Top News 30 July: सुप्रीम कोर्ट में पैलेट गन पर सुनवाई, 3 राज्यों में उपचुनाव की वोटिंग, कांवड़ यात्रा शुरू

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Top News 30 July : पैलेट गन पर रोक के मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई। बांकीपुर, दतिया और मांजलपुर में विधानसभा उपचुनावों के लिए मतदान जारी है। श्रावण मास की शुरुआत के साथ ही आज से देशभर में कांवड़ यात्रा भी शुरू हो गई। US फेड ने ब्याज दरें नहीं बदलीं। पल पल की जानकारी…

 

पैलेट गन मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

पैलेट गन पर रोक के मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई। 20 जुलाई के प्रदर्शन में घायल 3 लोगों ने याचिका लगाकर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पैलेट गन के इस्तेमाल पर रोक की मांग की। उन्होंने कहा कि बिना वजह जवानों ने फायरिंग की।

 

बांकीपुर, दतिया और मांजलपुर में मतदान

बिहार के बांकीपुर, मध्य प्रदेश के दतिया और गुजरात के मांजलपुर में विधानसभा उपचुनावों के लिए मतदान जारी है। तीनों ही सीटों पर शाम 6 बजे तक वोट डाले जाएंगे। 3 अगस्त को मतगणना कर परिणाम घोषित किए जाएंगे। तीनों ही सीटों पर भाजपा की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है।

 

सावन मास और कांवड़ यात्रा की शुरुआत

सावन (श्रावण) मास की शुरुआत के साथ ही आज से देशभर में कांवड़ यात्रा भी शुरू हो गई। शिव जी की पूजा और उपासना के लिए शिव मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और मध्यप्रदेश समेत कई राज्यों में कांवड़ यात्रा को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। ALSO READ: सावन का पहला सोमवार कब है? जानें पूजा का शुभ मुहूर्त, विधि और 5 खास उपाय

 

US फेड ने ब्याज दरें नहीं बदलीं

फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरें 3.50% से 3.75% के दायरे में स्थिर रखने का फैसला लिया है। बैठक के दौरान मौजूदा मुद्रास्फीति पर चिंता भी जताई गई। फेड अध्यक्ष नियुक्त किए गए केविन वॉर्श ट्रंप के विश्वासपात्र माने जाते हैं। 

 

नितेश तिवारी की रामायण का ट्रेलर रिलीज

30 जुलाई की सुबह ‘रामायण’ का ट्रेलर लॉन्च कर दिया। लगभग 4 मिनट के इस ट्रेलर में यश, रणबीर कपूर, साई पल्लवी, रवि दुबे, अरुण गोविल, लारा दत्ता, रकुल प्रीत सिंह और विवेक ओबेरॉय समेत अधिकतर कलाकार नजर आए।

CM योगी का बड़ा बयान, सनातन संस्कृति को खत्म करना चाहती हैं कुछ ताकतें, भारत विरोधी साजिशों से किया आगाह

गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नागरिकों का आह्वान किया है कि वे देश की प्रगति यात्रा में बाधा उत्पन्न करने वालों से सतर्क रहें। उन्होंने कहा कि हम सभी को भारत के खिलाफ होने वाली साजिशों को समझना होगा। कुछ ताकतें भारत की प्रगति यात्रा, सनातन संस्कृति एवं परंपरा को तबाह करना चाहती हैं। अपने ही समाज में कालनेमि का रूप धारण कर बैठे देशविरोधी षड्यंत्रकारियों से हम अनभिज्ञ बने रहेंगे तो अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी मारने जैसी स्थिति होगी। 

 

सीएम योगी बुधवार को गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर गोरखनाथ मंदिर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन में विगत 23 जुलाई से चल रही श्रीराम कथा के विश्राम सत्र और गुरु पूर्णिमा महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। गोरक्षपीठ के ब्रह्मलीन महंतद्वय दिग्विजयनाथ जी महाराज एवं महंत अवेद्यनाथ जी महाराज के चित्रों पर पुष्पार्चन करने तथा व्यासपीठ का पूजन करने के उपरांत मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे ही समाज के कुछ लोग दुनिया की उन ताकतों के प्रवक्ता बने हुए हैं, जो सनातन संस्कृति पर आघात करने में लगी हुई हैं। समाज ऐसी ताकतों व उनके प्रवक्ताओं से सतर्क रहकर अपने परिमार्जन के लिए तैयार रहेगा, तो सुखी रहेगा। समाज सुखी रहेगा तो राष्ट्र को समृद्धि के पथ पर अग्रसर होने से कोई नहीं रोक पाएगा। 

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत 12 वर्षों से तीव्र प्रगति कर रहा भारत अगले दो तीन सालों में दुनिया के तीन शीर्ष देशों में सम्मिलित हो जाएगा। अपनी प्रगति यात्रा में भारत ने जिन्हें पछाड़ा, उन्हें अच्छा न लगना स्वाभाविक है। कई ताकतों को भारत की प्रगति अच्छी नहीं लगती। ऐसी ताकतों ने देश में अस्थिरता, अशांति और अव्यवस्था फैलाने की साजिश शुरू कर दी है। 

 

नक्सलवाद समाप्त तो चैन से कैसे बैठेंगे इसे प्रेरित करने वाले

सीएम योगी ने कहा कि 12 वर्ष पूर्व देश के 120 जिलों में नक्सलवाद था। आज एक भी जिले में नक्सलवाद नहीं है। ऐसे में नक्सलवाद को प्रेरित एवं प्रोत्साहित करने वाले चैन से बैठने के बजाय दूसरे रूप में और छद्म नामों से आएंगे। मुख्यमंत्री ने रामायण कालखंड में हनुमानजी की राह रोकने वाले कालनेमि का उदाहरण देते हुए समझाया कि वर्तमान दौर के कालनेमियों से सबको सावधान रहना होगा। ऐसे लोगों से सतर्क रहना होगा जो भारत के खिलाफ षड्यंत्र में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से भागीदार रहते हैं। समाज को एकजुट होकर हुंकार भरनी होगी कि हम देश के खिलाफ किसी भी षड्यंत्र को स्वीकार नहीं करेंगे।

 

