Mangal Nakshatra Gochar: मंगल करेंगे शनि के नक्षत्र पुष्य में प्रवेश, 4 राशियों के जातकों की होगी छप्पर फाड़ कमाई और आएगी खुशहाली

Mangal Nakshatra Gochar: ज्योतिष शास्त्र में मंगल ग्रह को उग्र और अग्नितत्व वाला ग्रह माना जाता है। इस ग्रह से प्रभावित जातक साहसी, पराक्रमी और बलवान माने जाते हैं। यह ग्रह जब किसी राशि या नक्षत्र में प्रवेश करता है, तब इसका असर सभी 12 राशियों के जातकों पर देखने को मिलता है। लेकिन ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, ग्रह-नक्षत्रों की चाल का प्रभाव सभी राशियों पर एक जैसा नहीं रहता है। कुछ के लेकिन बहुत अच्छा, तो कुछ के सामान्य, जबकि कुछ अन्य के लिए ग्रहों की चाल बदलना कष्टकारी साबित होता है।

ऐसा ही एक बदलाव ग्रहों के सेनापति मंगल की चाल में 24 सितंबर 2026 को होने वाला है। मंगल ग्रह इस दिन पुष्य नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। पुष्य नक्षत्र के स्वामी शनि हैं, जबकि देवगुरु बृहस्पति इसके अधिष्ठाता देवता माने जाते हैं। मंगल का इस नक्षत्र में प्रवेश कुछ राशियों के लिए आर्थिक और करियर के लिहाज से शुभ साबित हो सकता है।

मंगल ग्रह का पुष्य नक्षत्र में प्रवेश कब?

कर्क राशि में गोचर कर रहे मंगल 24 सितंबर को सुबह 5 बजकर 50 मिनट पर पुष्य नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। 17 अक्टूबर 2026 तक इसी नक्षत्र में रहेंगे। कर्क राशि मंगल की नीच राशि मानी जाती है। इसी राशि में गुरु पहले से मौजूद हैं और उनकी मौजूदगी के कारण मंगल के नकारात्मक प्रभाव में कमी और शुभ प्रभाव में वृद्धि का अनुमान जताया जा रहा है।

इन राशियों के शुरू होंगे अच्छे दिन

मेष राशि : मंगल का नक्षत्र परिवर्तन मेष राशि के जातकों के लिए राहत और प्रगति लेकर आ सकता है। लंबे समय से अटके काम पूरे होने की संभावना है। संपत्ति से जुड़े मामलों में लाभ मिल सकता है। कारोबारियों के लिए यह समय अनुकूल रह सकता है। परिवार के लोगों का सहयोग मिलेगा।

सिंह राशि : सिंह राशि वालों के लिए यह नक्षत्र परिवर्तन नए अवसरों के दरवाजे खोल सकता है। नौकरी बदलने की योजना बना रहे लोगों को कोई अच्छा मौका मिल सकता है। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। आपकी कार्यक्षमता और आत्मविश्वास में बढ़ोतरी हो सकती है।

कन्या राशि : कन्या राशि के जातकों के लिए मंगल का पुष्य नक्षत्र में प्रवेश मान-सम्मान और करियर में प्रगति का संकेत दे रहा है। नौकरी या व्यापार में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। अटके हुए कामों को गति मिल सकती है। रोजी-रोजगार के क्षेत्र में तरक्की के अवसर बनेंगे।

धनु राशि : धनु राशि के लोगों के लिए मंगल का यह नक्षत्र परिवर्तन आर्थिक रूप से लाभकारी रह सकता है। आमदनी में सुधार और व्यापार में मुनाफे के योग बन सकते हैं। लंबे समय से रुके किसी काम में तेजी आ सकती है। नौकरी से जुड़ी परेशानियां कम होने की संभावना है।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई सामग्री जानकारी मात्र है। हम इसकी सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता का दावा नहीं करते। कृपया किसी भी कार्रवाई से पहले विशेषज्ञ से संपर्क करें

