BlueStone Jewellery Share Price: ब्लूस्टोन ज्वेलरी का शेयर बना रॉकेट, जून तमाही के जोरदार नतीजों का असर

BlueStone Jewellery Share Price: ब्लूस्टोन ज्वेलरी एंड लाइफस्टाइल के शेयरों में 21 जुलाई को पंख लग गए। शेयर सुबह में मजबूत खुले। उसके बाद अच्छी खरीदारी से रॉकेट बन गए। 12 बजे शेयर का प्राइस एनएसई में 10:41 फीसदी के उछाल के 674 रुपये चल रहा था। बीते छह महीनों में यह शेयर 58 फीसदी चढ़ा है।

जून तिमाही में रिटेल सेल्स 49 फीसदी बढ़ा

Bluestone Jewellery and Lifestyle के शेयरों में तेजी की वजह जून तिमाही में उसका शानदार प्रदर्शन है। कंपनी ने 20 जुलाई को नतीजों का ऐलान किया। कंपनी ने शेयर बाजार बंद होने के बाद नतीजों का ऐलान किया, जिससे उसके शेयरों पर इसका असर 21 जून को देखने को मिला। जून तिमाही में कंपनी का रिटेल सेल्स साल दर साल आधार पर 49 फीसदी बढ़ा है।

कंपनी के कंज्यूमर बेस में 21 फीसदी इजाफा

ब्लूस्टोन ज्वेलरी का रेवेन्यू जून तिमाही में बढ़कर 733 करोड़ रुपये हो गया। इसमें कंपनी के प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में विस्तार का हाथ है। साल दर साल आधार पर कंपनी ने अपना कंज्यूमर बेस 21 फीसदी तक बढ़ाया। रिपीट कस्टमर्स से भी कंपनी को अच्छा सपोर्ट मिला। इससे कंपनी की एवरेज ऑर्डर वैल्यू (AOV) बढ़ी है।

एडजस्टेड नेट प्रॉफिट 14 करोड़ रुपये 

जून तिमाही में कंपनी का एडजस्टेड नेट प्रॉफिट 14 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में कंपनी को 21 करोड़ रुपये का एडजस्टेड नेट लॉस हुआ था। कंपनी जून तिमाही में लॉस से प्रॉफिट में आई, जिससे निवेशकों की दिलचस्पी इस शेयर में बढ़ी है। कंपनी के शेयर पिछले साल अगस्त में शेयर बाजार में लिस्ट हुए थे।

अगले पांच सालों में मुनाफा बनाने की क्षमता बढ़ेगी

ब्लूस्टोन ज्वेलरी मुंबई की ज्वैलरी कंपनी है। कंपनी ने अगले पांच सालों में कंपनी को मुनाफा बढ़ने की उम्मीद है। कंपनी के फाउंडर और सीईओ गौरव कुशवाहा ने कहा, “हमने छह साल पहले ऑपरेशन शुरू किया था। हमारे आधे से ज्यादा स्टोर्स तीन साल से कम पुराने हैं। आगे इन स्टोर्स का प्रदर्शन बेहतर रहने की उम्मीद है।”

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शेयर बाजारों के प्रमुख सूचकांकों में कमजोरी 

शेयर बाजारों में 21 जुलाई को कमजोरी दिखी। 12:15 बजे निफ्टी 0.28 फीसदी यानी 65 अंक गिरकर 24,172 रुपये पर चल रहा था। सेंसेक्स 0.34 फीसदी यानी 267 अंक गरकर 77,445 पर चल रहा था। बैंक निफ्टी में भी 0.08 फीसदी की हल्की गिरावट देखने को मिली। 20 जुलाई को भी बाजार के प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए थे।

Reliance Industries Q1 Results: कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू 25 फीसदी बढ़कर 3.40 लाख करोड़ रहा, उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन

Reliance Industries Q1 Results: रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) ने जून तिमाही के नतीजों का ऐलान कर दिया है। इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन उम्मीद से बेहतर रहा। सभी प्रमुख सेगमेंट यानी ऑयल-टू-केमिकल (ओ2सी), डिजिटल सर्विसेज और रिटेल की ग्रोथ डबल डिजिट में रही। इससे आरआईएल को बीते कुछ सालों में एनर्जी मार्केट में आए सबसे बड़े संकट का सामना करने में मदद मिली।

RIL का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू जून तिमाही में साल दर साल आधार पर 25 फीसदी बढ़कर 3.40 लाख करोड़ रुपये रहा। इसमें सभी बिजनेस सेगमेंट के अच्छे प्रदर्शन का हाथ रहा। रेकरिंग कंसॉलिडेटेड EBITDA एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले 10.1 फीसदी बढ़कर 54,067 करोड़ रुपये रहा। टैक्स से पहले प्रॉफिट (PBT) 8.5 फीसदी बढ़कर 30,630 करोड़ रुपये रहा।

आरआईएल का टैक्स बाद रेकरिंग प्रॉफिट (मॉइनरिटी इंटरेस्ट से पहले) जून तिमाही में एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले 6.1 फीसदी बढ़कर 23,196 करोड़ रुपये रहा, जो अब तक का सबसे ज्यादा है। हालांकि, रिपोर्टेड प्रॉफिट में गिरावट आई। इसकी वजह यह है कि एक साल पहले की समान अवधि में कंपनी को एशियन पेंट्स में हिस्सेदारी बेचने से 8,924 करोड़ रुपये का वन-टाइम गेन हुआ था।

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने जून तिमाही में 38,682 करोड़ रुपये का निवेश किया। ऑपरेटिंग कैश फ्लो से कंपनी को पूंजीगत खर्च करने में मदद मिली। जून तिमाही के अंत में कंपनी पर शुद्ध कर्ज (Net Debt) 1.23 लाख करोड़ रुपये पर बना रहा। आरआईएल ने 17 जुलाई को शेयर बाजार बंद होने के बाद जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया।

RIL के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी ने कहा, “रिलायंस ने FY27 की अच्छी शुरुआत की है। सभी बिजनेसेज का प्रदर्शन मजबूत रहा। हमारे विविध बिजनेस पोर्टफोलियो ने एक बार ऐसी तिमाही में अपनी ताकत दिखाई है, जिसमें जियोपॉलिटिकल टेंशन लगातार बना रहा और कमोडिटी मार्केट्स में उतार-चढ़ाव रहा।”

Jio Financial Q1 Results: जियो फाइनेंशियल का प्रॉफिट 156% बढ़कर 830 करोड़ रुपये पहुंचा, रेवेन्यू तीन गुना से ज्यादा

Jio Financial Q1 Results: जियो फाइनेंशियल सर्विसेज ने 16 जुलाई को जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। इस दौरान कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट 156 फीसदी बढ़कर 830 करोड़ रुपये पहुंच गया। एक साल पहले की समान अवधि में कंपनी का नेट प्रॉफिट 325 करोड़ रुपये था। कंपनी ने शेयर बाजार बंद होने के बाद जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। 17 जुलाई को कंपनी के शेयरों पर नतीजों का असर दिखेगा।

कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू 227 फीसदी बढ़ा

Jio Financial Services का ऑपरेशंस से कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू जून तिमाही में 227 फीसदी बढ़कर 2,004 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 612 करोड़ रुपये था। तिमाही दर तिमाही आधार पर जून तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 205 फीसदी बढ़कर 272 करोड़ रुपये रहा।

