नितिन नबीन आज कर सकते हैं नई टीम का ऐलान, अनुराग ठाकुर-स्मृति ईरानी की वापसी के संकेत

बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन सोमवार को अपनी नई टीम का ऐलान कर सकते हैं। ऐसे में सूत्रों ने CNN-News18 को बताया कि पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और स्मृति ईरानी की बीजेपी के राष्ट्रीय संगठन में एक बार फिर अहम भूमिका में वापसी हो सकती है।

काफी समय से इंतजार किए जा रहे इस संगठनात्मक बदलाव में अनुभवी नेताओं के साथ नई पीढ़ी के चेहरों को भी जगह मिलने की उम्मीद है। सूत्रों के मुताबिक, नई टीम की औसत उम्र करीब 50 साल रह सकती है। सूत्रों ने यह भी बताया कि पार्टी की नई टीम में युवाओं और महिलाओं को ज्यादा प्रतिनिधित्व देने के साथ-साथ अलग-अलग क्षेत्रों को संतुलित रखने पर भी खास ध्यान दिया जा सकता है।

बता दें कि बीजेपी अध्यक्ष का पद संभालने के बाद नबीन के पहले बड़े संगठनात्मक फेरबदल में अनुराग ठाकुर और स्मृति ईरानी की संभावित वापसी सबसे अहम बातों में से एक होगी।

अनुराग ठाकुर और स्मृति ईरानी की भूमिका

हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर से लोकसभा सांसद अनुराग ठाकुर पहले सूचना और प्रसारण तथा युवा मामले और खेल मंत्री रह चुके हैं। उन्होंने राज्य मंत्री के तौर पर वित्त और कॉर्पोरेट मामलों का विभाग भी संभाला है।

वहीं, स्मृति ईरानी बीजेपी की प्रमुख नेताओं में से एक हैं। वह केंद्र में मंत्री रह चुकी हैं और 2019 से 2024 तक अमेठी से लोकसभा सांसद भी रहीं। पार्टी संगठन में भी उन्होंने कई अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं। वह बीजेपी महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष और राष्ट्रीय सचिव रह चुकी हैं।

अनुराग ठाकुर और स्मृति ईरानी को नई टीम में शामिल किए जाने की चर्चा ऐसे समय हो रही है, जब बीजेपी अपने संगठन में युवा चेहरों को ज्यादा जगह देने की तैयारी कर रही है। नितिन नबीन के बीजेपी अध्यक्ष बनने के बाद से ही संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी चल रही थी। 45 साल की उम्र में नितिन नबीन बीजेपी के सबसे कम उम्र के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने थे। उनके अध्यक्ष बनने को पार्टी में नई पीढ़ी को आगे बढ़ाने और नेतृत्व में बदलाव के संकेत के तौर पर देखा गया था।

वहीं, बीजेपी में संगठनात्मक बदलाव को सिर्फ रूटीन फेरबदल से कहीं ज्यादा अहम माना जा रहा है। पार्टी अपने राष्ट्रीय संगठन को आने वाले चुनावों, खासकर कई अहम राज्यों में 2027 के विधानसभा चुनावों के हिसाब से तैयार करना चाहती है।

बता दें कि नबीन ने अगले चुनावी दौर की तैयारियों के तहत जमीनी स्तर पर फीडबैक लेना शुरू कर दिया है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने उत्तर प्रदेश के करीब 20 बीजेपी सांसदों के साथ आमने-सामने की बैठकें भी कीं, जिनमें जातिगत समीकरण और कार्यकर्ताओं का मनोबल मुख्य मुद्दे बनकर उभरे।

इसके अलावा, संगठन में बदलाव की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है और माना जा रहा है कि बीजेपी जल्द ही अपनी नई टीम का ऐलान कर सकती है। पार्टी के भीतर इस फेरबदल को अगले चुनावी चक्र से पहले बड़े राजनीतिक बदलाव की शुरुआत के तौर पर भी देखा जा रहा है।

