Gold Silver Rates Today: दिल्ली में सोना चढ़ा, चांदी एक दिन में 5000 रुपये उछली

Gold Silver Rates Today:  सोने और चांदी की कीमतें में 10 जुलाई को दिल्ली में तेजी रही। दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना 400 रुपये तक चढ़कर 1,48,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। चांदी में 5000 रुपये की तेजी आई। डॉलर में कमजोरी से बुलियन में ट्रेडर्स ने अच्छी खरीदारी की। इससे पहले डॉलर में मजबूती ने सोने और चांदी पर दबाव बनाया था।

चांदी में तीन दिन की गिरावट पर ब्रेक

चांदी में बीते तीन दिनों से जारी गिरावट पर आज ब्रेक लग गया। यह 5000 रुपये के उछाल के साथ 2,37,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। 9 जुलाई को चांदी 2,32,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी, जबकि सोना 1,48,100 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।

डॉलर इंडक्स में कमजोरी का असर

ट्रेडर्स ने बताया कि डॉलर इंडेक्स में कमजोरी से सोने और चांदी की कीमतों में रिकवरी आई। डॉलर इंडेक्स लगातार तीसरे दिन कमजोर हुआ। इससे कीमती मेटल्स की चमक बढ़ी। इस हफ्ते की शुरुआत में सोना एक हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंच गया था। इससे ट्रेडर्स ने कम कीमतों पर खरीदारी के मौके का फायदा उठाया।

विदेश में सोने और चांदी में गिरावट 

एचडीएफसी सिक्योरिटीज में कमोडिटीज एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा कि शुक्रवार को गोल्ड में मजबूती दिखी। इसमें गोल्ड इंडेक्स में कमजोरी का हाथ है। हालांकि, इंटरनेशनल मार्केट में सोने में गिरावट दिखी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस हफ्ते सोने में कमजोरी आई। पिछले हफ्ते सोने की कीमतों में मजबूती आई थी।

इस हफ्ते विदेश में सोने की कीमतों में नरमी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 0.43 फीसदी गिरकर 4,106.25 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। सिल्वर भी 1 फीसदी गिरकर 59.94 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। मिरै एसेट शेयरखान में कमोडिटीज के हेड प्रवीण सिंह ने कहा कि स्पॉट गोल्ड में मजबूती की वजह अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने की चल रही कोशिश है।

मार्केट की नजरें इनफ्लेशन डेटा पर

इस बीच मार्केट की नजरें अगले हफ्ते अमेरिका में जारी होने वाले सीपीआई इनफ्लेशन के डेटा पर हैं। अगर इनफ्लेशन हाई बना रहता है तो फेडरल रिजर्व के इंटरेस्ट रेट बढ़ाने की संभावना बढ़ जाएगी। ऐसे होने पर सोने की कीमतों पर दबाव बन सकता है। अमेरिका और ईरान में फिर से टेंशन बढ़ने से क्रूड में उछाल आया है। इससे महंगाई बढ़ने का खतरा बढ़ गया है।

Investment Mantra: जानिए 25% टूटने के बाद क्या अब है सोने में खरीदारी का मौका,अच्छे रिटर्न के लिए ग्लोबल इन्वेस्टिंग कितनी है जरूरी

Investment Mantra: अमेरिका-ईरान के बीच तनाव फिर बढ़ गया है। दोनों के बीच लड़ाई जैसे ही बढ़ती है सोने की कीमतों में तेज गिरावट आती है। ऐसे में सोना रिकॉर्ड हाई से करीब 25% टूट चुका है। ऐसे में इतनी भारी गिरावट के बाद क्या सोने में निवेश का सही समय आ गया है? क्या आगे गोल्ड में फिर चमक लौटेगी? सिर्फ इतना ही नहीं पोर्टफोलियो की चमक बढ़ाने के लिए ग्लोबल इन्वेस्टिंग एक बड़ी थीम बनकर उभरी है। 2 साल की लगातार रैली के बाद क्या अब भी एक आम निवेशक ग्लोबल इन्वेस्टिंग की तरफ फोकस कर सकता है? इस सब सवालों के जबाव देनें के लिए हमारे साथ हैं ट्रुवांटा वेल्थ (Truvanta Wealth) के फाउंडर और CEO कीर्तन शाह

सोने में गिरावट के कारण

मार्च में कई सेंट्रल बैंकों ने करीब $30 bn का सोना बेचा है। तुर्की और रूस ने आगे बढ़कर सोना बेचा है। तुर्की ने अपनी गिरती करेंसी लीरा को संभालने के लिए सोना बेचा है। रूस ने यूक्रेन युद्ध खर्चों को पूरा करने के लिए सोना बेचा है। मार्च में कच्चा तेल महंगा होने से बॉन्ड यील्ड बढ़ीं हैं। यील्ड बढ़ने से फिक्स्ड इनकम निवेश की तरफ रुझान बढ़ा है। डॉलर इंडेक्स में मजबूती ने भी दबाव बनाया है। सोने की कीमत डॉलर में तय होती है,मजबूत डॉलर से इसकी मांग घटती है।

अब सोने पर नजरिया?

