Aastha Spintex IPO Listing: 6 जुलाई को कितना लिस्टिंग गेन? ग्रे मार्केट से ये है संकेत

Aastha Spintex IPO Listing: आस्था स्पिंटेक्स के आईपीओ को निवेशकों के अच्छे रिस्पांस के बाद अब इसके शेयरों के लिस्टिंग की तैयारी हो रही है। लिस्टिंग को लेकर ग्रे मार्केट से जो संकेत मिल रहे हैं, उसके मुताबिक इसके शेयरों की कल 6 जुलाई को बीएसई और एनएसई पर प्रीमियम एंट्री हो सकती है। ग्रे मार्केट में इसकी GMP इश्यू प्राइस के मुकाबले ₹3 यानी 2.21% है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय लिस्टिंग के दिन मार्केट सेंटिमेंट के साथ-साथ कंपनी के फंडामेंटल्स और फाइनेंशियल्स ही शेयरों की चाल तय करते हैं। आईपीओ निवेशकों को इसके शेयर ₹136 के भाव पर जारी हुए हैं।

Aastha Spintex IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

आस्था स्पिंटेक्स का ₹170 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 29 जून से 1 जुलाई तक खुला था। इसका प्राइस बैंड प्रति शेयर ₹125-₹136 था। इस आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला था। ओवरऑल यह 5.05 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 3.59 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 8.29 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 2.54 गुना और एंप्लॉयीज का हिसा 5.43 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 1.25 करोड़ नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹111.51 करोड़ फाल्कन यार्न्स प्राइवेट लिमिटेड के अधिग्रहण के पेमेंट का कुछ हिस्सा भरने, ₹10 करोड़ फाल्कन यार्न्स के वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में खर्च होंगे।

Aastha Spintex के बारे में

कार्डेड, कॉम्बेड और कॉम्पैक्ट कॉम्बेड कॉटन यार्न और कॉटन बेल्स के मैन्युफैक्चरिंग और ट्रेडिंग को लेकर आस्था स्पिंटेक्स एक जानी-मानी कंपनी है। कंपनी अपने कॉटन बेल्स का इस्तेमाल दो तरह से करती है- अपने खुद के कॉटन यार्न के प्रोडक्शन के लिए और दूसरी स्पिनिंग मिलों को बेचने या सप्लाई करने के लिए। इसके अलावा कंपनी की गुजरात के मोरबी जिले में एक सेमी-ऑटोमेटेड स्पिनिंग और जिनिंग मैन्युफैक्चरिंग यूनिट है। कंपनी टेक्सटाइल प्रोडक्शन के दौरान निकलने वाले कॉटन यार्न वेस्ट को रीसायकल करके दूसरे प्रोडक्ट भी बनाती है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2023-25 के बीच इसका रेवेन्यू सालाना आधार पर 21% की रफ्तार से बढ़कर ₹352.17 करोड़ पर पहुंच गया लेकिन शुद्ध मुनाफा रॉकेट की स्पीड से बढ़ा जोकि वित्त वर्ष 2023 में ₹1.06 करोड़ और वित्त वर्ष 2024 में ₹16.29 करोड़ से वित्त वर्ष 2025 में ₹22.92 करोड़ पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2026 के 9 महीने यानी अप्रैल-दिसंबर 2025 में इसे ₹314.02 करोड़ का रेवेन्यू और ₹17.56 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हासिल हुआ।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

CSM Tech IPO Listing: फ्लैट लिस्टिंग के बाद लोअर सर्किट, ₹113 के शेयरों ने दिया बड़ा झटका

CSM Tech IPO Listing: खरीदारी के माहौल में भी गवर्नमेंट और प्राइवेट सेक्टर को आईटी सर्विसेज देने वाली सीएसएम टेक के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में फ्लैट एंट्री हुई। इसका आईपीओ ओवरऑल 1.37 गुना भरा था। आईपीओ के तहत ₹113 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹113.00 और NSE पर ₹113.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला। आईपीओ निवेशकों को और झटका तब लगा, जब शेयर फिसल गए। टूटकर BSE पर यह ₹107.35 (CSM Tech Share Price)  पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 7.48% घाटे में हैं। सेंसेक्स और निफ्टी में आज अच्छी तेजी है।

