Petrol Diesel Price Today: देशभर में जारी हुए पेट्रोल और डीजल के नए भाव, देखें लेटेस्ट रेट

Petrol Diesel Price Today:  हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 27 जून 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट —

नई दिल्ली: पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 83.09 रुपये प्रति लीटर।

मुंबई: पेट्रोल 111.18 रुपये और डीजल 86 रुपये प्रति लीटर।

कोलकाता: पेट्रोल 113.47 रुपये और डीजल 93.50 रुपये प्रति लीटर।

चेन्नई: पेट्रोल 107.77 रुपये और डीजल 91.50 रुपये प्रति लीटर।

गुरुग्राम: पेट्रोल 102.77 रुपये और डीजल 91.70 रुपये प्रति लीटर।

नोएडा: पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 91.70 रुपये प्रति लीटर।

बेंगलुरु: पेट्रोल 110.93 रुपये और डीजल 90 रुपये प्रति लीटर।

भुवनेश्वर: पेट्रोल 109.92 रुपये प्रति लीटर।

चंडीगढ़: पेट्रोल 98.10 रुपये प्रति लीटर।

हैदराबाद: पेट्रोल 115.69 रुपये और डीजल 97 रुपये प्रति लीटर।

जयपुर: पेट्रोल 112.66 रुपये और डीजल 90.91 रुपये प्रति लीटर।

लखनऊ: पेट्रोल 102.05 रुपये और डीजल 95.75 रुपये प्रति लीटर।

पटना: पेट्रोल 113.35 रुपये प्रति लीटर।

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल 115.49 रुपये प्रति लीटर।

अहमदाबाद: डीजल 82.25 रुपये प्रति लीटर।

पुणे: डीजल 92.50 रुपये प्रति लीटर।

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

क्रूड की कीमतें 2 फीसदी गिरी, क्या पेट्रोल-डीजल की कीमतें घटाएंगी ऑयल मार्केटिंग कंपनियां?

क्रूड की कीमतें 26 जून को करीब 2 फीसदी क्रैश कर गईं। यह क्रूड में बड़ी गिरावट वाला हफ्ता है। अमेरिका-ईरान में डील के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुल गया है। ऑयल टैंकर की आवाजाही शुरू होने से क्रूड की सप्लाई अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ी है। इसका असर कीमतों पर पड़ा है।

ब्रेट क्रूड फ्यूचर्स 1.47 डॉलर यानी 1.47 फीसदी गिरकर 73.79 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 1.44 डॉलर यानी 2 फीसदी गिरकर 70.48 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।अमेरिका और ईरान में एग्रीमेंट से ईरान को अपने ऑयल बेचने की इजाजत मिल गई है। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की सप्लाई बढ़ेगी। ईरान क्रूड का सबसे ज्यादा उत्पादन करने वाले देशों में शामिल है।

क्रूड की कीमतों में लगातार गिरावट भारत के लिए अच्छी खबर है। इस साल 28 फरवरी को अमेरिका-ईरान में लड़ाई शुरू होने के बाद क्रूड की कीमतों में उछाल आया था। 30 अप्रैल को क्रूड का भाव 126 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था। हालांकि, बाद में कीमतें इस लेवल से नीचे आ गई थी, लेकिन ज्यादातर समय यह 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी रही। इससे भारत का इंपोर्ट बिल काफी बढ़ गया था।

क्रूड में उछाल के बाद ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने भारत में कई बार पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतें बढ़ाई थीं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अचानक क्रूड में नरमी के बावजूद छइन कंपनियों के अपनी कीमतें घटाने की उम्मीद नहीं है। इसका मतलब है कि आगे ऑयल मार्केटिंग कंपनियों का मुनाफा बढ़ सकता है। हालांकि, भारत में दूसरे देशों के मुकाबले पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतें कम बढ़ी थीं।

भारत अपनी जरूरत का करीब 90 फीसदी क्रूड इंपोर्ट से पूरा करता है। इस वजह से क्रूड की कीमतों में उछाल आने पर सरकार का इंपोर्ट बिल बढ़ जाता है। डॉलर की मांग बढ़ने से रुपये पर दबाव बन जाता है। इस महीने डॉलर के मुकाबले रुपया गिरकर रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया था। अब रुपये में रिकवरी दिख रही है।

Petrol Diesel Price Today: आज पेट्रोल डीजल के दाम घटे या बढ़े? जानिए अपने शहर का ताजा रेट

