ICAI CA 2026 Result May Session: सीए मई 2026 में नूर सिंगला, रितिज सर्राफ और सोहन मांजरेकर ने किया टॉप, आधिकारिक वेबसाइट पर देखें अपना रिजल्ट

ICAI CA 2026 Result May Session: इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) ने आज, 18 जून को चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (CA) फाइनल मई 2026 परीक्षा के रिजल्ट घोषित कर दिए हैं। सीए फाइनल परीक्षा में पटियाला के नूर सिंगला ने 499 अंक हासिल करके पहली रैंक प्राप्त की है। वहीं, रितिज सर्राफ दूसरे स्थान पर रहे और सोहन मांजरेकर तीसरे पायदान पर कब्जा जमाया है। परीक्षा में शामिल परीक्षार्थी ऑफिशियल रिजल्ट पोर्टल पर अपना रोल नंबर और रजिस्ट्रेशन नंबर डालकर स्कोरकार्ड देख सकते हैं।

टॉप तीन रैंक होल्डर्स

रैंक परीक्षार्थी शहर मार्क्स परसेंटेज

  • AIR 1 नूर सिंगला (पटियाला) 499 83.17%
  • AIR 2 रितिज सराफ (हावड़ा) 475 79.17%
  • AIR 3 सोहन अनिल मांजरेकर (डोंबिवली (E)) 473 78.83%

आईसीएआई सीए फाइनल 2026 मई सत्र की परीक्षा ग्रुप I के लिए 2, 4 और 6 मई, 2026 को और ग्रुप 2 के लिए 8, 10 और 12 मई को हुई थी। आईसीएआई ने सीए फाइनल रिजल्ट 2026 मई सेशन के साथ पास परसेंटेज, मेरिट लिस्ट और ऑल इंडिया रैंक (AIR) पाने वाले परीक्षार्थियों की सूची भी जारी की है। परीक्षार्थी जरूरी क्रेडेंशियल की मदद से अपना रिजल्ट देख सकेंगे, जिनमें रोल नंबर और रजिस्ट्रेशन नंबर की जरूरत होगी।

कहां देखें अपना रिजल्ट 

परीक्षा देने वाले उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट्स पर अपना रिजल्ट देख सकते हैं।

caresults.icai.org

icai.nic.in

icai.org

आईसीएआई फाइनल मई 2026 रिजल्ट कैसे चेक करें

  • ऑफिशियल रिजल्ट वेबसाइट पर जाएं।
  • सीए फाइनल मई 2026 रिजल्ट लिंक पर क्लिक करें।
  • अपना रोल नंबर और रजिस्ट्रेशन नंबर डालें।
  • डिटेल्स सबमिट करें।
  • आपका स्कोरकार्ड स्क्रीन पर दिखाई देगा।
  • आगे के लिए एक कॉपी डाउनलोड करके सेव कर लें।

पीडीएफ फाइल में होगी उम्मीदवारों के नंबरों की डीटेल

सीए फाइनल रिजल्ट 2026 मई सत्र की पीडीएफ फाइल में उम्मीदवारों के हर विषय के मार्क्स, कुल मार्क्स और क्वालिफाइंग स्टेटस की जानकारी होगी। जो उम्मीदवार आईसीएआई सीए फाइनल परीक्षा 2026 में कम से कम 70% मार्क्स लाएंगे, उन्हें इस कॉम्पिटिटिव परीक्षा में पास माना जाएगा।

ग्रुप 1 और ग्रुप 2 में कितने परीक्षार्थी हुए पास

ग्रुप 1 और 2 दोनों को मिला कर आईसीएआई सीए फाइनल 2026 मई सत्र की परीक्षा का पास परसेंटेज 14.07% रहा। इसमें कुल 23,776 कैंडिडेट्स शामिल हुए, जबकि 3,345 कुल कैंडिडेट्स सफल घोषित किए गए।

ग्रुप 1 में 6,555 परीक्षार्थी हुए पास

कुल कैंडिडेट्स शामिल हुए : 54,606

कुल कैंडिडेट्स पास हुए : 6,555

पास परसेंटेज : 12%

ग्रुप 2 में 8,725 ने पास की परीक्षा

कुल कैंडिडेट्स शामिल हुए: 42,573

कुल कैंडिडेट्स पास हुए : 8,725

पास परसेंटेज : 20.49%

साल 2026 से इस परीक्षा को साल में दो बार मई और नवंबर में आयोजित किया जाएगा। परीक्षा के तरीके में यह बदलाव इसलिए किया गया ताकि इसे भारत में ज्यादातर सीए कोर्स के एकेडमिक और प्रोफ़ेशनल कैलेंडर के हिसाब से ढाला जा सके।

