सोशल मीडिया पर इन दिनों विदेशी महिला टूरिस्ट का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में विदेशी महिला भारत में अपने घूमने के एक्सपीरिएंस को शेयर करती हुई नजर आ रही है। उसने बताया कि भारत के कई राज्यों की यात्रा के दौरान उसे सार्वजनिक जगहों पर मोबाइल इस्तेमाल करने में कोई डर नहीं लगा। वहीं इस मामले में भारत उन्हें लंदन से भी ज्यादा सेफ लगा। सोशल मीडिया पर ये वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वहीं इस वीडियो पर लोगों ने अपना रिएक्शन भी दिया है।
डिजिटल क्रिएटर एम्मा ने बताया कि, केरल और मेघालय समेत भारत के कई राज्यों की यात्रा के दौरान उनका एक्सपीरिएंस काफी अच्छा रहा। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा, “ये बात विवादित लग सकती है, लेकिन सच कहूं तो मुझे लंदन की तुलना में भारत में अपना फोन इस्तेमाल करने को लेकर कम चिंता हुई।”
सड़कों पर रिकॉर्ड की वीडियो
वीडियो में एम्मा भारत की सड़कों पर आराम से चलते हुए अपने फोन से व्लॉग रिकॉर्ड करती नजर आती हैं। वह बिना किसी डर के खुलेआम मोबाइल का इस्तेमाल करती दिखाई देती हैं। वीडियो पर लिखा था, “मैं भारत में अपना फोन हाथ में लेकर चल रही हूं।” इसके बाद वीडियो का दूसरा हिस्सा लंदन का है, जहां वह अपना फोन पहले सावधानी से बैग में रखती हैं और फिर उसे सेफ रखने के लिए मजबूती से हाथ में पकड़ लेती हैं।
फोन की नहीं थी चिंता
उन्होंने लिखा, “केरल, वर्कला, गुवाहाटी और मेघालय जैसी जगहों की यात्रा करने के बाद मेरी सोच पूरी तरह बदल गई। भारत आने से पहले मैंने जो बातें सुनी थीं, मेरा अनुभव उनसे बिल्कुल अलग रहा। मैं आराम से वीडियो शूट कर रही थी, खुलेआम अपना फोन इस्तेमाल कर रही थी और एक पल के लिए भी मुझे यह महसूस नहीं हुआ कि मुझे हर समय अपना सामान संभालकर रखना है।”
लंदन में फोन चोरी का डर
उन्होंने अपने इस अनुभव की तुलना लंदन की रोजमर्रा की जिंदगी से करते हुए लिखा, “वहीं दूसरी ओर लंदन में हालात बिल्कुल अलग हैं। वहां मुझे हमेशा फोन चोरी होने की चिंता रहती है। सच कहूं तो ऐसा लगता है जैसे मेरा फोन मेरे हाथ से चिपका हुआ हो, क्योंकि मैं उसे एक पल के लिए भी ढीला नहीं छोड़ती।” उन्होंने आगे लिखा, “हर जगह के अपने-अपने जोखिम होते हैं और यह सिर्फ मेरा निजी अनुभव है। मेरा यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि कहीं भी बिना सावधानी के घूमना चाहिए। लेकिन इतना जरूर कहना चाहूंगी कि इंटरनेट पर जो बातें दिखाई देती हैं, वे हमेशा पूरी सच्चाई नहीं बतातीं।”
लोगों ने पोस्ट पर किए कमेंट
उनकी पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही। वहीं इस तुलना पर लोग अपनी-अपनी राय रखी और अपने यात्रा के एक्सपीरिएंश भी शेयर किए। कई यूजर्स ने कहा कि उन्हें भारत के कई शहरों में खुलेआम फोन इस्तेमाल करने में सुरक्षित महसूस हुआ, वहीं कुछ लोगों का मानना था कि सुरक्षा हर शहर और इलाके के हिसाब से अलग हो सकती है। एक यूजर ने लिखा, “बिल्कुल सही… यूके में तो अब घड़ियां भी सुरक्षित नहीं हैं।” दूसरे यूजर ने कहा, “ये वीडियो शेयर करने के लिए धन्यवाद। आजकल चोरी के मामलों में यूरोप, भारत के मुकाबले ज्यादा असुरक्षित लगता है।”
एक दूसरे यूजर ने कहा, “भारत में ज्यादा समस्या स्कैम की है, सड़क पर फोन छीनने जैसी घटनाएं उतनी आम नहीं हैं, क्योंकि यहां ज्यादातर लोगों के पास पहले से अच्छे स्मार्टफोन हैं।” वहीं, एक अन्य यूजर ने लिखा, “ऐसा बिल्कुल नहीं है। मेरे एक दोस्त के भाई का फोन गुरुग्राम में सड़क पर चलते समय बात करते-बात करते छीन लिया गया था। हम भी सड़क पर चलते समय अपना फोन या हैंडबैग हमेशा सुरक्षित रखते हैं। मुझे लगता है कि यह पोस्ट सिर्फ ध्यान खींचने के लिए बनाई गई है।”