कीर्तन शाह ने कहा कि अब धीरे-धीरे सोने में निवेश बढ़ाने का समय है। ग्लोबल स्तर पर युद्धों में कमी आई है। करेंसी मैनेजमेंट और फंडिंग की जरूरतें घटेंगी। सेंट्रल बैंक फिर से अपने गोल्ड रिजर्व बढ़ाने पर ध्यान देंगे। डी-डॉलराइजेशन का ट्रेंड भी सोने के पक्ष में है। सेंट्रल बैंकों की बैलेंस शीट में सोने की हिस्सेदारी 20% से बढ़कर 27% हो गई है। डॉलर रिजर्व की हिस्सेदारी 25% से घटकर 23% हो गई है। अप्रैल से सेंट्रल बैंकों ने फिर से सोने की खरीद शुरू की है। चीन ने पिछले महीने 19 महीनों में सबसे ज्यादा सोना खरीदा है। वह लगातार 19 महीनों से सोने की खरीद कर रहा है। US में दरें उतनी नहीं बढ़ेंगी,जितनी बाजार को आशंका थी। जिन कारणों से सोना गिरा था वही अब आगे सोने की कीमतों को सहारा देंगे।

ग्लोबल इन्वेस्टिंग जरूरी है, क्या पोर्टफोलियो में हिस्सा होना चाहिए?

इस पर बात करते हुए कीर्तन शाह ने कहा कि पिछले दो सालों ने साफ किया है कि डायवर्सिफिकेशन के लिए ग्लोबल इन्वेस्टिंग बहुत जरूरी है। कई ऐसे निवेश थीम और अवसर हैं जो भारत में मौजूद नहीं हैं। इसलिए ग्लोबल इन्वेस्टिंग जरूरी हो जाती है। रुपये की सालाना लगभग 4% गिरावट भी इसका एक बड़ा कारण है।

ग्लोबल इन्वेस्टिंग जरूरी, क्या इस समय करें निवेश?

कीर्तन शाह ने कहा कि फिलहाल अभी हम ऐसा नहीं करेंगे। ग्लोबल बाजारों में पहले ही अच्छी तेजी आ चुकी है,सब भाव में है। ग्लोबल स्तर पर AI थीम की तेजी अब चुनिंदा शेयरों में ही है। अगर LLMs ( Large Language Models) शेयर देखें तो उनके सामने अब प्राइसिंग का दबाव है। टोकन प्राइस इंडेक्स 2.5 डॉलर प्रति मिलियम टोकन से घटकर 1.8 डॉलर पर आ गया है। चीन के ओपन-सोर्स मॉडल US कंपनियों पर भी दबाव बना रहे हैं।

तो अभी कहां करें निवेश?

कीर्तन शाह की राय है कि AI थीम में करेक्शन आया तो निवेशकों का रुख फिर से भारत की ओर होगा। भारतीय बाजारों में 2 साल से टाइम और वैल्यूएशन करेक्शन देखने को मिल रहा है। कई सेक्टर अब आकर्षक वैल्यूएशन पर दिखाई दे रहे हैं।

 

 

Trading Plan : बने रहें और गिरावट में खरीदारी के सौदे बढ़ाएं, दिन के हाई पर हो सकती है आज की क्लोजिंग

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Silver Rates Today: सोने और चांदी में बड़ी गिरावट, चांदी एक दिन में 6700 रुपये फिसली

Gold Silver Rates Today: सोने और चांदी में 8 जुलाई को बड़ी गिरावट आई। देश और विदेश में बुलियन में गिरावट की वजह क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल और डॉलर में मजबूती रही। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा कि ईरान के साथ सीजफायर खत्म हो गया है। इस खबर का असर सोने और चांदी की कीमतों पर पड़ा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 1.1 फीसदी गिरकर 4,061.32 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। यूएस गोल्ड फ्यूचर्स में भी 2 फीसदी की गिरावट आई।

