Ketan Agarwal Murder Case: सिया गोयल ने मंगेतर को लेकर दिया ये आखिरी सिग्नल, सिर्फ 50 मिनट में रचा गया पूरा कांड, केस में हुआ नया खुलासा

पुणे केतन अग्रवाल मर्डर केस (Ketan Agarwal Murder Case): महाराष्ट्र के पुणे में मंगेतर सिया गोयल द्वारा रची गई रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या की इनसाइड स्टोरी में हर दिन चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। जिस मामले को पहले ट्रेकिंग के दौरान हुआ एक दर्दनाक हादसा माना जा रहा था, वह दरअसल बेहद ठंडे दिमाग से तैयार की गई एक खौफनाक मर्डर प्लानिंग थी। पुलिस जांच में अब यह साफ हो गया है कि इस पूरे कांड को अंजाम देने के लिए सिया गोयल ने अपने प्रेमी को आखिरी सिग्नल दिया था। ये भी सामने आया है कि महज 50 मिनट के भीतर पूरी वारदात को अंजाम देकर आरोपी मौके से फरार हो गया था।

मंगेतर सिया का वह आखिरी सिग्नल और 50 मिनट का पूरा टाइमलाइन

हमारे सहयोगी न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक पुणे ग्रामीण पुलिस के मुताबिककेतन अग्रवाल की मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने पहले से ही हत्या का पूरा प्लान तय कर रखा था। रिपोर्ट्स के मुताबिक डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (DySP) गजानन तोमपे ने बताया कि दोनों के बीच पहले से सहमति थी कि जैसे ही वे सही जगह पहुंचेंगे, सिया गोयल जमीन पर बैठ जाएगी। यह बैठना ही प्रेमी चेतन चौधरी के लिए हमला करने का अलर्ट सिग्नल था। 18 जून को जैसे ही सिया पहाड़ी किले के एक सुनसान हिस्से में केतन के साथ पहुंची, वह तय प्लान के मुताबिक बैठ गई। इशारा मिलते ही पीछे से आ रहे चेतन चौधरी ने केतन अग्रवाल को चट्टान से नीचे गहरी खाई में धकेल दिया और वहां से भाग निकला। लोनावला ग्रामीण पुलिस के इंस्पेक्टर दिनेश तायड़े के मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज और जांच से पता चला है कि हुडी पहने हुए आरोपी चेतन चौधरी किले के टॉप पर 10 मिनट से भी कम समय तक रुका था। उसने किले पर चढ़ने और नीचे उतरने की पूरी प्रक्रिया को महज 50 मिनट के भीतर पूरा कर लिया था। जब एक सुरक्षा गार्ड ने चेतन की एंट्री और हुडी को लेकर पूछताछ की, तो उसने बहुत ही शातिराना ढंग से झूठ बोलते हुए दावा किया कि वह वहां सिर्फ एक्सरसाइज करने के लिए आया है।

वारदात के लिए क्यों चुना गया लोहगढ़ किले का विंचू काटा?

जांचकर्ताओं के मुताबिक आरोपियों ने केतन की हत्या के लिए लोहगढ़ किले के विंचू काटा रिज के पास वाले हिस्से को बहुत ही सोच-समझकर चुना था। ये पवन बांध की तरफ खुलता है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि किले के अन्य हिस्सों की तुलना में यह स्थान बेहद अलग-थलग और सुनसान था। आरोपी जानते थे कि वीक डेज में इस जगह पर बहुत कम संख्या में पर्यटक या विजिटर्स आते हैं। इससे पकड़े जाने का खतरा न के बराबर था। पुलिस को अंदेशा है कि इस योजना को अंजाम देने से पहले दोनों आरोपियों ने इस जगह की बकायदा रेकी भी की थी।

सिया के बयानों का विरोधाभास और फोन से खुली पोल

लोनावला ग्रामीण पुलिस के इंस्पेक्टर दिनेश तायड़े ने बताया कि इस मामले में पहला शक तब गहराया जब सिया गोयल ने पुलिस को लगातार विरोधाभासी और बदलते हुए बयान दिए। सिया ने पहले दावा किया था कि केतन एक तस्वीर के लिए पोज दे रहा था और उसी दौरान उसका पैर फिसल गया। बाद में उसने अपना बयान बदलते हुए कहा कि केतन उसे पानी की बोतल पकड़ा रहा था और तभी वह नीचे गिर गया। जब पुलिस ने सिया का मोबाइल फोन चेक किया तो उस पूरे दिन की एक भी तस्वीर फोन में मौजूद नहीं थी। इस बात ने पुलिस के शक को पुख्ता कर दिया। जब जांचकर्ताओं ने दोनों के कॉल रिकॉर्ड्स खंगाले, तो हैरान करने वाला डेटा सामने आया। केतन से सगाई होने के बावजूद सिया और चेतन पिछले कई महीनों से रिलेशनशिप में थे। इस साल जनवरी से जून के बीच दोनों ने एक-दूसरे से 2000 से अधिक बार फोन पर 238 घंटे बात की थी। पुलिस के मुताबिक प्रेमी चेतन चौधरी ने अपनी लोकेशन छुपाने के लिए ट्रिप के दौरान अपना खुद का मोबाइल फोन घर छोड़ दिया था और ट्रैकिंग के समय वह अपने एक कर्मचारी के हैंडसेट का इस्तेमाल कर रहा था।

अंतिम संस्कार के बाद केतन की बहन को हुआ था शक

इस मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने और जांच में तेजी लाने का एक बड़ा श्रेय केतन अग्रवाल की बहन को भी जाता है। अंतिम संस्कार के कुछ दिनों बाद जब सिया गोयल केतन के परिवार से मिलने उसके घर आई हुई थी, तब केतन की बहन को सिया के हाव-भाव और बातों पर संदेह हुआ। बातचीत के दौरान केतन की बहन ने सिया से उस हादसे और पहाड़ी से गिरने से ठीक पहले की कड़ियों को लेकर सिलसिलेवार तरीके से कई सवाल पूछे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक सिया के जवाब इतने संदिग्ध थे कि बहन को भांपते देर नहीं लगी कि कुछ तो गड़बड़ है। परिवार ने तुरंत इसकी सूचना जांचकर्ताओं को दी। इसके बाद पुलिस ने कड़ाई से तफ्तीश शुरू की और यह पूरी साजिश बेनकाब हो गई।

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पश्चिम बंगाल में अब अंडों को लेकर बवाल, मिड डे मील से इसके हटने की सुगबुगाहट और इस्कॉन से जोड़ा जा रहा पूरा विवाद क्या है? समझिए

पश्चिम बंगाल मिड-डे मील विवाद (West Bengal Mid-Day Meal Controversy): पश्चिम बंगाल में स्कूलों के मिड-डे मील (स्कूली भोजन) के मेनू से अंडों को हटाए जाने की सुगबुगाहट को लेकर एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। इस पूरे मामले को धार्मिक संस्था इस्कॉन (ISKCON) और राज्य की नई भाजपा सरकार से जोड़कर देखा जा रहा है। तृणमूल कांग्रेस ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया है कि राज्य में शाकाहार थोपने की कोशिश की जा रही है और इससे बच्चों के पोषण पर असर पड़ेगा। आइए समझते हैं कि आखिर यह पूरा विवाद क्या है और इस पर अलग-अलग पक्षों का क्या कहना है।

विवाद की शुरुआत: बजट में इस्कॉन को शामिल करने का प्रस्ताव

इस पूरे विवाद की जड़ पश्चिम बंगाल सरकार के नए बजट से जुड़ी है। सोमवार को राज्य का पहला बजट पेश करते हुए पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री स्वप्न दासगुप्ता ने घोषणा की थी कि मिड-डे मील योजना के तहत भोजन तैयार करने और उसके वितरण में इस्कॉन की सहायता लेने की उम्मीद है। इसके बाद ऐसी खबरें और सोशल मीडिया पर दावे सामने आने लगे कि कोलकाता नगर निगम क्षेत्र के तहत आने वाले स्कूलों में जहां राज्य सरकार पके हुए भोजन की जिम्मेदारी इस्कॉन को सौंपने पर विचार कर रही है, वहां के मेनू से अंडों को पूरी तरह हटा दिया जाएगा। चर्चा यह भी चली कि इस्कॉन के नए मेनू में अंडों की जगह पौधों से मिलने वाले प्रोटीन जैसे कि पनीर और सोयाबीन को शामिल किया जा सकता है।

