IDBI Bank Q1 Results: जून तिमाही में मुनाफा 5% बढ़कर हुआ ₹2115 करोड़, NII में 10% का इजाफा

हिस्सेदारी बिक्री की राह तक रहे IDBI Bank ने अप्रैल-जून 2026 तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। तिमाही के दौरान बैंक का शुद्ध स्टैंडअलोन मुनाफा सालाना आधार पर 5 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर 2115.18 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले मुनाफा 2007.36 करोड़ रुपये था। कुल इनकम 1.35 प्रतिशत की मामूली बढ़ोतरी के साथ 8,573 करोड़ रुपये हो गई। जून 2025 तिमाही में यह 8,458 करोड़ रुपये थी।

बैंक ने शेयर बाजारों को बताया है कि जून 2026 तिमाही में उसकी शुद्ध ब्याज आय (NII) सालाना आधार पर 10 प्रतिशत बढ़कर 3,486 करोड़ रुपये हो गई। एक साल पहले यह 3,166 करोड़ रुपये थी। ऑपरेटिंग प्रॉफिट घटकर 2,167.81 करोड़ रुपये रह गया, जो जून 2025 तिमाही में 2,354 करोड़ रुपये था।

NPA का हाल

जून 2026 तिमाही में IDBI Bank का ग्रॉस NPA (नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स) रेशियो 2.30 प्रतिशत रहा। एक साल पहले यह 2.93 प्रतिशत था। नेट NPA रेशियो भी सालाना आधार पर कम होकर 0.16 प्रतिशत पर आ गया। जून 2025 तिमाही में यह 0.21 प्रतिशत था। एसेट्स पर रिटर्न घटकर 1.89 प्रतिशत रह गया, जो जून 2025 तिमाही में 2.01 प्रतिशत था।

IDBI Bank के शेयर पर सोमवार को रहेगी नजर

IDBI Bank के शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 87.02 रुपये है। बैंक का मार्केट कैप 93500 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। शेयर BSE 200 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर 3 महीनों में 16 प्रतिशत मजबूत हुआ है। तिमाही नतीजे जारी होने के बाद सोमवार, 20 जुलाई को शेयर की चाल पर निवेशकों की नजर रहेगी।

रणनीतिक बिक्री के लिए मिलीं नई बोलियां

हाल ही में सरकार को IDBI Bank की रणनीतिक बिक्री के लिए फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स और एमिरेट्स एनबीडी से संशोधित वित्तीय बोलियां मिली हैं। न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सूत्रों का कहना है कि सफल बोली लगाने वाले के बारे में अंतिम फैसला वित्तीय बोलियां खुलने के बाद लिया जाएगा। ऐसा बहुत जल्द होने की संभावना है। सरकार और LIC की IDBI Bank में कुल 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की योजना है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

हर शेयर पर ₹656 का बंपर डिविडेंड, 24 जुलाई से पहले बनना होगा शेयरहोल्डर; कीमत 2 सप्ताह में 8% मजबूत

फार्मा कंपनी एबॉट इंडिया लिमिटेड वित्त वर्ष 2025-26 के लिए हर शेयर पर 656 रुपये का डिविडेंड देने वाली है। इस अमाउंट में 131 रुपये का स्पेशल और 525 रुपये का फाइनल डिविडेंड शामिल है। रिकॉर्ड डेट 24 जुलाई है। इस तारीख से एक दिन पहले मार्केट क्लोजिंग तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज हो चुके होंगे, वे डिविडेंड के हकदार होंगे।

दोनों तरह के डिविडेंड की घोषणा मई महीने में हुई थी। प्रपोजल पर 13 अगस्त को कंपनी की सालाना आम बैठक में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। उसके बाद डिविडेंड का पेमेंट 18 अगस्त को या उसके बाद किया जाएगा। कंपनी के शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है।

एबॉट इंडिया ने वित्त वर्ष 2025 के लिए 475 रुपये का फाइनल डिविडेंड दिया था। इसका डिविडेंड देने का अच्छा इतिहास है। कंपनी साल 2003 से लगातार डिविडेंड दे रही है। 525 रुपये प्रति शेयर, एबॉट का अब तक का सबसे ज्यादा डिविडेंड अमाउंट है।

Abbott India का शेयर एक साल में 18 प्रतिशत कमजोर

कंपनी के शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 28013.60 रुपये है। कंपनी का मार्केट कैप 59500 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर BSE 200 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर 2 सप्ताह में 8 प्रतिशत चढ़ा है। वहीं एक साल में करीब 18 प्रतिशत नीचे आया है। एबॉट इंडिया में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 74.99 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 35,280 रुपये और एडजस्टेड लो 25,164 रुपये है।