गोल्ड फ्यूचर्स और सिल्वर फ्यूचर्स में गिरावट

भारत में कमोडिटी एक्सचेंज एमएसीएक्स में गोल्ड फ्यूचर्स और सिल्वर फ्यूचर्स में गिरावट आई। गोल्ड फ्यूचर्स 1.16 फीसदी यानी 1,692 रुपये गिरकर 1,43,710 रुपये प्रति 10 ग्राम पर चल रहा था। सिल्वर फ्यूचर्स 2.93 फीसदी यानी 6,763 रुपये गिरकर 2,24,201 रुपये प्रति किलोग्राम पर चल रहा था। ट्रेडर्स का कहना है कि पश्चिम एशिया में तनाव फिर से बढ़ने से क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल आया है। इससे महंगाई बढ़ने का खतरा बढ़ा है।

बुलियन पर क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल का असर

ट्रंप ने बुधवार को कहा कि ईरान के साथ सीजफायर खत्म हो गया है। इसका मतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच स्थायी युद्धविराम को लेकर बातचीत की संभावना फिलहाल खत्म हो गई है। इस खबर से क्रूड ऑयल की कीमतें 6 फीसदी से ज्यादा चढ़ गईं। इससे महंगाई बढ़ेंगी। महंगाई को कंट्रोल में करने के लिए अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व इंटरेस्ट रेट बढ़ाएगा। इसका निगेटिव असर सोने की कीमतों पर पड़ेगा। फेड की मीटिंग के मिनट्स आज देर रात जारी होंगे। इससे पता चलेगा कि महंगाई को लेकर फेड की क्या सोच है।

फिर से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने का खतरा बढ़ा

लेमन मार्केट्स डेस्क में रिसर्च एनालिस्ट गौरव गर्ग ने कहा, “घरेलू बाजार में गोल्ड की कीमतों में नरमी आई। इसकी वजह मध्यपूर्व में जियोपॉलिटिकल टेंशन का बढ़ना है। फिर से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से ऑयल और गैस सहित दूसरी चीजों का आवागमन बाधित होगा। इस वजह से ऑयल की कीमतों में उछाल आया।” आज लगातार तीसरा दिन है जब सोने में गिरावट आई है।

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गोल्ड की कीमतों में ज्यादा गिरावट की उम्मीद नहीं

एक्सपर्ट्स का कहना है कि गोल्ड की कीमतों पर आगे दबाव दिख सकता है। हालांकि, दुनिया के केंद्रीय बैंकों की खरीदारी से सोने में बड़ी गिरावट की उम्मीद नहीं है। कुछ समय तक इसकी कीमतें सीमित दायरे में ऊपर-नीचे जा सकती हैं। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की रिपोर्ट के मुताबिक, मई में केंद्रीय बैंकों ने गोल्ड में निवेश बढ़ाया। खबर है कि तंजानिया के केंद्रीय बैंक ने बीते 18 महीनों में करीब 28 टन सोना खरीदा है।

दिल्ली में सोना 1400 रुपये गिरा, चांदी में भी कमजोरी

दिल्ली सर्राफा बाजार में 7 जुलाई को सोने में गिरावट आई। यह 1,400 रुपये गिरकर 1.49 लाख प्रति 10 ग्राम पर आ गया। चांदी में भी 200 रुपये की गिरावट आई। विदेश में सोने और चांदी में कमजोरी का असर घरेलू बाजार पर पड़ा। 6 जुलाई को दिल्ली में सोने का भाव 1,50,650 रुपये प्रति 10 ग्राम पर क्लोज हुआ था।

लगातार दूसरे दिन सोने में नरमी

चांदी 7 जुलाई को दिल्ली सर्राफा बाजार में 200 रुपये गिरकर 2.40 लाख रुपये प्रति किलोग्राम रही। एचडीएफसी सिक्योरिटीज में कमोडिटी के सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा, “गोल्ड की कीमतों में मंगलवार को कमजोरी जारी रही। इनवेस्टर्स फेडरल रिजर्व की जून की मीटिंग के मिनट्स जारी होने से पहले सावधानी बरत रहे हैं।”

फेड के मिनट्स पर लगी निगाहें

उन्होंने कहा कि अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत के दूसरे दौर के नतीजों से गोल्ड की कीमतों को दिशा मिल सकती है। एनालिस्ट्स का कहना है कि डॉलर के मुकाबले रुपये में मजबूती का भी असर सोने की कीमतों पर पड़ा।