CSM Tech IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

सीएसएम टेक का ₹146 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 24-29 जून तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 1.37 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 1.02 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 1.54 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 1.63 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 1.82 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 1,29,01,000 नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹22.63 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹56.00 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और बाकी पैसे अधिग्रहण और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

CSM Tech के बारे में

सीएसएम टेक्नोलॉजीज उन कुछ आईटी सॉल्यूशन प्रोवाइडर्स में शुमार हैं जिन्होंने सरकार और प्राइवेट क्वाइंट्स, दोनों के लिए यूनिक प्रोजेक्ट्स पर काम किया है। यह माइनिंग, एग्रीकल्चर, ट्रेड एडुकेशन, हेल्थकेयर, टूरिज्म और पब्लिक सर्विसेज सेक्टर्स में सॉल्यूशंस ऑफर करती है। 27 साल से यह ई-गवर्नेंस प्लेटफॉर्म और डिजिटल इंफ्रा तैयार कर रही है और सरकारी एजेंसियों के लिए लॉन्ग-टर्म पार्टनर के तौर पर काम कर रही है। इसका कारोबार देश के बाहर भी फैला हुआ है। भारत, इथियोपिया, केन्या, रवांडा, गाम्बिया, गैबन, यूएसए और कनाडा समेत 12 देशों के बाजार में यह है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2023 में इसे ₹15.82 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2024 में घटकर ₹12.55 करोड़ रह गया और अगले वित्त वर्ष 2025 में थोड़ा रिकवर होकर ₹14.09 करोड़ पर पहुंच गया। हालांकि इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम लगातार बढ़ी और सालाना औसतन 11% से अधिक की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर ₹200.63 करोड़ पर पहुंच गई। पिछले वित्त वर्ष 2026 की बात करें तो अप्रैल-दिसंबर 2025 में कंपनी को ₹14.70 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹167.05 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हुआ था। दिसंबर 2025 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹56.29 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹88.88 करोड़ पड़े थे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

SME Listing: तीन लिस्टिंग, दो ने लगाया तगड़ा करंट, एक में प्रीमियम एंट्री के बाद और बढ़ा पैसा

SME Listing: मेनबोर्ड सेगमेंट में आज दो स्टॉक्स- अद्वित ज्वेल्स (Advit Jewels) और कॉर्डेला क्रूजेज (Cordella Cruises) की पैरेंट कंपनी वाटरवेज लेजर टूरिज्म (Waterways Leisure Tourism) की एंट्री हुई तो एसएमई सेगमेंट में भी जिवियल इंडस्ट्रीज (Jivial Industries), श्रीधर स्पिनर्स (Shreedhar Spinners) और रियासत लाइफस्टाइल (Riyaasat Lifestyle) के शेयर लिस्ट हुए। इनमें से दो ने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया क्योंकि इन्होंने लिस्टिंग पर मुनाफा देने की बजाय 20% पूंजी ही घटा दी। श्रीधर स्पिनर्स ने जरूर ढाई फीसदी से अधिक का लिस्टिंग गेन दिया।

स्टॉकइश्यू प्राइस लिस्टिंग प्राइस लिस्टिंग गेन/लॉसमौजूदा भावप्रॉफिट/लॉस
Jivial Industries ₹196₹156.80(-)20.00%₹151.25 (-)22.83%
Shreedhar Spinners ₹53₹54.40 2.64% ₹57.10 7.74%
Riyaasat Lifestyle ₹106₹84.80 (-)20.00% ₹80.60(-)23.96%

Jivial Industries

एल्युमीनियम रेलिंग और फिक्स्चर बनाने वाली जिवियल इंडस्ट्रीज के ₹32 करोड़ के आईपीओ को फीकी रिस्पास मिला था और 0.93 गुना ही भरा था। इसमें खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित आधा हिस्सा तो 22% ही भर पाया जबकि एनआईआई (नॉन-इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स) का हिस्सा 1.57 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इस आईपाओ के तहत ‌₹27 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं तो ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिए भी ₹10 की फेस वैल्यू वाले 2,72,400 शेयरों की बिक्री हुई है।