टीएमसी विधायक कुणाल घोष ने जताई चिंता, सरकार से पुनर्विचार की मांग की

तृणमूल कांग्रेस के विधायक कुणाल घोष ने सरकार के इन संकेतों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा कि वर्तमान में अंडे मिड-डे मील योजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और बच्चों के पोषण में इनका बड़ा योगदान है। उन्होंने राज्य सरकार से ऐसे किसी भी कदम पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है जिससे अंडे मेनू से बाहर हो जाएं।

कुणाल घोष ने कहा कि, ‘इस्कॉन एक बेहद सम्मानित धार्मिक संस्था है, लेकिन समस्या यह है कि बच्चों को खाना खिलाना एक बड़ी चुनौती है। अंडा एक ऐसी चीज है जिसे बच्चे बहुत पसंद करते हैं। यह न केवल उनके पोषण और स्वास्थ्य के लिए अच्छा है, बल्कि बच्चों को काफी आकर्षित भी करता है। चूंकि इस्कॉन एक धार्मिक संगठन है, इसलिए यदि वे मिड-डे मील तैयार करेंगे तो उन्हें भोजन को पूरी तरह से शाकाहारी रखना होगा। ऐसे में बच्चों का मेनू नॉन-वेजिटेरियन से वेजिटेरियन हो जाएगा और अंडे पूरी तरह से खत्म हो जाएंगे। इसलिए हम सरकार से इस फैसले पर पुनर्विचार करने का अनुरोध करते हैं।’

डेरेक ओ’ब्रायन का भाजपा सरकार पर तीखा हमला, ‘बंगाल में शाकाहार थोपने की कोशिश’

तृणमूल कांग्रेस के संयुक्त सचिव और राज्यसभा सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने भी इस मुद्दे को लेकर भाजपा पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल की नई भाजपा सरकार बच्चों को पोषण से वंचित कर रही है और राज्य में जबरन शाकाहार थोपने की कोशिश कर रही है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में ओ’ब्रायन ने इस विवाद को चुनाव प्रचार के दौरान खान-पान की आदतों पर हुई राजनीतिक बहस से जोड़ते हुए लिखा कि चुनाव अभियान के दौरान ‘मछली खाने’ के तमाशे के बाद, आखिरकार गुजरात जिमखाना का असली रूप सामने आ गया है। बंगाल में नई भाजपा सरकार काम पर लग गई है। विरोधियों पर अंडे फेंको, लेकिन मिड-डे मील से अंडे हटाकर बच्चों को पोषण से वंचित कर दो। शाकाहार थोपा जा रहा है। बंगाल इसे खारिज करता है।’

अफवाहों पर इस्कॉन का स्पष्टीकरण- अभी कोई मेनू फाइनल नहीं हुआ

विवाद और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दावों के बीच इस्कॉन कोलकाता के उपाध्यक्ष राधारमण दास ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने वायरल हो रहे कथित मेनू को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि अभी भोजन सूची को लेकर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। राधारमण दास ने X पर पोस्ट में कहा कि, ‘मेरे संज्ञान में आया है कि कुछ लोग कोलकाता में मिड-डे मील के लिए एक प्रस्तावित मेनू साझा कर रहे हैं। हालांकि, मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि ऐसा कोई भी मेनू अभी फाइनल नहीं किया गया है और न ही यह सूची हमारी ओर से जारी की गई है। एक बार मेनू फाइनल हो जाने के बाद, हम इसकी आधिकारिक घोषणा करेंगे। कृपया इस तरह की गलत जानकारी साझा करने से बचें।’

क्या हैं मिड-डे मील (PM POSHAN) के नियम?

शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, ‘पीएम पोषण’ (प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण) योजना के तहत सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में बालवाटिका और कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों को गर्म पका हुआ भोजन दिया जाता है। इस योजना के नियम कुछ इस तरह हैं-

स्थानीय मेनू की छूट: केंद्र सरकार के नियमों के तहत, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को यह छूट दी गई है कि वे निर्धारित पोषण मानकों का पालन करते हुए स्थानीय परिस्थितियों और प्राथमिकताओं के अनुरूप अपना मेनू खुद तय कर सकते हैं।

गुणवत्ता और स्वच्छता गाइडलाइंस: केंद्र सरकार ने भोजन की गुणवत्ता, सुरक्षा और स्वच्छता को लेकर कड़े दिशानिर्देश जारी किए हैं। इसमें प्रमाणित सामग्री का उपयोग, रसोइयों का प्रशिक्षण और बच्चों को परोसे जाने से पहले स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्यों व शिक्षकों द्वारा भोजन को अनिवार्य रूप से चखना शामिल है।

मुख्य जिम्मेदारी: इस योजना को जमीनी स्तर पर लागू करने और बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने की पूरी जिम्मेदारी संबंधित राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन की होती है।

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Siya Goyal: केतन अग्रवाल से शादी के लिए तैयार नहीं थी सिया गोयल, परिवार का था दबाव;’; पुणे कारोबारी हत्याकांड में पुलिस का बड़ा दावा

Ketan Agarwal Murder Case: पुणे के पास स्थित लोहागढ़ किले पर घूमने गए  युवा कारोबारी केतन अग्रवाल की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस जांच ने नया मोड़ ले लिया है। पुलिस का दावा है कि केतन की मंगेतर सिया गोयल शादी के लिए मानसिक रूप से तैयार नहीं थी। वह अपने परिवार के दबाव में यह रिश्ता स्वीकार की थी। जांच एजेंसियों का मानना है कि यही तनाव इस कथित साजिश की एक अहम वजह हो सकता है।

पहले हादसा माना गया था मामला

जांच में सामने आया कि 18 जून को ‘ट्रेकिंग’ के दौरान सिया (20) और उसके प्रेमी चेतन (22) ने 26 वर्षीय केतन को खाई में कथित तौर पर धक्का देकर मार डाला। वह लोहागढ़ किले में एक चट्टान से गिर गए थे। उस समय दुर्घटनावश हुई मौत मानकर मामला दर्ज किया गया था। सिया ने भी केतन के परिजनों को बताया था कि ट्रेकिंग के दौरान उनका पैर फिसल गया था, जिससे वह खाई में जा गिरे।

शुरुआत में इसे एक दुर्घटना माना गया था। सिया ने परिजनों को बताया था कि ट्रेकिंग के दौरान केतन का पैर फिसल गया और वह खाई में गिर गया। हालांकि बाद में पुलिस जांच में कई संदिग्ध तथ्य सामने आए, जिसके बाद मामले को हत्या के एंगल से देखा जाने लगा।

पुलिस का दावा- शादी नहीं करना चाहती थी सिया

ANI के मुताबिक पुलिस सूत्रों के अनुसार पूछताछ, डिजिटल सबूतों और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों से संकेत मिले हैं कि सिया गोयल इस शादी को लेकर सहज नहीं थी। उसने पहले भी विवाह को एक साल के लिए टालने की इच्छा जताई थी। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, सिया खुद को शादी के लिए मानसिक रूप से तैयार नहीं मानती थी। लेकिन परिवार की अपेक्षाओं और दबाव के कारण वह रिश्ते को आगे बढ़ा रही थी।

