Share Market Crash: मजबूत एशियाई संकेतों के बावजूद Sensex लाल, 4 वजहों से आया Nifty आया 24300 के करीब

Share Market Crash: विदेशी निवेशकों की ताबड़तोड़ बिकवाली और लगातार दूसरे महीने आरबीआई के टारगेट रेंज से अधिक महंगाई की रफ्तार ने आज मार्केट पर तेज दबाव बनाया। वैश्विक मार्केट से मिले-जुले रुझानों के बीच सेंसेक्स 250 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी फिसलकर 24300 के करीब आ गया। हालांकि ब्रोडर लेवल पर भी रुझान मिला-जुला है। निफ्टी मिडकैप 100 पर फिलहाल बिकवाली का दबाव है लेकिन निफ्टी स्मॉलकैप 100 ग्रीन है। अब घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 09:45 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 159.82 प्वाइंट्स यानी 0.20% की गिरावट के साथ 77,806.53 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 90.25 प्वाइंट्स यानी 0.37% की फिसलन के साथ 24,345.70 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 256.72 प्वाइंट्स टूटकर 77,709.63 और निफ्टी 119.65 प्वाइंट्स गिरकर 24,316.30 तक आ गया था।

Share Market Crash: ये है वजह

महंगाई की तेज रफ्तार

जुलाई में महंगाई 19 महीने के ऊपरी स्तर पर पहुंच गई है। लगातार चौथे महीने इसमें इजाफा हुआ है और लगातार दूसरे महीने यह आरबीआई के 2-4% के टारगेट रेंज से ऊपर रहा। जुलाई में रिटेल महंगाई दर मासिक आधार पर 4.38% से बढ़कर 4.45% पर रही है। खाने-पीने की चीजों ने महंगाई बढ़ाई है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली

एक कारोबारी दिन पहले 12 अगस्त को विदेशी निवेशकों ने इक्विटी मार्केट में खरीदारी से अधिक बिकवाली की जिसका दबाव आज मार्केट में दिख रहा है। विदेशी निवेशकों ने ₹1002.50 करोड़ के शेयरों की नेट बिक्री की।

बैंकिंग स्टॉक्स में बिकवाली का दबाव

मार्केट को आज बैंकिंग शेयरों में बिकवाली का दबाव झेलना पड़ा है। सरकारी और प्राइवेट, दोनों सेक्टर्स के बैंकों के निफ्टी इंडेक्स में आधे-आधे फीसदी से अधिक की गिरावट है तो निफ्टी मेटल और निफ्टी फार्मा में भी आधे फीसदी की गिरावट है। निफ्टी ऑटो फिलहाल ग्रीन है लेकिन इसमें बढ़त आधे फीसदी से कम ही है।

Sensex की वीकली एक्सपायरी

सेंसेक्स के इंडेक्स डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की आज वीकली एक्सपायरी है तो इसका मार्केट पर दबाव दिख रहा है।

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Retail Inflation : लगातार चौथे महीने महंगाई बढ़ी, रिटेल इंफ्लेशन जुलाई में 4.45% हुई; RBI के लिए बढ़ेगी मुश्किल

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Share Market Crash: 370 प्वाइंट्स टूटा Sensex, सरकारी बैंकों की चमक नहीं थाम पाई गिरावट, 24400 के नीचे आया Nifty

Share Market Crash: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव गहराने पर मार्केट में कोहराम मच गया। सेंसेक्सन 370 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी फिसलकर 24350 के करीब आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी दबाव दिख रहा है। निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप लाल है। अब घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 10:30 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 314.12 प्वाइंट्स यानी 0.40% की गिरावट के साथ 77,840.13 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 96.75 प्वाइंट्स यानी 0.40% की फिसलन के साथ 24,374.95 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 370.21 प्वाइंट्स टूटकर 77,784.04 और निफ्टी 114.20 प्वाइंट्स गिरकर 24,357.50 तक आ गया था।

Share Market Crash: ये है वजह

अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ता तनाव

होर्मुज जलडमरूमध्य पर स्थिति सामान्य होने को लेकर अनिश्चितता ने मार्केट पर दबाव बनाया है। एक तरफ ट्रंप दावा कर रहे हैं कि होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका का पूरा नियंत्रण है लेकिन ईरान का इससे इनकार है। इसके अलावा एक-दूसरे की मुआवजे की मांग ने दोनों देशों के बीच सुलह का रास्ता और मुश्किल कर दिया है। यमन के हूती विद्रोहियों के कमर्शियल जहाज पर हमले ने तनाव बढ़ा दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस हमले में चार क्रू सदस्यों की जान चली गई और इसे अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद समुद्री जहाजों पर हूती हमले में पहली बड़ी जानलेवा घटना बताई जा रही है।

