अति रक्षात्मक खेल पर इंग्लैंड के कोच और कप्तान के विरोधाभासी बयान

Harry Kane

अर्जेंटीना पर एक गोल करने के बाद इंग्लैंड ने रक्षात्मक रवैया अपना लिया। इंग्लैंड ने वह किया जो इस टूर्नामेंट में टीमों ने अर्जेंटीना के खिलाफ किया। मिस्र ने 2-0 की बढ़त के बाद अति रक्षात्मक रवैया अपना लिया जिसके बाद उसको 2-3 की हार देखनी पड़ी। वहीं स्विटजरलैंड ने भी एक -एक की बराबरी के बाद यह ही किया लेकिन अंत में अतिरिक्त समय में अर्जेंटीना ने 2 गोल कर दिए और स्कोरलाइन 1-3 हो गई।  

इंग्लैंड के कोच थॉमस ट्यूशेल ने माना कि बढ़त लेने के बाद रक्षापंक्ति का गोलमुख के आगे खड़े हो जाना गलत नहीं था।ट्यूशेल ने कहा, ‘‘वे हर हेडर पर प्रहार कर रहे थे। वे लगातार क्रॉस पर क्रॉस दे रहे थे इसलिए हमने ‘बैक फाइव’ (रक्षा पंक्ति में पांच खिलाड़ी) वाली रणनीति अपनाई।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमारे गोल के ठीक बाद हमने बहुत सारे क्रॉस और बहुत सारे मौके विरोधी टीम को दे दिए। इसलिए हमने मदद करने की कोशिश की। लेकिन जाहिर है कि जिम्मेदारी कोच की होती है। और अगर चीजें ठीक नहीं होतीं तो यह कहना आसान होता है कि फैसला गलत था।’’

गौरतलब है कि इंग्लैंड 1966 के बाद से एक भी बार फीफा विश्वकप फाइनल में प्रवेश नहीं ले पाई है। ऐसे में यह उसके लिए एक बेहतरीन मौका माना जा रहा था लेकिन अर्जेंटीना के मेस्सी के शानदार असिस्ट के कारण टीम 2 गोल खा बैठी।कप्तान हैरी केन ने अपने कोच से अलग बयान दिया और माना कि सिर्फ रक्षण करना अर्जेंटीना को रोकने के लिए नाकाफी था।

मैच के बाद पत्रकारों से बात करते हुए हैरी केन ने कहा “मेस्सी अभी भी उच्च कोटि के खेल का प्रदर्शन कर रहा है। मुझे लगा कि खेल के ज़्यादातर हिस्से में, हमने उसके साथ बहुत अच्छा खेला। लेकिन हमेशा की तरह दुनिया के सबसे खतरनाक खिलाड़ियों के साथ, जब उनके पास आखिरी तीसरे हिस्से में बॉल होती है, तो वे जगह बना सकते हैं। और उसने आज फिर ऐसा ही किया। वह ज़ाहिर तौर पर किसी वजह से अब तक के सबसे अच्छे खिलाड़ियों में से एक है।”

विराट कोहली का एक और रोहित शर्मा का एक और Failure, क्या होगा आगे?

कल इंग्लैंड के खिलाफ भारत को जीत मिली लेकिन विराट कोहली और रोहित शर्मा ने अपने विकेट पहले दस ओवर में फेंक दिए। रोहित शर्मा को 21 गेंदों में 11 रन पर सैम करन ने अपना शिकार बनाया और विराट कोहली को जोफ्रा आर्चर ने 5 रनों पर पगबाधा कर दिया। इन दोनों की बल्लेबाजी के बाद लोगों में चर्चा शुरु हो गई है कि विश्वकप तक इनमें से कौन अपनी जगह बचा पाएगा।

रोहित ने कप्तानी गंवाने के बाद अपने आक्रामक रवैए पर अंकुश लगाया लेकिन उन्हें अभी तक इससे खास फायदा नहीं हुआ है।रोहित ने पिछले साल अक्टूबर से 13 वनडे मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने एक शतक और चार अर्धशतकों की मदद से 46.91 के औसत से 563 रन बनाए हैं।यह कोई मामूली रिकॉर्ड नहीं है। लेकिन भारतीय ड्रेसिंग रूम के मौजूदा हालात ने रोहित के लिए लगभग हर मैच में अच्छा प्रदर्शन करना अनिवार्य बना दिया है।

