Gold Silver Rates Today: लगातार तीसरे दिन गिरा सोना, चांदी भी 6660 रुपये फिसली

Gold Silver Rates Today: सोने में लगातार तीसरे दिन गिरावट आई। दिल्ली सर्राफा बाजार में यह 960 रुपये गिरकर 1.53 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। चांदी भी 6660 प्रति किलोग्राम फिसल गई। शेयर बाजारों में तेजी का असर बुलियन की डिमांड पर पड़ा।

17 जून को भी गिरा था सोना

ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, 99.9 फीसदी प्योरिटी वाला सोना 960 रुपये गिरकर 1,53,440 रुपये प्रति 10 ग्राम (टैक्स सहित) पर आ गया। 17 जून को यह 1,54,400 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।

चांदी भी बिकवाली दबाव में टूटी

चांदी पर भी बिकवाली का दबाव दिखा। यह 6,660 रुपये गिरकर 2,48,740 रुपये प्रति किलोग्राम (टैक्स सहित) पर बंद हुई। 17 जून को यह 2,55,400 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।

शेयर बाजारों में मजबूती का असर

एनालिस्ट्स का कहना है कि घरेलू शेयर बाजारों में मजबूती जारी है। इससे डॉलर के मुकाबले रुपये में मजबूती आई है। इससे इनवेस्टर्स बुलियन की जगह शेयरों में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। हालांकि, विदेश में बुलियन में तेजी का रुख है।

फेड की पॉलिसी का बुलियन पर असर

अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की मॉनेटरी पॉलिसी का असर भी बुलियन पर दिखा। एलकेपी सिक्योरिटीज के वीपी जतिन त्रिवेदी ने कहा कि फेडरल रिजर्व की पॉलिसी के बाद गोल्ड में कमजोरी दिखी। फेड की पॉलिसी से यह संकेत मिलता है कि अगर अमेरिकी इकोनॉमी में मजबूती बनी रहती है तो इस साल इंटरेस्ट रेट एक बार बढ़ सकता है।

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विदेश में बुलियन में हल्की तेजी

विदेश में गोल्ड में हल्की तेजी दिखी। यह 4,266.47 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। सिल्वर भी 0.38 फीसदी के उछाल के साथ 68.17 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के राष्ट्रपति और उन्होंने यूएस-ईरान समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इसका असर बुलियन की कीमतों पर पड़ा।

झारखंड में राज्यसभा चुनाव में बड़ा उलटफेर, संख्या कम थी फिर भी NDA समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी जीते, INDIA गुट को झटका

झारखंड में राज्यसभा चुनाव के नतीजों ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। NDA समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी ने राज्यसभा सीट जीत ली, जबकि विधानसभा में NDA के पास पर्याप्त संख्या नहीं थी। उनकी जीत के बाद INDIA गठबंधन में क्रॉस वोटिंग की चर्चाएं तेज हो गई हैं। राज्यसभा चुनाव में कुल तीन वोट रद्द हुए हैं। सूत्रों ने बताया कि इसमें दो वोट बीजेपी समर्थित प्रत्याशी को दिया गया था, जबकि एक वोट कांग्रेस प्रत्याशी को दिया गया था। किस पार्टी के विधायक का वोट रद्द हुआ, फिलहाल जानकारी नहीं है।

वहीं दूसरी सीट पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के उम्मीदवार बैद्यनाथ राम की जीत लगभग तय मानी जा रही है।

81 सदस्यीय झारखंड विधानसभा में राज्यसभा चुनाव जीतने के लिए उम्मीदवार को कम से कम 28 प्रथम वरीयता वोटों की जरूरत थी।

परिमल नथवानी को 32 वोट मिले, हालांकि इनमें से दो वोट अमान्य घोषित कर दिए गए। NDA के पास विधानसभा में केवल 24 विधायक हैं (कुछ रिपोर्टों में समर्थक विधायकों को जोड़कर 28 तक का आंकड़ा बताया गया है), ऐसे में नथवानी की जीत ने साफ संकेत दिया कि उन्हें विपक्षी खेमे से भी समर्थन मिला।

