Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : GIFT Nifty में बढ़त को देखते हुए,भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स 25 जून को बढ़त के साथ शुरुआत करने के लिए तैयार नजर आ रहे हैं। शुरुआती कारोबार में GIFT Nifty 24,081.50 के आसपास ट्रेड कर रहा था। करेंसी और इक्विटी बाजारों में आज क्या हो रहा है यह जानने के लिए मनीकंट्रोल के साथ बने रहें। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

24 जून को भारतीय इक्विटी इंडेक्स में अच्छी रिकवरी देखने को मिली। IT,रियल्टी और बैंकिंग शेयरों में जोरदार खरीदारी के दम पर निफ्टी ने 24,000 का स्तर फिर से हासिल कर लिया। मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने के संकेतों के बाद तेल सप्लाई में रुकावट की चिंताएं कम हुईं,जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा। कारोबार के अंत में,सेंसेक्स 790.54 अंक या 1.04 प्रतिशत बढ़कर 76,991.22 पर और निफ्टी 197.55 अंक या 0.83 प्रतिशत बढ़कर 24,021.65 पर बंद हुआ।

गिफ्ट निफ्टी

सुबह 07.40 बजे के आसपास गिफ्ट निफ्टी 87 अंक यानी 0.36 फीसदी की बढ़त के साथ 24,108.50 के आसपास कारोबार कर रहा था।

एशियाई बाजार

एशियाई शेयर बाजारों में मिलाजुला रुख देखने को मिल रहा है। जापान के निक्केई में 3.55 फीसदी की तेजी देखने को मिल रही है। वहीं,स्ट्रेट टाइम्स 0.15 फीसदी की तेजी दिखा रहा है। हैंगसेंग 1.43 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा है। ताइवान के बाजार में 1.13 फीसदी की बढ़त है। कोस्पी 4.62 फीसदी ऊपर दिख रहा है। वहीं,शांघाई कंपोजिट में 0.14 फीसदी की गिरावट नजर आ रही है।

अमेरिकी बाजार

बुधवार को नैस्डैक और S&P 500 गिरावट के साथ बंद हुए। इसकी वजह टेक शेयरों में आई गिरावट थी। हालांकि,कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से एयरलाइंस और ट्रैवल से जुड़े शेयरों को फायदा हुआ और डाओ जोन्स बढ़त के साथ बंद हुआ। डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 182.06 अंक या 0.35% बढ़कर 51,848.90 पर पहुंच गया,जबकि S&P 500 में 7.24 अंक या 0.10% की गिरावट आई और यह 7,358.22 पर बंद हुआ। वहीं,नैस्डैक कम्पोजिट 110.40 अंक या 0.43% गिरकर 25,476.64 पर बंद हुआ।

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डॉलर इंडेक्स

गुरुवार को डॉलर तेजी से ऊपर चढ़ते हुए चार्ट रेजिस्टेंस के स्तर को पार कर गया। यह लगभग एक साल की अपनी सबसे बड़ी मासिक बढ़त की ओर बढ़ रहा है। ट्रेडर्स को उम्मीद है कि मज़बूत अमेरिकी अर्थव्यवस्था शॉर्ट-टर्म ब्याज दरों को सहारा देगी,साथ ही वे महंगाई के अहम आंकड़ों का भी इंतजार कर रहे हैं। फिलहाल डॉलर इंडेक्स 101.58 के स्तर पर नजर आ रहा है।

US बॉन्ड यील्ड

अमेरिका में 10-साल के ट्रेजरी बॉन्ड पर यील्ड एक बेसिस पॉइंट बढ़कर 4.40% हो गई है। जबकि 2-साल के ट्रेजरी बॉन्ड पर यील्ड मामूली रूप से बढ़कर 4.14% हो गई है।

एशियन करेंसी

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एशियाई करेंसीज में मिला-जुला कारोबार देखने को मिल रहा है। इंडोनेशियाई रुपया सबसे ज्यादा कमजोर दिख रहा है। इसमें 0.52 प्रतिशत की गिरावट आई है। इसके बाद दक्षिण कोरियाई वॉन में 0.32 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। चीनी रेनमिनबी पर भी दबाव बना हुआ है और इसमें 0.27 प्रतिशत की गिरावट आई है। जबकि ताइवान डॉलर 0.04 प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है।

