Petrol Diesel Price Today: आज 4 जुलाई को क्या हैं पेट्रोल-डीजल के नए रेट? यहां देखें पूरी लिस्ट

Petrol Diesel Price Today:  हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 04 जुलाई 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट —

नई दिल्ली: पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 83.09 रुपये प्रति लीटर।

मुंबई: पेट्रोल 111.18 रुपये और डीजल 86 रुपये प्रति लीटर।

कोलकाता: पेट्रोल 113.47 रुपये और डीजल 93.50 रुपये प्रति लीटर।

चेन्नई: पेट्रोल 107.77 रुपये और डीजल 91.50 रुपये प्रति लीटर।

गुरुग्राम: पेट्रोल 102.77 रुपये और डीजल 91.70 रुपये प्रति लीटर।

नोएडा: पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 91.70 रुपये प्रति लीटर।

बेंगलुरु: पेट्रोल 110.93 रुपये और डीजल 90 रुपये प्रति लीटर।

भुवनेश्वर: पेट्रोल 109.92 रुपये प्रति लीटर।

चंडीगढ़: पेट्रोल 98.10 रुपये प्रति लीटर।

हैदराबाद: पेट्रोल 115.69 रुपये और डीजल 97 रुपये प्रति लीटर।

जयपुर: पेट्रोल 112.66 रुपये और डीजल 90.91 रुपये प्रति लीटर।

लखनऊ: पेट्रोल 102.05 रुपये और डीजल 95.75 रुपये प्रति लीटर।

पटना: पेट्रोल 113.35 रुपये प्रति लीटर।

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल 115.49 रुपये प्रति लीटर।

अहमदाबाद: डीजल 82.25 रुपये प्रति लीटर।

पुणे: डीजल 92.50 रुपये प्रति लीटर।

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

Petrol Diesel Price Today: पेट्रोल-डीजल के ताजा भाव जारी, जानें किस शहर में क्या है रेट

Petrol Diesel Price Today:  हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 03 जुलाई 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट —

नई दिल्ली: पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 83.09 रुपये प्रति लीटर।

मुंबई: पेट्रोल 111.18 रुपये और डीजल 86 रुपये प्रति लीटर।

कोलकाता: पेट्रोल 113.47 रुपये और डीजल 93.50 रुपये प्रति लीटर।

चेन्नई: पेट्रोल 107.77 रुपये और डीजल 91.50 रुपये प्रति लीटर।

गुरुग्राम: पेट्रोल 102.77 रुपये और डीजल 91.70 रुपये प्रति लीटर।

नोएडा: पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 91.70 रुपये प्रति लीटर।

बेंगलुरु: पेट्रोल 110.93 रुपये और डीजल 90 रुपये प्रति लीटर।

भुवनेश्वर: पेट्रोल 109.92 रुपये प्रति लीटर।

चंडीगढ़: पेट्रोल 98.10 रुपये प्रति लीटर।

हैदराबाद: पेट्रोल 115.69 रुपये और डीजल 97 रुपये प्रति लीटर।

जयपुर: पेट्रोल 112.66 रुपये और डीजल 90.91 रुपये प्रति लीटर।

लखनऊ: पेट्रोल 102.05 रुपये और डीजल 95.75 रुपये प्रति लीटर।

पटना: पेट्रोल 113.35 रुपये प्रति लीटर।

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल 115.49 रुपये प्रति लीटर।

अहमदाबाद: डीजल 82.25 रुपये प्रति लीटर।

पुणे: डीजल 92.50 रुपये प्रति लीटर।

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

Govt clarifies stance on calling E20 programme an ‘experiment’ to Supreme Court

Fuel pump

The Office of the Attorney General for India has issued a clarification stating that media reports published on June 30 claiming the Government described the 20% Ethanol Blended Petrol (E20) programme as an “experiment” before the Supreme Court are incorrect. 

It was previously reported that while hearing Bharat Petroleum Corporation Limited (BPCL)’s appeal against a Karnataka High Court Order, the Attorney General told the court that the E20 programme was, quote unquote, an “experiment” and that its impact would be “clear by next year”. The Karnataka High Court’s order mandates that government-owned oil companies must honour their contractual agreements to purchase specific volumes of ethanol from a dedicated factory, preventing them from unfairly reducing orders. The Supreme Court, however, has put a hold on the order as oil companies argued that it could affect the nationwide E20 rollout policy proposed by the Central government.   

This comes at a time when the rollout of E20 has caused a lot of stir, especially among owners of older vehicles who have been experiencing drops in fuel efficiency. Moreover, it has been a year since the nationwide rollout of E20 blended petrol was implemented.

What did the clarification mention?

According to the statement, reports suggesting that the Attorney General told the Court the E20 programme was “still an ongoing experiment” or that “the impact of the policy would become clearer by next year” are “completely false” and do not reflect the submissions made on behalf of the Union of India. The Attorney General’s Office emphasised that “at no stage was any submission made that the Government’s Ethanol Blended Petrol (EBP) Programme or the E20 blending programme is an ‘experiment’.”