बड़ी यात्रा में आने लगती हैं चुनौतियां

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत जब भी अपनी एक बड़ी यात्रा पर होता है तो बड़ी चुनातियों का आना भी शुरू हो जाता है। जब श्रीराम का राजतिलक होना था तो परिवार में फूट डालकर उन्हें वनवास दे दिया गया। वनवास से लौटकर जब उन्होंने रामराज्य की स्थापना की तो माता जानकी को वनवास के लिए जाना पड़ा। महाभारत कालखंड में जब इंद्रप्रस्थ अपने वैभव पर था, तब महाभारत का शंखनाद हो गया। भारत के स्वर्णयुग में भी ऐसी स्थिति आई। चंद्रगुप्त और चाणक्य की जोड़ी के समय विश्व की 45 प्रतिशत अर्थव्यवस्था पर भारत का कब्जा था। जब हम मुग्ध हो जाते हैं तो कुछ ऐसे लोग सक्रिय हो जाते हैं, जो खुरपेंच में विश्वास करते हैं। उनका प्रयास व्यवस्था को छिन्नभिन्न करने का होता है। हमें प्रगति पर मुग्ध होने से बचना होगा, व्यवस्था को छिन्नभिन्न करने वालों से सतर्क रहना होगा।

 

सनातन की पावन धारा में आ जाते हैं विषधर

मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन की पावन धारा में हर मत, संप्रदाय को संरक्षण मिलता है। इसमें कुछ विषधर आकर इसे डंसने का प्रयास करते हैं। सनातन संस्कृति व परंपरा पर आघात कर भारत को अस्थिर करने वाले प्रयासों के खिलाफ हमें जागरूक होना होगा। इसमें सिर्फ स्कूली शिक्षक ही नहीं, बल्कि गुरु के रूप में रहने वाले हर व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करना होगा।

 

मातृशक्ति व मातृभूमि का अपमान करने वाले कठोर दंड के पात्र

सीएम योगी ने कहा कि इस देश में कई सारे लोग पश्चिम की हवा में बह गए हैं। वे दुर्गा पूजा के समय राक्षस चण्ड-मुण्ड की पूजा करेंगे। जेएनयू में उन्हें महिमामंडित करने का प्रयास करेंगे। सनातन पर्वों के आयोजनों में व्यवधान उत्पन्न करने का प्रयास करेंगे।

Ranbir Kapoor-Yash: ‘पूकी गर्ल डैड…’, रणबीर कपूर- यश ने ‘रामायणम्’ के प्रमोशन के दौरान कलरिंग सेशन में लिया हिस्सा

Ranbir Kapoor-Yash: सैन डिएगो कॉमिक-कॉन में एक कलरिंग चैलेंज के दौरान रणबीर कपूर और यश ने फैंस का ध्यान अपनी ओर खींचा, जिसमें उन्होंने रामायण के किरदारों की आर्ट बनाकर उसमें रंग भी भरे। इस साल की सबसे ज़्यादा इंतजार की जाने वाली फिल्मों में से एक है नितेश तिवारी की ‘रामायणम्’। फ़िल्म की टीम हाल ही में सैन डिएगो कॉमिक-कॉन में शामिल हुई, जहाँ उन्होंने एक पैनल डिस्कशन के साथ फ़िल्म के प्रमोशन कैंपेन की शुरुआत की और उसके बाद कई इंटरव्यू दिए।

इस क्लिप में, जब नितेश रामायण के बारे में बात कर रहे थे, तो रणबीर कपूर और यश बच्चों जैसे उत्साह के साथ अपनी तस्वीरों में रंग भरते हुए दिखे। जहा यश ने ध्यान से रावण के स्केच में रंग भरा, वहीं रणबीर भगवान राम की तस्वीर में रंग भरने पर ध्यान देते रहे। चल रही बातचीत से बेपरवाह, दोनों अपनी ड्राइंग में मगन दिख रहे हैं। यह एक बहुत ही प्यारा पल था, जिसने जल्द ही ऑनलाइन लोगों का दिल जीत लिया।

वीडियो शेयर करते हुए एक फैन ने लिखा, “इन प्यारी बच्चियों के पापा से मिलिए। दोनों ड्राइंग में कितने मगन हैं?” एक और ने कमेंट किया, “जैसे रामा और रावण किसी दूसरी दुनिया में ऐसा कर रहे हों।” तीसरे ने लिखा, “वे प्यारे बच्चों जैसे लग रहे हैं।” एक और फैन ने कहा, “आर्या और राहा बहुत लकी हैं।” एक कमेंट था, “यह बहुत प्यारा है।” एक और यूजर ने कहा, “यह जानकर बहुत अच्छा लगा कि दोनों की बेटियां हैं और शायद उन्होंने उनके साथ भी ऐसा ही किया होगा।” एक और फैन ने कमेंट किया, “ओह माय गॉड, यह बहुत प्यारा है!!!! जब ढेर सारे रंग मिलते हैं तो हर किसी के अंदर का बच्चा बाहर आ जाता है। हाहा। यह बहुत प्यारा है! मुझे इसे देखना बहुत अच्छा लगा।”

नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही ‘रामायण’ एक दो-भागों वाली महाकाव्य फिल्म है। इसमें रणबीर कपूर भगवान राम, यश रावण, साई पल्लवी सीता, रवि दुबे लक्ष्मण और सनी देओल भगवान हनुमान की भूमिका में हैं। इनके अलावा लारा दत्ता, विवेक ओबेरॉय, अरुण गोविल, रकुल प्रीत सिंह और कुणाल कपूर भी अहम भूमिकाओं में हैं। यह भारतीय सिनेमा की सबसे महत्वाकांक्षी और महंगी फ़िल्मों में से एक है, जिसका बजट 4,000 करोड़ बताया जा रहा है। इसका पहला भाग दिवाली 2026 में रिलीज होने वाला है।

फैन्स फिल्म के ट्रेलर का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे थे, जिसे पहले शुक्रवार को रिलीज किया जाना था। हालांकि, प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा ​​ने घोषणा की कि इसके लॉन्च को अनिश्चित काल के लिए टाल दिया गया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “आज हमारी रामायण के लिए एक बहुत ही खास पल है। सोनी पिक्चर्स एंटरटेनमेंट के साथ हमारी पार्टनरशिप से रामायण को दुनिया तक पहुंचाने का मेरा सपना अब सच हो रहा है। इसे देखते हुए, हम अपना ट्रेलर बाद में किसी तारीख़ पर दुनिया भर में लॉन्च करेंगे।”