CCTV फुटेज से खुला राज

जांच में बड़ा सुराग किले परिसर के सीसीटीवी कैमरों से मिला। पुलिस ने फुटेज में देखा कि केतन और सिया के पीछे कुछ दूरी पर एक संदिग्ध व्यक्ति चल रहा था। बाद में उसकी पहचान चेतन चौधरी (Chetan Chaudhary) के रूप में हुई, जिसे पुलिस सिया का कथित प्रेमी बता रही है।

गर्मी में हूडी पहनकर घूम रहा था युवक

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, संदिग्ध युवक ने शॉर्ट्स और हूडी पहन रखी थी। उसने हूडी को इस तरह नीचे खींच रखा था कि उसका चेहरा दिखाई न दे। उसके ऊपर हेडसेट भी लगा हुआ था। जांचकर्ताओं के मुताबिक, एक अन्य फुटेज में सिया अचानक पीछे मुड़कर देखती है। उसी समय हूडी पहने युवक नीचे बैठ जाता है। इस गतिविधि ने पुलिस का संदेह और बढ़ा दिया।

फरवरी में हुई थी सगाई, नवंबर में होनी थी शादी

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि केतन और सिया की सगाई फरवरी में हुई थी। दोनों की शादी नवंबर में राजस्थान के उदयपुर में एक भव्य समारोह में होने वाली थी। इसके लिए पैलेस वेन्यू भी बुक किया जा चुका था।

तीन बार कर चुकी थी मारने की कोशिश

पुलिस का दावा है कि सिया लगातार केतन को लोहागढ़ किले ले जाने के लिए दबाव डाल रही थी। जांच के अनुसार वह उसे 31 मई, 4 जून, 14 जून और 18 जून को वहां लेकर गई थी। अधिकारियों का आरोप है कि 14 जून को भी केतन को खाई में धक्का देने की कोशिश की गई थी। लेकिन वह एक झाड़ी पकड़कर बच गया था। इसके बाद 18 जून को कथित तौर पर दोबारा साजिश को अंजाम दिया गया।

जांच जारी, पुलिस जुटा रही सबूत

फिलहाल पुलिस सिया गोयल और चेतन चौधरी से पूछताछ कर रही है। दोनों का मोबाइल डेटा, सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल सबूतों  की जांच में जुटी हुई है। हालांकि मामले में अंतिम निष्कर्ष अदालत में पेश किए जाने वाले सबूतों और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।

मामले ने खड़े किए कई सवाल

इस चर्चित मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या पारिवारिक दबाव में होने वाली शादियां युवाओं पर मानसिक तनाव बढ़ा रही हैं। वहीं, पुलिस का दावा है कि यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो यह मामला एक सुनियोजित हत्या की साजिश का उदाहरण बन सकता है।

मामले की जांच से जुड़े एक पुलिस अधिकारी ने कहा, “जांच के दौरान कुछ ऐसे तथ्य और परिस्थितियां सामने आईं जिन्होंने इस कथित हादसे पर सवाल खड़े कर दिए। इसके बाद हमने मामले की गहन पड़ताल शुरू की। जब किले के टिकट काउंटर पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की गई तो उसमें केतन और सिया एक साथ किले की ओर जाते दिखाई दिए जिससे जांच को एक महत्वपूर्ण दिशा मिली।” फुटेज को बारीकी से खंगालने पर पुलिस की नजर एक ऐसे शख्स पर पड़ी, जो केतन और सिया से कुछ मीटर पीछे चल रहा था।

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अधिकारी ने कहा, “उस व्यक्ति ने शॉर्ट्स और ‘हुडी’ पहन रखी थी। हुडी’ का अगला हिस्सा इतना नीचे कर रखा था कि उसका चेहरा दिखाई नहीं दे रहा था। इसके अलावा उसने हुडी के ऊपर हेडसेट भी लगा रखा था। एक अन्य फुटेज में हमने देखा कि सिया अचानक पीछे मुड़कर देखती है और उसी समय हुडी पहने वह व्यक्ति भी अचानक बैठ जाता है। यह संयोग बेहद संदिग्ध लगा। अधिकारी ने बताया कि बाद में पुलिस ने 18 जून को उस समय के तापमान का पता लगाया जो करीब 33 डिग्री सेल्सियस था और यह बात खटकी कि इतनी गर्मी में कोई व्यक्ति आखिर ‘हुडी’ पहनकर क्यों घूम रहा था।

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Ketan Agarwal Murder: महाराष्ट्र के मशहूर बिजनेसमैन के बेटे केतन अग्रवाल की लोहगढ़ किले में हुई संदिग्ध मौत में चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। जिसे दुनिया एक दुखद हादसा समझ रही थी उसके पीछे साजिश की एक ऐसी खौफनाक दास्तान छिपी थी जिसे सुनकर किसी की भी रूह कांप जाए। पुलिस की जांच में सामने आया है कि केतन की मंगेतर सिया गोयल ने अपने कथित प्रेमी के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी और उसे एक्सिडेंट का रूप देना चाहा। फिलहाल दोनों पुलिस की गिरफ्त में हैं। इस बीच यह भी पता चला है कि केतन का परिवार अपनी होने वाली बहू के लिए लगातार एक से एक लग्जरी तैयारियां कर रहा था।

केतन का परिवार अपनी होने वाली बहू सिया गोयल को किस कदर पलकों पर बिठाकर रखता था, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उसके जन्मदिन के लिए पांच सितारा होटल में 70 लग्जरी कमरे बुक किए गए थे। लेकिन जिस होने वाली बहू की हर ख्वाहिश को ससुर और मंगेतर पलकों पर रखते थे, उसने प्यार में अंधा होकर केतन को ऐसा खौफनाक सिला दिया। आइए जानते हैं इस हाई-प्रोफाइल मर्डर मिस्ट्री की पूरी इनसाइड स्टोरी।

ससुर ने बुक किए थे 70 लग्जरी रूम

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक महाराष्ट्र के एक प्रमुख व्यवसायी और रियल एस्टेट बिजनेस के डायरेक्टर 26 वर्षीय केतन अग्रवाल का परिवार अपनी होने वाली बहू सिया गोयल का जन्मदिन बेहद भव्य तरीके से मनाने की तैयारी कर रहा था। केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने महाबलेश्वर के एक शानदार फाइव-स्टार होटल में करीब 70 कमरे बुक किए थे। यह आलीशान आयोजन 20 जून को सिया गोयल के जन्मदिन के जश्न के लिए प्लान किया गया था। इसमें दोनों परिवारों के सदस्यों को शामिल होना था।

सिया ने रची दूसरी ही साजिश

एक तरफ जहां केतन का परिवार इस जश्न की तैयारियों में डूबा था, वहीं सिया के दिमाग में कुछ और ही खौफनाक प्लान चल रहा था। इस मामले की जांच में पता चला है कि सिया ने बड़ी ही चालाकी से केतन को मनाकर महाबलेश्वर का यह भव्य बर्थडे सेलिब्रेशन कैंसिल करवा दिया और उसकी जगह उसे अपने साथ पुणे के पास स्थित लोहगढ़ किले में ट्रेकिंग ट्रिप पर ले गई।

18 जून को किले की खाई में धकेला, पहले भी की थीं कई कोशिशें

बीती 18 जून को लोहगढ़ किले की एक गहरी खाई में गिरने के कारण केतन अग्रवाल की मौत हो गई। शुरुआत में सिया ने पुलिस को गुमराह करते हुए कहानी सुनाई थी कि ट्रेकिंग के दौरान केतन का पैर फिसल गया था। इसके बाद पुलिस इसे सिर्फ एक एक्सीडेंट मानकर चल रही थी। जब जांच आगे बढ़ी तो कहानी पूरी तरह पलट गई। पुलिस जांच में सामने आया है कि सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी के बीच प्रेम प्रसंग था और वे दोनों केतन को अपने रास्ते का कांटा समझते थे। इस कांटे को हटाने के लिए दोनों ने मिलकर केतन की हत्या की पूरी साजिश रची थी।

पुलिस के मुताबिक 18 जून को कामयाब होने से पहले भी दोनों केतन को रास्ते से हटाने की कई नाकाम कोशिशें कर चुके थे। इस घातक ट्रिप से पहले भी केतन और सिया कई बार लोहगढ़ किला घूमने गए थे, जहां प्लान को अंजाम देने की पिछली कोशिशें असफल रही थीं।

बाली में होने वाला था प्री-वेडिंग फोटोशूट, गायब कर दिया था केतन का पासपोर्ट!