अभी यह सोचना कल्पना से परे होगा कि रोहित अगले कुछ मैचों में असफल रहने पर 2027 में होने वाले वनडे विश्व कप की दौड़ से बाहर हो जाएंगे। लेकिन जिस तरह से हाल में टीम प्रबंधन ने सूर्यकुमार यादव और संजू सैमसन को खराब प्रदर्शन के कारण टीम से बाहर किया, वह 39 वर्षीय रोहित के लिए चेतावनी हो सकती है।

रोहित अब इस स्थिति में है कि वह किसी भी चीज को भाग्य के सहारे नहीं छोड़ सकते हैं क्योंकि भारत के शीर्ष क्रम में इशान किशन के रूप में विकल्प मौजूद है।अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे एकदिवसीय मैच को छोड़ दे तो इस साल रोहित का प्रदर्शन औसत से नीचे रहा है।पहले मैच में वह 16 रन बनाकर रनआउट हो गए और दूसरे मैच में वह 39 गेंदों में 48 रन बनाकर बोल्ड हो गए।इससे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ पहली एकदिवसीय सीरीज में रोहित शर्मा फ्लॉप रहे और टीम को शुरुआत में बड़ा स्कोर नहीं दे सके। रोहित शर्मा 3 मैचों में 20 की औसत से 61 रन बना पाए। पूरी सीरीज में उन्होंने 9 चौके और 2 छक्के लगाए।पहले मैच में उन्होंने 29 गेंदो पर 26 रन, दूसरे मैच में उन्होंने 38 गेंदो में 24 रन और तीसरे मैच में 13 गेंदो में 11 रन बनाए।

रोहित के विपरीत एक अन्य सीनियर खिलाड़ी विराट कोहली फिटनेस और आंकड़ों दोनों के मामले में बेहतर स्थिति में हैं। कोहली ने पिछले साल अक्टूबर से 10 मैचों में 77.62 के औसत से 621 रन बनाए हैं, जिसमें तीन शतक और इतने ही अर्धशतक शामिल हैं। वह भी रोहित की तरह पहले मैच में नहीं चल पाए लेकिन टीम में उनके स्थान पर किसी तरह का खतरा नजर नहीं आ रहा है।

कुछ ऐसा ही ऑस्ट्रेलिया में हुआ था और रोहित अगले 2 मैच में अर्धशतक जमाकर मैन ऑफ द सीरीज का खिताब पाए थे। इंग्लैंड की परिस्थितियों से विराट कोहली भली भांति परिचित है क्योंकि अब वह इस देश में ही रहते हैं। ऐसे में फैंस का मानना है कि कोहली अगले 2 मैच में बड़ी पारी खेलकर मैन ऑफ द सीरीज का अवार्ड पाएंगे।

हार से तिलमिलाई इंग्लैंड ने इस पेस ऑलराउंडर को जोड़ा ODI टीम में

पहले एकदिवसीय मैच में भारत से 6 विकेट की एकतरफा हार से इंग्लैंड तिलमिला गई है। ऐसे में इंग्लैंड ने सैम करन गस एटकिंसन के बाद एक और तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर को जगह दी है। T-20I सीरीज और एकदिवसीय सीरीज में आदिल रशीद ने महंगी गेंदबाजी की है। पहले एकदिवसीय मैच में भी स्पिन का हवाला देते हुए भी कप्तान ब्रूक ने उनसे सिर्फ 5 ओवर ही करवाए। ऐसे में माना जा रहा है कि यह तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर कल होने वाले  एकदिवसीय मैच में उनकी जगह खेलेगा।

तेज़ गेंदबाज़ ब्राइडन कार्स को भारत के खिलाफ़ वनडे सीरीज़ के बाकी मैचों के लिए इंग्लैंड की टीम में शामिल किया गया है। 30 साल के कार्स कलाई और कोहनी की चोट के कारण बाहर चल रहे थे, लेकिन हाल ही में डरहम के लिए तीन टी 20 ब्लास्ट मैचों में खेलकर उन्होंने वापसी की। इससे पहले, नेट्स में ट्रेनिंग के दौरान दाहिने हाथ में चोट लगने के कारण कार्स IPL नहीं खेल पाए थे। उनकी चोट के बारे में कोई खास जानकारी नहीं दी गई थी।

