IND vs ENG: इंग्लैंड के सामने टीम इंडिया का फ्लॉप शो, 20 साल में पहली बार 100 से ज्यादा रन से हारी

IND vs ENG: इंग्लैंड ने नॉटिंघम के ट्रेंट ब्रिज मैदान पर खेले गए तीसरे टी20 मुकाबले में भारत को 125 रन के बड़े अंतर से हरा दिया। पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड ने 20 ओवर में 7 विकेट पर 201 रन बनाए। टारगेट का पीछा करने उतरी भारतीय टीम पूरी तरह बिखर गई और सिर्फ 76 रन पर सिमट गई। इस शानदार जीत के साथ इंग्लैंड ने पांच मैचों की टी20 सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली है। नॉटिंघम में मिली 125 रन की करारी हार भारतीय टीम ने एक बेहद खराब रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज कर लिया है।

करीब 20 साल के टी20 इंटरनेशनल इतिहास में ये पहला मौका है, जब भारतीय टीम को किसी मैच में 100 से अधिक रन के बड़े अंतर से हार का सामना करना पड़ा। इस हार ने टीम के नाम एक ऐसा रिकॉर्ड दर्ज कर दिया, जिसे वह कभी याद नहीं रखना चाहेगी।

लगातार चार मैच हारी भारतीय टीम

मार्च 2026 में लगातार तीसरी बार टी20 विश्व कप जीतने के बाद से भारतीय टीम का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। टीम अपने पिछले पांच टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में चार हार चुकी है और अब भी पहली जीत की तलाश में है। नॉटिंघम में इंग्लैंड से मिली 125 रन की हार भारत की टी20 इतिहास की सबसे बड़ी हार बन गई। इससे पहले भारत की सबसे बड़ी हार 80 रन की थी, जब फरवरी 2019 में वेलिंगटन में न्यूजीलैंड ने उसे बड़े अंतर से हराया था।

सबसे बड़ी हार किसने नाम दर्ज है

इंग्लैंड में भारत की टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में इससे पहले सबसे बड़ी हार 17 रन की थी, जो 10 जुलाई 2022 को नॉटिंघम में मिली थी। वहीं, टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे बड़ी हार का रिकॉर्ड अफ्रीकी देश गाम्बिया के नाम दर्ज है। गाम्बिया की टीम को 23 अक्टूबर 2024 को नैरोबी के रुआराका मैदान पर जिम्बाब्वे ने 290 रन के विशाल अंतर से हराया था, जो अब तक का सबसे बड़ा हार का रिकॉर्ड है।

इंग्लैंड का रिकॉर्ड

भारत पर 125 रन की बड़ी जीत इंग्लैंड की टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 100 से अधिक रन के अंतर से मिली पांचवीं जीत है। इससे पहले भी इंग्लैंड दक्षिण अफ्रीका को 146 रन, वेस्टइंडीज को 137 रन, अफगानिस्तान को 116 रन और ऑस्ट्रेलिया को 100 रन से हराकर ऐसे बड़े अंतर की जीत दर्ज कर चुका है।

भारत की बल्लेबाजी रही फ्लॉप

भारत की बल्लेबाजी इस मुकाबले में पूरी तरह फ्लॉप रही। टीम की ओर से सबसे ज्यादा 13 रन वैभव सूर्यवंशी ने सिर्फ 5 गेंदों में बनाए, जबकि ईशान किशन भी 13 रन ही बना सके। इनके अलावा केवल अभिषेक शर्मा और अक्षर पटेल ही 10-10 रन तक पहुंच पाए। वहीं, नॉटिंघम में इंग्लैंड के खिलाफ मिली इस हार के साथ कप्तान श्रेयस अय्यर की अगुआई में भारत को चौथी हार झेलनी पड़ी। इंग्लैंड की जीत में जोफ्रा आर्चर ने तीन विकेट लिए, जबकि जोश टंग ने चार भारतीय बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा।

बांग्लादेश में होगा Asia Cup 2027 का आयोजन! टी20 नहीं वनडे फॉर्मेट में होगा टूर्नामेंट, शेड्यूल आया सामने

दूसरे टी-20 में भारतीय बल्लेबाजी का सरेंडर, इंग्लैंड के खिलाफ मिली 125 रनों की शर्मनाक हार