आईपीओ के ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत जारी पैसे शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹14.40 करोड़ मशीनरी खरीदने, ₹4.00 करोड़ मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के रिनोवेशन, और बाकी पैसे आईपीओ के खर्चों को भरने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

कंपनी के सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2023-25 के बीच इसका शुद्ध मुनाफा 59% के सीएजीआर से बढ़कर ₹2.97 करोड़ और टोटल इनकम सालाना 19% से अधिक की रफ्तार से बढ़कर ₹12.07 करोड़ पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2026 के 9 महीने में कंपनी को ₹2.95 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹12.20 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हुआ। दिसंबर 2025 के आखिरी में कंपनी पर ₹1.23 करोड़ का कर्ज था और रिजर्व-सरप्लस में ₹8.35 करोड़ पड़े थे।

Shreedhar Spinners

कॉटन के धागे बनाने वाली श्रीधर स्पिनर्स के ₹31 करोड़ के आईपीओ को अच्छा रिस्पांस मिला था और 6.70 गुना भरा था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी QIB (एक्स-एंकर) का हिस्सा 2.51 गुना, एनआईआई का हिस्सा 14.58 गुना और खुदरा निवेशकों का 5.71 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसके आईपाओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 57.88 लाख नए शेयर ₹53 के भाव पर जारी हुए हैं। इसके जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹21.04 करोड़ वर्किंग कैपिटल, ₹4.95 करोड़ मौजूदा मैनुफैक्चरिंग फैसिलिटी के लिए मशीनरी खरीदने और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

कंपनी के सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2024-26 के बीच इसका शुद्ध मुनाफा 35% के सीएजीआर से बढ़कर ₹6.17 करोड़ और टोटल इनकम सालाना 7% से अधिक की रफ्तार से बढ़कर ₹146.55 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 के आखिरी में कंपनी पर ₹115.90 करोड़ का कर्ज था और रिजर्व-सरप्लस में ₹14.11 करोड़ पड़े थे।

Riyaasat Lifestyle

एथनिक वियर कंपनी रियासत लाइफस्टाइल के ₹30 करोड़ के आईपाओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था। ओवरऑल यह 1.32 गुना भरा था लेकिन खुदरा निवेशकों का हिस्सा 0.44 गुना और एनआईआई का हिस्सा 0.09 गुना ही भरा जबकि QIB (एक्स-एंकर) का ही हिस्सा 20.33 गुना भरा। इसके आईपाओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 28,48,800 शेयर ₹106 के भाव पर जारी हुए हैं। इसके जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹12.47 करोड़ चार नए शोरूम बनाने, ₹9.50 करोड़ वर्किंग कैपिटल और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

कंपनी के सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2023-25 के बीच इसका शुद्ध मुनाफा 29% के सीएजीआर से बढ़कर ₹4.87 करोड़ और टोटल इनकम सालाना 9% से अधिक की रफ्तार से बढ़कर ₹25.19 करोड़ पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2026 के 10 महीने में कंपनी को ₹4.29 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹28.13 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हुआ। जनवरी 2026 के आखिरी में कंपनी पर ₹38.97 करोड़ का कर्ज था और रिजर्व-सरप्लस में ₹9.50 करोड़ पड़े थे।

Advit Jewels IPO Listing: बढ़ गई पोर्टफोलियो की चमक, ₹138 के शेयरों से मिला करीब 37% का लिस्टिंग गेन

Waterways Leisure Tourism IPO Listing: ₹808 का शेयर ₹681 पर लिस्ट, Cordella Cruises ने दिया शॉक

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Advit Jewels IPO Listing: बढ़ गई पोर्टफोलियो की चमक, ₹138 के शेयरों से मिला करीब 37% का लिस्टिंग गेन

Advit Jewels IPO Listing: 100% हाथ से गहने बनाने वाली यानी हर पीस मास्टरपीस बनाने वाली अद्वित ज्वेल्स के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 212 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹138 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹187.00 और NSE पर ₹188.90 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को करीब 37% का लिस्टिंग गेन (Advit Jewels Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर BSE पर यह ₹190.00 (Advit Jewels Share Price) पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 37.68% मुनाफे में हैं।

