Guru Nakshatra Parivartan 2026: आज पुष्य नक्षत्र के तीसरे चरण में प्रवेश करेंगे बृहस्पति, चार राशियों का शुरू होगा गोल्डन टाइम

Guru Nakshatra Parivartan 2026: ज्योतिष शास्त्र में शुभ ग्रहों में बृहस्पति ग्रह का नाम सबसे ऊपर आता है। इसी तरह इनके स्वामित्व वाले पुष्य नक्षत्र को भी नक्षत्रों का राजा माना जाता है। बृहस्पति न सिर्फ सबसे बड़े ग्रह हैं, बल्कि देवताओं के गुरु भी हैं। इसलिए इनकी स्थिति कोई भी बदलाव सभी 12 राशियों के जातकों को प्रभावित करता है। इस ग्रह के राशि परिवर्तन से लेकर उदय-अस्त, वक्री-मार्गी ही नहीं नक्षत्र परिवर्तन पर भी ज्योतिष विशेषज्ञों की नजर रहती है। देवगुरु बृहस्पति आज यानी 19 जुलाई को पुष्य नक्षत्र के तीसरे चरण में प्रवेश करने जा रहा हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सभी 27 नक्षत्रों को चार भागों में बांटा गया है। धार्मिक नजरिए से पुष्य नक्षत्र में गुरु का गोचर सुख, समृद्धि, ज्ञान और धन में वृद्धि करने वाला माना गया है। गुरु का अपने स्वामित्व वाले नक्षत्र में प्रवेश कुछ विशेष राशियों के लिए भाग्य के द्वार खोलने वाला साबित होगा।

मेष राशि : गुरु का पुष्य नक्षत्र में प्रवेश मेष राशि के जातकों के लिए आर्थिक और पारिवारिक मोर्चे पर बेहद लाभकारी रहने वाला है। लंबे समय से रुका हुआ धन अचानक वापस मिल सकता है। निवेश के लिए यह समय बहुत उत्तम है, भविष्य में बड़ा मुनाफा होगा। कार्यस्थल पर आपकी स्थिति मजबूत होगी।

कर्क राशि : कर्क राशि के जातकों के लिए गुरु का यह नक्षत्र परिवर्तन किसी वरदान से कम नहीं है। आपकी राशि में गुरु की स्थिति पहले से ही मजबूत है। समाज और कार्यस्थल पर आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी। लोग आपकी बौद्धिक क्षमता और निर्णय लेने की शैली की तारीफ करेंगे। व्यापारियों के मुनाफे में बढ़ोतरी होगी।

सिंह राशि : सिंह राशि के जातकों के लिए गुरु का पुष्य नक्षत्र में जाना करियर और शिक्षा के क्षेत्र में बेहतरीन परिणाम लेकर आएगा। नौकरी पेशा लोगों को अपनी प्रतिभा दिखाने का पूरा मौका मिलेगा। प्रतियोगी परीक्षा या उच्च शिक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को कोई बड़ी खुशखबरी मिल सकती है। आय के नए स्रोत बन सकते हैं।

धनु राशि : गुरु आपकी ही राशि के स्वामी हैं, इसलिए उनके नक्षत्र परिवर्तन का सीधा और सकारात्मक प्रभाव आपके जीवन पर देखने को मिलेगा। आपके जो काम पिछले कई महीनों से अटके हुए थे, वे अब तेजी से पूरे होने लगेंगे। किस्मत का सहयोग हर मोड़ पर मिलेगा। किसी पुरानी बीमारी में सुधार देखने को मिलेगा।

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Petrol Diesel Price Today: आज के पेट्रोल-डीजल रेट हुए जारी, देखें आपके शहर का भाव

Petrol Diesel Price Today: हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालती हैं। सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ताजा दरें जारी करती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपए की विनिमय दर में आए बदलावों पर आधारित होती हैं। ये बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं, चाहे वो ऑफिस जाने वाला व्यक्ति हो या फल-सब्जी बेचने वाला व्यापारी।

ऐसे में हर दिन की कीमतों की जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि समझदारी भी है। सरकार की यह प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की भ्रमित जानकारी न मिले।

आपके शहर में आज का पेट्रोल-डीजल का भाव

ये रहे 19 जुलाई 2026 के प्रमुख शहरों के पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट —

नई दिल्ली: पेट्रोल 102.12 रुपये | डीजल 95.20 रुपये

मुंबई: पेट्रोल 111.21 रुपये | डीजल 97.83 रुपये

कोलकाता: पेट्रोल 113.47 रुपये | डीजल 99.82 रुपये

चेन्नई: पेट्रोल 107.78 रुपये | डीजल 99.56 रुपये

गुरुग्राम: पेट्रोल 102.97 रुपये | डीजल 95.64 रुपये

नोएडा: पेट्रोल 101.96 रुपये | डीजल 95.44 रुपये

बेंगलुरु: पेट्रोल 111.37 रुपये | डीजल 99.26 रुपये

भुवनेश्वर: पेट्रोल 109.92 रुपये | डीजल 100.92 रुपये

चंडीगढ़: पेट्रोल 98.10 रुपये | डीजल 86.09 रुपये

हैदराबाद: पेट्रोल 115.69 रुपये | डीजल 103.82 रुपये

जयपुर: पेट्रोल 112.66 रुपये | डीजल 97.78 रुपये

लखनऊ: पेट्रोल 102.63 रुपये | डीजल 96.07 रुपये

पटना: पेट्रोल 113.35 रुपये | डीजल 99.36 रुपये

तिरुवनंतपुरम: पेट्रोल 115.49 रुपये | डीजल 104.40 रुपये

पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?