नितिन नबीन का युवाओं और महिलाओं पर फोकस

साथ ही, युवाओं और महिलाओं पर ध्यान देना इसलिए भी खास है क्योंकि नबीन BJP के राष्ट्रीय संगठन पर अपनी छाप छोड़ना चाहते हैं। बीजेपी ने पहले भी संकेत दिए थे कि नबीन के पार्टी अध्यक्ष बनने के बाद संगठन में युवा नेतृत्व को ज्यादा जगह दी जाएगी। और शायद इसी वजह से ठाकुर और ईरानी जैसे अनुभवी नेताओं की वापसी से नई टीम को राजनीतिक अनुभव और देशभर में पहचाने जाने वाले चेहरे मिलेंगे। इससे नबीन के सामने संगठन में पुराने अनुभव और नई पीढ़ी के नेतृत्व के बीच संतुलन बनाने का मौका होगा।

इसलिए बीजेपी के नए संगठन पर सभी की नजरें रहेंगी। नई टीम से पार्टी का राजनीतिक संदेश भी साफ होगा—युवा नेताओं को ज्यादा जिम्मेदारी, अलग-अलग क्षेत्रों और महिलाओं को बेहतर प्रतिनिधित्व और कुछ बड़े नेताओं की वापसी। माना जा रहा है कि ये नेता आगे पार्टी की राष्ट्रीय रणनीति में बड़ी भूमिका भी निभा सकते हैं।

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Delhi Master Plan 2047: नरेला बनेगा दिल्ली का नया एजुकेशन हब; स्कूल से स्टार्टअप तक जुड़ेंगी शिक्षा की कड़ियां

Delhi Master Plan 2047: दिल्ली के मास्टर प्लान-2047 में राजधानी की शिक्षा व्यवस्था को आने वाले समय की जरूरतों के हिसाब से तैयार करने पर जोर दिया गया है। इसमें शिक्षा को सिर्फ स्कूल और कॉलेज तक सीमित रखने के बजाय बच्चों की शुरुआती पढ़ाई से लेकर उच्च शिक्षा, रिसर्च, स्किल डेवलपमेंट, रोजगार और नए बिजनेस तक जोड़ने की योजना है।

नए प्लान के तहत स्कूलों में पढ़ाई के साथ-साथ खेल, कला और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए भी ज्यादा जगह उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया जाएगा। विशेष जरूरत वाले बच्चों के लिए अलग स्कूल और ट्रेनिंग सेंटर विकसित किए जा सकेंगे। इसके अलावा, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और रिसर्च संस्थानों को भविष्य की जरूरतों के मुताबिक अधिक निर्माण और विस्तार की सुविधा देने का भी प्रावधान किया गया है।

मास्टर प्लान के अनुसार, 2047 तक दिल्ली की आबादी करीब 3.2 करोड़ तक पहुंच सकती है। भविष्य में बढ़ने वाली आबादी को देखते हुए शिक्षा समेत दूसरी जरूरी सामाजिक सुविधाओं के लिए अभी से जमीन और बुनियादी ढांचा तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है।

इसी दिशा में नरेला में करीब 138 हेक्टेयर क्षेत्र में एक बड़ा एजुकेशन हब विकसित करने की योजना है। यहां विश्वविद्यालयों और रिसर्च संस्थानों के साथ स्किल ट्रेनिंग सेंटर और नए कारोबार से जुड़े संस्थान भी विकसित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य आने वाले समय में दिल्ली की बढ़ती आबादी के लिए शिक्षा, कौशल और रोजगार से जुड़ी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

शिक्षा के हर स्तर को एक-दूसरे से जोड़ने की तैयारी

मास्टर प्लान में दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था को इस तरह विकसित करने की योजना है कि बच्चों की शुरुआती पढ़ाई से लेकर कॉलेज, उच्च शिक्षा, स्किल ट्रेनिंग और रोजगार तक का रास्ता आसान हो सके। इसके लिए शुरुआती शिक्षा केंद्रों और स्कूलों से लेकर आवासीय व विशेष स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय तक की सुविधाओं को एक व्यापक व्यवस्था का हिस्सा बनाया जाएगा।