Advit Jewels IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

अद्वित ज्वैल्स का ₹165 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 23-25 जून तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 212.63 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 174.98 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 536.38 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 95.30 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 1,19,68,000 नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹65.00 करोड़ वर्किंग कैपिटल की बढ़ी हुई जरूरतों और ₹65.00 करोड़ कर्ज हल्का करने और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Advit Jewels के बारे में

अद्वित ज्वेल्स जयपुर की एक ज्वेलरी कंपनी है जो “Rambhajo” ब्रांड नाम के तहत कुंदन, पोलकी, डायमंड और स्टडेड (रत्न जड़े) जैसे हाथ से बनी बेहतरीन ज्वेलरी बनाने में माहिर है। यह मुख्य रूप से बी2बी मॉडल पर काम करती है लेकिन खास ऑर्डर पर बनने वाली ज्वेलरी के लिए बी2सी सर्विसेज भी देती है। चूंकि इसकी ज्वेलरी पूरी तरह हाथ से बनाई जाती है, जिससे हर पीस एक मास्टरपीस होता है। वित्त वर्ष 2025 में इसकी कुल कमाई का 81.63% हिस्सा बी2बी सेगमेंट से और 18.37% हिस्सा बी2सी सेगमेंट से आया। इसकी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट जयपुर में है, जो 3डी प्रिंटर और कास्टिंग यूनिट जैसी आधुनिक मशीनों से लैस है। इससे सोना पिघलाने से लेकर पॉलिशिंग और क्वालिटी चेक तक की पूरी प्रक्रिया इन-हाउस यानी कंपनी के अंदर ही पूरी की जा सकती है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2023-25 में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 56% के CAGR से ₹25.37 करोड़ और रेवेन्यू 63% के सीएजीआर (कंपाउंड एनुअरल ग्रोथ रेट) से बढ़कर ₹124.94 करोड़ पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2026 के अप्रैल-दिसंबर 2025 में कंपनी को ₹25.44 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹123.80 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हुआ था। दिसंबर 2025 के आखिरी में कंपनी पर ₹64.92 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹51.64 करोड़ पड़े थे।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Anubhav Plast IPO Listing: फ्लैट एंट्री के बाद नीचे आया ₹80 का शेयर, नई खरीदारी से पहले चेक करें कारोबारी सेहत

Anubhav Plast IPO Listing: अनुभव प्लास्ट के शेयरों की आज BSE SME पर फ्लैट एंट्री हुई। इसके आईपीओ को ओवरऑल 2 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹80 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹80.00 पर ही एंट्री हुई यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला। आईपीओ निवेशकों को और झटका तब लगा, जब शेयर टूट गए। टूटकर यह ₹76.05 (Anubhav Plast Share Price)  पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 4.94% घाटे में हैं।

Anubhav Plast IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

अनुभव प्लास्ट का ₹24 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 19-23 जून तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 2.18 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 1.23 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 2.49 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 2.60 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 30 लाख नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹2.20 करोड़ मौजूदा मैन्युफैक्चरिंग प्रेमिसेज में ही क्रैश बैरियर्स और सोलर पैनल स्ट्रक्चर्स बनाने के लिए एक नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के सेटअप, ₹13.75 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Anubhav Plast के बारे में

अनुभव प्लास्ट गोल और चौकोर खोखले सेक्शन वाले इलेक्ट्रिक रेजिस्टेंस वेल्डिंग (ERW) स्टील पाइप और ट्यूब, और साथ ही स्वैज्ड स्टील ट्यूबलर पोल बनाने का काम करती है। इसके प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल बिजली ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन, स्ट्रीट लाइटिंग, टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर, कंस्ट्रक्शन, सिंचाई, पानी की सप्लाई, जनरल इंजीनियरिंग और फैब्रिकेशन जैसे कई क्षेत्रों में होता है। यह अपने प्रोडक्ट्स की बिक्री अनुभव ब्रांड नाम से करती है। कानपुर देहात में इसके दो मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स हैं और देश के कई राज्यों में यह सरकार के कई टेंडर वाले प्रोजेक्ट्स में अपनी दमदार मौजूदगी दिखा चुकी है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2023 में इसे ₹74 लाख का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2024 में उछलकर ₹2.08 करोड़ और फिर वित्त वर्ष 2025 में ₹6.00 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम भी सालाना औसतन 6% से अधिक की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर ₹98.31 करोड़ पर पहुंच गई। पिछले वित्त वर्ष 2026 की बात करें तो अप्रैल-दिसंबर 2025 में कंपनी को ₹5.30 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹80.60 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हो चुका है। दिसंबर 2025 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹34.81 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹12.85 करोड़ पड़े थे।

