Stocks to Watch: सोमवार 22 जून को फोकस में रहेंगे ये 16 स्टॉक्स, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Stocks to Watch: सोमवार, 22 जून के कारोबार में कई शेयरों पर निवेशकों की नजर रह सकती है। कुछ कंपनियों को बड़े ऑर्डर मिले हैं, कुछ ने डिविडेंड और रणनीतिक निवेश से जुड़े अहम ऐलान किए हैं। ऐसे में इन शेयरों में सोमवार को बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है।

Reliance Industries

रिलायंस इंडस्ट्रीज की टेलीकॉम कंपनी Jio Platforms ने 19 जून को SEBI के पास IPO के लिए ड्राफ्ट पेपर दाखिल कर दिए हैं। यह इश्यू 27 करोड़ नए शेयरों का फ्रेश इश्यू होगा।

Bharat Forge

डिफेंस कंपनी Bharat Forge को रक्षा मंत्रालय से ₹425 करोड़ का ऑर्डर मिला है। कंपनी भारतीय नौसेना के कोलकाता-क्लास युद्धपोतों के लिए गैस टर्बाइन जनरेटर (GTG) की सप्लाई करेगी।

Tata Motors CV

टाटा ग्रुप की Tata Motors CV को 3,400 से ज्यादा इलेक्ट्रिक कमर्शियल व्हीकल्स (eCV) के ऑर्डर मिले हैं। इनमें करीब 2,000 छोटे कमर्शियल व्हीकल और पिक-अप, 900 ट्रक और 500 बसें शामिल हैं।

Knowledge Marine

इंजीनियरिंग कंपनी Knowledge Marine & Engineering Works (KMEW) को Inland Waterways Authority of India (IWAI) से 66.11 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला है। कंपनी 20 यात्रियों की क्षमता वाली 10 हाइब्रिड इलेक्ट्रिक फेरी बनाएगी। ऑर्डर में मैन्युफैक्चरिंग के साथ 5 साल का मेंटेनेंस भी शामिल है।

Nestle India

FMCG कंपनी Nestle India के बोर्ड की बैठक 3 जुलाई को होगी। इस बैठक में कंपनी 2026 के लिए स्पेशल डिविडेंड देने पर विचार करेगी।

Som Distilleries and Breweries

शराब बनाने वाली Som Distilleries and Breweries ने बताया कि मध्य प्रदेश आबकारी विभाग ने भोपाल प्लांट के लिए वित्त वर्ष 2026-27 का लाइसेंस देने से इनकार कर दिया है।

Kirloskar Oil Engines

इंजन और पावर सॉल्यूशन कंपनी Kirloskar Oil Engines को HyperNext से 192 मेगावाट क्षमता का बड़ा ऑर्डर मिला है। यह बिजली भारत में AI बेस्ड बड़े डेटा सेंटरों को सपोर्ट करने के लिए इस्तेमाल होगी।

RVNL

रेलवे सेक्टर की सरकारी कंपनी RVNL को बड़ा ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर सरकारी खनन कंपनी NMDC ने दिया है। कंपनी आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में बफर स्टॉकपाइल और ब्लेंडिंग यार्ड बनाएगी। इसकी क्षमता 10 मिलियन टन सालाना होगी। यह प्रोजेक्ट NMDC की लॉजिस्टिक्स क्षमता बढ़ाने में मदद करेगा।

Aurobindo Pharma

फार्मा कंपनी Aurobindo Pharma ने बताया कि US FDA ने Eugia Steriles Private Ltd यूनिट का निरीक्षण पूरा कर लिया है। निरीक्षण के दौरान पांच ऑब्जर्वेशन जारी किए गए हैं।

Chennai Petroleum Corporation

सरकारी ऑयल रिफाइनिंग कंपनी Chennai Petroleum Corporation (CPCL) को केंद्र सरकार ने नवरत्न का दर्जा दे दिया है। इससे कंपनी को कारोबारी फैसलों में अधिक स्वतंत्रता मिलेगी।

Himadri Speciality Chemical

स्पेशलिटी केमिकल्स कंपनी Himadri Speciality Chemical ने अमेरिका की International Battery Company में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 20.47% कर ली है। इसके लिए कंपनी ने अतिरिक्त 6.6 लाख डॉलर का निवेश किया है।

