विश्वकप जिताने वाले संजू सैमसन के साथ हुआ अन्याय, जिम्बाब्वे सीरीज से हुए ड्रॉप

भारत के शानदार वर्ल्ड कप अभियान में अहम भूमिका निभाने और टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए खूब तारीफें बटोरने के बावजूद, संजू सैमसन को सोमवार को राष्ट्रीय टी20 टीम से बाहर कर दिया गया। ऐसा उनकी फ़ॉर्म में अचानक आई गिरावट के कारण हुआ। साथ ही, बीसीसीआई ने श्रेयस अय्यर को कप्तान बनाया और जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज़ के लिए युवा बल्लेबाज़ वैभव सूर्यवंशी को टीम में बनाए रखा।

सैमसन को टीम से बाहर करने का फ़ैसला उनके प्रदर्शन में आए अचानक बदलाव के बाद लिया गया। केरल के विकेटकीपर-बल्लेबाज़  वर्ल्ड कप के दौरान 3 मैच में 89, नाबाद 97 और 89 रन की पारी खेल कर भारत को फाइनल में जिताने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

तीन लगातार मैच जिताऊ पारियों के साथ भारत के सबसे बड़े सितारों में से एक थे, विश्वकप के बाद के बाद अपनी तीन टी20 पारियों में केवल 5, 0 और 1 रन ही बना पाए। इसी वजह से चयनकर्ताओं ने जिम्बाब्वे सीरीज़ के लिए उनके अलावा दूसरे खिलाड़ियों पर विचार किया।

पुरुष चयन समिति ने तिलक वर्मा को उप-कप्तान नियुक्त किया, जबकि दौरे के लिए ईशान किशन और प्रभसिमरन सिंह को दो विकेटकीपर के तौर पर चुना। अय्यर के अलावा, टीम में अभिषेक शर्मा, शिवम दुबे, सूर्यांश शेडगे, रिंकू सिंह, हर्ष दुबे, वरुण चक्रवर्ती, प्रिंस यादव, यश ठाकुर, अशोक शर्मा और मयंक यादव शामिल हैं। भारत हरारे में 23, 25 और 26 जुलाई को तीनों T20I इंटरनेशनल मैच खेलेगा।

एक अलग घोषणा में, BCCI ने इंग्लैंड दौरे के लिए भारत की वनडे टीम में चोटिल नितीश कुमार रेड्डी की जगह शिवम दुबे को शामिल किया। अपडेट की गई वनडे टीम की कप्तानी शुभमन गिल करेंगे और इसमें रोहित शर्मा, विराट कोहली, उप-कप्तान श्रेयस अय्यर, केएल राहुल, ईशान किशन, वाशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह और गुरनूर बराड़ शामिल हैं।

‘कोच नहीं सेलेक्टर्स लें विराट-रोहित पर फैसला…’ वर्ल्ड कप 2027 को लेकर कपिल देव का बड़ा बयान

भारतीय टीम 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों में जुट गई है। भारत का वनडे में अगला मुकाबला भारत और इंग्लैंड के बीच 14 जुलाई से खेला जाएगा। वहीं 2027 वनडे विश्व कप में रोहित शर्मा और विराट कोहली के खेलने को लेकर पूर्व भारतीय कप्तान कपिल देव ने बड़ा बयान दिया है। पूर्व भारतीय कप्तान कपिल देव ने कहा कि, 2027 वनडे विश्व कप के लिए विराट कोहली और रोहित शर्मा के चयन का फैसला पूरी तरह सेलेक्टर्स को करना चाहिए। उनके मुताबिक, टीम में किस खिलाड़ी को जगह मिलेगी, इसका अंतिम अधिकार सेलेक्टर्स के पास होना चाहिए।

2027 वनडे विश्व कप तक विराट कोहली और रोहित शर्मा की उम्र काफी बढ़ जाएगी। ऐसे में लोग इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि क्या दोनों उस टूर्नामेंट में खेलेंगे। वहीं दोनों ही खिलाड़ी अभी भी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन उनके सामने अपनी फिटनेस और फॉर्म बनाए रखने की चुनौती होगी।