Viral Post: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है। पोस्ट में एक प्राइवेट स्कूल में काम करने वाली टीचर की सैलरी सुनकर हर कोई हैरान है। सोशल मीडिया पर किए गए एक पोस्ट में एक यूजर ने बताया की बेंगलुरु के एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ाने वाली टीचर की कथित 6,000 रुपये मासिक सैलरी मिलती है। सोशल मीडिया पर ये पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है। व्यक्ति के इस दावे के बाद लोगों के बीच प्राइवेट स्कूलों में शिक्षकों के कम वेतन और बड़े शहरों में लगातार बढ़ रही खर्चों को लेकर बहस शुरू हो गई है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा पोस्ट
सोशल मीडिया एक्स (X) पर मोहम्मद नौसाथ नाम के एक यूजर ने दावा किया कि, उनकी भाभी को बेंगलुरु के एक प्री-स्कूल में टीचर की नौकरी मिली है। उन्होंने बताया कि उन्हें हर महीने केवल 6,000 रुपये वेतन देने की बात कही गई। अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा, “मेरी भाभी को अभी-अभी बेंगलुरु के एक प्ले-स्कूल/किंडरगार्टन में टीचर की नौकरी मिली है और उन्हें हर महीने सिर्फ 6,000 रुपये वेतन मिलेगा। एक तरफ स्कूलों की फीस लगातार बढ़ रही है, जबकि दूसरी तरफ शिक्षकों को इतनी कम सैलरी दी जा रही है। आखिर कोई भी व्यक्ति किसी मेट्रो शहर में 6,000 रुपये महीने में कैसे गुजारा कर सकता है?” इसके साथ ही उन्होंने लोगों से इस मुद्दे पर अपनी राय भी मांगी।
My sister-in-law just got a job as a playschool/kindergarten teacher and she’ll be paid a whopping 6,000 per month in Bangalore!
While school fees are skyrocketing, teacher salaries are plummeting.
How on earth can anyone live on under ₹6,000 a month in a metro city?
ये पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यूजर ने इस पर तरह-तरह के रिएक्श दे रहे हैं। कई यूजर्स ने प्राइवेट स्कूलों में टीचरों को मिलने वाले कम वेतन, काम करने की परिस्थितियों और शिक्षा क्षेत्र में वेतन व्यवस्था को लेकर खुलकर अपनी राय रखी। कई यूजर्स ने इतनी कम सैलरी पर कर्मचारियों से की जाने वाली उम्मीदों पर सवाल उठाए। एक व्यक्ति ने व्यंग्य करते हुए लिखा कि 6,000 रुपये महीने में पहले किराया, बिजली-पानी के बिल, पढ़ाई और राशन का खर्च निकाल लें, फिर अगर कुछ पैसे बच जाएं तो परिवार के साथ बाहर खाना भी खा सकते हैं।
इन दावों को कुछ लोगों ने किया खारिज
वहीं कई लोगों ने इस दावे पर भरोसा नहीं किया। उनका कहना था कि बेंगलुरु जैसे बड़े शहर में किसी शिक्षक को सिर्फ 6,000 रुपये महीने की सैलरी मिलना यकीन करना मुश्किल है। एक यूजर ने टिप्पणी की कि दक्षिण भारत के कई इलाकों में निर्माण कार्य करने वाले मजदूर भी इससे कहीं अधिक कमाई कर लेते हैं, इसलिए इस दावे की सच्चाई पर सवाल उठना स्वाभाविक है। एक अन्य यूजर ने इस कथित वेतन की तुलना दूसरे क्षेत्रों में मिलने वाली शुरुआती नौकरियों की सैलरी से की। उनका कहना था कि कई संस्थानों में हेल्पर और सपोर्ट स्टाफ को भी इससे अधिक वेतन मिलता है। ऐसे में एक शिक्षक को सिर्फ 6,000 रुपये महीने मिलने का दावा कई लोगों को अविश्वसनीय लगा।
India’s mandatory rollout of E20 petrol has come under renewed scrutiny after a series of public complaints, political criticism and viral social media posts incited fresh debate over the ethanol blending programme. Meanwhile, manufacturers such as Toyota, Maruti Suzuki and Hero Motocorp have publicly defended the E20 policy.