मई 2022 के बाद से केंद्र और कई राज्यों द्वारा टैक्स में कटौती की गई, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कीमतें तुलनात्मक रूप से स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?

  1. कच्चे तेल की कीमतें:

पेट्रोल और डीजल का उत्पादन मुख्य रूप से कच्चे तेल से होता है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।

  1. डॉलर के मुकाबले रुपया:

भारत अधिकतर कच्चा तेल आयात करता है, और यह डॉलर में खरीदा जाता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो ईंधन महंगा हो जाता है।

  1. सरकारी टैक्स और शुल्क:

केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाती हैं, जो खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा होते हैं। यही कारण है कि राज्यों में कीमतों में अंतर होता है।

  1. रिफाइनिंग की लागत:

कच्चे तेल को इस्तेमाल लायक बनाने की प्रक्रिया (रिफाइनिंग) में भी खर्च होता है। ये लागत कच्चे तेल की गुणवत्ता और रिफाइनरी की क्षमता पर निर्भर करती है।

  1. मांग और आपूर्ति का संतुलन:

बाजार में ईंधन की मांग अगर बढ़ जाती है, तो कीमतें भी ऊपर जाने लगती हैं। खासकर त्योहारों, गर्मी या सर्दी के मौसम में ईंधन की खपत ज्यादा होती है।

कैसे करें अपने शहर की कीमतें SMS से चेक?

अगर आप मोबाइल से ईंधन की कीमत जानना चाहते हैं, तो ये प्रक्रिया आसान है:

Indian Oil ग्राहक: अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे “RSP” के साथ 9224992249 पर भेजें।

BPCL ग्राहक: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL ग्राहक: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें।

NICL Recruitment 2026: नेशनल इंश्योरेंस कंपनी में असिस्टेंट के 500 पदों पर भर्ती शुरू, जानें कौन कर सकता है आवेदन

NICL Recruitment 2026: अगर आप ग्रेजुएट हैं और बीमा क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं, तो देश की प्रमुख नेशनल बीमा कंपनी (NICL) असिस्टेंट के पदों पर भर्ती की घोषणा की है। इस भर्ती प्रक्रिया के तहत कंपनी 500 पदों पर योग्य उम्मीदवारों को नियुक्त करेगी। इन पदों पर भर्ती के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी करने के साथ ही आवेदन प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार एनआईसीएल की आधिकारिक वेबसाइट nationalinsurance.nic.co.in/recruitment पर 07 अगस्त 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। ध्यान रखें, आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में की जाएगी।

एनआईसीएल भर्ती 2026: एक नजर में

ऑनलाइन आवेदन शुरू : 18 जुलाई 2026

ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि : 7 अगस्त 2026

आवेदन शुल्क जमा करने की अवधि : 18 जुलाई 2026 से 7 अगस्त 2026 तक

फेज-1 (प्रारंभिक) ऑनलाइन परीक्षा : 27 अगस्त 2026

फेज-2 (मुख्य) ऑनलाइन परीक्षा : 30 अक्टूबर 2026

500 पदों पर राज्यवार की जाएगी भर्ती

एनआईसीएल के इस भर्ती अभियान के तहत कुल 500 असिस्टेंट पद भरे जाएंगे, जिनकी नियुक्ति राज्यवार की जाएगी। भर्ती प्रक्रिया में हिस्सा लेने वाले उम्मीदवार सिर्फ एक ही राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के लिए आवेदन कर सकेंगे। सबसे अधिक रिक्तियां महाराष्ट्र (57), तमिलनाडु (49), पश्चिम बंगाल (46), राजस्थान (36), केरल (35), गुजरात (34), उत्तर प्रदेश (24), दिल्ली (20) और बिहार (12) में निकाली गई हैं।

आवेदन के नियम और शर्तें

शैक्षिक योग्यता : उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी विषय में स्नातक की डिग्री होना अनिवार्य है। इसके साथ ही जिस राज्य के लिए उम्मीदवार आवेदन करेगा, वहां की क्षेत्रीय भाषा पढ़ने, लिखने और बोलने का ज्ञान होना जरूरी है। अंतिम चयन से पहले क्षेत्रीय भाषाकी परीक्षा भी आयोजित की जाएगी।