ICICI Bank Q1 Results: मुनाफे में 16% का उछाल, इनकम 5% बढ़ी; एसेट क्वालिटी और सुधरी

कंपनी की वित्तीय सेहत

एबॉट इंडिया का जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 1,709.51 करोड़ रुपये रहा। इस बीच शुद्ध मुनाफा 394.93 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। ​पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू 6,929 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 1,552 करोड़ रुपये रहा। यह कंपनी Abbott Laboratories की ​सब्सिडियरी है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

HDFC Bank Q1 Results: जून तिमाही में मुनाफा 5% बढ़ा, इनकम 7% घटी; NPA गिरा

प्राइवेट सेक्टर के HDFC Bank के अप्रैल-जून 2026 तिमाही के नतीजे सामने आ गए हैं। तिमाही के दौरान स्टैंडअलोन बेसिस पर बैंक का शुद्ध मुनाफा 19059.72 करोड़ रुपये रहा। यह एक साल पहले के मुनाफे 18155.21 करोड़ रुपये से 5 प्रतिशत ज्यादा है। वहीं दूसरी ओर कुल इनकम 7 प्रतिशत घटकर 92184.38 करोड़ रुपये रही। जून 2025 तिमाही में यह 99200 करोड़ रुपये थी।

एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, जून 2026 तिमाही में HDFC Bank का ग्रॉस NPA (Non-Performing Assets) रेशियो सालाना आधार पर कम होकर 1.17 प्रतिशत रहा। एक साल पहले यह 1.4 प्रतिशत था। नेट NPA रेशियो भी मामूली तौर पर घटकर 0.41 प्रतिशत हो गया। जून 2025 तिमाही में यह 0.47 प्रतिशत था। NPA में गिरावट बैंक की एसेट क्वालिटी में सुधार दर्शाती है।

HDFC Bank शेयर एक साल में 17 प्रतिशत कमजोर

HDFC Bank के शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 819.65 रुपये है। बैंक का मार्केट कैप 12.62 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 1 रुपये है। शेयर एक साल में 17 प्रतिशत नीचे आया है। तिमाही नतीजे जारी होने के बाद सोमवार, 20 जुलाई को शेयर फोकस में रहेगा।

Yes Bank Q1 Results: यस बैंक का मुनाफा 33% उछला, निफ्टी बैंक में वापसी के बाद चमके नतीजे! जानें हर एक डिटेल

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Yes Bank Q1 Results: यस बैंक का मुनाफा 33% उछला, निफ्टी बैंक में वापसी के बाद चमके नतीजे! जानें हर एक डिटेल

Yes Bank Q1 FY27 Financial Results: यस बैंक ने आज, 18 जुलाई को FY27 की पहली तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। जून तिमाही में यस बैंक के नेट प्रॉफिट में सालाना आधार पर 33.5% की शानदार बढ़त दर्ज की गई है। साथ ही बैंक की ब्याज से होने वाली कमाई में भी तगड़ा उछाल आया है।

हालांकि, तिमाही आधार पर बैंक के प्रोविजंस यानी लोन डूबने की आशंका में रखी रकम में 100% से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। आइए आपको बताते हैं यस बैंक के पहली तिमाही के नतीजों की हर एक बड़ी बात।

मुनाफा 33.5% बढ़ा, नेट इंटरेस्ट इनकम में भी उछाल

यस बैंक के लिए मुनाफे और कोर इनकम के मोर्चे पर यह तिमाही बेहतर साबित हुई है। जून तिमाही में यस बैंक का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 33.5% बढ़कर ₹1,070 करोड़ पर पहुंच गया है। पिछले साल की इसी तिमाही में बैंक का मुनाफा कम था। यह प्रदर्शन सीएनबीसी-टीवी18 के पोल के अनुमान (₹1,100 करोड़) के बिल्कुल करीब रहा है। बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम सालाना आधार पर 17.5% की ग्रोथ के साथ ₹2,786.3 करोड़ रही है।

तिमाही आधार पर दोगुने से ज्यादा बढ़े प्रोविजंस

नतीजों में सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाला आंकड़ा प्रोविजंस का रहा है। मार्च तिमाही के मुकाबले जून तिमाही में यस बैंक का प्रोविजन 100% से भी ज्यादा बढ़कर ₹394 करोड़ पर पहुंच गया है। मार्च तिमाही में यह आंकड़ा महज ₹187 करोड़ था। प्रोविजंस का बढ़ना यह दिखाता है कि बैंक ने संभावित खराब लोन से निपटने के लिए सुरक्षित फंड की राशि को बढ़ाया है।