The Attorney General’s Office said that during the hearing, the submissions before the Supreme Court were confined to the litigation surrounding ethanol allocation to Dedicated Ethanol Plants. It informed the Court that similar writ petitions involving identical issues are pending before different High Courts and that Transfer Petitions are being filed to bring the matters before the Supreme Court for a common adjudication.

According to the clarification, the purpose of the proposed transfer is to avoid parallel proceedings and the possibility of conflicting judicial decisions, while enabling an expeditious resolution of the litigation so that ethanol supplies to Oil Marketing Companies for maintaining 20% ethanol blending with petrol under the national Ethanol Blended Petrol Programme are not affected.

The statement further said that, after considering these submissions, the Supreme Court held that the proposed Transfer Petitions should be filed and that status quo should continue with respect to ethanol allocation for the current Ethanol Supply Year 2025-26, insofar as the present matter is concerned.

With inputs from Mukul Yudhveer Singh

E20 Ethanol Blending: पेट्रोल में 20% इथेनॉल मिलाना कोई एक्सपेरिमेंट नहीं! सरकार ने जारी किया ये स्टेटमेंट

E20 Blending Program: केंद्र सरकार ने उन मीडिया रिपोर्टों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है, जिनमें दावा किया गया था कि पेट्रोल में 20 फीसदी इथेनॉल मिलाने का प्रोजेक्ट अभी सिर्फ एक ‘एक्सपेरिमेंट’ है। भारत के अटॉर्नी जनरल के कार्यालय ने इस संबंध में एक आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया है।

यह पूरा विवाद सुप्रीम कोर्ट में भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और अन्य तेल विपणन कंपनियों (OMCs) से जुड़े इथेनॉल आवंटन मामले की सुनवाई के बाद शुरू हुआ था। आइए जानते हैं कि सरकार ने अपने बयान में क्या कहा है और कोर्ट में असल में क्या दलीलें दी गई थीं।

भ्रामक मीडिया रिपोर्ट्स पर सरकार का कड़ा रुख

30 जून 2026 को कुछ मीडिया चैनलों और वेबसाइट्स पर खबरें छपी थीं कि सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान सरकार ने E20 प्रोग्राम को ‘अभी भी एक चल रहा एक्सपेरिमेंट’ बताया है, जिसका असर अगले साल साफ होगा।

महान्यायवादी कार्यालय ने साफ शब्दों में कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट के समक्ष किसी भी स्तर पर यह दलील नहीं दी गई कि सरकार का इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (EBP) कार्यक्रम या E20 ब्लेंडिंग प्रोग्राम एक ‘प्रयोग’ है। ऐसी रिपोर्टें पूरी तरह से गलत हैं और इनका कोर्ट की असल कार्यवाही से कोई लेना-देना नहीं है।’

सुप्रीम कोर्ट में अटॉर्नी जनरल ने वास्तव में क्या कहा?

इथेनॉल आवंटन मामले में सुनवाई के दौरान महान्यायवादी ने कोर्ट के सामने वास्तविक स्थिति स्पष्ट की थी। डेडिकेटेड इथेनॉल संयंत्रों को इथेनॉल सप्लाई और आवंटन से जुड़े इसी तरह के कई मामले देश के अलग-अलग राज्यों के उच्च न्यायालयों में भी चल रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट को बताया गया कि सरकार इन सभी मामलों को एक साथ जोड़ने और उन्हें शीर्ष अदालत में स्थानांतरित करने के लिए ‘ट्रांसफर पिटिशन’ दायर कर रही है।

ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि एक ही प्रकार के कॉन्ट्रैक्ट ढांचे से जुड़े कानूनी सवालों पर देश की सबसे बड़ी अदालत एक साथ विचार करे। इससे अलग-अलग अदालतों के विरोधाभासी फैसलों से बचा जा सकेगा और कानूनी विवाद का निपटारा भी तेजी से होगा।

यह एक ‘राष्ट्रीय कार्यक्रम’ है, नहीं रुकनी चाहिए सप्लाई

अटॉर्नी जनरल ने कोर्ट में जोर देकर कहा कि इन मामलों का एक जगह निपटारा होना इसलिए जरूरी है ताकि इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल (EBP) कार्यक्रम जो कि एक बेहद महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यक्रम है। इसके तहत पूरे देश में पेट्रोल में 20% इथेनॉल मिलाने के लिए तेल कंपनियों को होने वाली रेगुलर सप्लाई चेन पर कोई भी आंच न आए।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या आदेश दिया?