जांच में यह भी सामने आया है कि इस साल की शुरुआत में केतन और सिया ने इंडोनेशिया के बाली में एक भव्य प्री-वेडिंग फोटोशूट की प्लानिंग की थी। लेकिन यात्रा पर रवाना होने से ठीक पहले अचानक केतन का पासपोर्ट रहस्यमय तरीके से गायब हो गया। इसकी वजह से वह पूरा इंटरनेशनल ट्रिप ही कैंसिल करना पड़ा था। जांचकर्ता अब इस एंगल और आरोपों की भी गहनता से जांच कर रहे हैं कि क्या केतन का पासपोर्ट किसी बड़ी साजिश के हिस्से के रूप में जानबूझकर छुपाया गया था।

33 डिग्री की गर्मी में हुडी पहनने की भूल और सीसीटीवी का सुराग

इस पूरे मर्डर केस का पर्दाफाश करने में सीसीटीवी फुटेज सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण जरिया साबित हुआ। लोहगढ़ किले के पास लगे कैमरों में एक शख्स कैद हुआ था जो किले के आसपास लगभग 33 डिग्री सेल्सियस की गर्मी होने के बावजूद हुडी पहने हुए घूम रहा था। इसी अजीब हरकत ने पुलिस का ध्यान खींचा और जांचकर्ताओं को उस पर गहरा शक हुआ। सीसीटीवी फुटेज को जब खंगाला गया तो साफ दिखा कि वह हुडी वाला शख्स ट्रेकिंग के दौरान केतन और सिया से कुछ ही दूरी पर लगातार उनका पीछा कर रहा था। इसी सीसीटीवी सुराग की मदद से पुलिस ने संदिग्ध की पहचान की और चेतन चौधरी तक पहुंच गई।

दोनों कातिल सलाखों के पीछे, पुलिस खंगाल रही है पूरी कुंडली

सिया गोयल द्वारा सुनाई गई घटना की कहानी में कई विरोधाभास थे। इसने पुलिस के शक को यकीन में बदल दिया। संदिग्धों से गहन पूछताछ और तकनीकी सबूतों के विश्लेषण के बाद पुलिस आखिरकार इस नतीजे पर पहुंची कि केतन की मौत कोई हादसा नहीं बल्कि एक सोची-समझी क्रूर हत्या थी। एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड के आरोप में सिया गोयल और चेतन चौधरी दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। जांच एजेंसियां अब इस बात की भी बारीकी से जांच कर रही हैं कि इस पूरी क्रिमिनल कॉन्स्पिरेंसी में क्या इन दोनों के अलावा कोई और बाहरी व्यक्ति भी शामिल था या नहीं।

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मंगेतर को मारने की बजाय प्रेमी के साथ क्यों नहीं भाग गई सिया गोयल? खौफनाक साजिश रचने वाली इस लड़की को था ये डर

Ketan Agarwal murder Case: पुणे में 26 साल के बिजनेसमैन केतन अग्रवाल की हत्या का केस इस समय सुर्खियां में बना हुआ हैं। पुलिस के मुताबिक, केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी पर केतन का हत्या का आरोप लगा है। दोनों इस समय पुलिस के हिरासत में है। वहीं इसी बीच एक सवाल ये भी है कि अगर सिया को केतन के साथ शादी नहीं करनी थी तो उसने इस शादी के लिए हां क्यों किया? या फिर वह अपने प्रेमी चेतन चौधरी के साथ भागकर क्यों नहीं शादी कर ली। सिया ने अपने होने वाले पति को रास्ते से हटाने के लिए इतना खतरनाक प्लान क्यों बनाया। वहीं पुलिस की जांच में कई बातें सामने आई है, जिसे सुनकर हर कोई हैरान हो जाएगा।

क्यों नही भागी चेतन के साथ?

PTI ने रिपोर्ट के मुताबिक पुणे पुलिस बताया, परिवार की बेइज्जती के डर से सिया गोयल ने कथित तौर पर केतन अग्रवाल के साथ अपनी सगाई तोड़कर अपने पार्टनर चेतन चौधरी के साथ भाग जाने से मना कर दिया। पुलिस के मुताबिक, 20 वर्षीय सिया गोयल अपने कथित प्रेमी चेतन चौधरी के साथ घर छोड़कर जाने और कारोबारी केतन अग्रवाल से हुई सगाई तोड़ने के पक्ष में नहीं थी। जांच के दौरान सामने आया कि उसे इस बात की चिंता थी कि ऐसा करने से उसके परिवार की सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंच सकती है और उन्हें लोगों के बीच शर्मिंदगी का सामना करना पड़ सकता है।

चेतन ने किया ये खुलासा

पुलिस जांच में सामने आया है कि चेतन चौधरी ने पूछताछ के दौरान बताया कि उसने और सिया गोयल ने साथ में घर छोड़कर जाने की संभावना पर चर्चा की थी। लेकिन सिया इसके लिए तैयार नहीं थी, क्योंकि उसे लगता था कि ऐसा करने और केतन अग्रवाल से रिश्ता तोड़ने पर उसके परिवार की बदनामी होगी। पुलिस के अनुसार, इसी वजह से दोनों ने कथित तौर पर केतन अग्रवाल को रास्ते से हटाने की योजना बनाई गई। वहीं मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।

चेतन पर कैसे हुआ शक

केतन अग्रवाल की 18 जून को लोहागढ़ किले में ट्रेकिंग के दौरान गहरी खाई में गिरने से मौत हो गई थी। शुरुआत में इस घटना को एक हादसा माना गया और सिया गोयल ने भी परिजनों को बताया था कि केतन का पैर फिसलने से वह नीचे गिर गए। जांच के आगे बढ़ने पर मामला नया मोड़ ले गया। पुलिस ने किले के टिकट काउंटर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसमें एक संदिग्ध व्यक्ति हुडी पहनकर केतन और सिया के पीछे चलता दिखाई दिया। इसके बाद जांच अधिकारियों ने मामले को नए सिरे से देखना शुरू किया और कई महत्वपूर्ण सुराग जुटाए।

हुडी से हुआ खुलासा

जांच के दौरान पुलिस को सीसीटीवी फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया, जिसने अपने चेहरे को हुडी से काफी हद तक ढक रखा था और कानों में हेडसेट लगाया हुआ था, जिससे उसकी पहचान करना आसान नहीं था। अधिकारियों के मुताबिक, एक अन्य वीडियो में सिया गोयल अचानक पीछे की ओर देखती नजर आती है, तभी वह व्यक्ति तेजी से नीचे बैठ जाता है। इस हरकत ने जांचकर्ताओं का ध्यान खींचा और उन पर शक गहरा गया। पुलिस ने ये भी बताया कि जिस दिन घटना हुई, उस समय मौसम काफी गर्म था और तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस था, ऐसे में उस व्यक्ति का हुडी पहनकर घूमना भी जांच का एक अहम बिंदु बन गया।

पुलिस कस्टडी में है चेतन-सिया

पुलिस जांच आगे बढ़ने पर सीसीटीवी फुटेज में दिख रहे संदिग्ध व्यक्ति की पहचान चेतन चौधरी के रूप में होने का दावा किया गया। जांच एजेंसियों के अनुसार, चेतन चौधरी और सिया गोयल पर केतन अग्रवाल की हत्या की योजना बनाने का आरोप है। मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। अदालत ने उन्हें 29 जून तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस अभी इस पूरे मामले के सभी पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है।

मंगेतर को मारने के बाद सिया गोयल चली थी मातम वाला नाटक करने, इस शातिर लड़की से यहीं पर हो गई एक चूक!