एसेट क्वालिटी रही पूरी तरह स्थिर, नहीं बढ़ा एनपीए

प्रोविजंस बढ़ने के बावजूद बैंक की एसेट क्वालिटी पिछली तिमाही के स्तर पर ही पूरी तरह टिकी हुई है। ग्रॉस एनपीए पिछली तिमाही के समान ही 1.3% पर स्थिर रहा। हालांकि वैल्यू के हिसाब से यह मार्च के ₹3,604 करोड़ से मामूली बढ़कर ₹3,704 करोड़ रहा है। नेट एनपीए भी बिना किसी बदलाव के 0.2% पर बरकरार रहा। वैल्यू के मामले में यह पिछली तिमाही के ₹653 करोड़ के मुकाबले ₹677 करोड़ रहा है।

लोन और डिपॉजिट का कैसा रहा हाल?

यस बैंक के लोन ग्रोथ नेट एडवांस में सालाना आधार पर 18.4% की मजबूत बढ़त दर्ज की गई है और यह ₹2.85 लाख करोड़ पर पहुंच गया है। मार्च तिमाही के मुकाबले भी यह 4.3% बढ़ा है। बैंक के कुल डिपॉजिट में सालाना आधार पर 14.3% की बढ़त हुई है और यह ₹3.15 लाख करोड़ रहा। हालांकि, तिमाही आधार पर मार्च के मुकाबले डिपॉजिट में 1.1% की मामूली गिरावट देखी गई है।

निफ्टी बैंक में वापसी के बाद शेयरों की स्थिति

शुक्रवार को हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन नतीजों से ठीक पहले यस बैंक का शेयर 0.9% की मामूली गिरावट के साथ ₹23.53 पर बंद हुआ था। इस साल की शुरुआत से बात करें तो यस बैंक के शेयर ने निवेशकों को करीब 10% का रिटर्न दिया है। सबसे बड़ी बात यह है कि हाल ही में इंडेक्स रिशफल के दौरान यस बैंक को दोबारा निफ्टी बैंक इंडेक्स में शामिल कर लिया गया है, जिससे निवेशकों का भरोसा इस स्टॉक पर बढ़ा है।

PNB Q1 Results: पंजाब नेशनल बैंक का मुनाफा 3 गुना से ज्यादा उछला, टैक्स में भारी कटौती से चमके नतीजे, पढ़ें हर एक डिटेल

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

PNB Q1 Results: पंजाब नेशनल बैंक का मुनाफा 3 गुना से ज्यादा उछला, टैक्स में भारी कटौती से चमके नतीजे, पढ़ें हर एक डिटेल

Punjab National Bank FY27 Q1 Results: सार्वजनिक क्षेत्र के बड़े बैंक पंजाब नेशनल बैंक ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (Q1) के नतीजे घोषित कर दिए हैं। सालाना आधार पर बैंक के कोर पैरामीटर्स भले ही थोड़े सुस्त नजर आ रहे हैं, लेकिन बैंक के नेट प्रॉफिट में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है।

टैक्स खर्चों में आई भारी कमी ने पीएनबी के मुनाफे को तगड़ा बूस्ट दिया है, जिससे बैंक का मुनाफा पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 3 गुना से भी ज्यादा बढ़ गया है। आइए बेहद आसान भाषा में समझते हैं कि पहली तिमाही में पीएनबी का प्रदर्शन कैसा रहा और निवेशकों के लिए इस रिजल्ट में क्या खास है।

नेट प्रॉफिट में बंपर उछाल, टैक्स में राहत ने बदली बाजी

PNB के लिए जून तिमाही मुनाफे के लिहाज से शानदार साबित हुई है:

मुनाफे में बड़ी छलांग: जून तिमाही में पीएनबी का नेट प्रॉफिट उछलकर ₹5,253 करोड़ पर पहुंच गया है। पिछले साल की इसी तिमाही (Q1) में बैंक का मुनाफा केवल ₹1,675 करोड़ था।

टैक्स खर्च में भारी गिरावट: बैंक के मुनाफे में इस रिकॉर्ड तेजी की सबसे बड़ी वजह टैक्स देनदारी का कम होना है। जून तिमाही में पीएनबी का टैक्स खर्च घटकर ₹1,725 करोड़ रह गया, जो पिछले साल की इसी तिमाही में ₹5,083 करोड़ था।

ब्याज से कमाई 6 तिमाहियों के उच्चतम स्तर पर

अगर बैंक के मुख्य कामकाज यानी ब्याज से होने वाली कमाई की बात करें तो सालाना आधार पर पीएनबी की शुद्ध ब्याज आय 2.1% बढ़कर ₹10,798 करोड़ रही। हालांकि सालाना ग्रोथ मामूली है, लेकिन यह आंकड़ा पिछले 6 तिमाहियों में बैंक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन है।