Petrol Diesel Price Today: इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में नमी आई है। ऐसा इसिलए है क्योंकि होर्मुज में फंसे मालवाहक जहाजों के निकलने से सप्लाई की चिंताएं कम हुई हैं, जिससे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतें इस हफ्ते भारी गिरावट की ओर बढ़ रही हैं। इसके बावजूद देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। सरकारी तेल कंपनियों IOCL, BPCL और HPCL ने आज भी दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई समेत प्रमुख शहरों में ईंधन के दाम स्थिर रखे हैं।

इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड ऑयल की कीमतें

शुक्रवार, 26 जून को ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखी गई। जिसके चलते ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.56% गिरकर $74.84 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 0.50% गिरकर $71.56 प्रति बैरल पर आ गया। मिंट की रिपोर्ट के मुताबिक, इस हफ्ते ब्रेंट और WTI क्रूड दोनों में लगभग 7% की गिरावट आने वाली है।

आज आपके शहर में क्या है पेट्रोल-डीजल का रेट?

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बावजूद देश में पेट्रोल और डीजल के दाम फिलहाल स्थिर बने हुए हैं। हालांकि, अलग-अलग राज्यों में वैट (VAT), स्थानीय टैक्स और माल ढुलाई (फ्रेट) शुल्क अलग होने की वजह से ईंधन की कीमतों में अंतर देखने को मिलता है। अब चलिए जानतें हैं आपके शहर में आज पेट्रोल-डीजल का क्या है भाव?

जानें अपने शहर का रेट

शहर का नामपेट्रोल (₹/लीटर)डीजल (₹/लीटर)
नई दिल्ली102.1295.20
कोलकाता113.5199.82
मुंबई111.2197.83
चेन्नई107.7699.55
गुरुग्राम102.9795.64
नोएडा101.9695.44
बेंगलुरु111.6899.56
भुवनेश्वर108.97100.68
चंडीगढ़101.5489.47
हैदराबाद115.69103.82
जयपुर113.1998.25
लखनऊ101.8695.36
पटना113.3799.36
तिरुवनंतपुरम115.49104.40

यह भी पढ़ें: Crude Oil Price: होर्मुज स्ट्रेट से शिपमेंट फिर से शुरू होने से कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, ब्रेंट क्रू़ड $75 के नीचे फिसला

Petrol Diesel Price Today: पेट्रोल-डीजल की ताजा कीमतें आईं सामने, जानें आपके शहर का हाल

Petrol Diesel Price Today:  हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 22 जून 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट —

 

नई दिल्ली: पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 83.09 रुपये प्रति लीटर।

मुंबई: पेट्रोल 111.18 रुपये और डीजल 86 रुपये प्रति लीटर।

कोलकाता: पेट्रोल 113.47 रुपये और डीजल 93.50 रुपये प्रति लीटर।

चेन्नई: पेट्रोल 107.77 रुपये और डीजल 91.50 रुपये प्रति लीटर।

गुरुग्राम: पेट्रोल 102.77 रुपये और डीजल 91.70 रुपये प्रति लीटर।

नोएडा: पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 91.70 रुपये प्रति लीटर।

बेंगलुरु: पेट्रोल 110.93 रुपये और डीजल 90 रुपये प्रति लीटर।

भुवनेश्वर: पेट्रोल 109.92 रुपये प्रति लीटर।

चंडीगढ़: पेट्रोल 98.10 रुपये प्रति लीटर।

हैदराबाद: पेट्रोल 115.69 रुपये और डीजल 97 रुपये प्रति लीटर।

जयपुर: पेट्रोल 112.66 रुपये और डीजल 90.91 रुपये प्रति लीटर।

लखनऊ: पेट्रोल 102.05 रुपये और डीजल 95.75 रुपये प्रति लीटर।

पटना: पेट्रोल 113.35 रुपये प्रति लीटर।

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल 115.49 रुपये प्रति लीटर।

अहमदाबाद: डीजल 82.25 रुपये प्रति लीटर।

पुणे: डीजल 92.50 रुपये प्रति लीटर।

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

US-ईरान शांति समझौते से क्या भारत में सस्ता होगा पेट्रोल-डीजल? जानिए अब आपकी जेब पर कितना पड़ेगा असर

अमेरिका और ईरान के बीच लंबे संघर्ष के बाद शांति समझौते की घोषणा हुई है। इसके बाद भारत में सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या अब पेट्रोल-डीजल के दाम कम होंगे?