उधर मलेशियाई रिंगित 0.27 प्रतिशत की बढ़त के साथ सबसे कारोबार कर रहा है। इसके बाद फिलीपीन पेसो का नंबर है, जिसमें 0.12 प्रतिशत की मजबूती आई है। थाई बाहत में 0.07 प्रतिशत की बढ़त हुई है। जबकि, जापानी येन और सिंगापुर डॉलर में 0.03 प्रतिशत और 0.02 प्रतिशत की मामूली बढ़त है।

कच्चे तेल में नरमी

गुरुवार को तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है और यह युद्ध से पहले के स्तर के करीब पहुच गया है। ईरान के साथ US इज़राइल युद्ध को खत्म करने के शुरुआती समझौते के बाद,फंसे हुए टैंकर होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से बाहर निकल गए हैं,जिससे तेल की सप्लाई से जुड़ी चिंताएं कम हुईं है,इसका असर तेल कीमतों पर देखने को मिल रहा है। WTI क्रूड में 0.91 फीसदी की और ब्रेंट क्रूड में 1.03 फीसदी की गिरावट आई है।

गोल्ड

गुरुवार को सोने की कीमतों में और गिरावट आई है और ये सात महीने से ज्यादा के निचले स्तर के आस-पास ही बना हुआ है। कोमेक्स पर गोल्ड में 0.38 फीसदी की गिरावट दिख रही है। वहीं,चांदी 0.39 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा है।

विदेशी और घरेलू निवेश के आंकड़ों पर एक नजर

24 जून को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने ₹1,843 करोड़ के शेयर बेचे और वे नेट सेलर बने रहे। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार तीसरे सेशन में भी खरीदारी जारी रखी और ₹3,637 करोड़ के शेयर खरीदे,जिससे घरेलू बाजार को सहारा मिला।

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Market news : BSE सेंसेक्स और निफ्टी 50 जैसे बेंचमार्क इंडेक्स 23 जून को बढ़त के साथ खुलने की उम्मीद है। GIFT निफ्टी में भी बढ़त देखने को मिल रही है। यह शुरुआती कारोबार में बढ़त के साथ 24,145.50 के आसपास ट्रेड कर रहा था। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

शुक्रवार को हुई बिकवाली के बाद,22 जून को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में जबरदस्त रिकवरी देखने को मिली। कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट और US-ईरान शांति वार्ता में प्रगति को लेकर बनी उम्मीदों के चलते निफ्टी ने फिर से तेजी पकड़ी और 24,100 के स्तर के ऊपर बंद हुआ। कारोबार के अंत में,सेंसेक्स 291.17 अंक या 0.38 प्रतिशत बढ़कर 77,094.07 पर और निफ्टी 89.80 अंक या 0.37 प्रतिशत बढ़कर 24,102.90 पर बंद हुआ।

गिफ्ट निफ्टी

सुबह 07.50 बजे के आसपास गिफ्ट निफ्टी 32 अंक यानी 0.13 फीसदी की बढ़त के साथ 24,132 के आसपास कारोबार कर रहा था।

एशियाई बाजार

एशियाई शेयर बाजारों में मिलाजुला रुख देखने को मिल रहा है। जापान के निक्केई में 0.87 फीसदी की कमजोरी देखने को मिल रही है। वहीं,स्ट्रेट टाइम्स 0.24 फीसदी की तेजी दिखा रहा है। हैंगसेंग 0.56 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा है। ताइवान के बाजार में 0.19 फीसदी की गिरावट है। कोस्पी 4.14 फीसदी नीचे दिख रहा है। वहीं,शांघाई कंपोजिट में 0.10 फीसदी की हल्की बढ़त नजर आ रही है।

