Ketan Murder: होने वाली बहू सिया का जन्मदिन सेलिब्रेट करने के लिए ससुर ने बुक किए थे 70 रूम, जिसकी ख्वाहिशों को पलकों पर रखा उसने ये सिला दिया!

Ketan Agarwal Murder: महाराष्ट्र के मशहूर बिजनेसमैन के बेटे केतन अग्रवाल की लोहगढ़ किले में हुई संदिग्ध मौत में चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। जिसे दुनिया एक दुखद हादसा समझ रही थी उसके पीछे साजिश की एक ऐसी खौफनाक दास्तान छिपी थी जिसे सुनकर किसी की भी रूह कांप जाए। पुलिस की जांच में सामने आया है कि केतन की मंगेतर सिया गोयल ने अपने कथित प्रेमी के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी और उसे एक्सिडेंट का रूप देना चाहा। फिलहाल दोनों पुलिस की गिरफ्त में हैं। इस बीच यह भी पता चला है कि केतन का परिवार अपनी होने वाली बहू के लिए लगातार एक से एक लग्जरी तैयारियां कर रहा था।

केतन का परिवार अपनी होने वाली बहू सिया गोयल को किस कदर पलकों पर बिठाकर रखता था, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उसके जन्मदिन के लिए पांच सितारा होटल में 70 लग्जरी कमरे बुक किए गए थे। लेकिन जिस होने वाली बहू की हर ख्वाहिश को ससुर और मंगेतर पलकों पर रखते थे, उसने प्यार में अंधा होकर केतन को ऐसा खौफनाक सिला दिया। आइए जानते हैं इस हाई-प्रोफाइल मर्डर मिस्ट्री की पूरी इनसाइड स्टोरी।

ससुर ने बुक किए थे 70 लग्जरी रूम

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक महाराष्ट्र के एक प्रमुख व्यवसायी और रियल एस्टेट बिजनेस के डायरेक्टर 26 वर्षीय केतन अग्रवाल का परिवार अपनी होने वाली बहू सिया गोयल का जन्मदिन बेहद भव्य तरीके से मनाने की तैयारी कर रहा था। केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने महाबलेश्वर के एक शानदार फाइव-स्टार होटल में करीब 70 कमरे बुक किए थे। यह आलीशान आयोजन 20 जून को सिया गोयल के जन्मदिन के जश्न के लिए प्लान किया गया था। इसमें दोनों परिवारों के सदस्यों को शामिल होना था।

सिया ने रची दूसरी ही साजिश

एक तरफ जहां केतन का परिवार इस जश्न की तैयारियों में डूबा था, वहीं सिया के दिमाग में कुछ और ही खौफनाक प्लान चल रहा था। इस मामले की जांच में पता चला है कि सिया ने बड़ी ही चालाकी से केतन को मनाकर महाबलेश्वर का यह भव्य बर्थडे सेलिब्रेशन कैंसिल करवा दिया और उसकी जगह उसे अपने साथ पुणे के पास स्थित लोहगढ़ किले में ट्रेकिंग ट्रिप पर ले गई।

18 जून को किले की खाई में धकेला, पहले भी की थीं कई कोशिशें

बीती 18 जून को लोहगढ़ किले की एक गहरी खाई में गिरने के कारण केतन अग्रवाल की मौत हो गई। शुरुआत में सिया ने पुलिस को गुमराह करते हुए कहानी सुनाई थी कि ट्रेकिंग के दौरान केतन का पैर फिसल गया था। इसके बाद पुलिस इसे सिर्फ एक एक्सीडेंट मानकर चल रही थी। जब जांच आगे बढ़ी तो कहानी पूरी तरह पलट गई। पुलिस जांच में सामने आया है कि सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी के बीच प्रेम प्रसंग था और वे दोनों केतन को अपने रास्ते का कांटा समझते थे। इस कांटे को हटाने के लिए दोनों ने मिलकर केतन की हत्या की पूरी साजिश रची थी।

पुलिस के मुताबिक 18 जून को कामयाब होने से पहले भी दोनों केतन को रास्ते से हटाने की कई नाकाम कोशिशें कर चुके थे। इस घातक ट्रिप से पहले भी केतन और सिया कई बार लोहगढ़ किला घूमने गए थे, जहां प्लान को अंजाम देने की पिछली कोशिशें असफल रही थीं।

बाली में होने वाला था प्री-वेडिंग फोटोशूट, गायब कर दिया था केतन का पासपोर्ट!

जांच में यह भी सामने आया है कि इस साल की शुरुआत में केतन और सिया ने इंडोनेशिया के बाली में एक भव्य प्री-वेडिंग फोटोशूट की प्लानिंग की थी। लेकिन यात्रा पर रवाना होने से ठीक पहले अचानक केतन का पासपोर्ट रहस्यमय तरीके से गायब हो गया। इसकी वजह से वह पूरा इंटरनेशनल ट्रिप ही कैंसिल करना पड़ा था। जांचकर्ता अब इस एंगल और आरोपों की भी गहनता से जांच कर रहे हैं कि क्या केतन का पासपोर्ट किसी बड़ी साजिश के हिस्से के रूप में जानबूझकर छुपाया गया था।

33 डिग्री की गर्मी में हुडी पहनने की भूल और सीसीटीवी का सुराग

इस पूरे मर्डर केस का पर्दाफाश करने में सीसीटीवी फुटेज सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण जरिया साबित हुआ। लोहगढ़ किले के पास लगे कैमरों में एक शख्स कैद हुआ था जो किले के आसपास लगभग 33 डिग्री सेल्सियस की गर्मी होने के बावजूद हुडी पहने हुए घूम रहा था। इसी अजीब हरकत ने पुलिस का ध्यान खींचा और जांचकर्ताओं को उस पर गहरा शक हुआ। सीसीटीवी फुटेज को जब खंगाला गया तो साफ दिखा कि वह हुडी वाला शख्स ट्रेकिंग के दौरान केतन और सिया से कुछ ही दूरी पर लगातार उनका पीछा कर रहा था। इसी सीसीटीवी सुराग की मदद से पुलिस ने संदिग्ध की पहचान की और चेतन चौधरी तक पहुंच गई।

दोनों कातिल सलाखों के पीछे, पुलिस खंगाल रही है पूरी कुंडली

सिया गोयल द्वारा सुनाई गई घटना की कहानी में कई विरोधाभास थे। इसने पुलिस के शक को यकीन में बदल दिया। संदिग्धों से गहन पूछताछ और तकनीकी सबूतों के विश्लेषण के बाद पुलिस आखिरकार इस नतीजे पर पहुंची कि केतन की मौत कोई हादसा नहीं बल्कि एक सोची-समझी क्रूर हत्या थी। एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड के आरोप में सिया गोयल और चेतन चौधरी दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। जांच एजेंसियां अब इस बात की भी बारीकी से जांच कर रही हैं कि इस पूरी क्रिमिनल कॉन्स्पिरेंसी में क्या इन दोनों के अलावा कोई और बाहरी व्यक्ति भी शामिल था या नहीं।