कार्स ने इंग्लैंड के लिए आखिरी बार सिडनी में न्यू ईयर एशेज़ टेस्ट के दौरान खेला था। इंग्लैंड के लिए उनका आखिरी वनडे नवंबर 2025 में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ़ था। उन्होंने अब तक 30 वनडे मैच खेले हैं और 40.44 की औसत से 34 विकेट लिए हैं।सीरीज़ के बाकी दो मैच कार्डिफ़ (16 जुलाई) और लॉर्ड्स (19 जुलाई) में खेले जाएंगे।

इंग्लैंड टीम: हैरी ब्रूक (कप्तान), रेहान अहमद, जोफ़्रा आर्चर, गस एटकिंसन, टॉम बैंटन, जैकब बेथेल, जोस बटलर, ब्राइडन कार्स, जेम्स कोल्स, सैम करन, लियाम डॉसन, बेन डकेट, विल जैक्स, साकिब महमूद, आदिल राशिद, जो रूट, जोश टोंग।

अक्षर ने गेंद और बल्ले से भारत को दिलाई इंग्लैंड पर पहले वनडे में 6 विकेट से जीत

ENGvsIND कप्तान शुभमन गिल (80 रिटायर्ड हर्ट) की शानदार पारी, अक्षर पटेल (चार विकेट और नाबाद 57) के बेहतरीन हरफनमौला प्रदर्शन और वाशिंगटन सुंदर (नाबाद 52) के अर्धशतक की बदौलत भारत ने अपनी लगातार हार का सिलसिला तोड़ते हुए इंग्लैंड को पहले वनडे में मंगलवार को 28 गेंद शेष रहते छह विकेट से हराकर सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली।

इंग्लैंड ने जो रूट (नाबाद 76) और लियाम डासन (68) ने बेहतरीन अर्धशतकों से नाजुक स्थिति से उबरते हुए 47.5 ओवर में 258 रन का स्कोर बनाया। लेकिन भारत ने 45.2 ओवर में चार विकेट पर 262 रन बनाकर जीत अपने नाम की। भारत इससे पहले आयरलैंड में दो टी20 और इंग्लैंड में लगातार चार टी20 हार गया था। भारत ने इस वनडे में शानदार जीत से लगातार हार का सिलसिला तोड़ दिया।

भारत की इस जीत के नायक रहे गिल और बापू के नाम से मशहूर अक्षर पटेल। गिल ने 75 गेंदों पर 80 रन की आतिशी पारी में 11 चौके और एक छक्का लगाया। ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ बने अक्षर ने 52 गेंदों पर नाबाद 57 रन में पांच चौके और एक छक्का लगाया। वाशिंगटन सुंदर ने 63 गेंदों पर नाबाद 52 रन में चार चौके और एक छक्का लगाया। अक्षर ने इससे पहले इंग्लैंड की पारी में आखिरी चारों विकेट झटकते हुए मेजबान की पारी 47.5 ओवर में 258 रन पर समेट दी थी।

अनुभवी बल्लेबाज रोहित शर्मा (11) और विराट कोहली (5) के सस्ते में आउट हो जाने के बाद गिल ने श्रेयस अय्यर (35) के साथ 101 रन की बेहतरीन साझेदारी कर भारत को जीत की पटरी पर डाल दिया था। गिल ने इससे पहले रोहित के साथ ओपनिंग साझेदारी में 43 रन जोड़े थे।अक्षर पटेल ने सुंदर के साथ 102 रन की मैच विजयी अविजित साझेदारी की।

भारतीय टीम ने आख़िरकार इस बार के इंग्लैंड दौरे पर पहली जीत हासिल कर ली। मैच में पहले गेंदबाज़ों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए इंग्लैंड 258 के स्कोर पर रोक दिया था। उसके बाद कप्तान गिल, अक्षर और वॉशिंगटन के अर्धशतकों ने भारत को जीत तक पहुंचा दिया। 2022 के बाद से इंग्लैंड के ख़िलाफ़ यह भारत की छठी वनडे जीत है।

भारतीय तेज गेंदबाजों गुरनूर बराड़, प्रसिद्ध कृष्णा और जसप्रीत बुमराह ने कहर बरपाते हुए इंग्लैंड का स्कोर छह विकेट पर 107 रन कर दिया। लेफ्ट आर्म स्पिनर अक्षर पटेल ने आखिर में चार विकेट लेकर इंग्लैंड को 258 रन पर ढेर कर दिया, इंग्लैंड ने 30 रन जोड़कर अपने अंतिम चार विकेट गंवाए।