इसके अलावा रिसर्च एवं डेवलपमेंट सेंटर, ITI, पॉलीटेक्निक, स्किल ट्रेनिंग सेंटर, मैनेजमेंट और टीचर ट्रेनिंग संस्थान, होटल मैनेजमेंट संस्थान और कोचिंग सेंटर भी विकसित किए जाएंगे। इसका मकसद छात्रों को पढ़ाई के साथ जरूरी कौशल देने और आगे बेहतर रोजगार व करियर के अवसर उपलब्ध कराना है।

पढ़ाई के साथ-साथ खेल और दूसरी गतिविधियों पर जोर

इस प्लान के तहत स्कूलों में अब केवल पढ़ाई ही नहीं बल्कि खेल, कला, संस्कृति और अन्य गतिविधियों पर भी जोर दिया जाएगा। इसी वजह से स्कूलों में पर्याप्त स्थान की व्यवस्था के लिए अधिक निर्माण क्षेत्र की अनुमति दी जाएगी। नियमों के मुताबिक, स्कूल के कुल अनुमत निर्माण क्षेत्र का कम से कम 15 फीसदी हिस्सा खेल और अन्य गतिविधियों से जुड़ी सुविधाओं के लिए रखना जरूरी होगा। इसके अलावा, छात्रों के लिए स्विमिंग पूल, टेबल टेनिस और स्क्वैश जैसी सुविधाएं विकसित करने की भी छूट दी जाएगी। इन सुविधाओं के लिए अधिकतम 150 वर्गमीटर का निर्माण क्षेत्र तय निर्माण सीमा से अलग रखा जा सकेगा।

स्कूलों के लिए जमीन और FAR के नए मानक

मास्टर प्लान में स्कूलों के स्तर के अनुसार जमीन, निर्माण और सड़क की चौड़ाई के मानक तय किए गए हैं। शुरुआती शिक्षा केंद्र के लिए कम से कम 500 वर्गमीटर जमीन, अधिकतम 40% जमीन पर निर्माण और 150 FAR की अनुमति होगी। सड़क की न्यूनतम चौड़ाई 12 मीटर और भवन की अधिकतम ऊंचाई 15 मीटर रखी गई है।

  • कक्षा छह तक के स्कूल के लिए कम से कम 2,000 वर्गमीटर जमीन जरूरी होगी। अधिकतम 40% जमीन पर निर्माण और 150 FAR की अनुमति होगी। सड़क कम से कम 18 मीटर चौड़ी होनी चाहिए और भवन की अधिकतम ऊंचाई 18 मीटर होगी।
  • कक्षा 12 तक के स्कूल के लिए न्यूनतम 4,000 वर्गमीटर जमीन, 40% तक निर्माण और 180 FAR की अनुमति होगी। सड़क की न्यूनतम चौड़ाई 18 मीटर रखी गई है। इस श्रेणी के भवनों के लिए अधिकतम ऊंचाई की अलग सीमा तय नहीं की गई है।

दिव्यांग बच्चों के लिए अलग स्कूल और प्रशिक्षण केंद्र

जो स्पेशल चाइल्ड बच्चे हैं (दिव्यांग) उनके लिए अलग स्कूल और प्रशिक्षण केंद्र विकसित किए जाने का प्रावधान है। ऐसे विशेष स्कूलों के लिए कम से कम 2,000 वर्गमीटर जमीन की जरूरत होगी, जबकि अधिकतम 50 फीसदी हिस्से पर निर्माण की अनुमति होगी। यहां 120 FAR रखा गया है। इन स्कूलों तक पहुंचने वाली सड़क की चौड़ाई कम से कम 18 मीटर और भवन की अधिकतम ऊंचाई 18 मीटर तय की गई है।

इन स्कूलों में पढ़ाई के साथ-साथ खेल की सुविधाएं और व्यावसायिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही, नई हो या पहले से बनी स्कूल की इमारत, सभी में दिव्यांगजन अधिकार कानून के नियमों का पालन करना जरूरी होगा। इसके अलावा, बच्चों के लिए आवासीय स्कूल शुरू करने का विकल्प भी मास्टर प्लान में रखा गया है।