महाराष्ट्र के पुणे में स्थित लोहगढ़ किले में हुए बिजनेसमैन केतन अग्रवाल की मौत के मामले में एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जिसे शुरुआत में एक साधारण ट्रेकिंग हादसा माना जा रहा था, वह असल में सोची-समझी हत्या की एक खौफनाक साजिश निकली। मंगेतर केतन को पहाड़ी से नीचे धकेलने के बाद शातिर आरोपी लड़की सिया गोयल से जुड़ा एक और खुलासा हुआ है।

बताया जा रहा है कि इस क्राइम को अंजाम देने के बाद सिया अग्रवाल परिवार के सामने मातम मनाने पहुंची थी। इसी बीच केतन की बहन की सजगता और शक ने इस पूरे नाटक का भंडाफोड़ कर दिया। इस शातिर लड़की से मातम के इस ड्रामे के दौरान ही एक ऐसी चूक हो गई जिसके बाद उसकी पूरी साजिश ताश के पत्तों की तरह बिखर गई। आइए जानते हैं उस मुलाकात की पूरी इनसाइड स्टोरी जिसने कातिल मंगेतर को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।

घर पर सांत्वना देने पहुंची थी सिया, बहन ने पकड़ ली ये बड़ी चूक

बीती 18 जून को लोहगढ़ किले में ट्रेकिंग के दौरान केतन अग्रवाल की एक गहरी खाई में गिरने से मौत हो गई थी। घटना के तुरंत बाद लोनावला रूरल पुलिस ने इसे दुर्घटनावश हुई मौत के रूप में दर्ज किया था क्योंकि लड़के की मंगेतर सिया ने दावा किया था कि तस्वीरें लेते समय केतन का पैर फिसल गया था। लेकिन केतन की बहन इस हादसे की थ्योरी को स्वीकार करने के लिए बिल्कुल तैयार नहीं थी। केतन के अंतिम संस्कार के बाद भी उसकी बहन लगातार मौत की परिस्थितियों पर सवाल उठाती रही। उसे इस घटना के कई पहलू आपस में मेल खाते हुए नहीं दिख रहे थे। सूत्रों के मुताबिक, घटना के चार दिन बाद सिया गोयल अग्रवाल परिवार के घर पर शोक व्यक्त करने और सांत्वना देने पहुंची थी। इसी मुलाकात के दौरान केतन की बहन ने उससे लोहगढ़ किले में हुए पूरे घटनाक्रम को लेकर विस्तार से और बेहद तीखे सवाल पूछे।

जब बहन ने सवाल दागना शुरू किया तो सिया के जवाबों में भारी विसंगतियां दिखने लगीं। परिवार को लगा कि सिया सीधे जवाब देने के बजाय बातों को टालने की कोशिश कर रही है। सिया की इसी घबराहट और टालमटोल ने परिवार के शक को पूरी तरह गहरा कर दिया। इसके तुरंत बाद परिवार ने दोबारा पुलिस से संपर्क किया और नए सिरे से जांच की मांग की।

जून में हुडी पहनने की गलती और सीसीटीवी का सुराग

परिवार के भारी दबाव और जिद के बाद जांचकर्ताओं ने मामले की नए सिरे से पड़ताल शुरू की। पुलिस ने सीसीटीवी (CCTV) फुटेज, तकनीकी सबूतों और केस से जुड़े लोगों के बयानों की जांच शुरू की। इसी दौरान पुलिस को सिया गोयल और चेतन चौधरी के बीच के कथित प्रेम प्रसंग का पता चला। इस पूरी मिस्ट्री को सुलझाने में सीसीटीवी फुटेज सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। फुटेज में जांचकर्ताओं को जून की गर्मी के बावजूद एक शख्स हुडी पहने हुए दिखाई दिया। इस शख्स की हरकतें बेहद संदिग्ध थीं क्योंकि वह लोहगढ़ किले के आसपास लगातार केतन और सिया की गतिविधियों और मूवमेंट का पीछा कर रहा था। इस फुटेज की मदद से आखिरकार पुलिस को संदिग्ध शख्स की पहचान करने और चेतन चौधरी तक पहुंचने में बड़ी कामयाबी मिली।

परिवार का आरोप: सिया के घरवालों को सब पता था!

जांच के दौरान अग्रवाल परिवार ने सिया के परिवार पर भी बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। अग्रवाल परिवार का आरोप है कि सिया के घरवाले उसके और चेतन चौधरी के अफेयर (रिश्ते) के बारे में पहले से अच्छी तरह जानते थे। इसके बावजूद उन्होंने इस बात को छुपाया और यह आश्वासन देते हुए शादी के रिश्ते को आगे बढ़ाया कि समय के साथ सब कुछ ठीक हो जाएगा।

फेसटाइम, व्हाट्सएप और हजारों कॉल्स; ऐसे रची गई मर्डर की प्लानिंग

पुलिस की तफ्तीश जैसे-जैसे आगे बढ़ी, सिया का सच पूरी तरह उजागर हो गया। पुलिस ने जब सिया और चेतन को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उनकी तरफ से मिले अस्पष्ट और विरोधाभासी जवाबों के बाद पुलिस ने शिकंजा और कस दिया। तकनीकी जांच से साफ हो गया कि केतन की मौत कोई हादसा नहीं बल्कि एक सोची-समझी क्रिमिनल कॉन्स्पिरेंसी थी। पुलिस के मुताबिक सिया और चेतन पिछले कई सालों से एक-दूसरे के संपर्क में थे। इस साल जनवरी से जून के बीच ही दोनों ने फोन कॉल्स पर हजारों बार आपस में बात की थी। इसके अलावा पुलिस को उनके बीच फेसटाइम और वॉट्सऐप कॉल्स के जरिए भी लगातार और लगातार बातचीत करने के पुख्ता सबूत मिले हैं।

दोनों आरोपी गिरफ्तार, अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच जारी

शुरुआत में पुलिस को यह मनगढ़ंत कहानी सुनाने वाली सिया कि केतन फोटो खिंचवाने के लिए पोज देते समय खाई में गिर गया था, अब पूरी तरह बेनकाब हो चुकी है। पुलिस का साफ तौर पर आरोप है कि सिया और चेतन ने ही मिलकर केतन को पीछे से मौत के मुंह में धकेला था और बाद में इसे एक दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की थी। इस खौफनाक हत्याकांड और आपराधिक साजिश के आरोप में पुलिस ने 23 जून को सिया गोयल और चेतन चौधरी दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब इस बात की भी गहनता से जांच कर रही है कि क्या इस पूरी मर्डर प्लानिंग और साजिश में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं।

झूठा था उसके प्यार का इजहार! एक हफ्ते पहले की सिया गोयल की ये इंस्टा पोस्ट देख कौन कहेगा कि ये मारने वाली थी मंगेतर को

सोशल मीडिया पर जो कहानी कल तक एक परफेक्ट लव स्टोरी की तरह नजर आ रही थी वो अब महाराष्ट्र के सबसे चौंकाने वाले हत्याकांडों में से एक बन चुकी है। इस वक्त पुणे के केतन अग्रवाल की मर्डर मिस्ट्री के खुलासे ने पूरे देश को चौंका कर रख दिया है। पुलिस ने केतन की हत्या के आरोप में उसकी मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधर को अरेस्ट कर लिया है। पर सबसे अधिक लोगों के बीच सिया को लेकर चर्चा है। सिया ने अपने मंगेतर को मारने की साजिश रचने के दौरान प्यार का कैसा नाटक खेलकर रखा, ये लोगों को चौंका रहा है।