इंग्लैंड की बल्लेबाज़ी मुख्यत: तीन चरणों में रही। पहले सलामी बल्लेबाज़ों ने पहले छह-सात ओवर में काफ़ी अच्छा संयम दिखाते हुए अटैक किया। लेकिन उसके बाद उन्होंने गुच्छों में विकेट गंवाया। 107 के स्कोर पर छह विकेट गिर चुके थे। हालांकि उसके बाद जो रूट और डॉसन के बीच शतकीय साझेदारी हुई और परिणाम यह रहा कि उनकी टीम 260 के करीब पहुंचने में सफल रही। भारतीय टीम के तेज़ गेंदबाज़ों ने पहले कमाल की गेंदबाज़ी की। उसके बाद अक्षर पटेल ने चार विकेट झटक कर इंग्लैंड को 280 तक नहीं पहुंचने दिया।

अक्षर ने 62 रन पर चार विकेट, प्रसिद्ध कृष्णा ने 50 रन पर दो विकेट, गुरनूर बराड़ ने 61 रन पर दो विकेट, बुमराह ने 31 रन पर एक विकेट और शिवम दुबे ने 27 रन पर एक विकेट लिया।

अर्जेंटीना के लिए विरोधी टीम से पक्षपात, क्वार्टरफाइनल के बाद मुखर हुई आवाज

स्विजटरलैंड के फॉरवर्ड ब्रील एम्बोलो को अर्जेंटीना के खिलाफ विश्व कप क्वार्टर फाइनल मैच के दूसरे हाफ में वीडियो रिव्यू के बाद रेडकार्ड दिखाये जाने के फैसले पर विवाद के कारण यह तो तय है कि इससे पूरे टूर्नामेंट में रैफरियों द्वारा अर्जेंटीना का पक्ष लिये जाने की आलोचना करने वाले और मुखर हो जायेंगे।

स्विटजरलैंड के लिये डैन एनडोये ने 67वें मिनट में बराबरी का गोल दागा। इसके बाद अर्जेंटीना के मिडफील्डर लिएंड्रो पेरेडेस को एम्बोलो से टकराने के कारण येलो कार्ड दिखाया गया लेकिन वीडियो रिव्यू में नजर आया कि पेरेडेस से टकराने से पहले ही एम्बोलो गिर रहे थे। एम्बोलो को मैच में पहले येलो कार्ड मिल चुका था जिसकी वजह से उन्हें रेडकार्ड दिया गया।

मैच 1-1 से बराबर होने के बाद स्विटजरलैंड को दस खिलाड़ियों के साथ ही खेलना पड़ा। अर्जेंटीना ने अतिरिक्त समय में दो गोल करके उसे 3-1 से हराया।इस विश्व कप में दूसरी बार येलो कार्ड का फैसला बदला गया। नियमों के अनुसार अगर गलत खिलाड़ी को येलो या रेड कार्ड दिखाया जाता है तो वीडियो सहायता रैफरी दखल दे सकता है।

स्विटजरलैंड के कोच मुरात याकिन ने कहा ,‘‘ हमें एक नियम का खामियाजा भुगतना पड़ा जो मेरी राय में पूरी तरह से अस्वीकार्य है। इस तरह से बाहर होना दुखद है। मुझे नहीं लगता कि हमारे साथ ऐसा होना चाहिये था। मेरी टीम ने पूरी लगन और जुनून के साथ खेला और मुझे उस पर गर्व है।’’

उन्होंने पुर्तगाल के रैफरी जोओ पिन्हेइरो की आलोचना करते हुए कहा ,‘‘ रैफरी ने गलत फैसला लिया। यह सजा लायक गलती नहीं थी। मुझे पता है कि वे अपने रैफरी का बचाव करेंगे लेकिन इस नियम ने आज हमारा खेल बर्बाद कर दिया। यह काफी दर्दनाक है कि हम इस तरह से बाहर हुए।’’

अर्जेंटीना के कोच लियोनेल स्कालोनी ने स्वीकार किया कि किस्मत ने उनका साथ दिया क्योंकि स्विटजरलैंड का एक खिलाड़ी बाहर था।स्विस कप्तान ग्रैनिट जाका ने कहा ,‘‘ रेडकार्ड ने मैच का परिणाम बदल दिया। इस फैसले को स्वीकार कर पाना मुश्किल है।’’

