ट्रंप समेत 13 टॉप लीडर ईरान की लिस्ट में, जानिए कौन-कौन हैं वे नेता

Donald Trump

Iran assassination plot: गत 7 और 8 जुलाई को तुर्किये की राजधानी अंकारा में जब अमेरिका और यूरोप के “उत्तर अटलांटिक संधि संगठन” नाटो (NATO) का शिखर सम्मेलन चल रहा था, तब एक ऐसी महा भयावह घटना होते बाल-बाल रह गई, जो अन्यथा तीसरे विश्वयुद्ध का बिगुल बजा देती।

 

ईरान उस समय अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की हत्या की ताक में था। भौगोलिक दूरी की दृष्टि से वे ईरान के जितने निकट उस समय थे, उतने शायद फिर कभी नहीं होते।

 

इसराइली टेलीविज़न चैनल 13 की एक रिपोर्ट में, सीनियर सूत्रों के हवाले से कहा गया कि ट्रंप की हत्या की कोशिश के संकेत मिलने पर, इसराइल द्वारा इसकी गोपनीय जानकारी तुरंत अमेरिका को दे दी गई। जानकारी में एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी का यह उद्धरण भी शामिल था: “यह हमारा मौका है, इससे बेहतर कोई मौका नहीं मिलेगा।” यह कथन साफ़ तौर पर ट्रंप के तुर्की में होने से संबंधित था।

मोसाद ने अमेरिका को सजग किया

चैनल 13 की बताई रिपोर्ट के अनुसार, इस जानकारी में शामिल पश्चिमी गुप्तचर सेवाओं की पहचान इसराइल की गुप्तचर एजेंसी मोसाद के तौर पर हुई है। समझा जाता है कि ईरान के किसी संभावित षड़यंत्र का शिकार बनने से बचने के लिए ही ट्रंप ने अंकारा से अमेरिका वापस जाने के लिए अपना विमान अकस्मात बदल दिया। न्यूयॉर्क टाइम्स ने लिखा— ट्रंप अंकारा में नाटो शिखर सम्मेलन के समापन के बाद— क़तर से मिले अपने निजी नए विमान के बदले अपने पुराने सरकारी “एयर फ़ोर्स वन” से स्वदेश लौटे। ALSO READ: अमेरिका और ईरान युद्ध दोबारा भड़का तो क्या होगा?

 

न्यूयॉर्क टाइम्स ने जिन स्रोतों का उल्लेख किया है, उनसे पता चलता है कि यह आकस्मिक निर्णय अमेरिकी “सीक्रेट सर्विस” की तरफ़ से सावधानी के तौर पर मिले एक खास “सुरक्षा परामर्श” के बाद लिया गया था; शुरू में इसे किसी खास ख़तरे से नहीं जोड़ा गया था।

 

लेकिन, बाद की रिपोर्टों ने इस निर्णय को “ईरानी षड़यंत्र” के बारे में मिली गुप्तचर जानकारियों से जोड़ा। यह भी कहा गया कि क़तर से ट्रंप को जो विमान उपहार में मिला है, उसमें अभी उनके मूल आधिकारिक विमान “एयर फ़ोर्स वन” जैसी सभी आवश्यक सुरक्षा सुविधाएं और क्षमताएं नहीं हैं।

अंकारा से उड़ान को अजीब बताया गया

कहा जा रहा है कि ट्रंप अपने पुराने विमान में बहुत जल्दी से चढ़ गए, इससे पहले कि उनके साथ के पत्रकार उन्हें सीढ़ियां चढ़ते हुए देख पाते या उनके फ़ोटो ले पाते। उन्होंने जो उतावली दिखाई, वह स्थापित परिपाटी से अलग थी।

 

इसराइल में अमेरिकी राजदूत माइक हकाबी ने अमेरिकी टेलीविज़न चैनल “फॉक्स न्यूज़” को दिए एक इंटरव्यू में इन रिपोर्टों की पुष्टि की और कहा, “इसराइली गुप्तचर सेवा ने ट्रंप और उनके प्रसाशन को एक बहुत ख़ास हत्या की कोशिश के बारे में जानकारी दी थी, जिसे ईरानियों ने राष्ट्रपति के खिलाफ रची थी।”  ALSO READ: ईरान से युद्ध के कारण अमेरिका में अस्त्र-शस्त्र की तंगी