अटॉर्नी जनरल की इन दलीलों को सुनने और समझने के बाद माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने माना कि, सरकार को इस मामले से जुड़ी प्रस्तावित स्थानांतरण याचिकाएं दायर करनी चाहिए। मौजूदा विवाद के संदर्भ में, वर्तमान इथेनॉल आपूर्ति वर्ष के लिए इथेनॉल के आवंटन को लेकर ‘यथास्थिति’ बरकरार रखी जाए।

Jet Fuel Price Cut: अब हवाई सफर होगा सस्ता, जेट फ्यूल की कीमतें 5 रुपये हुईं कम

Jet Fuel Price Cut: ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के बीच बुधवार (1 जुलाई) को जेट फ्यूल यानी एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में 5 रुपये प्रति लीटर की कटौती की गई है। इंडस्ट्री के सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली में ATF की अब नई कीमत 115 रुपये प्रति लीटर से घटकर ₹110 प्रति लीटर हो गई है। वेस्ट एशिया में संकट के कारण ATF की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद यह पहली कटौती है। बल्क में कीमत 1.15 लाख रुपये प्रति किलोलीटर से घटाकर 1.10 लाख रुपये प्रति किलोलीटर कर दी गई है। इससे घरेलू एयरलाइंस को फ्यूल की लागत में कुछ राहत मिलेगी।

यह कटौती हाल के हफ्तों में वेस्ट एशिया में जियोपॉलिटिकल तनाव कम होने और सप्लाई बेहतर होने की उम्मीदों के कारण इंटरनेशनल ऑयल की कीमतों में नरमी आने के बाद की गई है। इससे एयरलाइंस को राहत मिली है, क्योंकि उनके लिए फ्यूल का खर्च सबसे बड़ा ऑपरेटिंग खर्च होता है। इस बदलाव से घरेलू एयरलाइंस के ऑपरेटिंग खर्च में कमी आने की उम्मीद है। हालांकि, इसका कितना फायदा होगा, यह एयरलाइंस की फ्यूल खरीदने और हेजिंग की रणनीतियों पर निर्भर करेगा।

ATF की कीमतों में हर महीने की पहली तारीख को इंटरनेशनल बेंचमार्क कीमतों के औसत और मौजूदा रुपये-डॉलर एक्सचेंज रेट के आधार पर बदलाव किया जाता है। इससे पहले बुधवार को ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 1 जुलाई से 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में 183.50 रुपये की कटौती की। यह इस साल कमर्शियल LPG की कीमतों में पहली कटौती थी। घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया। यह बदलाव वेस्ट एशिया में जियोपॉलिटिकल तनाव कम होने के बाद ग्लोबल कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बाद किया गया।

पेट्रोल-डीजल भी हुआ सस्ता

देश की सबसे बड़ी प्राइवेट फ्यूल रिटेलर कंपनी नायरा एनर्जी ने पूरे देश में पेट्रोल की कीमतों में ₹5 प्रति लीटर और डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की कटौती की है। यह कटौती वेस्ट एशिया में तनाव कम होने की वजह से इंटरनेशनल मार्केट में तेल की कीमतों में आई गिरावट के बाद की गई है। दो साल में यह पहली बार है जब किसी कंपनी ने फ्यूल की रिटेल कीमतों में कमी की है।

वेस्ट एशिया में तनाव कुछ कम होने और एक अहम समुद्री रास्ते के फिर से खुलने के बाद क्रूड ऑयल और LNG की सप्लाई बहाल हो गई है। इससे सप्लाई में रुकावट की चिंताएं कम हुई हैं। इसके बाद ग्लोबल मार्केट में क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट आई है।

इंडस्ट्री के सूत्रों ने बताया कि नई कीमतें देश भर में नायरा के 7,000 से ज्यादा पेट्रोल पंपों पर लागू हो गई हैं। अलग-अलग राज्यों में पेट्रोल पंपों पर कीमतें अलग-अलग होती हैं, क्योंकि हर राज्य में वैट (VAT) जैसे लोकल टैक्स अलग-अलग होते हैं।

हालांकि, सरकारी फ्यूल रिटेलर कंपनियों ने अपनी कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। सरकारी कंपनियों -इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) ने कीमतों में किसी बदलाव का ऐलान नहीं किया है।

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Petrol-Diesel Price Cut: आम आदमी को बड़ी राहत! नायरा एनर्जी का पेट्रोल 5 रुपये और डीजल ₹3 प्रति लीटर हुआ सस्ता

Petrol-Diesel Rates: भारत की सबसे बड़ी प्राइवेट फ्यूल रिटेलर कंपनी नायरा एनर्जी (Nayara Energy) ने पेट्रोल की कीमत में 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत में ₹3 प्रति लीटर की कटौती की है। नई दरें बुधवार (1 जुलाई) से कंपनी के देशभर में मौजूद 7,000 से अधिक पेट्रोल पंपों पर लागू हो गई हैं। यह पिछले दो सालों में किसी भी तेल कंपनी द्वारा की गई पहली बड़ी खुदरा ईंधन की कीमतों में कटौती है। कंपनी ने यह फैसला अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट के बाद लिया है।