आयु सीमा : 1 जुलाई 2026 के अनुसार उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 30 वर्ष होनी चाहिए। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, दिव्यांग, भूतपूर्व सैनिक और अन्य आरक्षित वर्गों को केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट दी जाएगी।

चयन प्रक्रिया

उम्मीदवारों का चयन तीन चरणों में किया जाएगा।

  • ऑनलाइन प्रारंभिक परीक्षा
  • ऑनलाइन मुख्य परीक्षा
  • क्षेत्रीय भाषा परीक्षा

रीजनल लैंग्वेज टेस्ट केवल क्वालिफाइंग होगा। अंतिम मेरिट सूची केवल मुख्य परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर तैयार की जाएगी।

परीक्षा पैटर्न

प्रारंभिक परीक्षा में 100 अंकों के 100 वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे जाएंगे। इसमें अंग्रेजी भाषा, रीजनिंग और क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड से प्रश्न होंगेहों गे। परीक्षा की कुल अवधि 60 मिनट होगी। मुख्य परीक्षा में 200 अंकों के 200 प्रश्न होंगेहों गे। इसमें रीजनिंग, अंग्रेजी भाषा, न्यूमेरिकल एबिलिटी, जनरल अवेयरनेस और कंप्यूटर नॉलेज से प्रश्न पूछे जाएंगे। परीक्षा की अवधि 120 मिनट होगी।

दोनों ऑनलाइन परीक्षाओं में प्रत्येक गलत उत्तर पर एक-चौथाई (1/4) अंक की नेगेटिव मार्किंग लागू होगी, जबकि बिना उत्तर छोड़े गए प्रश्नों पर श्नों कोई अंक नहीं काटे जाएंगे।

आवेदन शुल्क

एससी, एसटी, दिव्यांग (PwBD) और भूतपूर्व सैनिक (Ex-Servicemen) वर्ग के उम्मीदवारों से कोई आवेदन शुल्क नहीं लिया जाएगा। अन्य सभी वर्गों के उम्मीदवारों को 850 रुपये आवेदन शुल्क का भुगतान करना होगा।

एनआईसीएल असिस्टेंट भर्ती 2026 आवेदन करने के स्टेप्स

  • आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करें।
  • सबसे पहले अपना रजिस्ट्रेशन पूरा करें और आवेदन फॉर्म भरें।
  • पासपोर्ट साइज फोटो अपलोड करें।
  • निर्धारित प्रारूप में हस्ताक्षर अपलोड करें।
  • बाएं हाथ के अंगूठे का निशान अपलोड करें।
  • निर्धारित प्रारूप में हस्तलिखित घोषणा अपलोड करें।
  • सभी जानकारी भरने के बाद आवेदन पत्र को ध्यान से जांच लें।
  • पात्रता के अनुसार आवेदन शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करें।
  • फॉर्म सबमिट करने के बाद उसका प्रिंटआउट सुरक्षित रख लें।
  • ध्यान रखें कि फाइनल सबमिट के बाद आवेदन पत्र में किसी भी प्रकार का संशोधन नहीं किया जा सकेगा।

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अमेरिका से 18 हजार भारतीय डिपोर्ट होंगे:अपील, दलील या वकील करने का मौका नहीं; ट्रम्प सरकार ने 2025 में भारतीयों को हथकड़ी-बेड़ियां पहनाकर भेजा था