झारखंड विधानसभा में INDIA गठबंधन के पास 56 विधायक हैं, जबकि भाजपा नीत एनडीए के पास 24 विधायक हैं। ऐसे में नथवानी की जीत बिना क्रॉस वोटिंग के संभव नहीं मानी जा रही।

कांग्रेस उम्मीदवार को झटका

राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार प्रवण झा को हार का सामना करना पड़ा। उनकी हार के बाद यह चर्चा शुरू हो गई कि INDIA गठबंधन के कुछ विधायक, खासकर RJD और वाम दलों के कुछ सदस्यों ने नथवानी के पक्ष में मतदान किया।

हालांकि अभी तक किसी दल ने आधिकारिक तौर पर क्रॉस वोटिंग की पुष्टि नहीं की है।

जीत के बाद क्या बोले नथवानी?

जीत के बाद परिमल नथवानी ने इसे गर्व और विनम्रता का क्षण बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि झारखंड उनकी “कर्मभूमि” है और इसी राज्य से उनकी संसदीय यात्रा 2008 में शुरू हुई थी।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा नेतृत्व और NDA का आभार व्यक्त किया। साथ ही उन सभी विधायकों को धन्यवाद दिया जिन्होंने उनके पक्ष में मतदान किया।

नथवानी ने कहा कि वह आगे भी झारखंड और यहां के लोगों के हितों के लिए काम करते रहेंगे।

कौन हैं परिमल नथवानी?

परिमल नथवानी देश के जाने-माने उद्योगपति हैं। वह पहली बार 2008 में झारखंड से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में राज्यसभा पहुंचे थे। इसके बाद 2014 में उन्होंने दूसरी बार भी झारखंड से राज्यसभा चुनाव जीता।

साल 2020 में नथवानी युवजन श्रमिका रायथू कांग्रेस पार्टी (YSRCP) में शामिल हुए और आंध्र प्रदेश से राज्यसभा सांसद बने।

अब एक बार फिर झारखंड से राज्यसभा पहुंचकर उन्होंने अपनी राजनीतिक वापसी दर्ज कराई है। उनकी जीत ने न सिर्फ कांग्रेस को झटका दिया है, बल्कि INDIA गठबंधन की एकजुटता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

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समझौते के बाद अमेरिका और ईरान आमने-सामने, 19 जून को होगी पहली वार्ता

संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान शुक्रवार को स्विट्जरलैंड के बुर्गेनस्टॉक पर्वतीय रिसॉर्ट में बैठक की योजना बना रहे हैं। स्विस विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि यह बैठक उनके समझौते को लागू करने के लिए शुरुआती बातचीत के तौर पर होगी।

मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर का वह स्वागत करता है। यह क्षेत्र में तनाव कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

शिन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार, मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि फिलहाल बैठक के एजेंडे और अन्य विवरणों के बारे में कोई अतिरिक्त जानकारी नहीं दी जा सकती।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को ईरान के साथ हुए इस समझौते का जोरदार बचाव किया। उन्होंने इसे एक ऐतिहासिक कूटनीतिक उपलब्धि बताया, जिसके कारण मध्य पूर्व में बड़े युद्ध की आशंका टल गई, होर्मुज स्‍ट्रेट फिर से खुल गया और ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से हमेशा के लिए रोका जा सका।

फ्रांस में जी-7 शिखर सम्मेलन के बाद हुई एक लंबी प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने कई बार इस समझौते को बड़ी सफलता बताया। उनका कहना था कि यह सैन्य दबाव और कूटनीति, दोनों के मेल से संभव हो पाया।

ट्रंप ने कहा रविवार को हमने ईरान के साथ एक ऐसा समझौता किया जिसने हमारे सभी लक्ष्य पूरे कर दिए।

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उन्होंने कहा क‍ि मौजूदा संघर्ष को खत्म करना, होर्मुज स्‍ट्रेट को फिर से खोलना और ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना ही हमारा मुख्य उद्देश्य था।

ट्रंप का कहना था कि अगर सैन्य कार्रवाई जारी रहती, तो खाड़ी क्षेत्र में अस्थिरता और बढ़ती और वैश्विक ऊर्जा बाजार भी प्रभावित होते।

