Pritam: प्रीतम सच में म्यूज़िक इंडस्ट्री को कह रहे हैं अलविदा? जानिए क्या है वायरल खबर का सच

Pritam: म्यूज़िक कंपोज़र प्रीतम के 14 जून के सोशल मीडिया बर्थडे पोस्ट ने फ़ैन्स के मन में यह सवाल खड़ा कर दिया कि क्या म्यूज़िक कंपोज़र और सिंगर अरिजीत सिंह की तरह उन्होंने भी म्यूज़िक इंडस्ट्री छोड़ने का फ़ैसला किया है। हालांकि अब खबर हैं कि यह सच नहीं है। म्यूज़िक कंपोज़र म्यूज़िक इंडस्ट्री नहीं छोड़ रहे हैं, बल्कि उन्होंने सिर्फ़ दूसरे तरह के मौकों को आज़माने की इच्छा ज़ाहिर की है।

जन्मदिन की शुभकामनाओं के लिए फ़ैन्स का शुक्रिया अदा करते हुए उन्होंने लिखा, “आप सभी की शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद। मैं हर किसी को अलग-अलग जवाब तो नहीं दे सकता, लेकिन कृपया मेरा दिल से आभार स्वीकार करें। आज मैंने खुद को कुछ साल ऐसे जीने का तोहफ़ा देने का फ़ैसला किया है, जो अलग हों। उन चीज़ों को पूरा करने के लिए जो मैं अब तक नहीं कर पाया।”

प्रीतम ने आगे कहा, “अब नए सफ़र पर निकलने का समय आ गया है, जिन्हें मैंने लंबे समय से टाल रखा था। मेनस्ट्रीम म्यूज़िक का सफ़र शानदार रहा है। लेकिन मैं हमेशा से उन रास्तों को जानने के लिए ज़्यादा उत्सुक रहा हूं, जिन पर अभी तक कोई नहीं गया। आपके प्यार और सपोर्ट के लिए धन्यवाद। हमेशा।”

इस वजह से उनके फ़ॉलोअर्स को लगा कि वह म्यूज़िक इंडस्ट्री को अलविदा कह रहे हैं। म्यूज़िक कंपोज़र के करीबी एक सूत्र ने हमें बताया, “प्रीतम म्यूज़िक इंडस्ट्री नहीं छोड़ रहे हैं। वह निश्चित रूप से काम करना जारी रखेंगे। अपनी पोस्ट के ज़रिए उन्होंने बस यह बताया कि उनकी कुछ और भी रुचियां हैं जिन्हें वह अभी प्राथमिकता देना चाहते हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि वह हमेशा के लिए म्यूज़िक इंडस्ट्री छोड़ देंगे।” सूत्र ने यह भी बताया कि अपनी ज़िंदगी के नए साल की शुरुआत करते हुए वह अपनी कुछ व्यक्तिगत रुचियों पर ध्यान देंगे।

प्रीतम की पोस्ट से उनके रिटायरमेंट की चर्चा शुरू हो गई, क्योंकि फैंस ने इसकी तुलना इस साल जनवरी में सिंगर अरिजीत सिंह के रिटायरमेंट के ऐलान से की। अरिजीत ने भी सोशल मीडिया पर बॉलीवुड प्लेबैक सिंगिंग छोड़ने के बारे में एक पोस्ट किया था। उन्होंने लिखा था, “हेलो, सभी को नया साल मुबारक हो।

इतने सालों तक सुनने वालों के तौर पर मुझे इतना प्यार देने के लिए मैं आप सभी का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं। मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि अब से मैं प्लेबैक सिंगर के तौर पर कोई नया काम नहीं करूंगा। मैं इसे यहीं खत्म कर रहा हूं। यह एक शानदार सफर रहा। हालांकि, बाद में अरिजीत ने साफ़ किया कि वह अपने हाथ में लिए गए मौजूदा काम को पूरा करेंगे।

पूर्व PM के बेटे के साथ Cyber Fraud, 7.8 करोड़ रुपए की ठगी, कैसे फंसे जालसाजों के जाल में

पूर्व प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल के बेटे नरेश गुजराल के साथ बड़ा साइबइ फ्रॉड का मामला सामने आया है। इंद्र कुमार गुजराल 1997 से 1998 तक भारत के 12वें प्रधानमंत्री रहे थे। साइबर जालसाजों ने राज्यसभा के पूर्व सदस्य नरेश गुजराल की पहचान का इस्तेमाल कर ऑनलाइन ‘मैसेजिंग एप्लिकेशन’ के माध्यम से उनकी कंपनी के वित्तीय कर्मचारियों से 7.8 करोड़ रुपए की ठगी कर ली।

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कैसे हुआ खुलासा 

ठगी का खुलासा तब हुआ जब कर्मचारी ने इस लेनदेन की जानकारी नरेश गुजराल की बेटी को दी। बेटी ने जब नरेश गुजराल से बात की तो उन्होंने साफ किया कि उन्होंने ऐसा कोई पैसा ट्रांसफर करने का आदेश नहीं दिया था। इसके बाद परिवार को साइबर फ्रॉड की जानकारी हुई। 

 

ठग ने नरेश गुजराल की फोटो लगाकर उनके फाइनेंस से जुड़े एक भरोसेमंद कर्मचारी को वॉट्सऐप पर मैसेज भेजा। आरोपी ने खुद को नरेश गुजराल बताया और कहा कि वह एक जरूरी मीटिंग में व्यस्त हैं। इसके बाद उसने एक बैंक अकाउंट में आरटीजीएस के जरिए पैसे भेजने के निर्देश दिए। 

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पुलिस कर रही है मामले की जांच

परिवार ने तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत की। इसके बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए ठगी की करीब 70 प्रतिशत रकम को फ्रीज करा दिया। दिल्ली पुलिस अब इस पूरे मामले की जांच कर रही है।  Edited by : Sudhir Sharma