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अमेरिकी बाजार

सोमवार को S&P 500 और नैस्डैक गिरावट के साथ बंद हुए। इसकी वजह अल्फाबेट जैसी बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों के शेयरों में आई गिरावट थी। निवेशक अमेरिका-ईरान बातचीत से जुड़ी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थे। वहीं, हेल्थकेयर और इंडस्ट्रियल सेक्टर में तेजी की वजह से डॉओ (Dow)बढ़त के साथ बंद हुआ। डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 148.01 अंक या 0.29% बढ़कर 51,712.71 पर बंद हुआ। S&P 500 में 27.79 अंक या 0.37 फीसदी की गिरावट आई और यह 7,472.79 पर बंद हुआ,जबकि नैस्डैक कम्पोजिट 351.33 अंक या 1.32% गिरकर 26,166.60 पर बंद हुआ।

डॉलर इंडेक्स

छह करेंसी की बास्केट के मुकाबले डॉलर की मजबूती को मापने वाला US डॉलर इंडेक्स मजबूत दिख रहा है। यह पिछले साल मई के बाद से अपने सबसे ऊंचे स्तर के करीब आ गया। फिलहाल डॉलर इंडेक्स 101.02 के स्तर पर दिख रहा है।

US बॉन्ड यील्ड

अमेरिका में 10-साल और 2-साल के ट्रेजरी बॉन्ड पर यील्ड में बहुत कम बदलाव हुआ और ये क्रमशः 4.50% और 4.22% पर दिख रहे हैं।

एशियन करेंसी

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ज्यादातर एशियाई करेंसीज कमजोर हुईं हैं। जिससे पूरे क्षेत्र में जोखिम को लेकर सावधानी का माहौल दिखा। फिलीपीन पेसो का प्रदर्शन सबसे खराब दिख रहा है,जिसमें 0.315 प्रतिशत की गिरावट आई है। इसके बाद इंडोनेशियाई रुपिया में 0.219 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। चीनी रेनमिनबी भी 0.117 प्रतिशत कमजोर हुई है,जबकि दक्षिण कोरियाई वॉन और थाई बहत में क्रमशः 0.075 प्रतिशत और 0.055 प्रतिशत की गिरावट आई है।

उधर जापानी येन में 0.006 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ लगभग कोई बदलाव नहीं हुआ है। जबकि ताइवान डॉलर और सिंगापुर डॉलर में क्रमशः 0.019 प्रतिशत और 0.023 प्रतिशत की गिरावट आई है। इसके विपरीत,मलेशियाई रिंगित ने 0.305 प्रतिशत की बढ़त हासिल की है।

कच्चा तेल सपाट

पिछले सेशन में भारी गिरावट के बाद मंगलवार को तेल की कीमतों में सुधार हुआ। इसकी वजह US-Iran शांति वार्ता को लेकर बनी थोड़ी उम्मीद थी,जबकि निवेशक होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से कच्चे तेल की सप्लाई फिर से शुरू होने में प्रगति के साफ संकेतों का इंतजार करते दिखे। WTI क्रूड में 0.03 फीसदी की और ब्रेंट क्रूड में 0.23 फीसदी की गिरावट आई है।

सोना सपाट

मंगलवार को सोने की कीमतें स्थिर दिख रहीं हैं, क्योंकि निवेशकों ने अमेरिका-ईरान शांति वार्ता पर नजरें बनाए रखी हैं। जबकि, दिसंबर में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की बढ़ती उम्मीदों का असर इस मेटल पर पड़ा। कोमेक्स पर गोल्ड में 0.18 फीसदी की गिरावट दिख रही है। वहीं, चांदी 0.74 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा है।

विदेशी और घरेलू निवेश के आंकड़ों पर एक नजर

22 जून को विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) नेट सेलर रहे और उन्होंने 635 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs)ने बाजार को सहारा देना जारी रखा और इस दौरान 1,000 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

DA Hike: महंगाई भत्ते में 20% का तगड़ा इजाफा, बंगाल सरकार का अपने कर्मचारियों और पेंशनर्स को बड़ा तोहफा

DA Hike: पश्चिम बंगाल की नव-निर्वाचित बीजेपी सरकार ने सोमवार को अपना पहला बजट पेश किया। इसमें राज्य के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को बड़ी राहत दी। सरकार ने महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) में 20% की बढ़ोतरी का ऐलान किया है।

इस बढ़ोतरी के बाद राज्य कर्मचारियों और पेंशनर्स को मिलने वाला DA/DR उनकी बेसिक सैलरी का 38% हो जाएगा। नई दरें 1 अक्टूबर 2026 से लागू होंगी।

यह फैसला इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि लंबे समय से पश्चिम बंगाल के कर्मचारी केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बराबर DA की मांग कर रहे थे। नए ऐलान के बाद राज्य और केंद्र के कर्मचारियों के DA के बीच का अंतर 42 प्रतिशत अंक से घटकर 22 प्रतिशत अंक रह गया है।

क्या होता है DA?