एसेट क्वालिटी में सुधार: डूबा हुआ पैसा यानी NPA घटा

बैंक की एसेट क्वालिटी यानी बैड लोन की स्थिति इस तिमाही में काफी स्थिर और बेहतर नजर आई है। बैंक का ग्रॉस एनपीए पिछली तिमाही (मार्च) के 2.95% से घटकर 2.78% पर आ गया है। रुपयों में बात करें तो यह ₹37,124 करोड़ से घटकर ₹35,380 करोड़ रह गया है।

बैंक का नेट एनपीए भी मार्च तिमाही के 0.29% से मामूली सुधरकर 0.28% पर आ गया है। वैल्यू के हिसाब से यह ₹3,609 करोड़ से घटकर ₹3,433 करोड़ बचा है।

बैंक के लिए सबसे अच्छी बात यह रही कि नए खराब लोन की रफ्तार धीमी हुई है। जून तिमाही में नए स्लिपेज ₹2,080 करोड़ रहे, जो मार्च तिमाही के ₹2,758 करोड़ से काफी कम हैं।

हालांकि, लोन डूबने की आशंका में रखी जाने वाली रकम पिछली तिमाही के ₹424 करोड़ से मामूली बढ़कर ₹541 करोड़ हो गई है।

नेट इंटरेस्ट मार्जिन पर दिखा थोड़ा दबाव

सालाना आधार पर बैंक के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई है, जो यह दर्शाता है कि फंड की लागत थोड़ी बढ़ी है:

ग्लोबल एनआईएम: यह सालाना आधार पर 2.7% से घटकर 2.5% पर आ गया। हालांकि, मार्च तिमाही (2.47%) के मुकाबले इसमें 3 बेसिस पॉइंट की मामूली बढ़त है।

डोमेस्टिक एनआईएम: घरेलू स्तर पर बैंक का मार्जिन पिछले साल के 2.84% से 20 बेसिस पॉइंट घटकर 2.64% रहा, लेकिन यह भी मार्च के 2.61% से 3 बेसिस पॉइंट बेहतर है।

PNB के शेयरों का क्या है हाल?

नतीजों से ठीक पहले, यानी शुक्रवार को हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन पंजाब नेशनल बैंक का शेयर एनएसई पर 0.75% की बढ़त के साथ ₹106.01 पर बंद हुआ था। हालांकि, अगर इस साल की शुरुआत से बात करें तो पीएनबी का स्टॉक अब तक करीब 15% टूट चुका है। ऐसे में सोमवार को बाजार खुलने पर इन नतीजों का असर शेयर की चाल पर देखने को मिल सकता है।

Kotak Mahindra Bank Q1 Results: जून तिमाही में मुनाफा 26% बढ़कर हुआ ₹4123 करोड़, एसेट क्वालिटी में सुधार

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Axis Bank Q1 Results: जून तिमाही में मुनाफा 23% बढ़ा, NII में 8% का इजाफा; NPA घटा

प्राइवेट सेक्टर के एक्सिस बैंक का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर शुद्ध मुनाफा 7,113.92 करोड़ रुपये रहा। यह एक साल पहले के मुनाफे 5,806.14 करोड़ रुपये से 22.5 प्रतिशत ज्यादा है। बैंक की कुल इनकम 6 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर 40,721.05 करोड़ रुपये हो गई। जून 2025 तिमाही में यह 38,321.57 करोड़ रुपये थी।

एक्सिस बैंक ने 18 जुलाई को तिमाही नतीजे जारी किए हैं। बैंक ने शेयर बाजारों को बताया कि जून 2026 तिमाही में उसकी शुद्ध ब्याज आय (NII) सालाना आधार पर 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 14,646 करोड़ रुपये हो गई। एक साल पहले यह 13,560 करोड़ रुपये थी। शुद्ध ब्याज मार्जिन 3.46 प्रतिशत दर्ज किया गया। ऑपरेटिंग प्रॉफिट 11,659.10 करोड़ रुपये रहा, जो जून 2025 तिमाही में 11,515.16 करोड़ रुपये था।

एसेट क्वालिटी में सुधार

जून 2026 तिमाही में एक्सिस बैंक की एसेट क्वालिटी में सुधार देखा गया। एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, ग्रॉस NPA (Non-Performing Assets) रेशियो घटकर 1.28 प्रतिशत रहा। एक साल पहले यह 1.57 प्रतिशत था। नेट NPA रेशियो भी कम होकर 0.39 प्रतिशत हो गया, जो जून 2025 तिमाही में यह 0.45 प्रतिशत था।

