लॉर्ड्स जीतने के बाद बेटियों ने दिल भी जीता, 2 इंग्लैंड की खिलाड़ियो को दी विदाई (Video)

270 रनों से लॉर्ड्स टेस्ट मैच को जीतने के बाद भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सदस्यों ने ड्रेसिंग रूम में जश्न मनाया लेकिन मैदान जीतने के बाद दिल भी जीत लिया। इंग्लैंड की दो महिला क्रिकेटरों टैमी ब्यूमोंट और हीथर नाइट ने लॉर्ड्स टेस्ट मैच से पहले और मैच के दौरान संन्यास की घोषणा की थी। इन दो क्रिकेटरों को ड्रेसिंग रूम में बुलाकर भारतीय टीम ने विदाई समारोह रखा।

ब्यूमोंट इंग्लैंड की बेहतरीन बल्लेबाज़ों में से एक के तौर पर इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह रही हैं। वह इंग्लैंड की उन केवल दो महिला खिलाड़ियों में से एक हैं – और कुल मिलाकर इंग्लैंड की उन पांच क्रिकेटरों में से एक – जिन्होंने तीनों फ़ॉर्मेट में इंटरनेशनल शतक लगाया है। उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि 2023 विमेंस एशेज़ के दौरान ट्रेंट ब्रिज में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ़ नाबाद 208 रन की ऐतिहासिक पारी रही, जिससे वह टेस्ट में दोहरा शतक लगाने वाली इंग्लैंड की पहली महिला खिलाड़ी बनीं।

वहीं इंग्लैंड महिला टीम की पूर्व कप्तान हीथर नाइट ने अपने करियर में 15 टेस्ट, 160 वनडे और 145 टी-20 मैच है। यह किसी भी दूसरी इंग्लैंड महिला क्रिकेटर के मुकाबले सबसे ज़्यादा मैच हैं। उन्होंने 2010 में इंग्लैंड के लिए पर्दापण किया था, जब वह 18 साल की उम्र में भारत दौरे के लिए चोटिल सारा टेलर की जगह टीम में आई थीं।

इन दोनों खिलाड़ियों के करियर का परिकथा अंत नहीं हो पाया क्योंकि भारत ने लॉर्ड्स टेस्ट रिकॉर्ड 270 रनों से जीत लिया।यास्तिका भाटिया के शतक, दोनों पारियों में स्मृति मंधाना के अर्धशतक और क्रांति गौड़ के पंजे की बदौलत भारत ने ऐतिहासिक लॉर्ड्स टेस्ट में इंग्लैंड को सोमवार को 270 रन के बड़े अंतर से हरा दिया। चौथे दिन का खेल जब शुरू हुआ तब भारत जीत से चार विकेट दूर था और स्नेह राणा ने अर्धशतक बना चुकीं एमी जोंस के रूप में भारत को दिन की पहली सफलता दिला दी। इसके बाद दीप्ति शर्मा ने इसी वॉन्ग और लॉरेन बेल को बोल्ड किया।

राणा ने एकलस्टन को 50 के निजी स्कोर पर बोल्ड करते हुए इंग्लैंड का अंतिम विकेट गिराया और भारत ने यह मुक़ाबला 270 रनों के विशाल अंतर से जीत लिया। इंग्लैंड की ओर से इस मैच में सबसे अच्छा प्रदर्शन एकलस्टन ने किया जिन्होंने अर्धशतक लगाने के साथ ही गेंदबाज़ी में दूसरी पारी में पंजा हासिल किया।

भारत ने इंग्लैंड के सामने इस टेस्ट में जीत के लिए 457 रनों का लक्ष्य रखा था जिसके जवाब में तीसरे दिन का खेल समाप्त होने तक इंग्लैंड ने 130 के स्कोर पर छह विकेट गंवा दिए थे और जोंस अर्धशतक बनाकर खेल रही थीं। टैमी ब्यूमोंट और हीदर नाइट अपने अंतररारष्ट्रीय करियर का अंतिम मैच खेल रही थीं और दोनों को अंतिम पारी में गौड़ ने अपना शिकार बनाया।