Vikram Solar

सोलर एनर्जी कंपनी Vikram Solar के खिलाफ दायर दिवाला याचिका को NCLT की कोलकाता बेंच ने स्वीकार कर लिया है। यह याचिका Isitva Steels Private Limited ने दायर की थी।

Garden Reach Shipbuilders & Engineers

डिफेंस सेक्टर की सरकारी कंपनी Garden Reach Shipbuilders & Engineers (GRSE) को केंद्र सरकार से नवरत्न का दर्जा मिला है। इसे कंपनी के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

Goodluck India

स्टील और डिफेंस उत्पाद बनाने वाली Goodluck India की सहायक कंपनी Goodluck Defence and Aerospace को करीब ₹255 करोड़ का ऑर्डर मिला है। कंपनी 155 मिमी लंबी दूरी के खाली गोले सप्लाई करेगी।

Mahindra Lifespace Developers

रियल एस्टेट कंपनी Mahindra Lifespace Developers ने मुंबई के कांदिवली ईस्ट में 15 एकड़ जमीन खरीदी है। इस प्रोजेक्ट की अनुमानित वैल्यू करीब ₹5,600 करोड़ है और इसमें लगभग 18 लाख वर्ग फुट डेवलपमेंट की संभावना है।

Power Mech

बिजली कंपनी Power Mech Projects को JSW Thermal Energy से 1,008.90 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला है। कंपनी पश्चिम बंगाल के सालबोनी में बन रहे 2×800 मेगावाट के थर्मल पावर प्रोजेक्ट में सिविल और स्ट्रक्चरल काम करेगी। इस प्रोजेक्ट को 36 महीने में पूरा करना है।

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Upcoming IPOs: AGS Health समेत 4 और कंपनियों के IPO कतार में, SEBI ने दिया ग्रीन सिग्नल

कैपिटल मार्केट रेगुलेटर SEBI ने 4 और कंपनियों के IPO को मंजूरी दे दी है। ये कंपनियां हैं- एजीएस हेल्थ, पीजीपी ग्लास, श्रेणी शेयर्स और SRIT इंडिया। एजीएस हेल्थ और पीजीपी ग्लास ने मार्च 2026 में सेबी के पास कॉन्फिडेंशियल तरीके से IPO का ड्राफ्ट जमा किया था। कॉन्फिडेंशियल रूट कंपनियों को लिस्टिंग पर अंतिम फैसले पर पहुंचने तक गोपनीयता की सुविधा देता है। अगर जरूरी हो तो वे बाद में बाजार की स्थितियों के आधार पर महत्वपूर्ण जानकारी का खुलासा किए बिना ड्राफ्ट को वापस भी ले सकती हैं।

कॉन्फिडेंशियल प्री-फाइलिंग कंपनियों को सेंसिटिव बिजनेस डिटेल्स या फाइनेंशियल मेट्रिक्स और रिस्क्स को गोपनीय रखने की इजाजत देती है, खासकर कॉम्पिटीटर्स से। दूसरी ओर स्टैंडर्ड DRHP (ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस) फाइलिंग के बाद एक पब्लिक डॉक्युमेंट बन जाता है।

एजीएस हेल्थ 4500 करोड़ रुपये और पीजीपी ग्लास 4,100 करोड़ रुपये का पब्लिक इश्यू लाना चाहती है। इस तरह ये दोनों कंपनियां कुल मिलाकर 8600 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में हैं।

बाकी दोनों कंपनियों का क्या प्लान

ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) के अनुसार, स्टॉक ब्रोकिंग फर्म श्रेणी शेयर्स के प्रस्तावित पब्लिक इश्यू में 69 लाख तक नए शेयर जारी होंगे। साथ ही मौजूदा शेयरधारकों की ओर से 82 लाख तक शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) रहेगा। कंपनी नए शेयर जारी कर हासिल होने वाली रकम का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने, कुछ कर्ज चुकाने और सामान्य कॉर्पोरेट कामों के लिए करने की योजना बना रही है।

ड्राफ्ट पेपर के अनुसार, SRIT इंडिया के IPO में 1.68 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी होंगे। ऑफर फॉर सेल नहीं होगा। IPO से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल मौजूदा प्रोडक्ट्स को आधुनिक बनाने और उनके रीडेवलपमेंट, वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने, पहले से न पता अधिग्रहणों (Acquisitions) के जरिए इनऑर्गेनिक ग्रोथ हासिल करने और सामान्य कॉर्पोरेट कामों के लिए किया जाएगा।