कुल इनकम में 141 फीसदी इजाफा

जून तिमाही में ऑपरेटिंग एक्सपेंसेज में तेज उछाल के बावजूद कंपनी की कुल इनकम साल दर साल आधार पर 141 फीसदी बढ़कर 1,496 करोड़ रुपये रही। इसमें इंटरेस्ट इनकम में उछाल का बड़ा हाथ रहा। इस दौरान इंटरेस्ट इनकम 165 फीसदी बढ़कर 962 करोड़ रुपये हो गई। फीस और कमीशन से इनकम बढ़कर पांच गुना यानी 325 करोड़ रुपये हो गई। कंपनी की डिविडेंड इनकम जून तिमाही में 509 करोड़ रुपये रही।

कुल एक्सपेंसेज 291 फीसदी बढ़ा

जियो फाइनेंशियल का कुल एक्सपेंसेज जून तिमाही में साल दर साल आधार पर 291 फीसदी बढ़कर 991 करोड़ रुपये रहा। इसमें ज्यादा फाइनेंस कॉस्ट, स्टाफ एक्सपेंसेज और दूसरे ऑपरेटिंग एक्सपेंसेज का हाथ रहा। लेकिन, इनकम में स्ट्रॉन्ग ग्रोथ से प्री-प्रोविजनिंग प्रॉफिट (PPOP) साल दर साल आधार पर 38 फीसदी बढ़कर 505 करोड़ रुपये रहा।

सभी वर्टिकल्स में अच्छी ग्रोथ 

कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ हितेश सेठिया ने कहा, “हमारी सभी वर्टिकल्स में लगातार बिजनेस मोमेंटम से हमारे फुल-स्टॉक ईकोसिस्टम के स्ट्रॉन्ग आर्किटेक्चर की पुष्टि होती है। इससे हमारे एग्जिक्यूशन की ताकत का भी संकेत मिलता है। स्ट्रेटेजिक रूप से AI और डेटा एनालिटिक्स को इंटिग्रेट करने से हमें एफिशियंसी के मामले में काफी फायदा हुआ है।”

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एनबीएफसी बिजनेस का भी बेहतर प्रदर्शन

जियो फाइनेंशियल ने इनवेस्टर प्रजेंटेशन में बताया कि उसके एनबीएफसी बिजनेस ने लगातार अच्छी ऑर्गेनिक ग्रोथ दिखाई है। तिमाही डिस्बर्समेंट 11,000 करोड़ रुपये के पार हो गया। कंपनी के एसेट मैनेजमेंट बिजनेस का एयूएम जून तिमाही के अंत में 18,412 करोड़ रुपये पहुंच गया। रीइंश्योरेंस प्रीमियम अंडररिटेन ऑपरेशन की पहली तिमाही में 266 करोड़ रुपये रहा।

Ashoka Buildcon को गुयाना में मिला ₹338 करोड़ का हाइवे प्रोजेक्ट, शेयर में आ सकती है अच्छी तेजी

कंस्ट्रक्शन सेक्टर की कंपनी अशोका बिल्डकॉन के शेयरों में सोमवार, 29 जून को अच्छी तेजी देखने को मिल सकती है। इसकी वजह है कंपनी को दक्षिण अमेरिकी देश गुयाना में एक प्रोजेक्ट मिलना। कंपनी ने शेयर बाजारों को बताया है कि उसने गुयाना की सेंट्रल हाउसिंग एंड प्लानिंग अथॉरिटी को एक प्रोजेक्ट के​ लिए बोली जमा की थी। यह प्रोजेक्ट वर्सेल्स, वेस्ट बैंक डेमेरारा से पारिका, ईस्ट बैंक एस्सेक्विबो, रीजन नंबर 3- लॉट 8 तक 4 लेन वाले हाइवे का निर्माण करने के लिए है।

कंपनी को इस प्रोजेक्ट के लिए लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस मिल गया है, यानि कि कंपनी ने यह प्रोजेक्ट हासिल कर लिया है। प्रोजेक्ट की एक्सेप्टेड वैल्यू 7,455,455,867 गुयानीज डॉलर या लगभग 3.54 करोड़ अमेरिकी डॉलर है। भारतीय करेंसी में यह वैल्यू 337.81 करोड़ रुपये से ज्यादा होती है।