The controversy heightened early last week after reports emerged of Attorney General for India, R Venkataramani, describing the country’s ethanol blending programme as an “experiment” during a court hearing, saying its results would only be known next year. Though the government later denied that the remark referred to the E20 policy and Venkataramani clarified that he was speaking about ethanol supply volumes rather than the fuel itself, the comments have intensified an already growing backlash.
Auto manufacturers express support for India’s ethanol blending programme
No E20-related issues recorded in non-compliant vehicles so far, claim manufacturers
At a government briefing held on July 4, several automotive manufacturers and industry representatives mounted a coordinated defence of the ethanol blending programme. Maruti Suzuki’s Senior Executive Officer for Corporate Affairs, Rahul Bharti, acknowledged the key concern of E20’s impact on E10-compliant and older vehicles.
“India mandated E20 from 2023 for material compliance, and before that it was E10. Obviously, after 2023 both the cars and the fuel are mandated for E20,” he said. For perspective, E20 compliance was mandated as part of Bharat Stage 6 Phase 2 regulations, which went into effect from April 2023 onwards.
However, Bharti claimed that Maruti Suzuki had tested older E10-compatible vehicles on E20 and found no significant concerns related to wear, corrosion, or component durability. “As a manufacturer we have tested E10 cars, which were prevalent before 2023, on E20 fuel for all parameters, and we have not found anything of concern,” stated Bharti.
Hero MotoCorp Chief Business Officer Ashutosh Verma concurred with Bharti’s statement, confirming that analysis of crores of service records had not found a higher incidence of vehicle damage in vehicles running on E20 compared with earlier fuel blends. Vikram Gulati, Country Head and Executive Vice President of Toyota Kirloskar Motor, added that the auto industry features highly stringent regulations, and that vehicles and fuels are put through extensive testing, certification, and homologation before reaching customers.
Gulati also said that ethanol is a cleaner, high-performance fuel that helps cut vehicle emissions and reduces India’s dependence on crude oil imports. Former Engineers India chairman and managing director Vartika Shukla echoed Gulati, stating that the transition to E20 was carried out via a phased, scientifically driven process involving auto manufacturers and testing agencies. She noted that ethanol blending had increased from around 1.5 percent in 2013-14 to 20 percent by December 2025, achieving the government’s target five years ahead of schedule.
Petroleum minister Hardeep Singh Puri remarked at a separate briefing on July 2: “They use it [ethanol] in racing cars also, the acceleration increases. Mileage, yes, it may drop a little.” Puri’s comments are not germane to public concerns at all, as race cars use ethanol solely for performance, and the mileage drop is the central pain point for the overwhelming majority of vehicle owners. Race car engines are also designed to take full advantage of ethanol and are frequently rebuilt, with the latter residing completely outside the realm of reason for the average motorist.
Toyota attributes Innova Hycross issue to fuel contamination
The Hycross in question belonged to Manoj Kashyap, a Bihar-based content creator
Motorists across India have emerged in droves online to voice concerns over reduced fuel efficiency, vehicle performance, and the long-term complications of using E20 petrol. A recent video posted by Bihar-based content creator Manish Kashyap gained immense traction on social media, showing his Toyota Innova Hycross hybrid at a service centre after it reportedly developed engine vibration and knocking issues at around 12,000km.
Kashyap blamed the issue on E20 petrol, criticised Union Road Transport Minister Nitin Gadkari (a major proponent of the ethanol-blending programme), and argued that consumers should have the option of purchasing unblended petrol. Responding to Kashyap’s viral claims, Toyota said it conducted an investigation on the damaged Innova Hycross and found no link between the car’s fault and E20 petrol, and that the culprit was actually contaminated fuel.