कच्चे तेल में उबाल

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर गहराने पर कच्चे तेल में और उबाल आया जिसकी आंच स्टॉक मार्केट में भी महसूस हुई।। ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रू़ड उछलकर प्रति बैरल $90 के करीब पहुंच चुका है।

आईटी-एफएमसीजी सेक्टर का दबाव

दिग्गज सरकारी बैंकों के शेयरों में आज खरीदारी का अच्छा रुझान दिख रहा और इसका निफ्टी इंडेक्ल 2% से अधिक ऊपर चढ़ा है। हालांकि मेटल को छोड़ इसे बाकी अहम सेक्टर्स से अच्छा सपोर्ट नहीं मिल पा रहा। आईटी और एफएमसीजी सेक्टर अधिक दबाव डाल रहे हैं जिनके निफ्टी इंडेक्स में करीब 1-1% की गिरावट है। निफ्टी मेटल में करीब 1% की बढ़त है तो निफ्टी रियल्टी आधे फीसदी से अधिक कमजोर है और निफ्टी प्राइवेट बैंक भी लाल है।

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Share Market Crash: डे-हाई से 700 प्वाइंट्स टूटा Sensex, 5 वजहों से Nifty आया 24500 के नीचे

Share Market Crash: क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) के नए सिस्टम को लेकर मार्केट में काफी अनिश्चितता फैली है। ब्रोकरेजेज ने भी रिटेलर्स को सतर्क किया है। इसका असर आज मार्केट में दिखा और कच्चे तेल के भाव में उछाल ने इस दबाव को और बढ़ाया। इस दबाव में सेंसेक्स इंट्रा-डे हाई से 700 प्वाइंट्स से अधिक फिसल गया तो भी निफ्टी भी टूटकर 24500 के नीचे आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी बिकवाली का तेज दबाव दिखा और स्मॉलकैप स्पेस में अधिक। निफ्टी मिडकैप 100 आधे फीसदी फिसल गया तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 में हल्की गिरावट है।

अब घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 01:07 PM पर सेंसेक्स (Sensex) 249.56 प्वाइंट्स यानी 0.32% की गिरावट के साथ 78,389.47 और निफ्टी (Nifty) 283.30 प्वाइंट्स यानी 1.14% की फिसलन के साथ 24,491.00 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 504.12 प्वाइंट्स उछलकर 79,143.15 तक पहुंचा था जिससे फिर यह 781.36 प्वाइंट्स टूटकर 78,361.79 तक आ गया तो दूसरी तरफ निफ्टी 291.10 प्वाइंट्स गिरकर 24,483.20 तक आ गया था।

Share Market Crash: ये है वजह

CAS सिस्टम

कई ब्रोकर्स ने खुदरा निवेशकों को दोपहर 3 बजे तक अपनी पोजिशन स्क्वेयर ऑफ करने की सलाह दी है। ब्रोकरेजेज ने अपने क्लाइंट्स को सलाह दी है कि जब तक नए मैकेनिज्म CAS (क्लोजिंग ऑक्शन सेशन) में मार्केट ढल नहीं जाता है, अपनी पोजिशन 3:00 PM और 3:05 PM के बीच बंद कर दें। इससे मार्केट में बेयरेश माहौल बना है क्योंकि एक तरह से शेयरों के लेन-देन का समय कम हुआ है।

आईटी और प्राइवेट बैंकिंग स्टॉक्स में दबाव

मार्केट पर आज आईटी और हैवीवेट प्राइवेट बैंकिंग स्टॉक्स ने काफी दबाव बनाया जिनके निफ्टी इंडेक्स करीब डेढ़ फीसदी कमजोर हुए। इसके अलावा निफ्टी रियल्टी में डेढ़ फीसदी से अधिक, निफ्टी एफएमसीजी में 1% से अधिक तो ऑटो और सरकारी बैंकों के निफ्टी इंडेक्स में आधे फीसदी की गिरावट है।

कच्चे तेल में उछाल

ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 1% से अधिक उछलकर प्रति बैरल $85 के करीब पहुंचा तो मार्केट पर इसकी आंच महसूस हुई।