कपिल देव ने क्या कहा

हाल के दिनों में ऐसी चर्चाएं भी सामने आई हैं कि गौतम गंभीर की अगुवाई वाला टीम मैनेजमेंट शायद विराट कोहली और रोहित शर्मा को 2027 वनडे विश्व कप की टीम में नहीं देखना चाहता। इस पर कपिल देव ने इंडिया टुडे से कहा, “देखिए, सबसे अहम भूमिका टीम मैनेजमेंट की नहीं, बल्कि चयन समिति की होती है। पांचों चयनकर्ता अगर किसी खिलाड़ी को टीम के लिए योग्य मानते हैं, तो वही फैसला सबसे महत्वपूर्ण होना चाहिए। इसके बाद ही कप्तान और टीम मैनेजमेंट की राय ली जानी चाहिए। अगर चयनकर्ता अपना काम सही तरीके से कर रहे हैं, तो वही प्रक्रिया सही है।”

रोहित को लेकर क्या कहा

रिपोर्ट्स के मुताबिक, टीम मैनेजमेंट वनडे में बाएं और दाएं हाथ के बल्लेबाजों की ओपनिंग जोड़ी को प्राथमिकता देना चाहता है। इसी वजह से रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। कपिल देव ने ये साफ नहीं किया कि वह 2027 वनडे विश्व कप में विराट कोहली और रोहित शर्मा को खेलते देखना चाहते हैं या नहीं। कपिल देव ने कहा, “मुझे नहीं पता कि चयनकर्ताओं की सोच क्या है। कई बार लोग कहते हैं कि 25 साल का खिलाड़ी कैसे संन्यास ले सकता है, लेकिन ऐसा होता है। वहीं अगर कोई खिलाड़ी 39 या 40 साल की उम्र में भी पूरी तरह फिट है, उसमें काबिलियत है और वह अच्छा प्रदर्शन कर रहा है, तो उसे खेलने से क्यों रोका जाए?”

उन्होंने आगे कहा, “उम्र को नहीं, बल्कि प्रदर्शन को महत्व देना चाहिए। हां, उम्र बढ़ने के साथ एक मुश्किल ये होती है कि अगर अनुभवी खिलाड़ी खराब दौर से गुजरता है तो लोग तुरंत कहने लगते हैं कि उसका समय खत्म हो गया। जबकि यही स्थिति किसी युवा खिलाड़ी के साथ हो, तो लोग उसे वापसी का मौका देने की बात करते हैं।”

ईशान किशन बने नंबर 1 T-20I बल्लेबाज, अभिषेक शर्मा ने इस कारण खोया ताज

ईशान किशन टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के नंबर एक बल्लेबाज बन गए हैं। ईशान किशन आयरलैंड में खेले गए दोनों मैचों में सस्ते में आउट हो गए थे वहीं अभिषेक शर्मा ने पहले मैच में 49 और दूसरे मैच में 0 रन बनाए थे। ऐसे में सवाल यह उठता है कि अभिषेक शर्मा की नंबर एक रैंक कैसे छिन गई। दरअसल बीते टी-20 विश्वकप में भी अभिषेक शर्मा अमेरिका, पाक, नीदरलैंड्स, के खिलाफ 0 पर आउट हुए थे।

उन्होंने सिर्फ जिम्बाब्वे और न्यूजीलैंड के खिलाफ अर्धशतक जड़ा था। ऐसे में वह कुल इस साल 9 बार 0 पर आउट हो चुके हैं जिसके कारण उनको अपनी नंबर 1 रैंक गंवानी पड़ी।हालांकि उनको खुश होना चाहिए क्योंकि पहली रैंक अभी भी उनके हमवतन के साथ है।किशन (876 रैंकिंग अंक) के शीर्ष पर पहुंचने में इसी साल हुए टी20 विश्व कप में उनके लगातार अच्छे प्रदर्शन की अहम भूमिका रही है। विश्व कप में बाएं हाथ के इस आक्रामक बल्लेबाज ने लगभग 200 के स्ट्राइक रेट से 317 रन बनाए। उन्हें कोलंबो में पाकिस्तान के खिलाफ हुए मुकाबले में मैच का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी भी चुना गया था।