यह कीमत कटौती वेस्ट एशिया में तनाव कम होने और एक अहम समुद्री रास्ते के फिर से खुलने के बाद ग्लोबल क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट के बाद हुई है। समुद्री रास्ते के खुलने से क्रूड ऑयल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस की सप्लाई फिर से शुरू हो गई। इससे सप्लाई में रुकावट की चिंता कम हो गई है।

इंडस्ट्री के सूत्रों के मुताबिक, देश भर में नायरा के 7,000 से ज़्यादा फ्यूल स्टेशनों पर नई कीमतें लागू हो गई हैं। राज्यों में लोकल टैक्स, जैसे वैल्यू-एडेड टैक्स (VAT) के आधार पर पंप पर असल कीमतें अलग-अलग हो सकती हैं।

क्यों सस्ते हुए पेट्रोल-डीजल?

पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और एक महत्वपूर्ण समुद्री रूट्स के दोबारा खुलने से कच्चे तेल और एलएनजी की आपूर्ति सामान्य हुई है। इससे वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई। इसका लाभ Nayara Energy ने अपने ग्राहकों को दिया है।

हालांकि, सरकारी तेल कंपनियां Indian Oil (IOC), Bharat Petroleum (BPCL) और Hindustan Petroleum (HPCL) ने फिलहाल पेट्रोल-डीजल के दामों में कोई बदलाव नहीं किया है। दिल्ली में IOC के पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर पर ही मिल रहा है।

मार्च में बढ़ाए थे दाम

ईरान संघर्ष के बाद अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में तेजी आने पर Nayara Energy ने 26 मार्च को पेट्रोल के दाम ₹5 प्रति लीटर और डीजल के दाम ₹3 प्रति लीटर बढ़ाए थे। अब कंपनी ने वही बढ़ोतरी वापस ले ली है।

उपभोक्ताओं को कितना फायदा होगा?

यदि आप 50 लीटर पेट्रोल भरवाते हैं, तो लगभग ₹250 की बचत होगी।

यदि आप 50 लीटर डीजल भरवाते हैं, तो लगभग ₹150 की बचत होगी।

देशभर में आपूर्ति के लिए तैयार

सूत्रों के अनुसार, रिफाइनरी का रखरखाव कार्य पूरा होने के बाद Nayara Energy की गुजरात के वाडिनार स्थित 20 मिलियन टन प्रति वर्ष क्षमता वाली रिफाइनरी पूरी क्षमता से काम कर रही है। यह कंपनी देशभर में ईंधन की मांग पूरी करने के लिए तैयार है। ईरान-अमेरिका संघर्ष के कारण इंटरनेशनल ऑयल की कीमतों में उछाल आने के बाद फ्यूल की कीमतें बढ़ाने वाली पहली रिटेलर्स में नायरा शामिल थी। 26 मार्च को उसने पेट्रोल की कीमतों में ₹5 प्रति लीटर और डीजल की कीमतों में ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी।

बाद में सरकारी फ्यूल रिटेलर्स ने भी कीमतें बढ़ाईं। मई के दूसरे हिस्से में कई बार कीमतों में बदलाव करते हुए उन्होंने पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में कुल ₹7.50 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की। यह बढ़ोतरी इंटरनेशनल क्रूड की ज़्यादा कीमतों और प्रोडक्ट की ज्यादा लागत को दिखाती है। बुधवार को नायरा द्वारा की गई कटौती असल में मार्च में की गई बढ़ोतरी को वापस लेती है।

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यह हाल के हफ़्तों में ग्लोबल ऑयल मार्केट के स्थिर होने के बाद भारतीय ग्राहकों तक कम फ्यूल कीमतें पहुंचने का पहला संकेत है। सूत्रों के मुताबिक, रिफाइनरी में मेंटेनेंस का काम पूरा होने के बाद नयारा मांग को पूरा करने के लिए पूरी तरह तैयार है। देश की खपत की जरूरतों को पूरा करने के लिए अपने पूरे नेटवर्क का इस्तेमाल कर रही है।

OnePlus Nord N6 5G लॉन्च, 19,999 रुपए में 8,000mAh बैटरी, 120Hz डिस्प्ले और 50MP कैमरा

OnePlus Nord N6 5G

OnePlus ने भारतीय बाजार में अपना नया OnePlus Nord N6 5G स्मार्टफोन लॉन्च कर दिया है। कंपनी का दावा है कि यह बजट सेगमेंट में सबसे आकर्षक 5G स्मार्टफोन्स में से एक है। फोन की शुरुआती कीमत 19,999 रुपये रखी गई है और इसमें 8,000mAh की बड़ी बैटरी, 120Hz रिफ्रेश रेट डिस्प्ले और 50MP कैमरा जैसे फीचर्स दिए गए हैं। OnePlus Nord N6 5G की बिक्री Amazon Prime Day Sale के दौरान शुरू होगी।