विदेश में भी सोने और चांदी में गिरावट

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 0.59 फीसदी गिरकर 4,140.59 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। सिल्वर 2 फीसदी गिरकर 60.89 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। मिरै एसेट शेयरखान में कमोडिटीज के हेड प्रवीण सिंह ने कहा कि क्रूड की कीमतों में हल्की तेजी से विदेश में स्पॉट गोल्ड में नरमी है।

शॉर्ट टर्म में सीमित दायरे में रह सकती हैं कीमतें

उन्होंने कहा कि सोने और चांदी की कीमतें शॉर्ट टर्म में सीमित दायरे में बनी रह सकती हैं। हालांकि, अगर पश्चिम एशिया में जियोपॉलिटिकल टेंशन कम होता है तो बुलियन की कीमतों पर पॉजिटिव असर दिख सकता है। इस साल 28 फरवरी को अमेरिका-ईरान के बीच लड़ाई शुरू होने के बाद सोने और चांदी की कीमतों पर दवाब दिखा था।

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2025 में सोने ने दिया था 70 फीसदी रिटर्न 

इस साल जनवरी के आखिर में सोने और चांदी की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थीं। उसके बाद उनमें तेज गिरावट आई। अमेरिका-ईरान के बीच लड़ाई ने बुलियन की कीमतों पर दबाव और बढ़ा दिया। 2025 में सोने ने निवेशकों को बहुत अच्छा रिटर्न दिया था। इससे पहले के कुछ सालों में भी सोने का रिटर्न पॉजिटिव रहा था। लेकिन, इस साल सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव दिख रहा है।

Gold Silver price Today: COMEX पर सोना $4,160 प्रति औंस से नीचे फिसला, चांदी भी लगभग 1% गिरी

Gold Silver price Today: इंटरनेशनल मार्केट में मंगलवार (7 जुलाई) को शुरुआती कारोबार में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट आई। पिछले हफ्ते निवेशकों के US मॉनेटरी पॉलिसी और बड़े मार्केट डेवलपमेंट के आउटलुक का आकलन करने के बाद मजबूत रिकवरी के बाद कुछ गिरावट आई।

COMEX सोना $4,152 प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा था, जो $15.50 या 0.37% नीचे था, जबकि दिन में यह $4,179.50 प्रति औंस के हाई लेवल को छू गया था। COMEX चांदी $62.59 प्रति औंस के सेशन हाई लेवल को छूने के बाद 0.89% गिरकर $61.775 प्रति औंस पर आ गई।यह गिरावट पिछले हफ्ते बुलियन की कीमतों में तेज तेजी के बाद आई है।

उम्मीद से कमजोर US जॉब्स डेटा के बाद कमजोर US डॉलर के सपोर्ट से सोना लगभग 2% बढ़ा, जबकि चांदी लगभग 5% बढ़ी, जिससे उम्मीद बढ़ी कि US फेडरल रिजर्व इंटरेस्ट रेट्स पर कम एग्रेसिव रवैया अपना सकता है।

रिद्धिसिद्धि बुलियंस के मैनेजिंग डायरेक्टर और इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के प्रेसिडेंट पृथ्वीराज कोठारी के मुताबिक, बुलियन को होर्मुज स्ट्रेट के आसपास जियोपॉलिटिकल टेंशन से सपोर्ट मिला, जबकि गोल्ड एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स में कमजोर इनफ्लो के बावजूद सेंट्रल बैंक की लगातार खरीदारी ने एक्स्ट्रा सपोर्ट दिया।

कोठारी ने कहा कि हाल के निचले लेवल से गोल्ड का रिबाउंड तेज रहा है, जिससे बड़े लेवल पर अपट्रेंड शुरू होने से पहले शॉर्ट-टर्म पुलबैक मुमकिन है। उन्होंने कहा कि सिल्वर में भी हाल की रैली के बाद कुछ कंसोलिडेशन देखने को मिल सकता है, इससे पहले कि वह एक और ऊपर जाने की कोशिश करे।

मार्केट पार्टिसिपेंट्स अब इंटरेस्ट रेट के रास्ते के बारे में सुराग के लिए नए इकोनॉमिक डेटा और US फेडरल रिजर्व से सिग्नल का इंतज़ार कर रहे हैं। कम इंटरेस्ट रेट्स आमतौर पर गोल्ड जैसे नॉन-यील्डिंग एसेट्स को सपोर्ट करते हैं, क्योंकि उन्हें रखने की अपॉर्चुनिटी कॉस्ट कम हो जाती है।