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने डिपोर्टेशन का बड़ा अभियान छेड़ने की तैयारी कर ली है। अमेरिका में 18 हजार अनडॉक्युमेंटेड (बिना दस्तावेज) भारतीय निशाने पर आ गए हैं। इस बार भी ट्रम्प प्रशासन डिपोर्टेशन के लिए सैन्य विमानों के इस्तेमाल की तैयारी में है, जो उनकी सख्त इमिग्रेशन नीति की सबसे चर्चित तस्वीर बन चुका है। अनडॉक्युमेंटेड भारतीयों को न अपील, न दलील और न ही वकील करने का मौका मिलेगा। ट्रम्प की आईसीई (इमिग्रेशन कस्टम्स एंड एनफोर्समेंट) की टीमें लगातार छापे मार रही हैं। भास्कर ने अमेरिका के 4 शहरों- न्यूयॉर्क, टेक्सास, कैलिफोर्निया और न्यूजर्सी—से ग्राउंड रिपोर्ट की। इसमें सामने आया कि डिपोर्टेशन अभियान ने बिना दस्तावेज वाले भारतीयों की जिंदगी पूरी तरह बदल दी है। डिटेंशन सेंटर में बंद लोगों के साथ दुर्व्यवहार की कहानियां भी सामने आईं। डिपोर्टेशन के लिए दो नए डिटेंशन सेंटर तैयार ट्रम्प प्रशासन ने डिपोर्ट किए जाने वाले प्रवासियों को रखने के लिए एल पासो में एक और कैलिफोर्निया में दो वेयरहाउस खरीदे हैं। इन पर करीब 16,500 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। इन्हें डिटेंशन सेंटर में बदलकर आईसीई को सौंप दिया गया है। यहां करीब 12 हजार प्रवासियों को रखा जा रहा है। वकील बोले- पहले सुनवाई होती थी, अब सीधे डिटेंशन सेंटर भेजा जा रहा न्यूयॉर्क के इमिग्रेशन अटॉर्नी ग्रेग सिस्किंड कहते हैं, “मैं 30 साल से प्रवासियों के केस लड़ता रहा हूं। बिना दस्तावेज वाले किसी भी प्रवासी को अपना पक्ष रखने का मौका मिलता है, लेकिन अब आईसीई के छापों के बाद लोगों को सीधे डिटेंशन सेंटर भेजा जा रहा है।” उनका कहना है कि अमेरिका में संघीय व्यवस्था के कारण हर राज्य में मानवाधिकारों से जुड़े अलग-अलग कानून हैं, लेकिन आईसीई किसी भी राज्य में जाकर कार्रवाई कर रही है। 2025 में 3,567 भारतीय अमेरिका से डिपोर्ट हुए थे 2025 में अमेरिका ने 3,567 भारतीय नागरिकों को डिपोर्ट किया था। यह जानकारी भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने जून 2026 में दी थी। विदेश मंत्रालय ने बताया कि 2026 में जून तक 1,076 भारतीयों को डिपोर्ट किया गया है। 5 फरवरी 2025 को अमेरिका ने पहली बार सैन्य विमान से 104 भारतीयों को अमृतसर भेजा था। इस दौरान कई लोगों को हथकड़ी और पैरों में बेड़ियां लगी थीं। इसकी तस्वीरें सामने आने के बाद देशभर में विवाद हुआ। संसद में भी हंगामा हुआ था। ———————————— अमेरिका-भारत से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… अमेरिकी सांसद बोले-भारत से 30 साल में सबसे खराब रिश्ते:ट्रम्प के एकतरफा फैसले ने भरोसा तोड़ा, यकीन न हो तो जयशंकर से पूछिए भारतीय मूल के अमेरिकी डेमोक्रेटिक सांसद रो खन्ना ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की नीतियों की वजह से भारत और अमेरिका के रिश्ते पिछले 30 साल में सबसे खराब दौर में पहुंच गए हैं।वॉशिंगटन में आयोजित यूएस-इंडिया स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप फोरम (USISPF) लीडरशिप समिट 2026 में उन्होंने कहा कि ट्रम्प की टैरिफ नीति, ईरान के साथ युद्ध और सहयोगी देशों से बिना सलाह लिए फैसले करने से अमेरिका की साख को नुकसान पहुंचा है। पूरी खबर पढ़ें…

बाबा अमरनाथ और वैष्णोदेवी यात्रा पर लगा ब्रेक, अगले आदेश तक रहेगी रोक, जानिए क्‍यों लिया यह फैसला?

pilgrimages to Baba Amarnath and Vaishno Devi have been suspended

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग द्वारा प्रदेश में आज यानी 19 जुलाई से 25 जुलाई तक जबरदस्‍त खराब मौसम की चेतावनी को देखते हुए पहलगाम और बालटाल दोनों रास्तों से अमरनाथ यात्रा को कुछ दिनों के लिए रोक दिया जाएगा। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की खराब मौसम की चेतावनी को देखते हुए वैष्णो देवी यात्रा को भी कुछ समय के लिए रोक दिया है।


कश्मीर के डिविजनल कमिश्नर अंशुल गर्ग ने कहा कि यह फैसला तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और भलाई को ध्यान में रखते हुए एहतियात के तौर पर लिया गया है। उन्होंने कहा कि अगले कुछ दिनों में खराब मौसम की चेतावनी और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा व भलाई को देखते हुए आज से पहलगाम और बालटाल दोनों रास्तों से अमरनाथ यात्रा रोक दी जाएगी।

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इसके अनुसार, आज से बालटाल और नुनवान/चंदनवाड़ी बेस कैंप से तीर्थयात्रियों को आगे जाने की अनुमति नहीं होगी। अधिकारियों ने कहा कि रास्ते की सुरक्षा और मौसम की स्थिति का जायजा लेने के बाद यात्रा फिर से शुरू करने के बारे में जानकारी दी जाएगी। जानकारी के लिए अब तक, चल रही अमरनाथ यात्रा के दौरान 4 लाख के करब तीर्थयात्रियों ने पवित्र गुफा के दर्शन किए हैं।

pilgrimages to Baba Amarnath and Vaishno Devi have been suspended

माता वैष्णोदेवी यात्रा भी रोकी

श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की खराब मौसम की चेतावनी को देखते हुए वैष्णो देवी यात्रा को कुछ समय के लिए रोक दिया है। श्राइन बोर्ड के अनुसार, यह फैसला तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और भलाई को ध्यान में रखते हुए एहतियात के तौर पर लिया गया है। श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे धैर्य रखें और श्राइन बोर्ड के आधिकारिक संचार माध्यमों से दी जाने वाली जानकारी का पालन करें। 

