Hiccups Relief Tips: बार-बार हिचकी क्यों आती है? जानें कारण और आसान उपचार

An image providing information on immediate and effective remedies to stop hiccups

Hiccups Causes and Cure: हिचकी आना एक बहुत ही आम बात है, लेकिन जब यह लगातार आने लगे, तो यह किसी को भी परेशान और असहज कर सकती है। वैज्ञानिक नजरिए से देखें, तो हिचकी हमारे पेट और फेफड़ों के बीच मौजूद 'डायफ्राम' (Diaphragm) नामक मांसपेशी के अचानक सिकुड़ने (Spasm) की वजह से आती है। जब यह सिकुड़ती है, तो हमारी वोकल कॉर्ड्स यानी आवाज की नली तेजी से बंद होती है, जिससे 'हिक' की आवाज निकलती है।ALSO READ: पिंडली के दर्द से छुटकारा पाने के 5 कारगर तरीके जानें

 

आइए जानते हैं कि ज्यादा हिचकी आने के मुख्य कारण क्या हैं और इसे रोकने के प्रभावी उपाय क्या हो सकते हैं:

 

ज्यादा हिचकी आने के मुख्य कारण

सामान्य तौर पर हिचकी हमारे खान-पान और जीवनशैली की कुछ छोटी-छोटी गलतियों या बदलावों की वजह से आती है:

 

जल्दी-जल्दी खाना: बहुत तेजी से खाना खाने या बिना ठीक से चबाए निगलने से पेट में हवा चली जाती है, जिससे हिचकी शुरू हो सकती है।

 

जरूरत से ज्यादा खाना/ओवरइटिंग: जब पेट अपनी क्षमता से ज्यादा भर जाता है, तो वह डायफ्राम पर दबाव डालता है।

 

तीखा या मसालेदार भोजन: बहुत ज्यादा मिर्च-मसाले वाला खाना भोजन नली में जलन पैदा कर सकता है, जो डायफ्राम को उत्तेजित करता है।

 

कार्बोनेटेड ड्रिंक्स: कोल्ड ड्रिंक्स, सोडा या बीयर जैसे पेय पदार्थों में मौजूद गैस पेट को फुला देती है, जिससे हिचकी आती है।

 

तापमान में अचानक बदलाव: बहुत गर्म चाय या कॉफी पीने के तुरंत बाद कुछ बहुत ठंडा पी लेने से भी डायफ्राम सिकुड़ सकता है।

 

तनाव या ज्यादा उत्साह: बहुत अधिक तनाव, घबराहट या अत्यधिक खुशी (इमोशनल स्ट्रेस) भी हिचकी को ट्रिगर कर सकते हैं।

 

हिचकी रोकने के तुरंत और असरदार उपाय

ज्यादातर मामलों में हिचकी कुछ ही मिनटों में खुद ठीक हो जाती है। लेकिन अगर आप इसे जल्दी रोकना चाहते हैं, तो ये घरेलू उपाय आजमा सकते हैं:

 

ठंडा पानी पिएं: एक गिलास ठंडा पानी बिना रुके घूंट-घूंट करके पिएं। इससे वोकल कॉर्ड्स की नसें रिलैक्स होती हैं।

 

सांस रोकें: एक गहरी सांस अंदर लें और जितनी देर हो सके या 10-20 सेकंड तक सांस को (Breath Holding) रोक कर रखें, फिर धीरे-धीरे छोड़ें। इसे 3-4 बार दोहराएं।

 

चीनी खाएं: एक चम्मच सूखी चीनी मुंह में रखें और उसे धीरे-धीरे निगल लें। चीनी की मिठास वेगस नर्व (Vagus Nerve) को भटकाने का काम करती है।

 

नींबू और काला नमक: नींबू के एक छोटे टुकड़े पर थोड़ा सा काला नमक लगाकर चूसें। इसका खट्टापन नसों को डायवर्ट कर देता है।

 

पेपर बैग में सांस लें: एक छोटे पेपर बैग यानी कागज की थैली के अंदर मुंह और नाक डालकर सांस लें। इससे खून में कार्बन डाइऑक्साइड का स्तर थोड़ा बढ़ता है, जिससे डायफ्राम रिलैक्स होता है। ध्यान रहे इस क्रिया के लिए प्लास्टिक बैग का इस्तेमाल न करें।

 

घुटनों को छाती से लगाएं: किसी आरामदायक जगह पर बैठ जाएं और अपने दोनों घुटनों को छाती की तरफ खींचकर 1-2 मिनट तक गले से लगाकर रखें। इससे डायफ्राम पर दबाव पड़ता है और सिकुड़न रुक सकती है।

 

विशेष नोट: अगर आपकी हिचकी 48 घंटे यानी 2 दिन से अधिक समय तक लगातार बनी रहती है या आपको इसके साथ सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ या निगलने में परेशानी हो रही है, तो घरेलू उपाय छोड़कर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। यह किसी अंदरूनी मेडिकल कंडीशन, जैसे- एसिड रिफ्लक्स, नसों की समस्या या इन्फेक्शन का संकेत हो सकता है।

 

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