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Max Healthcare Share Price: 6% उछलकर निफ्टी का टॉप गेनर बना शेयर, सिटी हुआ बुलिश, दिया ‌₹1,240 का टारगेट प्राइस

Max Healthcare Share Price: हेल्थकेयर सेक्टर की दिग्गज कंपनी मैक्स हेल्थकेयर इंस्टीट्यूट (Max Healthcare) के शेयर गुरुवार 18 जून को 6 फीसदी की तेजी देखने को मिली और यह निफ्टी 50 पर टॉप गेनर बना। दोपहर के ट्रेड में मैक्स हेल्थकेयर का स्टॉक 1,088 रुपये पर ट्रेड कर रहा था, जिससे हॉस्पिटल ऑपरेटर की वैल्यू लगभग 1.05 लाख करोड़ रुपये हो गई। यह रैली बड़े मार्केट से काफी आगे निकल गई, उस समय निफ्टी 50 0.12 फीसदी की तेजी दिखा रहा था।

बता दें कि सिटी ने पिछले साल स्टॉक में करेक्शन के बाद एक फेवरेबल रिस्क-रिवॉर्ड प्रोफाइल पर जोर दिया और अगले कई सालों में मजबूत अर्निंग्स ग्रोथ का अनुमान लगाया। सिटी ने मैक्स हेल्थकेयर स्टॉक पर 1,240 रुपये प्रति शेयर के टारगेट प्राइस के साथ अपनी ‘Buy’ रेटिंग बनाए रखी। ब्रोकरेज ने कहा कि पिछले साल स्टॉक में लगभग 18 फीसदी की गिरावट आई है, जिससे वैल्यूएशन हिस्टोरिकल एवरेज पर वापस आ गए हैं।

सिटी के मुताबिक, वैल्यूएशन करेक्शन से स्टॉक का अट्रैक्शन बेहतर हुआ है, ऐसे समय में जब कंपनी मीडियम-टर्म में मज़बूत ग्रोथ प्रोफाइल दे रही है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि मैक्स हेल्थकेयर FY26 और FY30 के बीच 20 परसेंट EBITDA कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) देगी, जिसे कैपेसिटी बढ़ाने और इसके हॉस्पिटल नेटवर्क में ग्रोथ से सपोर्ट मिलेगा।

सिटी को FY27 में लगभग 15 फीसदी रेवेन्यू ग्रोथ की उम्मीद है और कहा कि FY28 में ग्रोथ और तेज़ हो सकती है क्योंकि एक्सपेंशन के काम ज़्यादा असरदार तरीके से होने लगेंगे। हालांकि, ब्रोकरेज ने एग्ज़िक्यूशन में देरी को एक बड़ा रिस्क बताया है जो ग्रोथ की रफ़्तार पर असर डाल सकता है।

मैक्स हेल्थकेयर के अपने फिस्कल चौथी तिमाही के रिज़ल्ट बताने के कुछ हफ़्ते बाद ब्रोकरेज की यह पॉज़िटिव कमेंट्री आई है। कंपनी ने Q4 FY26 के लिए नेट प्रॉफ़िट में साल-दर-साल 3 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 387 करोड़ रुपये पोस्ट किया, जबकि रेवेन्यू 10 फीसदी बढ़कर 2,664 करोड़ रुपये हो गया।

रेवेन्यू ग्रोथ मुख्य रूप से ज़्यादा पेशेंट थ्रूपुट की वजह से हुई, जिसमें एक साल पहले की तुलना में ऑक्यूपाइड बेड डेज़ में 8 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। पूरे नेटवर्क में बेड ऑक्यूपेंसी 75 फीसदी पर स्थिर रही, जो हेल्थकेयर सर्विसेज़ की लगातार डिमांड को दिखाता है।

हालांकि, एनालिस्ट्स ने अर्निंग्स परफॉर्मेंस को मिला-जुला माना। वॉल्यूम ग्रोथ अच्छी रही, लेकिन एग्रेसिव हायरिंग और चल रही कैपेसिटी बढ़ाने की वजह से मार्जिन पर दबाव आया। नतीजों के बाद स्टॉक में गिरावट आई थी क्योंकि अर्निंग्स एनालिस्ट्स के अनुमान से कम रही थीं।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज़ के एनालिस्ट्स ने अर्निंग्स मिस का कारण ज़्यादातर ज़्यादा टैक्स रेट बताया था, हालांकि ब्रोकरेज ने कहा कि ऑपरेटिंग ट्रेंड्स मोटे तौर पर स्थिर रहे।

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इस्लामाबाद MoU : पाकिस्तान की कूटनीतिक जीत, लेकिन असली फायदा भारत को कैसे?