डिपॉजिट और एडवांसेज

जून 2026 तिमाही में एक्सिस बैंक के कुल डिपॉजिट सालाना आधार पर 18 प्रतिशत बढ़कर 13.73 लाख करोड़ रुपये के रहे। नेट एडवांसेज 19 प्रतिशत बढ़कर 12.62 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गए। सालाना आधार पर कॉर्पोरेट लोन में 38 प्रतिशत, SME एडवांसेज में 25 प्रतिशत और रिटेल लोन में 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। बैंक की बैलेंस शीट सालाना आधार पर 20 प्रतिशत बढ़कर 19,21,966 करोड़ रुपये हो गई।

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Axis Bank शेयर में सोमवार को आ सकती है तेजी

तिमाही नतीजे सामने आने के बाद एक्सिस बैंक के शेयर में सोमवार, 20 जुलाई को तेजी देखने को मिल सकती है। शुक्रवार को BSE पर शेयर 1328.95 रुपये पर बंद हुआ। बैंक का मार्केट कैप 4.13 लाख करोड़ रुपये है। शेयर एक साल में 14 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ा है। BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 1,418.30 रुपये और एडजस्टेड लो 1,041.30 रुपये है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Xtranet Technologies IPO: ₹170 करोड़ का पब्लिक इश्यू 23 जुलाई से, ग्रे मार्केट में अभी से 20% उछला शेयर

मेनबोर्ड सेगमेंट में एक्स्ट्रानेट टेक्नोलोजिज का ₹170 करोड़ का IPO 23 जुलाई को खुलने जा रहा है। प्राइस बैंड ₹120-₹127 प्रति शेयर है। लॉट साइज 110 शेयर है। पब्लिक इश्यू में 1.34 करोड़ नए शेयर जारी होंगे। प्रमोटर्स या मौजूदा निवेशकों की ओर से ऑफर फॉर सेल नहीं होगा। कंपनी एक इंटीग्रेटेड IT सॉल्यूशंस प्रोवाइडर है। यह एंटरप्राइज एप्लिकेशंस, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, मैनेज्ड सर्विसेज, प्रोप्राइटरी प्लेटफॉर्म्स और स्ट्रैटेजिक टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप्स जैसी एंड-टू-एंड सर्विसेज देती है।

एक्स्ट्रानेट टेक्नोलोजिज के प्रमोटर सुखबीर सिंह कुकरेजा, जोगेंद्रपाल सिंह अलघ और शाइनी ​सुखबीर हैं। IPO में एंकर निवेशक 22 जुलाई को बोली लगा सकेंगे। इश्यू की क्लोजिंग 27 जुलाई को होगी। उसके बाद अलॉटमेंट 28 जुलाई को फाइनल हो सकता है। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 30 जुलाई को लिस्ट होंगे। इस IPO के लिए शेयर इंडिया कैपिटल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड, बुक रनिंग लीड मैनेजर है। रजिस्ट्रार, Kfin Technologies Ltd है।

IPO के पैसों का कैसे होगा इस्तेमाल

कंपनी अपने पब्लिक इश्यू से होने वाली कमाई का इस्तेमाल कर्ज को कुछ हद तक या पूरी तरह से चुकाने के लिए, सिस्टम्स और हार्डवेयर की खरीद व इंस्टॉलेशन के लिए, वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने के लिए और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी। Xtranet Technologies में 50% हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 35% हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15% हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है।

ग्रे मार्केट में कंपनी का शेयर IPO के अपर प्राइस बैंड ₹127 से 19.69% प्रीमियम के साथ ट्रेड कर रहा है। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां​ किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं।

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Xtranet Technologies की वित्तीय स्थिति

वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रेवेन्यू 32% बढ़कर ₹366 करोड़ हो गया। एक साल पहले यह ₹276.53 करोड़ था। शुद्ध मुनाफा 36% की बढ़ोतरी के साथ ₹40.73 करोड़ रहा। EBITDA ₹63.18 करोड़ दर्ज किया गया। वित्त वर्ष 2025 में शुद्ध मुनाफा ₹30 करोड़ और EBITDA ₹47.20 करोड़ रहा था। वित्त वर्ष 2026 में एक्स्ट्रानेट टेक्नोलोजिज पर ₹85.45 करोड़ की उधारी थी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Early Retirement Loss: 60 की बजाय 55 की उम्र में रिटायरमेंट? एक फैसले से हो सकता है ₹1.6 करोड़ का भारी नुकसान, समझें गणित

Retiring at 55 vs 60 Financial Loss Calculation: नौकरी से जल्दी मुक्ति पाना और अर्ली रिटायरमेंट का आनंद लेना आज के युवाओं का एक बड़ा सपना बन गया है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अपनी तय उम्र से महज 5 साल पहले काम छोड़ना आपके बुढ़ापे के फंड को कितना बड़ा झटका दे सकता है?