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मंगेतर को मारने की बजाय प्रेमी के साथ क्यों नहीं भाग गई सिया गोयल? खौफनाक साजिश रचने वाली इस लड़की को था ये डर

Ketan Agarwal murder Case: पुणे में 26 साल के बिजनेसमैन केतन अग्रवाल की हत्या का केस इस समय सुर्खियां में बना हुआ हैं। पुलिस के मुताबिक, केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी पर केतन का हत्या का आरोप लगा है। दोनों इस समय पुलिस के हिरासत में है। वहीं इसी बीच एक सवाल ये भी है कि अगर सिया को केतन के साथ शादी नहीं करनी थी तो उसने इस शादी के लिए हां क्यों किया? या फिर वह अपने प्रेमी चेतन चौधरी के साथ भागकर क्यों नहीं शादी कर ली। सिया ने अपने होने वाले पति को रास्ते से हटाने के लिए इतना खतरनाक प्लान क्यों बनाया। वहीं पुलिस की जांच में कई बातें सामने आई है, जिसे सुनकर हर कोई हैरान हो जाएगा।

क्यों नही भागी चेतन के साथ?

PTI ने रिपोर्ट के मुताबिक पुणे पुलिस बताया, परिवार की बेइज्जती के डर से सिया गोयल ने कथित तौर पर केतन अग्रवाल के साथ अपनी सगाई तोड़कर अपने पार्टनर चेतन चौधरी के साथ भाग जाने से मना कर दिया। पुलिस के मुताबिक, 20 वर्षीय सिया गोयल अपने कथित प्रेमी चेतन चौधरी के साथ घर छोड़कर जाने और कारोबारी केतन अग्रवाल से हुई सगाई तोड़ने के पक्ष में नहीं थी। जांच के दौरान सामने आया कि उसे इस बात की चिंता थी कि ऐसा करने से उसके परिवार की सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंच सकती है और उन्हें लोगों के बीच शर्मिंदगी का सामना करना पड़ सकता है।

चेतन ने किया ये खुलासा

पुलिस जांच में सामने आया है कि चेतन चौधरी ने पूछताछ के दौरान बताया कि उसने और सिया गोयल ने साथ में घर छोड़कर जाने की संभावना पर चर्चा की थी। लेकिन सिया इसके लिए तैयार नहीं थी, क्योंकि उसे लगता था कि ऐसा करने और केतन अग्रवाल से रिश्ता तोड़ने पर उसके परिवार की बदनामी होगी। पुलिस के अनुसार, इसी वजह से दोनों ने कथित तौर पर केतन अग्रवाल को रास्ते से हटाने की योजना बनाई गई। वहीं मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।

चेतन पर कैसे हुआ शक

केतन अग्रवाल की 18 जून को लोहागढ़ किले में ट्रेकिंग के दौरान गहरी खाई में गिरने से मौत हो गई थी। शुरुआत में इस घटना को एक हादसा माना गया और सिया गोयल ने भी परिजनों को बताया था कि केतन का पैर फिसलने से वह नीचे गिर गए। जांच के आगे बढ़ने पर मामला नया मोड़ ले गया। पुलिस ने किले के टिकट काउंटर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसमें एक संदिग्ध व्यक्ति हुडी पहनकर केतन और सिया के पीछे चलता दिखाई दिया। इसके बाद जांच अधिकारियों ने मामले को नए सिरे से देखना शुरू किया और कई महत्वपूर्ण सुराग जुटाए।

हुडी से हुआ खुलासा

जांच के दौरान पुलिस को सीसीटीवी फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया, जिसने अपने चेहरे को हुडी से काफी हद तक ढक रखा था और कानों में हेडसेट लगाया हुआ था, जिससे उसकी पहचान करना आसान नहीं था। अधिकारियों के मुताबिक, एक अन्य वीडियो में सिया गोयल अचानक पीछे की ओर देखती नजर आती है, तभी वह व्यक्ति तेजी से नीचे बैठ जाता है। इस हरकत ने जांचकर्ताओं का ध्यान खींचा और उन पर शक गहरा गया। पुलिस ने ये भी बताया कि जिस दिन घटना हुई, उस समय मौसम काफी गर्म था और तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस था, ऐसे में उस व्यक्ति का हुडी पहनकर घूमना भी जांच का एक अहम बिंदु बन गया।

पुलिस कस्टडी में है चेतन-सिया

पुलिस जांच आगे बढ़ने पर सीसीटीवी फुटेज में दिख रहे संदिग्ध व्यक्ति की पहचान चेतन चौधरी के रूप में होने का दावा किया गया। जांच एजेंसियों के अनुसार, चेतन चौधरी और सिया गोयल पर केतन अग्रवाल की हत्या की योजना बनाने का आरोप है। मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। अदालत ने उन्हें 29 जून तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस अभी इस पूरे मामले के सभी पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है।

मंगेतर को मारने के बाद सिया गोयल चली थी मातम वाला नाटक करने, इस शातिर लड़की से यहीं पर हो गई एक चूक!

महाराष्ट्र के पुणे में स्थित लोहगढ़ किले में हुए बिजनेसमैन केतन अग्रवाल की मौत के मामले में एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जिसे शुरुआत में एक साधारण ट्रेकिंग हादसा माना जा रहा था, वह असल में सोची-समझी हत्या की एक खौफनाक साजिश निकली। मंगेतर केतन को पहाड़ी से नीचे धकेलने के बाद शातिर आरोपी लड़की सिया गोयल से जुड़ा एक और खुलासा हुआ है।

बताया जा रहा है कि इस क्राइम को अंजाम देने के बाद सिया अग्रवाल परिवार के सामने मातम मनाने पहुंची थी। इसी बीच केतन की बहन की सजगता और शक ने इस पूरे नाटक का भंडाफोड़ कर दिया। इस शातिर लड़की से मातम के इस ड्रामे के दौरान ही एक ऐसी चूक हो गई जिसके बाद उसकी पूरी साजिश ताश के पत्तों की तरह बिखर गई। आइए जानते हैं उस मुलाकात की पूरी इनसाइड स्टोरी जिसने कातिल मंगेतर को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।