EPFO Interest Rate: पीएफ धारकों की बल्ले-बल्ले! सरकार ने 8.25% ब्याज दर को दी मंजूरी, इसी महीने खाते में आएगा पैसा

EPFO Interest Rate: देश के 7 करोड़ से ज्यादा नौकरीपेशा लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है। सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) जमा पर 8.25 फीसदी की ब्याज दर को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। सूत्रों के मुताबिक, यह ब्याज इसी महीने यानी जून 2026 के अंत तक अंशधारकों के खातों में क्रेडिट किया जा सकता है।

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT) द्वारा तय की गई ब्याज दर को वित्त मंत्रालय की हरी झंडी मिलने के बाद ही खातों में डालता है, जो कि अब मिल चुकी है।

वित्त मंत्रालय से मिली फाइनल हरी झंडी

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, वित्त मंत्रालय ने ईपीएफओ (EPFO) के शीर्ष निर्णय लेने वाले निकाय ‘सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज’ द्वारा तय की गई 8.25% ब्याज दर पर अपनी सहमति दे दी है।

इससे पहले, 2 मार्च 2026 को केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया की अध्यक्षता में हुई CBT की बैठक में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ब्याज दर को 8.25% पर रखने का फैसला लिया गया था। इसके बाद प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए वित्त मंत्रालय के पास भेजा गया था, क्योंकि भारत सरकार ही ईपीएफ की गारंटर होती है।

नए इकोसिस्टम से तुरंत क्रेडिट होगा ब्याज

श्रम मंत्रालय के निर्देश पर ईपीएफओ इसी महीने 2025-26 के लिए तय ब्याज राशि अंशधारकों के खातों में ट्रांसफर करने की तैयारी में है। राहत की बात यह है कि EPFO द्वारा विकसित किए गए नए इकोसिस्टम के तहत, जैसे ही ब्याज ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू होगी, पैसा तुरंत सब्सक्राइबर्स के खातों में दिखने लगेगा।

EPFO Interest Rate: पीएफ धारकों की बल्ले-बल्ले! सरकार ने 8.25% ब्याज दर को दी मंजूरी, इसी महीने खाते में आएगा पैसा

लगातार तीसरे साल 8.25% ब्याज बरकरार

यह लगातार तीसरा साल है जब ईपीएफओ ने अपनी ब्याज दर को 8.25% पर बरकरार रखा है:

पिछले साल फरवरी, 2025 में भी EPFO ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए 8.25% ब्याज दर को बनाए रखा था।

साल 2024 में ईपीएफओ ने वित्त वर्ष 2023-24 के लिए इसे 8.15% से मामूली बढ़ाकर 8.25% किया था।

मार्च 2022 में, EPFO ने वित्त वर्ष 2021-22 के लिए ब्याज दर को घटाकर 8.10% कर दिया था, जो 1977-78 (जब दर 8% थी) के बाद से सबसे कम थी। इसके बाद से दरों में सुधार हुआ और अब यह लगातार तीसरे साल 8.25% पर बनी हुई है।

Essay on Father: फादर्स डे पर पिता को समर्पित सबसे बेहतरीन निबंध

Photos commemorating a father's love, dedication, and struggles on Fathers Day

Father Essay in Hindi: पिता परिवार की वह मजबूत नींव होते हैं, जिनके त्याग, संघर्ष और समर्पण के कारण परिवार सुरक्षित, खुशहाल और सफल बनता है। एक पिता केवल घर की आर्थिक जिम्मेदारियां ही नहीं निभाता, बल्कि अपने बच्चों के जीवन को सही दिशा देने, उन्हें संस्कार सिखाने और हर परिस्थिति में उनका संबल बनने का भी कार्य करता है।ALSO READ: Fathers Day 2026: पिता का साया क्यों होता है सबसे बड़ा सहारा? जानिए फादर्स डे पर

पिता का स्नेह अक्सर शब्दों से कम और कर्मों से अधिक दिखाई देता है। वे अपने परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं और अपने बच्चों के सपनों को पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास करते हैं। इन्हीं अमूल्य योगदानों और त्याग को सम्मान देने के लिए हर वर्ष फादर्स डे (Fathers Day) मनाया जाता है।

 

प्रस्तावना

'पिता' केवल चार अक्षरों का एक शब्द नहीं, बल्कि इस संसार की वो सबसे मजबूत नींव है जिस पर पूरे परिवार का भविष्य टिका होता है। यदि मां बच्चे को जन्म देकर इस सुंदर सृष्टि से परिचित कराती है, तो पिता उस बच्चे की उंगली पकड़कर उसे दुनिया में जीना और लड़ना सिखाता है। संसार में मां की ममता और त्याग की चर्चा तो हर जगह होती है, लेकिन पिता का निस्वार्थ समर्पण अक्सर खामोशी की चादर में लिपटा रहता है। 'फादर्स डे' यानी पितृ दिवस इसी मूक और असीम प्रेम को सलाम करने का एक खास जरिया है।

 

पिता के साए का महत्व

जैसे एक बरगद का पेड़ खुद तेज धूप, आंधी और बारिश को अपने ऊपर झेलकर नीचे बैठे राहगीरों को ठंडी छांव देता है, ठीक वैसा ही स्थान किसी परिवार में पिता का होता है। जब तक पिता का साया सिर पर रहता है, बच्चे दुनिया की हर फिक्र से आजाद रहते हैं। घर का राशन कहां से आएगा, बिजली का बिल कैसे भरा जाएगा, या आने वाले कल की क्या चुनौतियां होंगी- इन सब बातों से बेफिक्र होकर बच्चे अगर सुकून की नींद सो पाते हैं, तो सिर्फ इसलिए क्योंकि उन्हें पता होता है कि 'पापा सब संभाल लेंगे।'