ENGvsIND

ENGvsIND जॉश टंग (28 रन पर चार विकेट) और जोफ्रा आर्चर (29 रन पर तीन विकेट) ने घातक गेंदबाजी करते हुए भारतीय बल्लेबाजी को ध्वस्त कर दिया और इंग्लैंड ने तीसरा टी 20 मंगलवार को 125 रन से जीतकर पांच मैचों की सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली।फिल साल्ट (70) के शानदार अर्धशतक से इंग्लैंड ने सात विकेट पर 201 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर बनाया।

भारत को 114 ओवर में मात्र 76 रन पर ढेर कर दिया। भारत को 202 का लक्ष्य मिला था और एक धीमी पिच पर भारत के लिए यह लक्ष्य आसान नहीं रहने वाला था और इसकी झलक पावरप्ले में ही मिल गई जहां भारत ने इस प्रारूप में पहली बार पांच विकेट गंवा दिए।

 भारत ने इस प्रारूप का अपना दूसरा न्यूनतम स्कोर भी बनाया और भारत की ओर से सर्वाधिक स्कोर 13 रन का रहा जो वैभव सूर्यवंशी और इशान किशन ने बनाया। इंग्लैंड की ओर से सर्वाधिक चार विकेट जॉश टंग ने लिए और आर्चर को तीन विकेट मिले। स्पिनर जैक्स को एक और आदिल राशिद को दो विकेट हासिल हुए।

जोफ्रा आर्चर को प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार मिला।अभिषेक शर्मा 10, कप्तान श्रेयस अय्यर पांच, अक्षर पटेल 10 और तिलक वर्मा तीन रन बनाकर आउट हुए। भारत की तरफ से सिर्फ चार बल्लेबाज ही दहाई की संख्या में पहुंच सके।

इससे पहले टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरे इंग्लैंड को जोस बटलर (36) ने धमाकेदार शुरुआत दिलाई थी लेकिन प्रिंस यादव ने आते ही बटलर को अपना शिकार बनाया और कुछ आक्रामक शॉट्स खेलने के बाद हैरी ब्रूक (16) भी पवेलियन लौट गए। इसके बाद फ़िल सॉल्ट ने ज़िम्मेदारी संभाली और जैकब बेथेल (13) ने उनका साथ भी दिया। हालांकि हर्षित राणा ने वापसी करते हुए लगातार दो गेंदों पर बेथेल और टॉम बेंटन को अपना शिकार बनाया।

इसके बाद सैम करन (नाबाद 41) ने आने के बाद आक्रमण शुरू किया। सॉल्ट 44 गेंदों में सात चौकों और तीन छक्कों की मदद से 70 रन बनाकर अक्षर पटेल का शिकार बने लेकिन करन ने प्रहार जारी रखा। हालांकि अंतिम दो ओवर में भारत ने मात्र 14 रन दिए। करन 24 गेंदों में चार चौकों की मदद से 41 रन बनाकर नाबाद रहे। भारत की तरफ से हर्षित राणा और प्रिंस यादव ने दो-दो विकेट लिए।

कमजोर दिल वालों के लिए नहीं था Mexico-England मैच: मैक्सिको का दबदबा, इंग्लैंड का जज्बा: 10 खिलाड़ियों से खेलकर भी जीता ब्लॉकबस्टर मुकाबला

England Vs Mexico

फीफा वर्ल्ड कप 2026 में अगर अब तक किसी मुकाबले ने दर्शकों की धड़कनें सबसे ज्यादा बढ़ाई हैं, तो वह इंग्लैंड और मेजबान मैक्सिको के बीच खेला गया राउंड ऑफ 16 का मुकाबला रहा। यह सिर्फ एक फुटबॉल मैच नहीं बल्कि रोमांच, संघर्ष, विवाद और साहस की ऐसी कहानी थी, जिसमें हर कुछ मिनट बाद मैच का रंग बदलता नजर आया। दो पेनल्टी, एक रेड कार्ड, पांच गोल और अंतिम सीटी तक बना सस्पेंस, इस मुकाबले में वह सब कुछ देखने को मिला जिसकी उम्मीद विश्व कप के नॉकआउट मुकाबले से की जाती है। आखिरकार इंग्लैंड ने 10 खिलाड़ियों के साथ लंबा समय खेलने के बावजूद 3-2 से जीत दर्ज कर क्वार्टर फाइनल का टिकट कटाया।

 