घर पर सांत्वना देने पहुंची थी सिया, बहन ने पकड़ ली ये बड़ी चूक

बीती 18 जून को लोहगढ़ किले में ट्रेकिंग के दौरान केतन अग्रवाल की एक गहरी खाई में गिरने से मौत हो गई थी। घटना के तुरंत बाद लोनावला रूरल पुलिस ने इसे दुर्घटनावश हुई मौत के रूप में दर्ज किया था क्योंकि लड़के की मंगेतर सिया ने दावा किया था कि तस्वीरें लेते समय केतन का पैर फिसल गया था। लेकिन केतन की बहन इस हादसे की थ्योरी को स्वीकार करने के लिए बिल्कुल तैयार नहीं थी। केतन के अंतिम संस्कार के बाद भी उसकी बहन लगातार मौत की परिस्थितियों पर सवाल उठाती रही। उसे इस घटना के कई पहलू आपस में मेल खाते हुए नहीं दिख रहे थे। सूत्रों के मुताबिक, घटना के चार दिन बाद सिया गोयल अग्रवाल परिवार के घर पर शोक व्यक्त करने और सांत्वना देने पहुंची थी। इसी मुलाकात के दौरान केतन की बहन ने उससे लोहगढ़ किले में हुए पूरे घटनाक्रम को लेकर विस्तार से और बेहद तीखे सवाल पूछे।

जब बहन ने सवाल दागना शुरू किया तो सिया के जवाबों में भारी विसंगतियां दिखने लगीं। परिवार को लगा कि सिया सीधे जवाब देने के बजाय बातों को टालने की कोशिश कर रही है। सिया की इसी घबराहट और टालमटोल ने परिवार के शक को पूरी तरह गहरा कर दिया। इसके तुरंत बाद परिवार ने दोबारा पुलिस से संपर्क किया और नए सिरे से जांच की मांग की।

जून में हुडी पहनने की गलती और सीसीटीवी का सुराग

परिवार के भारी दबाव और जिद के बाद जांचकर्ताओं ने मामले की नए सिरे से पड़ताल शुरू की। पुलिस ने सीसीटीवी (CCTV) फुटेज, तकनीकी सबूतों और केस से जुड़े लोगों के बयानों की जांच शुरू की। इसी दौरान पुलिस को सिया गोयल और चेतन चौधरी के बीच के कथित प्रेम प्रसंग का पता चला। इस पूरी मिस्ट्री को सुलझाने में सीसीटीवी फुटेज सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। फुटेज में जांचकर्ताओं को जून की गर्मी के बावजूद एक शख्स हुडी पहने हुए दिखाई दिया। इस शख्स की हरकतें बेहद संदिग्ध थीं क्योंकि वह लोहगढ़ किले के आसपास लगातार केतन और सिया की गतिविधियों और मूवमेंट का पीछा कर रहा था। इस फुटेज की मदद से आखिरकार पुलिस को संदिग्ध शख्स की पहचान करने और चेतन चौधरी तक पहुंचने में बड़ी कामयाबी मिली।

परिवार का आरोप: सिया के घरवालों को सब पता था!

जांच के दौरान अग्रवाल परिवार ने सिया के परिवार पर भी बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। अग्रवाल परिवार का आरोप है कि सिया के घरवाले उसके और चेतन चौधरी के अफेयर (रिश्ते) के बारे में पहले से अच्छी तरह जानते थे। इसके बावजूद उन्होंने इस बात को छुपाया और यह आश्वासन देते हुए शादी के रिश्ते को आगे बढ़ाया कि समय के साथ सब कुछ ठीक हो जाएगा।

फेसटाइम, व्हाट्सएप और हजारों कॉल्स; ऐसे रची गई मर्डर की प्लानिंग

पुलिस की तफ्तीश जैसे-जैसे आगे बढ़ी, सिया का सच पूरी तरह उजागर हो गया। पुलिस ने जब सिया और चेतन को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उनकी तरफ से मिले अस्पष्ट और विरोधाभासी जवाबों के बाद पुलिस ने शिकंजा और कस दिया। तकनीकी जांच से साफ हो गया कि केतन की मौत कोई हादसा नहीं बल्कि एक सोची-समझी क्रिमिनल कॉन्स्पिरेंसी थी। पुलिस के मुताबिक सिया और चेतन पिछले कई सालों से एक-दूसरे के संपर्क में थे। इस साल जनवरी से जून के बीच ही दोनों ने फोन कॉल्स पर हजारों बार आपस में बात की थी। इसके अलावा पुलिस को उनके बीच फेसटाइम और वॉट्सऐप कॉल्स के जरिए भी लगातार और लगातार बातचीत करने के पुख्ता सबूत मिले हैं।

दोनों आरोपी गिरफ्तार, अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच जारी

शुरुआत में पुलिस को यह मनगढ़ंत कहानी सुनाने वाली सिया कि केतन फोटो खिंचवाने के लिए पोज देते समय खाई में गिर गया था, अब पूरी तरह बेनकाब हो चुकी है। पुलिस का साफ तौर पर आरोप है कि सिया और चेतन ने ही मिलकर केतन को पीछे से मौत के मुंह में धकेला था और बाद में इसे एक दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की थी। इस खौफनाक हत्याकांड और आपराधिक साजिश के आरोप में पुलिस ने 23 जून को सिया गोयल और चेतन चौधरी दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब इस बात की भी गहनता से जांच कर रही है कि क्या इस पूरी मर्डर प्लानिंग और साजिश में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं।

झूठा था उसके प्यार का इजहार! एक हफ्ते पहले की सिया गोयल की ये इंस्टा पोस्ट देख कौन कहेगा कि ये मारने वाली थी मंगेतर को

सोशल मीडिया पर जो कहानी कल तक एक परफेक्ट लव स्टोरी की तरह नजर आ रही थी वो अब महाराष्ट्र के सबसे चौंकाने वाले हत्याकांडों में से एक बन चुकी है। इस वक्त पुणे के केतन अग्रवाल की मर्डर मिस्ट्री के खुलासे ने पूरे देश को चौंका कर रख दिया है। पुलिस ने केतन की हत्या के आरोप में उसकी मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधर को अरेस्ट कर लिया है। पर सबसे अधिक लोगों के बीच सिया को लेकर चर्चा है। सिया ने अपने मंगेतर को मारने की साजिश रचने के दौरान प्यार का कैसा नाटक खेलकर रखा, ये लोगों को चौंका रहा है।

महीनों तक सिया गोयल का इंस्टाग्राम प्रोफाइल उसके मंगेतर केतन अग्रवाल के साथ रोमांटिक पलों से गुलजार था। ड्रीम प्रपोजल, फूलों के सरप्राइज, डांस वीडियो, गले मिलने की तस्वीरें और शादी की प्लानिंग.. इन सबको देखकर कोई भी यही कहेगा कि दोनों एक-दूसरे के प्यार में डूबे हुए थे। अब पुलिसिया जांच में जो सच सामने आया है उसने हर किसी को सन्न कर दिया है। जिसे दुनिया प्यार का इजहार समझ रही थी वह असल में फरेब था और ऐसा धोखा था जिसने एक हंसते खेलते शख्स को मार डाला।