FIFA World Cup 2026 Final: फीफा वर्ल्ड कप फाइनल से पहले अलर्ट! न्यूयॉर्क के आसमान पर छाया काला धुआं

FIFA World Cup Final: फीफा वर्ल्ड कप 2026 अब अपने आखिरी पड़ाव पर है। स्पेन और अर्जेंटीना के बीच फीफा वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल मुकाबला खेला जाएगा। दुनियाभर के फुटबॉल फैंस बेसब्री से फाइनल का इंतजार कर रहे हैं। फाइनल मुकाबला स्पेन और अर्जेंटीना के बीच न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम में खेला जाएगा। वहीं फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल से पहले कनाडा में जंगल में लगी आग का धुआं अमेरिका के उत्तर-पूर्वी इलाकों तक पहुंच गया है। इसकी वजह से कई जगहों पर लोगों के लिए स्वास्थ्य संबंधी चेतावनी जारी की गई है। न्यूयॉर्क में रविवार को होने वाले फीफा विश्व कप फाइनल भी यहीं पर खेला जाएगा।

रविवार को अर्जेंटीना और स्पेन के बीच होने वाले फीफा विश्व कप फाइनल पर मौसम का कितना असर पड़ेगा, इसे लेकर अभी स्थिति पूरी तरह साफ नहीं है। वहीं खिलाड़ियों और दर्शकों की सुरक्षा फीफा की सबसे बड़ी प्राथमिकता बनी हुई है। एक्सपर्ट के मुताबिक, मैच वाले दिन तक हवा की गुणवत्ता में सुधार होने की उम्मीद है।

80 हजार दर्शक हो सकते हैं शामिल

इस सप्ताह न्यूयॉर्क शहर में कनाडा की जंगल की आग के धुएं का असर साफ तौर पर देखने को मिला। इसे देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की और बाहरी गतिविधियां कम करने के साथ-साथ बाहर रहने पर बीच-बीच में आराम करने की सलाह दी। न्यूयॉर्क-न्यू जर्सी के ओपन-एयर स्टेडियम में होने वाले फीफा विश्व कप फाइनल में अर्जेंटीना और यूरोपीय चैंपियन स्पेन के मुकाबले को देखने के लिए 80 हजार से ज्यादा दर्शकों के पहुंचने की उम्मीद है। वहीं, न्यूयॉर्क के सेंट्रल पार्क में लगाए जाने वाले सार्वजनिक स्क्रीनिंग कार्यक्रम में भी करीब 50 हजार फुटबॉल प्रशंसकों के मैच देखने की संभावना जताई गई है।

आज साफ हो सकता है धुंवा

एक्यूवेदर के मौसम विज्ञानी एलेक्स दासिल्वा ने रॉयटर्स को एक इंटरव्यू में बताया, “जिन इलाकों में धुआं ज्यादा है, वहां लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो सकती है। खासकर वे लोग जो पहले से श्वसन संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं या ज्यादा संवेदनशील हैं, उनके लिए बेहतर होगा कि वे जितना संभव हो घर के अंदर ही रहें।” उन्होंने आगे कहा, “शनिवार को अच्छी बारिश होने की संभावना है, जिससे हवा में फैला काफी धुआं साफ हो जाएगा। इसके बाद रविवार सुबह ठंडी हवाएं चलने की उम्मीद है, जो इलाके में बचा हुआ धुआं भी काफी हद तक दूर कर देंगी।”

लोगों को घर में रहने की सलाह

न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होचुल ने गुरुवार को कहा कि जंगल की आग से उठे धुएं की वजह से पूरे राज्य की हवा की गुणवत्ता प्रभावित हुई है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे जितना संभव हो घर के अंदर रहें और बिना जरूरत बाहर निकलने से बचें। हाल के वर्षों में उत्तरी कनाडा में लगने वाली जंगल की आग का धुआं गर्मियों के दौरान अमेरिका के कई इलाकों तक पहुंचना आम बात बन गया है।

एक्सपर्ट के मुताबिक, अगर रविवार को मौसम पूरी तरह सामान्य नहीं हुआ, तो खिलाड़ियों के लिए मैदान पर खेलना आसान नहीं होगा। धुआं और गर्मी दोनों ही खिलाड़ियों की सेहत पर असर डाल सकते हैं। ऐसे में मुकाबले के दौरान उन्हें पर्याप्त पानी पीना होगा और शरीर को ठंडा रखने पर विशेष ध्यान देना पड़ेगा।

25 लाख का इनामी नक्सली अजय महतो गिरफ्तार, 21 साल से था सक्रिय… चार राज्यों की पुलिस को थी तलाश