एक दूसरे इंटरव्यू में फ़िल्म के बारे में बात करते हुए नितेश ने कहा, “रामायण एक सीधी कहानी है, और जहां हम इसे पहले पार्ट में खत्म करते हैं, उसे आप ‘क्लिफ़हैंगर’ कह सकते हैं। यह ऐसी चीज है जो लोगों को थिएटर से निकलते ही दूसरा पार्ट देखने के लिए उत्सुक कर देगी। यह एक ऐसी कहानी है जिसके लिए दो पार्ट जरूरी हैं। इसे एक पार्ट में नहीं बताया जा सकता, और हमने तय किया कि पहले पार्ट को खत्म करने के लिए शायद यही सबसे सही मोड़ होगा, और बाकी कहानी दूसरे पार्ट के लिए छोड़ दी जाएगी।”

Ranbir Kapoor: ‘धूम 4’ में कास्टिंग की खबरों पर रणबीर कपूर ने तोड़ी चुप्पी, बोले- ‘लव एंड वॉर’ प्रायोरटी

Ranbir Kapoor: रणबीर कपूर ने आखिरकार ‘धूम 4’ से अपने जुड़ने की लंबे समय से चल रही अटकलों पर बात की है। यश राज फिल्म्स की एक्शन फ़्रैंचाइज़ी के नए चेहरे के तौर पर बार-बार सामने आ रहे इस एक्टर ने साफ किया है कि यह प्रोजेक्ट उनकी कन्फर्म फिल्मों की लिस्ट का हिस्सा नहीं है।

यह बयान रणबीर के सैन डिएगो कॉमिक-कॉन में शामिल होने के दौरान आया, जहां वह डायरेक्टर नितेश तिवारी, प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा ​​और को-स्टार यश के साथ ‘रामायण’ को प्रमोट कर रहे थे। इवेंट के दौरान ‘रिव्यू नेशन’ के साथ एक इंटरव्यू में, होस्ट ने रणबीर और यश दोनों की आने वाली फिल्मों के बारे में बात की। जहां ‘रामायण’ के साथ यश की फिल्म ‘टॉक्सिक ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ का जिक्र हुआ, वहीं होस्ट ने ‘धूम 4’ को रणबीर के अगले प्रोजेक्ट्स में से एक बताया।

रणबीर ने अपनी मौजूदा फ़िल्मों की लिस्ट में से सिर्फ दो फिल्मों का नाम लिया। उन्होंने कहा, “नहीं, अभी मैं ‘रामायण’ और ‘लव एंड वॉर’ नाम की एक और फ़िल्म पर काम कर रहा हूं। इसे संजय भंसाली डायरेक्ट कर रहे हैं। यह फिल्म अगले साल 24 जनवरी को रिलीज होगी।”

उनके जवाब से ऐसा लगता है कि ‘धूम’ फ़्रैंचाइज़ी की चौथी फिल्म साइन करने की खबरों पर रोक लग गई है। यश राज फिल्म्स ने भी फ़िल्म, उसके डायरेक्टर या कास्ट के बारे में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। खास बात यह है कि रणबीर ने अपनी आने वाली फिल्मों के बारे में बात करते हुए संदीप रेड्डी वांगा की 2023 की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘एनिमल’ के सीक्वल ‘एनिमल पार्क’ का जिक्र नहीं किया।

रणबीर के ‘धूम 4’ में शामिल होने की खबरें कई सालों से चल रही हैं। 2024 में, पिंकविला की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि प्रोड्यूसर आदित्य चोपड़ा उन्हें फ़्रैंचाइजी को आगे बढ़ाने के लिए सही एक्टर मानते हैं और इस बारे में शुरुआती बातचीत भी हुई थी।

उसी दौरान, हेयरस्टाइलिस्ट आलिम हकीम ने रणबीर की नई लुक वाली तस्वीरें शेयर कीं। इन तस्वीरों से यह अटकलें लगने लगीं कि यह बदलाव या तो ‘धूम 4’ के लिए था या ‘एनिमल पार्क’ के लिए। 2025 में इन अफ़वाहों को और बल मिला जब एक और रिपोर्ट में कहा गया कि विक्की कौशल भी इस फ़िल्म से जुड़ सकते हैं। कास्टिंग से जुड़े इन दावों में से किसी की भी यश राज फ़िल्म्स ने पुष्टि नहीं की है।

इस फ्रैंचाइजी की शुरुआत 2004 में ‘धूम’ से हुई थी, जिसमें अभिषेक बच्चन, उदय चोपड़ा और जॉन अब्राहम ने काम किया था। इसकी सफलता के बाद 2006 में ‘धूम 2’ आई, जिसमें ऋतिक रोशन और ऐश्वर्या राय भी शामिल हुए। इस सीरीज की सबसे हालिया फिल्म ‘धूम 3’ 2013 में रिलीज हुई थी, जिसमें आमिर खान और कैटरीना कैफ ने काम किया था।

दर्शकों की लगातार दिलचस्पी के बावजूद, स्टूडियो ने अभी तक अगले भाग के बारे में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। फिलहाल, रणबीर का पूरा ध्यान ‘रामायण’ और संजय लीला भंसाली की ‘लव एंड वॉर’ पर है।

योगी सरकार की बड़ी उपलब्धि, यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल हुआ सारनाथ

Sarnath included in UNESCO World Heritage List

– यूपी की बौद्ध विरासत को मिली वैश्विक पहचान, बौद्ध स्थली सारनाथ बना चौथा यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल

– 28 वर्षों के इंतजार के बाद सारनाथ को मिला यूनेस्को विश्व धरोहर का दर्जा, बना देश का 45वां विश्व धरोहर स्थल

– आगरा से आगे बढ़ा उत्तर प्रदेश का यूनेस्को विरासत मानचित्र, वैश्विक पहचान में शामिल हुई बौद्ध धरोहर

– यूनेस्को की मान्यता गौरवपूर्ण उपलब्धि,उत्तर प्रदेश के बौद्ध सर्किट को मिलेगी नई वैश्विक गतिः जयवीर सिंह

Sarnath Uttar Pradesh News : लगभग 28 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद भगवान बुद्ध की प्रथम धर्मदेशना स्थली सारनाथ को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में स्थान मिल गया है। योगी सरकार के प्रयास रंग लाए और अब सारनाथ भारत का 45वां और उत्तर प्रदेश का चौथा विश्व धरोहर स्थल बन गया है। दक्षिण कोरिया के बुसान शहर में आयोजित यूनेस्को की विश्व धरोहर समिति के 48वें सत्र में शनिवार को यह ऐतिहासिक घोषणा की गई। इस उपलब्धि के साथ बौद्ध धर्म के सबसे पवित्र स्थलों में शामिल सारनाथ को वैश्विक विरासत के सर्वोच्च मंच पर नई पहचान मिली है। वहीं उत्तर प्रदेश के बौद्ध सर्किट को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत के मानचित्र पर नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
 