वनडे में इंग्लैंड ने भारत के खिलाफ T-20I टीम उतारी, किए सिर्फ 2 बदलाव

ENGvsIND इंग्लैंड ने 4 टी-20 में भारत के खिलाफ जीत अर्जित करने वाली टीम को ही भारत के खिलाफ एजबेस्टन में खेले जाने वाले पहले एकदिवसीय मैच में उतार दिया है। टीम ने सिर्फ 2 बदलाव किए है। सलामी बल्लेबाज फिल साल्ट की जगह बेन डकेट को टीम में शामिल किया गया है।

38 वर्षीय जॉस बटलर जिन्होंने अंतिम टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में शतक लगाया था वह टीम का हिस्सा है और कीपिंग भी करेंगे।आज वह अपना 200वां एकदिवसीय मुकाबला खेलेंगे। टीम ने जो दूसरा बदलाव किया है वह टॉम बैनटन को बाहर कर टेस्ट क्रिकेट के सफल बल्लेबाज जो रूट हैं। जो रुट मध्यक्रम में स्थिरता प्रदान कर सकते हैं।

इन दो बदलावों को छोड़कर पूरी टीम वैसी ही है जैसी पिछले दो टी-20 अंतरराष्ट्रीय में थी। टीम ने अभी तक किसी भी मुख्य तेज गेंदबाज (जोफ्रा आर्चर) या फिर मुख्य स्पिनर (आदिल रशीद) को आराम देने के बारे में नहीं सोचा है। अंतिम टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच शनिवार को खेला गया था और टीम को मंगलवार तक 2 दिन का आराम मिल गया है।

इसके इतर भारत की टीम में कई बदलाव देखने को मिलेंगे। श्रेयस अय्यर की जगह कप्तान शुभमन गिल होंगे। शीर्ष से लेकर मध्यक्रम बदला दिखेगा और मुख्य तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और मुख्य स्पिनर कुलदीप यादव के दिखने की संभावना है।

Playing XI  इस प्रकार हैं:

इंग्लैंड: हैरी ब्रूक (कप्तान), बेन डकेट, जोस बटलर (विकेटकीपर), जो रूट, जैकब बेथेल, विल जैक्स, लियाम डॉसन, सैम कुरेन, जोफ्रा आर्चर, जोश टंग, आदिल राशिद।

IND vs ENG: क्या बारिश डालेगी रोहित-विराट की वापसी में खलल? जानें कैसी होगी बर्मिंघम की पिच

India vs England: भारत और इंग्लैंड के बीच 3 मैचों की वनडे सीरीज की शुरुआत 14 जुलाई से होगी। दोनों टीमों के बीच ये मुकाबला दोपहर 3:30 बजे से शुरू होगा। वहीं वनडे टीम में रोहित शर्मा और विराट कोहली की वापसी हो रही है। वहीं दोनों ने नेट्स पर जमकर पसीना बहा रहे हैं। रोहित शर्मा और विराट कोहली की वापसी पर सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है। वहीं इंग्लैंड के खिलाफ मैच में जसप्रीत बुमराह की वापसी हो रही है। बुमराह 2023 वनडे विश्व कप के बाद पहली बार इस फॉर्मेट में मैदान पर उतरने के लिए तैयार हैं। आइए मैच से पहले जानते हैं कैसी होगी दोनों टीमों की प्लेइंग 11 और पिच रिपोर्ट। क्या बारिश डालेगी मुकाबले में खलल?

