Greater Agra Project: ताजनगरी में घर बनाने का सपना होगा साकार! ग्रेटर आगरा की गोमतीपुरम टाउनशिप में आवासीय भूखंडों के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू

Greater Agra Project Registration: ताजनगरी आगरा में अपना आशियाना बनाने या जमीन खरीदने का सपना देख रहे लोगों के लिए गुड न्यूज है। आगरा विकास प्राधिकरण की महत्वाकांक्षी ‘ग्रेटर आगरा प्रोजेक्ट’ के अंतर्गत गोमतीपुरम टाउनशिप में आवासीय भूखंडों के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू हो गई है। प्राधिकरण की ओर से जारी एक विज्ञापन के मुताबिक, इच्छुक आवेदक 2 दिसंबर 2026 तक भूखंडों के लिए रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 2 नवंबर 2026 से जारी है। इस योजना में अलग-अलग आकार के भूखंड उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे अपनी जरूरत और बजट के अनुसार प्लॉट चुनने का विकल्प मिलेगा।

ग्रेटर आगरा प्रोजेक्ट (Greater Agra Project) को शहर के नियोजित विस्तार और आवासीय सुविधाओं के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। गोमतीपुरम टाउनशिप के माध्यम से लोगों को कम बजट में आवासीय क्षेत्र में अपना घर बनाने का अवसर उपलब्ध कराने की तैयारी है।

5 कैटेगरी में उपलब्ध होंगे आवासीय प्लॉट

आगरा विकास प्राधिकरण की ओर से जारी विज्ञापन में भूखंडों को पांच कैटेगरी में बांटा गया है। इनमें 100 वर्ग मीटर तक, 101 से 150 वर्ग मीटर, 151 से 200 वर्ग मीटर, 201 से 250 वर्ग मीटर और 250 वर्ग मीटर से अधिक आकार के भूखंड शामिल हैं।

कैटेगरीवार भूखंडों की संख्या इस प्रकार है:-

  • कैटेगरी A: 100 वर्ग मीटर तक के 140 भूखंड।
  • कैटेगरी B: 101 से 150 वर्ग मीटर तक के 417 प्लॉट।
  • कैटेगरी C: 151 से 200 वर्ग मीटर तक के 117 भूखंड।
  • कैटेगरी D: 201 से 250 वर्ग मीटर तक के 25 प्लॉट।
  • कैटेगरी E: 250 वर्ग मीटर से अधिक के 45 भूखंड।

कुल 744 प्लॉट की होगी बुकिंग

इस प्रकार विज्ञापन में कुल 744 आवासीय भूखंडों का डिटेल्स दिया गया है। इनमें सबसे अधिक 417 भूखंड 101 से 150 वर्ग मीटर वाली श्रेणी में रखे गए हैं।

आरक्षित और अनारक्षित कैटेगरी के लिए अलग-अलग रजिस्ट्रेशन शुल्क

योजना में आवेदन करने वाले लोगों के लिए आरक्षित और अनारक्षित कैटेगरी के अनुसार अलग-अलग रजिस्ट्रेशन शुल्क निर्धारित की गई है। विज्ञापन के मुताबिक, भूखंडों की दर 33,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर बताई गई है।

रजिस्ट्रेशन शुल्क का डिटेल्स इस प्रकार है:-

भूखंड कैटेगरी                                           आरक्षित कैटेगरी                              अनारक्षित कैटेगरी

A                                                                   ₹1,65,000                                     ₹3,30,000

B                                                                   ₹2,47,500                                      ₹4,95,000

C                                                                    ₹3,30,000                                     ₹6,60,000

D                                                                    ₹4,12,500                                       ₹8,25,000

E                                                                     ₹4,95,000                                       ₹9,90,000

आवेदकों को आवेदन से पहले अपनी कैटेगरी के अनुसार निर्धारित रजिस्ट्रेशन धनराशि और योजना से संबंधित डिटेल्स में नियमों की जानकारी प्राप्त करने की सलाह दी गई है।

एक महीने तक चलेगी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया

आगरा विकास प्राधिकरण के विज्ञापन के अनुसार, गोमतीपुरम टाउनशिप के लिए रजिस्ट्रेशन 2 नवंबर 2026 से शुरू हो चुका है। आवेदन करने की आखिरी तारीख 2 दिसंबर 2026 निर्धारित की गई है। ऐसे में इच्छुक लोगों के पास आवेदन की प्रक्रिया पूरी करने के लिए लगभग एक महीने का समय है।