इस बीच, इन्वेस्टर्स ग्लोबल कमोडिटी मार्केट्स में हो रहे डेवलपमेंट्स पर भी नज़र रख रहे हैं।

मंगलवार (7 जुलाई) को तेल की कीमतें बढ़ीं, हालांकि बढ़त सीमित रही क्योंकि ट्रेडर्स ने ग्लोबल डिमांड के आउटलुक के मुकाबले OPEC+ प्रोड्यूसर्स से बढ़ी सप्लाई पर विचार किया। कच्चे तेल के बाज़ार में मजबूती से महंगाई की उम्मीदों पर असर पड़ सकता है, जिससे सोने जैसे सेफ़-हेवन एसेट्स की मांग पर असर पड़ सकता है।

इसके अलावा, भारत में गोल्ड-बैक्ड फ़ाइनेंसिंग की मांग मज़बूत बनी हुई है। हाल ही में आई CRISIL रेटिंग्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल-जून तिमाही में गोल्ड लोन सबसे बड़ा सिक्योरिटाइज़्ड एसेट क्लास बनकर उभरा, जो देश के सिक्योरिटाइज़ेशन वॉल्यूम का लगभग 31% था, और इसने व्हीकल लोन को पीछे छोड़ दिया।

रिपोर्ट में इस ट्रेंड का कारण गोल्ड लोन पोर्टफोलियो में मजबूत ग्रोथ को बताया गया है, जिसमें NBFC लगातार क्रेडिट मांग के बीच फ़ंड जुटाने के लिए सिक्योरिटाइज़ेशन का इस्तेमाल तेजी से कर रहे हैं।

Gold Silver price: इंटरनेशनल मार्केट में सोने की कीमतें 2 हफ्ते के ऊंचे स्तर पर रही स्थिर

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Silver Rate Today: दिल्ली से मुंबई तक चांदी का नया रेट जारी, चेक करें अपने शहर का भाव

Silver Rate Today: चांदी की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार के दामों पर निर्भर करती हैं, जो अक्सर ऊपर-नीचे होते रहते हैं। इसके अलावा, डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत में बदलाव का भी असर इस पर पड़ता है। ऐसे में अगर आप आज चांदी खरीदने या फिर उसमें निवेश करने की योजना बना रहे हैं, तो आपको इन बातों पर खास कर ध्यान चाहिए। बता दें कि गुडरिटर्न्स के अनुसार, भारत में आज चांदी की कीमत ₹249.90 प्रति ग्राम और ₹2,49,900 प्रति किलोग्राम है।

शहरवार चांदी की कीमतें

शहर10 ग्राम100 ग्राम1 किलोग्राम
चेन्नई₹2,599₹25,990₹2,59,900
मुंबई₹2,499₹24,990₹2,49,900
दिल्ली₹2,499₹24,990₹2,49,900
कोलकाता₹2,499₹24,990₹2,49,900
बेंगलुरु₹2,499₹24,990₹2,49,900
हैदराबाद₹2,599₹25,990₹2,59,900
केरल₹2,599₹25,990₹2,59,900
पुणे₹2,499₹24,990₹2,49,900
वडोदरा₹2,499₹24,990₹2,49,900
अहमदाबाद₹2,499₹24,990₹2,49,900
जयपुर₹2,499₹24,990₹2,49,900
लखनऊ₹2,499₹24,990₹2,49,900
कोयंबटूर₹2,599₹25,990₹2,59,900
मदुरै₹2,599₹25,990₹2,59,900
विजयवाड़ा₹2,599₹25,990₹2,59,900
पटना₹2,499₹24,990₹2,49,900
नागपुर₹2,499₹24,990₹2,49,900
चंडीगढ़₹2,499₹24,990₹2,49,900
सूरत₹2,499₹24,990₹2,49,900
भुवनेश्वर₹2,599₹25,990₹2,59,900

गुरुवार को कीमत में हुई थी बढ़ोतरी

गुरुवार को दिल्ली के सर्राफा बाजार में चांदी के भाव में 5,000 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई थी, जिससे इसकी कीमत बढ़कर 2,40,000 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स समेत) पर पहुंच गई थी। इससे पिछले सत्र में चांदी का भाव 2,35,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ था। वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी करीब 1.3 प्रतिशत की बढ़त के साथ बढ़कर 59.89 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।

एनालिस्ट का कहना है कि इन आंकड़ों से कीमती धातुओं और अमेरिकी डॉलर, दोनों में उतार-चढ़ाव आ सकता है।