Toyota Innova Hycross hybrid. Image used for representation only.
“Based on our detailed technical assessment of the vehicle, the issue was due to fuel contamination,” Toyota noted in its statement. The Japanese carmaker said its technicians drained and cleaned the fuel tank and lines before refilling the vehicle with standard E20 petrol. Following the procedure, the Innova Hycross was found to be operating normally and was returned to Kashyap.
“The incident is not related to E20 fuel usage and was solely caused by non-standard and contaminated fuel,” Toyota added, advising customers to refuel only at authorised and reputed fuel stations. Contaminated fuel is a legitimate issue across the country and is compounded further by the introduction of E20, as fuel-related damage in vehicles becomes more difficult to pin down – ethanol is hygroscopic in nature, which means it can draw moisture from air and rot plastic and rubber components in the fuel system, especially in non-compliant vehicles.
Opposition voices disapproval of E20 policy implementation
Hundreds showed up to an anti-E20 protest in Delhi
Despite the industry’s defence, criticism surrounding the ethanol blending policy continues to grow in the political arena. Opposition leader Priyank Kharge argued that the rollout lacked adequate consultation and that the government could not dismiss consumer concerns while its own assessment remained pending. Political analyst Tehseen Poonawalla staged a protest against the mandatory E20 rollout at Jantar Mantar in New Delhi on July 5, which was attended by hundreds of aggrieved motorists.
The government, meanwhile, has continued to back E20, saying the fuel reduces carbon emissions, cuts crude oil imports, saves foreign exchange and supports farmers by increasing demand for ethanol feedstocks. In fact, the government has signaled an impending increase in baseline ethanol blending beyond E20, with standards notified for E22, E25, E27, and E30. ARAI has also been tasked with carrying out a study on the impact of E25 on existing E20- and E10-compliant vehicles.
Isobutanol-diesel blending under serious consideration
Diesel isn’t safe either, as plans to move forward with isobutanol blending in diesel this year are under consideration – isobutanol is an ethanol-derived compound, but is more energy-dense, less corrosive, and has a lower tendency to absorb water (hygroscopicity). This is despite the fact that none of the diesel cars currently sold in India are compliant with isobutanol-blended fuel.
यूपी के एक छोटे से गाँव से निकलकर काजल चौहान ने अपनी शर्तों पर ज़िंदगी जीने की हिम्मत की दिखाई।
शादी को “ना” कहकर, उन्होंने अपने सपनों को चुना और आज “Toxic Aunty” के नाम से लाखों लोगों के बीच अपनी पहचान बनाई।
@realkajalchauhann
Kajal Chauhann aka Toxic Aunty, Dowry Marriage India, Small Village to Star
“परिवार का नाम डुबो देगी” से Viral Toxic Aunty तक | Kajal Chauhann
ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले लोगों के लिए एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक युवक ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म मिंत्रा पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। युवक ने उसने ईयरफोन मंगाए थे, लेकिन डिलीवरी के बाद जब पैकेट खोला तो उसके अंदर प्रोडक्ट ही नहीं था। व्यक्ति के मुताबिक, बाहर का पैकेट पूरी तरह सील था और उसमें किसी तरह की छेड़छाड़ के निशान भी नहीं थे। व्यक्ति का X पर किया गया ये पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोगों ने इस पर अपना रिएक्शन भी दिया है।
सोशल मीडिया पर किया पोस्ट
कस्टमर ने अपनी पोस्ट में लिखा, “सिर्फ 30 मिनट से भी कम समय में किसी ग्राहक के साथ धोखा हो सकता है।” उसने बताया कि 30 जून को रात करीब 8:27 बजे चेन्नई स्थित उसके घर पर ईयरफोन की डिलीवरी हुई। पैकेट मिलने के तुरंत बाद उसने अनबॉक्सिंग का वीडियो रिकॉर्ड करना शुरू कर दिया। उसके अनुसार, बाहर का पैकेट पूरी तरह सील था और उसमें छेड़छाड़ के कोई निशान नहीं थे, लेकिन अंदर मौजूद प्रोडक्ट का बॉक्स पहले से खुला हुआ था और उसमें ईयरफोन नहीं थे।
पैकेट के अंदर से सामान गायब
उसने अपनी पोस्ट में लिखा, “मैंने तुरंत इस मामले की शिकायत दर्ज कराई और टाइमस्टैम्प वाला अनबॉक्सिंग वीडियो भी शेयर किया, ताकि ये साबित हो सके कि पैकेट डिलीवरी के तुरंत बाद खोला गया था।” लेकिन उसके मुताबिक, सबूत देखने के बजाय मिंत्रा ने यह कहकर शिकायत बंद कर दी कि “प्रोडक्ट डिलीवर हो चुका है।” उसने आगे लिखा, “मुद्दा डिलीवरी का नहीं है, बल्कि यह है कि पैकेट के अंदर से खरीदा गया सामान गायब था।” ग्राहक ने यह भी आरोप लगाया कि हेल्प सेंटर में गलत जानकारी दिखाई गई कि उसे रिप्लेसमेंट प्रोडक्ट मिल गया है, जबकि उसे कोई नया प्रोडक्ट कभी नहीं मिला।
A customer can be defrauded in under 30 minutes. Here’s how.