दिल को उसका घर मिल गया – सिया ने सगाई के बाद लिखी थीं ये बातें

एनडीटीनी की रिपोर्ट के मुताबिक सिया और केतन ने इसी साल फरवरी में अपनी सगाई का एलान किया था। इसके बाद दोनों के परिवारों ने नवंबर में होने वाली एक बेहद भव्य और आलीशान शादी की तैयारियां भी शुरू कर दी थीं। इसमें लग्जरी वेन्यू, प्राइवेट जेट और महल जैसे फंक्शन शामिल होने वाले थे। सगाई के तुरंत बाद से ही सिया नियमित रूप से अपने इस रिश्ते का जश्न मनाते हुए तस्वीरें और वीडियो शेयर कर रही थी। सगाई के एक महीने बाद सिया ने एक कैंडल-लिट केक की तस्वीर पोस्ट की और केतन को टैग करते हुए लिखा- चीयर्स टू वन मंथ सिंस माई हार्ट फाउंड इट्स होम (एक महीना पूरा होने की शुभकामनाएं, मेरे दिल को उसका घर मिल गया)।

इसी तरह मई की एक पोस्ट में केतन, सिया को एक फूल देते हुए नजर आ रहा था। सिया ने इस तस्वीर के कैप्शन में लिखा था कि उसने मेरी पसंद को काफी सीरियसली ले लिया। इस पोस्ट के अंत में दोनों एक-दूसरे को गले लगाते दिख रहे थे। सिया ने केतन की एक इंस्टाग्राम स्टोरी को भी अपने अकाउंट पर रीशेयर किया था। इसमें केतन ने सिया की तस्वीर के साथ लिखा था- दैट स्माइल और साथ में एक हार्ट इमोजी लगाया था।

वारदात से से कुछ दिन पहले ही डाला था रोमांटिक डांस वीडियो

इस पूरी कहानी का सबसे डरावना पहलू यह है कि मर्डर की इस वारदात से कुछ ही दिन पहले यानी 19 मई को सिया ने अपने इंस्टाग्राम पर एक बर्थडे काउंटडाउन स्टोरी शेयर की थी। इस वीडियो स्टोरी में यह कपल एक रोमांटिक गाने पर एक साथ डांस करता हुआ दिखाई दे रहा था। ऐसे में किसी को क्या पता चलता था कि केतन के प्यार में डूबने का नाटक कर रही सिया तो असल में उसे मारने की प्लानिंग कर रही है।

हवा तेज थी और पैर फिसल गया – पुलिस को सुनाई झूठी कहानी

करीब एक महीने बाद ही यह लव स्टोरी एक खौफनाक त्रासदी में बदल गई। पुणे के पास लोहगढ़ किले में एक गहरी घाटी में गिरने से केतन की मौत हो गई। शुरुआत में सिया ने इस घटना को एक हादसा दिखाने की पूरी कोशिश की। उसने लोनावला रूरल पुलिस को बताया कि जब वे दोनों तेज हवाओं के बीच तस्वीरें ले रहे थे तब केतन का पैर अचानक फिसल गया और वह नीचे गिर गया। सिया के इसी बयान के आधार पर पुलिस ने शुरुआत में दुर्घटनावश हुई मौत का मामला दर्ज किया था।

ऐसे खुला राज: बेकरी मालकिन और ड्राई फ्रूट कारोबारी का लव अफेयर

मामले की जांच कर रहे अधिकारियों को जल्द ही सिया की कहानी पर शक हो गया और जब उन्होंने गहराई से तफ्तीश की तो सोशल मीडिया के पीछे छिपी एक बिल्कुल अलग और काली हकीकत सामने आ गई। पुलिस ने पाया कि सिया का 22 वर्षीय चेतन चौधरी के साथ गुप्त प्रेम प्रसंग चल रहा था। सिया की खुद की एक बेकरी है जबकि चेतन ड्राई फ्रूट्स (सूखे मेवे) के बिजनेस से जुड़ा हुआ है। दोनों की मुलाकात पिछले साल एक बिजनेस मीटिंग के दौरान हुई थी और नवंबर 2025 से ही उनका यह रिश्ता शुरू हो गया था। मजे की बात यह है कि जब सिया का परिवार केतन के साथ उसकी शादी की तैयारियों में आगे बढ़ रहा था तब भी वह चेतन के साथ रिलेशनशिप में थी। पुलिस के मुताबिक चेतन इस सगाई से बिल्कुल खुश नहीं था और वह केतन को अपने और सिया के रिश्ते के बीच का सबसे बड़ा रोड़ा समझता था। इसी वजह से इन दोनों ने मिलकर केतन की हत्या की पूरी साजिश रच डाली।

7 महीने में 2004 कॉल्स, हुडी पहनकर किया था पीछा

पुलिस के मुताबिक सिया ने केतन को घूमने के बहाने लोहगढ़ किला चलने के लिए राजी किया। योजना के मुताबिक चेतन भी उनके पीछे-पीछे किले तक पहुंच गया और उनसे करीब 20 से 30 फीट की दूरी बनाकर उनके पीछे चलने लगा। ट्रेकिंग रूट के सीसीटीवी फुटेज में साफ तौर पर देखा गया कि चेतन ने अपनी पहचान छिपाने के लिए एक हुडी पहन रखी थी और वह लगातार इस कपल को ट्रैक कर रहा था। लिस का आरोप है कि जैसे ही वे दोनों एक उपयुक्त और सुनसान जगह पर पहुंचे, सिया और चेतन ने मिलकर केतन को पीछे से गहरी खाई में धकेल दिया जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस को दोनों आरोपियों के बीच लगातार बातचीत के पुख्ता सबूत मिले हैं। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक पिछले सात महीनों के दौरान सिया और चेतन ने आपस में कुल 2004 फोन कॉल्स किए थे और दोनों ने फोन पर लगभग 238 घंटे बात की थी।

दोनों आरोपी भेजे गए 7 दिन की पुलिस कस्टडी में

इन पुख्ता सबूतों के आधार पर पुलिस ने सिया गोयल और चेतन को हत्या और आपराधिक साजिश रचने के आरोपों में गिरफ्तार कर लिया है। कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 7 दिनों की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। फिलहाल जांचकर्ता सबूतों की कड़ियों को जोड़ने और केतन की मौत के समय के पूरे घटनाक्रम को रीकंस्ट्रक्ट करने में जुटे हैं।

DDA Housing Scheme 2026: दिल्‍ली की सस्ता फ्लैट लेने का सुनहरा मौका! पाएं 25% का विशेष डिस्काउंट, आज ही अपना ड्रीम होम बुक करें!