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फोन दो स्टोरेज वेरिएंट में उपलब्ध होगा 

4GB RAM + 128GB स्टोरेज की कीमत 22,999 रुपये है, लेकिन 3,000 रुपये की छूट के बाद इसे 19,999 रुपये में खरीदा जा सकेगा। 6GB RAM + 128GB स्टोरेज वेरिएंट की कीमत 24,999 रुपये है, जबकि ऑफर के बाद इसकी कीमत 21,999 रुपये होगी। इसके अलावा Prime Day Sale के दौरान ग्राहकों को 1,000 रुपये का अतिरिक्त डिस्काउंट और चुनिंदा बैंक कार्ड से भुगतान करने पर 2,000 रुपये का इंस्टेंट डिस्काउंट भी मिलेगा।फोन Midnight Green और Fresh Mint दो कलर ऑप्शन में आएगा।

 

120Hz डिस्प्ले और मजबूत डिजाइन

OnePlus Nord N6 5G में 6.8 इंच का HD+ LCD डिस्प्ले दिया गया है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है। कंपनी के मुताबिक डिस्प्ले की 1,200 निट्स पीक ब्राइटनेस तेज धूप में भी बेहतर विजिबिलिटी देती है।

फोन की मोटाई 8.88mm है और इसे MIL-STD-810H ड्यूरेबिलिटी सर्टिफिकेशन मिला है, जिससे यह रोजमर्रा के इस्तेमाल में अधिक मजबूत माना जाता है।

 

8,000mAh बैटरी और 45W फास्ट चार्जिंग

इस स्मार्टफोन की सबसे बड़ी खासियत इसकी 8,000mAh बैटरी है, जो इस कीमत के फोन में काफी बड़ी मानी जा रही है। इसके साथ 45W SuperVOOC फास्ट चार्जिंग का सपोर्ट भी मिलता है, जिससे बैटरी कम समय में चार्ज हो जाती है। फोन Android 16 आधारित OxygenOS 16 पर चलता है। कंपनी ने इसके लिए 7 साल तक सिक्योरिटी अपडेट देने का भी वादा किया है।

MediaTek प्रोसेसर और 50MP कैमरा

OnePlus Nord N6 5G में MediaTek Dimensity 6360 Apex प्रोसेसर दिया गया है। इसमें 6GB तक RAM और 128GB स्टोरेज का विकल्प मिलता है। फोटोग्राफी के लिए फोन में 50MP का ड्यूल रियर कैमरा दिया गया है, जो 10x डिजिटल ज़ूम सपोर्ट करता है। वहीं, सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए 8MP फ्रंट कैमरा मिलता है।

 

कनेक्टिविटी फीचर्स

फोन में साइड-माउंटेड फिंगरप्रिंट सेंसर, डुअल 5G SIM, Wi-Fi, Bluetooth और USB Type-C पोर्ट जैसे सभी जरूरी कनेक्टिविटी फीचर्स दिए गए हैं।

 

  • OnePlus Nord N6 5G के प्रमुख स्पेसिफिकेशन
  • डिस्प्ले: 6.8-इंच HD+ LCD, 120Hz रिफ्रेश रेट
  • प्रोसेसर: MediaTek Dimensity 6360 Apex
  • रैम: 4GB/6GB
  • स्टोरेज: 128GB
  • रियर कैमरा: 50MP ड्यूल कैमरा
  • फ्रंट कैमरा: 8MP
  • बैटरी: 8,000mAh
  • चार्जिंग: 45W SuperVOOC
  • ऑपरेटिंग सिस्टम: OxygenOS 16 (Android 16)
  • अपडेट: 7 साल तक सिक्योरिटी अपडेट
  • कनेक्टिविटी: Dual 5G, Wi-Fi, Bluetooth, USB Type-C

 

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LPG Price Today: 1 जुलाई से बदल सकते हैं LPG सिलेंडर के दाम! जानें क्या है आज का रेट

LPG Price Today: मंगलवार, 30 जून को भी देश में घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर के दामों में कोई भी बढ़ोतरी नहीं की गई। इससे पहले घरेलू सिलेंडर की कीमतों में आखिरी बार बदलाव 7 जून, 2026 को हुई थी, जब तेल कंपनियों ने कीमतों में 29 रुपये की बढ़ोतरी की थी। वहीं, जून माह में कमर्शियल सिलेंडर के दाम में 42 रुपये से 53.50 रुपसे का इजाफा किया गया था।

1 जुलाई से कीमतों में हो सकता है बदलाव

कल 1 जुलाई है, ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि तेल कंपनियां कल गैसे सिलेंडरों के रेट में कुछ बदलाव कर सकती हैं। यह बढ़ोतरी सरकारी तेल कंपनियों (IOCL, HPCL, BPCL) के द्वारा पिछले महीने के वैश्विक मार्केट ट्रेंड की समीक्षा करने के बाद की जा सकती है। बता दें कि गैस सिलेंडर की कीमतें पूरी तरह से वैश्विक बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) और LPG की औसत कीमतों पर निर्भर करती हैं।

जानकारी के लिए बता दें कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एलपीजी की कीमतें मुख्य रूप से सऊदी अरामको के कॉन्ट्रैक्ट प्राइस (CP) से तय होती हैं। हर महीने के अंत में सऊदी अरामको नई कीमतों का ऐलान करती है। इसी आधार पर भारत की तेल कंपनियां भी हर महीने की पहली तारीख को सुबह करीब 6 बजे नए रेट जारी करती हैं।

अपने शहर का कैसे चेक करें रेट?

