FIFA WC में सिर्फ एक गोल कर पाए फेराल टोरस पर दिला गए खिताबी जीत

Ferran Torres

फेरान टोरेस, यह नाम शायद फीफा विश्वकप के शुरुआत तो छोड़िए फीफा विश्वकप फाइनल शुरु होने से पहले भी शायद ही किसी ने सुना हो। लेकिन फीफा विशवकप फाइनल खत्म होने से पहले अंतिम लम्हों में उन्होंने गोल कर अपना नाम मशहूर कर लिया। यह गोल उन्होंने अतिरिक्त समय में मैच के 106 वें मिनट में किया जब उनको हेडर के रुप में असिस्ट मिला।

स्पेन के लिये विश्व कप फाइनल में विजयी गोल भले ही फेरान टोरेस ने दागा हो लेकिन यह टीम के दो सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों और दो स्थानापन्न खिलाड़ियों के आपसी तालमेल से ही संभव हो सका।गोल के लिये तैयारी अतिरिक्त समय के दूसरे हाफ की शुरूआत में ही हो चुकी थी जब एंजो फर्नांडिस को 93वें मिनट में दूसरा पीला कार्ड मिलने के कारण बाहर जाना पड़ा और अर्जेंटीना दस खिलाड़ियों तक सिमट गई थी।

युवा लामिन यमाल ने दाहिने विंग से गेंद को लपका और पेड्रो पोरो को पास दिया। पोरो का दाहिने पैर से लगा क्रॉस लगभग बाहर ही चला गया था लेकिन 75वें मिनट में मैदान पर आये निको विलियम्स ने हेडर से गेंद टोरेस के हवाले की।स्थानापन्न खिलाड़ी के तौर पर आये टोरेस ने बायें पैर से गेंद लपक ली और अर्जेंटीना के चुस्त गोलकीपर एमिलियानो मार्तिनेज को चकमा देकर 106वें मिनट में गोल कर दिया।

टोरेस ने बाद में कहा ,‘‘ यह 47 मिलियन लोगों द्वारा किया गया गोल था। मैं बहुत खुश हूं। विश्व कप में मेरी काफी आलोचना हुई लेकिन शायद यह गोल मेरी किस्मत में था।’उन्होंने कहा ,‘‘ जो हकदार होते हैं और भरोसा रखते हैं, भगवान उनकी झोली भर देता है।’’

ना खिताब मिला ना गोल्डन बूट, मेस्सी नहीं कर पाए परिकथा अंत (Video)

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FIFA World Cup का टूर्नामेंट जिस हिसाब से जा रहा था ऐसा लग रहा था कि लियोनेल मेस्सी के करियर का परिकथा अंत होगा। लेकिन उनके हाथ ना ही खिताब लगा और ना ही पैर पर गोल्डन बूट लगा। मेस्सी के लिए बस एक बात अच्छी रही कि  वह पिछले साल विजेता टीम का हिस्सा थे अन्यथा इस महान फुटबॉलर को बिना किसी वैश्विक खिताब के रवाना होना पड़ता।

आखिरी सीटी बजने पर उनकी आंखों में नमी और चेहरे पर निराशा को सभी ने देखा। एक तरफ स्पेन के खिलाड़ी जश्न मना रहे थे तो दूसरी तरफ मेस्सी और उनकी टीम स्टेडियम के दक्षिणी छोर पर अर्जेंटीना के समर्थकों को धन्यवाद दे रही थी और शायद माफी भी मांग रही थी।

बार्सीलोना और पेरिस सेंट जर्मेन के साथ 12 लीग और चार चैम्पियंस लीग खिताब जीतने के बाद मेस्सी ने जब यूरोपीय फुटबॉल से विदा लेकर तीन साल पहले एमएलएस का रूख किया तो लोगों को लगा कि वह रिटायर होकर अमेरिका में बस जायेंगे ।

लेकिन वह एक बार फिर अर्जेंटीना को विश्व कप फाइनल तक ले गए जिनमें उनके खाते में आठ गोल आये और चार में वह सहायक रहे। विश्व कप में उनके 21 गोल हो गए हैं और शनिवार को तीसरे स्थान के मुकाबले में फ्रांस के कीलियन एमबाप्पे (22 गोल) के आगे निकलने तक वह शीर्ष पर थे। तीन विश्व कप फाइनल खेलने वाले पहले खिलाड़ी मेस्सी के 125 अंतरराष्ट्रीय गोल हैं और वह सिर्फ क्रिस्टियानो रोनाल्डो (146) से पीछे हैं।

स्पेन के खिलाड़ी आखिरी सीटी बजने के बाद मेस्सी को ढांढस बंधाने आये। मेस्सी मैदान पर बैठ गए और हाथ पीछे रखकर एकटक देखते रहे। उपविजेता का पदक लेने आये तो मुस्कुराने की कोशिश की लेकिन नाकाम रहे।फिर अपने विचारों में खोये हुए, दुख को छिपाने की कोशिश करते मैदान के एक कोने से चुपचाप बाहर चले गए। विश्व कप से शायद आखिरी बार।

IND vs ENG: ‘शोर नहीं होगा तो मजा नहीं आएगा’, रिटायरमेंट की अफवाहों पर रोहित शर्मा ने तोड़ी चुप्पी