 

पिता का व्यक्तित्व: ऊपर से नारियल, अंदर से कोमल

एक पिता का व्यक्तित्व अक्सर नारियल की तरह होता है—ऊपर से सख्त और भीतर से बेहद नर्म। बचपन में जब हम कोई गलती करते हैं, तो पिता की डांट हमें बुरी लगती है, लेकिन उस डांट के पीछे हमें सही रास्ते पर लाने की चिंता छिपी होती है।

 

जीवन के पहले और सच्चे 'सुपरहीरो'

बचपन में जब हम परियों या कॉमिक्स के सुपरहीरो की कहानियां सुनते थे, तब हम यह भूल जाते थे कि एक असली सुपरहीरो हर वक्त हमारे साथ रहता है। पिता वो जादुई इंसान हैं, जो हमारी हर जायज-नाजायज जिद को पूरी करने की ताकत रखते हैं।

 

'जेब खाली हो फिर भी कभी मना करते नहीं देखा,

मैंने अपने पापा से अमीर इंसान कभी नहीं देखा।'

 

चाहे आधी रात को अचानक तबीयत खराब होना हो, या करियर के चुनाव को लेकर असमंजस की स्थिति- पिता हमेशा एक मार्गदर्शक और रक्षक बनकर खड़े रहते हैं। वह हमें केवल सफल होना नहीं सिखाते, बल्कि असफलताओं के बाद उठकर दोबारा लड़ना भी सिखाते हैं।

 

पिता की खूबियां

– वह कभी रोते नहीं, ताकि उनका परिवार कमजोर न पड़े।

 

– वह अपनी बीमारियों को छुपा लेते हैं, ताकि बच्चों की पढ़ाई का खर्च न रुके।

 

– वह पुराने जूतों और घिसे हुए कपड़ों में भी मुस्कुराते हैं, ताकि उनके बच्चे हर त्योहार पर नए कपड़े पहन सकें।

 

– एक पिता पूरी जिंदगी सिर्फ एक 'कमाऊ सदस्य' बनकर गुजार देता है, जबकि हकीकत में वह अपनी खुशियों का सबसे बड़ा त्यागी होता है।

 

उपसंहार

फादर्स डे केवल एक दिन की औपचारिकता या सोशल मीडिया पर फोटो लगाने तक सीमित नहीं होना चाहिए। पिता को महंगे तोहफों की जरूरत नहीं होती; उन्हें बस अपने बच्चों का थोड़ा सा समय, आदर और दो मीठे बोल चाहिए होते हैं।

 

इस फादर्स डे पर हमारा यह संकल्प होना चाहिए कि हम अपने पिता के बूढ़े होते हाथों को थामें, उनके चेहरे की झुर्रियों में छिपे उनके संघर्ष को समझें, और उनसे कहें- 'पापा, आप मेरे जीवन की सबसे बड़ी पूंजी हैं।' आइए, अपने पिता के जीते जी उन्हें वह सम्मान और खुशियां दें जिसके वो हकदार हैं, क्योंकि पिता का होना ही इस दुनिया का सबसे बड़ा सुकून है। एक पिता का प्रेम अक्सर शब्दों में कम और कर्मों में अधिक दिखाई देता है। यही कारण है कि पिता को परिवार का सबसे बड़ा सहारा और बच्चों का पहला नायक कहा जाता है।ALSO READ: Fathers Day 2026: फादर्स डे कब है? जानें तारीख, इतिहास और महत्व

 

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El Nino Fear Impact: अल नीनो के डर से यहां किसानों ने पानी बचाने के लिए धान उगाने की टेक्नीक ही बदली! इससे हो रही बचत समझिए

El Nino Impact on Rice Farming: प्रशांत महासागर में अल नीनो (El Niño) के पैर पसारने और कम बारिश की आशंका के बीच आंध्र प्रदेश के किसानों ने एक चौंकाने वाला कदम उठाया है। सूखे और पानी की किल्लत के डर से यहां के किसानों ने पानी बचाने के लिए धान उगाने की अपनी पारंपरिक तकनीक से अलग हट कर काम करना शुरू किया है। किसान अब पारंपरिक रूप से धान के खेतों को पानी से लबालब भरने के बजाय आधुनिक और कम पानी लेने वाली तकनीकों को अपना रहे हैं, जिससे लाखों लीटर पानी की बचत हो रही है।

पीटीआई की रिपोर्ट में आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले के जेआर पुरम गांव के एक ऐसे ही किसान की कहानी बताई गई है। 52 वर्षीय किसान मज्जी सत्यम के एक ऐसे ही के पास 5 एकड़ जमीन और दो बोरवेल हैं। वे जीवनभर अपने पिता के सिखाए पारंपरिक तरीके से ही धान उगाते रहे हैं। यानी पहले नर्सरी में पौधे तैयार करना फिर उन्हें पानी से लबालब भरे खेतों में ट्रांसप्लांट (रोपाई) करना और कटाई तक खेतों में पानी जमा रखना।

इस खरीफ सीजन में अल नीनो के कारण कम बारिश की आशंका को देखते हुए सत्यम ने अपनी तकनीक बदल दी है। सत्यम ने पीटीआई को बताया कि, ‘पिछले साल मई में ही बारिश आ गई थी। इस साल अभी तक नहीं आई है। मैंने सुना है कि अल नीनो के कारण इस बार बारिश कम होगी। इसलिए मैंने DSR आजमाने का फैसला किया है।’

क्या है DSR तकनीक?