झारखंड के गिरिडीह में पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की कोबरा 209 बटालियन की संयुक्त टीम ने बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने 25 लाख रुपये के इनामी माओवादी अजय महतो को गिरफ्तार कर लिया है। उसे मोचू और टाइगर के नाम से भी जाना जाता है। गिरिडीह के पुलिस अधीक्षक डॉ. विमल कुमार ने बताया कि अजय महतो को पिपराडीह गांव के जंगलों में चलाए गए संयुक्त अभियान के दौरान पकड़ा गया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों को उसके इलाके में मौजूद होने की पक्की खुफिया जानकारी मिली थी। इसके बाद पुलिस और सीआरपीएफ ने सर्च ऑपरेशन चलाया और उसे गिरफ्तार कर लिया।

2005 से था एक्टिव

पुलिस के मुताबिक, अजय महतो साल 2005 से माओवादी गतिविधियों में शामिल था। वह संगठन में स्पेशल एरिया कमेटी (एसएसी) कमांडर के पद पर काम कर रहा था। उस पर जबरन वसूली करने, हथियार और विस्फोटक जुटाने तथा हमलों की साजिश रचने जैसे कई गंभीर आरोप हैं। अधिकारियों ने बताया कि झारखंड के कई जिलों में अजय महतो के खिलाफ 240 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या, आईईडी विस्फोट, सुरक्षा बलों पर हमला और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसे गंभीर मामले शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि अजय महतो की गिरफ्तारी से उन इलाकों में माओवादी गतिविधियों पर बड़ा असर पड़ेगा, जहां वह लंबे समय से सक्रिय था।

 ‘ऑपरेशन कगार’ है जारी

अजय महतो की गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है, जब झारखंड समेत कई राज्यों में सुरक्षा बल माओवाद के खिलाफ लगातार अभियान चला रहे हैं। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और उसकी विशेष कोबरा (CoBRA) कमांडो इकाइयां माओवादी नेताओं और उनके नेटवर्क के खिलाफ संयुक्त अभियान चला रही हैं। इसी अभियान के तहत ‘ऑपरेशन कगार’ भी चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य माओवादी प्रभावित इलाकों में कार्रवाई को और तेज करना है। इस अभियान में कई सुरक्षा एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं। अधिकारी बताते हैं कि अभियान के दौरान माओवादियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है, खुफिया जानकारी जुटाई जा रही है और जंगलों व दूरदराज के इलाकों में सुरक्षा बल लगातार सर्च ऑपरेशन और इलाके पर नियंत्रण मजबूत करने का काम कर रहे हैं।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश से माओवादी प्रभाव खत्म करने के लिए 31 मार्च 2026 की समय-सीमा तय की थी। सरकार का कहना है कि लगातार सुरक्षा अभियान और प्रशासनिक कार्रवाई के जरिए तय समय के भीतर देश को माओवादी गतिविधियों से मुक्त बनाने की कोशिश जारी है। अधिकारियों के अनुसार, अजय महतो जैसे बड़े माओवादी नेताओं की गिरफ्तारी इसी रणनीति का हिस्सा है। उनका कहना है कि ऐसे अभियानों का मकसद माओवादी संगठनों के वरिष्ठ नेताओं को पकड़ना, उनके नेटवर्क को तोड़ना और उनकी गतिविधियों को कमजोर करना है।

AIBE 21 Result 2026 Out: बीसीआई ने जारी किया एआईबीई 21 का रिजल्ट, 65.92% उम्मीदवार सफल घोषित

AIBE 21 Result 2026 Out: देश की अदालतों में बतौर वकील का करियर बनाने का सपना देखने और कानून की पढ़ाई करने वाले उम्मीदवारों के लिए आज अहम दिन है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने अपना ये सपना पूरा करने के लिए ऑल इंडिया बार एग्जामिनेशन (AIBE) 21 परीक्षा में हिस्सा लेने वाले उम्मीदवारों का इंतजार खत्म कर दिया है। बीसीआई ने एआईबीई 21 का रिजल्ट 2026 आज घोषित कर दिया है। इस साल कुल 1,15,805 कैंडिडेट्स ने परीक्षा पास की है, जिससे कुल पास परसेंटेज 65.92% हो गया है। जो कैंडिडेट्स परीक्षा में बैठे थे, वे ऑफिशियल वेबसाइट allindiabarexamination.com पर अपना रिजल्ट देख सकते हैं।

रिजल्ट घोषित करने से पहले, मॉनिटरिंग कमेटी द्वारा प्रश्न पत्र और रिजल्ट समरी की समीक्षा करने के बाद बीसीआई ने क्वालिफाइंग मार्क्स को तीन अंक कम करने का भी फैसला किया। एआईबीई 21 परीक्षा 7 जून, 2026 को देश के 60 शहरों में 292 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई थी। कुल 1,75,701 कैंडिडेट्स ने परीक्षा दी थी। इसमें 1,10,909 पुरुष उम्मीदवार, 64,784 महिला उम्मीदवार और आठ ट्रांसजेंडर उम्मीदवार शामिल थे।

एआईबीई 21 पासिंग मार्क्स क्यों कम किए गए?