Turtlemint IPO Listing: 10% के डिस्काउंट पर लिस्ट ₹152 के भाव पर जारी शेयर, लगातार घाटे में चल रही कंपनी

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

तीन कंपनियों के IPO को Sebi की मंजूरी मिली, Torrent Gas ने चुना कॉन्फिडेंशियल फाइलिंग का रास्ता

कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी ने तीन कंपनियों को IPO लाने के लिए ऑब्जर्वेशन लेटर जारी कर दिया है। इसमें Sathya Agencies, Kanohar Electricals और Torrent Gas शामिल हैं। सेबी का ऑब्जर्वेशन मिलना IPO प्रक्रिया का एक अहम पड़ाव माना जाता है। इसके बाद कंपनियां आगे की प्रक्रिया पूरी कर IPO लॉन्च कर सकती हैं।

Torrent Gas ने चुना अलग रास्ता

Torrent Group की सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी Torrent Gas ने मार्च 2026 में Sebi के पास अपने ड्राफ्ट पेपर्स जमा किए थे। कंपनी ने इस बार कॉन्फिडेंशियल फाइलिंग (Pre-filing Route) का विकल्प चुना। Sebi ने 25 जून 2026 को इसके ड्राफ्ट पेपर्स पर अपना ऑब्जर्वेशन जारी किया।

इस रूट की खास बात यह है कि कंपनी को IPO का साइज और दूसरी अहम जानकारियां शुरुआत में सार्वजनिक नहीं करनी पड़तीं। इससे कंपनी को बाजार की स्थिति के हिसाब से अपनी रणनीति तय करने में ज्यादा लचीलापन मिलता है।

Torrent Gas फिलहाल 526 CNG स्टेशन चला रही है। इसके अलावा कंपनी 34 जिलों में 2 लाख से ज्यादा घरों तक पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) पहुंचा चुकी है।

Kanohar Electricals के IPO में क्या होगा?

ट्रांसफॉर्मर बनाने वाली Kanohar Electricals ने 27 जनवरी 2026 को IPO के लिए आवेदन किया था। Sebi ने 22 जून को कंपनी को ऑब्जर्वेशन जारी किया।

कंपनी का IPO दो हिस्सों में होगा। पहला ₹300 करोड़ का फ्रेश इश्यू और दूसरा प्रमोटर K Sons Family Trust की ओर से 1.45 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS)।

फ्रेश इश्यू से मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल कंपनी कारोबार बढ़ाने में करेगी। इसमें नई मशीनें खरीदना, उत्पादन क्षमता बढ़ाना, ऑटोमेशन, सोलर पावर प्लांट लगाना और इलेक्ट्रिक व्हीकल खरीदना शामिल है। इसके अलावा कुछ रकम वर्किंग कैपिटल की जरूरतों के लिए भी इस्तेमाल होगी।

Sathya Agencies जुटाएगी ₹600 करोड़

कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स रिटेल चेन Sathya Agencies ने 30 मार्च 2026 को Sebi के पास ड्राफ्ट पेपर्स जमा किए थे। Sebi ने 25 जून को कंपनी को ऑब्जर्वेशन जारी किया। कंपनी IPO के जरिए ₹600 करोड़ जुटाना चाहती है। इसमें ₹300 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹300 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है।

OFS के तहत प्रमोटर Johnson Asaria, J John Sathya और Charles Packiaraj अपने-अपने ₹100 करोड़ के शेयर बेचेंगे।

फ्रेश इश्यू से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कंपनी कई कामों में करेगी। सबसे पहले कुछ कर्ज चुकाए जाएंगे। सहायक कंपनी Unilet Appliances Private Ltd. के अधिग्रहण के लिए आंशिक भुगतान किया जाएगा। बाकी रकम का इस्तेमाल सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों को पूरा करने में होगा।

क्या होती है Confidential IPO Filing?