अभिषेक (869) लगभग 12 महीने तक शीर्ष पर रहे। किशन और अभिषेक से पहले भारतीय खिलाड़ियों में विराट कोहली और सूर्यकुमार यादव ने भी टी20 अंतरराष्ट्रीय बल्लेबाजों की रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल किया है।पाकिस्तान के साहिबजादा फरहान 848 अंक के साथ इस सूची में तीसरे स्थान पर हैं।नवीनतम सूची में भारत के नए उपकप्तान तिलक वर्मा (747) छठे स्थान पर बने हुए हैं जबकि पूर्व कप्तान सूर्यकुमार यादव एक स्थान नीचे आठवें स्थान पर खिसक गए हैं।

गेंदबाजों में भारत के वरुण चक्रवर्ती और जसप्रीत बुमराह एक-एक स्थान के नुकसान से क्रमशः तीसरे और छठे स्थान पर हैं। अफगानिस्तान के राशिद खान शीर्ष पर बने हुए हैं।पुरुषों की टेस्ट बल्लेबाजी रैंकिंग में ट्रेविस हेड शीर्ष पर पहुंच गए हैं जबकि जो रूट तीसरे स्थान पर खिसक गए।भारत के टेस्ट कप्तान शुभमन गिल एक स्थान के फायदे से छठे पायदान पर हैं जबकि यशस्वी जायसवाल एक स्थान नीचे खिसककर नौवें स्थान पर हैं। शीर्ष 10 से बाहर बल्लेबाजों में ऋषभ पंत 13वें स्थान के साथ सबसे अच्छी रैंकिंग वाले भारतीय खिलाड़ी हैं। गेंदबाजों में बुमराह भारत के शीर्ष खिलाड़ी हैं।

श्रेयस अय्यर ने कप्तानी डेब्यू पर बनाए कुछ शर्मनाक रिकॉर्ड्स, फिर भी कहा ‘शानदार’

श्रेयस अय्यर टी-20 अंतरराष्ट्रीय डेब्यू पर आयरलैंड के विरुद्ध जैसी शुरुआत चाहते थे वैसी उन्हें नहीं मिली। बेलफास्ट में खेले गए पहले मैच में श्रेयस अय्यर कुछ अनचाहे रिकॉर्ड्स बना गए। वह बतौर कप्तान पहला टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच हारने वाले चौथे खिलाड़ी बन गए। इससे पहले विराट कोहली, ऋषभ पंत और शुभमन गिल भी अपना पहला मैच बतौर कप्तान हारे थे। 

आयरलैंड के खिलाफ ना केवल पहला बल्कि किसी भी प्रारुप में पहला मैच हारने वाले श्रेयस अय्यर पहले कप्तान बन गए। इसके अलावा बल्लेबाजी में भी उन्होंने अनचाहा रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने 7 गेंदों में महज 3 रन बनाए। यह टी-20 अंतरराष्ट्रीय डेब्यू पर किसी भी भारतीय कप्तान का सबसे न्यूनतम स्कोर है। इससे पहले यह रिकॉर्ड रोहित शर्मा के पास था। 

आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की श्रृंखला के पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय में 34 रन की चौकाने वाली हार का सामना करने के बाद भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने शुक्रवार को यहां कहा कि टीम इस मैच को भूलकर इससे सीख लेगी और अगले मुकाबले में पूरी तैयारी के साथ उतरेगी।

अय्यर ने मैच के बाद पुरस्कार समारोह में कहा कि गेंदबाज बीच के ओवरों में लय बरकरार रखने में विफल रहे।उन्होंने कहा, ‘‘शुरुआत में हमारे गेंदबाज काफी धारदार गेंदबाजी कर रहे थे, लेकिन बीच के ओवरों में हम अपनी योजनाओं पर अमल नहीं कर सके।’’उन्होंने कहा, ‘‘ हमने आयरलैंड के बल्लेबाजों को बड़े शॉट खेलने का मौका दिया। उस समय मुझे लगा था कि 140 रन का लक्ष्य ही बनेगा और उसे हासिल करना आसान होगा।’उन्होंने चुटिले अंदाज में हुए कहा, ‘‘कप्तान के तौर पर शानदार शुरुआत रही।’’