IND vs ENG: भारत और इंग्लैंड के बीच 3 मैचों की वनडे सीरीज को इंग्लैंड ने 2-1 से अपने नाम किया है। वहीं लॉर्ड्स में वनडे से पहले रोहित शर्मा के संन्यास को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही थीं। तीसरे मुकाबले में रोहित शर्मा ने 110 गेंदों में 138 रन की तूफानी पारी खेली है। वहीं मैच के बाद ने रोहित ने अपने रिटायरमेंट की खबरों रिएक्शन दिया है। जब रोहित से इन अफवाहों पर सवाल किया गया तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “शोर नहीं होगा तो मजा भी नहीं आएगा।”

भारत सीरीज हार गई लेकिन रोहित ने शानदार शतक जड़कर ये साफ कर दिया कि वह अभी वनडे क्रिकेट से विदाई लेने के मूड में नहीं हैं। टीम के लिए बड़ी पारियां खेलने का दम रखते हैं।

रिटायमेंट पर रोहित ने क्या कहा

रोहित ने BCCI.tv से कहा, “मेरा काम मेरे बल्ले से जवाब देना है। मैदान पर उतरकर देश का प्रतिनिधित्व करना ही मेरी जिम्मेदारी है और डेब्यू के दिन से मैं यही करता आ रहा हूं।” उन्होंने आगे कहा, “जब से मैंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलना शुरू किया है, तब से मेरे बारे में बातें होती रही हैं और जब तक मैं खेलूंगा, यह सिलसिला चलता रहेगा। मुझे इन बातों से कोई खास फर्क नहीं पड़ता। मेरे लिए सबसे अहम यह है कि मैं मैदान पर अच्छा प्रदर्शन करूं और टीम की जीत में अपना योगदान दूं।”

 

आलोचकों को दिया ये जवाब

रोहित शर्मा ने साफ किया कि वह आलोचनाओं और अफवाहों को किस तरह देखते हैं। रोहित शर्मा ने कहा, “जब शोर नहीं होता, तो मजा नहीं आता। मेरा काम मैदान के अंदर अपना खेल दिखाना है, जबकि बाहर क्या बातें होती हैं, वह लोगों का काम है। मैं हमेशा इसे इसी नज़रिए से देखता हूं।” रोहित शर्मा को लेकर आगे भी तरह-तरह की चर्चाएं और सवाल उठते रह सकते हैं, लेकिन लॉर्ड्स में उनकी शानदार बल्लेबाजी ने साफ कर दिया कि वह अभी भी भारतीय टीम के लिए बड़ी पारियां खेलने का दम रखते हैं

2027 वर्ल्ड कप जीतना है भारत का लक्ष्य

अब रोहित शर्मा का पूरा ध्यान वनडे क्रिकेट पर है और उनकी सबसे बड़ी मंजिल 2027 वनडे वर्ल्ड कप मानी जा रही है। 2023 वर्ल्ड कप फाइनल में मिली हार का दर्द आज भी उनके साथ जुड़ा हुआ है। उस हार के बाद वह काफी निराश हो गए थे और खुद को संभालने में उन्हें काफी समय लगा। रोहित शर्मा टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद टी20 से संन्यास ले लिया और फिर टेस्ट क्रिकेट को भी अलविदा कह दिया। अब उनका पूरा फोकस सिर्फ वनडे क्रिकेट पर है। माना जा रहा है कि रोहित की सबसे बड़ी कोशिश 2027 वनडे वर्ल्ड कप में भारत को चैंपियन बनाना है, ताकि वह अपने करियर का सबसे बड़ा अधूरा सपना पूरा कर सकें।

रोहित ने खेली शानदार पारी

रोहित शर्मा ने अपनी फिटनेस पर भी काफी मेहनत की है। रोहित ने करीब 10 किलो वजन घटाया, जिससे साफ पता चलता है कि वह अभी भी लंबे समय तक भारतीय टीम के लिए खेलना चाहते हैं। 388 रन के मुश्किल लक्ष्य का पीछा करते हुए रोहित शर्मा ने शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। उन्होंने शुरुआत में संभलकर खेला और फिर अपने आक्रामक अंदाज में इंग्लैंड के गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। रोहित ने मैदान के चारों ओर बेहतरीन शॉट लगाए और तेजी से रन बटोरे। उन्होंने 125 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से 138 रन की शानदार पारी खेली, जिसमें 17 चौके और 5 छक्के शामिल रहे। उनकी यह पारी भारत की उम्मीदों को काफी देर तक जिंदा रखे रही, लेकिन बाद में वह जैकब बेथेल की गेंद पर आउट हो गए।

कार्डिफ में खेले गए दूसरे वनडे में भारत की हार के बाद रोहित शर्मा के वनडे क्रिकेट से रिटायरमेंट लेने की चर्चा काफी बढ़ गई थी। कई रिपोर्ट्स में कहा गया कि, लॉर्ड्स वनडे उनके करियर का आखिरी मैच हो सकता है। वहीं, बीसीसीआई ने इन खबरों को गलत बताते हुए किसी भी तरह की रिटायरमेंट की बात से इनकार कर दिया था।