24000 के पार Nifty बंद, Sensex में 790 प्वाइंट्स का उछाल, डेढ़ लाख करोड़ रुपये बढ़ी निवेशकों की दौलत

Share Market Rally: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अमेरिकी सीनेट में एक ऐतिहासिक प्रस्ताव से झटका लगा जिससे अब ईरान पर हमला करने उनके लिए मुश्किल हो गया तो इसने मार्केट में काफी रौनक बढ़ा दी। ट्रंप को इस करंट से घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स 900 प्वाइंट्स अधिक उछल पड़ा तो निफ्टी 50 भी 24100 के काफी करीब पहुंच गया। ब्रोडर लेवल पर भी मार्केट में अच्छी रिकवरी आई और शुरुआती गिरावट से उबरते हुए निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 ग्रीन हो गए।

सेक्टरवाइज मेटल शेयरों ने जोरदार वापसी की कोशिश की और निफ्टी मेटल करीब 1% की गिरावट से रिकवर करते हुए ग्रीन हुआ लेकिन मुनाफावसूली के चलते यह फिर 0.40% की गिरावट के साथ बंद हुआ। आईटी सेक्टर और प्राइवेट बैंकिंग सेक्टर ने मिलकर मार्केट में शानदार रौनक बिखेरी और इनके निफ्टी इंडेक्स करीब 2% मजबूत हुए। शुरुआती कारोबार में गिरावट के बाद पीएसयू बैंक में भी रिकवरी हुई और अब इसके निफ्टी इंडेक्स करीब आधे फीसदी की बढ़त है तो निफ्टी रियल्टी 2% से अधिक मजबूत हुआ।

ओवरऑल आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप डेढ़ लाख करोड़ रुपये से अधिक बढ़ गया यानी निवेशकों की दौलत में डेढ़ लाख करोड़ रुपये से अधिक का इजाफा हुआ है। इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो आज सेंसेक्स (Sensex) 790.54 प्वाइंट्स यानी 1.04% के उछाल के साथ 76,991.22 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 197.55 प्वाइंट्स यानी 0.83% की बढ़त के साथ 24,021.65 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 989.69 प्वाइंट्स उछलकर 77,190.37 और निफ्टी 265.95 प्वाइंट्स चढ़कर 24,090.05 तक पहुंच गया था।

₹1.86 लाख करोड़ बढ़ी निवेशकों की दौलत

एक कारोबारी दिन पहले यानी 23 जून 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,74,59,448.771 करोड़ था। आज यानी 23 जून 2026 को यह बढ़कर ₹4,76,45,817.53 करोड़ पर पहुंच गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹1,86,368.759 करोड़ का इजाफा हुआ है।

Sensex के 23 स्टॉक्स ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें आज 23 स्टॉक्स ग्रीन जोन में बंद हुए हैं। सबसे अधिक तेजी आज इंडिगो, ट्रेंट और टेक महिंद्रा में रही। वहीं दूसरी तरफ आज सेंसेक्स पर सबसे अधिक गिरावट एनटीपीसी, टाटा स्टील और मारुति में रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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147 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज 4430 शेयरों की ट्रेडिंग हुई। इसमें 2215 शेयर आज मजबूत हुए तो 2034 में गिरावट रही जबकि 181 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके अलावा 147 शेयर एक साल के हाई और 63 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Maruti, M&M और Tata Motors तैयार; भारत और यूके के कारोबारी समझौते से बन रहे तगड़े मौके

देश में बनी इलेक्ट्रिक गाड़ियों की यूनाइटेड किंगडम (यूके) में चरणबद्ध तरीके से ड्यूटी-फ्री एंट्री के लिए सौदा हुआ है। न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक देश की दिग्गज कंपनियां मारुति सुजुकी (Maruti Suzuki), महिंद्रा एंड महिंद्रा (Mahindra & Mahindra-M&M) और टाटा मोटर्स पैसेंजर वेईकल्स (Tata Motors PV) इस मुक्त व्यापार समझौते यानी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) से मौकों का कैलकुलेशन कर रही हैं। भारत और यूकेके बीच CETA (कंप्रहेंसिव इकनॉमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट) 15 जुलाई से लागू होगा। इसके तहत भारत में बनी इलेक्ट्रिक, हाइब्रिड और हाइड्रोजन से चलते वाली पैसेंजर वेईकल्स को छठे वर्ष से कोटा-बेस्ड सिस्टम के तहत बिना किसी कस्टम ड्यूटी के यूके में एंट्री की मंजूरी मिलेगी।