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Gold Price Today: सोने में गिरावट लौटी, दिल्ली से लेकर चेन्नई तक हुआ सस्ता; अब इतना रह गया भाव

देश में सोने की कीमत में गिरावट लौट आई है। 6 जुलाई की सुबह ज्यादातर शहरों में 24 और 22 कैरेट गोल्ड सस्ता हुआ है। राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत घटकर 146870 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई है। हालांकि बीते एक सप्ताह में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 2780 रुपये तक ​और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 2550 रुपये तक मजबूत हुई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 4,175.02 डॉलर प्रति औंस पर है।

जेपी मॉर्गन का मानना है कि इस साल सोने की कीमतों में बढ़ोतरी तो होगी लेकिन यह सीमित रहेगी। इसका कारण है कि मुख्य सेक्टरों से सोने की मांग उतनी मजबूत नहीं रहेगी, जितनी उसने उम्मीद की थी। तीसरी तिमाही में सोने का भाव 4300 डॉलर प्रति औंस और चौथी तिमाही में 4,500 डॉलर प्रति औंस तक जा सकता है।

देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट

दिल्ली में सोने की कीमतदिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 146870 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 134640 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 134490 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 146720 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 149450 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 134540 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 146720 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 134490 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)
दिल्ली134640146870
मुंबई134490146720
अहमदाबाद134810146770
चेन्नई134540149450
कोलकाता134490146720
हैदराबाद134490146720
जयपुर134640146870
भोपाल134540146770
लखनऊ134640146870
चंडीगढ़134640146870

जेपी मॉर्गन का मानना है कि इस साल सोने की कीमतों में बढ़ोतरी तो होगी लेकिन यह सीमित रहेगी। इसका कारण है कि मुख्य सेक्टरों से सोने की मांग उतनी मजबूत नहीं रहेगी, जितनी उसने उम्मीद की थी। तीसरी तिमाही में सोने का भाव 4300 डॉलर प्रति औंस और चौथी तिमाही में 4,500 डॉलर प्रति औंस तक जा सकता है।

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चांदी की कीमत

सोने की तरह चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 6 जुलाई की सुबह चांदी 249900 रुपये प्रति किलोग्राम पर है। बीते एक सप्ताह में भाव 10000 रुपये बढ़ा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत 62.47 डॉलर प्रति औंस पर है। सोने और चांदी की देश के अंदर कीमतें डोमेस्टिक फैक्टर्स के साथ-साथ ग्लोबल फैक्टर्स से भी प्रभावित होती हैं।

Gold Price Today: चीन क्यों धड़ाधड़ खरीदने लगा सोना जबकि भारत में गोल्ड पर्चेज की रफ्तार पर लगा ब्रेक! अंदर की खबर ये है

भारत में सोने की डिमांड में कमी आने का सीजन शुरू हो चुका है। कीमतें 3 महीने के निचले स्तर से रिकवर हुई हैं, जिससे महंगे दाम पर खरीदी से बचा जा रहा है। हालांकि खरीद एकदम ठंडी भी नहीं है। रॉयटर्स के मुताबिक, ज्वेलर्स खरीदी कर रहे हैं लेकिन अस्थिर कीमतों को लेकर सावधान भी हैं। निकट अवधि में कोई बड़ा त्योहार भी नहीं है और न ही शादी का सीजन। लिहाजा गोल्ड की कम डिमांड वाला दौर शुरू हो गया है। वहीं दूसरी ओर चीन में डिमांड बढ़ी है।

हाल ही में मंगलवार को देश में सोने की कीमत 1,40,450 रुपये प्रति 10 ग्राम तक गिर गई थी, जो 27 मार्च के बाद का सबसे निचला स्तर था। लेकिन अब रिबाउंड देखने को मिला है। MCX पर 3 जुलाई को सोने का वायदा भाव 148069 रुपये प्रति 10 ग्राम के हाई तक गया। रॉयटर्स के मुताबिक, जून महीने में सोने की कीमत लगभग 8.4 प्रतिशत कमजोर हुई। मार्च महीने के बाद पहली बार किसी महीने में सोने में गिरावट देखी गई।