Surya Gochar 2026: कन्या संक्रांति पर मित्र बुध की राशि में प्रवेश करेंगे सूर्य और 5 राशि वालों की बढ़ाएंगे टेंशन, जानें कौन सी हैं ये राशियां

Surya Gochar 2026: कन्या संक्रांति पर मित्र बुध की राशि में प्रवेश करेंगे सूर्य और 5 राशि वालों की बढ़ाएंगे टेंशन, जानें कौन सी हैं ये राशियां

Surya Gochar 2026: ग्रहों के राजा सूर्य हर माह यानी लगभग 30 दिनों में राशि बदलते हैं। सूर्य के राशि परिवर्तन को संक्रांति कहा जाता है। इस माह सूर्य का गोचर 17 सितंबर को अपने मित्र और ग्रहों के राजकुमार बुध ग्रह की स्वराशि कन्या में होगा। सूर्य के इस गोचर को कन्या संक्रांति के रूप में मनाया जाएगा। अभी स्वराशि सिंह में विराजमान सूर्य इस दिन कन्या राशि में पहुंचेंगे, जहां बुध पहले से ही विराजमान हैं। ऐसे में सूर्य और बुध की युति से बुधादित्य योग का निर्माण होगा। इस योग को ज्योतिषशास्त्र में बहुत प्रभावशाली माना गया है। जिससे कई राशियों को लाभ मिलेगा। वहीं, दूसरी तरफ यहां भद्र राजयोग पहले से प्रभावी है। सूर्य के गोचर का असर सभी 12 राशियों पर पड़ता है, लेकिन कन्या राशि में गोचर 5 राशियों के लिए उतार-चढ़ाव भरा हो सकता है। आइए जानें कौन सी हैं ये राशियां

मेष राशि : सूर्य का गोचर मेष राशि के छठे भाव में होगा। पंचम भाव के स्वामी के छठे भाव में प्रवेश करने से कुछ मामलों में बहुत सतर्क रहना होगा। निजी जीवन में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं। रिश्ते में आपसी समझ और धैर्य आवश्यक होगा। प्रेम और संतान से जुड़े मामलों में अधिक सावधानी बरतनी होगी।

वृषभ राशि : वृषभ राशि के पंचम भाव में सूर्य का गोचर कन्या राशि में होगा। साथ ही, इस दौरान शनि की दृष्टि भी पंचम भाव और सूर्य पर रहेगी। बड़े फैसले सोच-समझकर लेने होंगे। कार्यक्षेत्र में कोई बड़ा कदम उठाने से पहले अनुभवी व्यक्ति की सलाह जरूर लें। घरेलू मामलों में अत्यधिक सावधानी बरतनी होगी।

तुला राशि : सूर्य गोचर तुला राशि के द्वादश भाव पर प्रभाव डालेगा। 12वें भाव में सूर्य का प्रवेश करना शुभ नहीं माना जाता है। इस अवधि में कुछ क्षेत्रों में अधिक सतर्क रहना होगा। खर्चों में वृद्धि हो सकती है, आय और व्यय के बीच संतुलन आवश्यक होगा। यात्रा के दौरान समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

कुंभ राशि : कुंभ राशि के अष्टम भाव में सूर्य कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। कार्यक्षेत्र और करियर में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं। व्यापार और व्यवसाय से जुड़े लोगों को अधिक सावधानी बरतनी होगी। इस समय जोखिम भरे फैसलों को टालना बेहतर होगा। कुछ अप्रत्याशित परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है।

मीन राशि : सूर्य का गोचर मीन राशि के सप्तम भाव में होने जा रहा है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार, छठे भाव के स्वामी का 7वें भाव में गोचर करना अनुकूल नहीं माना जाता है। साझेदारी से जुड़े कार्यों में कुछ समस्याएं आ सकती हैं। वैवाहिक जीवन में भी उतार-चढ़ाव आने की आशंका है।