उन्होंने यह भी संकेत दिया कि कुछ शर्तों के साथ अमेरिका ईरान के सिविलियन परमाणु कार्यक्रम को स्वीकार कर सकता है। यह अब तक के सबसे स्पष्ट संकेतों में से एक माना जा रहा है कि वॉशिंगटन आगे ईरान के साथ बातचीत को किस दिशा में ले जा सकता है।

जब उनसे पूछा गया कि अगर ईरान नए समझौते का पालन करता है, तो क्या उसे नागरिक परमाणु कार्यक्रम जारी रखने की अनुमति मिल सकती है, तो ट्रंप ने कहा कि यह एक जटिल मुद्दा है।

उन्होंने कहा मैं उनसे हमेशा कहता रहा हूं कि दुनिया में आपके पास शायद तीसरा सबसे बड़ा तेल भंडार है, फिर आपको परमाणु ऊर्जा की जरूरत ही क्या है?

उन्होंने कहा क‍ि बिजली उत्पादन के लिए कुछ हद तक परमाणु ऊर्जा की जरूरत पड़ सकती है।

ट्रंप ने कहा कि वह लंबे समय से ईरान के इस दावे पर सवाल उठाते रहे हैं कि उसका परमाणु कार्यक्रम केवल शांतिपूर्ण और ऊर्जा उत्पादन के उद्देश्यों के लिए है, क्योंकि देश के पास पहले से ही तेल और गैस के विशाल भंडार मौजूद हैं।

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Ukraine Russia War : यूक्रेन ने रूस पर दागे 1000 से ज्यादा ड्रोन और क्रूज मिसाइलें, तेल डिपो में आग, मॉस्को एयरपोर्ट प्रभावित, जेलेंस्की बोले- यूक्रेन जलेगा तो रूस भी जलेगा

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रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच गुरुवार को यूक्रेन ने रूस पर अब तक के सबसे बड़े ड्रोन हमलों में से एक को अंजाम दिया। रूसी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक रातभर में करीब 1,000 यूक्रेनी ड्रोन और 4 क्रूज मिसाइलों को मार गिराया गया। इनमें से लगभग 200 ड्रोन राजधानी मॉस्को की ओर बढ़ रहे थे। यूक्रेन के राष्ट्रपति Volodymyr Zelenskyy ने इन हमलों को रूस द्वारा यूक्रेनी शहरों पर किए जा रहे हमलों का 'पूरी तरह उचित जवाब' बताया। दूसरी ओर रूस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए यूक्रेन पर 7  मिसाइलें और 239 ड्रोन दागे।

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वायरल वीडियो में दिखी आग की लपटें और धुएं के गुबार

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में मॉस्को के कई इलाकों में आग की लपटें और धुएं के गुबार दिखाई दिए। हमले के दौरान शहर में दहशत का माहौल बन गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, ड्रोन हमले के बावजूद मॉस्को में एयर रेड सायरन नहीं बजाए गए, जिससे लोगों में भ्रम और भय की स्थिति पैदा हो गई।  यूक्रेनी ड्रोन हमलों में तेल रिफाइनरी के अलावा एक ऊंची आवासीय इमारत, औद्योगिक परिसर, सादोवोद शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और कई निजी मकानों को भी नुकसान पहुंचा है।

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तेल रिफाइनरी से टकराए ड्रोन 

रूसी सरकारी समाचार एजेंसी TASS के अनुसार, यूक्रेन के कम से कम सात ड्रोन मॉस्को के कपोतन्या प्रशासनिक क्षेत्र में स्थित तेल रिफाइनरी से टकराए। यह रिफाइनरी रूस की ऊर्जा कंपनी गज़प्रोम नेफ्ट के स्वामित्व में है और क्रेमलिन से महज 15 किलोमीटर दूर स्थित है। 

बताया जा रहा है कि इस रिफाइनरी की वार्षिक तेल शोधन क्षमता 1.2 करोड़ टन है और यह मॉस्को तथा आसपास के क्षेत्रों में खपत होने वाले करीब 70 प्रतिशत पेट्रोल की आपूर्ति करती है।