निर्यात को लेकर क्या हुआ है एग्रीमेंट

एग्रीमेंट के तहत भारत में बनी ईवी को यूके में एंट्री पर ड्यूटी में राहत 20 हजार पाउंड से कम, 20-40 हजार पाउंड (करीब ₹25-और 40-80 हजार पाउंड (करीब ₹50 लाख-₹1 करोड़) वाली गाड़ियों को मिलेगी। 80 हजार पाउंड (करीब ₹1 करोड़) से महंगी गाड़ियों को यूके में बिना ड्यूटी एंट्री नहीं मिलेगी। गाड़ियों के निर्यात का यह कोटा छठे वर्ष में 17,600 गाड़ियों से शुरू होगा और धीरे-धीरे बढ़कर 15वें वर्ष में सालाना 88 हजार गाड़ियों तक पहुंच जाएगा।

छठे साल में भारत से 20,000 पाउंड से कम कीमत वाली 6,800 गाड़ियां और 20,000-40,000 पाउंड कैटेगरी की 6,800 गाड़ियां निर्यात हो सकेगी। वहीं 40,000-80,000 पाउंड कैटेगरी की 4,000 गाड़ियों का कोटा तय किया गया है। इस प्रकार कुल कोटा 17,600 गाड़ियों का होगा। 15वें वर्ष से यह कोटा बढ़कर 20,000 पाउंड से कम और 20,000-40,000 पाउंड कैटेगरी में 34,000-34,000 गाड़ियों तक पहुंच जाएगा, जबकि 40,000-80,000 पाउंड कैटेगरी के लिए 20,000 गाड़ियों का कोटा होगा।

क्या कहना है Maruti Suzuki, M&M और Tata Motors PV का

महिंद्रा एंड महिंद्रा ऑटोमोटिव बिजनेस के प्रेसिडेंट वेलुसामी आर ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से बातचीत में कहा कि इस समझौते से भारत में बनी ईवी के लिए नए मौके पैदा हो सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि यूके राइट-हैंड-ड्राइव मार्केट है तो इलेक्ट्रिक एसयूवी के लिए वैश्विक विस्तार रणनीति के तहत इसका वैल्यूएशन किया जाएगा।

देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी के सीनियर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (कॉरपोरेट अफेयर्स) राहुल भारती का कहना है कि इस एग्रीमेंट से भारतीय कंपनियों को निर्यात के मौकों का फायदा उठाने में मदद मिल सकती है। राहुल का कहना है कि मारुति सुजुकी ने पहले ही ईविटारा का यूरोप में निर्यात करना शुरू कर दिया है और लॉन्च के नौ महीनों के भीतर लगभग 36 हजार कारों का निर्यात किया जा चुका है और इस दौरान यूके इसका सबसे बड़ा बाजार बनकर उभरा है।

टाटा मोटर्स पैसेंजर्स वेईकल्स ने भारत और यूके के बीच एग्रीमेंट को सस्टेनेबल मोबिलिटी के निर्यात को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। टाटा मोटर्स के प्रवक्ता का कहना है कि इस एग्रीमेंट से भारत में बनी ईवी के लिए निर्यात के नए मौके खोलते हुए घरेलू मार्केट में कॉम्पटीशन को भी सपोर्ट मिलेगा।

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Kia Price Hike 2026: 1 जुलाई से महंगी हो जाएंगी Kia की सभी कारें, जानें आपके बजट पर कितना बढ़ेगा बोझ