जब कोई कंपनी IPO लाने की तैयारी करती है, तो उसे Sebi के पास Draft Red Herring Prospectus (DRHP) जमा करना होता है। आमतौर पर यह दस्तावेज सार्वजनिक कर दिया जाता है। इसमें कंपनी के कारोबार, वित्तीय स्थिति, जोखिम, प्रतिस्पर्धा और भविष्य की योजनाओं जैसी कई अहम जानकारियां होती हैं।

लेकिन कॉन्फिडेंशियल फाइलिंग में यह DRHP सार्वजनिक नहीं किया जाता। Sebi पहले इसकी समीक्षा करता है और अपने सुझाव देता है। इसके बाद जब कंपनी IPO लॉन्च करने के लिए पूरी तरह तैयार हो जाती है, तब Red Herring Prospectus (RHP) सार्वजनिक किया जाता है।

कंपनियां इस रास्ते को क्यों पसंद कर रही हैं?

Confidential Filing का सबसे बड़ा फायदा यह है कि कंपनी की कारोबारी रणनीति और संवेदनशील जानकारी शुरुआती दौर में प्रतिस्पर्धियों तक नहीं पहुंचती।

अगर किसी वजह से कंपनी बाद में IPO नहीं लाती है, तो उसकी साख पर भी ज्यादा असर नहीं पड़ता। इसके अलावा, कंपनी को Sebi की आपत्तियों और सुझावों का जवाब देने और जरूरी बदलाव करने का समय मिल जाता है। जब सारी तैयारियां पूरी हो जाती हैं, तब ही IPO से जुड़ी पूरी जानकारी निवेशकों के सामने रखी जाती है।

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Waterways Leisure IPO : वॉटरवेज लेजर के IPO में रेड फ्लैग्स की भरमार, जानिए क्या इसमें लगाना चाहिए पैसा

Waterways Leisure IPO : वॉटरवेज लेजर (Waterways Leisure) के IPO में निवेश का आज आखिरी दिन है। 2 दिन के सब्सक्रिप्शन पर नजर डालें तो यह आईपीओ कुल 51 फीसदी भरा है। इसमें रिटेल का हिस्सा 2.34 गुना और NIIs का हिस्सा 32 फीसदी भरा है। जबकि, QIBs इससे नदारद हैं। ऐसे में क्या आपको इस IPO में पैसा लगाना चाहिए, क्या है इस कंपनी से जुड़ी दिक्कतें? ये बता रहे हैं CNBC-आवाज के मैनेजिंग एडिटर,अनुज सिंघल।

अनुज सिंघल ने कहा कि उन्होंने कई आईपीओ देखे हैं। लेकिन इससे ज्यादा रेड फ्लैग्स बहुत कम आईपीओ में दिखे हैं। मतलब यह है कि यह एक ऐसा आईपीओ है जिसमें रेड फ्लैग्स की भरमार है। सबसे बड़ा रेड फ्लैग यह है कि आईपीओ आते-आते इसमें सिर्फ बैंकर रह गया जो पहले तीन थे। यानी कंपनी ने जब आईपीओ के लिए डीआरएचपी फाइल किया था तब तीन मर्चेंट बैंकर थे और आईपीओ आते-आते एक मर्चेंट बैंकर रह गया है। सेबी का रूल है अगर प्रॉफिटेबिलिटी में बहुत ज्यादा वोलैटिलिटी हो तो आईपीओ का सिर्फ 10% हिस्सा रिटेल के लिए होता है। ऐसे में इस आईपीओ का सिर्फ 10% हिस्सा रिटेल के लिए है और इसके लिए रिटेल के ओवर सब्सक्रिप्शन के कोई मायने नहीं है। यह एक बहुत छोटा सा हिस्सा है। अगर इसका ओवर सब्सक्रिप्शन हो गया तो भी क्या फर्क पड़ता है ? ईमानदारी से बोलें तो इस आईपीओ में फंसने का रिस्क है।