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रोका गया यातायात 

हमले के बाद मॉस्को की रिंग रोड पर यातायात रोक दिया गया, जबकि डोमोदेदोवो समेत मॉस्को के चार प्रमुख हवाई अड्डों पर उड़ान संचालन अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया। एक्सपर्ट्‍स के मुताबिक 2024 से यूक्रेन ने रूस की तेल रिफाइनरियों को निशाना बनाना तेज कर दिया है। अब तक रूस की 33 प्रमुख रिफाइनरियों में से कम से कम 24 पर हमले किए जा चुके हैं। इन हमलों से रूस के तेल उद्योग को अरबों डॉलर का नुकसान हुआ है और देश में ईंधन संकट की स्थिति भी पैदा हुई है। Edited by : Sudhir Sharma

टेलीग्राम बैन पर दिल्ली हाईकोर्ट का फैसला सुरक्षित

राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) से पहले मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम पर लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध को चुनौती देने वाली याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। टेलीग्राम की ओर से दाखिल याचिका पर जस्टिस तेजस कारिया की बेंच ने सुनवाई की। सुनवाई के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।

सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता वाली रिव्यू कमेटी ने टेलीग्राम के अधिकारियों की बात सुनी है और उनकी दलीलों को रिकॉर्ड पर लिया गया है।

टेलीग्राम की ओर से अदालत में कहा गया कि कानून इस तरह के भेद का प्रावधान नहीं करता। इस पर कोर्ट ने कहा, ”टेलीग्राम की दलील सीधी है कि यदि आधार ही खत्म हो जाता है, तो उसके आधार पर पारित आदेश भी नहीं टिक सकता। हम अंतिम आदेश पर भी विचार करेंगे, इसलिए दोनों पहलुओं पर बहस करना बेहतर होगा।

टेलीग्राम ने केंद्र सरकार के आदेश को कानूनी खामियों से ग्रस्त बताते हुए कहा कि समिति ने सर्वसम्मति से अंतरिम निर्देश की पुष्टि करने की सिफारिश की थी।

टेलीग्राम की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ध्रुव मेहता ने दलील दी ‘क्या यह आदेश भारत की अखंडता और संप्रभुता के हित में है? क्या नीट जैसी परीक्षा भारत की संप्रभुता और अखंडता पर असर डालेगी?” उन्होंने आगे कहा कि सैकड़ों दूसरी एक्टिविटीज चल रही हैं, बिजनेस एक्टिविटीज हैं। वॉट्सऐप पर तो लोग मार्केटिंग कर रहे हैं।

इस दौरान अदालत ने कहा जो हुआ, हम सब जानते हैं। बहुत सारे स्टूडेंट्स पर असर पड़ा। दूसरी बात यह है कि उस एक घटना को रोकने के लिए क्या आप पूरे प्लेटफॉर्म को ब्लॉक कर सकते हैं? सेक्शन 69ए के तहत एक पावर है। उस पावर का इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन उसका कितना इस्तेमाल किया जा सकता है, यह सवाल है।”

सरकार की ओर से पेश तुषार मेहता ने टेलीग्राम की गोपनीयता नीति का हवाला देते हुए कहा, ”टेलीग्राम की प्राइवेसी पॉलिसी में यह भी कहा गया है कि अकाउंट डिलीट करने पर उसमें स्टोर किया गया सारा डेटा, मैसेज और मीडिया डिलीट हो जाएगा।” उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया था कि यह आतंकवादी गतिविधियों के लिए सबसे पसंदीदा प्लेटफॉर्म है और इसकी आर्किटेक्चरल डिजाइन के कारण अन्य क्षेत्रों में भी चुनौतियां पैदा होती हैं।

सुनवाई के दौरान अदालत ने सरकार से पूछा, ”हम 150 मिलियन लोगों के अधिकारों को सिर्फ इसलिए कैसे रोक सकते हैं, क्योंकि कुछ नागरिक परीक्षा दे रहे हैं? सवाल यह है कि क्या आप किसी और के अधिकारों की रक्षा के लिए किसी और के अधिकारों को रोक सकते हैं।

