Nifty Outlook for 6 July: 24600 तक जाएगा निफ्टी? एक्सपर्ट्स से जानिए अहम लेवल्स

Nifty Outlook: पिछले हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को निफ्टी ने बढ़त के साथ कारोबार की शुरुआत की। बाजार गैप-अप खुला, लेकिन पूरे दिन 24,370-24,380 के दायरे में फंसा रहा। इसी स्तर पर बिकवाली हावी रही और बाजार आगे नहीं बढ़ सका। निफ्टी 95 अंक यानी 0.39% की बढ़त के साथ 24,271 पर बंद हुआ।

पूरे हफ्ते कैसा रहा बाजार?

शुक्रवार की तेजी के साथ निफ्टी ने लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में बढ़त दर्ज की। इस वजह से इंडेक्स पिछले 10 हफ्तों के सबसे ऊंचे वीकली क्लोजिंग पर बंद हुआ।

हफ्ते की शुरुआत कमजोर रही थी। शुरुआती दिनों में बाजार पर बिकवाली का दबाव था। लेकिन अहम सपोर्ट लेवल से शानदार वापसी हुई। इसके बाद लगातार तीन दिन तेजी देखने को मिली। पूरे हफ्ते में निफ्टी करीब 0.90% चढ़ा।

सेक्टर का हाल कैसा रहा

इस हफ्ते निफ्टी रियल्टी सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा। इसके बाद निफ्टी हेल्थकेयर में अच्छी तेजी देखने को मिली। वहीं, निफ्टी पीएसयू बैंक सबसे कमजोर सेक्टर रहा। निफ्टी एनर्जी इंडेक्स भी लाल निशान में बंद हुआ।

मिडकैप और स्मॉलकैप में क्या हुआ?

हालिया तेजी के बाद मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में मुनाफावसूली देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स ने ‘बेयरिश एंगल्फिंग’ कैंडल बनाई। इसे निकट अवधि की कमजोरी का संकेत माना जाता है। वहीं, निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स ने शुरुआती बढ़त का बड़ा हिस्सा गंवा दिया और लगभग सपाट बंद हुआ।

हालांकि, अच्छी बात यह है कि दोनों इंडेक्स अब भी अपने अहम मूविंग एवरेज के ऊपर कारोबार कर रहे हैं। इससे संकेत मिलता है कि लंबी अवधि का तेजी का ट्रेंड अभी कायम है।

अगले हफ्ते के अहम फैक्टर

अगले हफ्ते बाजार की नजर कई अहम फैक्टर्स पर रहेगी। वैश्विक संकेत अगर सकारात्मक रहे तो तेजी बनी रह सकती है। इसके अलावा कंपनियों के जून तिमाही के बिजनेस अपडेट भी शेयरों में हलचल बढ़ा सकते हैं।

निवेशक मानसून की प्रगति पर भी नजर रखेंगे। जून में बारिश सामान्य से 40% कम रही थी। हालांकि, भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने जुलाई में सामान्य का 94% बारिश होने का अनुमान जताया है। वहीं, पूरे 2026 के मानसून का अनुमान घटाकर 90% कर दिया गया है। इसकी वजह एल नीनो को बताया गया है।

निफ्टी पर एक्सपर्ट की राय

HDFC Securities के नागराज शेट्टी का मानना है कि बाजार में चल रही कंसोलिडेशन जल्द खत्म हो सकती है। इसके बाद निफ्टी में नई तेजी देखने को मिल सकती है। उनके मुताबिक, अगले हफ्ते निफ्टी 24,600 तक पहुंच सकता है। वहीं, 24,050 का स्तर अहम सपोर्ट रहेगा।

Centrum Finverse के निलेश जैन का कहना है कि निफ्टी 24,100 के स्तर के ऊपर मजबूती से टिक गया है। यही इसका 100-डे मूविंग एवरेज भी है। अगर इंडेक्स इस स्तर के ऊपर बना रहता है, तो यह धीरे-धीरे 24,550 तक जा सकता है।

LKP Securities के रूपक डे भी बाजार को लेकर सकारात्मक हैं। उनका मानना है कि निफ्टी पहले 24,500 तक जा सकता है और उसके बाद इससे ऊपर भी निकल सकता है। उन्होंने 24,200 को पहला और 24,000 को मजबूत सपोर्ट बताया है।

