर असर डाल सकता है।

मैक्स हेल्थकेयर के अपने फिस्कल चौथी तिमाही के रिज़ल्ट बताने के कुछ हफ़्ते बाद ब्रोकरेज की यह पॉज़िटिव कमेंट्री आई है। कंपनी ने Q4 FY26 के लिए नेट प्रॉफ़िट में साल-दर-साल 3 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 387 करोड़ रुपये पोस्ट किया, जबकि रेवेन्यू 10 फीसदी बढ़कर 2,664 करोड़ रुपये हो गया।

रेवेन्यू ग्रोथ मुख्य रूप से ज़्यादा पेशेंट थ्रूपुट की वजह से हुई, जिसमें एक साल पहले की तुलना में ऑक्यूपाइड बेड डेज़ में 8 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। पूरे नेटवर्क में बेड ऑक्यूपेंसी 75 फीसदी पर स्थिर रही, जो हेल्थकेयर सर्विसेज़ की लगातार डिमांड को दिखाता है।

हालांकि, एनालिस्ट्स ने अर्निंग्स परफॉर्मेंस को मिला-जुला माना। वॉल्यूम ग्रोथ अच्छी रही, लेकिन एग्रेसिव हायरिंग और चल रही कैपेसिटी बढ़ाने की वजह से मार्जिन पर दबाव आया। नतीजों के बाद स्टॉक में गिरावट आई थी क्योंकि अर्निंग्स एनालिस्ट्स के अनुमान से कम रही थीं।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज़ के एनालिस्ट्स ने अर्निंग्स मिस का कारण ज़्यादातर ज़्यादा टैक्स रेट बताया था, हालांकि ब्रोकरेज ने कहा कि ऑपरेटिंग ट्रेंड्स मोटे तौर पर स्थिर रहे।

NSE IPO: दमानी, मुंजाल, गोपालकृष्णन की जेब में आ सकते हैं करोड़ों रुपये, यहां देखें शेयरहोल्डर्स की पूरी लिस्ट

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

IT Sector का भारी दबाव, Sensex-Nifty कभी लाल तो कभी हरा, इन 5 वजहों से दोनों तरफ भाग रहा मार्केट

Stock Market moving up and down: कच्चे तेल की नरमी और अमेरिका-ईरान के बीच शांति समझौते पर जियो-पॉलिटिकल टेंशन में कमी के बावजूद घरेलू स्टॉक मार्केट में खास जोश नहीं दिख रहा। घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी शुरुआती कारोबार में ग्रीन और रेड जोन में झूल रहे। ब्रोडर लेवल पर भी मिला-जुला रुझान है और निफ्टी मिडकैप 100 में फिलहाल मामूली बढ़त है तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 में आधे फीसदी से अधिक की बढ़त है। फिलहाल 10:14 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 120.12 प्वाइंट्स यानी 0.16% की बढ़त के साथ 77,275.74 और और निफ्टी (Nifty) भी 43.20 प्वाइंट्स यानी 0.18% के उछाल के साथ 24,128.90 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 111.23 प्वाइंट्स फिसलकर 77,044.39 और 164.70 की बढ़त के साथ 77,320.32 तक पहुंचा तो निफ्टी भी 26.85 प्वाइंट्स गिरकर 24,058.85 और 53.95 प्वाइंट्स चढ़कर 24,085.70 तक पहुंचा।

Stock Market in pressure: ये है वजह

अमेरिका में ब्याज दरें स्थिर लेकिन आगे बढ़ाने के संकेत

अमेरिकी फेड के नए चेयरमैन केविन वार्श ने अपनी अगुवाई में पहली बार तय हुई मौद्रिक नीतियों में दरों को स्थिर रखा है। हालांकि फेडरल रिजर्व ने इस साल दरों में बढ़ोतरी के संकेत भी दिए हैं। इसके चलते ही मार्केट में उठा-पटक दिख रही है।

IT Sector का दबाव

अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने इस साल ब्याज दरों में बढ़ोतरी का संकेत दिया जिससे दुनिया भर में टेक स्टॉक्स को लेकर निवेशकों का रुझान फीका पड़ा। भारतीय मार्केट में भी इसने आईटी शेयरों को तोड़ दिया और निफ्टी आईटी डेढ़ फीसदी से अधिक फिसल गया। अमेरिका में ब्याज दरें ऊंची होने पर आमतौर पर टेक्नोलॉजी स्टॉक्स पर दबाव आता है क्योंकि इससे भविष्य की कमाई का वर्तमान मूल्य घट जाता है और वैश्विक कंपनियों के खर्च में भी कमी आ सकती है और यही वैश्विक कंपनियां भारतीय आईटी सेवा कंपनियों की प्रमुख ग्राहक हैं। वहीं दूसरी तरफ मेटल, पीएसयू बैंक, फार्मा और एफएमसीजी जैसे अहम सेक्टर मार्केट को ऊपर खींचने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। इनके निफ्टी इंडेक्स में करीब आधे फीसदी की बढ़त है।

India VIX में नरमी

मार्केट की घबराहट को मापने वाले वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया वीआईएक्स में गिरावट से मार्केट को सपोर्ट मिला। फिलहाल यह 1.66% की गिरावट के साथ 12.97 पर है। इसके अधिक होने का मतलब मार्केट में वोलैटिलिटी का बढ़ना और नीचे आने का मतलब होता है वोलैटिलिटी का कम होना।

एशियाई बाजारों से मिला-जुला रुझान

घरेलू मार्केट पर आज एशियाई बाजारों के मिले-जुले रुझानों का भी असर दिख रहा है। एक तरफ जापान का निक्केई 225 करीब 2% उछल पड़ा तो दक्षिण कोरिया का कोस्पी तो 2% चढ़कर 9,040.52 के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया। ताइवान के ताइवान वेटेड में करीब 1% की बढ़त है। वहीं दूसरी तरफ इंडोनेशिया के जकार्ता कंपोजिट में 1% से अधिक और चीन के शंघाई कंपोजिट में आधे फीसदी की गिरावट है।

Sensex की एक्सपायरी

आज सेंसेक्स के डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट की वीकली एक्सपायरी है तो मार्केट में दोनों तरफ मूवमेंट दिख रहा है।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

US Fed ने ब्याज दरों में नहीं किया बदलाव, लेकिन एक खास सिग्नल पर ट्रंप ने कहा- यकीन करना मुश्किल 

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।