महीनों तक सिया गोयल का इंस्टाग्राम प्रोफाइल उसके मंगेतर केतन अग्रवाल के साथ रोमांटिक पलों से गुलजार था। ड्रीम प्रपोजल, फूलों के सरप्राइज, डांस वीडियो, गले मिलने की तस्वीरें और शादी की प्लानिंग.. इन सबको देखकर कोई भी यही कहेगा कि दोनों एक-दूसरे के प्यार में डूबे हुए थे। अब पुलिसिया जांच में जो सच सामने आया है उसने हर किसी को सन्न कर दिया है। जिसे दुनिया प्यार का इजहार समझ रही थी वह असल में फरेब था और ऐसा धोखा था जिसने एक हंसते खेलते शख्स को मार डाला।

दिल को उसका घर मिल गया – सिया ने सगाई के बाद लिखी थीं ये बातें

एनडीटीनी की रिपोर्ट के मुताबिक सिया और केतन ने इसी साल फरवरी में अपनी सगाई का एलान किया था। इसके बाद दोनों के परिवारों ने नवंबर में होने वाली एक बेहद भव्य और आलीशान शादी की तैयारियां भी शुरू कर दी थीं। इसमें लग्जरी वेन्यू, प्राइवेट जेट और महल जैसे फंक्शन शामिल होने वाले थे। सगाई के तुरंत बाद से ही सिया नियमित रूप से अपने इस रिश्ते का जश्न मनाते हुए तस्वीरें और वीडियो शेयर कर रही थी। सगाई के एक महीने बाद सिया ने एक कैंडल-लिट केक की तस्वीर पोस्ट की और केतन को टैग करते हुए लिखा- चीयर्स टू वन मंथ सिंस माई हार्ट फाउंड इट्स होम (एक महीना पूरा होने की शुभकामनाएं, मेरे दिल को उसका घर मिल गया)।

इसी तरह मई की एक पोस्ट में केतन, सिया को एक फूल देते हुए नजर आ रहा था। सिया ने इस तस्वीर के कैप्शन में लिखा था कि उसने मेरी पसंद को काफी सीरियसली ले लिया। इस पोस्ट के अंत में दोनों एक-दूसरे को गले लगाते दिख रहे थे। सिया ने केतन की एक इंस्टाग्राम स्टोरी को भी अपने अकाउंट पर रीशेयर किया था। इसमें केतन ने सिया की तस्वीर के साथ लिखा था- दैट स्माइल और साथ में एक हार्ट इमोजी लगाया था।

वारदात से से कुछ दिन पहले ही डाला था रोमांटिक डांस वीडियो

इस पूरी कहानी का सबसे डरावना पहलू यह है कि मर्डर की इस वारदात से कुछ ही दिन पहले यानी 19 मई को सिया ने अपने इंस्टाग्राम पर एक बर्थडे काउंटडाउन स्टोरी शेयर की थी। इस वीडियो स्टोरी में यह कपल एक रोमांटिक गाने पर एक साथ डांस करता हुआ दिखाई दे रहा था। ऐसे में किसी को क्या पता चलता था कि केतन के प्यार में डूबने का नाटक कर रही सिया तो असल में उसे मारने की प्लानिंग कर रही है।

हवा तेज थी और पैर फिसल गया – पुलिस को सुनाई झूठी कहानी

करीब एक महीने बाद ही यह लव स्टोरी एक खौफनाक त्रासदी में बदल गई। पुणे के पास लोहगढ़ किले में एक गहरी घाटी में गिरने से केतन की मौत हो गई। शुरुआत में सिया ने इस घटना को एक हादसा दिखाने की पूरी कोशिश की। उसने लोनावला रूरल पुलिस को बताया कि जब वे दोनों तेज हवाओं के बीच तस्वीरें ले रहे थे तब केतन का पैर अचानक फिसल गया और वह नीचे गिर गया। सिया के इसी बयान के आधार पर पुलिस ने शुरुआत में दुर्घटनावश हुई मौत का मामला दर्ज किया था।

ऐसे खुला राज: बेकरी मालकिन और ड्राई फ्रूट कारोबारी का लव अफेयर

मामले की जांच कर रहे अधिकारियों को जल्द ही सिया की कहानी पर शक हो गया और जब उन्होंने गहराई से तफ्तीश की तो सोशल मीडिया के पीछे छिपी एक बिल्कुल अलग और काली हकीकत सामने आ गई। पुलिस ने पाया कि सिया का 22 वर्षीय चेतन चौधरी के साथ गुप्त प्रेम प्रसंग चल रहा था। सिया की खुद की एक बेकरी है जबकि चेतन ड्राई फ्रूट्स (सूखे मेवे) के बिजनेस से जुड़ा हुआ है। दोनों की मुलाकात पिछले साल एक बिजनेस मीटिंग के दौरान हुई थी और नवंबर 2025 से ही उनका यह रिश्ता शुरू हो गया था। मजे की बात यह है कि जब सिया का परिवार केतन के साथ उसकी शादी की तैयारियों में आगे बढ़ रहा था तब भी वह चेतन के साथ रिलेशनशिप में थी। पुलिस के मुताबिक चेतन इस सगाई से बिल्कुल खुश नहीं था और वह केतन को अपने और सिया के रिश्ते के बीच का सबसे बड़ा रोड़ा समझता था। इसी वजह से इन दोनों ने मिलकर केतन की हत्या की पूरी साजिश रच डाली।

7 महीने में 2004 कॉल्स, हुडी पहनकर किया था पीछा

पुलिस के मुताबिक सिया ने केतन को घूमने के बहाने लोहगढ़ किला चलने के लिए राजी किया। योजना के मुताबिक चेतन भी उनके पीछे-पीछे किले तक पहुंच गया और उनसे करीब 20 से 30 फीट की दूरी बनाकर उनके पीछे चलने लगा। ट्रेकिंग रूट के सीसीटीवी फुटेज में साफ तौर पर देखा गया कि चेतन ने अपनी पहचान छिपाने के लिए एक हुडी पहन रखी थी और वह लगातार इस कपल को ट्रैक कर रहा था। लिस का आरोप है कि जैसे ही वे दोनों एक उपयुक्त और सुनसान जगह पर पहुंचे, सिया और चेतन ने मिलकर केतन को पीछे से गहरी खाई में धकेल दिया जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस को दोनों आरोपियों के बीच लगातार बातचीत के पुख्ता सबूत मिले हैं। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक पिछले सात महीनों के दौरान सिया और चेतन ने आपस में कुल 2004 फोन कॉल्स किए थे और दोनों ने फोन पर लगभग 238 घंटे बात की थी।

दोनों आरोपी भेजे गए 7 दिन की पुलिस कस्टडी में

इन पुख्ता सबूतों के आधार पर पुलिस ने सिया गोयल और चेतन को हत्या और आपराधिक साजिश रचने के आरोपों में गिरफ्तार कर लिया है। कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 7 दिनों की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। फिलहाल जांचकर्ता सबूतों की कड़ियों को जोड़ने और केतन की मौत के समय के पूरे घटनाक्रम को रीकंस्ट्रक्ट करने में जुटे हैं।

3 बार फेल हुई और चौथी बार में मार ही डाला! मंगेतर को मारने के लिए सिया गोयल की खौफनाक साजिश की पूरी कहानी अब पता चली

पुणे में 26 साल के बिजनेसमैन केतन अग्रवाल की हत्या के केस ने देश में इस वक्त सुर्खियां बंटोर रखी हैं। इस हत्या का आरोप केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी पर लगा है। इस हत्याकांड की एक से एक खौफनाक कहानी सामने आ रही है जो बता रही है कि सिया ने अपने होने वाले पति को रास्ते से हटाने के लिए कितनी शातिर चालें चलीं। अबतक इस पूरे मामले में गहरी प्लानिंग और कई बार नाकाम हुए मर्डर प्लैन्स की एक बेहद खौफनाक कहानी के रूप में सामने आया है। पुलिस का आरोप है कि 26 वर्षीय बिजनेसमैन केतन अग्रवाल की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने केतन को रास्ते से हटाने के लिए एक-दो बार नहीं बल्कि कई बार कोशिशें की थीं। अंततः 18 जून को वे लोहगढ़ किले की एक गहरी खाई में केतन को धकेलकर मार डालने में कामयाब रहे।