प्रोजेक्ट को 20 महीनों के अंदर एग्जीक्यूट किया जाना है। एक्सचेंज फाइलिंग में अशोका बिल्डकॉन ने कहा है कि यह कॉन्ट्रैक्ट रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन के तहत नहीं आता है।

Ashoka Buildcon का शेयर एक साल में लगभग 40 प्रतिशत कमजोर

अशोका बिल्डकॉन का शेयर BSE 1000 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर की कीमत गुरुवार, 25 जून को बीएसई पर 130.80 रुपये पर बंद हुई। शुक्रवार को मुहर्रम के चलते शेयर बाजार बंद हैं। कंपनी का मार्केट कैप 3600 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर एक साल में लगभग 40 प्रतिशत गिरा है। कंपनी में मार्च 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 54.48 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

हाल ही में कंपनी को छत्तीसगढ़ स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन से एक कॉन्ट्रैक्ट के लिए LoA (लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस) मिला था। यह कॉन्ट्रैक्ट रायपुर में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क बनाने के लिए है। यह पार्क 38,922 वर्ग मीटर में बनेगा। कंपनी ने इस प्रोजेक्ट के लिए 51 प्रतिशत हिस्सेदारी वाले एक जॉइंट वेंचर के जरिए बोली लगाई थी। कंस्ट्रक्शन पीरियड 5 साल है। कॉन्ट्रैक्ट रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन के तहत नहीं आता है।

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कंपनी की वित्तीय सेहत

अशोका बिल्डकॉन का जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 1,771.88 करोड़ रुपये रहा। शुद्ध मुनाफा 48.86 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान रेवेन्यू 5,811.66 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 320.44 करोड़ रुपये रहा।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

SRF पर क्यों आया मोतीलाल ओसवाल का दिल? खरीद की सलाह के साथ 23% तक उछाल की उम्मीद

केमिकल सेक्टर की कंपनी SRF Ltd के शेयरों में आगे लगभग 23 प्रतिशत तक का उछाल देखने को​​ मिल सकता है। ऐसी उम्मीद ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल के टारगेट प्राइस से मिली है। ब्रोकरेज ने शेयर के लिए ‘बाय’ रेटिंग दोहराई है और टारगेट प्राइस 3350 रुपये प्रति शेयर दिया है। यह शेयर के मौजूदा भाव से 22.6 प्रतिशत ज्यादा है। शेयर बीएसई पर गुरुवार, 25 जून को 2731.90 रुपये पर बंद हुआ। शुक्रवार को मुहर्रम के चलते शेयर बाजार बंद हैं।

मोतीलाल ओसवाल ने अपने रिसर्च नोट में कहा कि वित्त वर्ष 2026 में ग्लोबल माहौल में उतार-चढ़ाव और अनिश्चितता रही। मिडिल ईस्ट में भूराजनीतिक तनाव के कारण ट्रेड फ्लो और सप्लाई चेन में रुकावटें आईं। इन चुनौतियों का असर SRF के लॉजिस्टिक्स नेटवर्क, सप्लाई चेन ऑपरेशंस और मुख्य मार्केट तक पहुंच पर पड़ा। मैक्रो-इकोनॉमिक मुश्किलों के बावजूद, कंपनी ने अनुशासित तरीके से काम करके, ऑपरेशनल एक्सीलेंस और अपने सभी बिजनेस में लगातार स्ट्रैटेजिक इन्वेस्टमेंट के जरिए इस माहौल का सफलतापूर्वक सामना किया।