अगर आप अपने शहर का ताजा LPG सिलेंडर रेट जानना चाहते हैं, तो इसे बहुत आसानी से ऑनलाइन चेक किया जा सकता है। इसके लिए आप Indane, HP Gas या Bharat Gas की आधिकारिक वेबसाइट या उनके मोबाइल ऐप पर जा सकते हैं। वहां अपने शहर का नाम या पिन कोड डालकर आप तुरंत अपडेटेड गैस सिलेंडर कीमत देख सकते हैं।

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कच्चे तेल की नरमी और जियोपॉलिटिकल जोखिम कम होने से इन सेक्टर्स को होगा फायदा, इन पर रहे नजर

अमर सिंह

दुनिया के तीसरे सबसे बड़े तेल आयातक देश के तौर पर,भारत अपनी जरूरत का 88% से ज्यादा तेल आयात करता है। इसलिए,कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से उसे फायदा होता है। ब्रेंट क्रूड की कीमत में प्रति बैरल $1 की गिरावट से देश के सालाना आयात बिल में आम तौर पर लगभग 10,000 से 13,000 करोड़ रुपये की बचत होती है।

इसके साथ ही जियोपॉलिटिकल जोखिम कम हो रहे हैं। मिडिल ईस्ट में तनाव का घटना,ईरान-इजरायल युद्ध का समाधान,होर्मुज जलडमरूमध्य से आवाजाही का शुरू होना भी भारत के लिए फायदेमंद है। इससे देश को महंगाई कम होने,करंट अकाउंट घाटा घटने,रुपये को सहारा मिलने और RBI व सरकार के लिए पॉलिसी बनाने की बेहतर गुंजाइश मिलने जैसे फायदे होंगे।

इतिहास गवाह है कि तेल की कीमतों में भारी गिरावट (जैसे 2014-16 के दौरान) ने कुछ खास सेक्टर को काफी फायदा पहुंचाया है,भले ही ग्लोबल ग्रोथ की रफ्तार धीमी रही हो। मौजूदा हालात से फायदे में रहने वाले सेक्टर एक जैसे नहीं हैं। ये फायदे उन इंडस्ट्रीज़ तक सीमित हैं जहां फ्यूल या कच्चे तेल से जुड़े कच्चे माल की लागत का हिस्सा बहुत ज्यादा होता है,या जहां कम महंगाई और ज्यादा डिस्पोजेबल इनकम से बिक्री की मात्रा(वॉल्यूम)सीधे तौर पर बढ़ती है।

कच्चे तेल के भाव कम होने से एविएशन सेक्टर को सीधा और बड़ा फायदा मिलता है। भारतीय एयरलाइंस के ऑपरेटिंग खर्च में एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF)का हिस्सा लगभग 40 प्रतिशत होता है। कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट से ATF की कीमतें तुरंत कम हो जाती हैं,जिससे इंडिगो,एयर इंडिया और स्पाइसजेट के ऑपरेटिंग मार्जिन में सीधे तौर पर बढ़ोतरी होती है।

तेल के भाव घटने से एयरलाइंस या तो अपने मार्जिन को सुरक्षित रख सकती हैं या कम किराए के जरिए डिमांड बढ़ा सकती हैं। ये दोनों ही बातें इस सेक्टर के लिए अच्छी हैं। कीमतों में उतार-चढ़ाव कम होने से हेजिंग की लागत भी कम हो जाती है। पहले के दौर में,तेल की कीमतों में बदलाव पर एयरलाइन शेयरों ने अच्छी तेजी दिखाई है। घरेलू हवाई ट्रैफिक में अभी भी मजबूत बढ़त बनी हुई है,इसलिए ईंधन की कम लागत इनके मुनाफे और क्षमता बढ़ाने में आने वाली एक बड़ी रुकावट को दूर कर सकती है।

इसके बाद डाउनस्ट्रीम ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (OMCs)और कच्चे तेल से जुड़े मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का नंबर आता है। इंडियन ऑयल,BPCL और HPCL जैसी कंपनियों को कच्चा तेल खरीदने की कम लागत का फायदा मिलता है। जब रिटेल फ्यूल की कीमतों में बदलाव में देरी होती है या टैक्स की वजह से कीमतों में आई गिरावट का कुछ हिस्सा एडजस्ट हो जाता है। ऐसे में इनका मार्केटिंग मार्जिन बढ़ जाता है। इनको इन्वेंट्री से होने वाला फायदा भी मिल सकता है।