बाद में ग्राहक ने दावा किया कि मिंत्रा ने उसकी रिफंड की मांग भी खारिज कर दी। कंपनी की ओर से बताया गया कि प्रोडक्ट की सभी जरूरी जांच की गई थी, उसे सुरक्षित और सीलबंद पैकेज में भेजा गया था तथा डिलीवरी के समय पैकेट से छेड़छाड़ की कोई जानकारी नहीं मिली। उसने अपनी पोस्ट में लिखा, “मैंने कभी यह नहीं कहा कि मिंत्रा के बाहरी पैकेट के साथ छेड़छाड़ हुई थी। मैंने सिर्फ इतना बताया कि अंदर मौजूद प्रोडक्ट का बॉक्स पहले से खुला हुआ था और उसमें ईयरफोन नहीं थे। दोनों बातें बिल्कुल अलग हैं।” ग्राहक ने यह भी बताया कि उसने अब इस मामले की शिकायत उपभोक्ता मामलों के विभाग में कर दी है।
यूजर ने किया कमेंट
इस पोस्ट पर कई लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया भी दी। एक यूजर ने लिखा, “ऑनलाइन खरीदारी पर पूरी तरह निर्भर रहने के बजाय बाहर जाकर खुद सामान खरीदना भी बेहतर ऑप्शन हो सकता है।” एक अन्य यूजर ने लिखा, “इलेक्ट्रॉनिक्स सामान के लिए मैंने पहले से भुगतान करना बंद कर दिया है। डिलीवरी के दौरान कई तरह की गड़बड़ियां देखने को मिलती हैं। अब मैं कैश ऑन डिलीवरी (COD) का विकल्प चुनता हूं और डिलीवरी एजेंट के सामने ही पैकेट खोलकर सामान जांचता हूं। सही प्रोडक्ट मिलने पर ही उसे स्वीकार करता हूं। पहले भी मुझे खाली बॉक्स, गलत प्रोडक्ट और खराब सामान मिलने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा है।”
Viral News: भारी बारिश ने मुंबई को दरिया बना दिया है। सड़कें पानी से लबालब हैं, इस मुश्किल के बीच अभिनेता अय्याज अहमद ने अंधेरी वेस्ट के वीर देसाई रोड पर नाव से एंट्री मारकर सोशल मीडिया को हैंग कर दिया है।
Aamir Khan Gauri Spratt Wedding: आमिर खान तीसरी बार शादी करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। बॉलीवुड स्टार रविवार, 5 जुलाई यानी आज अपनी गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट से शादी करेंगे और शादी की तैयारियां पहले ही शुरू हो चुकी हैं। आमिर के पाली हिल स्थित घर के बाहर से लिए गए पैपराज़ी के वीडियो में देखा जा सकता है कि सेलिब्रेशन के लिए एक्टर के घर को खूबसूरती से सजाया जा रहा है। मेहमानों का आना जाना शुरू हो गया है। आमिर के खास दिन को और खास बनाने अंबानी परिवार भी उनके घर पहुंचा है।
आमिर और गौरी एक्टर के पाली हिल वाले घर में शादी करेंगे, जिसे अभी लाइटों और सजावट के साथ तैयार किया जा रहा है। कई वर्कर फर्नीचर लाते हुए भी दिखे, शायद इसलिए ताकि इस छोटे से समारोह में आने वाले मेहमानों के बैठने की जगह बन सके। वहीं जुनैद, राज ठाकरे के साथ धीरे-धीरे मेहमान शादी में शामिल होने पहुंच रहे हैं।
हालांकि, मुंबई के मॉनसून ने तैयारियों को आसान नहीं बनाया है। वर्कर भारी बारिश के बीच कुर्सियां लाते और घर को सजाते हुए दिखे। उनमें से कई रेनकोट पहने हुए भी दिखे, जबकि वे तैयारियां जारी रखे हुए थे। शादी के कार्यक्रमों से पहले एक्टर की बहन भी उनके घर पहुंचती हुई दिखीं।
इस बीच भारी बारिश को देखते हुए सोशल मीडिया पर यूजर्स वीडियोज पर मजेदार कमेंट्स कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा- आमिर खान ने लगता है कढ़ाई में खाना खाया है। वहीं दूसरे ने लिखा- आमिर खान ने सलमान खान के हिस्से की भी शादी कर ली है। वहीं एक यूजर ने लिखा- आमिर भाई भगवान भी इशारा दे रहे हैं, अब तो रूक जाओ ये लास्ट है बस।