अब तक के सब्सक्रिप्शन पर नजर डालें तो यह आईपी अभी तक कुल 51% ही भरा। जिसमें से रिटेल हिस्सा 2.34 गुना भरा है। एनआरआई, एनआईआई का हिस्सा 32 फीसदी भरा है। अब तक क्यूआईबी निवेश जीरो है। हो सकता है आखिरी दिन में यह हिस्सा भर जाए लेकिन क्यूआईबी और एचएनआई साफ तौर पर इस आईपीओ से दूरी बनाए हुए हैं।

इसके अलावा कई और कारण हैं जिनकी वजह से यह आईपीओ अच्छा नहीं लग रहा है। इसमें ओनरशिप में बदलाव हुआ है। पहले इसका नाम जेल क्रूज वगैरह कुछ था। बाद में सिर्फ ब्रांड बेचा गया। शिप मर्चेंट शिप ब्रांड अलग से बेचा गया। शिप अलग से बेचा गया। ऐसी बहुत सी चीजें हुई। किस लेवल पर यह डील हुई उसके मुकाबले किस लेवल पर आईपीओ आ रहा है। यह सब तो एक अलग ही कहानी है। वह अगर आप एक डीआरएचपी पढ़ेंगे तो आपको समझ में आएगा।

एक और निगेटिव बात यह है कि हमारे यहां भारत में क्रूज का कल्चर नहीं है। देश में क्रूज कंपनियों की ग्रोथ की संभावना बहुत कमजोर है। कंपनी के प्रदर्शन पर नजर डालें तो वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का रेवेन्यू 2% गिरा था। एबिटडा तो 46% गिरकर 117 करोड़ पर आ गया था। 85% ऑक्यूपेंसी और 12,000 के एवरेज रेवेन्यू पर भी मार्जिन काफी खराब रहा था। EV/EBITDA 51x का है,जो बड़े होटल्स से 3 गुना महंगा है। साथ ही इनके क्रूज खुद के नहीं हैं,लीज पर लिए गए हैं। कंपनी को अगले 2-3 साल में कंपनी को 1524 करोड़ रुपए +GST का लीज रेंटल देना है। उसमें से कंपनी 480 करोड़ रुपए IPO से लगाने की बात कह रही है। यह भी ध्यान में रखें कि दुनिया में क्रूज कंपनियां बहुत कम मार्जिन बनाती हैं। ऐसे में इस आईपीओ से पूरी तरह से दूर रहने की सलाह होगी।

 

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Liotech IPO Listing: लिस्ट होते ही लोअर सर्किट, हर लॉट पर ₹30740 स्वाहा, ₹321 के शेयरों ने दिया शॉक

Liotech IPO Listing: दरवाजे के हैंडल और स्टॉपर्स जैसे प्रोडक्ट्स बेचने वाली लियोटेक इंडस्ट्रीज के शेयरों की आज BSE SME प्लेटफॉर्म पर भारी डिस्काउंट के साथ एंट्री हुई। इसके आईपीओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और खुदरा निवेशकों के दम पर यह ओवरऑल 1.91 गुना भरा था। आईपीओ के तहत ₹321 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹257.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला बल्कि उनकी 19.94% पूंजी ही घट गई। आईपीओ निवेशकों को और झटका तब लगा, जब शेयर टूट गए। टूटकर यह ₹244.15 (Liotech Share Price) के लोअर सर्किट पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 23.94% घाटे में हैं। चूंकि लॉट साइज 400 शेयरों का था तो हर लॉट पर निवेशकों को ₹30740 का घाटा हुआ है।

Liotech IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

लियोटेक इंडस्ट्रीज का ₹36 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 17-19 जून तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 1.91 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 0.85 गुना और खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित आधा हिस्सा 2.97 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹29 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹10 की फेस वैल्यू वाले 2.22 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹8.00 करोड़ मशीनरी की खरीदारी, ₹4.95 करोड़ लोन चुकाने, ₹7.00 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Liotech के बारे में