फाइनेंशियल विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर आप 60 वर्ष की बजाय 55 वर्ष की उम्र में रिटायर होने का फैसला करते हैं, तो कंपाउंडिंग की ताकत रुकने से आपको ₹1.6 करोड़ तक का भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। आइए समझते हैं कि महज 5 साल पहले काम छोड़ने से आपके निवेश पर क्या असर पड़ता है और इसके पीछे का वित्तीय गणित क्या है।

सिर्फ 5 साल का अंतर और ₹1.6 करोड़ का नुकसान

सेबी रजिस्टर्ड इनवेस्टमेंट एडवाइजर और वेल्थविशर फाइनेंशियल प्लानर्स के संस्थापक मधुपम कृष्णा के अनुसार, रिटायरमेंट फंड में आखिरी के 5 साल सबसे ज्यादा मायने रखते हैं। इसे हम एक उदाहरण से समझ सकते हैं:

प्लान A (60 साल में रिटायरमेंट): मान लीजिए आप 30 साल की उम्र से 60 साल की उम्र तक यानी 30 वर्षों के लिए हर महीने ₹10,000 की SIP करते हैं। अगर इस पर आपको औसतन 12% का रिटर्न मिलता है, तो आपका कुल निवेश ₹36 लाख होगा और 60 की उम्र में आपका कुल फंड करीब ₹3.5 करोड़ तैयार हो जाएगा।

प्लान B (55 साल में अर्ली रिटायरमेंट): अगर आप अपना इरादा बदलते हैं और 5 साल पहले यानी 55 की उम्र में ही रिटायर हो जाते हैं, तो आपका निवेश 25 साल ही चलेगा। इस स्थिति में आपका कुल निवेश ₹30 लाख होगा, लेकिन आपका अंतिम फंड घटकर सिर्फ ₹1.9 करोड़ रह जाएगा।

सीधा घाटा: ₹3.5 करोड़ – ₹1.9 करोड़ = ₹1.6 करोड़ का बड़ा नुकसान।

सिर्फ 5 साल का अंतर और ₹1.6 करोड़ का नुकसान

आखिरी 5 सालों में ऐसा क्या होता है?

दरअसल निवेश में आखिरी वर्षों में ‘कंपाउंडिंग की ताकत’ सबसे तेजी से काम करती है। अगर आप 55 की उम्र के बाद ₹10,000 की मासिक किस्त देना बंद भी कर दें और उस ₹1.9 करोड़ के फंड को बिना छुए अगले 5 साल के लिए सिर्फ 12% रिटर्न पर छोड़ दें, तो यह जादुई रूप से ऐसे बढ़ेगा:

  • 56 वर्ष की उम्र में: ₹2.19 करोड़
  • 57 वर्ष की उम्र में: ₹2.49 करोड़
  • 58 वर्ष की उम्र में: ₹2.78 करोड़
  • 59 वर्ष की उम्र में: ₹3.12 करोड़
  • 60 वर्ष की उम्र में: ₹3.5 करोड़

यानी जो पैसा आपने अपने 30 और 40 के दशक में निवेश किया था, वह आखिरी 5 सालों में ‘रिटर्न पर रिटर्न’ बनाकर बर्फ के विशाल गोले की तरह बड़ा हो जाता है। अर्ली रिटायरमेंट लेकर आप इसी बंपर मुनाफे को खो देते हैं।

डबल मार: फंड छोटा और रिटायरमेंट की जिंदगी लंबी

जल्दी रिटायर होने का मतलब सिर्फ यह नहीं है कि आपके पास पैसा कम होगा, बल्कि इसका एक और गंभीर पहलू है आपको अधिक वर्षों तक बिना सैलरी के गुजारा करना होगा।

20% लंबी रिटायरमेंट लाइफ: मान लीजिए औसत जीवन प्रत्याशा 85 वर्ष है। अगर आप 60 साल में रिटायर होते हैं, तो आपको 25 साल की जिंदगी के लिए फंड चाहिए। लेकिन अगर आप 55 में रिटायर होते हैं, तो आपको 30 साल की जिंदगी का खर्च उठाना होगा। यानी आपको 20% लंबी रिटायरमेंट लाइफ को फाइनेंस करना होगा।

महंगाई और हेल्थकेयर का जोखिम: मधुपम कृष्णा बताते हैं कि आपको अतिरिक्त 5 वर्षों तक महंगाई और तेजी से बढ़ती मेडिकल लागतों का सामना करना पड़ेगा, जो सामान्य महंगाई दर से भी ज्यादा रफ्तार से बढ़ती हैं।

क्या 55 की उम्र में रिटायर होना बिल्कुल गलत है?