उल्लेखनीय है कि सारनाथ को 3 जुलाई 1998 को यूनेस्को की टेंटेटिव लिस्ट (संभावित सूची) में शामिल किया गया था। ऐसे में, लगभग 28 वर्षों बाद मिली यह मान्यता उत्तर प्रदेश के लिए भी विशेष महत्व रखती है। अब तक राज्य के तीनों विश्व धरोहर स्थल- ताजमहल, आगरा किला और फतेहपुर सीकरी (आगरा क्षेत्र) तक सीमित थे। मगर, योगी सरकार के प्रयासों से सारनाथ भी इस लिस्ट में शामिल हो गया है। इससे उत्तर प्रदेश की विश्व धरोहर पहचान अब पूर्वांचल तक विस्तृत हो गई है। इस कदम से राज्य की समृद्ध बौद्ध विरासत को वैश्विक मान्यता मिली है।

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चौखंडी और धामेक स्तूप

यूनेस्को द्वारा मान्यता प्राप्त इस विश्व धरोहर संपत्ति में चौखंडी स्तूप और सारनाथ के पुरातात्विक अवशेष शामिल हैं। ये दोनों स्थल एक-दूसरे से लगभग 626 मीटर की दूरी पर हैं। चौखंडी स्तूप भगवान बुद्ध और उनके पांच प्रथम शिष्यों के मिलन की स्मृति का प्रतीक है, जबकि पुरातात्विक परिसर में धामेक स्तूप, धर्मराजिका स्तूप, प्राचीन विहारों के अवशेष तथा अशोक स्तंभ जैसे महत्वपूर्ण स्मारक शामिल हैं। ये सभी मिलकर सारनाथ के विश्व के प्रमुख बौद्ध आस्था और ज्ञान केंद्र के रूप में हुए विकास की ऐतिहासिक यात्रा को दर्शाते हैं।

 

बौद्ध धर्म सारनाथ क्यों महत्वपूर्ण?

सारनाथ, वह पावन धरती है जहां भगवान बुद्ध ने ज्ञान प्राप्ति के बाद मानवता को अपना प्रथम उपदेश देकर 'धर्मचक्र प्रवर्तन' का शुभारंभ किया था। योगी सरकार के प्रयास से अब यह विश्व धरोहर के रूप में विशिष्ट पहचान प्राप्त कर चुका है। बौद्ध धर्म के सबसे पवित्र तीर्थस्थलों में शामिल सारनाथ को प्राचीन बौद्ध ग्रंथों में 'ऋषिपत्तन' के नाम से वर्णित किया गया है।

यही वह ऐतिहासिक स्थल है जहां भगवान बुद्ध ने अपने पहले पांच शिष्यों को धर्म का उपदेश देकर करुणा, शांति और मध्यम मार्ग का संदेश समस्त मानवता तक पहुंचाया। आज यह गौरवशाली विरासत वैश्विक मंच पर और अधिक प्रतिष्ठित हो गई है। उल्लेखनीय है कि करीब 2600 वर्षों से सारनाथ बौद्ध आस्था और तीर्थ परंपरा का प्रमुख केंद्र रहा है। यह स्थल आज भी बौद्ध मठ जीवन, प्राचीन स्थापत्य और समृद्ध कला विरासत का साक्षी है।

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28 वर्षों की प्रतीक्षा का प्रतिफल : जयवीर सिंह

योगी सरकार के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने इसे उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि 'यह सम्मान प्रदेश की बहुआयामी सांस्कृतिक और सभ्यतागत धरोहर को राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर स्थापित करने के सतत प्रयासों का परिणाम है।

उन्होंने आगे कहा, भगवान बुद्ध और रामायण की पावन भूमि उत्तर प्रदेश जैन, सूफी तथा अन्य आध्यात्मिक परंपराओं की भी समृद्ध विरासत समेटे हुए है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार ने सभी आस्था और विरासत स्थलों के संरक्षण एवं विकास को समान प्राथमिकता दी है।
 

जयवीर सिंह ने ये भी कहा कि 28 वर्षों की प्रतीक्षा के बाद सारनाथ को मिला यूनेस्को विश्व धरोहर का दर्जा ऐतिहासिक उपलब्धि है। इससे उत्तर प्रदेश के बौद्ध सर्किट को वैश्विक स्तर पर नई पहचान और गति मिलेगी। साथ ही, प्रदेश का शांति, आध्यात्मिकता और सांस्कृतिक समावेशिता का संदेश दुनिया के अधिक व्यापक समुदाय तक पहुंचेगा।'

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'सारनाथ की पहचान स्मारकों से आगे'

सारनाथ के यूनेस्को नामांकन की तैयारी में अहम भूमिका निभाने वाली संरक्षण वास्तु विशेषज्ञ आभा नारायण लांबा ने कहा कि 'सारनाथ की पहचान केवल इसके स्मारकों तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार, यही वह पावन स्थली है जहां भगवान बुद्ध ने प्रथम धर्मदेशना दी, बौद्ध संघ की स्थापना हुई और बौद्ध स्थापत्य की प्रारंभिक परंपराओं का विकास हुआ। उन्होंने कहा कि लगभग ढाई हजार वर्षों से यहां बौद्ध तीर्थ परंपरा जीवित है, जो समग्र सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत सारनाथ को विश्व धरोहर के रूप में विशिष्ट बनाती है।'

 

हमारे सतत प्रयासों का परिणाम : अमृत अभिजात

पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने कहा कि 'सारनाथ का यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल होना उत्तर प्रदेश के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने इसे योगी सरकार के पर्यटन स्थलों को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए किए जा रहे सतत प्रयासों का परिणाम बताया।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को बौद्ध तीर्थाटन के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने में सारनाथ की हमेशा केंद्रीय भूमिका रही है। राज्य सरकार ने बौद्ध सर्किट को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर लगातार प्रमुखता से प्रस्तुत किया है। इसके लिए फैम ट्रिप (फैमिलियराइजेशन ट्रिप), ट्रैवल ट्रेड सहभागिता, बौद्ध उत्सवों के आयोजन तथा पर्यटक सुविधाओं के विकास पर विशेष बल दिया गया।