कॉलेज और शोध संस्थानों को ज्यादा निर्माण क्षमता

मास्टर प्लान में कॉलेजों, रिसर्च एवं डेवलपमेंट सेंटर और दूसरे उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए ज्यादा निर्माण और विस्तार की सुविधा देने का प्रावधान किया गया है। ऐसे संस्थानों के लिए कम से कम 1,000 वर्गमीटर जमीन या संबंधित मान्यता देने वाली संस्था के तय मानकों में से जो भी ज्यादा होगा, उसे आधार माना जाएगा।

इन परिसरों में अधिकतम 40% जमीन पर निर्माण की अनुमति होगी और 225 FAR तय किया गया है। संस्थान तक पहुंचने वाली सड़क की चौड़ाई कम से कम 18 मीटर रखी गई है।

वहीं, छात्रों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए कैंपस में लाइब्रेरी, लैब, वर्कशॉप, खेल मैदान, इंडोर गेम्स की सुविधा, ऑडिटोरियम और हॉस्टल बनाए जा सकेंगे। जरूरत पड़ने पर छात्रों और जरूरी स्टाफ के लिए कैंपस के अंदर ही रहने की व्यवस्था भी की जा सकेगी।

विश्वविद्यालयों में पढ़ाई के साथ खेल और हरियाली पर भी जोर

विश्वविद्यालयों और अंतरराष्ट्रीय शिक्षा केंद्रों के लिए अधिकतम 225 FAR का प्रावधान है। इनके लिए सड़क की न्यूनतम चौड़ाई 24 मीटर होगी और जमीन का आकार विश्वविद्यालय अनुदान आयोग या अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के मानकों के अनुसार तय किया जाएगा।

छात्रों को पढ़ाई के साथ बेहतर माहौल और दूसरी गतिविधियों के लिए पर्याप्त जगह मिल सके, इसके लिए विश्वविद्यालय परिसर की कुल जमीन का 15 फीसदी हिस्सा खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए रखना होगा। इसके अलावा, 15 फीसदी जमीन पर पार्क और हरियाली विकसित करना जरूरी होगा। यानी बड़े शैक्षणिक परिसरों में पढ़ाई के साथ खेल, संस्कृति और खुले वातावरण के लिए भी पर्याप्त जगह सुनिश्चित की जाएगी।

नरेला बनेगा दिल्ली का नया एजुकेशन हब

नरेला में करीब 138 हेक्टेयर जमीन पर एक बड़ा एजुकेशन हब विकसित करने की योजना है। यहां विश्वविद्यालयों और रिसर्च संस्थानों के साथ स्किल ट्रेनिंग सेंटर और स्टार्टअप शुरू करने वालों के लिए जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इसका मकसद शिक्षा को रिसर्च, कौशल विकास, इनोवेशन और रोजगार से जोड़ना है। इस केंद्र में सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों के अलावा अन्य शैक्षणिक व शोध संस्थानों को भी स्थापित होने की जगह मिल सकेगी।

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मेडिकल छात्रा को शादी का झांसा देकर बलात्कार करने के मामले में गिरफ्तार हुए अभिषेक पोरेल

abhishek porel

इंडियन प्रीमयर लीग में दिल्ली कैपिटल्स के सलामी बल्लेबाज और बंगाल के क्रिकेटर अभिषेक पोरेल को हुगली पुलिस ने मेडिकल छात्रा को शादी का झांसा देकर  बलात्कार करने के  मामले में गिरफ्तार कर लिया। 

पुलिस सूत्रों के मुताबिक भारतीय न्याय संहिता के कई प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसमें धारा 69 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम  के तहत भी केस दर्ज हुआ है। 

गौरतलब है कि एक मेडिकल छात्रा न 23 जून को मोगरा पुलिस स्टेशन में अभिषेक पोरेल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। छात्रा ने आरोप लगाया था कि वह 3.5 साल तक संबंध में थे और शादी करने की योजना बना रहे थे लेकिन वह अपनी बात से मुकर गए। 

पूछताछ और छानबीन के दौरान पुलिस ने कई बार चंदननगर स्थित पोरेल के घर में जाने की कोशिश की लेकन वह वहां नहीं मिले।  