प्लानरुपी इनवेस्टमेंट सर्विसेज के संस्थापक अमोल जोशी के अनुसार, ऐसा कोई नियम नहीं है कि आप जल्दी रिटायर नहीं हो सकते, लेकिन ऐसा करने से पहले कुछ कड़े पैमानों को चेक कर लेना जरूरी है। आप 55 की उम्र में तभी रिटायर होने की सोचें जब आपके पास:

  1. पर्याप्त बड़ा कॉर्पस हो: जो बढ़ती उम्र और महंगाई के बावजूद अगले 30-40 साल तक खत्म न हो।
  2. मजबूत हेल्थ इंश्योरेंस हो: ताकि बुढ़ापे में बीमारी के चलते आपका मुख्य फंड खाली न हो जाए।
  3. कम्यूनिटी या पैसिव इनकम सोर्सेज हों: जैसे किराए से आने वाली इनकम, डिविडेंड या कोई गारंटेड पेंशन स्कीम।

एक्सपर्ट एडवाइस: केवल इसलिए नौकरी मत छोड़िए क्योंकि आप काम बंद करना चाहते हैं। रिटायरमेंट का फैसला तब लें जब आपकी वित्तीय स्थिति इतनी मजबूत हो कि आप एक लंबी और सुरक्षित जिंदगी जी सकें।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

ITC Hotels के शेयर में 36% तक उछाल का दम, Q1 नतीजों के बाद ICICI Securities ने दोहराई Buy रेटिंग

ITC होटल्स के शेयर पर ब्रोकरेज फर्म ICICI Securities बुलिश बनी हुई है। तिमाही नतीजों के बाद ब्रोकरेज ने ‘बाय’ रेटिंग दोहराई है। लेकिन टारगेट प्राइस 229 रुपये प्रति शेयर से घटाकर 235 रुपये प्रति शेयर कर दिया है। फिर भी नया टारगेट, शेयर के BSE पर मौजूदा भाव 172.45 रुपये से 36 प्रतिशत ज्यादा है। अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कंपनी का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 35.4 प्रतिशत बढ़कर 180.25 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले यह 133.10 करोड़ रुपये था।

ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 14.77 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 936.02 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जो जून 2025 तिमाही में 815.54 करोड़ रुपये था। जून 2026 तिमाही में ITC होटल्स के खर्च 750 करोड़ रुपये के रहे, जो एक साल पहले 674.97 करोड़ रुपये के थे। EBITDA सालाना आधार पर 19.6 प्रतिशत बढ़कर 292.3 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA मार्जिन बढ़कर 31.2 प्रतिशत पर पहुंच गया।

ITC Hotels पर ब्रोकरेज के तर्क

ब्रोकरेज ने अपने रिसर्च नोट में कहा है कि ITC होटल्स ने होटल रेवेन्यू में 10% और होटल EBITDA में 13% की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की। वह भी तब जब भूराजनीतिक तनावों की वजह से अप्रैल 2026 की परफॉर्मेंस पर असर पड़ा था। जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही में रिकवरी जारी रहने की उम्मीद है। ITC होटल्स को अक्टूबर 2026-मार्च 2027 में डिमांड में तेज सुधार की उम्मीद है। ICICI Securities का अनुमान है कि नए होटल खुलने की वजह से FY26–29E के दौरान RevPAR CAGR (कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट) 9% और मैनेजमेंट फीस CAGR 16% रहेगी। इसलिए अनुमान है कि FY26–29E के दौरान ITC होटल्स का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 11% CAGR और EBITDA 14% CAGR से बढ़ेगा।

इन सब फैक्टर्स के बेसिस पर ब्रोकरेज ने ITC Hotels के लिए ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखी है। लेकिन टारगेट प्राइस घटा दिया है। ब्रोकरेज ने मुख्य जोखिमों में होटल ऑक्यूपेंसी में सुस्ती और नए होटलों को शुरू करने में देरी को शामिल किया है।

ITC Hotels का मार्केट कैप 35900 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर BSE 500 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर की फेस वैल्यू 1 रुपये है।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

IPOs This Week: 20 जुलाई से शुरू हफ्ते में खुलेंगे 5 नए इश्यू, 5 कंपनियां होंगी लिस्ट