मजबूत डिमांड, बेहतर रियलाइजेशन और हाई-कैपेसिटी यूटिलाइजेशन की वजह से फ्लोरोकेमिकल सेगमेंट ने FY26 में रिकॉर्ड परफॉर्मेंस दी। SRF ने अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो और इंटीग्रेशन को मजबूत करने के लिए नेक्स्ट-जेनरेशन रेफ्रिजरेंट्स, कैपेसिटी बढ़ाने और स्पेशलिटी पॉलिमर्स में निवेश जारी रखा। AC की बढ़ती डिमांड, PTFE के प्रोडक्शन में बढ़ोतरी, ज्यादा HFC कैपेसिटी और स्पेशलिटी पॉलीमर प्लांट के चालू होने से ग्रोथ को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

ब्रोकरेज को उम्मीद है कि FY26-28 के दौरान SRF का रेवेन्यू 14%, EBITDA 20% और एडजस्टेड शुद्ध मुनाफा 22% (कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट) CAGR से बढ़ेगा। इन सब फैक्टर्स के बेसिस पर मोतीलाल ओसवाल ने 3,350 रुपये के टारगेट के साथ स्टॉक पर अपनी ‘बाय’ रेटिंग को दोहराई है।

Stock Market Holiday: आज 26 जून को मुहर्रम पर BSE और NSE में छुट्टी, शेयरों में नहीं होगी ट्रेडिंग

आज शुक्रवार, 26 जून को शेयरों में ट्रेडिंग नहीं हो सकेगी क्योंकि शेयर बाजारों में छुट्टी है। कारण है- मुहर्रम। इस मौके पर BSE और NSE दोनों पर इक्विटी में ट्रेडिंग बंद रहने वाली है। दोनों स्टॉक एक्सचेंजों की हॉलिडे लिस्ट में यह छुट्टी मौजूद है। NSE में शुक्रवार को कमोडिटी डेरिवेटिव्स में सुबह के सेशन में ट्रेडिंग बंद रहेगी लेकिन शाम के सेशन (शाम 5 बजे से 11:30/11:55 बजे तक) में ट्रेडिंग चालू रहेगी। वहीं इक्विटीज, इक्विटी डेरिवेटिव्स, करेंसी डेरिवेटिव्स, कॉरपोरेट बॉन्ड्स, न्यू डेट सेगमेंट्स, म्यूचुअल फंड्स, सिक्योरिटी लेंडिंग एंड बॉरोइंग स्कीम्स, निगोशिएटेड ट्रेड रिपोर्टिंग प्लेटफॉर्म, इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीप्ट्स और इंट्रेस्ट रेट डेरिवेटिव्स सेगमेंट्स में छुट्टी है।

BSE पर मौजूद जानकारी के मुताबिक, 26 जून को BSE में इक्विटी सेगमेंट, इक्विटी डेरिवेटिव सेगमेंट, करेंसी डेरिवेटिव्स सेगमेंट्स, NDS-RST, ट्राई पार्टी रेपो सेगमेंट्स के लिए ट्रेडिंग हॉलिडे है। वहीं कमोडिटी डेरिवेटिव्स सेगमेंट और इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीप्ट्स (EGR) में शाम का सेशन (शाम 5 बजे से 11:30/11:55 बजे तक) ओपन रहने वाला है।

बता दें कि घरेलू शेयर बाजार में हर शनिवार और रविवार को छुट्टी रहती है लेकिन इसके अलावा सार्वजनिक अवकाशों और कुछ दूसरे खास मौकों पर भी मार्केट बंद रहता है।

बाकी बचे साल में शनिवार-रविवार के अलावा और कब बाजार रहेगा बंद

14 सितंबर: गणेश चतुर्थी

2 अक्टूबर: महात्मा गांधी जयंती

20 अक्टूबर: दशहरा

10 नवंबर: दिवाली-बलिप्रतिपदा

24 नवंबर: प्रकाश पर्व श्री गुरु नानक देव

25 दिसंबर: क्रिसमस

शनिवार/रविवार को पड़ रही छुट्टियां

15 अगस्त: स्वतंत्रता दिवस

8 नवंबर: दिवाली लक्ष्मी पूजन

दिवाली के मौके पर मुहूर्त ट्रेडिंग रविवार, 8 नवंबर 2026 को होगी। मुहूर्त ट्रेडिंग का समय बाद में घोषित किया जाएगा।