India VIX में उछाल

मार्केट की घबराहट को मापने वाले इंडिया विक्स में उछाल ने मार्केट पर दबाव बनाया। फिलहाल यह 2.41% के उछाल के साथ 12.21 पर है। इसके अधिक होने का मतलब वोलैटिलिटी अधिक होने की आशंका है तो कम होने का मतलब वोलैटिलिटी कम होने की संभावना है।

Nifty की एक्सपायरी

आज निफ्टी के डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की वीकली एक्सपायरी है जिसके चलते मार्केट में तेज उठा-पटक दिख रही है।

3 बजे तक कर दें स्क्वेयर ऑफ, इस कारण ब्रोकर्स ने दी रिटेल क्लाइंट्स को सलाह

Nifty में आधे फीसदी से अधिक की गिरावट तो Sensex में 500 अंकों का उछाल, क्या है वजह

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South Korea Market Crash: किसी का फ्लैट खरीदने का पैसा डूबा तो किसी की शादी की पूरी सेविंग्स स्वाहा

South Korea Market Crash: दक्षिण कोरिया में शेयरों के निवेशकों की दुनिया सिर्फ एक महीने में पलट गई है। एक महीने पहले शेयरों में निवेश से मोटी कमाई का जश्न मनाने वाले कई इनेवस्टर्स आज गम में डूबे हैं। इसकी वजह बीते एक महीने में दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार में आई बड़ी गिरावट है। एक महीने में बाजार का प्रमुख सूचकांक कोस्पी 34 फीसदी क्रैश कर चुका है।

चिप बनाने वाली दो कंपनियों की बदौलत चढ़ा था बाजार

दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार में बीते एक साल में जबर्दस्त तेजी दिखी थी। यह दुनिया में सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाला बाजार बन गया था। हालिया गिरावट के बावजूद कोस्पी का एक साल का रिटर्न 71 फीसदी है। शायद ही दुनिया के किसी बाजार में एक साल में ऐसा उछाल आया होगा। इस तेजी में चिप बनाने वाली दो कंपनियों-SK Hynix और Samsung Electronics का सबसे बड़ा हाथ है। अब बाजार में गिरावट में भी इन्हीं दोनों का हाथ है।

एसके हायनिक्स के शेयर में बीते एक साल में 400% उछाल

फॉरेन इनवेस्टर्स ने एसके हायनिक्स और सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स में बीते एक साल में जमकर पैसे लगाए। इससे दोनों शेयरों की कीमतें रॉकेट जैसी रफ्तार से चढ़ीं। इसका अंदाजा बीते एक साल में दोनों शेयरों में आई तेजी से लगाया जा सकता है। SK Hynix का शेयर बीते एक साल में 400 फीसदी चढ़ा है। सैमसंग इलेक्ट्रानिक्स का शेयर इस दौरान 185 फीसदी चढ़ा है। यह रिटर्न हालिया गिरावट के बावजूद है। इन दोनों शेयरों का वेटेज कोस्पी में करीब 60 फीसदी है।

बीते एक महीने में एसके हायनिक्स 50 फीसदी फिसला 

SK Hynix का शेयर बीते एक महीने में 50 फीसदी से ज्यादा गिर चुका है। Samsung Electronics का शेयर बीते एक महीने में 38 फीसदी गिरा है। इस गिरावट ने उन रिटेल इनवेस्टर्स को बड़ी चोट पहुंचाई है, जिन्होंने शेयर बाजार में तेजी का फायदा उठाने के लिए अपनी जिंदगी भर की सेविंग्स शेयरों में लगा दिए थे। कई निवेशकों ने अपना दर्द सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बयां किए हैं। 29 जुलाई को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ऐसे निवेशकों के कई पोस्ट देखने को मिले।

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घर खरीदने के पैसे से लेकर शादी की सेविंग्स तक स्वाहा

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म थ्रेड पर एक यूजर ने बताया कि शेयरों में निवेश से एक समय उसका मुनाफा करीब 4 करोड़ रुपये तक पहुंच गया था। अब वह 4.6 करोड़ रुपये के घाटे पर बैठा है। एक दूसरे इनवेस्टर ने बताया कि उसके पोर्टफोलियो की वैल्यू 40 फीसदी घट गई है। उसने शादी के लिए अपनी सेविंग्स के पैसे शेयर बाजार में लगाए थे। एक दूसरे यूजर ने बताया कि उसे करीब 2 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। उसने फ्लैट खरीदने के लिए रखे पैसे को शेयर बाजार में लगा दिया था।