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Budh Uday 2026: अपनी उच्च राशि कन्या में हुआ बुध का उदय, 4 राशियों को मिलेगा भाग्य का साथ और करियर भरेगा तरक्की की उड़ान

Budh Uday 2026: अपनी उच्च राशि कन्या में हुआ बुध का उदय, 4 राशियों को मिलेगा भाग्य का साथ और करियर भरेगा तरक्की की उड़ान

Budh Uday 2026: ग्रहों के राजकुमार बुध का ज्योतिष शास्त्र में अहम स्थान है। यह ग्रह जातक के जीवन में बुद्धि, वाणी, व्यापार और तर्क का कारक माना जाता है। कन्या बुध ग्रह की उच्च राशि मानी जाती है। यह ग्रह जब अपनी उच्च राशि में विराजमान होता है, इसका असर बहुत शुभ और प्रभावशाली माना जाता है। पंचांग एवं ज्योतिषीय गणना के अनुसार, बुद्धि, तर्क, वाणी और व्यापार के कारक बुध देव का अपनी उच्च राशि कन्या में उदय हो चुका है। ऐसे में कन्या राशि में बुध का उदय ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण घटना माना जाता है। बुध की मजबूत स्थिति का संबंध बुद्धि, विश्लेषण क्षमता, व्यापारिक समझ, वाणी और निर्णय क्षमता से जोड़ा जाता है। हालांकि किसी पर इसका वास्तविक प्रभाव उसकी जन्मकुंडली में बुध की स्थिति और अन्य ग्रहों के प्रभाव पर निर्भर करता है। बुध के शुभ प्रभाव को बढ़ाने के लिए भगवान गणेश की पूजा करें, उन्हें दूर्वा अर्पित करें और “ॐ बुं बुधाय नमः” मंत्र का जाप करें।

बुध उदय की तारीख और समय

पंचांग के अनुसार 14 सितंबर 2026 को बुध ग्रह रात 2 बजकर 52 मिनट पर कन्या राशि में उदय हुए हैं। कन्या राशि बुध की स्वराशि होने के साथ-साथ उनकी उच्च राशि भी मानी जाती है। ऐसे में कन्या राशि में बुध का उदय ज्योतिष की दृष्टि से विशेष महत्व रखता है।

कन्या राशि : इस राशि के जातकों के लिए बुध का उदय विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा सकता है। करियर में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और कार्यक्षेत्र में आपकी समझदारी के साथ निर्णय लेने की क्षमता की सराहना हो सकती है। नौकरीपेशा लोगों को तरक्की या बेहतर अवसर मिलने के योग बन सकते हैं।

मकर राशि : मकर राशि वालों के लिए बुध उदय आर्थिक और पेशेवर मोर्चे पर सकारात्मक बदलाव ला सकता है। लंबे समय से अटके काम गति पकड़ सकते हैं। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना बन सकती है। कारोबारियों को नए संपर्कों का लाभ मिल सकता है और व्यापार विस्तार की योजना आगे बढ़ सकती है।

सिंह राशि : बुध का उदय सिंह राशि के जातकों के लिए करियर में प्रगति के नए रास्ते खोल सकता है। आपकी बातचीत और नेतृत्व क्षमता का फायदा कार्यक्षेत्र में मिल सकता है। नई नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अच्छी खबर मिल सकती है। व्यापार करने वालों को नए क्लाइंट या लाभदायक डील मिल सकती है।

वृश्चिक राशि : बुध का उदय इनके लिए भी शुभ परिणाम देने वाला रह सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत रंग ला सकती है और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिल सकता है। कारोबार में नई रणनीति बनाने और उसे लागू करने का अच्छा समय मिल सकता है। आर्थिक स्थिति में भी धीरे-धीरे सुधार के संकेत बन सकते हैं।

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Jupiter Transit in Leo 2026: देवगुरु बृहस्पति करेंगे सिंह राशि में प्रवेश और 4 राशियों के लिए खुलेगा खजाने का ताला, जानें कौन सी हैं ये राशियां