Kia Price Hike 2026: कई सेगमेंट में फोर-व्हीलर ऑफर करने वाली किया इंडिया ने कन्फर्म किया है कि 1 जुलाई से उसकी सभी कारों की कीमतों में 2% तक की बढ़ोतरी होगी। इसका मतलब है कि जो लोग अभी Seltos, Sonet या Carens खरीदने की सोच रहे हैं, उनके लिए महीने के खत्म होने से पहले ही बुकिंग करना बेहतर रहेगा। यह बढ़ोतरी मॉडल और वेरिएंट के हिसाब से अधिकतम 2.6 लाख रुपये तक पहुंच सकती है। कंपनी ने इसकी वजह बढ़ती इनपुट लागत और ऑपरेशनल खर्चों में बढ़ोतरी बताई है, जो इस साल भारत में लगभग सभी ऑटो कंपनियों की तरफ से दी गई एक सामान्य वजह है। वहीं, अगर आप इस ब्रांड की कार खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो डीलरशिप पर जाने से पहले आपको यह समझना जरूरी है कि यह बढ़ोतरी बिक्री के लिए मौजूद सभी किया मॉडल्स पर एक जैसी नहीं होगी।

असल में आपको कितना ज्यादा पैसा देना होगा?

Kia ने अभी तक हर मॉडल के हिसाब से सटीक कीमतें नहीं बताई हैं, लेकिन प्राइस लिस्ट को देखें तो आप कहां से गाड़ी खरीद रहे हैं, उसके आधार पर कीमत में बढ़ोतरी अलग-अलग होगी। अभी सोनेट (Sonet) की कीमत ₹7.33 लाख से ₹14.18 लाख, सेल्टोस (Seltos) की ₹11 लाख से ₹20 लाख और कैरेंस (Carens) की ₹11.02 लाख से ₹12.88 लाख (सभी एक्स-शोरूम) के बीच है। सबसे महंगी सेल्टोस के वेरिएंट पर 2% की बढ़ोतरी का मतलब है लगभग ₹40,000 ज्यादा, जबकि सबसे सस्ती सोनेट ट्रिम की कीमत में कम बढ़ोतरी होगी, जो लगभग ₹14,000 से ₹15,000 के बीच होगी। किया का कहना है कि वह बढ़ी हुई लागत का कुछ हिस्सा खुद उठा रही है, न कि पूरा बोझ ग्राहकों पर डाल रही है, हालांकि उसने यह नहीं बताया कि कितना हिस्सा वह खुद उठा रही है।

क्या सिर्फ Kia ऐसा कर रही है, या सभी ऐसा कर रहे हैं?

सिर्फ Kia ही नहीं। Tata Motors, Hyundai और Maruti Suzuki ने भी इस साल की शुरुआत में अपनी कुछ गाड़ियों की कीमतें बढ़ाई हैं, और इसकी वजह भी लागत का दबाव ही बताया है, इसलिए यह कोई अकेला मामला नहीं है। अगर आप Seltos की तुलना Hyundai Creta या Maruti Suzuki Grand Vitara जैसी गाड़ियों से कर रहे हैं, तो उम्मीद करें कि आने वाले महीनों में उनकी कीमतें भी बदलती रहेंगी। जो खरीदार Kia गाड़ी खरीदने का मन बना चुके हैं, उनके लिए समझदारी इसी में है कि वे 1 जुलाई से पहले बुकिंग पक्की कर लें, क्योंकि एक बार कीमतें बढ़ने के बाद वे आम तौर पर कम नहीं होतीं, चाहे बाद में बाजार का हाल कैसा भी रहे। यह भी ध्यान रखने वाली बात है कि हम Kia की पूरी लाइनअप की बात कर रहे हैं; इस बदलाव में Syros, Carens Clavis, Carens Clavis EV, Carnival, EV6 और EV9 भी शामिल हैं, न कि सिर्फ वे तीन मॉडल जिन पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है।

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लगातार पांचवे दिन Sensex मजबूत, ₹3 लाख करोड़ बढ़ी दौलत, Indigo-Trent रहे टॉप गेनर

Share Market Rally: कच्चे तेल की फिसलन पर घरेलू स्टॉक मार्केट में आज लगातार पांचवे दिन रौनक रही। घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो इंट्रा-डे में सेंसेक्स 300 प्वाइंट्स से अधिक उछल पड़ा तो निफ्टी भी 24200 के एकदम करीब पहुंच गया। ब्रोडर लेवल पर मिडकैप और स्मॉलकैप स्पेस में भी अच्छी रौनक रही और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 आधे फीसदी से थोड़ी ही कम बढ़त रही।