शुरू में, एआईबीई 21 के लिए क्वालिफाइंग मार्क्स जनरल कैटेगरी के परीक्षार्थियों के लिए 45 मार्क्स और एससी, एसटी और पीडब्लूडी उम्मीदवारों के लिए 40 अंक तय किए गए थे, कुल 100 मार्क्स में से। हालांकि, प्रश्न पत्र और परीक्षार्थियों के ओवरऑल प्रदर्शन की समीक्षा करने के बाद, मॉनिटरिंग कमेटी ने एकमत से क्वालिफाइंग मार्क्स में तीन मार्क्स कम करके रिजल्ट को मॉडरेट करने का फैसला किया।

अगली एआईबीई 22 परीक्षा 29 नवंबर को होगी

बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने यह भी बताया है कि ऑल इंडिया बार एग्जामिनेशन (AIBE) 22, 29 नवंबर, 2026 को होगा। ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया 19 अगस्त, 2026 से शुरू होगा और 27 अक्टूबर, 2026 तक चलेगा। कैंडिडेट 28 अक्टूबर तक आवेदन शुल्क भर सकेंगे, जबकि करेक्शन विंडो 30 अक्टूबर को बंद हो जाएगी। एडमिट कार्ड 14 नवंबर को जारी किए जाएंगे, और रिजल्ट अनुमानित तौर से 7 जनवरी से 10 जनवरी, 2027 के बीच घोषित कर दिए जाएंगे। बीसीआई ने उम्मीदवारों को एआईबीई 22 के बारे में ताजा अपडेट, नोटिफिकेशन और विस्तृत निर्देशों के लिए नियमित तौर पर आधिकारिक एआईबीई और बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया की वेबसाइट देखते रहने की सलाह दी है।

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अपार आईडी निर्माण में यूपी नंबर-1, स्कूल और उच्च शिक्षा में बनाया राष्ट्रीय रिकॉर्ड

UP ranks first in APAAR ID: उत्तर प्रदेश ने एक बार फिर शिक्षा के डिजिटलीकरण के क्षेत्र में देशभर में अपनी अग्रणी भूमिका साबित की है। डिजिटल इंडिया के तहत अपार (ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री) आईडी निर्माण में उत्तर प्रदेश ने स्कूल शिक्षा और उच्च शिक्षा दोनों श्रेणियों में देश में पहला स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शिक्षा व्यवस्था को डिजिटल, पारदर्शी और छात्र केंद्रित बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का परिणाम मानी जा रही है।

 

विभाग द्वारा दिए गए आंकड़ों के अनुसार, उच्च शिक्षा में उत्तर प्रदेश ने 73,20,603 अपार आईडी बनाकर देश में पहला स्थान प्राप्त किया है। दूसरे स्थान पर महाराष्ट्र (55,52,064) और तीसरे स्थान पर राजस्थान (42,16,422) हैं। वहीं स्कूल शिक्षा में भी उत्तर प्रदेश ने 2,95,90,359 अपार आईडी तैयार कर देश के सभी राज्यों को पीछे छोड़ दिया है। महाराष्ट्र (2,09,53,061) दूसरे और बिहार (1,58,86,050) तीसरे स्थान पर हैं।

डिजिटल शिक्षा अभियान को मिली नई गति

योगी सरकार ने प्रदेश में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने, विद्यार्थियों के शैक्षणिक रिकॉर्ड को एकीकृत करने और भविष्य में प्रवेश, छात्रवृत्ति, परीक्षा तथा रोजगार संबंधी प्रक्रियाओं को सरल बनाने के उद्देश्य से अपार आईडी निर्माण अभियान को तेज़ी से आगे बढ़ाया। इसके परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश दोनों श्रेणियों में राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष स्थान पर पहुंच गया है।

छात्र-छात्राओं की स्थायी डिजिटल अकादमिक पहचान है अपार आईडी

अपार आईडी प्रत्येक छात्र-छात्राओं के लिए एक स्थायी डिजिटल अकादमिक पहचान है। इसके माध्यम से छात्र का शैक्षणिक रिकॉर्ड एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित रहता है, जिससे स्कूल बदलने, उच्च शिक्षा में प्रवेश, छात्रवृत्ति और अन्य शैक्षणिक सेवाओं में सुविधा मिलती है।

 

दरअसल, अभी हाल ही में हुई मुख्य सचिव की बैठक के दौरान बताया गया कि सभी शैक्षणिक रिकॉर्ड (डिग्री, डिप्लोमा, ट्रांसक्रिप्ट, प्रमाण पत्र आदि) को अपार आईडी से मैप किया जा रहा है। छात्र-केंद्रित सेवाओं को सक्षम करने के लिए एनएडी एवं एबीसी जैसे प्लेटफॉर्म पर अपलोड किया जाना है। शैक्षणिक वर्ष 2025 के सभी शैक्षणिक रिकॉर्ड जुलाई 2026 तक समय पर अपलोड करना सुनिश्चित किया जाए।