DSR यानी डायरेक्ट सीडेड राइस (Direct Seeded Rice – धान की सीधी बुआई)। इस तकनीक में नर्सरी तैयार करने की बिल्कुल जरूरत नहीं होती। इसमें बीज सीधे मुख्य खेत में बोए जाते हैं। इसमें न तो रोपाई की जरूरत पड़ती है, न ही खेतों में पानी जमा रखने या कीचड़ बनाने की आवश्यकता होती है। कम मानसून की मार झेलने वाले किसानों के लिए यह तकनीक एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभरी है।

एक एकड़ में बचता है 12 लाख लीटर पानी

पारंपरिक धान की खेती में अत्यधिक पानी की खपत होती है। इसके मुकाबले डीओएसआर (DSR) और एडब्ल्यूडी (AWD – अल्टरनेट वेटिंग एंड ड्राइंग) तकनीकें पानी की जरूरतों को काफी कम कर देती हैं। AWD एक ऐसी तकनीक है जिसमें खेतों को लगातार पानी में डुबोकर रखने के बजाय चक्रों में पानी दिया और सुखाया जाता है।

डॉ. रेड्डीज फाउंडेशन के निदेशक (ग्रामीण आजीविका और जलवायु कार्रवाई) सुमन सारस्वतीभटला ने बचत के आंकड़े बताते हुए कहा कि ड्राय डीएसआर पारंपरिक तरीकों की तुलना में प्रति एकड़ लगभग 11 से 12 लाख लीटर पानी बचाता है।

इसी तरह वेट डीएसआर प्रति एकड़ लगभग 4 से 5.5 लाख लीटर पानी की बचत करता है। AWD पारंपरिक खेती के मुकाबले लगभग 3 से 5 लाख लीटर पानी बचाता है। दोनों तकनीकों के सही ढंग से काम करने के लिए खेत के ऊपरी 30-40 सेंटीमीटर हिस्से में मिट्टी की नमी का लगातार बने रहना बेहद महत्वपूर्ण है, जो यह तय करता है कि किसानों को कब और कैसे बुआई करनी है।

3000 करोड़ लीटर पानी की हुई रिकॉर्ड बचत

सत्यम अकेले ऐसे किसान नहीं हैं। श्रीकाकुलम और विजयनगरम जिलों के 1500 से अधिक गांवों में करीब 10 लाख एकड़ धान के क्षेत्र में किसानों को एक्शन फॉर क्लाइमेट एंड एनवायरनमेंट (ACE) कार्यक्रम के तहत पानी की अधिक खपत वाली पारंपरिक खेती से दूर ले जाया जा रहा है। यह पहल फार्मा क्षेत्र की प्रमुख कंपनी डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज के सीएसआर (CSR) फंड के सहयोग से संचालित डॉ. रेड्डीज फाउंडेशन द्वारा की जा रही है।

पिछले साल इन दोनों जिलों के किसानों ने 3667 एकड़ में DSR और 21963 एकड़ में AWD तकनीक को अपनाया था। इस वजह से 3000 करोड़ लीटर से अधिक पानी की बचत हुई और 50000 टन से अधिक कार्बन डाइऑक्साइड के बराबर उत्सर्जन में कमी आई। अल नीनो के दोबारा पूर्वानुमान को देखते हुए इस साल इन आंकड़ों में और बड़ी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।

इसी गांव के एक अन्य 50 वर्षीय किसान आर सन्यास राव पिछले साल से ही 5 एकड़ में वेट डीएसआर का सफल प्रयोग कर रहे हैं। इससे उनकी मजदूरी की लागत घट गई और नर्सरी व रोपाई का झंझट खत्म हो गया। इस साल वे दो एकड़ में ड्राय डीएसआर और तीन एकड़ में मक्के की खेती कर रहे हैं।

सरकारी कृषि विभाग और कृषि विज्ञान केंद्र भी किसानों को धान का रकबा घटाने, कम समय वाली फसलों या दालों और अनाजों को अपनाने की सलाह दे रहे हैं। सत्यम का कहना है कि अगर अल नीनो गंभीर हुआ, तो हम सिर्फ घर के खाने के लिए ही धान उगाएंगे।

बदल गया बुआई का कैलेंडर और बढ़ाई गई मिट्टी की सेहत

चक्रवात और बारिश पर निर्भर रहने वाले इस बेल्ट (श्रीकाकुलम) में बुआई का पारंपरिक समय पहले ही बदल चुका है। पहले जहां धान जून के अंत में बोया जाता था, वहीं पिछले 3-4 वर्षों में यह जुलाई में शिफ्ट हो गया है और मुख्य रोपाई अगस्त तक चली जाती है। इस खाली समय का उपयोग करने के लिए फाउंडेशन किसानों को खरीफ शुरू होने से पहले (मई-जून की अवधि में) कम समय वाली कवर फसलें जैसे उड़द, मूंग और तिल उगाने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है।

इसके अलावा पटसन और नेपियर जैसी हरी खाद वाली फसलें मिट्टी की नमी बनाए रखने में मदद करती हैं। पिछले साल 2372 एकड़ में कवर फसलें और 1508 एकड़ में एग्रो-फॉरेस्ट्री (नारियल के बगीचों में इमारती लकड़ी और फलों के पौधे लगाना) की गई थी।

मिट्टी की जांच और डिजिटल सलाह

श्रीकाकुलम की मिट्टी के स्वास्थ्य में भी गिरावट देखी जा रही है। फाउंडेशन ने जनवरी 2025 में हैदराबाद में अपनी अत्याधुनिक सुविधा शुरू की है। इसके माध्यम से किसानों को त्वरित मिट्टी जांच रिपोर्ट और फसल संबंधी सलाह दी जा रही है। पिछले साल 5000 से अधिक सॉयल हेल्थ कार्ड जारी किए गए। इनमें पाया गया कि मिट्टी में ऑर्गेनिक कार्बन का स्तर बहुत कम है।

