1 बाइक और 50 चालान! 3.22 लाख रुपये का बकाया देख उड़ गए गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस के भी होश

Gurugram Traffic Challan: गुरुग्राम में ट्रैफिक पुलिस ने एक ऐसी बाइक के खिलाफ ऐक्शन लिया है, जिस पर 1-2 नहीं बल्कि 50 चालान बकाया थे, वहीं जब इस बाइक पर जुर्माने की रकम निकाली गई तो खुद अधिकारी भी उसे जानकर हैरान रह गए। दरअसल इस बाइक पर कुल 3.22  लाख रुपए की जुर्माने की रकम पेंडिंग निकली, जिसके बाद CRPF चौक के पास चलाए जा रहे चेकिंग अभियान के दौरान विभाग ने इस बाइक को जब्त कर लिया।

पुलिस के मुताबिक, बाइक पर ज्यादातर चालान बिना हेलमेट गाड़ी चलाने, वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) नहीं होने और नंबर प्लेट के बिना बाइक चलाने जैसे उल्लंघनों के लिए काटे गए थे। इसके अलावा भी ट्रैफिक नियमों से जुड़े कई उल्लंघन सामने आए।

जानकारी के अनुसार, CRPF चौक पर तैनात जोनल अधिकारी ASI संदीप अपनी टीम के साथ नियमित वाहन जांच कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने बाइक को रुकवाया और चालक से गाड़ी के दस्तावेज दिखाने को कहा। हालांकि, बाइक सवार कोई भी दस्तावेज पेश नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस ने बाइक को जब्त कर लिया।

वहीं, जांच करने पर पुलिस को पता चला कि मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के अलग-अलग प्रावधानों के तहत उस मोटरसाइकिल पर 50 चालान बकाया थे, जिनका कुल जुर्माना 3,22,500 रुपये था।

ट्रैफिक पुलिस के एक सीनियर अधिकारी ने कहा, “बकाया चालानों की वजह से नियमों के अनुसार कार्रवाई करते हुए गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस ने मोटरसाइकिल को जब्त कर लिया और उसे तय पार्किंग जगह पर खड़ा कर दिया।”

हालांकि, पुलिस ने अभी यह जानकारी नहीं दी है कि बाइक पर ये 50 चालान कितने समय के दौरान काटे गए थे।

काया चालान नहीं भरे तो होगी कार्रवाई, गुरुग्राम पुलिस चला रही विशेष अभियान

बता दें कि गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस ट्रैफिक नियमों को तोड़ने वाले वाहन चालकों के खिलाफ खास अभियान चला रही है। इन अभियानों के तहत, उन वाहन मालिकों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जा रही है, जिन्होंने लंबे समय से अपने बकाया चालान का भुगतान नहीं किया है।

पुलिस ने बताया कि वाहन चालकों को उनके बकाया चालान के बारे में भी जानकारी दी जा रही है और उन्हें समय पर बकाया राशि का भुगतान करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

गुरुग्राम पुलिस की वाहन चालकों को सलाह

गुरुग्राम पुलिस के प्रवक्ता ने वाहन चालकों से अपील की कि वे ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन करें और वैध बीमा और PUC सर्टिफिकेट समेत गाड़ी से जुड़े जरूरी दस्तावेजों को अपडेट रखें।

प्रवक्ता ने कहा कि वाहन चालकों से बकाया चालान समय पर भरने का भी आग्रह किया गया, क्योंकि वाहन चालकों और सड़क का इस्तेमाल करने वाले अन्य लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ट्रैफिक नियमों का पालन करना जरूरी है।

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AI कैमरे ने गिटार को समझ लिया इंसान, बिना हेलमेट के काट दिया ₹500 का चालान!