महंगाई भत्ता (Dearness Allowance) कर्मचारियों और पेंशनर्स को बढ़ती महंगाई के असर से राहत देने के लिए दिया जाता है। यह बेसिक सैलरी का एक हिस्सा होता है और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आधार पर समय-समय पर संशोधित किया जाता है। DA पूरी तरह टैक्सेबल होता है।

क्यों उठ रही थी DA बढ़ाने की मांग?

केंद्र सरकार के कर्मचारी फिलहाल 7वें वेतन आयोग के तहत वेतन और भत्ते पा रहे हैं। वहीं, पश्चिम बंगाल के कई कर्मचारी अभी भी 5वें और 6वें वेतन आयोग की व्यवस्था के दायरे में हैं। इससे दोनों के वेतन और भत्तों में बड़ा अंतर बना हुआ है। 8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया शुरू होने के बाद यह अंतर और बढ़ने की आशंका जताई जा रही थी।

7वें वेतन आयोग का भी वादा

कर्मचारी संगठनों के मुताबिक मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने जनवरी 2027 से 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने का भी आश्वासन दिया है। इसके अलावा सरकार ने बजट में 1 लाख सरकारी नौकरियां भरने, महिलाओं के लिए अन्नपूर्णा योजना पर ₹36,000 करोड़ खर्च करने और फ्री बस सेवा के लिए ₹550 करोड़ आवंटित करने की घोषणा की है।

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Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : GIFT Nifty में बढ़त को देखते हुए,बेंचमार्क इंडेक्स Sensex और Nifty के 22 जून को बढ़त के साथ खुलने की उम्मीद है। शुरुआती कारोबार में GIFT Nifty बढ़त के साथ 24,124.50 के आसपास ट्रेड कर रहा था। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

IT,ऑयल एंड गैस और रियल्टी सेक्टर के शेयरों में बिकवाली के कारण,19 जून को भारतीय इक्विटी इंडेक्स की लगातार पांच दिनों की बढ़त का सिलसिला थम गया और वे गिरावट के साथ बंद हुए। निफ्टी 24,000 के आसपास रहा। सेंसेक्स 607.08 अंक या 0.78 प्रतिशत गिरकर 76,802.90 पर बंद हुआ,जबकि निफ्टी 154.90 अंक या 0.64 प्रतिशत गिरकर 24,013.10 पर आ गया।

गिफ्ट निफ्टी

सुबह 08.00 बजे के आसपास गिफ्ट निफ्टी 78 अंक यानी 0.32 फीसदी की बढ़त के साथ 24,126 के आसपास कारोबार कर रहा था।

एशियाई बाजार

एशियाई शेयर बाजारों में मिलाजुला रुख देखने को मिल रहा है। जापान के निक्केई में 2.12 फीसदी की तेजी देखने को मिल रही है। वहीं,स्ट्रेट टाइम्स 0.13 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा है। हैंगसेंग 1.60 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा है। ताइवान के बाजार में 2.75 फीसदी की तेजी है। कोस्पी 1.09 फीसदी ऊपर दिख रहा है। वहीं,शांघाई कंपोजिट में 0.46 फीसदी की गिरावट नजर आ रही है।

Share Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, बढ़त के साथ खुल सकते है भारतीय बाजार

अमेरिकी बाजार

जूनटीन्थ (Juneteenth) की सरकारी छुट्टी के कारण शुक्रवार, 19 जून को अमेरिकी बाजार बंद रहे।