मुकाबले की शुरुआत खराब मौसम के कारण करीब एक घंटे की देरी से हुई, लेकिन जैसे ही खेल शुरू हुआ, दोनों टीमों ने आक्रामक अंदाज दिखाया। शुरुआती आधे घंटे तक मैक्सिको ने गेंद पर ज्यादा नियंत्रण रखा और इंग्लैंड पर लगातार दबाव बनाया। हालांकि असली धमाका 36वें मिनट में हुआ, जब बुकायो साका के शानदार मूव के बाद जूड बेलिंघम ने इंग्लैंड को 1-0 की बढ़त दिला दी।

 

मैक्सिको इस झटके से उबर भी नहीं पाया था कि सिर्फ 98 सेकंड बाद 38वें मिनट में हैरी केन के शानदार पास पर बेलिंघम ने अपना दूसरा गोल दाग दिया। दो मिनट के भीतर दो गोल ने पूरे स्टेडियम को सन्न कर दिया और इंग्लैंड 2-0 से आगे निकल गया।

 

हालांकि मेजबान टीम ने हार नहीं मानी। 42वें मिनट में फ्री-किक के बाद जूलियन क्विनोनेस ने शानदार फिनिश करते हुए स्कोर 2-1 कर दिया। इस गोल ने मैच में फिर जान डाल दी और हाफ टाइम तक मुकाबला पूरी तरह खुला हुआ दिखाई दिया।

 

दूसरे हाफ की शुरुआत इंग्लैंड के लिए मुश्किलों से भरी रही। डिफेंडर जारेल क्वांसाह ने जीसस गालार्डो पर खतरनाक टैकल किया। VAR समीक्षा के बाद रेफरी ने उन्हें सीधे रेड कार्ड दिखा दिया। इसके बाद इंग्लैंड को लगभग पूरा दूसरा हाफ 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा। रेड कार्ड के फैसले के बाद मैदान पर दोनों टीमों के खिलाड़ियों और स्टाफ के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।

England Vs Mexico

 

संख्यात्मक कमी के बावजूद इंग्लैंड ने हार नहीं मानी। 60वें मिनट में उसे पेनल्टी मिली और कप्तान हैरी केन ने कोई गलती नहीं करते हुए गेंद को गोल में भेज दिया। इंग्लैंड ने फिर दो गोल की बढ़त हासिल कर ली और स्कोर 3-1 हो गया।

 

लेकिन मुकाबला अभी खत्म नहीं हुआ था। 69वें मिनट में इंग्लैंड के बॉक्स में फाउल के बाद मैक्सिको को भी पेनल्टी मिली। अनुभवी स्ट्राइकर राउल जिमेनेज ने इसे गोल में बदलकर स्कोर 3-2 कर दिया। इसके बाद पूरे स्टेडियम में रोमांच चरम पर पहुंच गया।

 

आखिरी 20 मिनट और फिर 11 मिनट के अतिरिक्त समय में मैक्सिको ने लगातार हमले किए। गेंद पर उसका नियंत्रण भी ज्यादा रहा और उसने इंग्लैंड के गोल पर कई खतरनाक मौके बनाए। लेकिन गोलकीपर जॉर्डन पिकफोर्ड ने शानदार बचाव किए, जबकि डेक्लान राइस और जूड बेलिंघम ने डिफेंस में भी अहम भूमिका निभाई। इंग्लैंड के खिलाड़ियों ने हर हमले के सामने दीवार बनकर खड़े रहते हुए आखिर तक बढ़त बचाए रखी।

 

यह मुकाबला सिर्फ स्कोरलाइन के लिए नहीं, बल्कि इंग्लैंड के जज्बे के लिए भी याद रखा जाएगा। एक खिलाड़ी कम होने के बावजूद टीम ने संयम नहीं खोया और विश्व कप के सबसे कठिन नॉकआउट मुकाबलों में से एक जीतकर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। वहीं मैक्सिको ने पूरे मैच में दबाव तो बनाया, लेकिन मिले अवसरों को गोल में बदलने में वह इंग्लैंड जितना प्रभावी साबित नहीं हो सका। यही दोनों टीमों के बीच सबसे बड़ा अंतर बन गया।

Vaibhav Sooryavanshi: वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू पर उठे सवालों का BCCI ने दिया जवाब, चयन प्रक्रिया पर तोड़ी चुप्पी