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जियो प्लेटफॉर्म्स ने भी जमा किया IPO ड्राफ्ट

जियो प्लेटफॉर्म्स ने भी अपने पब्लिक इश्यू के लिए ड्राफ्ट सेबी के पास जमा कर दिया है। यह देश का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू साबित हो सकता है। कंपनी करीब 4 अरब डॉलर (लगभग 37,700 करोड़ रुपये) जुटाने की योजना बना रही है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Jio IPO: जियो प्लेटफॉर्म्स ने 19 इन्वेस्टमेंट बैंकों को बनाया बुक रनिंग लीड मैनेजर, ₹37700 करोड़ जुटाने की रहेगी कोशिश

रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल सर्विसेज यूनिट जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड ने अपने IPO के लिए शुक्रवार, 19 जून को ड्राफ्ट पेपर कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कर दिया। इस पब्लिक इश्यू के जरिए कंपनी करीब 4 अरब डॉलर (लगभग 37,700 करोड़ रुपये) जुटाने की योजना बना रही है। इससे कंपनी की वैल्यूएशन लगभग 137 अरब डॉलर आंकी गई है। ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) में Jio Platforms ने घोषणा की कि उसने अपने प्रस्तावित IPO के लिए 19 इन्वेस्टमेंट बैंकों को बुक रनिंग लीड मैनेजर (BRLM) के तौर पर नियुक्त किया है। यह किसी एक पब्लिक ऑफरिंग के लिए नियुक्त किए गए बैंकों की संख्या के हिसाब से दूसरा सबसे बड़ा मामला है।

DRHP के अनुसार, इस ऑफर के लिए BRLM हैं- कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी, मॉर्गन स्टेनली इंडिया कंपनी प्राइवेट लिमिटेड, BofA सिक्योरिटीज इंडिया, एक्सिस कैपिटल, BNP पारिबा, सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, CLSA इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, DAM कैपिटल एडवाइजर्स, गोल्डमैन सैक्स (इंडिया) सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड, HDFC बैंक, HSBC सिक्योरिटीज एंड कैपिटल मार्केट्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड, ICICI सिक्योरिटीज, IIFL कैपिटल सर्विसेज (पहले IIFL सिक्योरिटीज), जेफरीज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, JM फाइनेंशियल, JP मॉर्गन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, SBI कैपिटल मार्केट्स, UBS सिक्योरिटीज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और 360 ONE WAM।

इन 19 इनवेस्टमेंट बैंकों में से कोटक महिंद्रा कैपिटल को कैपिटल स्ट्रक्चरिंग, DRHP ड्राफ्टिंग, SEBI और रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के नियमों का पालन, कानूनी विज्ञापन, मध्यस्थों की नियुक्ति और घरेलू संस्थागत मार्केटिंग के लिए लीड कोऑर्डिनेटर बनाया गया है।

Jio IPO जारी होंगे 27 करोड़ नए शेयर

19 जून को रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं सालाना आम बैठक के दौरान चेयरमैन मुकेश अंबानी ने घोषणा की कि Jio Platforms को अपने प्रस्तावित IPO के लिए बोर्ड की मंजूरी मिल गई है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के मुताबिक, इश्यू में 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 27 करोड़ तक नए शेयर जारी करने की योजना है।

NSE IPO के लिए 20 बैंकर

हाल ही में, NSE ने घोषणा की थी कि उसके प्रस्तावित IPO में लगभग 20 बैंकर होंगे, जो किसी एक इश्यू के लिए बैंकरों की सबसे ज्यादा संख्या होगी। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) भी सेबी के पास अपने IPO का ड्राफ्ट जमा कर चुका है। इससे करीब 30,000 करोड़ रुपये जुटाए जाने का प्लान है। IPO पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा। नए शेयर जारी नहीं होंगे। OFS में मौजूदा शेयरधारक कुल 14.89 करोड़ शेयर बेचेंगे। शेयरों को बिक्री के लिए रखने वालों में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), एमएस स्ट्रैटेजिक (मॉरीशस) लिमिटेड, कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड, अरांडा इन्वेस्टमेंट्स (मॉरीशस) प्राइवेट लिमिटेड, बैंक ऑफ बड़ौदा और स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड शामिल हैं। NSE में सबसे अधिक हिस्सेदारी रखने वाली LIC कोई शेयर नहीं बेचेगी।

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देश का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू बन सकता है Jio IPO