आमिर हाल ही में राजकुमार हिरानी की फिल्म ‘प्रीतम एंड पेड्रो’ की स्क्रीनिंग में शामिल हुए। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने अपनी शादी की पुष्टि की और कहा, “हां मेरी शादी हो रही है 5 जुलाई को और बहुत ही छोटी शादी है, घर में ही कर रहे हैं। 5 को बहुत ही खास दिन हैं हमारे लिए और बस दोनों परिवार हैं, कुछ खास दोस्त हैं, छोटा सा घर पे ही कर रहे हैं हम लोग। और सबकी दुआएं चाहेंगे हम (हां, मैं 5 जुलाई को शादी कर रहा हूं। यह एक बहुत ही अंतरंग शादी होने जा रही है, और हम इसे घर पर मना रहे हैं। 5 जुलाई हमारे लिए एक बहुत ही खास दिन है। यह सिर्फ हमारे परिवारों और कुछ करीबी दोस्तों के साथ एक छोटा सा समारोह होगा। हम इसे सरल रख रहे हैं और घर पर जश्न मना रहे हैं। हम सभी का आशीर्वाद लेना पसंद करेंगे)।”
एक्टर ने आगे कहा, “कृपया हमें अपना आशीर्वाद दें और प्रार्थना करें कि हम खुश रहें और हमारी साथ की यात्रा शानदार हो। यह घर पर होने वाला एक छोटा और निजी कार्यक्रम होगा, जिसमें सिर्फ़ हमारे परिवार वाले और बचपन के कुछ पुराने दोस्त शामिल होंगे।”आमिर की पहली शादी 1986 में रीना दत्ता से हुई थी। इस जोड़े के दो बच्चे हैं – जुनैद खान और इरा खान। हालांकि, 2002 में वे अलग हो गए।
बाद में, 2005 में आमिर ने फिल्ममेकर किरण राव से शादी की। यह रिश्ता भी नहीं चल पाया। शादी के 16 साल बाद, 2021 में दोनों ने अलग होने की घोषणा की। उनका एक बेटा है, आज़ाद राव खान, जिसकी परवरिश वे दोनों मिलकर करते हैं। आमिर और गौरी की मुलाकात लगभग 25 साल पहले हुई थी, लेकिन बाद में उनका संपर्क टूट गया। वे फिर से जुड़े और धीरे-धीरे उनकी दोस्ती प्यार में बदल गई। आमिर ने इस साल की शुरुआत में अपने 60वें जन्मदिन के जश्न के दौरान पहली बार गौरी को मीडिया से मिलवाया था।
Viral News: दिल्ली, मुंबई, गुरुग्राम या बेंगलुरु जैसे महंगे शहरों की भागदौड़ छोड़कर एक कॉरपोरेट कपल ने जब हिमाचल प्रदेश के मनाली में बसने का फैसला किया, तो उनका मकसद पैसे बचाना नहीं बल्कि सुकून भरी जिंदगी जीना था। लेकिन इस फैसले ने उनकी जिंदगी के साथ-साथ बैंक बैलेंस भी बदल दिया। अब यह कपल हर महीने 30,000 रुपये से ज्यादा की बचत कर रहा है। अंजलि और नमन ने इंस्टाग्राम पर @anjali.aur.naman नाम से अपने अकाउंट के जरिए अपनी जिंदगी में हए बदलाव को लेकर जानकारी दी है।
दोनों रिमोट कॉरपोरेट जॉब करते हैं। उन्होंने बताया कि वे शहर छोड़कर मनाली इसलिए आए ताकि प्रकृति के बीच शांत और संतुलित जीवन जी सकें। उनका कहना है कि पैसे बचाना उनका उद्देश्य नहीं था। लेकिन यह अपने आप होने लगा।
किराए में हुई सबसे बड़ी बचत
शहरों में जहां वे हर महीने ₹45,000 किराया देते थे। वहीं, मनाली में उन्हें सिर्फ ₹28,000 में बेहतर घर मिल गया। यानी केवल किराए में ही ₹17,000 की मासिक बचत होने लगी। रिमोट वर्क की वजह से रोज ऑफिस जाने की जरूरत नहीं रही। इससे हर महीने करीब ₹3,000 का यात्रा खर्च बचने लगा।
कपल ने क्या कहा?