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सल्फर, जिंक और बोरॉन जैसे सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी है जबकि पोटाश की मात्रा अधिक है। इस साल अल नीनो के प्रभाव और उर्वरकों की कमी को देखते हुए विशिष्ट पोषक तत्व प्रबंधन पर जोर दिया जा रहा है। पिछले पांच वर्षों से बल्क एसएमएस, पोस्टर और किसान बैठकों के माध्यम से किसानों को आदत या सुविधा के बजाय मिट्टी की जरूरत के हिसाब से सटीक खाद डालने के लिए जागरूक किया जा रहा है।

11,000mAh बैटरी के साथ आ रहा Honor का ये दमदार फोन, लॉन्च से पहले लीक हुए स्पसिफिकेशन्स

Honor जल्द ही अपना फ्लैगशिप स्मार्टफोन X80 Pro Max चीन में लॉन्च करने वाला है। यह कंपनी की मिड-रेंज X80 लाइनअप का नया मॉडल होगा। टेक कंपनी ने हाल ही में कन्फर्म किया है कि इस हैंडसेट में 11,000mAh की बैटरी होगी, जो इस लाइनअप में सबसे बड़ी बैटरी बताई जा रही है। वहीं, लॉन्च से कुछ दिन पहले ही, Honor X80 Pro Max को China Telecom की वेबसाइट पर लिस्ट किया गया है, जिससे इसके खास स्पेसिफिकेशन्स, फीचर्स, चार कलर ऑप्शन और स्टोरेज कॉन्फिगरेशन का पता चला है। यह स्मार्टफोन Qualcomm Snapdragon 6 सीरीज के ऑक्टा-कोर चिपसेट के साथ आ सकता है और इसमें 12GB तक RAM मिलने की उम्मीद है। इसका वजन लगभग 203 ग्राम बताया जा रहा है।

Honor X80 Pro Max के स्पेसिफिकेशन्स और स्टोरेज ऑप्शन (अनुमानित)

China Telecom की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक, आने वाला Honor X80 Pro Max 6GB + 128GB, 8GB + 128GB, 8GB + 256GB, 8GB + 512GB और 12GB + 512GB RAM और स्टोरेज कॉन्फिगरेशन में उपलब्ध होगा। इसके अलावा, Honor X80 Pro Max को China Telecom की वेबसाइट पर Qualcomm के ऑक्टा-कोर Snapdragon 6 Gen 5 चिपसेट के साथ लिस्ट किया गया है, जो पहले आई लीक जानकारी से मेल खाता है। उम्मीद है कि यह चिपसेट 2.6GHz की पीक क्लॉक स्पीड देगा।

लिस्टिंग से यह भी पता चलता है कि स्मार्टफोन में 6.8-इंच का डिस्प्ले होगा। साथ ही सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए 8MP का फ्रंट कैमरा भी मिल सकता है। इसके अलावा, यह हैंडसेट Honor के Android 16-बेस्ड MagicOS 10 के साथ आ सकता है। इसका साइज 162.2×77×8.08mm और वजन लगभग 203g बताया गया है। इस हैंडसेट में डुअल-बैंड WiFi, ब्लूटूथ और NFC के साथ-साथ USB Type-C पोर्ट भी हो सकता है।

बता दें कि स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनी ने पहले ही कन्फर्म कर दिया है कि Honor X80 Pro Max को चीन में 22 जून को शाम 7 बजे (लोकल टाइम) यानी शाम 4:30 बजे (IST) लॉन्च किया जाएगा। कंपनी ने यह भी कन्फर्म किया है कि इस हैंडसेट में 11,000mAh की बैटरी होगी, जो 90W वायर्ड फास्ट चार्जिंग और 27W वायर्ड रिवर्स चार्जिंग को सपोर्ट करेगा। डिस्प्ले की बात करें तो इसमें 10,000 nits तक की पीक ब्राइटनेस मिलने की उम्मीद है।

फोन में पीछे की तरफ 50MP का सिंगल कैमरा और LED फ्लैश दिया जाएगा, जिसे एक सर्कुलर कैमरा आइलैंड में रखा गया है। Honor ने हाल ही में यह भी बताया है कि Honor X80 Pro Max चीन में Lightning Red, Moonlight White, Mystic Black और Vibrant Orange जैसे कलर ऑप्शन में लॉन्च होगा। डिजाइन की बात करें तो इसमें सेंटर में होल-पंच डिस्प्ले कटआउट मिलेगा और फोन के दाईं तरफ पावर बटन और वॉल्यूम कंट्रोल दिए जाएंगे।

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प्रधानमंत्री मोदी “पीएम-किसान योजना” की 23वीं किस्त में किसानों के खातों में लगभग 18,880 करोड़ रुपये करेंगे ट्रांसफर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 20 जून को पीएम‑किसान योजना की 23वीं किस्त के रूप में देशभर के 9.44 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में लगभग 18,880 करोड़ रुपये ट्रांसफर करेंगे। यह जानकारी कृषि एवं किसान कल्‍याण मंत्रालय की ओर से गुरुवार को दी गई।  

मंत्रालय की ओर से जारी किए गए बयान में कहा गया कि पीएम मोदी पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के तारकेश्वर से पीएम‑किसान योजना की 23वीं किस्त किसानों के खाते में ट्रांसफर करेंगे। इस दौरान वह ‘विकसित भारत, विकसित पश्चिम बंगाल’ के संकल्प को नई गति देने के उद्देश्य से कृषि, ग्रामीण विकास, मत्स्य पालन और रेलवे सहित विभिन्न क्षेत्रों की अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण, राष्ट्र को समर्पण एवं शिलान्यास भी करेंगे।