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अमृत अभिजात ने आगे कहा कि अक्टूबर 2025 में लखनऊ को यूनेस्को की 'क्रिएटिव सिटी ऑफ गैस्ट्रोनॉमी' की मान्यता मिलना भी प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान का प्रमाण है। अब सारनाथ को मिली विश्व धरोहर की मान्यता विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ाने, उनके प्रवास अवधि को विस्तार तथा उन्हें उत्तर प्रदेश के व्यापक बौद्ध सर्किट से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

Manoj Muntashir: ‘मुझे शर्म आ रही है, यह मेरी जिंदगी की सबसे बड़ी गलती थी’, आदिपुरुष पर बोले मनोज मुंतशिर

Manoj Muntashir: ‘आदिपुरुष’ के सिनेमाघरों में आने के तीन साल बाद, फिल्म के डायलॉग लिखने वाले मनोज मुंतशिर ने ओम राउत के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म को अपनी जिंदगी की ‘सबसे बड़ी गलती’ बताया है। हाल ही में एक इंटरव्यू में, मुंतशिर ने प्रभास और कृति सेनन स्टारर इस फिल्म को लेकर हुए विरोध को याद किया और माना कि उन्हें इस पर ‘शर्म’ आती है।

मनोज ने ‘टाइम्स नाउ’ से कहा, “शुरुआत में, मैंने इसे ज़्यादा गंभीरता से नहीं लिया था। मुझे बात समझने में दो दिन लग गए। ‘आदिपुरुष’ मेरी ज़िंदगी की सबसे बड़ी गलती थी और उस फिल्म का बचाव करना उससे भी बड़ी गलती थी। फिल्म को लेकर जो कुछ भी हुआ, उसके लिए मुझे बहुत शर्मिंदगी है और जो कुछ हुआ, उसके लिए मैं देश से माफ़ी मांगता हूं।”

लेखक ने फ़िल्म के डायलॉग्स की आलोचना पर भी बात की और कहा, “अब जब मैं पीछे मुड़कर देखता हूं, तो मुझे शर्म आती है कि मैंने वे डायलॉग लिखे थे। मुझे नहीं पता कि मैंने किस ट्रिप के दौरान उन्हें लिखा था।”आदिपुरुष जून 2023 में रिलीज़ हुई थी। यह फ़िल्म हिंदू पौराणिक महाकाव्य रामायण पर आधारित है।

हालांकि, रिलीज़ के बाद, महाकाव्य को गलत तरीके से दिखाने के आरोप में दर्शकों ने फ़िल्म की कड़ी आलोचना की। लोगों ने फ़िल्म के डायलॉग और रावण व भगवान हनुमान के चित्रण पर निराशा जताई। भले ही मेकर्स ने विवादित डायलॉग ‘कपड़ा तेरे बाप का’ को बदल दिया, लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ। ओम राउत के निर्देशन में बनी इस फ़िल्म के CBFC सर्टिफ़िकेशन को रद्द करने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका भी दायर की गई थी। हालांकि, शीर्ष अदालत ने इसे खारिज कर दिया।

इससे पहले, फ़िल्म में सीता का किरदार निभाने वाली कृति सेनन ने बताया था कि दर्शकों की आलोचना के बाद उन्हें ‘बहुत दुख’ हुआ था। इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार कृति ने कहा, “आपको बहुत दुख होता है और आपकी आंखों में आंसू भी आ सकते हैं, आप सोचते हैं कि क्या गलत हो गया।”

उन्होंने आगे कहा, “मकसद कभी किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं होता। हर प्रोजेक्ट के पीछे की मंशा हमेशा सकारात्मक होती है। हालांकि, हमें इस सच्चाई का सामना करना होगा कि कभी-कभी चीज़ें वैसी नहीं होतीं जैसी हम चाहते हैं, और ऐसे अनुभवों से सीखना ज़रूरी है।”

क्रिस्टोफ़र नोलन की ‘द ओडिसी’ : होमर के महाकाव्य की उदास सिनेमाई पुनर्रचना

The Odyssey

एक राजा और महानायक होते हुए भी ओडिसस की ज़िंदगी कोई जश्न नहीं है, बल्कि एक लंबा इंतज़ार, एक बेबसी और ज़िंदगी के आख़िर में पसरा हुआ एक अंतहीन सन्नाटा है। यह एक ऐसे दुख की किरच के साथ घर लौटने की कहानी है, जिसके अंत में यही अर्थ मिलता है कि अंततः ज़िंदगी का कोई अर्थ नहीं। फिर वह ज़िंदगी स्वयं महाकवि होमर के ओडिसस की ही क्यों न हो।

इस फ़िल्म को देखते हुए बार-बार मुझे यह अहसास होता रहा कि ज़िंदगी और समंदर एक ही चीज़ हैं। ज़िंदगी बार-बार समंदर की तरह उफनती है, स्थिर होती है और फिर किसी अंतहीन गहराई की तरह पसर जाती है। इस गहराई का दूर-दूर तक कोई अर्थ नहीं, सिवाय इसके कि वह बस हमारी आँखों के सामने कभी बेसाख़्ता, तो कभी बेतरतीब-सी फैली रहती है—अपने अनंत और विराट विस्तार में फैले नीले समंदर की तरह।

न जाने क्यों, मुझे ‘द ओडिसी’ की कहानी में मुख्य किरदार (प्रोटैगोनिस्ट) समंदर लगता है। उसकी आवाज़, उसका मौन, उसकी गहराई, उसकी आत्मीयता और उसका विद्रोह। दूर तक फैले इस बे-शक्ल पानी में कितना कुछ है, जबकि असल में कुछ भी नहीं।

निर्देशक क्रिस्टोफ़र नोलन का ओडिसस भी समंदर की तरह अपनी गहराई, अपने अकेलेपन, अपनी विफलता और अपनी अंतहीन निरर्थकता के बीच अपनी ज़िंदगी के दस साल गुज़ारता है। वह कई बार एक ऐसे योद्धा की तरह नज़र आता है, जो लहरों के ख़िलाफ़ लड़ना चाहता है; तो कई जगह एक उलझा हुआ आदमी दिखाई देता है।
हालाँकि ट्रॉय के युद्ध के बाद इथाका के राजा ओडिसस के पास घर लौटने का एक मक़सद है। उसकी स्मृति में इंतज़ार करती हुई एक औरत है, जो उसकी पत्नी है। उसका एक मृतप्रायः कुत्ता भी इसलिए इंतज़ार कर रहा है कि जब ओडिसस लौटेगा, तभी वह मरेगा। और ऐसा ही होता है। ओडिसस के आते ही कुत्ता मर जाता है।
ओडिसस की वफ़ादार और बेहद ख़ूबसूरत पत्नी पेनेलोप उसका इंतज़ार कर रही है। वह ओडिसस के लिए अपनी ज़िंदगी बर्बाद कर देने को तैयार है।

मैं हैरान हूँ। इस ख़ूबसूरत औरत को देखते हुए दृश्य नहीं, बल्कि पंक्तियाँ याद आती हैं। एक पंक्ति याद आती है—Waiting is the most intense way of living.