अय्यर ने इसके बाद गंभीर होते हुए कहा, ‘‘इस मैच को भूलकर, इससे सीख लेंगे और अगले मुकाबले में पूरी तैयारी के साथ उतरेंगे।’’उन्होंने कहा, ‘‘किसी भी चीज को हल्के में नहीं लिया जा सकता। आपको हर मैच में पूरी मेहनत करनी होती है। वर्तमान में रहना जरूरी है और जब भी प्रतिद्वंद्वी टीम पर दबाव बनाने का मौका मिले, उसे हाथ से नहीं जाने देना चाहिए।’’

अब कोई भी सिलेक्ट हो जाता है, सुनील गावस्कर ने टीम चयन पर ऐसा क्यों कहा?

भारतीय क्रिकेट में काम का बोझ संभालने पर बहस को फिर से हवा देते हुए, भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने खिलाड़ियों को रोटेट करने बारी-बारी से खिलाने पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की बढ़ती निर्भरता पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि बहुत ज़्यादा बदलाव करने से देश का प्रतिनिधित्व करने की अहमियत कम हो रही है।

आयरलैंड के खिलाफ टी 20 सीरीज़ शुरू होने वाली है और इंटरनेशनल क्रिकेट का कार्यक्रम बहुत व्यस्त है। ऐसे में गावस्कर का कहना है कि टीम में लगातार बदलाव करने से भारतीय टीम में खेलने का मौका पाने का सम्मान कम हो सकता है, भले ही टीम के पास टैलेंट की कोई कमी न हो।

उन्होंने कहा कि हालांकि आज के क्रिकेट में कार्यभार प्रबंधनज़रूरी हो गया है, लेकिन यह उस हद तक नहीं जाना चाहिए जहां चयन का महत्व ही खत्म हो जाए। उन्होंने कहा, “पदार्पण हासिल किया जानाचाहिए, न कि सिर्फ़ इसलिए मौका मिलना चाहिए कि किसी स्थाई खिलाड़ी को आराम दिया जा रहा है।” उन्होंने एक पारदर्शी प्रणाली बनाने की मांग की ताकि वरिष्ठ खिलाड़ियों का इस्तेमाल बेतरतीब ढंग से न हो-यानी न तो ज़रूरत से ज़्यादा और न ही बहुत कम।

गावस्कर ने यह भी सुझाव दिया कि वरिष्ठ क्रिकेटरों को हर साल कम से कम एक महीने का आराम मिलना चाहिए। उनका तर्क है कि बिना ठीक से आराम किए अलग-अलग प्रारुप में लगातार क्रिकेट खेलने से चोट लगने, थकान और लंबे समय में प्रदर्शन गिरने का खतरा बढ़ जाता है।

उनकी ये बातें अफगानिस्तान के खिलाफ भारत की हालिया घरेलू सीरीज़ के संदर्भ में आई हैं, जहां शुभमन गिल की कप्तानी में टीम ने शानदार प्रदर्शन किया और केएल राहुल जैसे शीर्ष क्रम बल्लेबाजों ने शतक भी लगाए। साथ ही, वरिष्ठ तेज़ गेंदबाज़ जसप्रीत बुमराह को आराम देने के फैसले ने लगातार बदलाव की नीति पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं।

नीतिश रेड्डी चोट के कारण इंग्लैंड दौरे से बाहर, यह खिलाड़ी बना रिप्लेसमेंट

 

जांघ की मांसपेशियों में चोट के कारण ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी आयरलैंड और इंग्लैंड के दौरे से बाहर हो गये है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) सूत्रों के अनुसार नीतीश रेड्डी क्वाड्रिसेप्स (जांघ की मांसपेशी) की चोट के कारण आयरलैंड के खिलाफ भारत की T-20I सीरीज में नहीं खेलेंगे।

23 साल के इस ऑलराउंडर को इंग्लैंड दौरे के लिए वनडे और T-20I दोनों टीमों में भारत के तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर के तौर पर चुना गया था। रेड्डी ने हाल ही में अफगानिस्तान के खिलाफ घरेलू सीरीज में दो वनडे मैच खेले थे और धर्मशाला में इस प्रारुप में अपना पहला विकेट लिया था। इसके बाद वे लखनऊ में दूसरा वनडे नहीं खेल पाए थे।