कैसी होगी एजबेस्टन की पिच

भारत और इंग्लैंड के बीच पहला मुकाबला एजबेस्टन के बर्मिंघम में खेला जाएगा। एजबेस्टन की पिच आमतौर पर बल्लेबाजों के लिए मददगार मानी जाती है। यहां गेंद अच्छी तरह बल्ले पर आती है, जिससे बड़े शॉट खेलना आसान रहता है। वहीं नई गेंद से तेज गेंदबाजों को शुरुआती ओवरों में स्विंग और सीम मूवमेंट मिल सकती है। मैच आगे बढ़ने पर स्पिन गेंदबाजों को भी कुछ मदद मिलने की उम्मीद है, खासकर बीच के ओवरों में, जहां गेंद हल्का टर्न ले सकती है।

भारत और इंग्लैंड ODI में हेड-टू-हेड रिकॉर्ड

  • मैच खेले: 110
  • भारत जीता: 61
  • इंग्लैंड जीता: 44
  • कोई रिजल्ट नहीं: 3
  • टाई: 2

भारत और इंग्लैंड की संभावित प्लेइंग 11

भारत की संभावित प्लेइंग 11: शुभमन गिल (c), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (vc), केएल राहुल (wk), ईशान किशन, शिवम दुबे/अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा, अर्शदीप सिंह

इंग्लैंड की संभावित प्लेइंग 11: बेन डकेट, जैकब बेथेल, जो रूट, हैरी ब्रूक (c), जोस बटलर (wk), विल जैक्स, सैम करन, जोफ्रा आर्चर, गस एटकिंसन, जोश टंग, आदिल राशिद

कैसा होगा मौसम

पहले वनडे के दौरान मौसम पूरी तरह साफ रहने की उम्मीद नहीं है। दिनभर आसमान में बादल छाए रह सकते हैं और बीच-बीच में हल्की बारिश होने की भी संभावना है। वहीं पूरे मैच के रद्द होने की आशंका कम है, लेकिन मौसम के कारण कुछ समय के लिए खेल प्रभावित हो सकता है।

T20I की हार से रोहित का गंभीर पर पलड़ा भारी, इँग्लैंड में फ्लॉप होने पर भी रहेंगे बरकरार

आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ विश्वविजेता टी-20 सीरीज की वाइटवॉश के बाद रोहित शर्मा का पलड़ा मुख्य कोच गौतम गंभीर पर भारी हो गया है। माना जा रहा था रोहित शर्मा ने अपने PR यानि कि जनसंपर्क के कारण अफगानिस्तान सीरीज में अपनी जगह बचा ली थी लेकिन इंग्लैंड उनकी अंतिम सीरीज मानी जा रही थी। लेकिन अब युवा टीम के टी-20 सीरीज में वाइटवॉश होने के बाद वह इँग्लैंड में फ्लॉप भी हुए तो एकदिवसीय टीम में बने रहेंगे।

इंग्लैंड पहुंचते ही रोहित शर्मा ने अपना PR Active कर लिया है। ऐसा बताया जा रहा कि वह अकेले ऐसे बल्लेबाज है जो ओपन नेट्स में अभ्यास कर रहे हैं। वहीं सोशल मीडिया पर उनके पुराने क्लिप्स वायरल हो रहे हैं जब उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ रनों का अंबार लगाया था।लेकिन शायद इस बार इसकी जरुरत ना पड़े क्योंकि गौतम गंभीर पहले ही राष्ट्रीय विलेन बने हुए हैं और रोहित शर्मा के खिलाफ उठाया एक बड़ा कदम उनकी छवि धूमिल कर देगा। ऐसे में वह कोई जोखिम नहीं लेना चाहेंगे।

अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे एकदिवसीय मैच को छोड़ दे तो इस साल रोहित का प्रदर्शन औसत से नीचे रहा है।पहले मैच में वह 16 रन बनाकर रनआउट हो गए और दूसरे मैच में वह 39 गेंदों में 48 रन बनाकर बोल्ड हो गए।इससे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ पहली एकदिवसीय सीरीज में रोहित शर्मा फ्लॉप रहे और टीम को शुरुआत में बड़ा स्कोर नहीं दे सके। रोहित शर्मा 3 मैचों में 20 की औसत से 61 रन बना पाए। पूरी सीरीज में उन्होंने 9 चौके और 2 छक्के लगाए।पहले मैच में उन्होंने 29 गेंदो पर 26 रन, दूसरे मैच में उन्होंने 38 गेंदो में 24 रन और तीसरे मैच में 13 गेंदो में 11 रन बनाए।