दरअसल, युद्ध के दौरान दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक स्ट्रेट ऑफ होर्मूज पर संकट गहरा गया था। इस वजह से कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में तेज उछाल आया और दुनिया भर में महंगाई बढ़ने की चिंता पैदा हो गई थी।

अब शांति समझौते और होर्मुज जलडमरूमध्य के फिर से खुलने की संभावना के बाद तेल बाजारों में राहत देखने को मिल रही है।

भारत के लिए क्यों अहम था यह युद्ध?

भारत अपनी जरूरत का 85% से ज्यादा कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। ऐसे में जब युद्ध के कारण होर्मुज स्ट्रेट से तेल की सप्लाई प्रभावित होने की आशंका बढ़ी, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें चढ़ गईं।

दुनिया के लगभग 20% तेल व्यापार का रास्ता इसी जलमार्ग से होकर गुजरता है। अगर यह लंबे समय तक बाधित रहता, तो भारत में पेट्रोल-डीजल, एलपीजी, हवाई किराए और माल ढुलाई की लागत बढ़ सकती थी। इससे महंगाई और सरकार का आयात बिल भी बढ़ता।

शांति समझौते के बाद क्या बदला?

अमेरिका और ईरान के बीच हुए अंतरिम समझौते में होर्मुज को फिर से पूरी तरह खोलने और ईरानी तेल निर्यात पर कुछ प्रतिबंधों में राहत देने की बात शामिल है।

इस खबर के बाद बाजार को उम्मीद है कि वैश्विक आपूर्ति बढ़ेगी और तेल की कमी का खतरा कम होगा। इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमत घटकर लगभग 77-78 डॉलर प्रति बैरल तक आ गई है, जो पिछले तीन महीनों का निचला स्तर माना जा रहा है।

भारत को क्या फायदा होगा?

  1. आयात बिल घटेगा: सस्ता कच्चा तेल खरीदने से भारत का विदेशी मुद्रा खर्च कम होगा और सरकार पर वित्तीय दबाव घटेगा।
  2. महंगाई पर लगाम: तेल सस्ता होने से परिवहन लागत कम रहने की संभावना बढ़ती है, जिससे वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों पर दबाव घट सकता है।
  3. ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी: होर्मुज मार्ग सामान्य होने से भारत को पश्चिम एशिया से तेल की नियमित आपूर्ति मिलती रहेगी और आपूर्ति बाधित होने का खतरा कम होगा।

क्या पेट्रोल-डीजल के दाम तुरंत घट जाएंगे?

फिलहाल इसका जवाब “नहीं” है।

भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें सिर्फ कच्चे तेल पर निर्भर नहीं करतीं। इनमें रिफाइनिंग लागत, परिवहन खर्च, केंद्र और राज्य सरकारों के टैक्स, एक्साइज ड्यूटी और रुपये-डॉलर की विनिमय दर भी शामिल होती है।

आमतौर पर तेल कंपनियां कुछ दिनों या हफ्तों तक यह देखती हैं कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में गिरावट स्थायी है या नहीं। उसके बाद ही कीमतों में बदलाव पर फैसला लिया जाता है।

अभी भी क्यों बनी हुई है अनिश्चितता?

विशेषज्ञों का कहना है कि यह फिलहाल एक अंतरिम समझौता है, जिसके तहत दोनों देशों के पास स्थायी समझौते के लिए 60 दिनों का समय है।

ईरान के परमाणु कार्यक्रम और प्रतिबंधों में स्थायी राहत जैसे कई बड़े मुद्दे अभी भी सुलझने बाकी हैं। यदि बातचीत विफल होती है या तनाव फिर बढ़ता है, तो तेल की कीमतें दोबारा चढ़ सकती हैं।

इसके अलावा ईरान ने संकेत दिया है कि भविष्य में होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों से शुल्क वसूला जा सकता है, जिससे तेल परिवहन की लागत प्रभावित हो सकती है।

आम लोगों के लिए क्या मतलब है?