हमारी सहयोगी वेबसाइट न्यूज 18 की एक रिपोर्ट में टीओआई के हवाले से बताया गया है कि सिया और चेतन की यह जोड़ी लगातार सही परिस्थितियों और सही जगह की तलाश में थी। जब भी योजना के मुताबिक चीजें नहीं होती थीं तो वे अपने कदम पीछे खींच लेते थे। आइए जानते हैं 3 बार फेल हुई उस साजिश की पूरी कहानी जिसका अंत चौथी बार में केतन की मौत के साथ हुआ।

पहली कोशिश (31 मई): सांप का बहाना बनाकर बची आरोपी

पुलिस और केतन के परिवार द्वारा दिए गए बयानों के मुताबिक हत्या की पहली कोशिश 31 मई को लोहगढ़ किले की एक पिछली यात्रा के दौरान की गई थी। सिया ने कथित तौर पर केतन को एक पहाड़ी के किनारे के पास धक्का दे दिया था। यह प्लान फेल हो गया क्योंकि केतन ने पास की ही एक झाड़ी को पकड़ लिया और खुद को नीचे गिरने से बचा लिया। इस जुर्म पर पर्दा डालने के लिए सिया ने तुरंत एक कहानी गढ़ी। उसने केतन से कहा कि उसने उसे एक सांप से बचाने के लिए धक्का दिया था। केतन ने इसको सच मान लिया और उसे किसी साजिश का शक नहीं हुआ।

दूसरी कोशिश (4 जून): मां के डर ने फेरा पानी

पुलिस के मुताबिक, हत्या की दूसरी कोशिश 4 जून को पूरी तरह असफल साबित हुई। 31 मई की घटना के सदमे और डर से केतन की मां अभी भी उबर नहीं पाई थीं। इसी वजह से उन्होंने केतन को दोबारा उस किले पर जाने की इजाजत देने से साफ इनकार कर दिया जिससे आरोपियों का प्लान धरा का धरा रह गया।

बाली ट्रिप का सस्पेंस: गायब कर दिया पासपोर्ट

इस जोड़ी द्वारा केतन को रास्ते से हटाने की कोशिशों के बीच एक ऐसी घटना भी हुई जिसने परिवार के मन में संदेह पैदा कर दिया। केतन और सिया को प्री-वेडिंग फोटो शूट के लिए 6 जून को बाली रवाना होना था। इस बीच केतन का पासपोर्ट अचानक गायब हो जाने के कारण यह ट्रिप अचानक रद्द करनी पड़ी। सिया ने दावा किया कि पासपोर्ट उससे कहीं गुम हो गया है। इसके चलते केतन, सिया और सिया के भाई-बहनों को इस यात्रा का विचार छोड़ना पड़ा। जांच के दौरान पुलिस इस नतीजे पर पहुंची है कि सिया ने जानबूझकर पासपोर्ट को छिपाया या नष्ट किया था ताकि वे इस ट्रिप पर न जा सकें।

तीसरी कोशिश (14 जून): रविवार की भारी भीड़ बनी रुकावट

जांचकर्ताओं का कहना है कि आरोपी 14 जून को एक बार फिर केतन को जान से मारने के इरादे से लोहगढ़ किला पहुंचे थे। उस दिन रविवार था, इसलिए इस प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पर भारी भीड़ मौजूद थी। इतनी भीड़ के बीच पकड़े जाने के डर से उन्हें अपना प्लान एक बार फिर छोड़ना पड़ा।

चौथी कोशिश (18 जून): गर्मियों में हुडी पहने घूम रहा था कातिल और…

तीन नाकाम कोशिशों के ठीक चार दिन बाद, सिया और उसके पार्टनर चेतन ने तय किया कि अब सही समय आ गया है। सिया ने केतन को अपने जन्मदिन का जश्न मनाने के बहाने दोबारा लोहगढ़ किला चलने के लिए मना लिया। रिपोर्ट के मुताबिक केतन के पिता ने बताया कि केतन ने असल में एक रिसॉर्ट में सेलिब्रेशन का प्लान बनाया था लेकिन सिया किले पर जाने की जिद पर अड़ी रही और उसने केतन को मनाने के लिए उसके परिवार की भी मदद ली।

जांचकर्ताओं के मुताबिक, सिया का प्रेमी चेतन चौधरी अलग से ट्रेवल करके किले पर पहुंचा और इस कपल का पीछा करने लगा। बाद में सीसीटीवी फुटेज में एक शख्स गर्मियों की तेज धूप के बावजूद हुडी पहने उनका पीछा करते हुए कैद हो गया। इसी सुराग ने पुलिस को इस पूरी साजिश का पर्दाफाश करने में मदद की। पुलिस का आरोप है कि जैसे ही ये तीनों एक अपेक्षाकृत सुनसान और एकांत रास्ते पर पहुंचे, केतन पर हमला किया गया और उसे सैकड़ों फीट गहरी खाई में नीचे धकेल दिया गया।

हादसे की कहानी पर परिवार को क्यों हुआ शक?

घटना के तुरंत बाद सिया ने पुलिस को बताया था कि तस्वीरें लेने के दौरान केतन का पैर फिसल गया था। इसके बाद इसे दुर्घटना से हुई मौत के रूप में दर्ज किया गया था। लेकिन केतन का परिवार इस थ्योरी को स्वीकार करने के लिए कतई तैयार नहीं था। उन्होंने पुलिस के सामने पॉइंट आउट किया कि केतन एक अनुभवी ट्रेकर था और वह इस तरह छोटी सी लापरवाही से नहीं गिर सकता। परिवार की इसी जिद और दबाव के कारण पुलिस ने जब मामले की गहराई से जांच शुरू की तो अंततः सिया और चेतन के कथित रिश्ते का सच और केतन की मौत के पीछे की यह खौफनाक क्रोनोलॉजी सामने आ गई।

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Ketan Agarwal: सांप वाला दांव चल जाता तो अपने मंगेतर को 31 मई को ही मार डालती सिया गोयल! इस औरत की साजिश हैरान करने वाली

पुणे के लोणावला स्थित लोहगढ़ किले पर केतन अग्रवाल की मौत को शुरुआत में एक साधारण ट्रेकिंग हादसा माना गया था। शुरुआती रिपोर्ट में यही कहा गया कि वो घूमने के दौरान खाई में गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई। लेकिन जैसे-जैसे पुलिस ने मामले की गहराई से जांच शुरू की, पूरी कहानी ही बदलती चली गई। जो घटना पहले एक दुर्घटना लग रही थी, वो अब संदिग्ध परिस्थितियों और साजिश की ओर इशारा करने लगी है। जांच में सामने आए अलग-अलग सुरागों ने पुलिस को इस केस को नए नजरिए से देखने पर मजबूर कर दिया।

CCTV फुटेज में दिखी संदिग्ध हरकतें, तकनीकी जांच से मिले डिजिटल सबूत और घटनास्थल के हालात ने शक को और मजबूत किया। धीरे-धीरे यह साफ होने लगा कि यह मामला सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि किसी योजना के तहत की गई गंभीर घटना भी हो सकता है।

सांप वाला बहाना भी रचा गया?” चौंकाने वाला एंगल

जांच में अब एक और सनसनीखेज एंगल सामने आया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पहले की कुछ घटनाओं में “सांप दिखा” कहकर माहौल बनाने और केतन को डराने की कोशिश की गई थी, ताकि उसे किले पर लाना आसान हो सके। माना जा रहा है कि यह पूरा प्लान उसे भ्रमित करने और अलग-अलग बहानों से वहां बुलाने की रणनीति का हिस्सा था।

CCTV ने खोला बड़ा राज

टिकट काउंटर के पास लगे कैमरे में केतन अपनी मंगेतर सिया के साथ नजर आया, लेकिन उनके पीछे एक हुडी पहने संदिग्ध युवक भी दिखा, जो गर्म मौसम में भी चेहरा छुपाए हुए था। यही पहला बड़ा सुराग बना।