एकदिवसीय क्रिकेट की बात करें तो रोहित शर्मा ने 284 मैच खेले हैं। वह अब तक 48 की औसत से 11641 रन बना चुके हैं।इसमें 33 शतक और 51 अर्धशतक शामिल है। इस प्रारुप में उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 264 रन है जो श्रीलंका के खिलाफ आया था। यह रिकॉर्ड अब तक उनके नाम है।

टेस्ट में बैजबॉल खत्म, मक्कलम अब सिर्फ इंग्लैंड के सफदे गेंद के कोच

इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने ब्रेंडन मक्कलम को इंग्लैंड की पुरुष टेस्ट टीम के मुख्य कोच पद से हटा दिया है। हालांकि वह सीमित ओवर के क्रिकेट में इंग्लैंड के कोच बने रहेंगे। यह फैसल ऐसे समय आया है जब महज तीन महीने पहले ही ऐशेज में ऑस्ट्रेलिया से 4-1 की हार के बावजूद मक्कलम को सार्वजनिक रूप से समर्थन दिया गया था।

मक्कलम ने अपने बयान में कहा, “बेशक मैं आगे यह भूमिका नहीं निभा पाने से बेहद दुखी हूं, लेकिन मैं इस फै़सले का सम्मान करता हूं। अब मेरा पूरा ध्यान वनडे और टी-20 टीमों को आगे बढ़ाने और इंग्लैंड क्रिकेट को लगातार बेहतर बनाने पर रहेगा। मैं टेस्ट टीम की सफलता की कामना करता हूं।”

ईसीबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रिचर्ड गोल्ड ने मार्च में कहा था कि मक्कलम “काफ़ी सीख सकते हैं” और ऑस्ट्रेलिया में हुई ग़लतियों से आगे बढ़ सकते हैं। उन्होंने तब यह भी कहा था कि उन्हें हटाना “सबसे आसान विकल्प” होगा। लेकिन केवल तीन टेस्ट बाद न्यूजीलैंड से घरेलू मैदान पर 2-1 की हार के बाद, ईसीबी ने वही निर्णय किया।

गोल्ड ने कहा, “ब्रेंडन ने इंग्लैंड पुरुष टेस्ट टीम में नई जान फूंक दी थी। उनके कार्यकाल में हमें कई यादगार जीत मिलीं और इस भूमिका में उनके योगदान के लिए हम उनके आभारी हैं। अब हमें लगता है कि अगले साल ऐशेज़ जीतने के लक्ष्य को देखते हुए टेस्ट टीम के लिए बदलाव का यही सही समय है।”

उल्लेखनीय है कि मक्कलम ने 2022 में इंग्लैंड की टेस्ट टीम की कमान संभाली थी और कप्तान बेन स्टोक्स के साथ मिलकर अपने पहले 11 मैचों में 10 जीत दिलाई थी। उस दौरान इंग्लैंड ने अभूतपूर्व आक्रामक अंदाज में क्रिकेट खेली। हालांकि इसके बाद टीम के नतीजे लगातार खराब होते गए और उनके कार्यकाल में इंग्लैंड ऑस्ट्रेलिया या भारत के खिलाफ एक भी टेस्ट सीरीज नहीं जीत सका।

टेस्ट कोच के रूप में मक्कलम का रिकॉर्ड 27 जीत, दो ड्रॉ और 20 हार का रहा। इनमें से सात हार इंग्लैंड के पिछले नौ टेस्ट मैचों में आईं। उनका कार्यकाल अपने देश न्यूजीलैंड के खिलाफ़ घरेलू सीरीज से शुरू हुआ था, जिसमें इंग्लैंड ने 2022 में 3-0 से जीत दर्ज की थी। वहीं पिछले महीने उसी टीम से घरेलू सीरीज हारने के साथ उनका कार्यकाल समाप्त हुआ। इसी सीरीज़ के बाद बेन स्टोक्स ने अचानक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया।