इससे पहले अंतिम 16 के दौर में अर्जेंटीना से 2-3 से मिली हार के बाद मिस्र फुटबॉल संघ ने कहा था कि वे खामोश नहीं बैठेंगे। मिस्र के कोच होसाम हसन और कई खिलाड़ियों ने रैफरिंग की आलोचना की थी। मैच में 79वें मिनट में दो गोल से पिछड़ने के बाद अर्जेंटीना ने 13 मिनट के भीतर तीन गोल किये थे।

फीफा के रैफरिंग प्रमुख पीयरलुइगी कोलिना ने बुधवार को कहा था ,‘‘ फीफा विश्व कप मैच अधिकारियों की ईमानदारी पर कोई शक नहीं कर सकता। ऐसी कोई घटना होने पर उनको और उनके परिवार को धमकियां दी जाती हैं जो सही नहीं हैं।’’

अर्जेंटीना Vs इंग्लैंड, दो पुराने दुश्मनों का सेमीफाइनल में मुकाबला

फ्रांस बनाम स्पेन के मैच के नतीजे के बाद सबकी निगाहें इंग्लैंड बनाम अर्जेंटीना के मुकाबले पर जा टिकेंगी। अर्जेंटीना 1962 में ब्राज़ील के बाद से ट्रॉफ़ी बचाने वाली पहली टीम बनने की कोशिश कर रहा है। वहीं इंग्लैंड 1966 में ट्रॉफ़ी उठाने के बाद से खिताबी मुकाबले तक नहीं पहुँचा है।लेकिन दोनों चिर प्रतिद्वंदी एक बार फिर आमने सामने हैं जहां इतिहास ने इन दोनों के बीच बहुत सारे यादगार मुकाबले देखे हैं।

“Hand of God” गोल

अटलांटा में सेमीफ़ाइनल ने वर्ल्ड कप की सबसे लंबे समय तक चलने वाली राइवलरी में से एक को फिर से शुरू कर दिया है। अर्जेंटीना ने 1986 का मशहूर क्वार्टरफाइनल जीता था जिसमें डिएगो माराडोना ने “Hand of God” गोल और गोल ऑफ़ द सेंचुरी बनाया था। इसके बाद 1998 में राउंड ऑफ़ 16 में पेनल्टी पर इंग्लैंड को बाहर कर दिया गया, जब डेविड बेकहम को डिएगो शिमोन को किक आउट करने के लिए बाहर भेज दिया गया था। बेकहम, जिन्हें घर पर हार के लिए काफी दोषी ठहराया गया था, ने 2002 में जब दोनों टीमें अगली बार मिलीं तो पेनल्टी स्पॉट से एकमात्र गोल किया।

अर्जेंटीना का सफर

गत विजेता अर्जेंटीना ने कड़ी परीक्षा पार करके आखिरी चार में जगह बनाई है। लियोनेल स्कालोनी की टीम को Round of 32 में केप वर्डे को हराने के लिए अतिरिक्त समय की ज़रूरत पड़ी, फिर 11 मिनट बाकी रहते दो गोल से पीछे होने के बाद मिस्त्र को हराया। शनिवार को स्विट्जरलैंड पर 3-1 की अतिरिक्त समय जीत में भी ऐसा ही दिखा, जिसमें जूलियन अल्वारेज़ और लुटारो मार्टिनेज ने गोल किए, जब डैन एनडोये ने एलेक्सिस मैक एलिस्टर का पहला गोल कैंसिल कर दिया था।

लियोनेल मेसी इस टूर्नामेंट में स्विट्जरलैंड के खिलाफ पहली बार गोल करने में नाकाम रहे।लेकिन अर्जेंटीना की तरक्की ने उसके आस-पास की टीम के योगदान को भी दिखाया है। सात और खिलाड़ियों ने गोल किए हैं, जिससे साउथ अमेरिकन टीम 2019 कोपा अमेरिका के बाद किसी बड़े टूर्नामेंट में लगातार पांचवें सेमीफाइनल में पहुंची ह।

इंग्लैंड का सफर

इंग्लैंड को भी इसी तरह मुश्किलों से उबरने के लिए मजबूर होना पड़ा है। थॉमस ट्यूशेल की टीम ने राउंड ऑफ़ 32 में एक गोल से पिछड़ने के बाद DR कांगो को हराया और फिर 10 खिलाड़ियों के साथ आधे घंटे से ज़्यादा समय तक खेलने के बावजूद को-होस्ट मेक्सिको को हरा दिया।