Islamabad Memorandum of Understanding

US Iran Peace Deal Islamabad Memorandum of Understanding: अमेरिका और ईरान के बीच हुआ अंतरिम समझौता आधिकारिक रूप से “इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग” (Islamabad MoU) कहलाता है। यह 14 बिंदुओं वाला एक अंतरिम ढांचा है, जिसका उद्देश्य 110 दिनों से जारी युद्ध को तत्काल रोकना और अगले 60 दिनों के भीतर स्थायी शांति समझौते का मार्ग प्रशस्त करना है।

 

समझौते के तहत दोनों देशों ने युद्धविराम, समुद्री सुरक्षा, परमाणु निगरानी और आर्थिक प्रतिबंधों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति जताई है। यदि अगले 60 दिनों में वार्ताएं सफल रहती हैं, तो इसे एक व्यापक और बाध्यकारी शांति समझौते में बदला जा सकता है। ALSO READ: मोदी फरिश्ते की तरह, लेकिन किलर भी, ऐसा क्यों बोले डोनाल्ड ट्रंप

पाकिस्तान की कूटनीतिक जीत, लेकिन क्या भारत को चिंता करनी चाहिए?

इस समझौते की एक दिलचस्प बात इसका नाम है। इसे 'इस्लामाबाद मेमोरेंडम' इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि वार्ता प्रक्रिया में पाकिस्तान ने मध्यस्थ और मेजबान की भूमिका निभाई। अमेरिकी और ईरानी अधिकारियों के अनुसार कई महत्वपूर्ण दौर की बातचीत इस्लामाबाद के माध्यम से आगे बढ़ी, जिसने अंततः युद्धविराम का रास्ता तैयार किया।

 

पहली नजर में यह पाकिस्तान की एक बड़ी कूटनीतिक सफलता प्रतीत होती है। शहबाज शरीफ सरकार इसे अपनी विदेश नीति की उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत कर रही है। ऐसे समय में जब पाकिस्तान आर्थिक और राजनीतिक चुनौतियों से जूझ रहा है, यह समझौता उसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर कुछ सकारात्मक सुर्खियां दिला सकता है। ALSO READ: ट्रंप का यू-टर्न, मुझे समझौता पसंद नहीं आया तो ईरान पर फिर बरसेंगे बम, US खुफिया रिपोर्ट ने भी चौंकाया

 

हालांकि भारत के लिए तस्वीर कुछ अलग है। नई दिल्ली पिछले एक दशक में ऐसी संतुलित विदेश नीति विकसित करने में सफल रही है, जिसमें अमेरिका, खाड़ी देशों, इजराइल और ईरान—सभी के साथ समान रूप से संवाद बनाए रखा गया है। यही कारण है कि जहां पाकिस्तान को इस समझौते से तत्काल कूटनीतिक पहचान मिली है, वहीं भारत को इसके दीर्घकालिक आर्थिक और रणनीतिक लाभ मिलने की संभावना अधिक दिखाई देती है।

समझौते के प्रमुख बिंदु

Islamabad Memorandum of Understanding

 


भारत को क्या फायदे होंगे?

यदि इस समझौते का सबसे बड़ा आर्थिक लाभ किसी एशियाई देश को मिल सकता है, तो वह भारत है।
 

1. पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर दबाव कम होगा

युद्ध के दौरान तेल कीमतों में आई तेजी ने भारत के आयात बिल को बढ़ा दिया था। अब आपूर्ति सामान्य होने से कीमतों पर दबाव कम हो सकता है।
 

2. महंगाई और व्यापार घाटे में राहत

सस्ता तेल भारत की महंगाई, चालू खाते के घाटे और विदेशी मुद्रा पर पड़ने वाले दबाव को कम कर सकता है।
 

3. चाबहार पोर्ट को नई गति

ईरान में भारत की रणनीतिक चाबहार परियोजना को क्षेत्रीय स्थिरता से लाभ मिल सकता है, जिससे मध्य एशिया तक भारत की पहुंच और मजबूत होगी।
 

4. ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी

भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा पश्चिम एशिया से पूरा करता है। ऐसे में होर्मुज जलडमरूमध्य का सुरक्षित और खुला रहना भारत के दीर्घकालिक हित में है।

 

110 दिनों के युद्ध के बाद पाकिस्तान को मध्यस्थ की पहचान मिली, अमेरिका को सम्मानजनक निकास मिला और ईरान को प्रतिबंधों में राहत का रास्ता मिला। लेकिन यदि तेल बाजार स्थिर रहता है और होर्मुज में जहाजरानी सामान्य बनी रहती है, तो इस समझौते का सबसे बड़ा आर्थिक लाभार्थी भारत भी हो सकता है।