इंग्लैंड ने भारत को 56 रनों से हराकर सीरीज पर 4-0 से कब्जा कर पाई नंबर 1 रैंक

ENGvsIND जोस बटलर ने अपने पुराने आक्रामक अंदाज की झलक दिखाते हुए शानदार शतक जड़ा, जबकि कप्तान हैरी ब्रुक ने भविष्य के सितारे की तरह बल्लेबाजी करते हुए तूफानी पारी खेली जिससे इंग्लैंड ने पांचवें टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में भारत को 56 रन से हराकर पांच मैचों की श्रृंखला में 4-0 की ऐतिहासिक क्लीन स्वीप पूरी कर ली।

बटलर के 64 गेंदों में 131 रन और ब्रुक के 45 गेंदों में नाबाद 95 रन की बदौलत इंग्लैंड ने तीन विकेट पर 257 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। भारतीय गेंदबाजी आक्रमण इस मुकाबले में पूरी तरह बेअसर नजर आया। बटलर और ब्रुक ने दूसरे विकेट के लिए 233 रन की रिकॉर्ड साझेदारी की, जो टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में किसी भी विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारियों में शामिल हो गई।विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम ने इस दौरे के सभी सात टी20 मुकाबलों में अपनी सबसे अच्छी बल्लेबाजी जरूर की, लेकिन जीत के लिए यह प्रयास काफी नहीं था। भारत की पारी 20 ओवर में आठ विकेट पर 201 रन तक ही पहुंच सकी।

इशान किशन ने 35 गेंदों में 56 रन और आलोचनाओं का सामना कर रहे तिलक वर्मा ने 25 गेंदों में 53 रन बनाए। दोनों बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका मिला, लेकिन उनकी पारियां टीम को जीत दिलाने में सफल नहीं हो सकीं।इस जीत के साथ इंग्लैंड ने भारत का टी20 अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में 1601 दिनों से चला आ रहा शीर्ष स्थान का दबदबा भी समाप्त कर दिया। नए कप्तान श्रेयस अय्यर की अगुवाई में भारत की यह सात मैचों में छठी हार (एक मैच बारिश के कारण रद्द हो गया था) रही,। भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने इस मैच से पहले ही निराशाजनक प्रदर्शन की समीक्षा का संकेत दे दिया था।

भारतीय टीम ने शुरुआत में ही अभिषेक शर्मा का विकेट गंवा दिया था लेकिन पॉवरप्ले में  वैभव सूर्यवंशी की जगह आए संजू सैमसन ने तेज शरुआत दिलाई। हालांकि वह भी पॉवरप्ले में आउट हो गए। 10 ओवर तक ईशान और श्रेयस के कारण भारतीय टीम 110 रन बनाकर मैच में थी लेकिन अगले 6 ओवर टीम जरूरी रन गति नहीं पा सकी और मैच एकतरफा हो गया। भारतीय टीम ने  201 रन बनाने में 9 विकेट गंवा दिए।  

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इंग्लैंड के खिलाफ शर्मनाक हार के बाद बने यह अनचाहे रिकॉर्ड्स

ENGvsIND आयरलैंड से पहली बार टी-20 सीरीज हारने के बाद भारत इंग्लैंड से भी पहली बार टी-20 सीरीज हार गया है। इंग्लैंड के खिलाफ भारत पहली बार टी-20 सीरीज हारा है। वहीं साल 2019 के बाद किसी भी प्रारुप में इंग्लैंड से सीरीज गंवाई है। 7 साल बाद ऐसा हुआ है कि भारतीय टीम लगातार 2 सीरीज हारी हो। इसके अलावा श्रेयस अय्यर पहले ऐसे भारतीय कप्तान बन गए हैं जिनकी कप्तानी में भारत 5 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच लगातार हारा हो।