फिलहाल यह खबर भारत के लिए राहत देने वाली है। तेल की कीमतों में गिरावट से पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने का खतरा कम हुआ है और महंगाई पर भी दबाव घट सकता है।

हालांकि, इसका मतलब यह नहीं कि अगले ही दिन पेट्रोल पंपों पर कीमतें कम हो जाएंगी। लेकिन अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल लंबे समय तक सस्ता बना रहता है, तो आने वाले समय में उपभोक्ताओं को राहत मिलने की संभावना जरूर बढ़ जाएगी।

E20 पेट्रोल से गाड़ी के फ्यूल टैंक पर चींटियां आती हैं? वायरल वीडियो पर BPCL ने बताई सच्चाई

E20 पेट्रोल से गाड़ी के फ्यूल टैंक पर चींटियां आती हैं? वायरल वीडियो पर BPCL ने बताई सच्चाई

देश में E20 पेट्रोल को लेकर सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक कार के फ्यूल फिलर कैप (जहां पेट्रोल डाला जाता है) के आसपास बड़ी संख्या में चींटियां दिखाई दे रही हैं। दावा किया जा रहा है कि E20 पेट्रोल की वजह से चींटियां आकर्षित हो रही हैं और वाहन में जमा हो रही हैं।

हालांकि, इस दावे को भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) ने पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया है।

क्या है वायरल वीडियो?

वायरल क्लिप में एक कार के फ्यूल फिलर कैप के पास चींटियों का झुंड नजर आता है। वीडियो में कैप पर लगा E20 स्टिकर भी दिखाई देता है, जिससे यह दावा किया जाने लगा कि E20 पेट्रोल में मौजूद एथेनॉल चींटियों को आकर्षित करता है।

हालांकि, वीडियो में पूरी कार या घटना की पृष्ठभूमि नहीं दिखाई गई है और यह भी स्पष्ट नहीं है कि वीडियो कब और कहां का है।

BPCL ने क्या कहा?

BPCL ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दावों की जांच के बाद कहा कि E20 पेट्रोल और चींटियों के बीच किसी भी तरह का संबंध होने का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है।

कंपनी के मुताबिक, पेट्रोल में मिलाया जाने वाला एथेनॉल फर्मेंटेशन और डिस्टिलेशन जैसी प्रक्रियाओं से तैयार किया जाता है, जिनमें शर्करा (चीनी) पूरी तरह खत्म हो जाती है। इसके अलावा, फ्यूल ग्रेड एथेनॉल में ऐसे रसायन (Denaturants) मिलाए जाते हैं, जो कीड़ों और कीट-पतंगों को दूर रखते हैं।

BPCL ने यह भी स्पष्ट किया कि E20 पेट्रोल में पेट्रोल की गंध ही प्रमुख रहती है और इसमें ऐसा कोई तत्व नहीं होता जो चींटियों या अन्य कीड़ों को आकर्षित करे।

कंपनी ने साफ शब्दों में कहा कि सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे दावे “निराधार हैं और किसी भी वैज्ञानिक प्रमाण से समर्थित नहीं हैं।”

क्या है E20 पेट्रोल?

E20 पेट्रोल सामान्य पेट्रोल और 20 प्रतिशत एथेनॉल का मिश्रण होता है। एथेनॉल एक जैव ईंधन (Biofuel) है, जिसे मुख्य रूप से गन्ने, मक्का और अन्य कृषि उत्पादों से बनाया जाता है।

सरकार E20 को बढ़ावा इसलिए दे रही है ताकि कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) के आयात पर भारत की निर्भरता कम हो और प्रदूषण में भी कमी आए। एथेनॉल पेट्रोल की तुलना में अपेक्षाकृत स्वच्छ ईंधन माना जाता है, जिससे कार्बन मोनोऑक्साइड और अन्य हानिकारक गैसों का उत्सर्जन कम होता है।

क्या E20 से गाड़ी को नुकसान होता है?

विशेषज्ञों के अनुसार, आजकल बाजार में आने वाली अधिकांश नई कारें और दोपहिया वाहन E20 ईंधन के अनुकूल (Compatible) बनाए जा रहे हैं। हालांकि, कुछ पुराने वाहनों में मामूली बदलाव की जरूरत पड़ सकती है और माइलेज में हल्की कमी देखने को मिल सकती है।

फिलहाल BPCL के स्पष्टीकरण के बाद यह साफ हो गया है कि E20 पेट्रोल की वजह से चींटियां फ्यूल टैंक के पास जमा होती हैं, ऐसा दावा वैज्ञानिक रूप से गलत है और वायरल वीडियो के आधार पर इस तरह की बातों पर विश्वास नहीं करना चाहिए।