वीडियो में अंजलि कहती हैं, “हमने बिना कोशिश किए ही हर महीने 30,000 रुपये से ज्यादा बचाना शुरू कर दिया। हाय, हम अंजलि और नमन हैं। मनाली में रहने वाला एक कॉर्पोरेट कपल जो रिमोट वर्क करता है। हम यहां पैसे बचाने के लिए नहीं आए थे। बल्कि अपनी कॉर्पोरेट नौकरी करते हुए ‘स्लो ट्रैवल’ (आराम से यात्रा) का अनुभव करने आए थे।”
इसके बाद वह बताती हैं कि हिमालय के इस शहर में बसने के बाद उनके खर्च कैसे बदले। सबसे बड़ी बचत किराए में हुई, जो शहर में 45,000 रुपये से घटकर मनाली में 28,000 रुपये हो गया। इससे उनके रहने का मासिक खर्च 17,000 रुपये कम हो गया।
रिमोट वर्क से किराए का खर्च समाप्त
रिमोट वर्क की वजह से रोजाना आने-जाने का खर्च भी खत्म हो गया। इससे हर महीने लगभग 3,000 रुपये की बचत हुई। इसके अलावा ऑफिस डिनर, कॉफी के लिए बाहर जाना और स्नैक ब्रेक जैसे आम खर्च भी तेजी से कम हुए। इससे उनके महीने के बजट में 7,500 रुपये की और कमी आई।
हालांकि, सबसे बड़ी हैरानी की बात वीकेंड पर घूमने-फिरने के खर्च का खत्म होना था। शहर में रहते हुए यह कपल तेज-तर्रार शहरी जिंदगी से दूर छोटी-छोटी यात्राओं पर हर महीने लगभग 5,000 से 6,000 रुपये खर्च करता था। मनाली आने के बाद उन्हें ऐसे ब्रेक की योजना बनाने की जरूरत महसूस नहीं हुई, क्योंकि प्रकृति और शांत माहौल उनकी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन गए हैं।
‘पैसे बचाने नहीं, जिंदगी बदलने आए थे’
अंजलि का कहना है, “हमने रिमोट वर्क इसलिए नहीं चुना कि पैसे बचेंगे। बल्कि इसलिए चुना क्योंकि हम अलग तरीके से जीना चाहते थे। बचत तो बस एक बोनस बन गई।”
इस वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोग महानगरों में बढ़ते खर्च, रिमोट वर्क के फायदे और छोटे शहरों में बेहतर वर्क-लाइफ बैलेंस को लेकर चर्चा कर रहे हैं। कई लोग अब यह मानने लगे हैं कि अगर नौकरी रिमोट हो, तो छोटे शहरों में रहकर बेहतर जीवन और बड़ी बचत दोनों संभव हैं।
आज के समय में नए ग्रेजुएट्स के लिए नौकरी पाना पहले से ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो गया है। पढ़ाई पूरी करने के बाद भी कई युवाओं को लंबे समय तक अच्छी नौकरी नहीं मिल रही। कई जगह आवेदन करने के बावजूद अबतक इंटरव्यू का मौका नहीं मिला। इसके बाद कुछ युवाओं को अपने खर्च पूरे करने के लिए अस्थायी या छोटे-मोटे काम करने पड़ रहे हैं। हाल ही में एक ऐसी ही कहानी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।
एक X यूजर ने रैपिडो राइडर से हुई अपनी मुलाकात शेयर किया। राइडर ने बताया कि उसने इस साल कंप्यूटर साइंस में ग्रेजुएशन पूरा किया है, लेकिन अब तक उसे पहली नौकरी नहीं मिल सकी। ये पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है और कई लोग इसे आज के समय में फ्रेशर्स के सामने मौजूद रोजगार की चुनौतियों की सच्ची तस्वीर बता रहे हैं।