ट्रंप ने कहा, “मैं थोड़ा भाग्यवान रहा हूं”

ट्रंप ने नाटो के शिखर सम्मेलन में भी इस सारे प्रकरण का संक्षिप्त उल्लेख करते हुए कहा था: “वे (ईरानी) US लीडर को, मुझे, ख़त्म करना चाहते हैं। मैं हर लिस्ट में हूं। मैं उनकी हर एक लिस्ट में हूं, और अब तक मुझे लगता है कि मैं थोड़ा भाग्यवान रहा हूं, लेकिन शायद यह ज़्यादा दिन नहीं चलेगा, क्योंकि ऐसा ही होता है।”

 

इस बीच, ईरान के एक अख़बार “हमशहरी” ने अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप और जर्मनी के चांसलर फ्रीडरिश मेर्त्स सहित पश्चिमी देशों के कई शीर्ष नेताओं से बदला लेने की धमकी दी है। कुछ जर्मन नेता इस धमकी पर चिंता जताते हुए ईरानी राजनयिक प्रतिनिधियों को देश से बाहर निकाल देने की मांग कर रहे हैं। इस मांग में सत्तरूढ़ गंठबंधन की तीनों पार्टियों सहित, सरकार की अन्यथा मुखर आलोचक, पर्यावरणवादी ग्रीन पार्टी भी शामिल है।

मुल्ला शासन की कट्टरपंथी विचारधारा और आतंक

जर्मनी के सत्तरूढ़ गबंधन की मुख्य पार्टी “क्रिश्चन डेमोक्रैटिक यूनियन” के एक नेता रोडेरिश कीज़वेटर ने अख़बार “हांडेल्सब्लाट” से कहा, “मेरा मानना है कि यह आतंकी शासन काफी समय से पश्चिम में—और विशेषकर जर्मनी में—लक्ष्यबद्ध हत्याओं और आतंकी हमलों की योजना बना रहा है और उनकी तैयारी कर रहा है।…यह मुल्ला शासन देश और विदेश, दोनों जगहों पर कट्टरपंथी विचारधारा और आतंक के ज़रिए खुद को मज़बूत करने की कोशिश कर रहा है।…यह और भी हैरानी की बात है कि हमने ईरानी “राजनयिकों” को बहुत पहले ही देश से बाहर नहीं निकाल दिया, बल्कि इसके बजाय तुष्टीकरण का रास्ता चुना।”

 

ईरान में काफ़ी अधिक बिक्री वाले “हमशहरी” नाम के इस दैनिक ने एक ग्राफ़िक छापा है, जिसमें जर्मनी के चांसलर मेर्त्स समेत कई पश्चिमी नेताओं से बदला लेने की बात कही गई है। अख़बार ने अपने लेख को शीर्षक दिया है: “उन लोगों की सूची, जिन्हें ईरानी लोगों के बदले का सामना करना होगा।”

Donald Trump

13 शीर्ष पश्चिमी नेता ईरान के निशाने पर

इस सूची में 13 शीर्ष पश्चिमी नेताओं के नाम हैं, जिन्हें अब ईरान के सर्वोच्च मज़हबी और राजनीतिक नेता रहे अली खामेनेई की मौत का “हर्जाना” भुगतना पड़ सकता है। जर्मन चांसलर के अलावा, इस सूची में अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप, इसराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमानुएल माक्रों, इतालवी प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी और ब्रिटेन के निवर्तमान प्रधानमंत्री कीर स्टारमर के नाम शामिल हैं।

 

“इस तरह की कोई सूची लगभग निश्चित रूप से मुल्ला शासन की मंज़ूरी— या सीधे निर्देश के बिना नहीं बन सकती”— कहना है जर्मनी की ग्रीन पार्टी के संसदीय दल के उपप्रमुख कोंस्तातिन फॉन नोज़ का। वे मानते हैं कि जान से मारने की ये धमकियाँ दूसरे देशों से जुड़े मामलों की तुलना में तनाव का एक नया स्तर दिखाती हैं।