ईरान और अमेरिका के बीच शांति समझौते पर लगी मुहर

ईरान और अमेरिका के बीच महीनों से जारी संघर्ष के बाद दोनों देशों के बीच एक समझौता किया गया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने डिजिटल माध्यम से ईरान-अमेरिका समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने फ्रांस में अपने समकक्ष इमैनुएल मैक्रों की मौजूदगी में इस एमओयू पर हस्ताक्षर किए। 

व्हाइट हाउस के उप प्रमुख स्टाफ डैन स्कैविनो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “आज शाम फ्रांस के वर्सेल्स में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों द्वारा आयोजित डिनर से ठीक पहले, विदेश मंत्री मार्को रुबियो को ईरान समझौता ज्ञापन प्राप्त हुआ, जिसके बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पर हस्ताक्षर किए।

रिपब्लिकन सीनेटर एरिक श्मिट ने बुधवार को फॉक्स न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान की सैन्य और परमाणु क्षमताओं को कमजोर करते हुए और कूटनीति के लिए रास्ता खोलते हुए वह हासिल किया है, जिसे कई लोग असंभव मानते थे।

श्मिट ने कहा कि ईरान ने पहली बार परमाणु हथियार विकसित नहीं करने का वादा किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह समझौता भरोसे के बजाय सत्यापन के सिद्धांत पर आधारित होना चाहिए।

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अमेरिकी मीडिया संस्थान न्यूयॉर्क पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका के साथ ईरान की शुरुआती शांति व्यवस्था तेहरान के लिए लेबनान में हिज्बुल्लाह की आर्थिक और राजनीतिक स्थिति को मजबूत करने का मार्ग खोल सकती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि समझौते के बाद ईरान को अनफ्रीज किए गए फंड और तेल सौदों से धन प्राप्त होना शुरू हो सकता है।

अमेरिकी मीडिया न्यूयॉर्क पोस्ट ने न्यूज एजेंसी के सूत्रों के हवाले से बताया कि इस एमओयू के तहत, ईरान को युद्ध के बाद के निवेश, प्रतिबंधों से राहत और अनफ्रीज्ड फंड से सैकड़ों अरबों का फायदा होगा। ऐसे में ईरान रिकंस्ट्रक्शन फंड का इस्तेमाल लेबनान में अपने बुरी तरह से तबाह हो चुके टेरर प्रॉक्सी को सहारा देने के लिए करेगा।

दो क्षेत्रीय राजनयिकों और दो वरिष्ठ लेबनानी सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि तेहरान ने हिज्बुल्लाह को जल्द वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का वादा किया है, जिससे समूह को लेबनान में अपनी सैन्य और राजनीतिक गतिविधियों के पुनर्गठन में मदद मिल सकती है।

हिज्बुल्लाह के संचार कार्यालय ने पुष्टि की है कि ईरान संगठन को सार्वजनिक रूप से समर्थन देता है। अमेरिकी वित्त विभाग के आंकड़ों का हवाला देते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले वर्ष लगभग एक ​​बिलियन डॉलर का ट्रांसफर भी इसमें शामिल था। कार्यालय ने कहा कि ईरान का समर्थन जारी रहेगा, चाहे फंड की वापसी से जुड़ी व्यवस्थाएं कुछ भी हों।

अमेरिका ने कहा है कि ईरान अपने अनफ्रीज किए गए फंड का उपयोग किसी भी आतंकवादी संगठन के वित्तपोषण के लिए नहीं कर सकता। साथ ही चेतावनी दी गई है कि समझौते का उल्लंघन होने पर धनराशि को फिर से फ्रीज किया जा सकता है।

Pic Credit : ANI

योग दिवस से पहले CM धामी ने किया योगाभ्यास, प्रदेशवासियों से की यह खास अपील

Chief Minister Pushkar Singh Dhami made this special appeal ahead of International Yoga Day

Chief Minister Pushkar Singh Dhami : 21 जून को आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में उत्‍तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को आवास पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ योगाभ्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने नियमित योग को स्वस्थ एवं संतुलित जीवन का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए सभी से इसे दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। योग व्यक्ति को तनावमुक्त, ऊर्जावान एवं स्वस्थ जीवन जीने की प्रेरणा प्रदान करता है।