कच्चे तेल की कीमतों में कमी से पेंट सेक्टर को फायदा होता है। इनके कच्चे माल की लागत (जैसे सॉल्वैंट्स,रेजिन और कुछ एडिटिव्स)का 35-50 प्रतिशत हिस्सा कच्चे तेल से जुड़ा होता है। ऐसे में कच्चे तेल में नरमी से एशियन पेंट्स,बर्जर पेंट्स और ऐसी दूसरी कंपनियों को अच्छे मार्जिन या कीमतें तय करने में लचीलेपन का फायदा मिलता है।

टायर बनाने वाली कंपनियों (अपोलो टायर्स,MRF,सिएट,JK टायर)को सिंथेटिक रबर और कार्बन ब्लैक की लागत में कमी से राहत मिल रही है। लुब्रिकेंट्स और कुछ खास केमिकल सेगमेंट को भी इसका फायदा हो रहा है। जब कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आती है तो इन कंपनियों के लिए लागत कम,मार्जिन ज्यादा वाली क्लासिक स्थितियां बनती हैं।

तेल की कीमतों में कमी से ऑटोमोबाइल और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को लागत और मांग,दोनों ही फ्रंट पर फायदा होता है। टू-व्हीलर और पैसेंजर गाड़ियों के मामले में,पेट्रोल और डीजल की कम कीमतें गाड़ियों की कुल ओनरशिप लागत (टोटल कॉस्ट ऑफ ओनरशिप)को बेहतर बनाती हैं। कीमत को लेकर संवेदनशील बाजार में यह खरीदारी का एक अहम कारण होता है। पहले भी देखा गया है कि जब ईंधन की कीमतें कम रही हैं,तब एंट्री-लेवल और मास-मार्केट सेगमेंट में रिटेल बिक्री में तेजी आई है।

इसके अलावा क्रूड की कीमतों में कमी से कमर्शियल गाड़ियों और बड़े लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम (ट्रकिंग,लास्ट-माइल डिलीवरी)को डीजल खर्च पर सीधे बचत होती है,जो वेरिएबल कॉस्ट का एक बड़ा हिस्सा होता है। इससे लॉजिस्टिक्स कंपनियों की ऑपरेटिंग लेवरेज बेहतर होती है और ज्यादा ब्याज दरों वाले माहौल में वॉल्यूम रिकवरी में मदद मिल सकती है। भारत में सामान की ढुलाई के लिए सड़क परिवहन ही मुख्य जरिया (70%) है,इसलिए सप्लाई चेन पर इसका मल्टीप्लायर असर काफी अहम है।

कच्चे तेल में नरमी से कंज्यूमर-फेसिंग सेक्टर और फाइनेंशियल सेक्टर को मैक्रो-लेवल पर दूसरे दौर के फायदे मिलते हैं। फ्यूल और ट्रांसपोर्ट की लागत कम होने से महंगाई कम होती है। इससे RBI को पॉलिसी रेट्स को मैनेज करने के लिए ज्यादा गुंजाइश मिलती है। इससे क्रेडिट ग्रोथ और एसेट क्वालिटी में सुधार होता है। जिन बैंकों और NBFCs का रिटेल और SME पोर्टफोलियो मज़बूत है,उन्हें कम महंगाई,स्थिर या कम रेट्स और बेहतर होते कॉर्पोरेट कैश फ्लो के अच्छे चक्र से फायदा होता है।

इसके अलावा ईंधन और ट्रांसपोर्ट पर खर्च कम होने से’कंज्यूमर डिस्क्रिशनरी’और कुछ खास FMCG कैटेगरी में खर्च करने लायक आय(डिस्पोजेबल इनकम)में थोड़ी लेकिन वास्तविक बढ़ोतरी देखने को मिलती है। अगर कम महंगाई और बेहतर फिस्कल हेडरूम (ईंधन सब्सिडी का दबाव कम होने से)से बेहतर कैपेक्स(पूंजीगत व्यय)माहौल बनता है या ब्याज दरों पर निर्भर मांग में सुधार होता है,तो रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कंपनियों को अप्रत्यक्ष रूप से फायदा हो सकता है।

भू-राजनीतिक जोखिम कम होने से इन प्रभावों का असर सिर्फ तेल के गणित से कहीं ज्यादा बढ़ जाता है। ग्लोबलअनिश्चितता कम होने से इक्विटी रिस्क प्रीमियम घटता है,FII निवेश को बढ़ावा मिलता है और कुल मिलाकर जोखिम लेने की क्षमता बेहतर होती है। ग्लोबल ट्रेड और कैपिटल एक्सपेंडिचर से जुड़े सेक्टर जैसे कुछ कैपिटल गुड्स,चुनिंदा मैन्युफैक्चरिंग और टूरिज़्म/हॉस्पिटैलिटी शेयरों के लिए अनुकूल माहौल बनता है। सप्लाई-चेन में स्थिरता से आयात पर निर्भर असेंबली इंडस्ट्रीज को भी मदद मिलता है।