ब्रिटेन के छह शहरों (बेलफास्ट सहित) में एक बात समान रही है, किस्मत का अय्यर का साथ नहीं देना। कप्तान बनने के बाद उन्हें अब भी अपनी पहली जीत की तलाश है।भारतीय टीम के 2006 में पहली बार टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने के बाद से यह सबसे लंबा अंतराल है जबकि वह कोई मैच नहीं जीत पाई।

ब्रिस्टल में खेले गए मैच में भारत ने 20 ओवर में 158 रन बनाए जिसका पीछा इंग्लैंड ने 1 विकेट खोकर 13.5 ओवर में कर लिया। इससे पहले नॉटिंधम में टीम इंडिया को शर्मनाक हार मिली जहां वह 76 रनों पर सिमटकर 125 रनों से मैच हार गई। दूसरे टी-20 में भारत मैच में बना हुआ था लेकिन रवि विश्नोई की नो बॉल और 29 रन के ओवर ने भारत से मैच छीन लिया। इस मैच के बाद भारत लय में आ ही नहीं पाया।

श्रेयस पर भारी ब्रूक की पारी, इंग्लैंड ने भारत को 9 विकेटों से रौंदा

ENGvsIND गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के बाद फिल साल्ट (नाबाद 59) और कप्तान हैरी ब्रूक (नाबाद 79) के बेहतरीन अर्धशतकों से इंग्लैंड ने भारत को चौथे टी 20 में गुरूवार को नौ विकेट से हराकर पांच मैचों की सीरीज में 3-0 की अपराजेय बढ़त बना ली।

भारत ने कप्तान श्रेयस अय्यर की नाबाद 80 रन की बेहतरीन अर्धशतकीय पारी की मदद से सात विकेट पर 158 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर बनाया लेकिन इंग्लैंड ने 13.5 ओवर में एक विकेट पर 159 रन बनाकर मुकाबला एकतरफा अंदाज में निपटा दिया।

150 से अधिक रनों के चेज़ में यह इंग्लैंड के द्वारा सबसे तेज़ रन चेज़ है। सीरीज़ भी भारतीय टीम हार चुकी है। कप्तान श्रेयस का अपनी पहली जीत का इंतज़ार जारी रहेगा। 2018-19 के बाद पहली बार ऐसा हुआ है, जब भारतीय टीम लगातार दो टी 20 सीरीज़ हारी है। इस मैच की बात करें तो भारतीय टीम जब बल्लेबाज़ी कर रही थी तो इंग्लैंड के गेंदबाज़ों ने शॉर्ट और बैक ऑफ़ लेंथ गेंदों से बल्लेबाज़ों को काफ़ी परेशान किया।

साथ ही स्पिनरों ने भी कमाल की गेंदबाज़ी की। ऐसा लगा कि पिच काफ़ी धीमी है। लेकिन भारतीय गेंदबाज़ पिच और परिस्थितियों के अनुरूप अच्छी गेंदबाज़ी करने में सफल नहीं हुए। साथ ही सॉल्ट और ब्रूक ने जिस तरह की बल्लेबाज़ी की, वह तारीफ़ योग्य है। साल्ट ने 42 गेंदों की पारी में नौ चौके और एक छक्का लगाया जबकि ब्रूक ने 35 गेंदों में आठ चौके और चार छक्के लगाए।

इससे पूर्व टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरे भारत की शुरुआत खराब रही और उसने 48 रन तक जाते-जाते अपने शीर्ष तीन बल्लेबाज गंवा दिए। वैभव सूर्यवंशी 15, ईशान किशन चार और अभिषेक शर्मा 16 रन बनाकर आउट हुए , लेकिन अय्यर ने इसके बाद कप्तानी की जिम्मेदारी से खेलते हुए 49 गेंदों में चार चौकों और पांच छक्कों की मदद से नाबाद 80 रन की शानदार पारी खेलकर भारत को लड़ने लायक स्कोर तक पहुंचा दिया। हालांकि भारत निश्चित रूप से अच्छे स्कोर से काफी पीछे रहा।