IND vs ENG: इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया। महज 15 साल 99 दिन की उम्र में वह भारत के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए। आयरलैंड सीरीज और इंग्लैंड के पहले टी20 मैच में वैभव सूर्यवंशी को मौका नहीं मिला था। टीम मैनेजमेंट ने संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा और ईशान किशन जैसे अनुभवी बल्लेबाजों पर भरोसा जताया था। दूसरे टी20 में वैभव को डेब्यू का मौका मिला और उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की। वहीं अपने पहले मैच में वैभव 14 रन बनाकर आउट हुए। टीम में वैभव के सेलेक्शन पर कुछ लोगों ने सवाल उठाए थे।

वहीं बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने वैभव सूर्यवंशी के अंतरराष्ट्रीय डेब्यू के बाद टीम चयन का बचाव किया। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम में मौका सिर्फ अच्छे प्रदर्शन और काबिलियत के आधार पर मिलता है, किसी दबाव या सिफारिश से नहीं।

राजीव शुक्ला ने क्या कहा

बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने ANI से कहा, “वैभव सूर्यवंशी को उनके डेब्यू और यह मौका मिलने पर मेरी ओर से बहुत-बहुत बधाई। BCCI किसी खिलाड़ी के साथ अन्याय नहीं करता। जो खिलाड़ी अपनी काबिलियत के दम पर मौका पाने के हकदार होते हैं, उन्हें टीम में जगह जरूर मिलती है। सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हो रही थी कि कुछ खिलाड़ियों को मौका नहीं दिया जा रहा है और इसके लिए कोच व कप्तान की आलोचना भी की जा रही थी, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं था।”

जब टीम को सही लगा तब दिया मौका

BCCI के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने कहा कि उन्होंने पहले भी साफ किया था कि वैभव सूर्यवंशी को सही समय आने पर जरूर मौका मिलेगा। उन्होंने आगे कहा, “मैंने कुछ दिन पहले ही कहा था कि जब टीम मैनेजमेंट को सही समय लगेगा, तब उसे मौका दिया जाएगा और अब ऐसा ही हुआ। मुझे पूरा भरोसा है कि वैभव आगे चलकर शानदार प्रदर्शन करेगा और भारतीय क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाएगा। टीम मैनेजमेंट ने यह फैसला सोच-समझकर लिया है और इसकी सराहना की जानी चाहिए।”

पहले मैच में 14 रन बनाकर हुए आउट

वैभव सूर्यवंशी का अंतरराष्ट्रीय करियर भले ही बड़ी पारी से शुरू नहीं हुआ। अपने पहले मैच में उन्होंने 10 गेंदों पर 14 रन बनाए और इस दौरान दो शानदार छक्के भी लगाए। विल जैक्स की गेंद पर स्टंप आउट हो गए। 191 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड ने 4 विकेट से मुकाबला अपने नाम कर लिया। जैकब बेथेल ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए टीम को जीत दिलाई और इसके साथ ही इंग्लैंड ने पांच मैचों की टी20 सीरीज में 1-0 की बढ़त भी बना ली।

IND vs ENG: इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज से पहले एक्शन में बुमराह, नेट्स में बहाया पसीना

IND vs ENG: रवि बिश्नोई की वजह से भारत हारा मैच? इंग्लैंड से हार के बाद ईशान किशन ने बताई हार की असली वजह

India vs England: भारत और इंग्लैंड के बीच मैनचेस्टर के ओल्डट्रैफर्ड में खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में भारत को 4 विकेट से हाल मिली है। जीत के साथ इंग्लैंड की टीम 5 मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। मैनचेस्टर में खेले गए दूसरे टी20 मैच में एक समय ऐसा लग रहा था कि भारत आसानी से मुकाबला जीत जाएगा। इंग्लैंड को आखिरी चार ओवर में 49 रन की जरूरत थी, लेकिन रवि बिश्नोई के एक ओवर ने मैच का रुख बदल दिया। रवि बिश्नोई के एक ओवर में 29 रन बने, जिसमें दो फ्री-हिट पर जैकब बेथेल ने शानदार छक्के लगाए। इसी ओवर ने इंग्लैंड की जीत की राह आसान कर दी। इंग्लैंड ये मैच 19 ओवर में ही जीत गया।