कप्तान शुभमन गिल ने टॉस के समय बताया था कि ऑलराउंडर को ‘अपनी जांघ की मांसपेशियों’ में कुछ दक्कत हो रही है। रेड्डी चेन्नई में आखिरी वनडे के लिए टीम में लौटे, जहां उन्होंने बिना कोई विकेट लिए 42 रन देकर छह ओवर फेंके और उन्हें बल्लेबाजी करने की जरूरत नहीं पड़ी। यह चोट फिटनेस से जुड़ी उन कई समस्याओं में से एक है जिसने पिछले एक साल में रेड्डी की प्रगति को रोका है। फिटनेस की चिंताओं के कारण आईपीएल 2025 के दौरान उनकी गेंदबाजी काफी सीमित रही थी, जब उन्होंने 13 मैचों में कुल पांच ओवर फेंके थे। बाद में, घुटने की चोट के कारण उन्हें इंग्लैंड के टेस्ट दौरे के बीच से ही बाहर होना पड़ा था।

उनकी जगह टीम में शूर्यांश शेडगे को शामिल किया गया है।हाल ही में श्रीलंका में आयोजित त्रिकोणीय श्रृंखला में भारत-ए के लिए शानदार प्रदर्शन के बाद शेडगे को राष्ट्रीय टीम में मौका मिला है। इस 23 वर्षीय खिलाड़ी ने मध्यक्रम में पांच मैचों में 147 रन बनाए और 23 ओवर गेंदबाजी कर टीम के लिए उपयोगी योगदान दिया।शेडगे 2024-25 सत्र में सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी जीतने वाली मुंबई टीम के भी प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल रहे थे। उन्होंने निचले मध्यक्रम में बल्लेबाजी करते हुए 251.92 के प्रभावशाली स्ट्राइक रेट से 131 रन बनाए थे।

Shubman Gill: टी20 टीम में हो सकती है शुभमन गिल की वापसी! रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा

भारतीय टीम अपने टी20 इंटरनेशनल अभियान की शुरुआत 26 जून से आयरलैंड के खिलाफ होने वाली 2 मैचों की सीरीज से करेगी। इस सीरीज के साथ टीम एक नए दौर में प्रवेश कर रही है। टी20 टीम की कमान श्रेयस अय्यर के हाथों में है, इससे पहले टी20 की कमान सूर्यकुमार यादव के हाथों में थी। कप्तानी में बदलाव के बाद सभी की नजरें अय्यर के प्रदर्शन और नेतृत्व पर रहेंगी। वहीं टीम में शामिल 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी भी चर्चा में बने हुए हैं।

भारतीय टी20 टीम में ओपनिंग स्थान के लिए मुकाबला काफी दिलचस्प हो गया है। अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन और 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी दावेदारों में शामिल हैं। ऐसे में आने वाले मैचों में टीम का बल्लेबाजी कॉबिनेशन चर्चा का विषय रहेगा। इसी बीच खबर है कि शुभमन गिल की टी20 टीमें वापसी हो सकती है।

टी20 में हो सकती है वापसी

RevSportz की एक रिपोर्ट के अनुसार, “टी20 विश्व कप के बाद चयनकर्ताओं ने शुभमन गिल को दोबारा भारतीय टी20 टीम की योजनाओं में शामिल करने पर विचार किया था। रिपोर्ट में दावा किया कि, कप्तानी को लेकर भी गिल का नाम चर्चा में था, खासकर उस समय जब टीम नए नेतृत्व की तलाश कर रही थी। लेकिन अंत में कप्तानी की दौड़ मुख्य रूप से 2 खिलाड़ियों श्रेयस अय्यर और शुभमन गिल के बीच सिमट गई थी। वहीं टीम प्रबंधन का मानना था कि संजू सैमसन में भी कप्तानी संभालने की क्षमता और लीडरशीप के गुण मौजूद हैं।” सेलेक्टर्स ने श्रेयस अय्यर पर भरोसा जताया और उन्हें भारतीय टी20 टीम की कप्तानी सौंपने का फैसला किया।