DDA Housing Scheme 2026: देश की राजधानी दिल्ली में अपना घर खरीदने का सपना देख रहे लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है। दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने नागरिक आवास योजना 2026 के तहत रेडी-टू-मूव फ्लैट्स पर 25 प्रतिशत तक का स्पेशल डिस्काउंट देने की घोषणा की है। इच्छुक खरीदार ऑनलाइन बुकिंग के जरिए ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। योजना के तहत आवासों का आवंटन ‘फर्स्ट कम, फर्स्ट सर्व’ (FCFS) आधार पर किया जाएगा। आवेदन की आखिरी तारीख 30 जून 2026 निर्धारित की गई है।

दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने राजधानी में किफायती और तैयार आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नागरिक आवास योजना 2026 को आकर्षक ऑफर के साथ पेश किया है। योजना के तहत पात्र खरीदारों को चयनित रेडी-टू-मूव फ्लैट्स पर 25 प्रतिशत तक की विशेष छूट दी जा रही है, जिससे घर खरीदने की लागत में बड़ी कमी आएगी।

DDA के अनुसार, योजना में शामिल सभी आवास तत्काल रहने योग्य हैं और खरीदारों को निर्माण पूरा होने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। ऑनलाइन अप्लाई और बुकिंग की सुविधा के कारण लोग घर बैठे ही अपनी पसंद के फ्लैट का चयन कर सकते हैं। यह योजना दिल्ली में घर खरीदने की इच्छा रखने वाले हजारों परिवारों के लिए एक बड़ा अवसर मानी जा रही है।

तुरंत करें अप्लाई

योजना के तहत आवासों का आवंटन ‘फर्स्ट कम, फर्स्ट सर्व’ (FCFS) सिस्टम के माध्यम से किया जाएगा। इसका मतलब है कि जो आवेदक पहले आवेदन और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करेंगे, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर आवास आवंटित किए जाएंगे। ऐसे में इच्छुक लोगों को जल्द आवेदन करने की सलाह दी गई है। DDA का कहना है कि सीमित संख्या में आवास उपलब्ध हैं। विशेष छूट का लाभ भी निर्धारित अवधि तक ही मिलेगा। नरेला और सिरसपुर में स्थित इन फ्लैट्स के लिए ऑनलाइन बुकिंग शुरू हो चुकी है। आवंटन ‘फर्स्ट कम, फर्स्ट सर्व’ (FCFS) आधार पर किया जाएगा।

मीडियम क्लास के लोगों को लिए शानदार मौका

DDA की यह योजना खास तौर पर मध्यम वर्गीय परिवारों, नौकरीपेशा लोगों और पहली बार घर खरीदने वालों के लिए लाभकारी साबित हो सकती है। प्राधिकरण ने नागरिकों से अपील की है कि वे योजना की अंतिम तिथि 30 जून 2026 से पहले आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि वे रियायती दरों पर अपना घर खरीदने के अवसर का लाभ उठा सकें। सीमित संख्या में आवास उपलब्ध हैं। अपने सपनों का घर पाने का यह सुनहरा अवसर हाथ से न जाने दें।

हाउसिंग स्कीम की बड़ी बातें

फ्लैट पर 25% तक का विशेष डिस्काउंट

रेडी-टू-मूव फ्लैट्स उपलब्ध

ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा

FCFS आधार पर आवंटन

सीमित संख्या में आवास

आवेदन की आखिरी तारीख: 30 जून 2026

कितने फ्लैट्स हैं?

DDA की हाउसिंग स्कीम 2026 के तहत राजधानी में विभिन्न आय वर्गों के लिए कुल 1,712 फ्लैट्स उपलब्ध कराए गए हैं। इनमें नरेला में 1,301 और सिरसपुर में 411 फ्लैट्स शामिल हैं। फ्लैट्स की कैटेगरी संख्या देखें तो हाई इनकम ग्रुप (HIG) के 298, मिडिल इनकम ग्रुप (MIG) के 459, लो इनकम ग्रुप (LIG) के 892 और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के 63 फ्लैट्स उपलब्ध हैं।

कीमत

कीमतों की बात करें तो EWS कैटेगरी के फ्लैट 9.60 लाख रुपये से शुरू होते हैं। LIG फ्लैट्स की कीमत 11.5 लाख से 15.3 लाख रुपये के बीच है। वहीं, MIG फ्लैट्स 66 लाख से 82 लाख रुपये और HIG फ्लैट्स 95 लाख रुपये से 1.13 करोड़ रुपये तक उपलब्ध हैं। बुकिंग के लिए आवेदकों को कैटेगरी के अनुसार एडवांस राशि जमा करनी होगी।

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HIG फ्लैट के लिए 10 लाख रुपये, MIG के लिए 4 लाख रुपये, LIG के लिए 1 लाख रुपये और EWS कैटेगरी के लिए 50 हजार रुपये बुकिंग अमाउंट निर्धारित किया गया है। इसके अलावा सभी आवेदकों को DDA आवास पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के लिए 2,500 रुपये की एकमुश्त और गैर-वापसी योग्य (नॉन-रिफंडेबल) फीस भी जमा करनी होगी। इच्छुक खरीदारों को लास्ट डेट से पहले आवेदन करने की सलाह दी गई है।

क्या E20 फ्यूल से इंश्योरेंस पॉलिसी हो जाएगी बेकार? सरकार ने बताया पूरा सच

E20 Fuel: भारत सरकार ने कहा है कि देश का इथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम सुरक्षित, ग्राहकों के लिए फायदेमंद और आर्थिक रूप से लाभकारी बना हुआ है। साथ ही सरकार ने उन चिंताओं को भी खारिज कर दिया है, जिनमें कहा गया था कि E20 फ्यूल के इस्तेमाल से गाड़ी के इंश्योरेंस पॉलिसी की वैधता पर असर पड़ सकता है।

वहीं, अब इस पर तेल मंत्रालय ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि यह बात पूरी तरह गलत है। मंत्रालय ने बताया कि इस मामले को लेकर जिन-जिन लोगों या कंपनियों से बात करनी थी, उनसे बात कर ली गई है और यह साफ हो गया है कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से इंश्योरेंस पर कोई असर नहीं पड़ता।