प्रतिशोध की मांग मोजतबा खामेनेई कर रहे हैं

यह सारी बयानबाज़ी तब शुरू हुई, जब अयातोल्ला खामेनेई के घायल बेटे, मोजतबा खामेनेई ने अपने पिता की हत्या का बदला लेने की कसम खाई। कहा जा रहा है कि यह बात उन्होंने अपने पिता के अंतिम संस्कार के दौरान जारी एक बयान में कही है। इसके अलावा, ईरानी गुप्तचर सूत्रों ने भी अमेरिकी नेतृत्व के विरुद्ध ठोस और नए ख़तरों की ओर ख़ास तौर पर इशारा किया है।

 

पर, प्रतिशोध की आग से धधक रहे ईरान के धर्मांध सत्ताधारी यह सोचने में असमर्थ हैं कि यदि इन सभी 13 देशों के सर्वोच्च नेता एकजुट हो गए, तो उनकी सम्मिलित सैन्य शक्ति ईरान का वही हाल कर सकती है, जो अमेरिका ने अकेल ही 1945 में हिरोशिमा और नागासाकी पर दो परमाणु बम गिराकर जापान का कर दिया था।

इंग्लैंड में पंजाबी लड़की की हत्या, पेट-छाती पर 5 वार:आरोपी गेट के कैमरे पर चाकू लिए दिखा; तरनतारन से पिता ने जमीन बेचकर भेजा था

पंजाब के तरनतारन की युवती की इंग्लैंड में हत्या कर दी गई। उसके पेट-छाती में 5 बार चाकू से वार किए गए। युवती करीब दो साल पहले स्टूडेंट वीजा पर हायर एजुकेशन के लिए गई थी। पढ़ाई पूरी करने के बाद उसे वर्क परमिट मिल गया था और वह वहीं रहकर नौकरी कर रही थी। युवती की हत्या के बाद आरोपी का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वो चाकू लेकर जाता हुआ दिख रहा है। वीडियो घर के गेट के कैमरे में कैद हुआ। युवती के पेरेंट्स ने बेटी का भविष्य संवारने के लिए अपनी जमीन तक बेच दी थी, ताकि वो उसे इंग्लैंड भेज सकें। परिवार को उम्मीद थी कि उनकी बेटी विदेश में बेहतर पढ़ाई करके अच्छी नौकरी हासिल करेगी। इस घटना से परिवार और पूरे गांव में शोक का माहौल है। उधर, ब्रिटिश पुलिस ने आरोपी की पहचान कर गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पुलिस से बचने के लिए ही युवती के घर पहुंचा था। पढ़िए क्या है पूरा मामला… जमीन बेचकर बेटी को पढ़ने भेजा था इंग्लैंड युवती की पहचान किरनदीप कौर (24) के रूप में हुई। करीब दो साल पहले स्टूडेंट वीजा पर हायर एजुकेशन के लिए इंग्लैंड गई थीं। पढ़ाई पूरी होने के बाद उन्हें वर्क परमिट मिल गया था और वह नौकरी कर रही थीं। पिता सुखदेव सिंह ने बताया कि बेटी का भविष्य संवारने के लिए परिवार ने अपनी जमीन तक बेच दी थी। कमरे में सोते समय धारदार हथियार से हमला परिजनों के अनुसार, रविवार सुबह किरनदीप अपने कमरे में सो रही थीं। इसी दौरान एक अज्ञात हमलावर कमरे में घुस गया और मारपीट करने लगा। इसके बाद उसने जेब से चाकू निकाला और ताबड़तोड़ 5 वार कर दिए। गंभीर जख्मों के कारण किरनदीप की मौके पर ही मौत हो गई। आरोपी का एक वीडियो भी सामने आया, जिसमें वो चाकू लेकर घर से निकल रहा है। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम को भेजा घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची, शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा और हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। शुरुआती जांच में हत्या के कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं। उसकी मौत की खबर मिलने के बाद परिवार गहरे सदमे में है और गांव में भी शोक का माहौल है। पार्थिव शरीर भारत लाने की लगाई गुहार पिता सुखदेव सिंह और माता बलजीत कौर ने भारत सरकार और विदेश मंत्रालय से अपील की है कि उनकी बेटी का पार्थिव शरीर जल्द भारत लाने की व्यवस्था की जाए, ताकि उसका अंतिम संस्कार पैतृक गांव में किया जा सके। परिवार ने इस संबंध में प्रशासन से भी मदद की मांग की है। भाई बोला- दूसरे व्यक्ति को मारकर बहन के घर घुसा था हमलावर किरनदीप कौर के भाई गुरविंदर सिंह ने बताया कि सोमवार को एक ब्रिटिश युवक पहले किसी दूसरे व्यक्ति से झगड़ा कर उस पर चाकू से हमला कर भाग गया था। बाद में वह किरनदीप के घर छिपने को घुस गया। वहां उसने किरनदीप को देखते ही हमला कर दिया। उसने पेट और सीने में वार किए। ब्रिटेन पुलिस ने आरोपी गिरफ्तार किया इंग्लैंड पुलिस के अनुसार, आरोपी डेनियल सीन जेम्स (44) को किरणदीप कौर की हत्या और धारदार हथियार रखने के केस में गिरफ्तार कर लिया है। हत्यारा लंदन के अक्सब्रिज रोड स्थित किरणदीप के घर में घुसा था और उससे पहले 20 वर्षीय युवक को भी घायल कर चुका था। आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया गया है।
————- पंजाबी युवक की इंग्लैंड में किरच मारकर हत्या:तरनतारन से 4 साल पहले नौकरी के लिए गया था, 3 बहनों का इकलौता भाई तरनतारन के खेमकरण से इंग्लैंड गए एक पंजाबी युवक की इंग्लैंड में हत्या कर दी गई। साउथॉल शहर में एक युवक ने पीछे से किरच से वार कर दिया। इससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। युवक 4 साल पहले ही नौकरी के सिलसिले में पंजाब से इंग्लैंड आया था। पूरी खबर पढ़ें…