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए लिखा कि सभी प्रदेशवासियों से विनम्र आग्रह है कि 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर योग कार्यक्रमों में सहभागिता करें तथा योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाकर स्वस्थ एवं निरोग जीवन की दिशा में कदम बढ़ाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत की प्राचीन योग परंपरा को वैश्विक स्तर पर नई पहचान एवं सम्मान प्राप्त हुआ है। आज योग विश्वभर में स्वास्थ्य, मानसिक शांति एवं समग्र कल्याण के प्रभावी माध्यम के रूप में स्वीकार किया जा रहा है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानसिक शांति, आत्मानुशासन, सकारात्मक जीवनशैली तथा जीवन में संतुलन स्थापित करने का सशक्त माध्यम है। योग व्यक्ति को तनावमुक्त, ऊर्जावान एवं स्वस्थ जीवन जीने की प्रेरणा प्रदान करता है।

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अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पहले आज आयुष मंत्रालय ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया, स्वस्थ लोग ही एक स्वस्थ समाज का निर्माण करते हैं और योग इसे सुनिश्चित करता है। आयुष मंत्रालय ने 'एक्स' पर लिखा, जैसा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है। योग के अभ्यास को बढ़ावा देना एक सच्ची समाज सेवा है।
Edited By : Chetan Gour

बरसात के मौसम में ये 5 आसान योगासन कर सकते हैं आपकी इम्युनिटी की रक्षा

best yoga asanas for health: बरसात का मौसम जहां मन को सुकून देता है, वहीं यह मौसम शरीर के लिए कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं भी लेकर आता है। नमी भरा वातावरण, गीली जमीन, हवा में बैक्टीरिया और कमज़ोर होती इम्युनिटी, ये सभी मिलकर सर्दी, जुकाम, खांसी, वायरल बुखार और स्किन एलर्जी जैसी बीमारियों को न्योता देते हैं। ऐसे में अपने शरीर की प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्युनिटी को मजबूत बनाए रखना सबसे जरूरी हो जाता है। दवाओं के बजाय अगर आप प्राकृतिक उपायों को प्राथमिकता दें, तो योग सबसे बेहतर विकल्प बनकर सामने आता है। योग न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है बल्कि मानसिक तनाव को भी कम करता है। खासकर बरसात के मौसम में कुछ खास योगासन अपनाकर आप खुद को बीमारियों से दूर और फिट रख सकते हैं।

 

1. वज्रासन

बरसात में खाना सही से नहीं पचता और पेट की गड़बड़ियों की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में वज्रासन एक सरल लेकिन प्रभावशाली योगासन है, जिसे आप भोजन के बाद कुछ मिनट करके पाचन तंत्र को दुरुस्त बना सकते हैं। वज्रासन से गैस, अपच और एसिडिटी जैसी समस्याएं दूर होती हैं और यह शरीर को अंदर से स्थिर बनाता है, जिससे प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है।

 

2. भस्त्रिका प्राणायाम

भस्त्रिका प्राणायाम मानसून के मौसम में बहुत उपयोगी है क्योंकि यह सांस से संबंधित परेशानियों से लड़ने में मदद करता है। यह प्राणायाम फेफड़ों को शुद्ध करता है, ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाता है और शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा को संतुलित करता है। इसे नियमित रूप से करने से सर्दी-जुकाम और इंफेक्शन से बचाव होता है। सुबह के वक्त इसका अभ्यास करने से दिनभर ताजगी और ऊर्जा बनी रहती है।

 

3. सूर्य नमस्कार 

हालांकि बरसात में सूर्य कम दिखता है, लेकिन सूर्य नमस्कार का अभ्यास आपके शरीर को हर मौसम में संतुलित रखता है। इसमें 12 आसान स्टेप्स होते हैं जो शरीर की हर मांसपेशी पर काम करते हैं। इससे रक्त संचार सुधरता है, शरीर डिटॉक्स होता है और मेटाबॉलिज़्म तेज़ होता है। यह योगासन इम्यून सिस्टम को प्राकृतिक रूप से सक्रिय करता है और मानसून में चपेट में आने वाली बीमारियों से बचाव करता है।

 

4. सेतु बंधासन 

बारिश के दिनों में अक्सर शरीर भारीपन और थकान से भर जाता है। ऐसे में सेतु बंधासन यानी ब्रिज पोज़ शरीर को खिंचाव देता है, रीढ़ की हड्डी को मजबूत करता है और थकान दूर करता है। यह योगासन खासतौर पर स्ट्रेस से छुटकारा दिलाता है और हार्मोन बैलेंस करता है, जिससे मानसिक शांति और इम्युनिटी दोनों बनी रहती हैं।

 