Jupiter Transit in Leo 2026: देवगुरु बृहस्पति करेंगे सिंह राशि में प्रवेश और 4 राशियों के लिए खुलेगा खजाने का ताला, जानें कौन सी हैं ये राशियां

Jupiter Transit in Leo 2026: देवगुरु बृहस्पति का सिंह राशि में 31 अक्टूबर को गोचर होगा। ज्योतिषशास्त्र में यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण ज्योतिषीय घटना मानी जाती है, जिसे “सिंहस्थ बृहस्पति” भी कहा जाता है। सिंह राशि के स्वामी सूर्य हैं, जो बृहस्पति के मित्र ग्रह हैं। मित्र राशि में होने के कारण गुरु का यह गोचर सामान्यतः शुभ और प्रभावकारी परिणाम देता है। सिंह राशि शक्ति, नेतृत्व और अधिकार का प्रतीक है। गुरु का यहां आना व्यक्ति में निर्णय लेने की क्षमता, ज्ञान, प्रशासनिक गुणों और आत्मविश्वास को बढ़ाता है। जब देवगुरु बृहस्पति सिंह राशि में प्रवेश करते हैं और सूर्य मेष राशि में होते हैं, तब नासिक के त्र्यंबकेश्वर में प्रसिद्ध सिंहस्थ कुंभ मेले का आयोजन होता है। समाज में धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में तेजी आती है। लोग परोपकार और ज्ञान प्राप्ति की ओर अधिक आकर्षित होते हैं। यह समय राजनीति, प्रशासन, शिक्षा, कानून या प्रबंधन से जुड़े लोगों के लिए विशेष रूप से उन्नतिदायक सिद्ध होता है। देवगुरु के इस गोचर से यूं तो सभी 12 राशियों के जातक प्रभावित होंगे, लेकिन 4 राशियों के लिए विशेष रूप से शुभ रहेगा। आइए जानें इसके बारे में

मेष राशि : मेष राशि वालों के लिए गुरु का सिंह राशि में गोचर कई तरह के शुभ अवसरों में वृद्धि हो सकती है। गुरु आपकी राशि से पंचम भाव में गोचर करते हैं। इससे करियर में नए तरह के अवसर मिल सकते हैं। प्रतियोगी परीक्षा में सफलता के अच्छे संकेत हैं। आर्थिक मोर्चे पर आपको आय के नए स्त्रोत मिल सकते हैं।

कर्क राशि : कर्क राशि वालों के लिए गुरु का राशि परिवर्तन धन लाभ के अवसरों में वृद्धि ला सकता है। पारिवारिक मामलों में सकारात्मक असर देखने को मिल सकता है। यहां पर गुरु का आपकी कुंडली में गोचर आपके धन के भाव में होगा जिससे आपको अच्छा खासा लाभ हासिल हो सकता है।

तुला राशि : तुला राशि वालों पर गुरु के राशि परिवर्तन का सबसे ज्यादा प्रभाव देखने को मिलेगा। गुरु का गोचर आपके लिए बहुत ही लाभकारी रहेगा। गुरु आपकी राशि से 11वें भाव में संचरण करेंगे,ऐसे में आपको आय में वृद्धि के अवसर मिल सकते हैं। करियर में नई तरह की जिम्मेदारियां मिल सकती है।

सिंह राशि : सिंह राशि में गुरु के गोचर करने से सिंह राशि वालों पर विशेष प्रभाव पड़ेगा। आपके आत्मविश्वास में बढ़ोतरी और नेतृत्व करने की क्षमता में विकास होता है। गुरु के गोचर करने से मान-सम्मान में वृद्धि, नौकरी-कारोबार में नई तरह की जिम्मेदारी या अवसर मिल सकता है। आपकी आय में वृद्धि होगी।