ओलंपिक-टी20 विश्व कप है लक्ष्य

इससे पहले चीफ सिलेक्टर अजीत अगरकर ने टीम चयन के दौरान बताया था कि आईपीएल में श्रेयस का कप्तानी रिकॉर्ड और उनकी नेतृत्व क्षमता इस फैसले की बड़ी वजह रही। चयन समिति का मानना है कि बड़े टूर्नामेंटों में टीम को आगे ले जाने के लिए श्रेयस एक मजबूत विकल्प साबित हो सकते हैं। भारतीय टी20 टीम के सामने आने वाले वर्षों में कई बड़े लक्ष्य हैं। भारतीय टीम का नया टी20 सफर 2028 ओलंपिक और अगले टी20 विश्व कप को ध्यान में रखकर आगे बढ़ रहा है। इसी वजह से टीम प्रबंधन अभी से युवा खिलाड़ियों को तैयार करने और मजबूत टीम बनाने पर फोकस कर रहा है।

चयनकर्ताओं ने श्रेयस अय्यर पर भरोसा जताया और उन्हें कम से कम सितंबर-अक्टूबर में होने वाले एशियन गेम्स तक भारतीय टी20 टीम की कप्तानी सौंपने का फैसला किया।

ऑस्ट्रेलिया-न्यूजीलैंड परिस्थितियों में मिलेगी मदद

RevSportz की रिपोर्ट में ये भी कहा गया कि, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसी परिस्थितियों में जहां तेज गेंदबाजों को अधिक मदद मिलती है। ऐसी पिच पर भारतीय टीम को एक ऐसे बल्लेबाज की जरूरत पड़ सकती है जो पारी को संभालकर आगे बढ़ा सके। रिपोर्ट के मुताबिक, शुभमन गिल इस भूमिका के लिए उपयुक्त माने जा रहे हैं। फिलहाल टीम का पूरा फोकस नए कप्तान श्रेयस अय्यर पर है, जबकि सेलेक्टर्स को भविष्य के लिए मजबूत नेतृत्व योजना भी तैयार करनी होगी।

India vs England: इंग्लैंड सीरीज से शुरू होगा वर्ल्ड कप मिशन, BCCI ने शुरू की बड़ी तैयारी

भारत ने 2027 वनडे विश्व कप को ध्यान में रखते हुए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। टीम का लक्ष्य 16 साल बाद फिर से वनडे क्रिकेट की सबसे बड़ी ट्रॉफी अपने नाम करना है। पिछले साल 2023 में वर्ल्ड कप में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए लगातार जीत हासिल कर फाइनल तक का सफर तय किया था। टीम आखिरी फाइनल मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया से हार मिली थी। पिछले वनडे विश्व कप के फाइनल के बाद भारतीय क्रिकेट टीम में कई बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। टीम की कप्तानी अब रोहित शर्मा के बजाय शुभमन गिल के हाथों में है और नए दौर की शुरुआत हो चुकी है।

अब टीम मैनेजमैंट और खिलाड़ी का ध्यान 2027 में होने वाले वर्ल्ड कप जीतने पर है। बोर्ड के मुताबिक, टीम को मजबूत बनाने और बड़े टूर्नामेंट की तैयारी कराने के लिए लंबी अवधि की रणनीति बनाई जा रही है, ताकि भारत आगामी विश्व कप में बेहतर प्रदर्शन कर सके।

सैकिया ने क्या कहा

IANS के मुताबिक BCCI सेक्रेटरी देवजीत सैकिया ने बताया, “बीसीसीआई 2027 ODI वर्ल्ड कप के लिए एक साफ रास्ता प्लान कर रहा है। अभी से लेकर अक्टूबर 2027 में टूर्नामेंट शुरू होने तक हमारे पास काफी वनडे क्रिकेट खेलने का मौका मिलेगा। हमने इंग्लैंड में 14 से 19 जुलाई तक होने वाले तीन ODI मैचों के लिए टीम की घोषणा कर दी है।” इंग्लैंड दौरे पर 14 से 19 जुलाई के बीच खेले जाने वाले तीन वनडे मैचों के लिए भारतीय टीम का ऐलान भी किया जा चुका है। इससे खिलाड़ियों को बड़े टूर्नामेंट से पहले अपनी तैयारियों को मजबूत करने का मौका मिलेगा।