सभी परीक्षाओं एवं मूल्यांकनों के लिए निर्धारित 6 महीने की समयसीमा का सख्ती से पालन करें। लंबित कार्यों की निगरानी और समय पर अपलोड सुनिश्चित करने के लिए मजबूत आंतरिक निगरानी तंत्र स्थापित करें। अपार आईडी के साथ पूर्ण मैपिंग करें और सभी शैक्षणिक दस्तावेजों (मार्कशीट, डिग्री, डिप्लोमा, ट्रांसक्रिप्ट, प्रमाण पत्र) को व्यापक रूप से अपलोड करना सुनिश्चित किया जा रहा है। उच्च शिक्षा में 73.20 लाख अपार आईडी (देश में प्रथम) और स्कूल शिक्षा में 2.95 करोड़ से अधिक अपार आईडी (देश में प्रथम) दोनों श्रेणियों में उत्तर प्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष स्थान प्राप्त किया।

 

योगी सरकार का लक्ष्य प्रदेश में प्रत्येक विद्यार्थी को डिजिटल अकादमिक पहचान उपलब्ध कराना है, ताकि नई शिक्षा नीति (एनईपी-2020) के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था को और अधिक आधुनिक, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाया जा सके।

HDFC Bank ने अब तक नहीं किया है सीईओ पद पर शशिधर जगदीशन की पुनर्नियुक्ति का ऐलान

एचडीएफसी बैंक ने अब तक मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ पद पर शशिधर जगदीशन की पुनर्नियुक्ति का ऐलान नहीं किया है। हालांकि, 18 जुलाई को बोर्ड की मीटिंग में जून तमाही के बैंक के नतीजों को मंजूरी मिल गई। लेकिन, एमडी एवं सीईओ पद पर जगदीशन की तीसरी बार नियुक्ति का ऐलान नहीं हुआ।

जगदीशन का कार्यकाल सितंबर में खत्म हो रहा

HDFC Bank ने स्टॉक एक्सचेंजों को बताया है, “शनिवार, 18 जुलाई, 2026 को बोर्ड की मीटिंग 11 बजे शुरू हुई। बोर्ड ने 2 बजे रिजल्ट्स एप्रूव कर दिया। उसके बाद दूसरे मसलों पर विचार के लिए बोर्ड की मीटिंग जारी रही।” शशिधर जगदीशन का कार्यकाल इस साल सितंबर में खत्म हो रहा है।

आरबीआई की मंजूरी से पहले जरूरी है नियुक्ति

मनीकंट्रोल ने पहले खबर दी थी कि बैंक की गवर्नेंस, नॉमिनेशन और रिम्यूनरेशन कमेटी (GNRC) के बगैर किसी खास विरोध के जगदीशन की तीसरी बार नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी दे देने की उम्मीद है। आरबीआई के नियमों के तहत, बैंक का आरबीआई की मंजूरी से पहले नियुक्ति के प्रस्ताव को एप्रूव करना जरूरी है।

बैंक ने कुछ हफ्ते पहले चेयरमैन पद की राजीव कुमार की नियुक्ति

सूत्रों के मुताबिक, GNRC के जगदीशन को फिर तीन साल के लिए नियुक्त करने की सिफारिश कर देने की उम्मीद है। कुछ हफ्ते पहले एचडीएफसी बैंक ने राजीव कुमार को पार्ट-टाइम नॉन-एग्जिक्यूटिव चेयरमैन नियुक्त किया था। वह अंतरिम चेयरमैन केकी मिस्त्री की जगह लेंगे।

बैंक में गवर्नेंस के मसले को लेकर उठे थे सवाल

पिछले कुछ महीनों में एचडीएफसी बैंक में गवर्नेंस के मसलों को लेकर सवाल उठे हैं। बैंक के पूर्व पार्ट-टाइम चैयरमैन अतनु चक्रवर्ती के इस्तीफे के बाद यह मसला सुर्खियों में आया था। हालांकि, हाल में एक लीगल रिव्यू में बैंक में गवर्नेंस को लेकर किसी तरह की समस्या नहीं पायी गई।

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एचडीएफसी  बैंक ने 18 जुलाई को किया नतीजों का ऐलान

एचडीएफसी बैंक ने 18 जुलाई को जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। इस दौरान बैंक का स्टैंडएलोन नेट प्रॉफिट साल दर साल आधार पर 5 फीसदी बढ़कर 19,060 करोड़ रुपये रहा। नेट इंटरेस्ट मार्जिन 3.26 फीसदी रहा। एचडीएफसी बैंक के शेयर पर तिमाही नतीजों का असर 20 जुलाई को दिखेगा। 17 जुलाई को बैंक का शेयर 1.55 फीसदी चढ़कर 820.80 रुपये पर बंद हुआ।