रहस्यमयी युवक और रिश्तों की परतें

जांच में उस युवक की पहचान चेतन चौधरी के रूप में हुई, जिसके सिया के साथ नजदीकी रिश्ते की बात सामने आई। इसके बाद पूरा मामला और उलझता चला गया।

शादी, तनाव और बदलती कहानी

केतन और सिया की सगाई हो चुकी थी और शादी तय थी, लेकिन पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि सिया इस रिश्ते से खुश नहीं थी और कई बार शादी टालने की बात कर चुकी थी।

31 मई का चौंकाने वाला दावा

पुलिस का कहना है कि 31 मई को भी केतन को किले पर ले जाकर गिराने की कोशिश की गई थी। आरोप है कि अगर ये कोशिश सफल हो जाती, तो वही दिन उसकी मौत का दिन बन जाता।

पासपोर्ट गायब और बाली ट्रिप से जुड़ा शक

शादी से पहले विदेश यात्रा की योजना थी, लेकिन अचानक केतन का पासपोर्ट गायब हो गया और ट्रिप कैंसिल करनी पड़ी। इस घटना ने शक और गहरा कर दिया।

हजारों कॉल्स और डिजिटल सबूत

जांच में सिया और चेतन के बीच हजारों कॉल्स और लंबे बातचीत रिकॉर्ड मिले, जिससे दोनों के बीच गहरे संबंध और कथित साजिश की ओर इशारा हुआ।

भागना नहीं चाहती थी, इसलिए चुना खतरनाक रास्ता’

पुलिस के अनुसार, सिया परिवार की बदनामी के डर से रिश्ता खत्म करके भागना नहीं चाहती थी, इसलिए कथित तौर पर हत्या की साजिश रची गई।

गिरफ्तारी के बाद खुल रहे राज

फिलहाल पुलिस ने सिया और चेतन दोनों को गिरफ्तार कर लिया है और हत्या व साजिश के आरोप में जांच जारी है।

परिवार का दर्द और इंसाफ की मांग

केतन के परिवार ने आरोपियों पर सख्त कार्रवाई और फास्ट ट्रैक ट्रायल की मांग की है। उनका कहना है कि उन्हें सिया पर कभी शक नहीं हुआ था।

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Google की नौकरी छोड़ने वाली 23 साल की इंजीनियर का बड़ा खुलासा, जानिए क्यों लिया ये फैसला

नौकरी की सुरक्षा और अच्छे वेतन को छोड़कर अपने सपनों के पीछे भागना हर किसी के बस की बात नहीं होती। खासकर तब, जब नौकरी दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में से एक Google में हो। लेकिन 23 वर्षीय आशना दोशी ने वही रास्ता चुना, जिसे ज्यादातर लोग जोखिम भरा मानते हैं। उनके लिए सबसे बड़ी चिंता नौकरी छोड़ना नहीं थी, बल्कि ये थी कि अगर उन्होंने अपने विचारों को मौका ही नहीं दिया, तो शायद जिंदगी भर इसका अफसोस रहेगा। यही सोच उन्हें एक नए सफर की ओर ले गई। आज आशना अपनी पसंद के काम पर ध्यान दे रही हैं और कुछ नया बनाने की कोशिश कर रही हैं।

उनकी कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो सुरक्षित करियर और अपने सपनों के बीच फैसला लेने की दुविधा में रहते हैं। कभी-कभी बड़ा कदम उठाने के लिए हिम्मत की जरूरत होती है, और आशना ने वही हिम्मत दिखाई।

ग्रेजुएशन से पहले मिला था Google का ऑफर

आशना को Georgia Tech में पढ़ाई के दौरान ही फरवरी 2024 में Google से फुल-टाइम नौकरी का ऑफर मिल गया था। हालांकि यह नौकरी कैलिफोर्निया में थी, जबकि वो न्यूयॉर्क में रहकर करियर शुरू करना चाहती थीं।

उस समय नए ग्रेजुएट्स के लिए नौकरी पाना आसान नहीं था, फिर भी उन्होंने ये ऑफर ठुकरा दिया। कुछ महीनों बाद उन्हें Google में ही न्यूयॉर्क स्थित एक दूसरी भूमिका मिल गई, जो उनकी योजना के मुताबिक थी।

Google में सब अच्छा था, लेकिन मन कहीं और था

Google में काम करते हुए आशना ने बेहतरीन तकनीकी अनुभव हासिल किया और प्रतिभाशाली लोगों के साथ काम किया। लेकिन धीरे-धीरे उन्हें महसूस होने लगा कि उनकी रुचि सिर्फ कोडिंग तक सीमित नहीं रही।

उन्हें लोगों की कहानियां सुनना, नए विचारों पर चर्चा करना और कुछ अपना बनाने का सपना ज्यादा आकर्षित करने लगा।

साइड प्रोजेक्ट से शुरू हुआ नया सफर

साल 2025 की शुरुआत में उन्होंने एक अन्य टेक इंजीनियर के साथ मिलकर “0 to 1” नाम का पॉडकास्ट शुरू किया। इस शो में उद्यमियों, इंजीनियरों और बिजनेस लीडर्स की सफलता और संघर्ष की कहानियां साझा की जाती थीं। शुरुआत छोटे स्तर पर हुई, लेकिन धीरे-धीरे पॉडकास्ट लोगों को पसंद आने लगा। एक साल के अंदर इसके यूट्यूब पर 1 लाख से ज्यादा व्यूज हो गए। इसी दौरान उनकी मुलाकात Amazon और Microsoft जैसी बड़ी कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों से भी हुई।

AI की दुनिया में दिखा बड़ा मौका

पॉडकास्ट की सफलता के साथ आशना के मन में खुद का बिजनेस शुरू करने का विचार और मजबूत होता गया। उनका मानना था कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) नए उद्यमियों के लिए कई बड़े अवसर लेकर आया है। उन्हें लगा कि यही सही समय है जब जोखिम उठाकर कुछ नया बनाया जाए।

Google को कहा अलविदा, स्टार्टअप पर लगाया दांव

मई में आशना ने Google की नौकरी छोड़ दी और अपने पॉडकास्ट पार्टनर के साथ मिलकर “Bounty” नाम का AI स्टार्टअप शुरू किया। यह एक AI आधारित मार्केटप्लेस है, जहां कंपनियां भर्ती, आउटरीच और लीड जनरेशन जैसे काम पोस्ट कर सकती हैं और केवल परिणाम मिलने पर भुगतान करती हैं।

कमाई घटी, लेकिन आत्मविश्वास बढ़ा

आशना मानती हैं कि नौकरी छोड़ने के बाद आर्थिक अनिश्चितता बढ़ गई है। फिलहाल उनका स्टार्टअप कमाई नहीं कर रहा है और पॉडकास्ट से भी कोई आय नहीं होती। इसके बावजूद उन्हें अपने फैसले पर कोई पछतावा नहीं है। उनका कहना है कि सुरक्षित नौकरी में रहकर हमेशा “क्या होता अगर…” सोचते रहना उनसे ज्यादा मुश्किल होता।

सबसे बड़ा डर नौकरी छोड़ना नहीं, रुक जाना था

आशना का मानना है कि जिंदगी में कुछ नया करने की कोशिश न करना सबसे बड़ा जोखिम है। उनके अनुसार, Google छोड़ना डरावना नहीं था, बल्कि वहीं रहकर हमेशा यह सोचते रहना ज्यादा डरावना था कि वह और क्या कर सकती थीं। यही सोच उन्हें आज अपने सपनों के पीछे पूरी ताकत से आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।

पहले किया कत्ल फिर सोशल मीडिया पर डाला इमोशनल मैसेज… केतन अग्रवाल केस में वायरल हो रही मंगेतर सिया की पुरानी पोस्ट