सभी आपस में बिठा रहे तालमेल

अफगानिस्तान के खिलाफ घरेलू सीरीज में खेल चुके यशस्वी जायसवाल, हर्ष दुबे और प्रिंस यादव इस बार टीम में अपनी जगह बनाने में सफल नहीं हो सके। सेलेक्टर्स के इस फैसले ने क्रिकेट प्रशंसकों के बीच चर्चा भी शुरू कर दी है। उन्होंने कहा, “सेलेक्टर्स, सपोर्ट स्टाफ और मुख्य कोच आपस में लगातार तालमेल बनाकर काम कर रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा, “सिलेक्टर्स सपोर्ट स्टाफ और हेड कोच के साथ हैं।”

अफगानिस्तान को किया 3-0 से क्लीन स्वीप

भारतीय टीम ने वनडे क्रिकेट के नए दौर की शुरुआत कर दी है और अब उसका पूरा ध्यान 2027 विश्व कप की तैयारियों पर है। इसी दिशा में इंग्लैंड के खिलाफ जुलाई में होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज को काफी अहम माना जा रहा है। शुभमन गिल की कप्तानी में टीम ने हाल में अफगानिस्तान को 3-0 से क्लीन स्वीप किया।

‘समय के साथ बनेंगे शानदार लीडर’, शुभमन गिल की कप्तानी को लेकर मनोज तिवारी ने दिया बड़ा बयान

भारत और अफगानिस्तान के बीच खेले गए 3 मैचों की वनडे सीरीज को भारत ने अपने नाम किया है। शुभमन गिल ने अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज में शानदार कप्तानी करते हुए अफगानिस्तान को 3-0 से क्लीन स्वीप किया। इसके साथ ही वह तीन मैचों की इस सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज भी रहे। वहीं रोहित शर्मा के बाद वनडे टीम की कमान मिलने के बाद से गिल पर बड़ी जिम्मेदारी आ गई है और अब सभी की नजर इस बात पर होगी कि वह टीम को किस तरह आगे लेकर जाते हैं।

पूर्व भारतीय क्रिकेटर मनोज तिवारी का मानना है कि शुभमन गिल के पास एक अच्छे कप्तान बनने की पूरी क्षमता है और लगातार कप्तानी करने से उनका नेतृत्व कौशल और बेहतर होगा। तिवारी के मुताबिक, गिल अभी कप्तानी के मामले में अनुभव हासिल कर रहे हैं, लेकिन समय के साथ वह एक मजबूत लीडर बन सकते हैं।

मनोज तिवारी ने क्या कहा

मनोज तिवारी ने क्रिकबज पर कहा, “ये सीरीज उनके लिए कप्तान के तौर पर अच्छी रही। वह जितनी ज्यादा सीरीज में कप्तानी करेंगे, उतने ही बेहतर होते जाएंगे। वह अभी जन्मजात लीडर नहीं हैं, लेकिन समय के साथ सीखेंगे। एक नैचुरली लीडर के लिए कई चीजें अपने आप आती हैं, जबकि शुभमन गिल जैसे खिलाड़ी एक्सपीरिएंस के साथ नेतृत्व करना सीखते हैं। इसलिए रोहित शर्मा, विराट कोहली और यहां तक कि केएल राहुल जैसे सीनियर खिलाड़ियों की सलाह उनके लिए काफी अहम होगी।”**

उन्होंने आगे कहा, “कप्तानी के दौरान जो गलतियां उन्होंने की हैं, उनसे वह सीखेंगे और उन्हें दोहराने की कोशिश नहीं करेंगे। इसके अलावा, जब टीम में इतने अनुभवी और बेहतरीन खिलाड़ी मौजूद हों, तो कप्तान पर दबाव भी काफी हद तक कम हो जाता है।”