मैच के बाद क्या कहा

मैच के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर ने माना कि, एक ओवर में ज्यादा रन बनने के बाद मुकाबले का रुख बदल गया। लेकिन उन्होंने किसी भी खिलाड़ी को हार का जिम्मेदार नहीं ठहराया और कहा कि जीत-हार पूरी टीम की जिम्मेदारी होती है। ईशान किशन ने भी माना कि मैच कुछ अहम गेंदों में भारत के हाथ से निकल गया। लेकिन उन्होंने किसी एक खिलाड़ी को हार का जिम्मेदार नहीं ठहराया। ईशान ने कहा कि टी20 क्रिकेट में कुछ गेंदें ही पूरे मैच का रुख बदल देती हैं और इस मुकाबले में भी ऐसा ही देखने को मिला।

जैकब बेथेल की तारीफ की

मैच के बाद ईशान किशन ने रिपोर्टर्स से कहा, “हमें पूरे मैच के दौरान लग रहा था कि मुकाबला हमारे कंट्रोल में है। लेकिन फ्री-हिट पर मिले रन से बल्लेबाज का दबाव कम हो गया और मैच का रुख बदलने लगा।” उन्होंने आगे कहा, “मुझे लगता है कि हमारी गेंदबाजी काफी अच्छी रही। हमने अपनी योजनाओं के मुताबिक गेंदबाजी की, लेकिन जैकब बेथेल को भी पूरा श्रेय देना होगा। उसने धैर्य के साथ बल्लेबाजी की, लंबे समय तक क्रीज पर टिका रहा और सही समय पर सही गेंदबाजों पर आक्रमण किया।”

फ्री-हिट नहीं देना था

उन्होंने आगे कहा, “हम और बेहतर गेंदबाजी कर सकते थे। शायद हमें वे फ्री-हिट वाली गेंदें नहीं देनी चाहिए थीं, जिन पर दो छक्के लगे। बिना किसी अतिरिक्त मेहनत के विपक्षी टीम को 12 रन और दो अतिरिक्त मौके मिल गए। टी20 जैसे छोटे फॉर्मेट में ऐसे छोटे-छोटे पल ही मैच का नतीजा बदल देते हैं। उम्मीद है कि अगले मैच में हम ऐसी गलतियों से बचेंगे।”

हम यह मैच नहीं जीत सके

हाल के टी20 मैचों में भारत को उम्मीद के मुताबिक नतीजे नहीं मिले हैं। लेकिन ईशान किशन ने कहा कि, टीम अच्छा क्रिकेट खेल रही है और गलतियों से सीखकर अगले मैचों में बेहतर प्रदर्शन करेगी। ईशान किशन ने कहा, “हम यह मैच नहीं जीत सके, लेकिन मुझे लगता है कि हम अच्छा क्रिकेट खेल रहे हैं। सबसे अहम बात यह है कि हर मुकाबले के बाद हम यह समझें कि किन क्षेत्रों में हमें और सुधार करने की जरूरत है।”

उन्होंने आगे कहा, “हमारी सबसे बड़ी ताकत ये है कि पूरी टीम एकजुट है और हर खिलाड़ी खुद को बेहतर बनाने की कोशिश कर रहा है। लगातार जीत न मिलना टीम के आत्मविश्वास पर असर डाल सकता है, लेकिन हमारी टीम में अनुभवी और समझदार खिलाड़ी हैं। हम जानते हैं कि कहां सुधार करना है और एक टीम के रूप में आगे बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करेंगे।”

IND vs ENG: इन 6 गेंदों ने भारत से छीन लिया मैच, जैकब बेथल ने खेली धाकड़ पारी, टीम इंडिया को मिला हार

इंग्लैंड ने भारत के खिलाफ की सबसे बड़ी रन चेज, 4 विकेट से जीता T20I मैच

ENGvsIND रवि बिश्नोई का एक महंगा ओवर 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी के बहुप्रतीक्षित अंतरराष्ट्रीय पदार्पण पर भारी पड़ा जहां इंग्लैंड ने शनिवार को दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय में भारत को चार विकेट से हराकर पांच मैचों की श्रृंखला में 1-0 की बढ़त बना ली।इंग्लैंड ने 191 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए एक ओवर शेष रहते छह विकेट पर लक्ष्य हासिल कर लिया।यह इंग्लैंड की टी-20 अंतरराष्ट्रीय में भारत के खिलाफ सबसे बड़ी रन चेज है।