डॉलर इंडेक्स

सोमवार को डॉलर मजबूत रहा क्योंकि मध्य पूर्व में फिर से युद्ध शुरू करने की राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों और तेहरान के होर्मुज़ जलडमरूमध्य को बंद करने के ऐलान के बाद,अमेरिका-ईरान के बीच संभावित शांति समझौते पर अनिश्चितता के बादल छा गए। फिलहाल डॉलर इंडेक्स 100.80 के स्तर पर दिख रहा है।

US बॉन्ड यील्ड

अमेरिका में 10-साल और 2-साल के ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड में 2 बेसिस पॉइंट से ज्यादा की बढ़त हुई है। जिससे ये क्रमशः 4.47% और 4.20% पर पहुच गए हैं।

एशियन करेंसी

सोमवार को ज्यादातर एशियाई करेंसीज में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले गिरावट दिख रही है। थाई बाहत एकमात्र ऐसी करेंसी रही जिसमें बढ़त दिखी,जबकि जापानी येन और चीनी रेनमिनबी में सबसे ज्यादा गिरावट आई।

जापानी येन में 0.12 प्रतिशत की गिरावट आई है। उसके बाद चीनी रेनमिनबी में 0.11 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। दक्षिण कोरियाई वॉन,मलेशियन रिंगित, ताइवानी डॉलर,इंडोनेशियाई रुपिया,फिलीपीनी पेसो और सिंगापुर डॉलर में भी 0.03-0.10 की मामूली गिरावट है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

लगातार 23 सेशन तक नेट बायर बने रहने के बाद,19 जून को घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs) नेट सेलर बन गए और उन्होंने ₹1,159 करोड़ के शेयर बेचे। इसके उलट,विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) नेट बायर बनकर उभरे और उन्होंने ₹4,859 करोड़ के शेयर खरीदे,जिससे विदेशी निवेशकों की फिर से दिलचस्पी का संकेत मिलता है।

झारखंड में कांग्रेस कैंडिडेट प्रणव झा को क्यों मिली हार, किसने किया क्रॉस वोट?

Jharkhand Rajya Sabha Election: झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के चुनाव में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा। पार्टी एक सीट हार गई, जिसकी वजह उसके सहयोगी INDIA गठबंधन के कुछ विधायकों द्वारा क्रॉस वोटिंग करना बताया जा रहा है। कांग्रेस का आरोप है कि RJD और CPI (M-L) लिबरेशन के विधायकों ने NDA समर्थित उम्मीदवार के पक्ष में वोट दिया। हालांकि, CPI (M-L) लिबरेशन ने इस आरोप को खारिज कर दिया है।

इस चुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के उम्मीदवार और पूर्व मंत्री बैद्यनाथ राम ने जीत दर्ज की। वहीं दूसरी सीट एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी ने जीती। बता दें कि परिमल नाथवानी रिलायंस इंडस्ट्रीज में कॉर्पोरेट अफेयर्स के निदेशक हैं, और उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को हराया, जो ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) के सचिव हैं और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यालय से जुड़े हुए हैं।

गौतरलब है कि 81 सदस्यों वाली झारखंड विधानसभा में, राज्यसभा चुनाव जीतने के लिए किसी उम्मीदवार को पहली पसंद के लिए कम से कम 28 वोटों की जरूरत थी। JMM के नेतृत्व वाले गठबंधन के पास कुल 56 विधायक हैं और अगर क्रॉस-वोटिंग नहीं होती, तो उसके दोनों उम्मीदवार आसानी से जीत जाते। सूत्रों के मुताबिक, राम को 30 वोट मिले और नाथवानी को भी 30 वोट मिले, लेकिन दो वोट अमान्य पाए गए। झा सिर्फ 21 वोट ही हासिल कर पाए, जिसमें से एक वोट अमान्य घोषित किया गया।

वहीं, कांग्रेस का आरोप है कि RJD के चार विधायकों और CPI(M-L) लिबरेशन के दो विधायकों ने झा के लिए वोट नहीं किया। AICC के झारखंड प्रभारी के. राजू ने दावा किया कि पार्टी के 16 विधायकों और JMM के चार अतिरिक्त वोट झा को मिले। उन्होंने आरोप लगाया कि RJD और CPI(M-L) लिबरेशन ने “गठबंधन के साथ धोखा किया है” साथ ही BJP पर यह भी आरोप लगाया कि उसने “हॉर्स-ट्रेडिंग” (विधायकों की खरीद-फरोख्त) के जरिए चुनावी नतीजों को प्रभावित किया।