2025 से इस मैदान पर पहली पारी का औसत स्कोर 166 रहा है और यह कहना सही होगा कि भारत का स्कोर उम्मीद से कम रहा। मेज़बान टीम की ओर से एक और शानदार गेंदबाजी प्रदर्शन देखने को मिला। पावरप्ले में ‘हार्ड लेंथ’ वाली गेंदों ने कमाल किया; जोफ्रा आर्चर ने एक बार फिर वैभव को आउट किया और ईशान किशन, जोश टंग का शिकार बने।

आदिल राशिद ने अपने पहले ही ओवर में अभिषेक को आउट कर दिया। भारत के टॉप तीन बल्लेबाज़ – जो सभी बाएं हाथ के थे – ‘क्रॉस-द-लाइन’ शॉट खेलने की कोशिश में आउट हो गए। श्रेयस अय्यर और शिवम दुबे (22) ने पचास रनों की साझेदारी की, लेकिन उनके स्कोरिंग रेट से इंग्लैंड को ज़्यादा परेशानी नहीं हुई। तिलक वर्मा 11 रन बनाकर आउट हुए। वाशिंगटन सुन्दर पांच और अक्षर पटेल एक रन बनाकर पवेलियन लौटे।

कप्तान श्रेयस ने 18वें ओवर में आदिल राशिद की गेंदों पर 6, 4 और 6 रन जड़कर उन पर दबाव बनाया। लेकिन आखिरी दो ओवरों में इंग्लैंड का प्रदर्शन फिर से बेहतरीन रहा – कोई बाउंड्री नहीं, 8 रन और 2 विकेट – क्योंकि उन्होंने अपनी गेंदबाजी में बदलावों का बखूबी इस्तेमाल किया।

रोहित शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ एकदिवसीय मैचों के लिए शुरु की नेट प्रेक्टिस (Video)

रोहित शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली एकदिवसीय सीरीज के  लिए नेट्स पर पसीना बहाना शुरु कर दिया है। वैसे तो हर सीरीज ही रोहित शर्मा के लिए अहम होती है लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली 3 मैचों की एकदिवसीय सीरीज उनके लिए काफी अहम है क्योंकि वह एकदिवसीय  विश्वकप 2027 के लिए हर सीरीज में अपनी दावेदारी प्रस्तुत कर रहे हैं।

अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे एकदिवसीय मैच को छोड़ दे तो इस साल रोहित का प्रदर्शन औसत से नीचे रहा है।पहले मैच में वह 16 रन बनाकर रनआउट हो गए और दूसरे मैच में वह 39 गेंदों में 48 रन बनाकर बोल्ड हो गए।इससे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ पहली एकदिवसीय सीरीज में रोहित शर्मा फ्लॉप रहे और टीम को शुरुआत में बड़ा स्कोर नहीं दे सके। रोहित शर्मा 3 मैचों में 20 की औसत से 61 रन बना पाए। पूरी सीरीज में उन्होंने 9 चौके और 2 छक्के लगाए।पहले मैच में उन्होंने 29 गेंदो पर 26 रन, दूसरे मैच में उन्होंने 38 गेंदो में 24 रन और तीसरे मैच में 13 गेंदो में 11 रन बनाए।

एकदिवसीय क्रिकेट की बात करें तो रोहित शर्मा ने 284 मैच खेले हैं। वह अब तक 48 की औसत से 11641 रन बना चुके हैं।इसमें 33 शतक और 51 अर्धशतक शामिल है। इस प्रारुप में उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 264 रन है जो श्रीलंका के खिलाफ आया था। यह रिकॉर्ड अब तक उनके नाम है।