प्राधिकरण ने योजना से जुड़ी विस्तृत जानकारी और रजिस्ट्रेशन के लिए QR कोड भी जारी किया है। इच्छुक आवेदक विज्ञापन में दिए गए QR कोड को स्कैन कर डिटेल्स जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा आगरा विकास प्राधिकरण की आधिकारिक वेबसाइट www.adaagra.org.in पर भी संपर्क किया जा सकता है।

फोन और व्हाट्सऐप से भी मिलेगी जानकारी

प्रोजेक्ट से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के लिए प्राधिकरण ने संपर्क नंबर भी जारी किए हैं। आवेदक 0562-2510070 पर फोन कर सकते हैं। इसके अलावा +91 9084407890 व्हाट्सऐप नंबर पर भी संपर्क की सुविधा दी गई है। प्राधिकरण के अनुसार, संपर्क का समय कार्यदिवसों में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित किया गया है।

शहर के आवासीय विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

ग्रेटर आगरा परियोजना के अंतर्गत गोमतीपुरम टाउनशिप में आवासीय भूखंडों का रजिस्ट्रेशन शुरू होना उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण अवसर है, जो आगरा में अपना घर बनाने के लिए उपयुक्त जमीन की तलाश कर रहे हैं। अलग-अलग आकार के भूखंडों की उपलब्धता से विभिन्न जरूरतों वाले आवेदकों को विकल्प मिल सकेंगे।

हालांकि, आवेदन करने से पहले आवेदकों को भूखंडों की साइज, आरक्षण संबंधी शर्तों, आवंटन प्रक्रिया, भुगतान नियमों और अन्य आवश्यक गाइडलाइंस की आधिकारिक जानकारी अवश्य प्राप्त करनी चाहिए। आगरा विकास प्राधिकरण ने इस योजना के साथ ‘हमारा प्रयास, सबको आवास’ का संदेश दिया है। अब देखना होगा कि गोमतीपुरम टाउनशिप की इस योजना को शहरवासियों से कैसी प्रतिक्रिया मिलती है।

और डिटेल्स के लिए यहां करें संपर्क

वेबसाइट: www.adaagra.org.in

फोन नंबर: 0562-2510070

व्हाट्सऐप नंबर: +91 9084407890

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ACP Manasvi Vashishtha: IIT से पढ़ाई, SSB में नौकरी और उपराष्ट्रपति के PSO तक… दिल्ली पुलिस में निलंबित एसीपी मनस्वी वशिष्ठ कौन हैं?

Who is Manasvi Vashishtha: दिल्ली पुलिस के निलंबित असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (ACP) मनस्वी वशिष्ठ इन दिनों अपने प्रदर्शन को लेकर चर्चा में हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। गृह मंत्रालय ने दिल्ली, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप, दमन एवं दीव, और दादरा एवं नगर हवेली पुलिस सेवा (दैनिप्स) के 2019 बैच के अधिकारी वशिष्ठ के निलंबन का 2 नवंबर को आदेश जारी किया। यह कार्रवाई दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर उनके और 100 से अधिक पुलिस अधिकारियों के विरोध प्रदर्शन के कुछ घंटों बाद हुई।

शाहदरा थाने में वकीलों और पुलिसकर्मियों के बीच हुई झड़प के बाद दो पुलिस अधिकारियों के तबादले किए गए थे, जिनमें मनस्वी वशिष्ठ भी शामिल थे। हालांकि, मनस्वी वशिष्ठ की पहचान सिर्फ इस विवाद तक सीमित नहीं है। IIT खड़गपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले वशिष्ठ ने SSB (Sashastra Seema Bal) में नौकरी देने के बाद दिल्ली पुलिस में अपनी जगह बनाई। वह पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO) के रूप में भी तैनात रह चुके हैं।

कौन हैं ACP मनस्वी वशिष्ठ?