बेंगलुरु में AI आधारित ट्रैफिक निगरानी से जुड़ा एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने लोगों को हैरान करने के साथ हंसने पर भी मजबूर कर दिया। एक शख्स अपनी बाइक पर अकेले सफर कर रहा था और उसने हेलमेट भी पहन रखा था। इसके बावजूद उसके घर चालान पहुंच गया। वजह बताई गई कि बाइक पर पीछे बैठी सवारी ने हेलमेट नहीं पहना था। मामला तब दिलचस्प हो गया, जब चालान की तस्वीर सामने आई। तस्वीर में बाइक पर कोई दूसरा व्यक्ति नजर नहीं आ रहा था। दरअसल, शख्स ने अपना गिटार पीठ पर बांध रखा था और AI कैमरे ने उसे ही पिलियन राइडर समझ लिया।

इसके बाद ₹500 का चालान जारी कर दिया गया। शख्स ने सोशल मीडिया पर घटना शेयर करते हुए बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस से चालान रद्द करने की अपील की। मामला वायरल हुआ तो पुलिस ने भी उनसे चालान रिवर्स कराने को कहा।

अकेले निकला था शख्स

Souvik Dutta अपनी पत्नी का दोपहिया वाहन चलाकर जा रहे थे। उन्होंने हेलमेट पहना हुआ था और बाइक पर वह अकेले थे। उनके साथ सिर्फ उनका गिटार था, जिसे उन्होंने पीठ पर सुरक्षित तरीके से बांध रखा था। कुछ समय बाद उनकी पत्नी के नाम ₹500 का ट्रैफिक चालान पहुंचा। उसमें आरोप था कि बाइक पर सवार दूसरी यानी पिलियन राइडर ने हेलमेट नहीं पहना था।

चालान की फोटो ने खोल दी पूरी पोल

Dutta ने जब चालान की तस्वीर देखी तो मामला और भी दिलचस्प हो गया। फोटो में वह खुद हेलमेट पहने नजर आ रहे थे, जबकि उनकी पीठ पर बंधा गिटार कैमरे को शायद दूसरी सवारी जैसा दिखाई दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर चालान की तस्वीर शेयर करते हुए बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस से इसे रद्द करने की अपील की।

AI की नजर में गिटार बन गया इंसान

Dutta ने अपने पोस्ट में AI आधारित ट्रैफिक निगरानी पर सवाल उठाते हुए बताया कि वह बाइक पर अकेले थे। उनके मुताबिक, कैमरे ने गिटार को पिलियन राइडर समझ लिया और हेलमेट न पहनने का चालान जारी कर दिया। चालान 15 सितंबर की कथित घटना के लिए 16 सितंबर को जारी किया गया था। मामला ORR-Hebbal और Tin Factory के बीच का बताया गया।

पुलिस ने भी माना कि मामला देखना होगा

सोशल मीडिया पर पोस्ट सामने आने के बाद बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस ने Dutta के पोस्ट पर प्रतिक्रिया दी और उन्हें चालान रिवर्स कराने के लिए आगे की प्रक्रिया पूरी करने को कहा। इससे Dutta की परेशानी तो कम हुई, लेकिन AI की तस्वीर पहचानने की क्षमता को लेकर लोगों के बीच चर्चा जरूर शुरू हो गई।

इंटरनेट ने उड़ाया मजाक

मामला सोशल मीडिया पर पहुंचा तो लोगों ने इसे गंभीर बहस के साथ-साथ मजाक का विषय भी बना दिया। किसी ने AI को “आर्टिफिशियल स्टुपिडिटी” कहकर चुटकी ली तो किसी ने मजाक में कहा कि गिटार का भी “बॉडी” और “नेक” होता है, इसलिए शायद AI ने उसका “हेड” भी मान लिया होगा। कुछ यूजर्स ने हालांकि गंभीर सवाल भी उठाया कि ट्रैफिक चालान पूरी तरह AI के भरोसे नहीं होने चाहिए और ऐसे मामलों में इंसानी जांच की गुंजाइश बनी रहनी चाहिए।

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अब लापरवाह ड्राइवरों की खैर नहीं, सरकार DL रिन्यूअल से जुड़े नियमों में लाने जा रही ये बदलाव

DL Renewal: केंद्र सरकार उन ड्राइवरों के लिए ड्राइविंग टेस्ट अनिवार्य करने जा रही है जो अपने ड्राइविंग लाइसेंस का रिन्यूअल करवाना चाहते हैं और जिनका ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन का इतिहास रहा है। सड़क परिवहन मंत्रालय ने मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल (MACTs) को यह अधिकार देने का भी प्रस्ताव दिया है कि वे सड़क दुर्घटना के पीड़ितों और उनके परिवारों को अंतरिम मुआवजा दे सकें, ताकि उन्हें अपने क्लेम के अंतिम निपटारे तक इंतजार न करना पड़े।