उधर कांग्रेस के आरोपों को गलत बताते हुए, CPI (M-L) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने X पर पोस्ट किया, “झारखंड राज्यसभा वोटिंग को लेकर लगाई जा रही अटकलों के बारे में हम पूरी जिम्मेदारी के साथ कह सकते हैं कि हमारे दो विधायकों ने योजना के मुताबिक कांग्रेस उम्मीदवार को वोट दिया। हमारे दो वरिष्ठ नेताओं, PBM हलधर महतो और CCM गीता मंडल ने खुद विधायकों द्वारा डाले गए वोटों की विधिवत पुष्टि की।”

दूसरी तरफ, CPI (M-L) के विधायक अरूप चटर्जी ने भी कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा, “छोटी पार्टियों पर उंगली उठाना बहुत आसान है। अगर कांग्रेस का दावा है कि उसके पास 20 वोट थे, तो यह कैसे माना जा सकता है कि इसके लिए सिर्फ RJD या CPI(M-L) के वोट ही जिम्मेदार थे? गड़बड़ी कहीं और से भी तो हो सकती है? बिना पूरी जानकारी के किसी को भी टिप्पणी नहीं करनी चाहिए।”

चटर्जी ने आगे कहा कि अगर उनकी पार्टी के दो वोट कहीं और भी चले जाते, तो भी जरूरी नहीं कि नतीजा बदल जाता। उनके मुताबिक, सिर्फ दो वोटों के इधर-उधर होने से कांग्रेस की जीत सुनिश्चित नहीं हो जाती।

RJD के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुबोध कुमार मेहता ने कहा, “INDIA गठबंधन ने JMM उम्मीदवार बैद्यनाथ राम की शानदार जीत के साथ दो में से एक सीट पर कामयाबी हासिल की है। झारखंड में हमारा गठबंधन एक मजबूत ताकत बना हुआ है। जहां तक दूसरी सीट की बात है, हमने राज्य को एक मजबूत लोकतांत्रिक विकल्प देने के लिए प्रणव झा जी को मैदान में उतारा था, और भले ही नतीजा वैसा नहीं रहा जैसी हमें उम्मीद थी, लेकिन हमारे गठबंधन की मूल पहचान बरकरार है। हम हालात पर गौर कर रहे हैं।”

नाथवानी की प्रतिक्रिया

चौथी बार राज्यसभा के लिए चुने जाने के बाद, नाथवानी ने X पर लिखा, “यह पल बहुत भावुक कर देने वाला है क्योंकि झारखंड से यह मेरा तीसरा कार्यकाल होगा; यही वह धरती है जहां से 2008 में मेरी संसदीय यात्रा शुरू हुई थी। अपनी कर्मभूमि में एक बार फिर लौटना मेरे लिए बहुत गर्व और विनम्रता की बात है।”

नाथवानी ने उन विधायकों का शुक्रिया अदा किया जिन्होंने उन्हें वोट दिया। उन्होंने कहा, “नए संकल्प और ईमानदारी के साथ, झारखंड और यहां के लोगों के हितों और उम्मीदों को आगे बढ़ाने की हर कोशिश जारी रहेगी। जोहार झारखंड!”

गुजरात के रहने वाले और रिलायंस इंडस्ट्रीज के एग्जीक्यूटिव नाथवानी ने 2008 से 2020 के बीच लगातार दो बार राज्यसभा में झारखंड का प्रतिनिधित्व किया; दोनों बार वे निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुने गए थे। ऊपरी सदन में अपने पिछले कार्यकाल के दौरान, उन्होंने आंध्र प्रदेश से सांसद के तौर पर YSR कांग्रेस पार्टी का प्रतिनिधित्व किया।