मंत्रालय ने कहा कि इथेनॉल ब्लेंडिंग दुनिया भर में अपनाई जाने वाली एक मान्य प्रक्रिया है और इसे कई देशों में सफलतापूर्वक लागू किया गया है, जिनमें अमेरिका, ब्राजील और जापान शामिल हैं। इसके अलवा, यह भी बताया कि ब्राजील ने लंबे समय से इथेनॉल की ज्यादा मात्रा मिलाने (ब्लेंडिंग) का तरीका अपनाया है, और वहां E27 पेट्रोल का स्टैंडर्ड ब्लेंड है।

सरकार के मुताबिक, इथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम से कच्चे तेल का आयात कम हुआ है, जिससे भारत को विदेशी मुद्रा के रूप में 1.4 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की बचत करने में मदद मिली है। सरकार ने यह भी कहा कि इस प्रोग्राम से इथेनॉल बनाने में इस्तेमाल होने वाले कृषि उत्पादों (फीडस्टॉक) की लगातार मांग बनी है, जिससे किसानों की आय बढ़ी है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है।

वहीं सरकार के बयान में आगे कहा गया है, “इथेनॉल ब्लेंडिंग भारत की ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ाने, कार्बन उत्सर्जन को कम करने और देश को साफ-सुथरी मोबिलिटी की ओर ले जाने में अहम भूमिका निभाती है।”

सरकार ने कहा कि वह वैज्ञानिक सबूतों और सभी संबंधित पक्षों के साथ लगातार बातचीत के आधार पर, इस प्रोग्राम को “सुरक्षित, पारदर्शी और उपभोक्ता हितों को ध्यान में रखते हुए” लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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भगोड़े नीरव मोदी को लंदन हाईकोर्ट में झटका, फंस गए खुद के ही ई-मेल ने, बैंक ऑफ इंडिया को मिलेंगे ₹100 करोड़

Nirav Modi News: भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी को लंदन हाईकोर्ट से तगड़ा झटका लगा है। लंदन हाईकोर्ट ने बैंक ऑफ इंडिया (Bank of India) के पक्ष में फैसला सुनाते हुए नीरव मोदी को $1.07 करोड़ यानी करीब ₹100 करोड़ भरने को कहा है। यह मामला उनके कारोबारी एंपायर से जुड़े कर्ज वसूली के एक पुराने विवाद से जुड़ा है। बैंक ऑफ इंडिया के लिए यह फैसला इसलिए भी अहम है क्योंकि यह देश के हाई-प्रोफाइल आर्थिक अपराधियों में से एक से बकाया वसूलने की कोशिश कर रहा है। इस फैसले के बाद बैंक ब्रिटेन में उपलब्ध कानूनी प्रक्रियाओं के माध्यम से राशि की वसूली कर सकता है।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला दुबई की फिरेस्टर डायमंड एफजेडई (Firestar Diamond FZE) को दिए गए बैंक ऑफ इंडिया के लोन से जुड़ा है। बैंक ऑफ इंडिया ने जुलाई 2012 में नीरव मोदी के फायरस्टार ग्रुप की दुबई में स्थित कंपनी फायरस्टार डायमंड एफजेडई को एक बड़ा लोन दिया था। इसके बाद अगस्त 2013 में नीरव मोदी ने एक पर्सनल गारंटी डॉक्यूमेंट पर साइन किए थे। इसमें उन्होंने वादा किया था कि अगर उनकी कंपनी कर्ज चुकाने में डिफॉल्ट करती है तो पर्सनल गारंटर के तौर पर वह इस लोन को चुकाएंगे। साल की शुरुआत में जब पीएनबी घोटाले का खुलासा हुआ, तब बैंक ऑफ इंडिया ने तुरंत अपने कर्ज वापस मांगते हुए मार्च और अप्रैल 2018 में नीरव मोदी और उनकी दुबई की कंपनी को नोटिस जारी किए थे। हालांकि दोनों ने ही इसका कोई जवाब नहीं दिया।

बैंक ऑफ इंडिया ने दावा किया कि नीरव मोदी ने व्यक्तिगत रूप से इस लोन की गारंटी दी थी तो बकाया पैसा चुकाने की जिम्मेदारी भी उन्हीं की है। वहीं नीरव मोदी ने ब्रिटेन की अदालत में इस दावे को चुनौती दी थी। इस साल की शुरुआत में वह खुद लंदन की अदालत में पेश हुए थे और मामले का विरोध किया था। हालांकि अदालत ने आखिरकार बैंक ऑफ इंडिया के पक्ष में फैसला सुनाया और माना कि बैंक का दावा सही है और कानूनी रूप से लागू किया जा सकता है।

कैसे फंसे Nirav Modi?

अब सवाल उठता है कि आखिर लंदन की कोर्ट ने बैंक की बात कैसे मान ली। इसे लेकर नीरव मोदी एक ईमेल के चलते फंस गए। नीरव मोदी ने कोर्ट में दलील दी थी कि उन पर बैंक की पर्सनल गारंटी लागू नहीं की जा सकती क्योंकि उन्हें इस संबंध में कोई उचित नोटिस या जानकारी नहीं थी। हालांकि नीरव मोदी के 17 फरवरी 2018 के एक ईमेल के से कोर्ट ने उनकी चालाकी पकड़ ली। इस ईमेल में नीरव मोदी ने खुद माना था कि पीएनबी घोटाले के बाद उनके बिजनेस को तगड़ा झटका लगा और मीडिया के भारी दबाव के कारण उनकी कंपनियों में तलाशी और जब्ती की कार्रवाई हुई है। मेल में उन्होंने जिक्र किया ति फायरस्टार इंटरनेशनल और फायरस्टार डायमंड इंटरनेशनल का काम लगभग ठप हो गया जिससे बैंकों लोन भी नहीं भरा जा पा रहा है। इसी ईमेल के आधार पर कोर्ट ने माना कि नीरव मोदी को पूरी स्थिति का अच्छे से अंदाजा था।

3 बार फेल हुई और चौथी बार में मार ही डाला! मंगेतर को मारने के लिए सिया गोयल की खौफनाक साजिश की पूरी कहानी अब पता चली

3 बार फेल हुई और चौथी बार में मार ही डाला! मंगेतर को मारने के लिए सिया गोयल की खौफनाक साजिश की पूरी कहानी अब पता चली