एक अग्रणी डिजिटल खेल यूट्यूब चैनल ने यह बताया कि रोहित शर्मा को टीम प्रबंधन ने साफ साफ बता दिया है कि वह एकदिवसीय विश्वकप के लिए टीम की योजनाओं में शामिल नहीं है। ऐसे में टीम  प्रबंधन रोहित जैसे सितारे को बाहर निकालने का जोखिम नहीं लेना चाहता। प्रबंधन चाहता है कि रोहित शर्मा खुद ही संन्यास के बारे में सोचे।

Video: ‘बूढ़ा हो गया हूं… नहीं कर सकता’, इंग्लैंड के खिलाफ मैच के दौरान वायरल हुआ धोनी का वीडियो

भारत और इंग्लैंड के बीच नॉटिंघम के ट्रेंट ब्रिज में खेले गए तीसरे वनडे में भारत को 125 रन से हार का सामना करना पड़ा। वहीं इस मैच में पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की मौजूदगी से फैंस काफी एक्साईटेड थे। अपने 46वें जन्मदिन के मौके पर धोनी भारत और इंग्लैंड के बीच तीसरा मैच देखने स्टेडियम पहुंचे थे। जैसे ही पूर्व भारतीय कप्तान स्टेडियम पहुंचे, दर्शकों ने तालियों और नारों से उनका जोरदार स्वागत किया। धोनी ने भी मुस्कुराते हुए हाथ हिलाकर फैंस का अभिवादन स्वीकार किया।

वहीं इस दौरान धोनी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इंग्लैंड की जीत के बावजूद ट्रेंट ब्रिज में सबसे ज्यादा चर्चा महेंद्र सिंह धोनी की रही।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो

वहीं इस दौरान उनका एक खास अंदाज कैमरे में कैद हो गया, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। X पर वायरल हो रहे एक वीडियो में महेंद्र सिंह धोनी फैंस की ओर इशारा करते नजर आए। उन्होंने मजाकिया अंदाज में बताया कि, ‘अब वह बूढ़े हो गए हैं और अगर बल्लेबाजी करने उतरेंगे, तो विकेटों के बीच तेजी से दौड़ना उनके लिए आसान नहीं होगा।’

 

आईपीएल 2026 में एक भी मैच नहीं खेले थे धोनी

धोनी से आईपीएल 2026 में दमदार वापसी की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन फिटनेस से जुड़ी परेशानियों के कारण वह पूरे सीजन मैदान से दूर रहे। अब भी यह साफ नहीं है कि वह अगले आईपीएल सीजन में चेन्नई सुपर किंग्स की ओर से खेलते नजर आएंगे या नहीं। फैंस उनकी वापसी को लेकर बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

कड़े सुरक्षा में स्टेडियम से बाहर निकाला गया

नॉटिंघम में महेंद्र सिंह धोनी की लोकप्रियता एक बार फिर देखने को मिली। मैच खत्म होने के बाद जब वह स्टेडियम से बाहर निकले, तो उन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में फैंस जुट गए। कड़ी सुरक्षा के बीच धोनी भीड़ के बीच से आगे बढ़े, जबकि चारों ओर उनके नाम के नारे गूंज रहे थे। फैंस उनकी एक झलक पाने और उन्हें करीब से देखने के लिए उत्साहित नजर आए।

सबसे सफल कप्तान

महेंद्र सिंह धोनी को क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल खिलाड़ियों में गिना जाता है। अपने करियर की शुरुआत में उन्होंने आक्रामक बल्लेबाज के रूप में पहचान बनाई, जबकि बाद में वह मैच को अंत तक ले जाकर जीत दिलाने वाले बेहतरीन फिनिशर बन गए। कप्तान के तौर पर भी उन्होंने भारत को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। उनकी अगुवाई में टीम इंडिया ने 2007 का टी20 विश्व कप, 2011 का वनडे विश्व कप और 2013 की चैंपियंस ट्रॉफी जीतकर इतिहास रचा।