नॉर्थ इंडिया में समय से पहले रिटायरमेंट का क्रेज, पर 74% लोगों को इस बात का सता रहा डर!

Axis Max Life IRIS 6.0 Survey: उत्तर भारत के लोगों में कम उम्र में ही रिटायर होकर वित्तीय रूप से आजाद होने की इच्छा तेजी से बढ़ रही है, लेकिन इसके साथ ही भविष्य की वित्तीय सुरक्षा को लेकर चिंताएं भी गहरी होती जा रही हैं। एक्सिस मैक्स लाइफ इंश्योरेंस द्वारा कांतार के साथ मिलकर जारी ‘इंडिया रिटायरमेंट इंडेक्स स्टडी’ (IRIS 6.0) के नॉर्थ जोन के चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर भारत में रिटायरमेंट की चाहत तो परवान चढ़ रही है, लेकिन पुख्ता तैयारियों और फंड के लंबे समय तक टिकने को लेकर लोगों का भरोसा लगातार कम हो रहा है।

क्या कहते हैं आंकड़े? जल्दी रिटायरमेंट की चाहत बनाम फंड का संकट

50 से पहले आजादी की चाह: सर्वे के अनुसार, उत्तर भारत के 74% लोग पारंपरिक उम्र से पहले ही रिटायर होना चाहते हैं। इनमें से 49% लोग तो ऐसे हैं जो 50 साल की उम्र से पहले ही वित्तीय रूप से आजाद होकर रिटायर होना चाहते हैं।

भरोसे में भारी गिरावट: वैसे लोग जल्दी रिटायर होना चाहते हैं, लेकिन उनका फंड कितने दिन चलेगा इसे लेकर डर बढ़ गया है। केवल 26% लोगों को ही यह उम्मीद है कि उनकी बचत रिटायरमेंट के बाद 10 साल या उससे अधिक समय तक चल पाएगी। पिछले साल यह आंकड़ा 38% था।

स्कोर में पिछड़ रहा उत्तर भारत: उत्तर भारत का कुल आइरिस स्कोर गिरकर 47 पर आ गया है, जो देश के सभी जोन में सबसे कम है और राष्ट्रीय औसत (49) से भी नीचे है। हालांकि, क्षेत्र का फाइनेंशियल प्रिपेयर्डनेस स्कोर 48 से बढ़कर 50 जरूर हुआ है।

एक्सपर्ट का क्या है कहना?

इस रिपोर्ट पर बात करते हुए एक्सिस मैक्स लाइफ के चीफ बिजनेस ऑफिसर एवं हेड ऑफ रिटायरमेंट अनुराग गुप्ता ने कहा, ‘भरोसा टॉक्स आइरिस 6.0 के नतीजे उत्तर भारत के रिटायरमेंट आउटलुक की एक महत्वपूर्ण तस्वीर पेश करते हैं। यह क्षेत्र वित्तीय, स्वास्थ्य और भावनात्मक तैयारियों के मामले में अब भी चुनौतियों का सामना कर रहा है। रिटायरमेंट फंड के लंबे समय तक चलने को लेकर भरोसे में आई कमी इस बात को और भी जरूरी बनाती है कि लोग समय रहते निवेश शुरू करें और दीर्घकालिक वित्तीय सुरक्षा के लिए नियमित रूप से निवेश करते रहें।’

उन्होंने आगे कहा, ‘रिटायरमेंट की तैयारी केवल फाइनेंस तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसमें शारीरिक स्वास्थ्य और मजबूत सोशल सपोर्ट सिस्टम भी शामिल होना चाहिए। रिटायरमेंट की योजना बनाने के लिए समग्र दृष्टिकोण को बढ़ावा देना जरूरी होगा, ताकि लोग अपने जीवन के बाद के वर्षों में अधिक स्वतंत्रता, सुरक्षा और मानसिक शांति हासिल कर सकें।’

सेहत और अकेलेपन का डर सबसे बड़ी चुनौती

सिर्फ पैसों की कमी ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य और मानसिक शांति को लेकर भी उत्तर भारत के लोग भारी तनाव में हैं:

अकेलेपन का डर: उत्तर भारत के 81% लोगों को बुढ़ापे में अकेलेपन का डर सता रहा है। यह आंकड़ा देश के बाकी सभी जोन की तुलना में सबसे ज्यादा है।

हेल्थ और फिटनेस: केवल 70% लोगों को उम्मीद है कि वे रिटायरमेंट के बाद स्वस्थ रहेंगे, जो कि पिछले साल 74% था। नियमित हेल्थ चेकअप कराने वाले लोग भी घटकर 61% पर आ गए हैं।

बढ़ती चिंताएं: पर्यावरण में बदलाव (85%) और भू-राजनीतिक तनाव (83%) जैसे बाहरी कारण भी लोगों की शांतिपूर्ण रिटायरमेंट के सपनों पर पानी फेरते नजर आ रहे हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

‘बैंक फिट, इकॉनमी हिट…’ अर्थव्यवस्था पर वित्तमंत्री का बड़ा बयान, बोलीं- ‘भारत को अपनी ताकत पर होना चाहिए गर्व’

Nirmala Sitharaman on Indian Economy: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश की आर्थिक सेहत पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत के बाजारों और अर्थव्यवस्था की मजबूती यहां के लोगों की मेहनत, बड़े घरेलू बाजार और मध्यम वर्ग की बढ़ती क्रय शक्ति पर टिकी है।

वित्त मंत्री ने जोर देकर कहा कि देश को अपनी आर्थिक ताकत और संभावनाओं पर अधिक भरोसा और आशावाद दिखाने की जरूरत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश के बैंक बेहद अच्छी स्थिति में हैं और भारतीय अर्थव्यवस्था पूरी तरह से मजबूत बनी हुई है।

वित्त मंत्री के भाषण की 5 बड़ी बातें

1. अर्थव्यवस्था और राजनीतिक स्थिरता मजबूत आधार

वित्त मंत्री ने कहा कि देश में राजनीतिक स्थिरता और सरकार का गरीबी उन्मूलन के प्रति लगातार प्रयास भारतीय अर्थव्यवस्था को और अधिक मजबूती दे रहे हैं। उन्होंने ईंधन की समय पर उपलब्धता का हवाला देते हुए कहा कि देश में सप्लाई चेन पूरी तरह दुरुस्त है।

2. मध्यम वर्ग की बढ़ती ताकत

सीतारमण ने कहा कि देश का बढ़ता हुआ मध्यम वर्ग और उसकी बढ़ती क्रय शक्ति अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, जो हर चुनौती के बीच देश की आर्थिक लचीलेपन को बनाए रखती है।

3. 2047 तक ‘सभी के लिए बीमा’ सरकार की प्राथमिकता

वित्त मंत्री ने दोहराया कि साल 2047 तक देश के हर नागरिक तक बीमा कवरेज पहुंचाना सरकार का मुख्य लक्ष्य है। इसे सुलभ बनाने के लिए सरकारी योजनाओं के तहत प्रीमियम को बेहद कम रखा गया है। साथ ही समाज के हर वर्ग तक आसानी से क्रेडिट पहुंचना वित्तीय समावेशन की मुख्य प्राथमिकता है।

4. AI और युवाओं की स्किलिंग पर जोर

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दौर में बदलते कामकाज को लेकर वित्त मंत्री ने चिंता के साथ समाधान पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं को एआई-प्रेरित नौकरियों के लिए तैयार करने वास्ते स्किलिंग पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है ताकि वे भविष्य की चुनौतियों से निपट सकें।

5. बॉन्ड यील्ड पर एसबीआई रिसर्च की रिपोर्ट

एसबीआई रिसर्च की एक रिपोर्ट में अनुमान जताया गया है कि संभावित दर बढ़ोतरी के बावजूद मार्च तक भारत का 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड नरम होकर 6.75% से 7% के दायरे में आ सकता है।