साथ ही, वह प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एवं पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना, डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन के तहत एग्रीटेक, राष्ट्रीय प्राकृतिक कृषि मिशन तथा प्रधानमंत्री धन‑धान्य कृषि योजना जैसी महत्वपूर्ण पहलों की शुरुआत करेंगे, जिनसे किसानों की आय, ग्रामीण बुनियादी ढांचे और समावेशी विकास को व्यापक बल मिलेगा और पश्चिम बंगाल का कृषि परिदृश्य भी बदल जाएगा।

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केंद्रीय कृषि मंत्री सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्य आतिथ्य में पश्चिम बंगाल में होने वाला यह राष्ट्रीय स्तर का कार्यक्रम किसानों, ग्रामीण समुदाय और युवाओं के लिए एक ऐतिहासिक अवसर साबित होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार का संकल्प है कि पूर्वी भारत को कृषि, इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक विकास का मजबूत केंद्र बनाया जाए और 20 जून का कार्यक्रम इसी विजन को जमीन पर उतारने की दिशा में महत्वपूर्ण पड़ाव है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पीएम‑किसान योजना की 23वीं किस्त के तहत केवल पश्चिम बंगाल में ही 45.35 लाख से अधिक लाभार्थी किसानों को लगभग 907 करोड़ रुपये किस्त के रूप में प्राप्त होंगे। इसके साथ ही राज्य में पीएम‑किसान योजना के अंतर्गत अब तक वितरित कुल राशि 15,055 करोड़ रुपये से अधिक हो जाएगी जबकि 2019 में योजना की शुरुआत से लेकर पूरे देश में कुल वितरण 4.46 लाख करोड़ रुपये से ऊपर पहुंच जाएगा।

इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) और पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना (आरडब्ल्यूबीसीआईएस) का भी शुभारंभ करेंगे, जिनकी संयुक्त लागत लगभग 12,200 करोड़ रुपये है। वित्त वर्ष 2026‑27 के दौरान इन योजनाओं के माध्यम से लगभग 1.10 करोड़ किसानों को 30 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि पर फसल बीमा सुरक्षा प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है जिसके तहत लगभग 28,140 करोड़ रुपये मूल्य की फसलें बीमा संरक्षण के दायरे में आएंगी।

Pic Credit : ANI

Hiccups Relief Tips: बार-बार हिचकी क्यों आती है? जानें कारण और आसान उपचार

An image providing information on immediate and effective remedies to stop hiccups

Hiccups Causes and Cure: हिचकी आना एक बहुत ही आम बात है, लेकिन जब यह लगातार आने लगे, तो यह किसी को भी परेशान और असहज कर सकती है। वैज्ञानिक नजरिए से देखें, तो हिचकी हमारे पेट और फेफड़ों के बीच मौजूद 'डायफ्राम' (Diaphragm) नामक मांसपेशी के अचानक सिकुड़ने (Spasm) की वजह से आती है। जब यह सिकुड़ती है, तो हमारी वोकल कॉर्ड्स यानी आवाज की नली तेजी से बंद होती है, जिससे 'हिक' की आवाज निकलती है।ALSO READ: पिंडली के दर्द से छुटकारा पाने के 5 कारगर तरीके जानें

 

आइए जानते हैं कि ज्यादा हिचकी आने के मुख्य कारण क्या हैं और इसे रोकने के प्रभावी उपाय क्या हो सकते हैं:

 

ज्यादा हिचकी आने के मुख्य कारण

सामान्य तौर पर हिचकी हमारे खान-पान और जीवनशैली की कुछ छोटी-छोटी गलतियों या बदलावों की वजह से आती है:

 

जल्दी-जल्दी खाना: बहुत तेजी से खाना खाने या बिना ठीक से चबाए निगलने से पेट में हवा चली जाती है, जिससे हिचकी शुरू हो सकती है।

 

जरूरत से ज्यादा खाना/ओवरइटिंग: जब पेट अपनी क्षमता से ज्यादा भर जाता है, तो वह डायफ्राम पर दबाव डालता है।

 

तीखा या मसालेदार भोजन: बहुत ज्यादा मिर्च-मसाले वाला खाना भोजन नली में जलन पैदा कर सकता है, जो डायफ्राम को उत्तेजित करता है।

 

कार्बोनेटेड ड्रिंक्स: कोल्ड ड्रिंक्स, सोडा या बीयर जैसे पेय पदार्थों में मौजूद गैस पेट को फुला देती है, जिससे हिचकी आती है।

 

तापमान में अचानक बदलाव: बहुत गर्म चाय या कॉफी पीने के तुरंत बाद कुछ बहुत ठंडा पी लेने से भी डायफ्राम सिकुड़ सकता है।

 

तनाव या ज्यादा उत्साह: बहुत अधिक तनाव, घबराहट या अत्यधिक खुशी (इमोशनल स्ट्रेस) भी हिचकी को ट्रिगर कर सकते हैं।

 

हिचकी रोकने के तुरंत और असरदार उपाय

ज्यादातर मामलों में हिचकी कुछ ही मिनटों में खुद ठीक हो जाती है। लेकिन अगर आप इसे जल्दी रोकना चाहते हैं, तो ये घरेलू उपाय आजमा सकते हैं:

 

ठंडा पानी पिएं: एक गिलास ठंडा पानी बिना रुके घूंट-घूंट करके पिएं। इससे वोकल कॉर्ड्स की नसें रिलैक्स होती हैं।

 

सांस रोकें: एक गहरी सांस अंदर लें और जितनी देर हो सके या 10-20 सेकंड तक सांस को (Breath Holding) रोक कर रखें, फिर धीरे-धीरे छोड़ें। इसे 3-4 बार दोहराएं।

 

चीनी खाएं: एक चम्मच सूखी चीनी मुंह में रखें और उसे धीरे-धीरे निगल लें। चीनी की मिठास वेगस नर्व (Vagus Nerve) को भटकाने का काम करती है।

 