बता दें कि पिछले कुछ सालों में, नाथवानी ने झारखंड में सभी पार्टियों के नेताओं के साथ अच्छे संबंध बनाए हैं, जिससे ऐसी अटकलें लगाई जा रही थीं कि उन्हें NDA के आधिकारिक आंकड़ों से ज्यादा समर्थन मिल सकता है। इस चुनाव से पहले, मुख्यमंत्री और JMM नेता हेमंत सोरेन के साथ उनकी मुलाकात ने अटकलों को हवा दी थी, लेकिन आखिरकार उन्हें NDA का समर्थन मिल गया।

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Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : 19 जून को बेंचमार्क इंडेक्स BSE सेंसेक्स और निफ्टी की शुरुआत सुस्त रहने की उम्मीद है। GIFT निफ्टी में मामूली बढ़त है। यह शुरुआती कारोबार में 24,008 के आसपास ट्रेड कर रहा है। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

18 जून को उतार-चढ़ाव भरे ट्रेडिंग सेशन में भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। निफ्टी कल 24,200 के स्तर के करीब बंद हुआ। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और ग्लोबल मार्केट से मिले अच्छे संकेतों से सेंटीमेंट बेहतर हुआ। निवेशकों ने US फेडरल रिजर्व के सख्त पॉलिसी रुख पर भी नजरें रखीं। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 254.36 अंक या 0.33 प्रतिशत बढ़कर 77,409.98 पर और निफ्टी 82.30 अंक या 0.34 प्रतिशत बढ़कर 24,168 पर बंद हुआ।

गिफ्ट निफ्टी

सुबह 08.00 बजे के आसपास गिफ्ट निफ्टी 12 अंक यानी 0.05 फीसदी की बढ़त के साथ 24,007 के आसपास कारोबार कर रहा था।

एशियाई बाजार

एशियाई शेयर बाजारों में मिलाजुला रुख देखने को मिल रहा है। जापान के निक्केई में 0.75 फीसदी की तेजी देखने को मिल रही है। वहीं, स्ट्रेट टाइम्स 0.47 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा है। कोस्पी 2.64 फीसदी ऊपर दिख रहा है। वहीं,शांघाई कंपोजिट में 0.43 फीसदी की गिरावट नजर आ रही है।

अमेरिकी बाजार

गुरुवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में तेजी रही। सेमीकंडक्टर शेयरों में बढ़त की वजह से नैस्डैक में 1.9% की बढ़ोतरी हुई। वहीं,अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते के बाद महंगाई को लेकर चिंताएं कम हुईं। हालांकि निवेशकों ने फेडरल रिजर्व द्वारा इस साल ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना को भी ध्यान में रखा। डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 72.15 अंक या 0.14% बढ़कर 51,564.70 पर पहुंच गया,S&P 500 में 80.48 अंक या 1.08% की बढ़त हुई और यह 7,500.58 पर बंद हुआ। नैस्डैक कम्पोजिट 496.28 अंक या 1.91% बढ़कर 26,517.93 पर पहुंच गया।

डॉलर इंडेक्स

शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में दूसरी प्रमुख करेंसी के मुकाबले अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में बहुत कम बदलाव देखने को मिला है। फिलहास डॉलर इंडेक्स 100.77 के स्तर पर दिख रहा है।

एशियन करेंसी

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एशियाई करेंसीज में मिला-जुला कारोबार देखने को मिल रहा है। जापानी येन सबसे मजबूत है। इसमें 0.174% की बढ़त देखने को मिल रही है। इसके बाद दक्षिण कोरियाई वॉन में 0.125% की बढ़त है। सिंगापुर डॉलर में भी 0.008% की मामूली बढ़त हुई है जो बाजार में स्थिरता का संकेत है।

कमजोर प्रदर्शन करने वालों में फिलीपीन पेसो में सबसे ज्यादा 0.323% की गिरावट दर्ज की गई है। जबकि इंडोनेशियाई रुपिया में 0.180% की गिरावट आई है। चीनी रेनमिनबी 0.106% कमजोर दिख रही है। ताइवान डॉलर में 0.028% की गिरावट आई है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

18 जून को विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) नेट सेलर बने रहे और उन्होंने ₹1,000 करोड़ से ज्यादा के शेयर बेचे। इसके उलट,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बाजार को सहारा दिया और सेशन के दौरान ₹3,516 करोड़ के शेयर खरीदे।

 

 

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