वहीं, राज्यों और मंत्रालयों के साथ लगभग दो साल तक चली बातचीत के बाद, मोटर वाहन अधिनियम में प्रस्तावित संशोधनों को पिछले हफ्ते रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाले मंत्रियों के अनौपचारिक समूह (iGoM) के सामने रखा गया था।

टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, पैनल ने मंत्रालय को बिल को अंतिम रूप देने की मंजूरी दे दी है, जिसे संसद के आगामी मानसून सत्र में पेश किया जा सकता है।

क्या है इस प्रस्ताव का उद्देश्य?

बता दें कि इन प्रस्तावों का मकसद लापरवाह ड्राइवरों और बिना बीमा वाले वाहनों के इस्तेमाल पर रोक लगाना है। साथ ही, इनमें बीमा नियामक IRDAI द्वारा वाहन की उम्र और चालान इतिहास के आधार पर थर्ड-पार्टी प्रीमियम तय करने की पुरानी व्यवस्था को फिर से लागू करने की भी बात कही गई है। साल 2019 के संशोधन में यह अधिकार सड़क परिवहन मंत्रालय के पास था। सड़क हादसों में मौत या गंभीर चोट लगने पर मुआवजे से जुड़े संशोधन बहुत ही महत्वपूर्ण है।

हालांकि, अभी MACT कोई अंतरिम राहत नहीं दे सकता है। लेकिन मंत्रालय ने प्रस्ताव दिया है कि क्लेम्स ट्रिब्यूनल “ऐसी अंतरिम राहत दे सकता है जो उसे सही लगे”। यह भी प्रस्ताव है कि अगर कोई बीमा कंपनी या दोषी पक्ष क्लेम्स ट्रिब्यूनल के आदेश को चुनौती देता है, तो उसे 10 लाख रुपये या तय मुआवजे का 50% (जो भी कम हो) पहले जमा करना होगा। अभी यह रकम 25,000 रुपये या तय मुआवजे का 50% (जो भी कम हो) है।

वहीं, मंत्रालय ने हाई कोर्ट में अपील करने की सीमा को मौजूदा 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने का भी प्रस्ताव दिया है। वकील और सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ अमरजीत सिंह ने कहा, “MACT ट्रिब्यूनल द्वारा अंतरिम मुआवजा देने की इजाजत देने का कदम स्वागत योग्य है, क्योंकि ऐसे मामलों के अंतिम निपटारे में अक्सर देरी होती है।”

विशेषज्ञों ने उस प्रस्ताव की भी तारीफ की है जिसके तहत बार-बार ट्रैफिक नियमों को तोड़ने वाले ड्राइवरों के लिए नए सिरे से ड्राइविंग टेस्ट देना जरूरी होगा। साथ ही, नियमों का उल्लंघन करने वाले ड्राइवरों पर सख्ती करते हुए, मंत्रालय ने यह भी प्रस्ताव दिया है कि अगर किसी का पुराना ड्राइविंग लाइसेंस (DL) रद्द किया जाता है, तो उसे तीन साल तक नया DL जारी नहीं किया जाएगा।

इसके अलावा, मंत्रालय ने नए DL या लाइसेंस रिन्यूअल के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट की जरूरत वाली उम्र की सीमा को मौजूदा 40 साल से बढ़ाकर 60 साल करने का प्रस्ताव भी दिया है। दिल्ली के पूर्व डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर अनिल छिकारा ने कहा, “आसानी से जीने और आसानी से बिजनेस करने के नाम पर, हमें सड़कों को सुरक्षित बनाने के लिए जरूरी बुनियादी पैमानों से समझौता नहीं करना चाहिए।”

जानकारों का यह भी कहना है कि 6 साल से कम उम्र के बच्चे को साथ में ले जाते समय ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर दोगुना जुर्माना लगाने का प्रस्ताव है। हालांकि, उनका मानना है कि इससे ट्रैफिक पुलिस को मनमानी करने का मौका मिल सकता है।

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