मैच का निर्णायक मोड़ 17वां ओवर साबित हुआ, जिसमें रवि बिश्नोई ने 29 रन लुटा दिए। ओवर की शुरुआत उन्होंने लगातार दो नो-बॉल से की और इसके बाद जैकब बेथल ने तीन शानदार छक्के जड़कर मैच पूरी तरह इंग्लैंड की झोली में डाल दिया। बेथल ने 46 गेंदों पर नाबाद 76 रन की मैच जिताऊ पारी खेली।दिन की शुरुआत 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी के पदार्पण को लेकर उत्साह के साथ हुई थी, लेकिन अंत 22 वर्षीय जैकब बेथल की विस्फोटक बल्लेबाजी के नाम रहा।

इंग्लैंड की शुरुआत बेहद खराब रही। अर्शदीप सिंह (40 रन पर तीन विकेट) ने फिल सॉल्ट और जोस बटलर को खाता खोले बिना आउट कर भारत को शानदार शुरुआत दिलाई।कप्तान हैरी ब्रूक ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 15 गेंदों में 39 रन बनाए। उन्होंने अर्शदीप के एक ओवर में तीन छक्कों और दो चौकों की मदद से 27 रन बटोरे और दबाव को काफी हद तक कम कर दिया।

अक्षर पटेल (20 रन पर एक विकेट) ने हैरी ब्रूक को विकेटकीपर इशान किशन के हाथों कैच कराकर भारत को राहत दिलाई, लेकिन तब तक इंग्लैंड मजबूत स्थिति में पहुंच चुका था।इसके बाद बेथल और टॉम बैंटन ने चौथे विकेट के लिए 67 रन की साझेदारी कर भारतीय स्पिन आक्रमण को प्रभावी नहीं होने दिया। बैंटन ने 32 गेंदों में 39 रन बनाए।

भारतीय स्पिनरों में केवल अक्षर ही प्रभाव छोड़ सके। इसके विपरीत बिश्नोई ने चार ओवर में 60 रन खर्च किए, जबकि वरुण चक्रवर्ती ने चार ओवर में 37 रन देकर एक विकेट लिया। इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने दोनों स्पिनरों की अपेक्षाकृत तेज गेंदबाजी का भरपूर फायदा उठाया।

कप्तान श्रेयस अय्यर का 13वें ओवर में अर्शदीप सिंह को दोबारा गेंदबाजी पर लाने का फैसला सफल रहा। अर्शदीप ने बैंटन को आउट कर भारत की उम्मीदें जगाईं, लेकिन बिश्नोई का महंगा ओवर टीम की जीत की उम्मीदों पर पानी फेर गया।

इससे पहले भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए सात विकेट पर 190 रन बनाए। पारी के अंतिम ओवर में तिलक वर्मा ने 11 गेंदों में नाबाद 24 रन की तेज पारी खेलते हुए जोफ्रा आर्चर के ओवर से 17 रन बटोरे और टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया।सभी की निगाहें 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी पर थीं, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण कर लगभग 37 वर्ष पुराना सचिन तेंदुलकर का सबसे कम उम्र में भारत के लिए खेलने का रिकॉर्ड तोड़ा।

उनकी पहली पारी हालांकि ज्यादा लंबी नहीं चली। उन्होंने 10 गेंदों में दो छक्कों की मदद से 14 रन बनाए, लेकिन विल जैक्स की ऑफ स्पिन पर आगे बढ़कर खेलने के प्रयास में जोस बटलर ने उन्हें स्टंप कर दिया।अभिषेक शर्मा ने 24 गेंदों में 43 रन, अय्यर ने 22 गेंदों में 37 रन और किशन ने 43 गेंदों में 49 रन बनाए, लेकिन तीनों बल्लेबाज पूरी तरह सहज नहीं दिखे। किशन विशेष रूप से स्पिनरों की धीमी गेंदों और गति में बदलाव को पढ़ने में संघर्ष करते नजर आए।

इंग्लैंड की ओर से जोफ्रा आर्चर की तेज रफ्तार और अतिरिक्त उछाल ने भारतीय बल्लेबाजों को शुरुआत में परेशान किया, जबकि सैम कुरन ने गति में बदलाव और धीमी गेंदों के दम पर मध्य ओवरों में दबाव बनाए रखा।

कुरन ने चार ओवर में 33 रन देकर तीन विकेट लिए। विल जैक्स ने तीन ओवर में 22 रन देकर एक विकेट हासिल किया, जबकि बाएं हाथ के स्पिनर लियाम डॉसन ने तीन ओवर में 27 रन देकर एक सफलता प्राप्त की। आदिल राशिद भी किफायती रहे और दो ओवर में सिर्फ 21 रन दिए।