इस पर तुषार मेहता ने जवाब दिया ‘जब किसी राज्य या राज्य के किसी हिस्से में इंटरनेट बैन होता है, तो सिर्फ 10 प्रतिशत लोग ही शरारती हो सकते हैं।

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कोर्ट ने आगे कहा अगर लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति है तो इसकी इजाजत दी जा सकती है। यहां पर तो प्रोपोर्शनैलिटी ((जब दो चीजें इस तरह जुड़ी हों कि एक बदलने पर दूसरी भी बदले) का टेस्ट का मामला है।

तुषार मेहता ने दलील दी कि इस प्लेटफॉर्म पर बहुत सारे ग्रुप और चैनल चल रहे हैं, जिन्हें शायद दूसरे प्लेटफॉर्म पर इस तरह से चलने वाले चैनलों के बारे में कभी नहीं सुना होगा। यह पब्लिक इंटरेस्ट का मामला है, हम स्टूडेंट्स की फीलिंग को इग्नोर नहीं कर सकते।

उन्होंने टेलीग्राम के एक फीचर का जिक्र करते हुए कहा टेलीग्राम के पास एक फीचर है जिसे डेट और टाइम एडिटिंग फीचर कहते हैं। मान लीजिए 21 जून को परीक्षा खत्म होने के बाद सबके पास पेपर है। कोई इसे 22 जून को टेलीग्राम पर पोस्ट कर सकता है और डेट और टाइम बदलकर कह सकता है कि यह 18 जून को अपलोड हुआ था। ऐसा 2024 में हुआ था। अनुराधा भसीन केस में कहा गया है कि आपको संभावित नुकसान और पब्लिक नुकसान के बीच बैलेंस बनाना होगा। यह प्रोपोर्शनैलिटी का बैलेंस है। अगर इस प्लेटफॉर्म पर कुछ होता है तो कौन जिम्मेदारी लेगा?

सॉलिसिटर जनरल ने कहा स्टूडेंट्स परेशान हैं और यह समझ में आता है, लेकिन नेशनल लेवल पर एक एग्जाम की पूरी क्रेडिबिलिटी खराब हो गई है। नुकसान बहुत बड़ा हो सकता है और इसीलिए मैं कह रहा हूं कि इस स्टेज पर कोर्ट दखल न दें। बस इसका एक ही मकसद है कि करोड़ों स्टूडेंट्स को गुमराह न किया जाए।

सरकार की ओर से कहा गया कि उसका यह ऑर्डर अपने आप में पूरा है। यह प्लेटफॉर्म, अपने आर्किटेक्चर की वजह से एक फ्रेंकस्टीन (टुकड़ों से बना, असंगठित और अजीब) है। अगर हमारे जैसा देश रोकथाम के लिए कोई कदम नहीं उठा सकता, तो हम कहां जाएंगे? पैसे के लिए बनाया गया प्लेटफॉर्म प्रोपोर्शनैलिटी की बात करता है। यह तर्क पूरी तरह से गलत है। हमने किसी दूसरे इंटरमीडियरी को नहीं छुआ है, जबकि वे ज्यादा पावरफुल हैं लेकिन हमने उनके खिलाफ एक्शन नहीं लिया है, क्योंकि उनका अपना फिल्टरेशन का तरीका है।

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि हम प्रोसीजर को देखेंगे, लेकिन परेशान करने वाली बात यह है कि क्या आपका आर्किटेक्चर काफी नहीं था और इसीलिए इमरजेंसी पावर्स की जरूरत पड़ी। नीट एग्जाम से पहले टेलीग्राम ऐप प्लेटफॉर्म पर अस्थाई बैन लगाने के केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ दाखिल टेलीग्राम की याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने फैसला सुरक्षित कर लिया है।

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E20 पेट्रोल से गाड़ी के फ्यूल टैंक पर चींटियां आती हैं? वायरल वीडियो पर BPCL ने बताई सच्चाई

देश में E20 पेट्रोल को लेकर सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक कार के फ्यूल फिलर कैप (जहां पेट्रोल डाला जाता है) के आसपास बड़ी संख्या में चींटियां दिखाई दे रही हैं। दावा किया जा रहा है कि E20 पेट्रोल की वजह से चींटियां आकर्षित हो रही हैं और वाहन में जमा हो रही हैं।

हालांकि, इस दावे को भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) ने पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया है।

क्या है वायरल वीडियो?