क्रिस्टोफ़र नोलन की फ़िल्म ‘द ओडिसी’ मानो समंदर पर लिखी हुई कोई उदास कविता हो।

यही वजह है कि ‘द ओडिसी’ में मुझे युद्ध के साथ-साथ प्रेम और इंतज़ार भी दो बड़े तत्त्व महसूस होते हैं। हालाँकि ‘द ओडिसी’ में भावनाओं का ट्रीटमेंट कुछ टूटा, खोया और दरका हुआ-सा है। मैं एक बार भी किसी दृश्य या किसी जेस्चर पर सिहर नहीं पाया। किंतु इसकी सिनेमाई भव्यता, ओडिसस की ज़िंदगी की त्रासदी और इस कहानी का दृश्य-विन्यास इसे इतना बड़ा बना देते हैं कि हम अपनी अदृश्य और नाज़ुक भावनाओं को कुछ देर के लिए कुचलकर भूल जाने को तैयार हो जाते हैं।

लुडविग गोरान्सन का संगीत—जिसमें सिंथेसाइज़र के साथ-साथ प्राचीन और पुनर्निर्मित ग्रीक वाद्ययंत्रों का इस्तेमाल किया गया है, शायद ब्रॉन्ज़ गोंग भी—समंदर की लहरों, गहरे अँधेरों, दृश्यों की विराटता, कहीं-कहीं पसरी हुई ख़ामोशी और समंदर की विशालता के बीच कभी-कभी शोपाँ की याद दिलाता है।

फ़िल्म में परदे पर अतीत और वर्तमान किसी मौसम की तरह आते-जाते रहते हैं। इन दृश्यों के बीच ओडिसस अपने घर लौटने की कहानी कहता हुआ लड़ाई लड़ रहा है। इस संघर्ष में एक बाहर की लड़ाई है और भीतर की एक भावुक लड़ाई भी। ओडिसस राक्षसों से लेकर प्रेतात्माओं तक से लड़ता है। कभी अच्छी आत्माएँ और देवता उसकी मदद करते हैं। वह अपने स्मृतिलोप से भी लड़ता है और अपने अपराधबोध से भी।

घर लौटने के इस संघर्ष में वह अपने सारे योद्धाओं को खो देता है। कभी समंदर, तो कभी राक्षस उसके सारे प्रिय साथियों को निगल जाते हैं और आख़िर में वह अकेला, ख़ाली हाथ घर लौटता है। इसलिए कई जगह ओडिसस की आत्मा मुझे कलिंग के युद्ध में जीतकर भी अपनी आत्मा से हार चुके सम्राट अशोक की आत्मा जैसी लगती है। कलिंग विजय के लिए सम्राट अशोक ने एक ओर भीषण नरसंहार किया और दूसरी ओर, जीत के बाद भी वह अकेले और एक उलझे हुए दार्शनिक की तरह खड़ा नज़र आया—नितांत अकेला और निसंग। हज़ारों लाशों के बीच खड़ा एक सम्राट, जो यह तय नहीं कर पाया कि वह जीता है या हार गया।

दिलचस्प बात यह है कि जिस अनुवादक एमिली विल्सन ने ‘द ओडिसी’ का अँग्रेज़ी में अनुवाद किया है, उसकी पहली पंक्ति ही कहती है—”Tell me, Muse, of the man of many ways.”

‘द ओडिसी’ महाकवि होमर की लिखी तक़रीबन तीन हज़ार वर्ष पुरानी कविता पर आधारित ग्रीक साहित्य का एक मील का पत्थर है। यह भारत के महाकाव्यों ‘रामायण’ और ‘महाभारत’ के समकक्ष माना जाने वाला काव्य है, जिसके रचयिता होमर के वजूद को लेकर भी अनेक रहस्य और मत हैं। कुछ उन्हें एक ही व्यक्ति मानते हैं, तो कुछ का कहना है कि होमर एक नहीं, बल्कि इस नाम के कई व्यक्ति थे।

कुछ आधुनिक इतिहासकारों का मानना है कि ‘होमर’ कोई एक व्यक्ति नहीं, बल्कि प्राचीन ग्रीस के चारणों (घूम-घूमकर कविता गाने वाले कवियों) के एक समूह का नाम मात्र था। कई सदियों से चली आ रही इन मौखिक या वाचिक रचनाओं को जब एक साथ संकलित किया गया, तो उसे ‘होमर’ का नाम दे दिया गया। इस रहस्य को होमरिक प्रश्न (The Homeric Question) कहा गया है।

बहरहाल, क्रिस्टोफ़र नोलन ‘ओपनहाइमर’ बनाकर फ़िल्म-निर्माण का वह बेंचमार्क स्थापित कर चुके हैं कि अगले स्तर पर ‘द ओडिसी’ जैसी फ़िल्म लगभग अनिवार्य थी। अब उनके दर्शकों को भी ‘द ओडिसी’ केवल एक दृश्य-अनुभव की तरह नहीं, बल्कि एक महाकाव्य, एक त्रासदी और मनुष्य के अकेलेपन की यात्रा की तरह देखनी चाहिए। शायद तभी वे उस जगह तक पहुँच पाएँगे, जहाँ पहुँचकर नोलन ने इस फ़िल्म की कल्पना की है।

Yash: ‘इस रोल के लिए खुद को पूरी तरह समर्पित कर दिया है’, रणबीर कपूर की तारीफ में यश ने कही ये बड़ी बात