फिर थ्री लायंस ने एंड्रियास श्जेल्डरुप के ओपनर से उबरकर अपने क्वार्टर फ़ाइनल में एक्स्ट्रा टाइम के बाद नॉर्वे को 2-1 से हराया।जूड बेलिंगहैम ने नॉर्वे के ख़िलाफ़ दो गोल किए और टूर्नामेंट में छह गोल करके हैरी केन के साथ इंग्लैंड के लिए जॉइंट टॉप स्कोरर बन गए।

लॉर्ड्स जीतने के बाद बेटियों ने दिल भी जीता, 2 इंग्लैंड की खिलाड़ियो को दी विदाई (Video)

270 रनों से लॉर्ड्स टेस्ट मैच को जीतने के बाद भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सदस्यों ने ड्रेसिंग रूम में जश्न मनाया लेकिन मैदान जीतने के बाद दिल भी जीत लिया। इंग्लैंड की दो महिला क्रिकेटरों टैमी ब्यूमोंट और हीथर नाइट ने लॉर्ड्स टेस्ट मैच से पहले और मैच के दौरान संन्यास की घोषणा की थी। इन दो क्रिकेटरों को ड्रेसिंग रूम में बुलाकर भारतीय टीम ने विदाई समारोह रखा।

ब्यूमोंट इंग्लैंड की बेहतरीन बल्लेबाज़ों में से एक के तौर पर इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह रही हैं। वह इंग्लैंड की उन केवल दो महिला खिलाड़ियों में से एक हैं – और कुल मिलाकर इंग्लैंड की उन पांच क्रिकेटरों में से एक – जिन्होंने तीनों फ़ॉर्मेट में इंटरनेशनल शतक लगाया है। उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि 2023 विमेंस एशेज़ के दौरान ट्रेंट ब्रिज में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ़ नाबाद 208 रन की ऐतिहासिक पारी रही, जिससे वह टेस्ट में दोहरा शतक लगाने वाली इंग्लैंड की पहली महिला खिलाड़ी बनीं।

वहीं इंग्लैंड महिला टीम की पूर्व कप्तान हीथर नाइट ने अपने करियर में 15 टेस्ट, 160 वनडे और 145 टी-20 मैच है। यह किसी भी दूसरी इंग्लैंड महिला क्रिकेटर के मुकाबले सबसे ज़्यादा मैच हैं। उन्होंने 2010 में इंग्लैंड के लिए पर्दापण किया था, जब वह 18 साल की उम्र में भारत दौरे के लिए चोटिल सारा टेलर की जगह टीम में आई थीं।

इन दोनों खिलाड़ियों के करियर का परिकथा अंत नहीं हो पाया क्योंकि भारत ने लॉर्ड्स टेस्ट रिकॉर्ड 270 रनों से जीत लिया।यास्तिका भाटिया के शतक, दोनों पारियों में स्मृति मंधाना के अर्धशतक और क्रांति गौड़ के पंजे की बदौलत भारत ने ऐतिहासिक लॉर्ड्स टेस्ट में इंग्लैंड को सोमवार को 270 रन के बड़े अंतर से हरा दिया। चौथे दिन का खेल जब शुरू हुआ तब भारत जीत से चार विकेट दूर था और स्नेह राणा ने अर्धशतक बना चुकीं एमी जोंस के रूप में भारत को दिन की पहली सफलता दिला दी। इसके बाद दीप्ति शर्मा ने इसी वॉन्ग और लॉरेन बेल को बोल्ड किया।

राणा ने एकलस्टन को 50 के निजी स्कोर पर बोल्ड करते हुए इंग्लैंड का अंतिम विकेट गिराया और भारत ने यह मुक़ाबला 270 रनों के विशाल अंतर से जीत लिया। इंग्लैंड की ओर से इस मैच में सबसे अच्छा प्रदर्शन एकलस्टन ने किया जिन्होंने अर्धशतक लगाने के साथ ही गेंदबाज़ी में दूसरी पारी में पंजा हासिल किया।