वायरल क्लिप में एक कार के फ्यूल फिलर कैप के पास चींटियों का झुंड नजर आता है। वीडियो में कैप पर लगा E20 स्टिकर भी दिखाई देता है, जिससे यह दावा किया जाने लगा कि E20 पेट्रोल में मौजूद एथेनॉल चींटियों को आकर्षित करता है।

हालांकि, वीडियो में पूरी कार या घटना की पृष्ठभूमि नहीं दिखाई गई है और यह भी स्पष्ट नहीं है कि वीडियो कब और कहां का है।

BPCL ने क्या कहा?

BPCL ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दावों की जांच के बाद कहा कि E20 पेट्रोल और चींटियों के बीच किसी भी तरह का संबंध होने का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है।

कंपनी के मुताबिक, पेट्रोल में मिलाया जाने वाला एथेनॉल फर्मेंटेशन और डिस्टिलेशन जैसी प्रक्रियाओं से तैयार किया जाता है, जिनमें शर्करा (चीनी) पूरी तरह खत्म हो जाती है। इसके अलावा, फ्यूल ग्रेड एथेनॉल में ऐसे रसायन (Denaturants) मिलाए जाते हैं, जो कीड़ों और कीट-पतंगों को दूर रखते हैं।

BPCL ने यह भी स्पष्ट किया कि E20 पेट्रोल में पेट्रोल की गंध ही प्रमुख रहती है और इसमें ऐसा कोई तत्व नहीं होता जो चींटियों या अन्य कीड़ों को आकर्षित करे।

कंपनी ने साफ शब्दों में कहा कि सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे दावे “निराधार हैं और किसी भी वैज्ञानिक प्रमाण से समर्थित नहीं हैं।”

क्या है E20 पेट्रोल?

E20 पेट्रोल सामान्य पेट्रोल और 20 प्रतिशत एथेनॉल का मिश्रण होता है। एथेनॉल एक जैव ईंधन (Biofuel) है, जिसे मुख्य रूप से गन्ने, मक्का और अन्य कृषि उत्पादों से बनाया जाता है।

सरकार E20 को बढ़ावा इसलिए दे रही है ताकि कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) के आयात पर भारत की निर्भरता कम हो और प्रदूषण में भी कमी आए। एथेनॉल पेट्रोल की तुलना में अपेक्षाकृत स्वच्छ ईंधन माना जाता है, जिससे कार्बन मोनोऑक्साइड और अन्य हानिकारक गैसों का उत्सर्जन कम होता है।

क्या E20 से गाड़ी को नुकसान होता है?

विशेषज्ञों के अनुसार, आजकल बाजार में आने वाली अधिकांश नई कारें और दोपहिया वाहन E20 ईंधन के अनुकूल (Compatible) बनाए जा रहे हैं। हालांकि, कुछ पुराने वाहनों में मामूली बदलाव की जरूरत पड़ सकती है और माइलेज में हल्की कमी देखने को मिल सकती है।

फिलहाल BPCL के स्पष्टीकरण के बाद यह साफ हो गया है कि E20 पेट्रोल की वजह से चींटियां फ्यूल टैंक के पास जमा होती हैं, ऐसा दावा वैज्ञानिक रूप से गलत है और वायरल वीडियो के आधार पर इस तरह की बातों पर विश्वास नहीं करना चाहिए।

बुखार घर में ठीक हो जाएगा; हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी ने ठुकराया क्लेम तो इंटरनेट पर मचा बवाल

Viral News Today: सोशल मीडिया एक्स पर तेजी से वायरल हो रहा एक पोस्ट स्वास्थ्य बीमा उद्योग की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा कर दिया है। एक महिला ने अपने भाई के लिए आदित्य बिरला हेल्थ इंश्योरेंस की पॉलिसी ली, लेकिन 5 दिन अस्पताल में भर्ती रहने के बावजूद कंपनी ने दावा खारिज कर दिया।

मुख्यमंत्री योगी ने प्राकृतिक खेती में विशिष्ट कार्य करने वाले किसानों को किया सम्मानित