सस्ती एनर्जी और शांत भू-राजनीतिक स्थिति का मेल वोलैटिलिटी के उन मुख्य कारणों में से एक को घटाता है,जिन्होंने समय-समय पर भारत की विकास गाथा में बाधा डाली है।

एक बार होने वाले इन्वेंट्री या मार्जिन से मिलने वाले फायदे और लगातार होने वाली कमाई में बढ़ोतरी के बीच फ़र्क करना जरूरी है। ग्राहकों को कितना फायदा होगा और कंपनियां कितना फायदा अपने पास रखेंगी,यह टैक्स पॉलिसी,कॉम्पिटिशन की तीव्रता और प्राइसिंग डिसिप्लिन पर निर्भर करेगा। फायदा पाने वाले सेक्टर की हर कंपनी को एक जैसा फायदा नहीं होगा। बैलेंस-शीट की मजबूती,प्राइसिंग पावर और ऑपरेशनल क्षमता के आधार पर बेहतर प्रदर्शन करने वाली कंपनियां ज्यादा बेहतर स्थिति में रहेंगी।

बुनियादी नज़रिए से देखें तो,कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और कम होते जियोपॉलिटिकल तनाव का मेल भारत के लिए एक अच्छा संकेत है। इससे बाहरी फैक्टर का दबाव कम होता है,महंगाई पर लगाम लगती है और ज्यादा कर्ज वाले सेक्टर में कंपनियों का मुनाफा बढ़ता है। जब तेल की कीमतें गिरती हैं और तो बाजार अक्सर तुरंत सकारात्मक प्रतिक्रिया देता है।

इस स्थिति में निवेशकों को ऐसी कंपनियों पर फोकस करना चाहिए जिनका ऑपरेटिंग लेवरेज ज़्यादा हो (खासकर ईंधन या कच्चे तेल से जुड़े इनपुट के मामले में),जिनकी बैलेंस शीट मज़बूत हो (ताकि वे किसी भी तरह के उतार-चढ़ाव का सामना कर सकें) और जिनकी वॉल्यूम ग्रोथ भरोसेमंद हो। ऐसे माहौल में, एविएशन,OMCs,पेंट,टायर,ऑटोमोबाइल,लॉजिस्टिक्स और ब्याज दरों से प्रभावित होने वाले फाइनेंशियल सेक्टर में चुनिंदा निवेश करना,भारत की जारी स्ट्रक्चरल ग्रोथ स्टोरी में शामिल होने का एक भरोसेमंद तरीका है।

अमर सिंह एंजेल वन में रिसर्च के सीनियर VP हैं.

 

Market View : गिरते बाजार में वोलैटिलिटी को खतरा नहीं,मौका मानें, डेट से पैसा निकालकर इक्विटी निवेश बढ़ाने का अच्छा मौका

 

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Petrol Diesel Price Today: पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी, जानें आपके शहर में क्या है आज का भाव

Petrol Diesel Price Today:  हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 28 जून 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट —

नई दिल्ली: पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 83.09 रुपये प्रति लीटर।

मुंबई: पेट्रोल 111.18 रुपये और डीजल 86 रुपये प्रति लीटर।

कोलकाता: पेट्रोल 113.47 रुपये और डीजल 93.50 रुपये प्रति लीटर।

चेन्नई: पेट्रोल 107.77 रुपये और डीजल 91.50 रुपये प्रति लीटर।

गुरुग्राम: पेट्रोल 102.77 रुपये और डीजल 91.70 रुपये प्रति लीटर।

नोएडा: पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 91.70 रुपये प्रति लीटर।

बेंगलुरु: पेट्रोल 110.93 रुपये और डीजल 90 रुपये प्रति लीटर।

भुवनेश्वर: पेट्रोल 109.92 रुपये प्रति लीटर।

चंडीगढ़: पेट्रोल 98.10 रुपये प्रति लीटर।

हैदराबाद: पेट्रोल 115.69 रुपये और डीजल 97 रुपये प्रति लीटर।

जयपुर: पेट्रोल 112.66 रुपये और डीजल 90.91 रुपये प्रति लीटर।

लखनऊ: पेट्रोल 102.05 रुपये और डीजल 95.75 रुपये प्रति लीटर।

पटना: पेट्रोल 113.35 रुपये प्रति लीटर।

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल 115.49 रुपये प्रति लीटर।

अहमदाबाद: डीजल 82.25 रुपये प्रति लीटर।

पुणे: डीजल 92.50 रुपये प्रति लीटर।

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।