PoK में विरोध प्रदर्शन पर MEA का बड़ा बयान, Hormuz और Pakistan को लेकर क्या है भारत का प्लान

भारत ने मंगलवार को पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoK) में जारी विरोध प्रदर्शनों को लेकर पाकिस्तान पर तीखा हमला बोला। विदेश मंत्रालय (MEA) ने कहा कि ये प्रदर्शन पाकिस्तान द्वारा दशकों से किए जा रहे व्यवस्थित शोषण, मौलिक अधिकारों से वंचित रखने और अवैध कब्जे वाले क्षेत्रों में दमनकारी प्रशासन का सीधा परिणाम हैं।

 

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि स्थानीय लोगों की जायज शिकायतों का समाधान करने के बजाय पाकिस्तान सरकार प्रदर्शनकारियों पर अत्यधिक पुलिस बल का इस्तेमाल कर रही है।

 

उन्होंने कहा, “पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में चल रहे प्रदर्शन पाकिस्तान के दशकों पुराने शोषण, मौलिक अधिकारों के हनन और अवैध कब्जे वाले क्षेत्रों में दमनकारी शासन का परिणाम हैं। स्थानीय लोगों की वास्तविक समस्याओं को दूर करने के बजाय पाकिस्तान ने पुलिस की बर्बरता का सहारा लिया है। हमें उम्मीद है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय इन गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों और कृत्यों के लिए पाकिस्तान को जवाबदेह ठहराएगा।”

ALSO READ: 7 Electric Scooters, कम हाइट वालों को ट्रैफिक में भी नहीं होगी परेशानी, देखें List

PoK भारत का अभिन्न हिस्सा

 

भारत लंबे समय से यह स्पष्ट करता रहा है कि पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है। भारत लगातार पाकिस्तान पर इस क्षेत्र में रहने वाले लोगों के मानवाधिकारों के उल्लंघन और उनके अधिकारों के दमन का आरोप लगाता रहा है।

होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति पर भी जताई चिंता

विदेश मंत्रालय ने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की। MEA ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से सुरक्षित और निर्बाध समुद्री आवाजाही वैश्विक ऊर्जा और आर्थिक सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।

 

रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत पश्चिम एशिया की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। हाल ही में दो वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों में एक भारतीय नाविक की मौत पर भारत ने गहरा दुख व्यक्त किया है।

ALSO READ: WhatsApp यूजरनेम फीचर पर भारत में लगी रोक, सुरक्षा चिंताओं पर Meta ने क्या कहा

खाड़ी क्षेत्र में 13 भारतीयों की मौत

सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया गया कि 28 फरवरी 2026 से अब तक खाड़ी क्षेत्र में 13 भारतीय नागरिकों की मौत हो चुकी है, जबकि तीन भारतीय अभी भी लापता हैं।

 

शेख हसीना की वापसी पर भारत का जवाब

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की संभावित वापसी के सवाल पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत के रुख में कोई बदलाव नहीं आया है। यदि प्रत्यर्पण (Extradition) से जुड़ा कोई मामला सामने आता है तो उसका निपटारा कानूनी प्रक्रिया के तहत किया जाएगा।

 

नीरव मोदी के प्रत्यर्पण पर क्या बोला भारत?

भगोड़े कारोबारी नीरव मोदी को भारत लाने के सवाल पर रणधीर जायसवाल ने कहा कि इस मामले में कानूनी प्रक्रिया जारी है। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही प्रत्यर्पण की कार्रवाई आगे बढ़ेगी।

ALSO READ: सोनम वांगचुक को मिला विपक्ष का साथ, केजरीवाल-अखिलेश ने की यह अपील, क्‍या अब तोड़ेंगे अनशन?

निज्जर हत्याकांड पर भी भारत की प्रतिक्रिया

कनाडा की रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) द्वारा लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम हरदीप सिंह निज्जर हत्याकांड से जोड़ने पर भारत ने कहा कि RCMP की टिप्पणियां हाल ही में सार्वजनिक हुए अमेरिकी अभियोग (US Indictment) के अनुरूप हैं। भारत आतंकवाद और अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध के खिलाफ अपने साझेदार देशों के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।

कौन थे IB के अफसर अंकित शर्मा जिनकी नाले में मिली थी गोद कर छलनी की गई लाश?

25 फरवरी 2020… दिल्ली सांप्रदायिक हिंसा की आग में जल रही थी। हर तरफ डर, अफरा-तफरी और चीख-पुकार का माहौल था। इसी बीच इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) में सिक्योरिटी असिस्टेंट 26 वर्षीय अंकित शर्मा अपने घर से बाहर निकले। लेकिन उस दिन उनका लौटना नसीब नहीं हुआ। कुछ ही समय बाद उनकी मौत की खबर ने पूरे देश को झकझोर दिया।बता दें कि, दिल्ली में आईबी अधिकारी अंकित शर्मा मर्डर केस में कड़कड़डूमा कोर्ट ने सोमवार 13 जुलाई को बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन दोषी करार दिया है। इस मामले में कुल 11 आरोपी ट्रायल का सामना कर रहे थे, जिनमें से छह आरोपियों को कोर्ट ने बरी कर दिया. ताहिर हुसैन के साथ नाजिम, जावेद, कासिम और अनस को भी दोषी करार दिया गया है।

बेहरहमी से की गई थी हत्या

बता दें कि, अंकित शर्मा इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) में सिक्योरिटी असिस्टेंट के तौर पर काम कर रहे थे। 2017 में, ऑफिसर इंटेलिजेंस ब्यूरो में शामिल हुए थे। नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और एनआरसी के विरोध और समर्थन को लेकर फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली सुलग रही थी। चांद बाग, खजूरी खास, और मुस्तफाबाद जैसे इलाके हिंसा की आग में झुलस रहे थे। इसी खौफ के बीच, आईबी में तैनात 26 साल के अंकित शर्मा 25 फरवरी की शाम को अपने दफ्तर से घर लौटे थे। घर के बाहर माहौल बेहद तनावपूर्ण था। वे चांद बाग पुलिया के पास पहुंचे थे, जहां उपद्रवियों का तांडव चल रहा था।

