Independence Day 2026: तेरी मिट्टी से लेकर संदेशे आते हैं तक…, देशभक्ति से भरपूर हैं हिंदी सिनेमा के ये गाने

Independence Day 2026: भारत इस साल अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। और इस मौके को मनाने का देशभक्ति गीतों से बेहतर तरीका क्या हो सकता है? आज़ादी के बाद के इतिहास में, देश ने ऐसे शानदार गाने दिए हैं जो हर भारतीय के अपने देश के प्रति प्यार और सम्मान को ज़ाहिर करते हैं।

अपनी देशभक्ति की भावना को जगाने के लिए इन गानों के साथ स्वतंत्रता दिवस मनाएं। ‘ऐ मेरे वतन के लोगों’ जैसे क्लासिक गानों से लेकर ए.आर. रहमान और सुखविंदर सिंह के दिल को छू लेने वाले गाने ‘देश मेरे देश’ तक, ये गाने देश के प्रति आपके प्यार को ज़ाहिर करने के लिए एकदम सही हैं।

ऐ मेरे वतन के लोगों

भारतीय देशभक्ति गीतों की कोई भी प्लेलिस्ट लता मंगेशकर के इस क्लासिक गाने के बिना पूरी नहीं हो सकती। 1962 के भारत-चीन युद्ध में अपनी जान गंवाने वाले सैनिकों के सम्मान में लता मंगेशकर ने इसे पहली बार 1963 में लाइव गाया था। ‘ऐ मेरे वतन के लोगों’ को सी. रामचंद्र ने कंपोज़ किया था और कवि प्रदीप ने लिखा था।

देश मेरे देश

जब हम ‘द लेजेंड ऑफ़ भगत सिंह’ फ़िल्म की बात करते हैं, तो सबसे पहले यही गाना याद आता है। ए.आर. रहमान का बनाया यह दिल को छू लेने वाला गाना सुखविंदर सिंह ने गाया है। ए.आर. रहमान ने ‘माँ तुझे सलाम’ जैसे कई देशभक्ति वाले गाने बनाए हैं, लेकिन देश की आज़ादी के लिए अपनी जान देने वालों को सम्मान देने के लिए ‘देश मेरे देश’ एक बेहतरीन गाना है।

ऐ वतन

आलिया भट्ट की फ़िल्म ‘राज़ी’ में पाकिस्तान में मौजूद एक भारतीय जासूस की कहानी दिखाई गई थी। ‘ऐ वतन’ गाने ने फ़िल्म के मुख्य विषयों—देश के लिए त्याग और प्रेम—को बखूबी दर्शाया है।

तेरी मिट्टी

मनोज मुंतशिर के लिखे और बी प्राक के संगीतबद्ध किए गए गाने ‘तेरी मिट्टी’ को सुनकर इस स्वतंत्रता दिवस पर आपकी आँखों में ज़रूर आँसू आ जाएँगे। यह गाना उन सैनिकों को श्रद्धांजलि देता है जिन्होंने देश के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी। यह गाना 2019 की फ़िल्म ‘केसरी’ का हिस्सा था।

‘ये जो देश है तेरा’

फिल्म ‘स्वदेश’ के इस गाने में ए.आर. रहमान की आवाज़ और जावेद अख्तर के बोलों ने लोगों के अपने देश के लिए प्यार और लगाव को बखूबी दिखाया है। बैकग्राउंड में बजती शहनाई गाने में पुरानी यादों का एहसास जगाती है। ‘ये जो देश है तेरा’ गणतंत्र दिवस या स्वतंत्रता दिवस की प्लेलिस्ट का एक ज़रूरी हिस्सा बन गया है।

संदेशे आते हैं – बॉर्डर

फिल्म ‘बॉर्डर’ का ‘संदेशे आते हैं’ आज भी लोगों के दिलों में बसा है। ये देशभक्ति गानों की लिस्ट में खास जगह रखता है। गाने में सैनिकों और उनके परिवारों के बीच की भावनाओं को बहुत खूबसूरती से दिखाया गया है। इसे बॉर्डर 2 में रीक्रिएट भी किया गया है।

तो, इस स्वतंत्रता दिवस पर आप अपनी प्लेलिस्ट में कौन से गाने शामिल कर रहे हैं?

Manoj Muntashir: ‘मुझे शर्म आ रही है, यह मेरी जिंदगी की सबसे बड़ी गलती थी’, आदिपुरुष पर बोले मनोज मुंतशिर

Manoj Muntashir: ‘आदिपुरुष’ के सिनेमाघरों में आने के तीन साल बाद, फिल्म के डायलॉग लिखने वाले मनोज मुंतशिर ने ओम राउत के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म को अपनी जिंदगी की ‘सबसे बड़ी गलती’ बताया है। हाल ही में एक इंटरव्यू में, मुंतशिर ने प्रभास और कृति सेनन स्टारर इस फिल्म को लेकर हुए विरोध को याद किया और माना कि उन्हें इस पर ‘शर्म’ आती है।

मनोज ने ‘टाइम्स नाउ’ से कहा, “शुरुआत में, मैंने इसे ज़्यादा गंभीरता से नहीं लिया था। मुझे बात समझने में दो दिन लग गए। ‘आदिपुरुष’ मेरी ज़िंदगी की सबसे बड़ी गलती थी और उस फिल्म का बचाव करना उससे भी बड़ी गलती थी। फिल्म को लेकर जो कुछ भी हुआ, उसके लिए मुझे बहुत शर्मिंदगी है और जो कुछ हुआ, उसके लिए मैं देश से माफ़ी मांगता हूं।”

लेखक ने फ़िल्म के डायलॉग्स की आलोचना पर भी बात की और कहा, “अब जब मैं पीछे मुड़कर देखता हूं, तो मुझे शर्म आती है कि मैंने वे डायलॉग लिखे थे। मुझे नहीं पता कि मैंने किस ट्रिप के दौरान उन्हें लिखा था।”आदिपुरुष जून 2023 में रिलीज़ हुई थी। यह फ़िल्म हिंदू पौराणिक महाकाव्य रामायण पर आधारित है।

हालांकि, रिलीज़ के बाद, महाकाव्य को गलत तरीके से दिखाने के आरोप में दर्शकों ने फ़िल्म की कड़ी आलोचना की। लोगों ने फ़िल्म के डायलॉग और रावण व भगवान हनुमान के चित्रण पर निराशा जताई। भले ही मेकर्स ने विवादित डायलॉग ‘कपड़ा तेरे बाप का’ को बदल दिया, लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ। ओम राउत के निर्देशन में बनी इस फ़िल्म के CBFC सर्टिफ़िकेशन को रद्द करने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका भी दायर की गई थी। हालांकि, शीर्ष अदालत ने इसे खारिज कर दिया।

इससे पहले, फ़िल्म में सीता का किरदार निभाने वाली कृति सेनन ने बताया था कि दर्शकों की आलोचना के बाद उन्हें ‘बहुत दुख’ हुआ था। इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार कृति ने कहा, “आपको बहुत दुख होता है और आपकी आंखों में आंसू भी आ सकते हैं, आप सोचते हैं कि क्या गलत हो गया।”

उन्होंने आगे कहा, “मकसद कभी किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं होता। हर प्रोजेक्ट के पीछे की मंशा हमेशा सकारात्मक होती है। हालांकि, हमें इस सच्चाई का सामना करना होगा कि कभी-कभी चीज़ें वैसी नहीं होतीं जैसी हम चाहते हैं, और ऐसे अनुभवों से सीखना ज़रूरी है।”