5. कपालभाति 

कपालभाति प्राणायाम शरीर की गंदगी को बाहर निकालने का एक अत्यंत प्रभावशाली तरीका है। यह पेट की चर्बी कम करता है, पाचन को दुरुस्त करता है और शरीर के हर अंग तक ऑक्सीजन पहुंचाने में मदद करता है। खासकर बारिश में जब सर्दी-जुकाम या थकावट महसूस हो, तब कपालभाति दिन की शुरुआत के लिए सबसे अच्छा अभ्यास माना जाता है।

 


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India-UK FTA : यूनाइटेड स्पिरिट्स,तिलकनगर और शराब बनाने वाली दूसरी कंपनियों के शेयरों को लगे पंख, USL पर जेपी मॉर्गन भी बुलिश

India-UK FTA : UK के साथ FTA लागू होने की खबर से यूनाइटेड स्पिरिट्स बाजार के फोकस में बना हुआ है। आज यह शेयर करीब 4 फीसदी चढ़कर वायदा के टाप गेनर्स में शामिल है। कंपनी पर आज जेपी मॉर्गन ने भी रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट से भी स्टॉक को सपोर्ट मिला है। इस बीच ISWAI (इंटरनेशनल स्पिरिट्स एंड वाइन्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया) ने कहा कि UK से स्कॉच व्हिस्की के इंपोर्ट पर टैरिफ घटने (जिसमें भारत में ब्लेंडिंग और बॉटलिंग के लिए इस्तेमाल होने वाली बल्क स्कॉच भी शामिल है) से स्पिरिट्स सप्लाई चेन में वैल्यू ग्रोथ और प्रीमियम इंटरनेशनल ब्रांड्स तक कंज्यूमर्स की पहुंच बढ़ने की उम्मीद है।

इस खबर के चलते 18 जून को शराब बनाने वाली सभी बड़ी कंपनियों के शेयरों में बढ़त देखने को मिली। इंडस्ट्री बॉडी ने भी भारत-UK फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) लागू होने का स्वागत किया है। इस इंडस्ट्री की जानकारी रखने वाले लोगों के उम्मीद है कि इस समझौते से स्कॉच व्हिस्की के इंपोर्ट पर टैरिफ कम होगा और घरेलू स्पिरिट्स मार्केट में प्रीमियम प्रोडक्ट्स की मांग बढ़ेगी।

आज के कारोबारी सेशन में तेजी दिखाने वाली कंपनियों में यूनाइटेड स्पिरिट्स 3.98% बढ़कर ₹1,361.50 पर,तिलकनगर इंडस्ट्रीज 3.3% बढ़कर ₹443 पर, एसोसिएटेड अल्कोहल्स एंड ब्रुअरीज 2.1% बढ़कर ₹843.95 पर,पिकाडिली एग्रो 1.5% बढ़कर ₹588 पर और रैडिको खेतान 1.3% बढ़कर ₹3,619 पर जाते दिखे हैं।

JPMorgan की एक पॉजिटिव टिप्पणी से यूनाइटेड स्पिरिट्स को लेकर निवेशकों का भरोसा और बढ़ा है। ब्रोकरेज ने इस स्टॉक पर “ओवरवेट” रेटिंग बनाए रखी है और इसका टारगेट प्राइस 1,510 रुपये तय किया है। ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी का FY27 का ग्रोथ आउटलुक काफी अ्चछा बना हुआ है। ब्रोकरेज को डबल-डिजिट P&A ग्रोथ की उम्मीद है। उसका मानना है कि मैकडॉवेल्स रिफ्रेश जैसे प्रोडक्ट को नया रूप देने की पहल का कंपनी को फायदा मिलेगा। वोदका में इनोवेशन,टकीला में नई कैटेगरी बनाने और UK FTA से कंपनी का फायदा होगा।

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जेपी मॉर्गन ने यह भी कहा कि कंपनी के लिए साल की दूसरी छमाही बेहतर रह सकती है, क्योंकि महाराष्ट्र का असर अब खत्म हो रहा है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि धीरे-धीरे मार्जिन में सुधार आएगा,इससे कंपनी की कमाई बढ़ाने में मदद मिलेगी। हालांकि पैकेजिंग और लॉजिस्टिक्स की बढ़ी लागत की वजह से ग्रॉस मार्जिन पर कुछ समय के लिए दबाव बना रह रह सकता। ब्रोकरेज ने यह भी कहा कि ब्रांड की पहचान मजबूत करने की कोशिशों को बढ़ावा देने के लिए विज्ञापन और प्रमोशन पर ज्यादा खर्च हो सकता है।