शुभ परिणामों के लिए सरल उपाय

गुरु ग्रह के बीज मंत्र का जाप करें: `ॐ बृं बृहस्पतये नमः`

गुरुवार के दिन पीले कपड़े, चने की दाल या हल्दी का दान करें।

भगवान विष्णु या श्री हरि की पूजा करें और माथे पर केसर/हल्दी का तिलक लगाएं।

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Shani-Chandra Vish Yog: शनि-चंद्र ने बना लिया है खतरनाक विष योग, जानें किन राशियों पर ये समय पड़ेगा भारी और किनकी लगेगी लॉटरी

Shani-Chandra Vish Yog: शनि-चंद्र ने बना लिया है खतरनाक विष योग, जानें किन राशियों पर ये समय पड़ेगा भारी और किनकी लगेगी लॉटरी

Shani-Chandra Vish Yog: ज्योतिष शास्त्र में मन के कारक चंद्रमा और कर्मफलदाता शनि का साथ आना अहम घटना माना जाता है। शनि इस समय मीन राशि में वक्री चाल से गोचर कर रहे हैं और जून 2027 तक यहीं रहेंगे। वहीं, चंद्रमा ने 11 सितंबर 2026 को इस राशि में गोचर किया है और शनि के साथ विष योग का निर्माण किया है। एक तरफ जहां चंद्रमा अत्यंत तीव्र गति से चलने वाले और मानसिक भावनाओं के प्रतीक ग्रह हैं, वहीं दूसरी तरफ शनि देव अत्यंत धीमी गति, अनुशासन और गंभीरता का प्रतिनिधित्व करते हैं।

शनि-चंद्रमा की युति से बने विष योग का प्रभाव सभी राशियों पर अलग-अलग रूप में देखने को मिलेगा। जब इन दो विपरीत स्वभाव वाले ग्रहों का मिलन होता है, तो व्यक्ति का मन बेवजह की चिंताओं और विचारों के भंवर में उलझने लगता है। इस अवधि में प्रभावित जातकों को मानसिक रूप से अस्थिरता या उत्साह में कमी महसूस हो सकती है। ऐसे समय में जल्दबाजी में कोई भी बड़ा वित्तीय या पैसों से जुड़ा फैसला लेने से बचना चाहिए और बातचीत में संयम रखना चाहिए। आइए जानें शनि-चंद्रमा की युति से किसे मिलेगी राहत और किसे रहना होगा सावधान?

इन राशियों के लिए शुभ होगी युति

कर्क राशि : चंद्रमा आपकी राशि का स्वामी है। भले ही विषयोग का सामान्य प्रभाव रहे, लेकिन आत्मबल और आध्यात्मिक झुकाव के कारण आप इस समय का सामना मजबूती से कर लेंगे।

वृश्चिक राशि : आपके लिए यह समय शोध, अध्ययन और आत्म-मंथन के लिए बेहतर रहेगा। यदि आप शांति से अपने काम पर केंद्रित रहेंगे, तो कोई बड़ा नुकसान नहीं होगा।

मकर राशि : शनि की स्वराशि होने के कारण आपको अपनी कड़ी मेहनत का फल मिलेगा, बशर्ते आप भावनाओं में बहकर कोई गलत कदम न उठाएं।

ये राशियां रहें सावधान

मीन राशि : वक्री शनि आपकी ही राशि में विराजमान हैं और चंद्रमा का प्रवेश सीधे आपके मन को प्रभावित करेगा। अत्यधिक सोच-विचार से बचें और सेहत का ध्यान रखते हुए खुद को पर्याप्त आराम दें।

मिथुन राशि : पारिवारिक जीवन और आपसी संबंधों में तनातनी हो सकती है। घर के सदस्यों के साथ किसी भी मुद्दे पर बात करते समय अपनी वाणी पर संयम रखें और शांतिपूर्वक स्थिति को संभालें।

धनु राशि: कार्यस्थल पर काम का दबाव और डेडलाइन आपको मानसिक रूप से परेशान कर सकती है। इस समय बिना विचलित हुए धैर्य, लगन और पूर्ण समर्पण के साथ अपना काम पूरा करें।

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