अंतरराष्ट्रीय कीमतें

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के भाव की बात करें तो यह पिछले 5 हफ्तों में पहली बार बढ़त की ओर बढ़ रहा है। हाजिर सोने की कीमत 4,184.75 डॉलर प्रति औंस है। वहीं अगस्त में डिलीवरी वाला US गोल्ड फ्यूचर्स 4,197.20 डॉलर प्रति औंस पर है। अमेरिका में नौकरियों का डेटा उम्मीद से कमजोर रहने से फेडरल रिजर्व द्वारा निकट अवधि में बेंचमार्क ब्याज दरें बढ़ाए जाने को लेकर चिंता कम हुई है। इससे सोने की कीमत को बल मिला। अमेरिकी लेबर डिपार्टमेंट के ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिस्टिक्स का कहना है कि जून में नॉन-फार्म पेरोल में 57,000 नौकरियां बढ़ीं।

सरकार जल्द नई गोल्ड मॉनेटाइजेशन स्कीम का कर सकती है ऐलान, जानिए क्या है पूरा प्लान

चीन में 2 डॉलर प्रति डिस्काउंट पर ट्रेडिंग

चीन में इस हफ्ते सोना अंतरराष्ट्रीय कीमत के मुकाबले कभी समान भाव पर तो कभी 2 डॉलर प्रति औंस तक सस्ते में बिक रहा था। पिछले हफ्ते यह 3 से 7 डॉलर प्रति औंस तक डिस्काउंट पर बिक रहा था। डिस्काउंट कम होना इस बात का संकेत है कि खरीदार पहले की तुलना में थोड़ा ज्यादा सक्रिय हुए हैं, इसलिए विक्रेताओं को ज्यादा छूट देने की जरूरत नहीं पड़ी।

Gold Silver Price Today: सोना फिसला, चांदी ने लगाई 5000 रुपये की छलांग

Gold Silver Price Today: राष्ट्रीय राजधानी में 1 जुलाई को सोने में गिरावट आई। डॉलर में मजबूती और विदेशी बाजारों के ट्रेंड का असर भारत में सोने की कीमतों पर पड़ा। यह 1,300 रुपये गिरकर 1.44 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। सोने में लगातार दूसरे दिन गिरावट आई। उधर, चांदी की चमक बढ़ी। यह 5000 रुपये चढ़कर 2,35,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।

विदेश में लगातार तीसरे दिन सोना गिरा

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 0.54 फीसदी गिरकर 3,986.07 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। चांदी 1 फीसदी गिरकर 58 डॉलर प्रति औंस पर रही। लेमन मार्केट्स डेस्क में रिसर्च एनालिस्ट गौरव गर्ग ने कहा, “बुधवार को भारत में सोने पर दबाव दिखा। इसकी वजह डॉलर में मजबूती और बढ़ती बॉन्ड यील्ड है। इसका असर कीमती मेटल की डिमांड पर पड़ा। “

डॉलर इंडेक्स में मजबूती ने सोने पर बनाया दबाव

मिरै एसेट शेयरखान में कमोडिटीज हेड प्रवीण सिंह ने कहा, “विदेशी बाजारों में सोने में लगातार तीसरे दिन गिरावट आई। इसकी वजह डॉलर इंडेक्स में मजबूती है। यह 0.15 फीसदी चढ़कर 101.34 पर पहुंच गया।” डॉलर में मजबूती से विदेशी करेंसी में सोना खरीदना महंगा हो जाता है। इसका असर सोने की कीमतों पर पड़ता है।

भारत में एमसीएक्स में गोल्ड फ्यूचर्स में तेजी दिखी

इधर, कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स में गोल्ड फ्यूचर्स में तेजी दिखी, जबकि सिल्वर फ्यूचर्स में गिरावट दिखी। शाम के कारोबार में गोल्ड फ्यूचर्स 0.46 फीसदी यानी 659 रुपये चढ़कर 1,43,190 रुपये प्रति 10 ग्राम पर चल रहा था। सिल्वर फ्यूचर्स 0.64 फीसदी यानी 1,461 रुपये की कमजोरी के साथ 2,25,582 रुपये प्रति किलोग्राम पर चल रहा था।

रिकॉर्ड ऊंचाई से करीब 30 फीसदी गिर चुका है सोना

इस साल गोल्ड की कीमतें जनवरी के आखिर में करीब 5600 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई थी। इस लेवल से गोल्ड करीब 30 फीसदी गिर चुका है। जून तिमाही में गोल्ड में करीब 14 फीसदी की गिरावट आई। सिर्फ जून में यह 11 फीसदी गिरा। फरवरी के आखिर में अमेरिका-ईरान की लड़ाई ने बुलियन पर दबाव बढ़ा दिया।

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अमेरिका में इंटरेस्ट रेट बढ़ने की उम्मीद से भी गिरा सोना