उधर भारत-UK ट्रेड एग्रीमेंट लागू होने पर इंडस्ट्री बॉडीज़ की अच्छी प्रतिक्रिया के बाद इस सेक्टर को लेकर अच्छा माहौल बना है। इंटरनेशनल स्पिरिट्स एंड वाइन्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ISWAI) ने कहा कि यह एग्रीमेंट दोनों देशों के बीच व्यापार को मज़बूत करेगा,इंडस्ट्री की ग्रोथ में मदद करेगा और भारत के अल्कोहलिक बेवरेज सेक्टर के लिए नए मौके पैदा करेगा।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

CA की छुट्टी… AI ने भरा इनकम टैक्स रिटर्न! ‘Claude’ के इस वायरल प्रॉम्प्ट पर छिड़ी बहस

ITR Filing with AI: टेक्नोलॉजी और AI का दायरा अब केवल कंटेंट लिखने या कोडिंग करने तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह अब सीधे आपके टैक्स और फाइनेंस से जुड़े जटिल कामों में भी एंट्री कर चुका है। आजकल देश में टैक्स सीजन चल रहा है और इस दौरान कुछ भारतीय प्रोफेशनल्स ने अपने इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने के लिए AI टूल्स का सहारा लेकर सबको चौंका दिया है।

सोशल मीडिया पर कुछ प्रोफेशनल्स ने इसके जबरदस्त अनुभव साझा किए हैं। एक डेटा सिक्योरिटी एनालिस्ट ने एंथ्रोपिक (Anthropic) के एआई टूल ‘क्लॉड’ (Claude) का इस्तेमाल करने के बाद अपना एक्सपीरियंस बताते हुए कहा कि इसे यूज करते वक्त ऐसा महसूस हुआ, ‘जैसे कोई चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) मेरे बगल में ही बैठा हो’।

NRI एग्जीक्यूटिव बोले: ‘चीजें रटने के बजाय मैंने सीखी पूरी प्रक्रिया’

अमेजन के सीनियर एग्जीक्यूटिव अखिल सूद, जो फिलहाल वाशिंगटन में रहते हैं, उन्होंने पहली बार भारत में अपना ITR फाइल करने के लिए AI असिस्टेंट का इस्तेमाल किया। उनके लिए यह प्रयोग केवल ऑटोमेशन तक सीमित नहीं था, बल्कि टैक्स जैसे उलझाऊ प्रोसेस को स्पष्टता से समझना था।

अखिल सूद ने लिंक्डइन पर अपना अनुभव साझा करते हुए लिखा, ‘एक एनआरआई के रूप में टैक्स फाइलिंग हमेशा से ही जरूरत से ज्यादा जटिल लगती रही है। पहले मुझे किसी सीए को ढूंढने, डॉक्यूमेंट्स भेजने, उनके जवाब का इंतजार करने और ऐसी टैक्स शब्दावली को समझने में घंटों बिताने पड़ते थे, जिससे मैं परिचित नहीं था।’

उन्होंने आगे बताया कि इस AI टूल ने न केवल उनके सवालों के जवाब दिए, बल्कि यह भी समझाया कि फॉर्म में हर एक फील्ड क्यों है, उसमें क्या जानकारी भरी जानी चाहिए, इनकम की अलग-अलग कैटेगरी कैसे काम करती हैं और सबमिट करने से पहले किन बातों को वेरीफाई करना जरूरी है। उन्होंने कहा, ‘बिना सोचे-समझे फॉर्म भरने के बजाय, मुझे ऐसा लगा कि मैं वास्तव में इस पूरी प्रक्रिया को सीख रहा हूं।’ इसके अलावा एआई ने टैक्स पोर्टल पर आने वाली दिक्कतों को पहचानने और ग्रीवांस दर्ज करने के तरीके भी सुझाए।

बेंगलुरु के सिक्योरिटी स्पेशलिस्ट ने शेयर किया पूरा ‘AI Prompt’

इस मामले में एक और एडवांस केस बेंगलुरु के इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी स्पेशलिस्ट उद्देश्य कुमार का सामने आया। उन्होंने केवल गाइडेंस ही नहीं ली, बल्कि Claude के डेस्कटॉप ऐप के जरिए पूरी फाइलिंग प्रोसेस को प्रैक्टिकली एग्जीक्यूट कराया।

उद्देश्य के मुताबिक, इस AI टूल ने खुद उनके Form 16 का विश्लेषण किया, उसकी तुलना Annual Information Statement (AIS) से की, डेटा में अंतर को पकड़ा, साल के बीच में नौकरी बदलने के मामले को अच्छे से संभाला, पोर्टल के एरर्स और सेशन टाइमआउट की समस्या को सुलझाया और अंत में रिटर्न को सफलतापूर्वक सबमिट भी कर दिया।

उद्देश्य कुमार ने उस सटीक AI Prompt यानी कमांड को भी शेयर किया, जिसका इस्तेमाल उन्होंने क्लॉड के ‘Chrome MCP’ (मॉडल कॉन्टेक्स्ट प्रोटोकॉल) के जरिए किया था।