नींबू और काला नमक: नींबू के एक छोटे टुकड़े पर थोड़ा सा काला नमक लगाकर चूसें। इसका खट्टापन नसों को डायवर्ट कर देता है।

 

पेपर बैग में सांस लें: एक छोटे पेपर बैग यानी कागज की थैली के अंदर मुंह और नाक डालकर सांस लें। इससे खून में कार्बन डाइऑक्साइड का स्तर थोड़ा बढ़ता है, जिससे डायफ्राम रिलैक्स होता है। ध्यान रहे इस क्रिया के लिए प्लास्टिक बैग का इस्तेमाल न करें।

 

घुटनों को छाती से लगाएं: किसी आरामदायक जगह पर बैठ जाएं और अपने दोनों घुटनों को छाती की तरफ खींचकर 1-2 मिनट तक गले से लगाकर रखें। इससे डायफ्राम पर दबाव पड़ता है और सिकुड़न रुक सकती है।

 

विशेष नोट: अगर आपकी हिचकी 48 घंटे यानी 2 दिन से अधिक समय तक लगातार बनी रहती है या आपको इसके साथ सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ या निगलने में परेशानी हो रही है, तो घरेलू उपाय छोड़कर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। यह किसी अंदरूनी मेडिकल कंडीशन, जैसे- एसिड रिफ्लक्स, नसों की समस्या या इन्फेक्शन का संकेत हो सकता है।

 

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Electric Scooter खरीदने से पहले 14 जरूरी बातें जो आपके लिए जानना जरूरी

Electric Scooter, EV Buying Guide

भारत में बढ़ती पेट्रोल-डीजल कीमतों, पर्यावरण संरक्षण की बढ़ती जरूरत और सरकार की इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने वाली नीतियों के चलते इलेक्ट्रिक स्कूटर (ई-स्कूटर) तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों, छात्रों और कम खर्च में सफर करने की चाह रखने वालों के लिए ई-स्कूटर एक बेहतर विकल्प बनकर उभरे हैं। हालांकि बाजार में उपलब्ध दर्जनों मॉडल और ब्रांड के बीच सही इलेक्ट्रिक स्कूटर चुनना आसान नहीं है।

 

अगर आप भी नया ई-स्कूटर खरीदने की योजना बना रहे हैं तो इन महत्वपूर्ण बातों को जरूर ध्यान में रखें।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट्‍स

इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदना केवल वाहन खरीदना नहीं, बल्कि कम खर्च, पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक तकनीक की ओर एक कदम है। बैटरी, रेंज, चार्जिंग, सुरक्षा, सर्विस नेटवर्क और सरकारी सब्सिडी जैसे पहलुओं को ध्यान में रखकर आप अपनी जरूरत और बजट के अनुसार सही ई-स्कूटर का चयन कर सकते हैं। भारत का ईवी बाजार तेजी से बढ़ रहा है और आने वाले वर्षों में इलेक्ट्रिक स्कूटर परिवहन का प्रमुख साधन बनने की ओर बढ़ रहे हैं।

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1. सबसे पहले अपनी जरूरत समझें

स्कूटर खरीदने से पहले तय करें कि इसका उपयोग किस उद्देश्य के लिए होगा। यदि आप रोज ऑफिस जाते हैं तो लंबी रेंज और फास्ट चार्जिंग वाला मॉडल चुनें। छात्रों के लिए हल्का और बजट फ्रेंडली स्कूटर बेहतर रहेगा, जबकि डिलीवरी कार्य करने वालों को मजबूत बॉडी और अधिक वजन उठाने की क्षमता वाला मॉडल लेना चाहिए।

 

2. बैटरी का प्रकार और क्षमता

 

इलेक्ट्रिक स्कूटर की सबसे महत्वपूर्ण चीज उसकी बैटरी होती है।

 

लिथियम-आयन बैटरी: हल्की, टिकाऊ, जल्दी चार्ज होने वाली और लंबी उम्र वाली।

लीड-एसिड बैटरी: सस्ती लेकिन भारी और कम टिकाऊ।

 

बैटरी की क्षमता (kWh) जितनी अधिक होगी, स्कूटर की रेंज भी उतनी ही बेहतर होगी।

 

3. एक बार चार्ज में कितनी दूरी चलेगा?

 

स्कूटर खरीदते समय उसकी रेंज पर विशेष ध्यान दें।

 

  • एंट्री लेवल मॉडल: 30-60 किमी
  • मिड रेंज मॉडल: 80-100 किमी
  • प्रीमियम मॉडल: 120-150 किमी या अधिक

 

विशेषज्ञों के अनुसार, आपकी रोजाना जरूरत से कम से कम 30 प्रतिशत अधिक रेंज वाला मॉडल चुनना चाहिए।

 

4. चार्जिंग समय और सुविधा

 

कुछ स्कूटर पूरी तरह चार्ज होने में 4 से 6 घंटे लेते हैं, जबकि फास्ट चार्जिंग तकनीक वाले मॉडल कम समय में चार्ज हो जाते हैं।

 

रिमूवेबल बैटरी : घर या ऑफिस में आसानी से चार्ज की जा सकती है।

फिक्स्ड बैटरी : वाहन को चार्जिंग पॉइंट तक ले जाना पड़ता है।
 

5. टॉप स्पीड और प्रदर्शन

 

यदि आप शहर की व्यस्त सड़कों पर सफर करते हैं तो स्पीड भी महत्वपूर्ण है।

 

लो-स्पीड स्कूटर : 25-45 किमी/घंटा

मिड-रेंज : 60-80 किमी/घंटा

प्रीमियम मॉडल : 90-120 किमी/घंटा
 

6. मजबूत बॉडी और डिजाइन

 

भारतीय सड़कों को देखते हुए मजबूत फ्रेम, बेहतर सस्पेंशन और आरामदायक सीट वाला स्कूटर चुनना चाहिए। साथ ही पर्याप्त बूट स्पेस और आकर्षक डिजाइन भी महत्वपूर्ण है।