Stock Market Holiday: 26 जून को मुहर्रम पर BSE और NSE में छुट्टी रहेगी या नहीं? क्या कहता है हॉलिडे कैलेंडर

शुक्रवार, 26 जून को देश के शेयर बाजारों में छुट्टी रहने वाली है। इसके पीछे वजह है- मुहर्रम। इस मौके पर BSE और NSE दोनों पर इक्विटी में ट्रेडिंग बंद रहने वाली है। दोनों स्टॉक एक्सचेंजों की हॉलिडे लिस्ट में यह छुट्टी मौजूद है। वैसे तो शेयर बाजार में हर शनिवार और रविवार को छुट्टी रहती है लेकिन इसके अलावा कुछ दूसरे खास मौकों और सार्वजनिक अवकाशों पर भी मार्केट बंद रहता है।

BSE पर मौजूद जानकारी के मुताबिक, 26 जून को BSE में इक्विटी सेगमेंट, इक्विटी डेरिवेटिव सेगमेंट, करेंसी डेरिवेटिव्स सेगमेंट्स, NDS-RST, ट्राई पार्टी रेपो सेगमेंट्स के लिए ट्रेडिंग हॉलिडे रहेगा। वहीं कमोडिटी डेरिवेटिव्स सेगमेंट और इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीप्ट्स (EGR) में शाम का सेशन (शाम 5 बजे से 11:30/11:55 बजे तक) ओपन रहने वाला है।

इसी तरह NSE में भी कमोडिटी डेरिवेटिव्स में सुबह के सेशन में ट्रेडिंग बंद रहेगी लेकिन शाम के सेशन (शाम 5 बजे से 11:30/11:55 बजे तक) में ट्रेडिंग चालू रहेगी। वहीं इक्विटीज, इक्विटी डेरिवेटिव्स, करेंसी डेरिवेटिव्स, कॉरपोरेट बॉन्ड्स, न्यू डेट सेगमेंट्स, म्यूचुअल फंड्स, सिक्योरिटी लेंडिंग एंड बॉरोइंग स्कीम्स, निगोशिएटेड ट्रेड रिपोर्टिंग प्लेटफॉर्म, इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीप्ट्स और इंट्रेस्ट रेट डेरिवेटिव्स सेगमेंट्स में छुट्टी रहेगी।

बाकी बचे साल में शनिवार-रविवार के अलावा और कब बाजार रहेगा बंद

14 सितंबर: गणेश चतुर्थी

2 अक्टूबर: महात्मा गांधी जयंती

20 अक्टूबर: दशहरा

10 नवंबर: दिवाली-बलिप्रतिपदा

24 नवंबर: प्रकाश पर्व श्री गुरु नानक देव

25 दिसंबर: क्रिसमस

शनिवार/रविवार को पड़ रही छुट्टियां

15 अगस्त: स्वतंत्रता दिवस

8 नवंबर: दिवाली लक्ष्मी पूजन

दिवाली के मौके पर मुहूर्त ट्रेडिंग रविवार, 8 नवंबर 2026 को होगी। मुहूर्त ट्रेडिंग का समय बाद में घोषित किया जाएगा।

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19 जून को कैसी रही थी बाजार की चाल

5 दिन तेजी दर्ज करने के बाद शुक्रवार, 19 जून को शेयर बाजार में ​गिरावट रही। सेंसेक्स 607.08 अंक टूटकर 76,802.90 पर और निफ्टी 154.90 अंकों की गिरावट के साथ 24,013.10 पर बंद हुआ। दिन में सेंसेक्स पिछली क्लोजिंग से 940.26 अंक तक टूटा और 76,469.72 का लो देखा। निफ्टी 266.1 अंक तक लुढ़ककर 23,901.90 के लो तक गया।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।