बैंक निफ्टी पर राय

बैंक निफ्टी पूरे हफ्ते सीमित दायरे में कारोबार करता रहा। जून में आई तेज तेजी के बाद अब इंडेक्स में कंसोलिडेशन देखने को मिल रहा है। बुधवार को अच्छी तेजी आई थी, लेकिन बाकी दिनों में कारोबार सुस्त रहा। पूरे हफ्ते में बैंक निफ्टी 0.41% गिरकर 58,000 के नीचे बंद हुआ।

Angel One के राजेश भोसले का कहना है कि बैंक निफ्टी फिलहाल समय के हिसाब से करेक्शन के दौर में है। हालांकि, बड़ी तस्वीर अब भी सकारात्मक है क्योंकि इंडेक्स अप्रैल के ब्रेकआउट लेवल 57,500 के ऊपर बना हुआ है।

उनका मानना है कि 57,000-56,500 का दायरा मजबूत सपोर्ट देगा। वहीं, अगर बैंक निफ्टी 58,500-58,800 के ऊपर टिकता है, तो तेजी का अगला चरण शुरू हो सकता है।

Dividend Stocks: टाइटन से नेस्ले तक… इस हफ्ते 45 कंपनियां देंगी ₹75 तक का डिविडेंड, चेक करें पूरी लिस्ट

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market cues : निफ्टी आज कर सकता है 24200-24300 की ओर बढ़ने की कोशिश, 23900-23850 पर तत्काल सपोर्ट

Trade setup for today : कुछ दिनों की गिरावट के बाद,1 जुलाई को निफ्टी में 0.6 प्रतिशत की बढ़त हुई और यह वापस 24,000 के स्तर पर आ गया। मोमेंटम इंडिकेटर्स ने साइडवेज मूवमेंट का संकेत दिया,लेकिन ओवरऑल ट्रेंड पॉजिटिव बना रहा क्योंकि इंडेक्स अपने शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर बना हुआ था। बाजार को कच्चे तेल की कीमतों में नरमी का सपोर्ट मिला। अगर बेंचमार्क इंडेक्स 24,000 के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर को बनाए रखता है,तो यह 24,200-24,300 के रेजिस्टेंस जोन की ओर बढ़ने की कोशिश कर सकता है। अगर यह इस स्तर के ऊपर बना रहता है,तो 24,500 तक पहुंचने का रास्ता खुल सकता है। नीचे की तरफ,23,900-23,850 का दायरा तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता है। जानकारों के मुताबिक,पिछले कुछ सेशन में सपोर्ट लेवल धीरे-धीरे ऊपर की ओर खिसक रहा है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 23,924, 23,888 और 23,829

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,043, 24,079 और 24,138

डेली चार्ट पर निफ्टी ने पिछले दिन की बेयरिश कैंडल के अंदर एक बड़ी बुलिश कैंडल बनाई,जो सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव के बीच पॉजिटिव संकेत देता है। इंडेक्स ने 20-दिन और 50-दिन के EMA के ऊपर बने रहते हुए 10-दिन का EMA फिर से हासिल कर लिया। असल में,20-दिन का EMA 50-दिन के EMA के ऊपर जाने वाला है,जो एक पॉजिटिव संकेत है। RSI बढ़कर 55.13 हो गया है और बुलिश क्रॉसओवर के करीब है। MACD हिस्टोग्राम की हरी बार लगातार आठवें सेशन में छोटी हुई,हालांकि MACD सिग्नल और जीरो लाइन,दोनों के ऊपर बना रहा। ये सभी इंडिकेटर बताते हैं कि बड़ा ट्रेंड पॉज़िटिव है,हालांकि मोमेंटम कम हुआ है,जिससे किसी निर्णायक ब्रेकआउट तक रेंज-बाउंड ट्रेड जारी रहने की संभावना है।

बैंक निफ्टी

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 58,132, 58,284 और 58,531

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,638, 57,486 और 57,239

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 59,195, 61,678

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 57,332, 56,465

बैंक निफ्टी ने निफ्टी से बेहतर प्रदर्शन किया। डेली टाइमफ्रेम पर पिछले दिन की रेड कैंडल के साथ बुलिश कैंडल बनाने के बाद,यह 0.85 प्रतिशत बढ़कर 58,000 के स्तर के ऊपर बंद हुआ। इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से काफी ऊपर बना रहा और शॉर्ट और मीडियम टर्म मूविंग एवरेज ऊपर की ओर बढ़ते रहे। RSI बढ़कर 63.22 पर पहुंच गया,हालांकि यह अपनी सिग्नल लाइन से नीचे ही रहा। MACD सिग्नल और जीरो,दोनों लाइनों के ऊपर बना रहा। लेकिन MACD और सिग्नल लाइन के बीच का अंतर और कम हो गया। यह बात लगातार आठवें सेशन में हिस्टोग्राम के हरे बार के सिकुड़ने से पता चलती है। ये सभी इंडिकेटर बताते हैं कि अंडरलाइंग ट्रेंड बुलिश बना हुआ है,हालांकि मोमेंटम थोड़ा धीमा हुआ है। हाल के हाई लेवल से ऊपर लगातार बने रहने पर मजबूत अपवर्ड मोमेंटम फिर से लौट सकता है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