Jio का पब्लिक इश्यू भारत में अब तक का सबसे बड़ा IPO साबित हो सकता है। भारत में अभी तक सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू Hyundai Motor India का रहा है। यह अक्टूबर 2024 में आया था और इसका साइज 27,858.75 करोड़ रुपये या 294.97 करोड़ डॉलर रहा था। अब जियो लगभग 37,700 करोड़ रुपये का IPO लेकर आ रही है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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SEBI ने ओपन मार्केट बायबैक फिर से शुरू करने की इजाजत दी, 1 अगस्त से नए नियम लागू

सेबी ने स्टॉक एक्सचेंजों के जरिए ओपन मार्केट शेयर बायबैक दोबारा शुरी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। शेयर बायबैक के इस तरीके को अप्रैल 2025 में बंद कर दिया था। टैक्स के नियमों में बदलाव के बाद ऐसा किया गया था। 1 अगस्त से शेयर बायबैक का यह तरीका फिर से शुरू हो जाएगा।

ओपन मार्केट बायबैक एक अतिरिक्त विकल्प होगा

ओपन मार्केट बायबैक को 66 दिनों में पूरा करना होता है। बायबैक के लिए एलॉटेड कम से कम 40 फीसदी फंड का इस्तेमाल होना जरूरी है। सेबी ने कहा है कि स्टॉक एक्सचेंजों के जरिए ओपन मार्केट बायबैक पहले से मौजूद बायबैक फ्रेमवर्क के तहत एक अतिरिक्त विकल्प होगा।

टैक्स को लेकर अब बायबैक के तरीकों में फर्क नहीं रह गया है

रेगुलेटर ने यह भी कहा है कि बायबैक के अलग-अलग तरीकों के बीच टैक्स को लेकर फर्क अब खत्म हो गया है। टैक्स के संसोधित नियमों में इस फर्क को दूर कर दिया गया है। इससे उन कंपनियों को शेयर बायबैक का ऐलान करने में आसानी होगी, जिनके पास पर्याप्त कैश है। वे अपने शेयरहोल्डर्स को बायबैक ऑफर कर सकती हैं।

बायबैक के वैकल्पिक तरीके का दुरूपयोग नहीं होने देगा सेबी

रेगुलेटर यह सुनिश्चित करेगा कि बायबैक के वैकल्पिक तरीके का दुरूपयोग नहीं किया जाए। इसके लिए बायबैक पीरियड के दौरान ISIN लेवल पर प्रमोटर और प्रमोटर ग्रुप की होल्डिंग्स फ्रिज कर दी जाएगी। हालांकि, टेंडर ऑफर के जरिए बायबैक में प्रमोटर्स को पार्टिसिपेट करने की इजाजत होगी। सेबी ने यह भी फैसला किया है कि शेयर बायबैक करने वाली कंपनी को पब्लिक अनाउंसमेंट के एक वर्किंग दिन के अंदर शेयरहोल्डर्स को इलेक्ट्रॉनिक तरीके से नोटिफाय करना होगा।

बायबैक के लिए अलग ट्रेडिंग विंडों की भी नहीं पड़ेगी जरूरत

सेबी ने स्टॉक एक्सचेंजों के जरिए होने वाले शेयर बायबैक के लिए अलग से ट्रेडिंग विंडो की जरूरत खत्म करने का भी फैसला किया है। पहले टैक्स के मामले में फर्क होने की वजह से अलग विंडो की शुरुआत की गई थी। सेबी का मानना है कि अब इसकी जरूरत नहीं रह गई है। अब बायबैक के ट्रांजेक्शंस स्टॉक एक्सचेंजों के रेगुलर ट्रेडिंग मैकेनिज्म के तहत पूरे होंगे।

मर्चेंट बैंकर्स की अनिवार्य नियुक्ति की जरूरत भी खत्म

रेगुलेटर ने बायबैक ट्रांजेक्शंस के लिए मर्चेंट बैंकर्स की अनिवार्य नियुक्ति की जरूरत भी खत्म कर दी है। अब प्रोसिजर से संबंधित कई जिम्मेदारियां लिस्टेड कंपनियों, स्टॉक एक्सचेंजों, कंप्लायंस ऑफिसर्स और सेक्रेटेरियल ऑडिटर्स पर डाल दी गई है।

Reliance AGM 2026 : भारत को AI के क्षेत्र में क्रिएटर और ग्लोबल लीडर बनाने पर होना चाहिए फोकस -मुकेश अंबानी