Yash: शनिवार को नई दिल्ली में ‘रामायण प्रथम संकल्प’ के ट्रेलर लॉन्च का कार्यक्रम एक यादगार शाम बन गया। ऐसा न सिर्फ़ फ़िल्म की शानदार पहली झलक की वजह से हुआ, बल्कि यश के अचानक वहां पहुंचने से भी हुआ। इस इवेंट में प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा, डायरेक्टर नितेश तिवारी और फ़िल्म की कास्ट के सदस्य मौजूद थे, जिनमें रणबीर कपूर, साई पल्लवी, अरुण गोविल, सनी देओल, रवि दुबे, शोभना, रकुल प्रीत सिंह, कुणाल कपूर, अजिंक्य देव और कुमार विश्वास शामिल थे।

इस शानदार इवेंट में फिल्म की कास्ट और क्रिएटिव टीम एक साथ आई। यश, जो रावण का किरदार निभा रहे हैं और नमित मल्होत्रा ​​के साथ फिल्म को प्रोड्यूस भी कर रहे हैं, ने स्टेज पर आकर इस प्रोजेक्ट का जश्न मनाया, जिसे उन्होंने एक ‘साझा सपना’ बताया। फिल्म के ट्रेलर को मीडिया से भी ज़बरदस्त रिस्पॉन्स मिला, खासकर इसके बड़े पैमाने, विज़ुअल इफेक्ट्स और भगवान राम और रावण के बीच की टक्कर को लेकर।

दर्शकों को संबोधित करते हुए यश ने कहा, “मैं इस शानदार प्रोजेक्ट का हिस्सा बनकर वाकई बहुत खुश हूं। इसका पूरा श्रेय नमित मल्होत्रा ​​को जाता है। उन्होंने मुझे यह किरदार निभाने का जो मौका दिया, उसके लिए मैं उन्हें धन्यवाद देता हूं। मुझे हिंदी सीखने का भी मौका मिला। मुझे लगता है कि यह भारत का सपना है। इस फिल्म से जुड़े सभी लोग एक ही विजन और एक ही पक्के इरादे के साथ आए हैं—अपनी कहानी को ग्लोबल प्लैटफ़ॉर्म पर ले जाना। हम सभी अपने निजी हितों को एक तरफ रखकर यहां आए हैं। हमारा मकसद सिर्फ़ एक है—प्रभु श्री राम की कहानी को दुनिया भर के दर्शकों तक पहुंचाना और अपने देश में भी उनका जश्न मनाना। आप सभी का धन्यवाद।”

उन्होंने आगे कहा, “हम सब एक साथ आए हैं। इस फ़िल्म से जुड़े हर व्यक्ति का एक ही विज़न और एक ही पक्का इरादा रहा है – अपनी कहानी को ग्लोबल लेवल पर ले जाना। इसलिए हम सब अपने निजी हितों को एक तरफ़ रखकर यहां आए हैं। हमारा एकमात्र मकसद भगवान श्री राम की कहानी को दुनिया भर के दर्शकों तक पहुंचाना और अपने देश में उनका सम्मान करना है।”

यश ने इस प्रोजेक्ट पर भरोसा करने के लिए प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा ​​को श्रेय दिया और रावण के किरदार को आकार देने में मदद के लिए डायरेक्टर नितेश तिवारी का धन्यवाद किया। उन्होंने पूरी कास्ट, खासकर रणबीर कपूर (भगवान राम) और साई पल्लवी (सीता) की तारीफ की और भरोसा जताया कि दर्शक उनके बेहतरीन काम को देखेंगे।

अपने को-स्टार्स के बारे में बात करते हुए यश ने कहा, “रणबीर, तुमने कमाल का काम किया है। मुझे लगता है कि पूरा भारत समझ जाएगा कि तुमने इस रोल के लिए खुद को कैसे समर्पित किया और कैसा जादू रचा है। वहीं, साईं तो एक शानदार एक्ट्रेस हैं ही। उन्हें सीता का रोल निभाते हुए देखना… उनकी आँखें ही सब कुछ बयां कर देती हैं। उन्होंने फिल्म की टीम का भी शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि नमित मल्होत्रा ​​में इतने बड़े प्रोजेक्ट को शुरू करने का साहस और पक्का इरादा था, जबकि नितेश तिवारी ने उन्हें उनके किरदार की बारीकियों को समझने में गाइड किया।

दिल्ली में हुए लॉन्च के साथ ही फिल्म के इंटरनेशनल प्रमोशन कैंपेन की शुरुआत हो गई है। इसके बाद मेकर्स 23 जुलाई को सैन डिएगो कॉमिक-कॉन में ‘रामायण’ को पेश करेंगे। ‘कल्कि 2898 AD’ के बाद यह दूसरी भारतीय फिल्म होगी जिसे ग्लोबल पॉप कल्चर इवेंट में स्पेशल प्रेजेंटेशन का मौका मिलेगा। उम्मीद है कि रणबीर कपूर, यश और प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा ​​वहां फिल्म को रिप्रेजेंट करेंगे।

Annu Kapoor: अन्नू कपूर ने ‘रामायणम्’ में सई पल्लवी की कास्टिंग पर उठाए सवाल, बोले- ‘नितेश तिवारी कौन है?’

Annu Kapoor: रामायण बॉलीवुड की सबसे चर्चित आगामी फिल्मों में से एक बनी हुई है। नितेश तिवारी द्वारा निर्देशित, दो भाग वाले पौराणिक महाकाव्य में रणबीर कपूर भगवान राम और साई पल्लवी देवी सीता की भूमिका में हैं। पहली किस्त दिवाली 2026 पर रिलीज़ होने की उम्मीद है। बढ़ती चर्चा के बीच, अनुभवी अभिनेता अन्नू कपूर ने इस फिल्म पर विचार किया है।

2023 में फिल्म पर तंज करने के बाद, उन्होंने अब एक हालिया इंटरव्यू में नितेश तिवारी की साख और साई पल्लवी की कास्टिंग दोनों पर सवाल उठाया है। जूम से बात करते हुए, अन्नू कपूर ने 2023 में की गए कमेंट पर नजर डाली, जिसमें इस बहस पर फिर से चर्चा हुई कि क्या रामायण जैसे कालजयी महाकाव्य को बड़े पर्दे के लिए अनुकूलित किया जाना चाहिए।

बातचीत के दौरान, उन्होंने साईं पल्लवी को देवी सीता के रूप में कास्ट करने के फैसले पर भी सवाल उठाया और पसंद पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, “क्या बनाएंगे? जो बनाएंगे वो रामानंद सागर की रामायण को तकनीकी रूप से बहुत शोबाजी कर देंगे। लेकिन उसके बाद आप ये सोचिए कि किसे आपने सीता का रोल दिया है? सीता मां है। क्या इस देश के हिंदू श्री रामचन्द्र को नारायण का अवतार मानते हैं। किसने लिया है माता सीता के रूप में? तब अब आप सोचिए। आने दीजिए।”