एक्सपर्ट्स का कहना है कि फिलहाल में गोल्ड में गिरावट की वजह डॉलर में मजबूती और अमेरिका में इंटरेस्ट रेट बढ़ने की उम्मीद है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व इस साल इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकता है। बढ़ते इंटरेस्ट रेट के माहौल में गोल्ड की चमक घट जाती है। इंटरेस्ट रेट घटने पर गोल्ड की चमक बढ़ जाती है।

Gold Silver price Today: सोने- चांदी में हाल में आई गिरावट और बढ़ी, यूएस में और रेट बढ़ने की उम्मीद इन्वेस्टर सेंटिमेंट पर डाल रहा असर

Gold Silver price Today : सोने- चांदी की कीमतों में गिरावट का सिलसिला जारी है। डॉलर के मजबूत होने और US में और इंटरेस्ट रेट बढ़ने की उम्मीद से सोने की कीमतों में दबाव दिख रहा है क्योंकि यह सभी चीजें इन्वेस्टर सेंटिमेंट पर असर डाल रही है, जिससे सोने -चांदी में हाल की गिरावट और बढ़ गई है। COMEX गोल्ड $3,981.50 प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा था, जो $57.40 या 1.42% कम था, जबकि दिन में यह $3,955.40 प्रति औंस के निचले स्तर पर था। इससे पहले यह मेटल $4,032.50 प्रति औंस पर बंद हुआ था।

COMEX सिल्वर भी फिसला, जो सेशन के दौरान $57.035 प्रति औंस के निचले स्तर पर पहुंचने के बाद 1.38% गिरकर $57.375 प्रति औंस पर आ गया।

मार्केट सेंटिमेंट पर इस उम्मीद का दबाव बना रहा कि US फेडरल रिजर्व महंगाई को कंट्रोल करने के लिए मॉनेटरी पॉलिसी को और सख्त कर सकता है। ट्रेडर अभी इस साल तीन इंटरेस्ट रेट बढ़ने का अनुमान लगा रहे हैं, CME फेडवॉच डेटा सितंबर में बढ़ोतरी की 63% संभावना दिखा रहा है।

मज़बूत U.S. डॉलर ने दूसरी करेंसी रखने वालों के लिए कीमती मेटल्स को महंगा बनाकर बुलियन की डिमांड को और कम कर दिया।

मिडिल ईस्ट में जियोपॉलिटिकल डेवलपमेंट्स पर सबकी नजर बनी रही। ईरान और यूनाइटेड स्टेट्स के बीच तनाव बना रहा, लेकिन डिप्लोमैटिक बातचीत की उम्मीदों ने सोने में कुछ सेफ़-हेवन खरीदारी की दिलचस्पी कम कर दी। ईरानी और US की बातचीत करने वाली टीमों के दोहा में मिलने की उम्मीद है, हालांकि ईरान ने कहा है कि कोई फॉर्मल मीटिंग तय नहीं की गई है।

इन्वेस्टर्स अब इस हफ़्ते के आखिर में आने वाले ADP एम्प्लॉयमेंट नंबर्स और नॉन-फार्म पेरोल आंकड़ों सहित US के ज़रूरी इकोनॉमिक डेटा का इंतज़ार कर रहे हैं, ताकि फेडरल रिज़र्व की पॉलिसी की दिशा पर और ज़्यादा क्लैरिटी मिल सके।

मार्केट ट्रेंड पर कमेंट करते हुए, रिद्धिसिद्धि बुलियंस के मैनेजिंग डायरेक्टर और इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट, पृथ्वीराज कोठारी ने कहा कि सोने में गिरावट का सिलसिला अब लगातार चार हफ़्तों तक बढ़ गया है और यह जनवरी 2026 के अपने रिकॉर्ड हाई $5,597 प्रति औंस से लगभग 30% नीचे बना हुआ है। उन्होंने कहा कि महंगाई की लगातार चिंताओं और फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वार्श की तीखी टिप्पणियों ने सख्त मॉनेटरी पॉलिसी की उम्मीदों को और पक्का कर दिया है। कोठारी के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतें $70 प्रति बैरल से ऊपर जाने से भी महंगाई की चिंता बढ़ गई है, जिससे कीमती धातुओं के लिए सपोर्ट कम हो गया है।

कोठारी ने आगे कहा कि सोने के लिए मुख्य सपोर्ट अभी $3,950–$4,000 प्रति औंस की रेंज में दिख रहा है, जबकि चांदी काफी कमजोर हुई है, और हाल के सेशन में COMEX पर लगभग 10% गिरी है।

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