वर्ष 2020 में बनी लियोटेक इंडस्ट्रीज हार्डवेयर स्ट्रक्चर्स और एक्सेसरीज बनाती है। इसके प्रोडक्ट्स में डोर किट्स, हिंग्स, गेट हुक्स, एल्ड्रॉप, लॉक्स, हैंडल्स, टावर बोल्ट्स और शेल्फ बॉटम्स हैं। यह डोर स्टॉपर्स, मैग्नेट्स, टेबल ब्रेकेट्स, बेड लिफ्टर्स और बेल मैग्नेट्स भी बेचती है। यह बी2बी मॉडल पर काम करती है। इसकी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट गुजरात के राजकोट में है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2023 में इसे ₹35 लाख का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2024 में उछलकर ₹2.93 करोड़ और फिर वित्त वर्ष 2025 में ₹4.16 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम भी सालाना औसतन 118% से अधिक की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर ₹40.69 करोड़ पर पहुंच गई। पिछले वित्त वर्ष 2026 की बात करें तो अप्रैल-दिसंबर 2025 में कंपनी को ₹5.49 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹51.79 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हो चुका है। दिसंबर 2025 के आखिरी में कंपनी पर ₹4.81 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹12.93 करोड़ पड़े थे।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

IPO This Week: इस हफ्ते इन 5 आईपीओ में पैसा लगाने का मौका, जानिए इन इश्यू की हर जरूरी बात

IPO This Week:आईपीओ के लिहाज से यह हफ्ता व्यस्तता वाला है। कुल 5 छोटे-बड़े आईपीओ इस हफ्ते खुल रहे हैं। कुछ खुल गए हैं तो कुछ खुलने वाले हैं। अगर आप इनमें निवेश का प्लान बना रहे हैं तो मनीकंट्रोल आपके लिए इन आईपीओ से जुड़ी हर जरूरी जानकारी पेश कर रहा है।

Advit Jewels Ltd

यह आईपीओ 23 जून को खुल गया है। इसमें 25 जून तक निवेश किया जा सकता है। कंपनी ने शेयर के लिए 130-138 रुपये का प्राइस बैंड किया है। इनवेस्टर्स को कम से कम शेयरों के एक लॉट के लिए अप्लाई करना होगा। एक लॉट 100 शेयरों का है। कंपनी इस इश्यू में 1.2 करोड़ नए शेयर इश्यू करेगी। इस इश्यू में अप्लाई करने के लिए कम से कम 13,800 रुपये की जरूरत पड़ेगी।

2. Waterways Leisure Tourism

यह आईपीओ भी 23 जून को खुल चुका है। इसमें 25 जून तक निवश किया जा सकता है। कंपनी ने शेयर के लिए 769-808 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। एक लॉट 18 शेयरों का है। इसका मतलब है कि प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर अप्लाई करने के लिए कम से कम 14,544 रुपये की जरूरत पड़ेगी।

3. Aastha Spintex

यह इश्यू 24 जून को खुलने जा रहा है। इसमें 1 जुलाई तक अप्लाई किया जा सकता है। कंपनी ने प्रति शेयर 136 रुपये कीमत तय की है। एक लॉट 110 शेयरों का है। इस इश्यू में अप्लाई करने के लिए कम से कम 14,960 रुपये की जरूरत पड़ेगी। कंपनी इस इश्यू में 1.25 करोड़ शेयर इश्यू करेगी। कंपनी के शेयर 6 जुलाई को स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्ट होंगे।

4. CSM Technologies

सीएसएम टेक्नोलॉजीज का आईपीओ 24 जून यानी बुधवार को खुल रहा है। कंपनी इस इश्यू के तहत 146 करोड़ रुपये जुटाने जा रही है। वह करीब 1.29 करोड़ शेयर जारी करेगी। आईपीओ से मिले पैसे का इस्तेमाल कर्ज चुकाने, कारोबार के विस्तार और सामान्य कारोबारी जरूरतों के लिए करेगी। कंपनी ने शेयर का प्राइस बैंड 107-113 रुपये तय किया है। इस आईपीओ में 29 जून तक निवेश किया जा सकता है।

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5. Crazy Snacks

यह आईपीओ 25 जून को खुलेगा। इसमें 30 जून तक अप्लाई किया जा सकता है। कंपनी ने प्रति शेयर कीमत 42 रुपये तय की है। एक लॉट 3,000 शेयरों का है। लॉट साइज ज्यादा होने से इस आईपीओ में अप्लाई करने के लिए कम से कम 1,26,000 रुपये की जरूरत पड़ेगी। कंपनी के शेयर 3 जुलाई को स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट हो सकते हैं।

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