युवक ने किया पोस्ट
यह कहानी X यूजर नीरज ने शेयर किया है। उन्होंने बताया कि, “रैपिडो की सवारी के दौरान उनकी नजर राइडर के हेलमेट पर लगे एक कॉलेज के स्टिकर पर पड़ी। इसके बाद ट्रैफिक सिग्नल पर रुकने के दौरान उन्होंने उससे 10 मिनट तक बातचीत शुरू की। बातचीत में राइडर ने बताया कि उसने इस साल कंप्यूटर साइंस में फर्स्ट डिवीजन के साथ ग्रेजुएशन किया है।” पोस्ट में आगे कहा, “पढ़ाई पूरी होने के दो महीने बाद भी नौकरी नहीं मिलने के कारण वह रोज सुबह 6 बजे से रैपिडो चलाकर अपना खर्च चला रहा है। युवक ने यह भी बताया कि वह 500 से ज्यादा कंपनियों में नौकरी के लिए आवेदन कर चुका है, लेकिन अब तक उसे किसी भी कंपनी से इंटरव्यू का कॉल नहीं आया।”
घर वालों को नहीं पता
नीरज ने अपनी पोस्ट में लिखा कि युवक ने बताया, “उसके माता-पिता अब भी यही समझते हैं कि वह घर पर रहकर इंटरव्यू की तैयारी कर रहा है। उसने उन्हें यह नहीं बताया कि वह रैपिडो चला रहा है, क्योंकि उसे समझ नहीं आ रहा कि अपनी स्थिति उनके सामने कैसे रखे।” नीरज के मुताबिक, “युवक ने बिना किसी शिकायत के सिर्फ इतना कहा कि फिलहाल नौकरी का बाजार ऐसा ही है और फिर वह अपनी राइड पूरी करने में लग गया।” पोस्ट के आखिर में नीरज ने लिखा कि, “उन्हें लगता है ये सिर्फ एक युवक की कहानी नहीं है, बल्कि आज के समय में कई फ्रेश ग्रेजुएट्स इसी तरह की मुश्किलों का सामना कर रहे हैं।”
पोस्ट पर लोगों ने किया रिएक्ट
इस पोस्ट पर बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी रिएक्शन दिए। एक यूजर ने कहा, “3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था में भी युवाओं को ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।” वहीं, एक अन्य यूजर ने सिर्फ “OMG” लिखकर अपनी हैरानी जताई। कई लोगों ने यह भी कहा कि आजकल बहुत से नए ग्रेजुएट्स नौकरी की तलाश के साथ-साथ गिग वर्क या पार्ट-टाइम काम करने को मजबूर हैं। उनका मानना है कि मौजूदा समय में फ्रेशर्स के लिए नौकरी हासिल करना पहले से कहीं ज्यादा कठिन हो गया है।
जिस आवाज़ ने चार दशकों तक करोड़ों भारतीयों की मोहब्बत, खुशियों और यादों को सुर दिए, उसी आवाज़ को एक Rare Viral Attack के बाद सुनने में दिक्कत होने लगी। अल्का याज्ञनिक सिर्फ़ 6 साल की थी जब उन्होंने गाना शुरू किया और भारत की सबसे प्रतिष्ठित पार्श्व गायिकाओं में से एक बनी।
इस साल उन्हें देश के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म भूषण से सम्मानित किया गया।
आपको अल्का याज्ञनिक का कौन सा गाना सबसे ज्यादा पसंद हैं कमेंट में जरूर बताये।
@therealalkayagnik
जिस आवाज़ पर देश झूमा, वही सुनना भूल गई | Alka Yagnik | Hearing Loss | Padma Bhushan
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