अभिषेक शर्मा शुरुआत में आर्चर की रफ्तार के सामने संघर्ष करते रहे और अपनी पहली 12 गेंदों में लगभग 10 बार गेंद को खेलने से चूक गए। बाद में उन्होंने लय हासिल की, लेकिन कुरन की फुलटॉस पर खेला गया उनका जोरदार फ्लिक सीधे मिडविकेट पर खड़े बैंटन के हाथों में चला गया।अय्यर और किशन ने तीसरे विकेट के लिए 65 रन की साझेदारी कर पारी को संभाला, लेकिन ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान की बड़ी बाउंड्री और इंग्लैंड के अनुशासित गेंदबाजी आक्रमण के कारण भारतीय बल्लेबाज खुलकर रन नहीं बना सके।

IND vs ENG: वर्ल्ड रिकॉर्ड के साथ अपने पहले मैच में वैभव सूर्यवंशी ने बनाए इतने रन, इस सिक्स के सभी बने मुरीद

IND vs ENG: वैभव सूर्यवंशी ने इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में भारत के लिए अपने इंटरनेशल करियर की शुरुआत की। पिछले काफी समय से वैभव के डेब्यू की काफी चर्चा हो रही थी। वहीं अपने डेब्यू मैच में वैभव सूर्यवंशी ने 10 गेंदों पर 14 रन बनाए। अपनी छोटी पारी के दौरान वैभव ने जोफ्रा आर्चर और जोश टंग जैसे तेज गेंदबाजों के खिलाफ दो शानदार छक्के भी लगाए। वैभव अपने डेब्यू मैच में बड़ी पारी नहीं खेल सके और विल जैक्स की गेंद पर स्टंप आउट होकर पवेलियन लौट गए।

भारत और इंग्लैंड के बीच खेले जा रहे दूसरे टी20 मुकाबले में श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया है। वहीं अबतक 17 ओवर के बाद भारतीय टीम 4 विकेट खोकर 150 रन बनाई है।

कैसी थी वैभव की पारी

पारी की शुरुआत में वैभव सूर्यवंशी को इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जोश टंग की गेंदों का सामना करने में थोड़ी परेशानी हुई। तेज रफ्तार और अतिरिक्त उछाल वाली पिच पर उन्हें लय पकड़ने में समय लगा। लेकिन उन्होंने संयम बनाए रखा और शुरुआत में एक रन लेकर अपना खाता खोला। ओल्ड ट्रैफर्ड की पिच पर शुरुआती ओवरों में बल्लेबाजी करना उनके लिए आसान नहीं रहा। वैभव ने जोफ्रा आर्चर की तेज गेंद पर बेहतरीन छक्का लगाकर अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का पहला सिक्स जड़ा। इसके बाद जोश टंग की धीमी गेंद को भी मिडविकेट के ऊपर से बाउंड्री के पार भेजते हुए एक और शानदार छक्का लगाया। हालांकि, इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों ने लगातार अच्छी गेंदबाजी कर उन पर दबाव बनाए रखा।

14 रन बनाकर आउट हुए वैभव

विल जैक्स के खिलाफ भी वैभव सूर्यवंशी ने आक्रामक बल्लेबाजी जारी रखने की कोशिश की। लेकिन गेंद की रफ्तार में बदलाव से वह चकमा खा गए और शॉट खेलने के प्रयास में गेंद को मिस कर बैठे। इसके बाद विकेटकीपर जोस बटलर ने फुर्ती दिखाते हुए उन्हें स्टंप आउट कर दिया। वैभव की 14 रन की तेज पारी में दो शानदार छक्के शामिल रहे। इसके साथ ही वह टी20 अंतरराष्ट्रीय डेब्यू मैच में स्टंप आउट होने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज भी बन गए।

भारत की प्लेइंग 11: वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (विकेट कीपर), श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, हर्षित राणा, अक्षर पटेल, रवि बिश्नोई, अर्शदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती

इंग्लैंड की प्लेइंग 11: फिलिप सॉल्ट, जोस बटलर (विकेट कीपर), हैरी ब्रूक (कप्तान), जैकब बेथेल, टॉम बैंटन, सैम करन, विल जैक्स, लियाम डॉसन, आदिल राशिद, जोफ्रा आर्चर, जोश टंग