Reliance AGM 2026 : रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी ने शुक्रवार को कहा कि भारत को कहीं और बनाई गई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सिर्फ उपभोक्ता बनकर नहीं रहना चाहिए,बल्कि इस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में उसे क्रिएटर,एडॉप्टर और ग्लोबल लीडर बनना चाहिए। रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं एजीएम में बोलते हुए अंबानी ने कहा कि AI और एनर्जी के मामले में आत्मनिर्भरता भारत के लिए राष्ट्रीय मिशन बनने चाहिए।

अंबानी ने शेयरधारकों से कहा,”मैंने पहले भी आपसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की क्रांतिकारी ताकत के बारे में बात की है। मेरा पक्का मानना ​​है कि भारत को कहीं और बनी AI का सिर्फ इस्तेमाल करने वाला नहीं बनना चाहिए। उसे AI के क्षेत्र में क्रिएटर,उसे अपनाने वाला और ग्लोबल लीडर बनना चाहिए।”

अंबानी ने कहा कि पिछले साल ग्रुप के नए ग्रोथ इंजन के तौर पर घोषित किया गया रिलायंस इंटेलिजेंस अब अपने एग्जीक्यूशन फ़ेज़ में प्रवेश कर रहा है। उन्होंने कहा कि इसका मकसद एक मुनाफे वाला AI इंफ़्रास्ट्रक्चर,प्लेटफ़ॉर्म और सर्विसेज का बिजनेस बनाना है। रिलायंस इंटेलिजेंस का लक्ष्य “हर किसी के लिए,हर जगह AI”का है।

शेयरहोल्डर्स को संबोधित करते हुए आकाश अंबानी ने भी कहा कि रिलायंस “भारत का सॉवरेन AI बैकबोन”बना रहा है और उसका मकसद AI को हर भारतीय के लिए सुगम और सस्ता बनाना है। उन्होंने कहा कि 120 MW का पहला AI कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर 2026 के आखिर तक चालू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि रिलायंस अपने AI प्लान के तहत NVIDIA GB300 इंफ्रास्ट्रक्चर को भी चालू कर रहा है।

आकाश अंबानी ने बताया कि रिलायंस 22 भारतीय भाषाओं में AI सर्विस बना रही है और कंपनी के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रोलआउट में भाषा तक पहुंच को फोकस में रखा गया है। जियो अपने नेटवर्क में सीधे AI को शामिल कर रही है और उसने जियो कॉल्स में AI वॉयस असिस्टेंट को इंटीग्रेट किया है।

मुकेश अंबानी ने कहा कि जियो अब सिर्फ टेक्नोलॉजी को इंटीग्रेट नहीं कर रहा है,बल्कि ओरिजिनल टेक्नोलॉजी भी बना रहा है। रिलायंस इंटेलिजेंस के इंजीनियर राष्ट्रीय स्तर की समस्याओं पर काम करेंगे। उन्होंने कहा,”हम आपको हमारे समय की सबसे अहम चुनौतियों को हल करने के लिए जरूरी स्केल, संसाधन और आजादी देंगे।”

RIL AGM 2026 Live: बोर्ड ने JIO के IPO को मंजूरी दी, SEBI में आज दाखिल करेगी DRHP

AI से जुड़ी ये घोषणाएं आत्मनिर्भरता की बड़ी मुहिम का हिस्सा थीं। अंबानी ने कहा कि दुनिया में जारी उठापटक के बीच भारत के लिए सबसे जरूरी सबक यह है कि देश को आत्मनिर्भर बनाने की कोशिशों को और तेज किया जाए। भारत को अहम टेक्नोलॉजी और जरूरी खनिजों के मामले में आत्मनिर्भर बनना होगा। ऊर्जा और AI के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को राष्ट्रीय मिशन बनाना होगा।

कंपनी ने अपने AI प्लान को Jio के टेलीकॉम और डिजिटल नेटवर्क से भी जोड़ा। आकाश अंबानी ने बताया कि Jio के 5G ग्राहकों की संख्या 26.8 करोड़ तक पहुंच गई है,जबकि JioAirFiber से 1.3 करोड़ घर जुड़ चुके हैं। उन्होंने कहा कि Jio का डेटा ट्रैफ़क 241 एक्साबाइट तक पहुंच गया है और टैक्स के बाद Jio का मुनाफा पहली बार 30,000 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है।