यह पूछे जाने पर कि क्या वह फिल्म की कास्टिंग से असहमत हैं, अन्नू कपूर ने फिल्म निर्माता नितेश तिवारी की साख पर सवाल उठाते हुए जवाब दिया, “नितेश तिवारी कौन हैं?” वरिष्ठ अभिनेता ने कहा, “आप जिसका नाम ले रहे हो उसको जानता भी नहीं हूं मैं। कौन है? क्या करते हैं? मुझे तो पता भी नहीं। मैं फिल्म नहीं देखता हूं और मैंने कुछ चीज मिस नहीं की। मुझे खेद है।

इस बीच, रामायणम् ट्रेलर का दिल्ली में एक भव्य लॉन्च कार्यक्रम में अनावरण किया जाएगा। फिल्म के कलाकारों और टीम के प्रमुख सदस्यों के उपस्थित रहने की उम्मीद है। रणबीर और साईं के अलावा, रामायण में रवि दुबे को लक्ष्मण, सनी देओल को हनुमान और यश को रावण की भूमिका में दिखाया गया है। कलाकारों की टोली में लारा दत्ता, इंदिरा कृष्णन, रकुल प्रीत सिंह, अरुण गोविल, आदिनाथ कोठारे और कुणाल कपूर भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में हैं।

Ranbir Kapoor: ‘रामायणम्’ के ट्रेलर रिलीज से पहले रणबीर कपूर की बिगड़ी तबियत, इंफेक्शन से जूझ रहे एक्टर

Ranbir Kapoor: रणबीर कपूर ‘रामायणम्’ के ट्रेलर लॉन्च के साथ साल के सबसे बड़े इवेंट्स में से एक की तैयारी कर रहे हैं। इस बड़े इवेंट से कुछ दिन पहले ही एक्टर को कंजंक्टिवाइटिस (आंखों का इन्फेक्शन) हो गया है और एहतियात के तौर पर उनके काले चश्मे पहनने की उम्मीद है। इसके बावजूद, रणबीर इस इन्फेक्शन को अपने कमिटमेंट के आड़े नहीं आने दे रहे हैं और तय कार्यक्रम के अनुसार दिल्ली में होने वाले इस स्टार-स्टडेड इवेंट में शामिल होंगे।

एक्टर के करीबी एक सूत्र ने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया कि यह इन्फेक्शन सबसे पहले रणबीर कपूर की बेटी राहा को हुआ था। बच्चों की देखभाल करने के चलते एक्टर को भी उसी से कंजंक्टिवाइटिस (आंखों का इन्फेक्शन) हुआ है। आंखों का यह इन्फेक्शन, जिसे आमतौर पर ‘पिंक आई’ कहा जाता है, करीबी संपर्क से आसानी से फैलता है, इसलिए इसके फैलने पर परिवार के कई सदस्यों के संक्रमित होने की संभावना रहती है। फिल्म से जुड़े एक सूत्र ने बताया, “रणबीर कपूर को कंजंक्टिवाइटिस हो गया है। सबसे पहले उनकी बेटी राहा को यह हुआ था।”

तकलीफ होने के बावजूद, रणबीर ने इस अहम इवेंट में शामिल न होने का फैसला नहीं किया है। सूत्र ने आगे कहा, “‘रामायणम्’ की टीम दिल्ली के भारत मंडपम में होने वाले बड़े ‘प्रथम संकल्प’ कार्यक्रम के लिए पूरी तरह तैयार है, इसलिए हमेशा अपने वादे पूरे करने के लिए पहचाने जाने वाले RK शायद सावधानी के तौर पर इस इवेंट के दौरान काले चश्मे पहने हुए दिखाई देंगे।”

साल के सबसे बड़े फ़िल्म इवेंट्स में से एक से कुछ दिन पहले ही, ‘रामायणम् पार्ट 1’ को लेकर उत्साह बढ़ता जा रहा है। खबरों के मुताबिक, नितेश तिवारी की इस पौराणिक फिल्म का ट्रेलर 18 जुलाई को नई दिल्ली के भारत मंडपम में रिलीज किया जाएगा।

इस शानदार इवेंट में डायरेक्टर नितेश तिवारी और प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा ​​मुख्य भूमिका में होंगे और फिल्म की कास्ट के कई सदस्य भी इसमें शामिल हो सकते हैं। हालांकि, अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि रावण का किरदार निभाने वाले यश और भगवान हनुमान का रोल करने वाले सनी देओल इस लॉन्च इवेंट में शामिल होंगे या नहीं।

दिल्ली में ट्रेलर लॉन्च, रामायण के दुनिया भर में प्रमोशन के सफर का बस पहला पड़ाव है। भारत में हुए इवेंट के बाद, मेकर्स 23 जुलाई को सैन डिएगो कॉमिक-कॉन में एक खास शोकेस के लिए जाएंगे। इसके साथ ही, ‘कल्कि 2898 AD’ के बाद ‘रामायण’ दुनिया भर में मशहूर इस इवेंट में पेश की जाने वाली दूसरी भारतीय फिल्म बन जाएगी। उम्मीद है कि इस इवेंट में रणबीर कपूर, यश और नमित मल्होत्रा ​​मौजूद रहेंगे।

₹4,000 करोड़ के अनुमानित बजट पर बन रही यह दो-भागों वाली फिल्म भारतीय सिनेमा के अब तक के सबसे बड़े और मोस्ट अवेटेड प्रोजेक्ट्स में से एक है। इसका म्यूजिक भी दो दिग्गज नामों—एआर रहमान और ऑस्कर विजेता संगीतकार हंस ज़िमर—को एक साथ लाता है, जो इस महाकाव्य को एक और ग्लोबल आयाम देता है।

नमित मल्होत्रा ​​के प्राइम फोकस स्टूडियोज़ और यश के मॉन्स्टर माइंड क्रिएशन्स के सहयोग से बन रही ‘रामायण’ को दो-भागों वाली सिनेमैटिक गाथा के रूप में प्लान किया गया है। नितेश तिवारी द्वारा निर्देशित, इसका पहला भाग दिवाली 2026 में सिनेमाघरों में आएगा, और इसके बाद आखिरी भाग दिवाली 2027 में रिलीज़ होगा।