पुणे में 26 साल के बिजनेसमैन केतन अग्रवाल की हत्या के केस ने देश में इस वक्त सुर्खियां बंटोर रखी हैं। इस हत्या का आरोप केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी पर लगा है। इस हत्याकांड की एक से एक खौफनाक कहानी सामने आ रही है जो बता रही है कि सिया ने अपने होने वाले पति को रास्ते से हटाने के लिए कितनी शातिर चालें चलीं। अबतक इस पूरे मामले में गहरी प्लानिंग और कई बार नाकाम हुए मर्डर प्लैन्स की एक बेहद खौफनाक कहानी के रूप में सामने आया है। पुलिस का आरोप है कि 26 वर्षीय बिजनेसमैन केतन अग्रवाल की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने केतन को रास्ते से हटाने के लिए एक-दो बार नहीं बल्कि कई बार कोशिशें की थीं। अंततः 18 जून को वे लोहगढ़ किले की एक गहरी खाई में केतन को धकेलकर मार डालने में कामयाब रहे।

हमारी सहयोगी वेबसाइट न्यूज 18 की एक रिपोर्ट में टीओआई के हवाले से बताया गया है कि सिया और चेतन की यह जोड़ी लगातार सही परिस्थितियों और सही जगह की तलाश में थी। जब भी योजना के मुताबिक चीजें नहीं होती थीं तो वे अपने कदम पीछे खींच लेते थे। आइए जानते हैं 3 बार फेल हुई उस साजिश की पूरी कहानी जिसका अंत चौथी बार में केतन की मौत के साथ हुआ।

पहली कोशिश (31 मई): सांप का बहाना बनाकर बची आरोपी

पुलिस और केतन के परिवार द्वारा दिए गए बयानों के मुताबिक हत्या की पहली कोशिश 31 मई को लोहगढ़ किले की एक पिछली यात्रा के दौरान की गई थी। सिया ने कथित तौर पर केतन को एक पहाड़ी के किनारे के पास धक्का दे दिया था। यह प्लान फेल हो गया क्योंकि केतन ने पास की ही एक झाड़ी को पकड़ लिया और खुद को नीचे गिरने से बचा लिया। इस जुर्म पर पर्दा डालने के लिए सिया ने तुरंत एक कहानी गढ़ी। उसने केतन से कहा कि उसने उसे एक सांप से बचाने के लिए धक्का दिया था। केतन ने इसको सच मान लिया और उसे किसी साजिश का शक नहीं हुआ।

दूसरी कोशिश (4 जून): मां के डर ने फेरा पानी

पुलिस के मुताबिक, हत्या की दूसरी कोशिश 4 जून को पूरी तरह असफल साबित हुई। 31 मई की घटना के सदमे और डर से केतन की मां अभी भी उबर नहीं पाई थीं। इसी वजह से उन्होंने केतन को दोबारा उस किले पर जाने की इजाजत देने से साफ इनकार कर दिया जिससे आरोपियों का प्लान धरा का धरा रह गया।

बाली ट्रिप का सस्पेंस: गायब कर दिया पासपोर्ट

इस जोड़ी द्वारा केतन को रास्ते से हटाने की कोशिशों के बीच एक ऐसी घटना भी हुई जिसने परिवार के मन में संदेह पैदा कर दिया। केतन और सिया को प्री-वेडिंग फोटो शूट के लिए 6 जून को बाली रवाना होना था। इस बीच केतन का पासपोर्ट अचानक गायब हो जाने के कारण यह ट्रिप अचानक रद्द करनी पड़ी। सिया ने दावा किया कि पासपोर्ट उससे कहीं गुम हो गया है। इसके चलते केतन, सिया और सिया के भाई-बहनों को इस यात्रा का विचार छोड़ना पड़ा। जांच के दौरान पुलिस इस नतीजे पर पहुंची है कि सिया ने जानबूझकर पासपोर्ट को छिपाया या नष्ट किया था ताकि वे इस ट्रिप पर न जा सकें।

तीसरी कोशिश (14 जून): रविवार की भारी भीड़ बनी रुकावट

जांचकर्ताओं का कहना है कि आरोपी 14 जून को एक बार फिर केतन को जान से मारने के इरादे से लोहगढ़ किला पहुंचे थे। उस दिन रविवार था, इसलिए इस प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पर भारी भीड़ मौजूद थी। इतनी भीड़ के बीच पकड़े जाने के डर से उन्हें अपना प्लान एक बार फिर छोड़ना पड़ा।

चौथी कोशिश (18 जून): गर्मियों में हुडी पहने घूम रहा था कातिल और…

तीन नाकाम कोशिशों के ठीक चार दिन बाद, सिया और उसके पार्टनर चेतन ने तय किया कि अब सही समय आ गया है। सिया ने केतन को अपने जन्मदिन का जश्न मनाने के बहाने दोबारा लोहगढ़ किला चलने के लिए मना लिया। रिपोर्ट के मुताबिक केतन के पिता ने बताया कि केतन ने असल में एक रिसॉर्ट में सेलिब्रेशन का प्लान बनाया था लेकिन सिया किले पर जाने की जिद पर अड़ी रही और उसने केतन को मनाने के लिए उसके परिवार की भी मदद ली।

जांचकर्ताओं के मुताबिक, सिया का प्रेमी चेतन चौधरी अलग से ट्रेवल करके किले पर पहुंचा और इस कपल का पीछा करने लगा। बाद में सीसीटीवी फुटेज में एक शख्स गर्मियों की तेज धूप के बावजूद हुडी पहने उनका पीछा करते हुए कैद हो गया। इसी सुराग ने पुलिस को इस पूरी साजिश का पर्दाफाश करने में मदद की। पुलिस का आरोप है कि जैसे ही ये तीनों एक अपेक्षाकृत सुनसान और एकांत रास्ते पर पहुंचे, केतन पर हमला किया गया और उसे सैकड़ों फीट गहरी खाई में नीचे धकेल दिया गया।

हादसे की कहानी पर परिवार को क्यों हुआ शक?

घटना के तुरंत बाद सिया ने पुलिस को बताया था कि तस्वीरें लेने के दौरान केतन का पैर फिसल गया था। इसके बाद इसे दुर्घटना से हुई मौत के रूप में दर्ज किया गया था। लेकिन केतन का परिवार इस थ्योरी को स्वीकार करने के लिए कतई तैयार नहीं था। उन्होंने पुलिस के सामने पॉइंट आउट किया कि केतन एक अनुभवी ट्रेकर था और वह इस तरह छोटी सी लापरवाही से नहीं गिर सकता। परिवार की इसी जिद और दबाव के कारण पुलिस ने जब मामले की गहराई से जांच शुरू की तो अंततः सिया और चेतन के कथित रिश्ते का सच और केतन की मौत के पीछे की यह खौफनाक क्रोनोलॉजी सामने आ गई।

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मंगेतर के अंतिम संस्कार के 4 दिन बाद उसके घर पहुंची थी सिया गोयल और वहां उसकी बहन के सामने कर बैठी ये गलती! फिर नहीं बच पाई