मुकेश अंबानी ने कहा कि Jio ने 10 साल पूरे कर लिए हैं और भारत की डिजिटल और AI क्रांति में मुख्य भूमिका निभाने वाली कंपनी बन गई है।

 

 

RIL AGM 2026 : ग्लोबल चुनौतियों के बावजूद रिलायंस ने हासिल किया रिकॉर्ड तोड़ रेवेन्यू,EBITDA और नेट प्रॉफिट

Rajesh Exports Share Price: 5% उछाल के बाद राजेश एक्सपोर्ट्स के शेयरों में लगा अपर सर्किट, 5 सत्रों में 28% चढ़ा है स्टॉक

Rajesh Exports Share Price: राजेश एक्सपोर्ट्स के शेयरों में 19 जून को बड़ी तेजी आई। 5 फीसदी चढ़ने के बाद शेयर में अपर सर्किट लग गया। बीते पांच ट्रेडिंग सेशंस में यह शेयर करीब 28 फीसदी चढ़ चुका है। कंपनी और इसके फाउंडर राजेश मेहता के खिलाफ सेबी के अंतरिम आदेश के बाद शेयर में बड़ी गिरावट आई थी। लेकिन, अब शेयर तब के क्लोजिंग लेवल से करीब 11 फीसदी नीचे रह गया है।

सेबी ने 3 जून को दिया था अंतरिम आदेश

सेबी ने 3 जून को राजेश एक्सपोर्ट्स उसके फाउंडर चेयरमैन के खिलाफ अंतरिम आदेश दिया था। उसके बाद लगातार 7 सत्रों में शेयर गिरा था। इससे पिछले महीने इसका भाव गिरकर 52 हफ्ते के निचले स्तर 77.05 रुपये पर आ गया था। रेगुलेटर ने मामले की जांच पूरी होने तक राजेश एक्सपोर्ट्स और मेहता पर सिक्योरिटीज मार्केट में किसी तरह का ट्रांजेक्शन करने पर रोक लगा दी है। कंपनी पर FY21 और FY25 के बीच करीब 15.15 लाख करोड़ रुपये का रेवेन्यू बढ़ाकर दिखाने का आरोप है।

राजेश एक्सपोर्ट्स ने आरोपों को गलत बताया

सेबी का आरोप है कि राजेश एक्सपोर्ट्स की विदेश में स्थित सब्सिडियरीज के रेवेन्यू का एक बड़ा हिस्सा बढ़ाकर दिखाया गया। रेगुलेटर के मुताबिक, FY21 और FY25 के बीच राजेश एक्सपोर्ट्स के कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू में उसकी सब्सिडियरीज कंपनियों की हिस्सेदारी 97-99 फीसदी थी। हालांकि, राजेश एक्सपोर्ट्स ने सेबी के आरोपों को गलत बताया है। पिछले हफ्ते कंपनी ने इस बारे में सफाई पेश की थी। उसने कहा था कि सेबी के आदेश में सिर्फ प्रारंभिक ऑब्जर्वेशन शामिल है। उसने यह भी कहा था कि उसका रेवेन्यू और फाइनेंशियल डिसक्लोजर्स सही हैं।

राजेश एक्सपोर्ट्स आरोपों का जवाब तैयार कर रही

राजेश एक्सपोर्ट्स ने यह भी कहा था कि वह सपोर्टिंग डॉक्युमेंट्स के साथ सेबी के आरोपों का जवाब तैयार कर रही है। उसने मनीकंट्रोल को बताया कि अलग-अलग एक्सचेंज के डिसक्लोजर्स में डेटा में जो फर्क है, उसकी वजह रिपोर्टिंग के अलग-अलग तरीके हैं। इनसे डेटा में किसी तरह की अनियमितता का संकेत नहीं मिलता है।

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इस साल 45 फीसदी गिरा है कंपनी का शेयर 

राजेश एक्सपोर्ट्स का शेयर इस साल अब तक 45 फीसदी से ज्यादा गिरा है। इधर, 19 जून को शेयर बाजारों में 5 दिनों की तेजी पर ब्रेक लग गया। 11:20 बजे निफ्टी 0.88 फीसदी यानी 212 अंक गिरकर 23956 पर चल रहा था। सेंसेक्स 1 फीसदी की कमजोरी यानी 783 अंक गिरकर 76,624 पर चल रहा था। इससे पहले अमेरिका-ईरान में डील की खबर से शेयर बाजारों में लगातार तेजी देखने को मिली थी।