 

7. सुरक्षा फीचर्स को नजरअंदाज न करें

 

सुरक्षा के लिए इन फीचर्स का होना जरूरी है:

  • डिस्क ब्रेक
  • सीबीएस (CBS) या एबीएस (ABS)
  • ट्यूबलेस टायर
  • बेहतर सस्पेंशन सिस्टम
  • 8. स्मार्ट फीचर्स भी देखें

 

आधुनिक इलेक्ट्रिक स्कूटर अब कई स्मार्ट सुविधाओं के साथ आते हैं, जैसे:

 

  • GPS ट्रैकिंग
  • मोबाइल ऐप कनेक्टिविटी
  • एंटी-थेफ्ट अलार्म
  • कीलेस इग्निशन

9. सरकारी सब्सिडी की जानकारी लें

 

केंद्र और कई राज्य सरकारें इलेक्ट्रिक वाहनों पर सब्सिडी और टैक्स छूट प्रदान करती हैं। खरीदारी से पहले उपलब्ध योजनाओं की जानकारी जरूर लें।

 

10. वारंटी और सर्विस नेटवर्क

 

खरीदारी से पहले यह सुनिश्चित करें कि कंपनी का सर्विस नेटवर्क मजबूत हो।

 

  • बैटरी वारंटी
  • मोटर वारंटी
  • स्पेयर पार्ट्स की उपलब्धता

 

इन बातों की जांच करना बेहद जरूरी है।

 

11. बजट के अनुसार करें चयन

 

भारतीय बाजार में इलेक्ट्रिक स्कूटर विभिन्न कीमतों पर उपलब्ध हैं।

 

  • बजट मॉडल: ₹25,000 से ₹50,000
  • मिड रेंज मॉडल: ₹50,000 से ₹1 लाख
  • प्रीमियम मॉडल: ₹1 लाख से ₹1.5 लाख या अधिक

 

हालांकि शुरुआती कीमत अधिक हो सकती है, लेकिन संचालन लागत बेहद कम रहती है।

 

12. ब्रांड और ग्राहक समीक्षा जांचें

 

खरीदारी से पहले ऑनलाइन रिव्यू, वास्तविक रेंज और ग्राहकों के अनुभव जरूर पढ़ें। इससे उत्पाद की वास्तविक गुणवत्ता का पता चलता है।

 

13. लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन नियम समझें
 

25 किमी/घंटा तक की स्पीड वाले स्कूटर के लिए लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं होती।

25 किमी/घंटा से अधिक स्पीड वाले स्कूटर के लिए लाइसेंस, बीमा और रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है।

 

14. रीसेल वैल्यू का भी रखें ध्यान

भविष्य में बैटरी बदलने का खर्च और स्कूटर की रीसेल वैल्यू भी खरीदारी के फैसले को प्रभावित कर सकती है। Edited by : Sudhir Sharma

अक्षय कुमार ने श्री माता वैष्णो देवी मंदिर में किए दर्शन

भारत में ऐसे कई धार्मिक स्थल हैं, जहां हर साल लाखों लोग मनोकामनाएं लेकर पहुंचते हैं। उन्हीं में से एक है जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले की त्रिकुटा पहाड़ियों पर स्थित प्रसिद्ध श्री माता वैष्णो देवी मंदिर, जहां हाल ही में अभिनेता अक्षय कुमार दर्शन करने पहुंचे। उनकी इस तीर्थ यात्रा को लेकर वहां मौजूद श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। 

अक्षय कुमार ने गुरुवार को वैष्णो देवी मंदिर पहुंचकर माता रानी के दर्शन किए और विधिवत पूजा-अर्चना की। मंदिर बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार, अभिनेता ने धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया और पूरी श्रद्धा के साथ पूजा की। इस दौरान उन्होंने कुछ समय मंदिर परिसर में भी बिताया।

अक्षय कुमार के माता वैष्णो देवी मंदिर की यात्रा के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। प्रशासन ने सुनिश्चित किया कि उनकी मौजूदगी से आम श्रद्धालुओं की दर्शन प्रक्रिया में किसी तरह की बाधा न आए। पूजा-अर्चना करने के बाद अक्षय कुमार शांतिपूर्वक वहां से रवाना हो गए।

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जैसे ही अक्षय कुमार के मंदिर पहुंचने की खबर फैली, वहां मौजूद श्रद्धालुओं में उत्साह बढ़ गया। कई लोग उन्हें देखने के लिए इकट्ठा हो गए और उनकी एक झलक पाने की कोशिश करने लगे। हालांकि, सुरक्षा व्यवस्था के कारण भीड़ को नियंत्रित कर लिया गया।

बता दें कि श्री माता वैष्णो देवी मंदिर भारत के सबसे पवित्र तीर्थ स्थलों में से एक माना जाता है। यह मंदिर त्रिकुटा पहाड़ियों पर स्थित है, और यहां हर साल देश के अलग-अलग हिस्सों से करोड़ों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। यहां तक पहुंचने के लिए भक्तों को पैदल यात्रा भी करनी पड़ती है।

आंकड़ों के अनुसार, वैष्णो देवी मंदिर में प्रतिदिन लगभग 20 हजार से 40 हजार श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं, जबकि छुट्टियों के दौरान यह संख्या एक सप्ताह में तीन लाख से भी ज्यादा पहुंच जाती है। इतनी बड़ी भीड़ के कारण कई बार भक्तों को दर्शन के लिए 12 से 20 घंटे तक इंतजार करना पड़ता है। इस दौरान होटल और यात्रा से जुड़े खर्च भी बढ़ जाते हैं, जिससे यात्रियों को अतिरिक्त कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

Pic Credit : ANI