भारत ने अफगानिस्तान को 9 विकेट से हराया

अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे और अंतिम वनडे में भारतीय बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम को बड़ी जीत दिलाई। अफगानिस्तान द्वारा दिया गया 219 रन का लक्ष्य भारतीय बल्लेबाजों के लिए ज्यादा मुश्किल साबित नहीं हुआ। भारत ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 29 ओवर के भीतर ही लक्ष्य हासिल कर लिया और मुकाबला एकतरफा बना दिया। अफगानिस्तान के कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी का शानदार शतक भी टीम को हार से नहीं बचा सका।

वहीं, यशस्वी जायसवाल ने नाबाद 110 रन की बेहतरीन पारी खेली, जबकि रोहित शर्मा ने 79 रन बनाकर उनका अच्छा साथ दिया। दोनों बल्लेबाजों की दमदार बल्लेबाजी के दम पर भारत ने लक्ष्य को आसानी से हासिल कर लिया और मुकाबला नौ विकेट से जीत लिया। भारत ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 29 ओवर के अंदर ही टारगेट हासिल कर लिया। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने तीन मैचों की वनडे सीरीज में अफगानिस्तान का 3-0 से पूरी तरह सफाया कर दिया।

IND vs AFG: भारत का अफगानिस्तान पर 3-0 से क्लीन स्वीप, शुभमन गिल की कप्तानी में जीती पहली वनडे सीरीज

IND vs AFG: भारत और अफगानिस्तान के बीच खेले गए 3 मैचों की वनडे सीरीज को भारत ने अपने नाम किया है। टीम इंडिया ने अफगानिस्तान को 9 विकेट से हराकर तीन मैचों की वनडे सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप कर दिया। बतौर कप्तान शुभमन गिल ने पहली बार किसी वनडे सीरीज में जीत हासिल की है। चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में भारतीय टीम ने अफगानिस्तान पर पूरी तरह दबदबा बनाए रखा। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी अफगानिस्तान की टीम बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर सकी और 218 रन पर सिमट गई।

219 रन के आसान टारगेट का पीछा करते हुए भारत ने शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया और 28.4 ओवर में सिर्फ एक विकेट खोकर 224 रन बनाते हुए मैच अपने नाम कर लिया। अफगानिस्तान के लिए हश्मतुल्लाह शाहिदी ने 102 रन की बेहतरीन पारी खेली, लेकिन उनकी यह कोशिश टीम को हार से नहीं बचा सकी। भारत की जीत की नींव यशस्वी जायसवाल के दूसरे वनडे शतक और रोहित शर्मा के साथ उनकी शानदार ओपनिंग साझेदारी ने रखी।

भारत की शानदार बल्लेबाजी

टारगेट का पीछा करने आई भारत की टीम को रोहित शर्मा और यशस्वी जायसवाल ने टीम को शानदार शुरुआत दिलाई। रोहित ने शुरुआत में थोड़ा संभलकर बल्लेबाजी की, लेकिन जल्द ही अपने पुराने अंदाज में नजर आए और बेहतरीन शॉट्स लगाए। उन्होंने राशिद खान की गेंद पर शानदार छक्का जड़कर अपना आत्मविश्वास दिखाया। वहीं, जायसवाल ने पहले ही ओवर से आक्रामक रुख अपनाया और अजमतुल्लाह उमरजई के ओवर में लगातार चौके लगाकर विपक्षी टीम पर दबाव बना दिया। उस ओवर में मिले पेनल्टी रन के साथ भारत ने तेजी से स्कोर आगे बढ़ाया और मजबूत शुरुआत हासिल की। रोहित शर्मा और यशस्वी जायसवाल ने पहले विकेट के लिए सिर्फ 22.5 ओवर में 170 रन की शानदार पार्टनरशिप की।

भारतीय गेंदबाजों का प्रदर्शन

इससे पहले भारतीय तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा ने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए अफगानिस्तान की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। उनकी सटीक गेंदों के सामने अफगान टीम ने महज 36 रन के भीतर अपने चार अहम विकेट गंवा दिए। मुश्किल हालात में कप्तान हश्मतुल्लाह शाहिदी ने जिम्मेदारी संभाली और धैर्य के साथ शानदार शतक लगाया। उन्होंने 131 गेंदों में 102 रन की पारी खेलकर टीम को संभाला और अफगानिस्तान को 218 रन के सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।