सेक्टरवाइज आईटी सेक्टर ने मार्केट पर काफी दबाव बनाने की काफी कोशिश की और इसका निफ्टी इंडेक्स 1% से अधिक कमजोर हुआ। हालांकि फार्मा, पीएसयू बैंक और रियल्टी सेक्टर ने इसे संभाल लिया जिनके निफ्टी इंडेक्स आधे-आधे फीसदी से अधिक मजबूत हुए। निफ्टी प्राइवेट बैंक भी आधा फीसदी मजबूत हुआ।

ओवरऑल आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹3 लाख करोड़ से अधिक बढ़ गया यानी निवेशकों की दौलत में ₹3 लाख करोड़ से अधिक का इजाफा हुआ। इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो आज सेंसेक्स (Sensex) 254.36 प्वाइंट्स यानी 0.33% के उछाल के साथ 77,409.98 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 82.30 प्वाइंट्स यानी 0.34% की बढ़त के साथ 24,168.00 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स आज 336.71 प्वाइंट्स उछलकर 77,492.33 और निफ्टी 103.55 प्वाइंट्स चढ़कर 24,189.25 तक पहुंच गया।

₹3.10 लाख करोड़ बढ़ी निवेशकों की दौलत

एक कारोबारी दिन पहले यानी 17 जून 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,74,58,056.752 करोड़ था। आज यानी 18 जून 2026 को यह उछलकर ₹4,77,68,135.83 करोड़ पर पहुंच गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹3,10,079.078 करोड़ का इजाफा हुआ है।

Sensex के 20 शेयर ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें आज 20 स्टॉक्स आज ग्रीन बंद हुए हैं। सबसे अधिक तेजी आज इंडिगो, ट्रेंट और बीईएल में रही। वहीं दूसरी तरफ आज सेंसेक्स पर सबसे अधिक गिरावट इंफोसिस, टेक महिंद्रा और मारुति में रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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162 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज 4419 शेयरों की ट्रेडिंग हुई। इसमें 2419 शेयर मजबूत हुए तो 1814 में गिरावट रही जबकि 186 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके अलावा 162 शेयर एक साल के हाई और 46 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए। वहीं 7 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 7 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Samsung Galaxy S26 Ultra vs S25 Ultra : जानिए इस साल क्या मिल सकते हैं नए फीचर्स और बड़े अपग्रेड्स

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Samsung जल्द ही अपना नया फ्लैगशिप स्मार्टफोन Galaxy S26 Ultra पेश करने वाला है। शुरुआती जानकारियों के अनुसार, इस बार बड़े बदलावों की बजाय उपयोगी और व्यावहारिक अपग्रेड देखने को मिल सकते हैं। Samsung 25 फरवरी 2026 को आयोजित होने वाले Galaxy Unpacked इवेंट में अपनी नई फ्लैगशिप सीरीज़ लॉन्च कर सकता है। कंपनी Galaxy S26, Galaxy S26 Plus और Galaxy S26 Ultra मॉडल पेश कर सकती है। इनमें सबसे ज्यादा ध्यान Galaxy S26 Ultra पर रहेगा, जो Galaxy S25 Ultra का अपग्रेडेड वर्जन होगा।

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डिजाइन और बिल्ड

लीक्स के मुताबिक, Samsung इस बार S25 Ultra के शार्प किनारों की जगह थोड़ा राउंडेड फ्रेम दे सकता है। फोन की मोटाई 8.2mm से घटकर 7.9mm हो सकती है, जबकि वजन 218 ग्राम से कम होकर 214 ग्राम तक आ सकता है। फ्रेम मटेरियल में भी बदलाव संभव है। कंपनी टाइटेनियम की जगह एल्युमिनियम फ्रेम का इस्तेमाल कर सकती है, जिससे वजन कम हो सकता है और फोन का फील थोड़ा अलग हो सकता है।

 

डिस्प्ले में सुधार

 