पुणे के लोहगढ़ किले में 18 जून को हुई 26 साल के केतन विशाल अग्रवाल की मौत को पहले एक हादसा माना गया था, लेकिन जांच आगे बढ़ते ही मामला पूरी तरह बदल गया। पुलिस को मिले डिजिटल सबूत, कॉल रिकॉर्ड और संदिग्ध गतिविधियों ने इस घटना को एक साजिश की ओर मोड़ दिया है। अब इसे महज दुर्घटना नहीं, बल्कि पहले से रची गई हत्या की योजना बताया जा रहा है। जांच में कई ऐसे संकेत मिले हैं, जिन्होंने पूरे मामले को और रहस्यमयी बना दिया है।

जैसे-जैसे पुलिस परत-दर-परत सच खंगाल रही है, वैसे-वैसे इस केस के नए पहलू सामने आ रहे हैं। इस घटना ने न सिर्फ परिवार को झकझोर दिया है, बल्कि पूरे शहर में सनसनी फैला दी है और लोग अब सच्चाई जानने को बेताब हैं।

बहन के एक सवाल से शुरू हुआ शक का खेल

न्यूज 18 के रिपोर्ट के मुताबिक, मामले का टर्निंग पॉइंट तब आया जब केतन के अंतिम संस्कार के चार दिन बाद उसकी मंगेतर सिया गोयल घर पहुंची। बातचीत के दौरान केतन की बहन को उसके जवाबों में कुछ अजीब लगा और यहीं से परिवार को शक हुआ, जिसने पुलिस जांच को नई दिशा दे दी।

2000 से ज्यादा कॉल्स, 238 घंटे की बातचीत ने खोला राज

पुलिस जांच में सिया गोयल और चेतन चौधरी के बीच 1 जनवरी से जून के बीच 2004 कॉल्स का खुलासा हुआ। दोनों के बीच करीब 238 घंटे तक लगातार बातचीत हुई, जिससे शक और गहरा गया।

घटना वाले दिन ‘गायब’ हुआ इंटरनेट और लोकेशन ट्रिक

18 जून को चेतन चौधरी का इंटरनेट सुबह 7 बजे से शाम 5:40 बजे तक बंद रहा। पुलिस को शक है कि लोकेशन छिपाने के लिए उसने अपना मोबाइल दुकान पर छोड़ दिया और कर्मचारी का फोन लेकर लोहगढ़ पहुंचा।

16-17 जून की ‘प्लानिंग मीटिंग’ और अगला दिन खौफनाक वारदात

जांच में सामने आया कि 16 और 17 जून को हत्या की पूरी योजना बनाई गई थी। दोनों ने कॉल और वीडियो कॉल के जरिए पूरी साजिश को अंजाम देने की तैयारी की।

लोहगढ़ फोर्ट पर कैसे दिया गया वारदात को अंजाम

18 जून को सिया केतन को किले पर लेकर पहुंची, जहां पहले से चेतन मौजूद था। एकांत जगह पर केतन को खड़ा कर उस पर हमला किया गया और उसे खाई में धक्का देकर मौत के घाट उतारने का आरोप है।

पुलिस का दावा

डिजिटल सबूत, कॉल रिकॉर्ड और लोकेशन ट्रेसिंग के आधार पर पुलिस का कहना है कि यह कोई दुर्घटना नहीं बल्कि पहले से रची गई हत्या की साजिश थी। फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है।

Viral Video: तेजस एक्सप्रेस में खाना या लापरवाही? पैकेट खोलते ही दिखा कीड़ा, यात्री ने उठाए गंभीर सवाल

Viral Video: तेजस एक्सप्रेस में खाना या लापरवाही? पैकेट खोलते ही दिखा कीड़ा, यात्री ने उठाए गंभीर सवाल

मुंबई जा रही तेजस एक्सप्रेस (Train No. 82902, अहमदाबाद–मुंबई सेंट्रल) में एक यात्री को परोसे गए खाने को लेकर बड़ा विवाद सामने आया। यात्रा के दौरान जब यात्री ने भोजन का पैकेट खोला, तो उसमें कीड़ा मिलने का दावा किया गया, जिससे वह बेहद परेशान हो गया। इस घटना के बाद यात्री ने भारतीय रेलवे और IRCTC की फूड क्वालिटी पर गंभीर सवाल उठाए और सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर की। मामला सामने आते ही यह ऑनलाइन चर्चा का विषय बन गया और लोगों ने ट्रेन में मिलने वाले खाने की स्वच्छता और गुणवत्ता पर फिर से बहस शुरू कर दी।

प्रीमियम ट्रेन होने के बावजूद इस तरह की शिकायत ने यात्रियों की सुरक्षा और भरोसे को लेकर चिंता बढ़ा दी है। अब इस पूरे मामले पर IRCTC की प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।

सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीर

यात्री सुमित मेहता ने X (Twitter) पर खाना और पैकेट की तस्वीर साझा की। उन्होंने लिखा कि यह “प्रीमियम ट्रेन” में मिलने वाला खाना है, लेकिन इसमें कीड़ा मिला, जो बेहद खराब और अस्वीकार्य है।

“थैंक यू IRCTC… ये कैसी सर्विस?”

गुस्से में यात्री ने IRCTC पर तंज कसते हुए कहा कि इतनी ऊंची कीमत वाली ट्रेन में भी ऐसी लापरवाही शर्मनाक है। उनका कहना था कि यह अनुभव बेहद निराशाजनक और घटिया सेवा को दर्शाता है।

सोशल मीडिया पर दो फाड़ राय

पोस्ट वायरल होते ही लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आने लगीं। कुछ यूजर्स ने रेलवे की स्वच्छता पर सवाल उठाए, जबकि कुछ ने इसे सामान्य शिकायत बताते हुए मजाकिया टिप्पणियां भी कीं।

“रेलवे का खाना मत लो” बनाम “कभी-कभी ठीक भी होता है”

कई यात्रियों ने कहा कि वे रेलवे का खाना लेने से बचते हैं क्योंकि गुणवत्ता भरोसेमंद नहीं है। वहीं कुछ लोगों ने तर्क दिया कि हर सर्विस में कभी-कभी शिकायतें आ जाती हैं और यह बड़ा मुद्दा नहीं है।

IRCTC का जवाब

घटना के बाद IRCTC ने प्रतिक्रिया देते हुए यात्री से PNR और मोबाइल नंबर DM करने को कहा ताकि मामले की जांच की जा सके। हालांकि, आगे क्या कार्रवाई हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

फिर उठा बड़ा सवाल

यह घटना एक बार फिर ट्रेन में मिलने वाले खाने की स्वच्छता और गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर गई है, खासकर प्रीमियम ट्रेनों में जहां यात्री बेहतर सेवा की उम्मीद रखते हैं।

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