डेटा प्राइवेसी को लेकर सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

जैसे ही उद्देश्य ने यह पोस्ट शेयर की, सोशल मीडिया यूजर्स ने डेटा की सुरक्षा और प्राइवेसी को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए। एक लिंक्डइन यूजर ने लिखा, ‘आपने अपने दस्तावेज किसी ऐसे सीए के साथ साझा नहीं किए जो शायद उनका दुरुपयोग करना न जानता हो बल्कि आपने उन्हें एक एआई कंपनी के साथ साझा किया है जिसके पास ऐसा करने की पूरी तकनीकी क्षमता है।’ एक अन्य यूजर ने डर जताया कि यह सारा डेटा एआई मॉडल को ट्रेन करने के काम आ सकता है, जिससे भविष्य में प्राइवेसी लीक होने का खतरा है।

इन चिंताओं पर उद्देश्य कुमार ने सफाई देते हुए कहा, ‘आमतौर पर लोग अपना पैन और फॉर्म 16 व्हाट्सएप पर सीए के साथ शेयर कर देते हैं या क्रेडेंशियल्स अनजान पोर्टल्स पर डाल देते हैं। मैंने ऐसा कुछ नहीं किया। क्लॉड मेरे अपने ब्राउजर के अंदर चल रहा था और इस पूरी प्रक्रिया में ‘ह्यूमन-इन-द-लूप’ यानी मैं खुद हर कदम पर नजर रख रहा था।’

क्या कहती है कंपनी की पॉलिसी?

एंथ्रोपिक की पॉलिसी के अनुसार, यूजर्स का डेटा पूरी तरह से एन्क्रिप्टेड होता है और जब तक यूजर खुद सहमति न दे, तब तक उनके डेटा का इस्तेमाल मॉडल को ट्रेन करने के लिए नहीं किया जाता है।

एक्सपर्ट्स की चेतावनी: ‘असिस्टेंट’ मानें, ‘रिप्लेसमेंट’ नहीं

टैक्स और तकनीकी जानकारों का मानना है कि एआई का इस्तेमाल रिसर्च या काम को तेज करने के लिए एक सहायक के रूप में तो बेहतरीन है, लेकिन इस पर आंख मूंदकर भरोसा नहीं किया जा सकता। एआई में भ्रम या गलत जानकारी बना देना की समस्या होती है। इसलिए, अंतिम रूप से रिटर्न सबमिट करने से पहले किसी योग्य प्रोफेशनल या सीए से डेटा को री-वेरीफाई करवाना हमेशा सुरक्षित रहता है।

आखिर क्यों AI की तरफ आकर्षित हो रहे हैं लोग?

  • कम माथापच्ची: डॉक्यूमेंट्स शेयर करने, सीए के फॉलो-अप और लंबे इंतजार की पूरी प्रक्रिया एक सिंगल गाइडेड सेशन में सिमट जाती है।
  • सीखने का मौका: केवल फॉर्म भरने के बजाय लोग टैक्स कंप्लायंस की बारीकियों को लाइव सीख पा रहे हैं।
  • कम लागत: साधारण टैक्सपेयर्स जैसे- ITR-1 भरने वाले के लिए यह एक बेहद किफायती और आत्मनिर्भर विकल्प बनता जा रहा है।
  • महत्वपूर्ण समय: यह बदलाव ऐसे समय में देखा जा रहा है जब इनकम टैक्स रूल्स, 2026 के तहत भारत का टैक्स फ्रेमवर्क एक बड़े बदलाव से गुजर रहा है, जिसका उद्देश्य फॉर्म की नंबरिंग, डिस्क्लोजर और कंप्लायंस को और ज्यादा सरल बनाना है।

प्राकृतिक खेती से बढ़ेगी किसानों की कमाई, सीएम योगी बोले- नई तकनीक बनेगी सबसे बड़ी ताकत

Chemical Free Farming: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि अगर किसानों की कमाई बढ़ानी है, तो हमें पारंपरिक प्राकृतिक खेती को नई तकनीक के साथ जोड़ना होगा। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे रासायनिक खादों और दवाओं का इस्तेमाल बंद करें और प्राकृतिक खेती को एक बड़ा आंदोलन बनाएं। इससे न सिर्फ खेती का खर्च कम होगा, बल्कि लोगों की सेहत भी अच्छी रहेगी। मुख्यमंत्री बृहस्पतिवार को कानपुर के चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कैलाश भवन में आयोजित ‘प्राकृतिक खेती कार्यशाला-2026’ में बोल रहे थे।