महिला ने यह भी आरोप लगाया कि दोनों ने एक साथ विदेश यात्रा की थी लेकिन पोरेल ने बाद में अपने रिश्ते से इनकार कर दिया जिसके बाद उसने पुलिस से संपर्क किया।शिकायत के मुताबिक करीब डेढ़ साल पहले दोनों के बीच विवाद हुआ था जिसके बाद मामला पुलिस थाने तक पहुंच गया था लेकिन उस समय कोई शिकायत दर्ज नहीं की गई थी।

महिला ने बाद में कलकत्ता उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जिसके बाद अदालत ने पुलिस को 20 जुलाई को पोरेल को गिरफ्तार करने का निर्देश दिया। क्रिकेटर पर बलात्कार के आरोप के अलावा आपराधिक धमकी और अन्य अपराधों के आरोप भी शामिल हैं।पोरेल ने पहले आरोपों से इनकार किया था।पोरेल और उनके परिवार की प्रतिक्रिया का इंतजार है।

Abishek Porel: कभी ऋषभ पंत के बने थे रिप्लेसमेंट…कौन हैं अभिषेक पोरेल? अब रेप केस में हुए गिरफ्तार

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में दिल्ली कैपिटल्स और बंगाल के लिए खेलने वाले भारतीय क्रिकेटर अभिषेक पोरेल मुश्किल में फंस गए हैं। आईपीएल में पिछले चार सीजन से दिल्ली कैपिटल्स का हिस्सा रहे पोरेल को सोमवार रात हुगली जिले की पुलिस ने गिरफ्तार किया। उन पर एक महिला ने शादी का भरोसा देकर शारीरिक संबंध बनाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने महिला की शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए क्रिकेटर को हिरासत में लिया और मामले की जांच शुरू कर दी है। आइए जानते हैं कौन है अभिषेक पोरेल

हुगली (रूरल) के पुलिस सुपरिटेंडेंट कुनार भूषण सिंह ने बताया, “अभिषेक पोरेल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था और उनकी गिरफ्तारी के लिए कोर्ट से आदेश भी जारी हुआ था। उन्हें सोमवार देर रात गिरफ्तार कर लिया गया और आज उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा।”

क्या है पूरा मामला

कर्नाटक की एक मेडिकल छात्रा ने 23 जून को मोगरा पुलिस थाने में अभिषेक पोरेल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। छात्रा का आरोप है कि, दोनों करीब साढ़े तीन साल से एक-दूसरे के साथ रिश्ते में थे और शादी करने की योजना बना रहे थे। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस की टीम कई बार चंदननगर स्थित पोरेल के घर भी पहुंची, लेकिन उस समय वह घर पर नहीं मिले। पुलिस ने अभिषेक पोरेल को सोमवार देर रात मोगरा इलाके से गिरफ्तार किया। इस मामले में पुलिस ने पोरेल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी (IT) एक्ट के तहत भी केस दर्ज किया है। मामले में BNS की धारा 69 भी शामिल है।

कौन है अभिषेक पोरेल

आईपीएल में दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेलने वाले अभिषेक पोरेल घरेलू क्रिकेट में बंगाल की टीम का भी हिस्सा रहे हैं। अभिषेक पोरेल बाएं हाथ से बल्लेबाजी करने वाले विकेटकीपर हैं। उन्होंने 2023 में आईपीएल में डेब्यू किया था और अब तक दिल्ली कैपिटल्स के लिए 35 मैच खेल चुके हैं। आईपीएल 2026 में उन्होंने टीम के लिए चार मुकाबले खेले और चार पारियों में कुल 108 रन बनाए। इस सीजन में दिल्ली कैपिटल्स की कप्तानी अक्षर पटेल ने की थी।

वहीं बंगाल के लिए फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 32 मैच खेलकर 1408 रन बनाए हैं। 23 लिस्ट ए मैचों में उनके नाम 833 रन और 61 टी20 मैचों में 1590 रन हैं। पोरेल ने रणजी ट्रॉफी, विजय हजारे ट्रॉफी और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में बंगाल का प्रतिनिधित्व किया है। वह अपनी बल्लेबाजी के साथ-साथ विकेटकीपिंग के लिए भी जाने जाते हैं।