भारत ने इंग्लैंड के सामने इस टेस्ट में जीत के लिए 457 रनों का लक्ष्य रखा था जिसके जवाब में तीसरे दिन का खेल समाप्त होने तक इंग्लैंड ने 130 के स्कोर पर छह विकेट गंवा दिए थे और जोंस अर्धशतक बनाकर खेल रही थीं। टैमी ब्यूमोंट और हीदर नाइट अपने अंतररारष्ट्रीय करियर का अंतिम मैच खेल रही थीं और दोनों को अंतिम पारी में गौड़ ने अपना शिकार बनाया।

वनडे में इंग्लैंड ने भारत के खिलाफ T-20I टीम उतारी, किए सिर्फ 2 बदलाव

ENGvsIND इंग्लैंड ने 4 टी-20 में भारत के खिलाफ जीत अर्जित करने वाली टीम को ही भारत के खिलाफ एजबेस्टन में खेले जाने वाले पहले एकदिवसीय मैच में उतार दिया है। टीम ने सिर्फ 2 बदलाव किए है। सलामी बल्लेबाज फिल साल्ट की जगह बेन डकेट को टीम में शामिल किया गया है।

38 वर्षीय जॉस बटलर जिन्होंने अंतिम टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में शतक लगाया था वह टीम का हिस्सा है और कीपिंग भी करेंगे।आज वह अपना 200वां एकदिवसीय मुकाबला खेलेंगे। टीम ने जो दूसरा बदलाव किया है वह टॉम बैनटन को बाहर कर टेस्ट क्रिकेट के सफल बल्लेबाज जो रूट हैं। जो रुट मध्यक्रम में स्थिरता प्रदान कर सकते हैं।

इन दो बदलावों को छोड़कर पूरी टीम वैसी ही है जैसी पिछले दो टी-20 अंतरराष्ट्रीय में थी। टीम ने अभी तक किसी भी मुख्य तेज गेंदबाज (जोफ्रा आर्चर) या फिर मुख्य स्पिनर (आदिल रशीद) को आराम देने के बारे में नहीं सोचा है। अंतिम टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच शनिवार को खेला गया था और टीम को मंगलवार तक 2 दिन का आराम मिल गया है।

इसके इतर भारत की टीम में कई बदलाव देखने को मिलेंगे। श्रेयस अय्यर की जगह कप्तान शुभमन गिल होंगे। शीर्ष से लेकर मध्यक्रम बदला दिखेगा और मुख्य तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और मुख्य स्पिनर कुलदीप यादव के दिखने की संभावना है।

Playing XI  इस प्रकार हैं:

इंग्लैंड: हैरी ब्रूक (कप्तान), बेन डकेट, जोस बटलर (विकेटकीपर), जो रूट, जैकब बेथेल, विल जैक्स, लियाम डॉसन, सैम कुरेन, जोफ्रा आर्चर, जोश टंग, आदिल राशिद।

IND vs ENG: क्या बारिश डालेगी रोहित-विराट की वापसी में खलल? जानें कैसी होगी बर्मिंघम की पिच

India vs England: भारत और इंग्लैंड के बीच 3 मैचों की वनडे सीरीज की शुरुआत 14 जुलाई से होगी। दोनों टीमों के बीच ये मुकाबला दोपहर 3:30 बजे से शुरू होगा। वहीं वनडे टीम में रोहित शर्मा और विराट कोहली की वापसी हो रही है। वहीं दोनों ने नेट्स पर जमकर पसीना बहा रहे हैं। रोहित शर्मा और विराट कोहली की वापसी पर सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है। वहीं इंग्लैंड के खिलाफ मैच में जसप्रीत बुमराह की वापसी हो रही है। बुमराह 2023 वनडे विश्व कप के बाद पहली बार इस फॉर्मेट में मैदान पर उतरने के लिए तैयार हैं। आइए मैच से पहले जानते हैं कैसी होगी दोनों टीमों की प्लेइंग 11 और पिच रिपोर्ट। क्या बारिश डालेगी मुकाबले में खलल?