Samsung Galaxy S26 Ultra में 6.89 इंच का डिस्प्ले मिल सकता है, जो S25 Ultra के 6.86 इंच स्क्रीन से थोड़ा बड़ा होगा। हालांकि रोजमर्रा के इस्तेमाल में यह फर्क ज्यादा महसूस नहीं होगा। रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी M13 पैनल की जगह नया M14 पैनल दे सकती है। साथ ही 8-बिट की बजाय 10-बिट कलर सपोर्ट मिल सकता है, जिससे HDR कंटेंट देखते समय बेहतर कलर ट्रांजिशन और आउटपुट मिल सकता है। इसके अलावा थर्ड जनरेशन  की एंटी-रिफ्लेक्टिव कोटिंग और नया प्राइवेसी डिस्प्ले फीचर भी जोड़ा जा सकता है, जो पिछले Ultra मॉडल में नहीं था।

 

परफॉर्मेंस और मेमोरी

Galaxy S26 Ultra में Qualcomm का Snapdragon 8 Elite Gen 5 प्रोसेसर मिल सकता है, जो S25 Ultra में दिए गए Snapdragon 8 Elite चिप को रिप्लेस करेगा। इससे बेहतर पावर एफिशिएंसी और लंबे समय तक स्थिर परफॉर्मेंस मिल सकती है। RAM स्पीड 9.6Gbps से बढ़कर 10.7Gbps तक जा सकती है। हालांकि तुरंत बहुत बड़ा स्पीड अंतर महसूस न हो, लेकिन मल्टीटास्किंग और लॉन्ग-टर्म परफॉर्मेंस में सुधार संभव है।

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बैटरी और चार्जिंग

बैटरी क्षमता 5,000mAh ही रहने की उम्मीद है। लेकिन चार्जिंग स्पीड में सुधार हो सकता है। वायर्ड चार्जिंग 45W से बढ़कर 60W और वायरलेस चार्जिंग 15W से बढ़कर 25W तक जा सकती है। अगर ऐसा होता है, तो यूजर्स को कम समय में ज्यादा चार्जिंग मिल सकती है।

 

कैमरा अपग्रेड

Samsung 200MP HP2 मेन सेंसर को बरकरार रख सकता है, लेकिन इसका अपर्चर f/1.7 से बढ़ाकर f/1.4 किया जा सकता है। बड़ा अपर्चर कम रोशनी में बेहतर फोटोग्राफी में मदद कर सकता है। 50MP 5x टेलीफोटो कैमरा में f/3.4 की जगह f/2.9 अपर्चर मिल सकता है, जिससे ज्यादा लाइट कैप्चर होगी। हालांकि 10MP 3x टेलीफोटो कैमरा में थोड़ा छोटा सेंसर दिया जा सकता है।

 

कीमत पर सस्पेंस

कुछ रिपोर्ट्स का दावा है कि Galaxy S26 Ultra की कीमत अपने पिछले मॉडल से कम हो सकती है। हालांकि Samsung ने अभी तक आधिकारिक तौर पर कीमत का खुलासा नहीं किया है। अंतिम जानकारी लॉन्च इवेंट में सामने आएगी। Edited by : Sudhir Sharma

AI Impact Summit 2026 : 19-20 फरवरी को भारत में होगा मेगा इवेंट, 65 से ज्यादा देश होंगे शामिल, 600 से ज्यादा स्टार्टअप्स का जमावड़ा

भारत 19-20 फरवरी 2026 को राजधानी के भारत मंडपम में वैश्विक स्तर का इंडिया–AI इम्पैक्ट समिट 2026 आयोजित करने जा रहा है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY), भारत सरकार इस शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा। समिट करीब 65 देश शामिल होंगे।  यह पहली बार है जब यह अंतरराष्ट्रीय मंच किसी विकासशील देश में आयोजित किया जा रहा है।

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600 से ज्‍यादा स्‍टार्टअप्‍स की मौजूदगी रहेगी। इस समिट की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस AI एक्शन समिट के दौरान की थी। भारत ने खुद को AI विस्तार के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करना शुरू कर दिया है। Alphabet की Google, Microsoft और Amazon ने मिलकर 2030 तक भारत में AI और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगभग 68 अरब डॉलर निवेश करने का वादा किया है। 