मनस्वी वशिष्ठ मूल रूप से राजस्थान की राजधानी जयपुर के रहने वाले हैं। उनका जन्म और पालन-पोषण जयपुर में ही हुआ। उनका परिवार डॉक्टरों से जुड़ा है। लेकिन उन्होंने इंजीनियरिंग के सेक्टर में पढ़ाई करने के बाद पुलिस सर्विस को अपना करियर बनाया। ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, वशिष्ठ पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO) के तौर पर काम कर चुके हैं। उन्होंने 2025 में अपने इस्तीफे तक यह जिम्मेदारी निभाई थी। दिल्ली, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह पुलिस सेवा (DANIPS) के 2019 बैच के अधिकारी वशिष्ठ, सशस्त्र सीमा बल (SSB) और दिल्ली पुलिस सुरक्षा इकाई (Security Unit) में भी काम कर चुके हैं।

SSB में चार साल तक दी सेवा

जयपुर में जन्मे और पले-बढ़े वशिष्ठ ने 2009 से 2013 तक भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT), खड़गपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। वे 2016 में SSB में शामिल हुए। यहां 2016 से 2020 तक चार साल तक इस बल के साथ काम किया। इस दौरान, उनकी तैनाती जम्मू-कश्मीर और बिहार जैसे प्रमुख राज्यों में रही। बाद में वह 2019-20 बैच के तहत DANIPS में शामिल हुए। अपनी शुरुआती ट्रेनिंग पूरी करने और दिल्ली में काम करने के बाद 2022 में उनका तबादला अंडमान और निकोबार द्वीप समूह कर दिया गया।

2005 से दिल्ली में हैं तैनात

मनस्वी वशिष्ठ अपने कार्यकाल के दौरान दिगलीपुर और हैवलॉक में पुलिस उपाधीक्षक (DSP) के रूप में काम किया। फिर दिसंबर 2024 में वे वापस दिल्ली लौट आए। राष्ट्रीय राजधानी में वशिष्ठ ने दिल्ली पुलिस के अंतर्गत कई पदों पर काम किया। दिसंबर 2025 में उन्हें गांधी नगर में असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (ACP) के पद पर तैनात किया गया, जहां उन्होंने लगभग तीन महीने तक काम किया।

इसके बाद वह दिल्ली पुलिस सुरक्षा इकाई (Security Unit) से जुड़ गए। फिर वह AI शिखर सम्मेलन (AI Summit) और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की नई दिल्ली यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभालने वाले अधिकारियों में शामिल रहे। मार्च 2026 में उन्हें फिर से गांधी नगर में ACP के पद पर तैनात किया गया। वशिष्ठ विवाहित हैं। रिपोर्ट के मुताबिक उनके दो बच्चे हैं, जिनकी उम्र क्रमशः तीन साल और छह महीने है।

आखिर क्यों हुआ मनस्वी वशिष्ठ का निलंबन?

दरअसल, यह विवाद 23 अक्टूबर को शाहदरा पुलिस थाने में हुई एक घटना से शुरू हुआ, जहां कथित तौर पर हाथापाई के दौरान वकील ललित बंसल के सिर में गंभीर चोट आई। इसके बाद पुलिस थाने में वकीलों और पुलिसकर्मियों के बीच टकराव हुआ, जिसके चलते जिला अदालत के वकीलों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। हालांकि, इसे बाद में वापस ले लिया गया।

दिल्ली पुलिस ने 28 अक्टूबर को गांधी नगर में उप मंडलीय पुलिस अधिकारी के पद पर तैनात वशिष्ठ का तबादला महिलाओं एवं बच्चों के लिए विशेष पुलिस इकाई में कर दिया। उस समय शाहदरा पुलिस थाने के प्रभारी रहे इंस्पेक्टर अरुण कुमार का तबादला सुरक्षा इकाई में कर दिया गया।

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वकीलों ने बंसल पर हुए हमले और उसके बाद पुलिस थाने में हुई झड़प के लिए जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी, जिसके बाद यह तबादला हुआ। इसके बाद, वकीलों ने अपनी हड़ताल वापस ले ली थी। सोमवार को उस वक्त एक और विवाद खड़ा हो गया, जब वशिष्ठ और दिल्ली पुलिस के कुछ कर्मियों ने इन तबादलों के विरोध में पुलिस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान वकीलों के बारे में कुछ विवादित टिप्पणियां भी की गई थीं। इसके बाद गृह मंत्रालय ने वशिष्ठ को निलंबित कर दिया है।