20 जुलाई से शुरू हफ्ते में देश में 5 नए IPO खुलने जा रहे हैं। इनमें से 2 मेनबोर्ड सेगमेंट से हैं। इसके अलावा नए सप्ताह में पहले से खुले 2 IPO में भी पैसे लगाने का मौका रहेगा। इनमें से एक मेनबोर्ड है। शेयर बाजार में लिस्ट होने वाली नई कंपनियों की बात करें तो नए शुरू हो रहे सप्ताह में 5 कंपनियों के शेयर अपनी शुरुआत करने वाले हैं। इनमें से 3 कंपनियां मेनबोर्ड सेगमेंट की हैं। आइए जानते हैं डिटेल…

नए खुल रहे IPO

Gulf Lloyds IPO: ₹18.19 करोड़ का इश्यू 20 जुलाई को खुल रहा है और 22 जुलाई को बंद होगा। IPO प्राइस ₹100 प्रति शेयर है। लॉट साइज 1200 शेयर है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद अलॉटमेंट 23 जुलाई को फाइनल हो सकता है, जिसके बाद शेयरों की लिस्टिंग BSE SME पर 27 जुलाई को हो सकती है।

Metalic Technoforge IPO: ₹49.96 करोड़ का इश्यू 21 जुलाई को खुलेगा। इसमें ₹72-₹77 प्रति शेयर के भाव पर और 1600 शेयरों के लॉट में पैसे लगा सकते हैं। इश्यू की क्लोजिंग 23 जुलाई को होगी। अलॉटमेंट 24 जुलाई को फाइनल हो सकता है। कंपनी NSE SME पर 28 जुलाई को लिस्ट होने वाली है।

Cube Highways Trust InvIT: यह 22 जुलाई को ओपन होगा और 24 जुलाई को क्लोजिंग होगी। कंपनी ₹5000 करोड़ जुटाना चाहती है। प्राइस बैंड ₹151-₹152 प्रति शेयर है। अलॉटमेंट 27 जुलाई को फाइनल हो सकता है। यूनिट्स की लिस्टिंग NSE और BSE पर 29 जुलाई को होने की उम्मीद है।

Shree Balaji Mala IPO: ₹18.90 करोड़ का पब्लिक इश्यू 22 जुलाई को खुल रहा है। इसमें ₹66-₹70 प्रति शेयर के भाव पर और 2,000 शेयरों के लॉट में 24 जुलाई तक पैसे लगा सकते हैं। IPO के बंद होने के बाद अलॉटमेंट 27 जुलाई को फाइनल हो सकता है। कंपनी की लिस्टिंग BSE SME पर 29 जुलाई को सकती है।

Xtranet Technologies IPO: मेनबोर्ड सेगमेंट में ₹166.80 करोड़ का इश्यू 23 जुलाई को खुलेगा। बोली लगाने के लिए प्राइस बैंड ₹120-₹127 प्रति शेयर और लॉट साइज 110 शेयर है। क्लोजिंग 27 जुलाई को होगी, जिसके बाद अलॉटमेंट 28 जुलाई को फाइनल हो सकता है। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 30 जुलाई को शुरुआत कर सकते हैं।

Zepto IPO: नॉर्जेज, मोतीलाल ओसवाल इश्यू में करेंगी 80 करोड़ डॉलर निवेश, लिस्टिंग बाद वैल्यूएशन 5.1 अरब डॉलर

पहले से खुले IPO

Sotefin Bharat IPO: ₹89.76 करोड़ का इश्यू 16 जुलाई को खुला था और 20 जुलाई को बंद होगा। इसे अभी तक 80 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन मिला है। प्राइस बैंड ₹178-₹187 प्रति शेयर और लॉट साइज 600 शेयर है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद अलॉटमेंट 21 जुलाई को फाइनल हो सकता है। कंपनी की ​लिस्टिंग BSE SME पर 23 जुलाई को सकती है।

Caliber Mining IPO: यह इश्यू ₹450 करोड़ का है। यह 17 जुलाई को खुला था और अभी तक 1.31 गुना भरा है। प्राइस बैंड ₹402-₹424 प्रति शेयर और लॉट साइज 35 शेयर है। इश्यू की क्लोजिंग 21 जुलाई को होगी, जिसके बाद अलॉटमेंट 22 जुलाई को फाइनल होने की उम्मीद है। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 24 जुलाई को लिस्ट हो सकते हैं।

इन कंपनियों की होगी लिस्टिंग

नए सप्ताह में 21 जुलाई को मेनबोर्ड सेगमेंट में NSE और BSE पर SBI Funds Management और Alpine Texworld की लिस्टिंग होगी। इसी दिन BSE SME पर Millworks Technologies के शेयर लिस्ट हो सकते हैं। 23 जुलाई को BSE SME पर Sotefin Bharat के शेयर अपनी शुरुआत करने वाले हैं। 24 जुलाई को NSE और BSE पर Caliber Mining के लिस्ट होने की उम्मीद है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।