कैसी होगी एजबेस्टन की पिच

भारत और इंग्लैंड के बीच पहला मुकाबला एजबेस्टन के बर्मिंघम में खेला जाएगा। एजबेस्टन की पिच आमतौर पर बल्लेबाजों के लिए मददगार मानी जाती है। यहां गेंद अच्छी तरह बल्ले पर आती है, जिससे बड़े शॉट खेलना आसान रहता है। वहीं नई गेंद से तेज गेंदबाजों को शुरुआती ओवरों में स्विंग और सीम मूवमेंट मिल सकती है। मैच आगे बढ़ने पर स्पिन गेंदबाजों को भी कुछ मदद मिलने की उम्मीद है, खासकर बीच के ओवरों में, जहां गेंद हल्का टर्न ले सकती है।

भारत और इंग्लैंड ODI में हेड-टू-हेड रिकॉर्ड

  • मैच खेले: 110
  • भारत जीता: 61
  • इंग्लैंड जीता: 44
  • कोई रिजल्ट नहीं: 3
  • टाई: 2

भारत और इंग्लैंड की संभावित प्लेइंग 11

भारत की संभावित प्लेइंग 11: शुभमन गिल (c), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (vc), केएल राहुल (wk), ईशान किशन, शिवम दुबे/अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा, अर्शदीप सिंह

इंग्लैंड की संभावित प्लेइंग 11: बेन डकेट, जैकब बेथेल, जो रूट, हैरी ब्रूक (c), जोस बटलर (wk), विल जैक्स, सैम करन, जोफ्रा आर्चर, गस एटकिंसन, जोश टंग, आदिल राशिद

कैसा होगा मौसम

पहले वनडे के दौरान मौसम पूरी तरह साफ रहने की उम्मीद नहीं है। दिनभर आसमान में बादल छाए रह सकते हैं और बीच-बीच में हल्की बारिश होने की भी संभावना है। वहीं पूरे मैच के रद्द होने की आशंका कम है, लेकिन मौसम के कारण कुछ समय के लिए खेल प्रभावित हो सकता है।

T20I की हार से रोहित का गंभीर पर पलड़ा भारी, इँग्लैंड में फ्लॉप होने पर भी रहेंगे बरकरार

आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ विश्वविजेता टी-20 सीरीज की वाइटवॉश के बाद रोहित शर्मा का पलड़ा मुख्य कोच गौतम गंभीर पर भारी हो गया है। माना जा रहा था रोहित शर्मा ने अपने PR यानि कि जनसंपर्क के कारण अफगानिस्तान सीरीज में अपनी जगह बचा ली थी लेकिन इंग्लैंड उनकी अंतिम सीरीज मानी जा रही थी। लेकिन अब युवा टीम के टी-20 सीरीज में वाइटवॉश होने के बाद वह इँग्लैंड में फ्लॉप भी हुए तो एकदिवसीय टीम में बने रहेंगे।

इंग्लैंड पहुंचते ही रोहित शर्मा ने अपना PR Active कर लिया है। ऐसा बताया जा रहा कि वह अकेले ऐसे बल्लेबाज है जो ओपन नेट्स में अभ्यास कर रहे हैं। वहीं सोशल मीडिया पर उनके पुराने क्लिप्स वायरल हो रहे हैं जब उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ रनों का अंबार लगाया था।लेकिन शायद इस बार इसकी जरुरत ना पड़े क्योंकि गौतम गंभीर पहले ही राष्ट्रीय विलेन बने हुए हैं और रोहित शर्मा के खिलाफ उठाया एक बड़ा कदम उनकी छवि धूमिल कर देगा। ऐसे में वह कोई जोखिम नहीं लेना चाहेंगे।

अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे एकदिवसीय मैच को छोड़ दे तो इस साल रोहित का प्रदर्शन औसत से नीचे रहा है।पहले मैच में वह 16 रन बनाकर रनआउट हो गए और दूसरे मैच में वह 39 गेंदों में 48 रन बनाकर बोल्ड हो गए।इससे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ पहली एकदिवसीय सीरीज में रोहित शर्मा फ्लॉप रहे और टीम को शुरुआत में बड़ा स्कोर नहीं दे सके। रोहित शर्मा 3 मैचों में 20 की औसत से 61 रन बना पाए। पूरी सीरीज में उन्होंने 9 चौके और 2 छक्के लगाए।पहले मैच में उन्होंने 29 गेंदो पर 26 रन, दूसरे मैच में उन्होंने 38 गेंदो में 24 रन और तीसरे मैच में 13 गेंदो में 11 रन बनाए।

एकदिवसीय क्रिकेट की बात करें तो रोहित शर्मा ने 284 मैच खेले हैं। वह अब तक 48 की औसत से 11641 रन बना चुके हैं।इसमें 33 शतक और 51 अर्धशतक शामिल है। इस प्रारुप में उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 264 रन है जो श्रीलंका के खिलाफ आया था। यह रिकॉर्ड अब तक उनके नाम है।