Kospi Crashed: दो स्टॉक्स ने 10% तोड़ दिया कोस्पी, 20 मिनट थम गई ट्रे़डिंग, तीन वजहों से दक्षिण कोरियाई मार्केट में हाहाकार

Kospi Crashed: चिप बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में वैश्विक बिकवाली ने दक्षिण कोरियाई बाजार में कोहराम मचा दिया। टेक स्टॉक्स पर दबाव में दक्षिण कोरिया का बेंचमार्क कोस्पी (Kospi) इंडेक्स 724.37 प्वाइंट्स यानी 10.73% टूटकर 6,031.38 पर आ गया जिसके कारण 20 मिनट के लिए ट्रेडिंग भी थम गई। निवेशकों की ताबड़तोड़ बिकवाली ने सिर्फ दक्षिण कोरियाई बाजार को ही नहीं बल्कि जापान की चिप हैवी निक्केई 225 और ताइवान के Taiex को भी 4% से अधिक तोड़ दिया।

Kospi Crash: ये है वजहें

वैल्यूएशन से जुड़ी चिंताएं

एआई पर खर्च लगातार बना रहेगा या नहीं, इसे लेकर चिंता ने वैश्विक चिप कंपनियों के शेयरों पर दबाव डाला और बिकवाली की आंधी चलने लगी। दिग्गज चिप कंपनी एनवीडिया कॉर्प (Nvidia Corp) के $75 हजार करोड़ के एआई इंफ्रा डील के बाद भी शेयरों में गिरावट ने चिंता बढ़ाई जिसने बिकवाली तेज की। यूनियन बैंकेयर प्रिवी के एमडी Vey-Sern Ling का कहना है कि एआई से जुड़े शेयरों को लेकर लालच अब डर में बदल गया है और किसी भी खबर के असर को देखने की बजाय उसे शेयर बेचने के लिए इस्तेमाल कर रहे।

चीन से तगड़ा कॉम्पटीशन

निवेशक यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या एआई निवेश की जबरदस्त लहर और कंपनियों की ऊंची वैल्यूएशन लंबे समय तक बनी रह सकती है, खासकर इसलिए क्योंकि चीन की कंपनियां उम्मीद से अधिक रफ्तार से टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। एएसएमएल होल्डिंग एनवी के शेयरों में जून महीने की शुरुआत के बाद से सबसे बड़ी गिरावट आई। इसमें यह गिरावट एक रिपोर्ट के बाद आई जिसमें ये है कि चीन की सरकारी कंपनी ने कुछ खास चिप बनाने वाली मशीनों का बड़े पैमाने पर प्रोडक्शन शुरू कर दिया है, जिससे डच कंपनी की बिक्री पर असर पड़ सकता है। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक के मुताबिक शंघाई की एक कंपनी ने इमर्शन डीप अल्ट्रावायलेट (DUV) लिथोग्राफी टूल्स बनाना शुरू कर दिया है। इसने दुनिया भर की चिप कंपनियों के शेयरों को तोड़ दिया। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक चीन में चैंगजिन मेमोरी टेक्नोलॉजीज (ChangXin Memory Technologies- CXMT) की मार्केट में धांसू एंट् ने मार्केट सेंटीमेंट को और कमजोर किया है।

बड़ी टेक कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली

दक्षिण कोरिया की बड़ी-बड़ी टेक कंपनियों के शेयरों में बिकवाली दक्षिण कोरिया के बेंचमार्क इंडेक्स को तोड़ दिया। मेमोरी-चिप बनाने वाली कंपनियों सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स (Samsung Electronics) और एसके हीनिक्स (SK Hynix) के शेयर धड़ाम हो गए। इसमें से एसके हीनिक्स के शेयरों में न्यूयॉर्क में इसके ADR (अमेरिकन डिपॉजिटरी रिसीट्स) के टूटकर शुरुआती यूएस ऑफरिंग प्राइस से नीचे रिकॉर्ड निचले स्तर पर आने के चलते 10% की गिरावट आई। वहीं सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयर 9.15% फिसल गए। इन दोनों की कोस्पी में हिस्सेदारी आधे से अधिक है, जिससे इस सेक्टर की बिकवाली की आंच पूरे मार्केट पर और भी अधिक दिखा।

Tata Group Stocks: ₹252 करोड़ के मुनाफे से घाटे में आई टाटा कंपनी, शेयर धड़ाम

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।