​शाम के वक्त अचानक चांद बाग पुलिया के पास स्थित एक मस्जिद और ताहिर हुसैन के घर के पास सक्रिय हिंसक भीड़ ने अंकित शर्मा को घेर लिया। अंकित शर्मा ने भागने की कोशिश की, लेकिन उन्हें बेरहमी से घसीटते हुए ताहिर हुसैन के घर के पास ले जाया गया। वहां उन पर धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ वार किए गए और हत्या के बाद उनकी लाश को पास के ही खजूरी खास नाले में फेंक दिया गया।

शरीर के 51 जगहों पर मिले चोटों के निशान

अंकित शर्मा के पिता रवींद्र कुमार द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, आईबी में तैनात अंकित 25 फरवरी 2020 को अपने दफ्तर से घर वापस आए थे। इसके कुछ देर बाद वह दोबारा बाहर गए, लेकिन जब वह काफी वक्त तक वापस नहीं लौटे तो परिवार ने उनकी तलाश शुरू की। स्थानीय लोगों ने बताया कि उनकी हत्या कर शव को चांद बाग पुलिया के पास खजूरी खास नाले में फेंक दिया गया था। पिता रवींद्र कुमार ने प्राथमिकी में सीधा आरोप लगाया था कि उनके बेटे अंकित की हत्या पूर्व पार्षद ताहीर हुसैन और उसके साथियों ने की है। अंकित की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, अंकित शर्मा पर अत्यंत क्रूरता से हमला किया गया था। उनके शरीर पर 51 जगहों पर चोटों के निशान थे।

घोर कलयुग…पत्नी को घर लाने के लिए बेटे ने मां को दिया जहर! आगरा में दिल दहला देने वाली वारदात

उत्तर प्रदेश के आगरा से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक युवक पर अपनी मां को कथित तौर पर जहर देने का आरोप लगा है। इस घटना के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, युवक की पत्नी मायके में रह रही थी और सास ने उसे तब तक वापस भेजने से इनकार कर दिया था, जब तक उसकी मां की मौत नहीं हो जाती।

बेटे पर मां को मारने का आरोप

एफआईआर के मुताबिक, आरोपी रविंद्र पर आरोप है कि उसने दोपहर के समय छोले में कथित तौर पर जहरीला पदार्थ मिलाकर अपनी मां राममूर्ति को खिला दिया। खाना खाने के कुछ ही देर बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। ये मामला राममूर्ति के पति रणवीर सिंह की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पूछताछ के दौरान रविंद्र ने बताया कि उसे जहर उसकी सास फूलवती ने दिया था।

सास ने दिया पैकेट

इंडिया टुडे की रिपोर्ट्स के मुताबिक, दर्ज एफआईआर में ये भी आरोप है कि आरोपी की सास ने कथित तौर पर उसे जहर उपलब्ध कराया था। शिकायत के मुताबिक, फूलवती ने रविंद्र को गतपुरा गांव बुलाकर एक पैकेट दिया था। आरोप है कि उसने कहा था कि जब तक वह अपनी मां को रास्ते से नहीं हटाएगा, तब तक उसकी बेटी उसके साथ नहीं जाएगी। वहीं, पुलिस अभी इन आरोपों की जांच कर रही है और इनकी पुष्टि होना बाकी है।

इन धाराओं में दर्ज हुआ एफआईआर

इस मामले में रविंद्र के भाई मुकेश ने बताया कि परिवार में संपत्ति को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा था। उनका दावा है कि इसी तनाव के कारण रविंद्र की पत्नी पिछले कुछ समय से अपने मायके में रह रही थी। पुलिस ने इस मामले में रविंद्र और फूलवती के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61, 109 और 123 के तहत मामला दर्ज किया है। रविंद्र को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जबकि मामले की जांच अभी जारी है। पुलिस का कहना है कि आगे की कार्रवाई मेडिकल और फोरेंसिक रिपोर्ट के साथ-साथ जांच में सामने आने वाले सबूतों के आधार पर की जाएगी।