 

शिखर सम्मेलन को संबोधित करने वाले प्रमुख वक्ताओं में Alphabet के CEO सुंदर पिचाई, OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन, Anthropic के CEO डारियो अमोदेई, रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी और Google DeepMind के CEO डेमिस हसाबिस शामिल हैं। इंडिया–AI इम्पैक्ट समिट 2026 को भारत की AI कूटनीति और वैश्विक तकनीकी नेतृत्व की दिशा में एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है। यह ‘ग्लोबल साउथ’ में आयोजित होने वाला पहला वैश्विक AI शिखर सम्मेलन होगा।

 

प्रधानमंत्री इस सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। इसे वर्ष का प्रमुख वैश्विक AI मंच माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य वैश्विक सहयोग के जरिए समावेशी, प्रभावशाली और कार्रवाई-उन्मुख आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को बढ़ावा देना है।

 

वैश्विक सहयोग की नई दिशा

यूके AI सेफ्टी समिट, AI सियोल समिट, फ्रांस AI एक्शन समिट और ग्लोबल AI समिट ऑन अफ्रीका जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों की निरंतरता में यह सम्मेलन एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। इसका लक्ष्य केवल राजनीतिक घोषणाओं तक सीमित न रहकर, ठोस परिणाम और वास्तविक प्रगति सुनिश्चित करना है। यह समिट वैश्विक AI सहयोग के लिए नई प्राथमिकताओं, ठोस पहल और बहुपक्षीय ढांचे को मजबूत करेगा।

 

मानवता और सतत विकास पर फोकस

समिट का उद्देश्य AI की परिवर्तनकारी शक्ति को मानवता की सेवा, समावेशी विकास, सामाजिक उन्नति और पर्यावरण संरक्षण के लिए उपयोग करना है। साथ ही, यह ग्लोबल साउथ की आवाज को वैश्विक AI गवर्नेंस में मजबूत करने का प्रयास करेगा, ताकि तकनीकी प्रगति कुछ देशों तक सीमित न रह जाए।

 

तीन ‘सूत्र’ होंगे आधार

इंडिया–AI इम्पैक्ट समिट तीन मूल स्तंभों या ‘सूत्रों’ पर आधारित होगा—

People (लोग), Planet (पृथ्वी) और Progress (प्रगति)।

ये तीनों सूत्र यह तय करेंगे कि बहुपक्षीय सहयोग के जरिए AI का उपयोग सामूहिक लाभ के लिए कैसे किया जाए।

 

सात ‘चक्र’ में होगी चर्चा

 

इन तीन सूत्रों के आधार पर चर्चा सात प्रमुख क्षेत्रों (चक्रों) में संगठित की जाएगी- 

  • मानव पूंजी (Human Capital)
  • सामाजिक सशक्तिकरण के लिए समावेशन
  • सुरक्षित और भरोसेमंद AI
  • लचीलापन, नवाचार और दक्षता
  • विज्ञान
  • AI संसाधनों का लोकतंत्रीकरण
  • आर्थिक विकास और सामाजिक हित के लिए AI
  • प्री-समिट कार्यक्रम भी शुरू

 

समिट से पहले MeitY कई प्रमुख पहलें आयोजित कर रहा है, जिनका मकसद समावेशी विकास और नवाचार के लिए AI के उपयोग को बढ़ावा देना है।

 

इनमें शामिल हैं:

 

AI for ALL: विभिन्न क्षेत्रों में प्रभावी AI समाधान खोजने की वैश्विक चुनौती।

AI by HER: महिला नेतृत्व वाले AI समाधानों को बढ़ावा देने की पहल।

YUVAi: 13-21 वर्ष के युवाओं के लिए वैश्विक नवाचार प्रतियोगिता।

 

आवेदन और पंजीकरण खुले

इन कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इच्छुक संगठन और प्रतिभागी आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।  आयोजकों को ऐसे सत्र डिजाइन करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है, जो People, Planet और Progress की थीम के अनुरूप हों और वैश्विक AI संवाद को ठोस दिशा दें।

 Edited by : Sudhir Sharma