Chief Minister Yogi honored farmers who have done exemplary work in natural farming

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्राकृतिक खेती में विशिष्ट कार्य करने वाले किसानों को सम्मानित किया। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में आयोजित प्राकृतिक खेती कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब देश का अन्नदाता किसान समृद्ध और स्वस्थ होगा। उन्होंने किसानों से रासायनिक खेती के स्थान पर प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती किसानों की लागत घटाने के साथ समाज को स्वस्थ बनाने का माध्यम बन सकती है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश के 34 जिलों में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के लिए स्वस्थ भारत और समृद्ध किसान सबसे महत्वपूर्ण आधार हैं। गंगा तट के 27 जिलों और बुंदेलखंड क्षेत्र के सात जिलों को विशेष रूप से प्राकृतिक खेती के लिए चिन्हित किया गया है।

मुख्यमंत्री योगी ने इन किसानों को किया सम्मानित 

छोटेलाल- पैगूपुर

राजेश कुमार त्रिपाठी- शिवराजपुर 

आशीष कुमार- कल्याणपुर 

सुनील सिंह कटियार-बिल्हौर

फूल सिंह यादव- झींझक 

दिनेश कुमार- मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना- 5 लाख रुपए का चेक

उमा सिंह- मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना- 5 लाख रुपए का चेक

विपिन्न शुक्ला- श्री अन्न की मिनीकिट 

आशीष कुमार- श्री अन्न की मिनीकिट
 

 Edited By : Chetan Gour

झारखंड से राज्यसभा के लिए चुने गए एनडीए समर्थित परिमल नाथवानी और झामुमो के बैजनाथ

झारखंड से राज्यसभा की दो सीटों के लिए हुए चुनाव के नतीजे सामने आ गए हैं। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के उम्मीदवार बैजनाथ राम और एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी को जीत हासिल हुई है, वहीं कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार प्रणव झा को पराजय का सामना करना पड़ा। 

आधिकारिक तौर पर परिणाम की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन परिमल नाथवानी ने सोशल मीडिया पर अपनी जीत की जानकारी देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित एनडीए और भाजपा का आभार जताया है।

मतगणना के अनुसार, झामुमो प्रत्याशी बैजनाथ राम को 31 और भाजपा समर्थित परिमल नाथवानी को 28 वोट मिले हैं। उनके पक्ष में गिरे 2 वोट इनवैलिड करार दिए गए। कांग्रेस के प्रणव झा को 21 वोट मिले हैं। उनके पक्ष में किया गया एक वोट कैंसिल किया गया है। इस तरह राज्यसभा की दोनों सीटों पर मुकाबला कर रहे इंडिया गठबंधन और एनडीए समर्थित प्रत्याशी ने एक-एक सीट अपने खाते में दर्ज की।

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परिमल नाथवानी ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि राज्यसभा सदस्य के रूप में चौथी बार सेवा करने का अवसर मिलना उनके लिए गौरव और जिम्मेदारी का विषय है। उन्होंने कहा कि झारखंड से यह उनका तीसरा कार्यकाल होगा और वर्ष 2008 में इसी राज्य से उनकी संसदीय यात्रा शुरू हुई थी।

नाथवानी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा नेतृत्व और एनडीए के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह झारखंड के हितों और विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते रहेंगे। इससे पहले विधानसभा परिसर में हुए मतदान में सभी 81 विधायकों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत सत्ता पक्ष और विपक्ष के सभी प्रमुख नेताओं ने मतदान किया। दिन का अंतिम वोट झामुमो नेता एवं मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने डाला। मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने के बाद देर शाम मतगणना शुरू हुई और परिणाम घोषित किए गए। राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलकों में खास दिलचस्पी थी।

इंडिया गठबंधन ने झामुमो के बैजनाथ राम और कांग्रेस के प्रणव झा को मैदान में उतारा था, जबकि एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर परिमल नाथवानी चुनाव लड़ रहे थे। मतदान से पहले दोनों खेमों ने अपने-अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए बैठकें और रणनीतिक कवायद भी की थी।

Pic Credit : ANI