1 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार तीसरे सेशन में ₹1,140 करोड़ के शेयर बेचे और वे नेट सेलर बने रहे। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार सातवें सेशन में भी खरीदारी जारी रखी और ₹3,159 करोड़ के शेयर खरीदे।

इंडिया VIX

मार्केट में उतार-चढ़ाव की उम्मीद को मापने वाला इंडिया VIX 2.63 प्रतिशत गिरकर 13.24 पर आ गया और सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे बना रहा। यह बाजार में लौटते भरोसे का संकेत है। हालांकि, इस वोलैटिलिटी गेज में और गिरावट आने से बुल्स को और राहत मिलेगी। कुल मिलाकर,इससे पता चलता है कि बाजार का सेंटिमेंट पॉजिटिव बना हुआ है और कम होती वोलैटिलिटी तेजी के रुझान को सपोर्ट कर रही है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 1 जुलाई को पिछले सेशन के 1.02 से बढ़कर 1.13 हो गया। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक:कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक:कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक:कोई नहीं

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

Market cues : मोमेंटम पड़ा कमजोर,शॉर्ट टर्म में 23800-24200 की रेंज में ट्रेड होने की उम्मीद

Trade setup for today : 30 जून को डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की मंथली एक्सपायरी से ठीक पहले,29 जून को निफ्टी में दूसरे हाफ में प्रॉफिट बुकिंग देखी गई और यह 0.50 फीसदी गिरकर बंद हुआ। इंडेक्स अपने शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर ट्रेड कर रहा है,इसलिए इसका अंडरलाइंग ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है। हालांकि,मोमेंटम इंडिकेटर और ऑसिलेटर एक ऐसे दौर का संकेत दे रहे हैं जिसमें बाजार में कोई खास हलचल नहीं होगी और यह एक दायरे में बना रहेगा। शॉर्ट टर्म में इंडेक्स के 23,800-24,200 की रेंज में ट्रेड करने की संभावना है। जानकारों के मुताबिक,अगर यह इस रेंज से नीचे जाता है तो बाजार पर गिरावट का दबाव बन सकता है। जबकि अगर यह वापस ऊपर आता है और इस स्तर से ऊपर बना रहता है,तो इंडेक्स 24,500-24,600 के जोन की ओर बढ़ सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 23,922, 23,876 और 23,802

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,072, 24,118 और 24,192

निफ्टी ने डेली टाइमफ्रेम पर स्मॉल अपर और लोअर शैडो के साथ एक बेयरिश कैंडल बनाई। इससे पता चलता है कि सेलिंग प्रेशर है,रुकावट के लेवल पर ब्रेकआउट फेल हो गया है और उस लेवल के आसपास इंडेक्स एक दायरे में ही घूम रहा है। इंडेक्स अपने शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर ट्रेड कर रहा था,लेकिन 100-दिन के EMA को वापस हासिल नहीं कर पाया और अप्रैल की रैली के 23.6 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल से नीचे आ गया। RSI 53.89 पर सिग्नल लाइन के करीब पहुंच गया,जबकि MACD हिस्टोग्राम पर हरा बार लगातार छठे सेशन में छोटा हो गया। इन सबसे पता चलता है कि तेजी का ट्रेंड तो बना हुआ है,लेकिन मोमेंटम कमज़ोर पड़ गया है,जिससे निकट भविष्य में रेंज-बाउंड ट्रेड की संभावना बढ़ गई है।

बैंक निफ्टी

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 58,154, 58,315 और 58,575

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,634, 57,473 और 57,213

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 59,195, 61,678

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 57,332, 56,465

बैंक निफ्टी ने डेली चार्ट पर एक’बेयरिश कैंडल’बनाई,जिससे पता चलता है कि प्रॉफिट बुकिंग हुई है और यह ऊंचे स्तरों पर टिक नहीं पाया। हालांकि, इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से काफी ऊपर बना रहा और उनमें से ज़्यादातर ऊपर की ओर ही बढ़ रहे थे। RSI 60 के लेवल से ऊपर 61.92 पर रहा,हालांकि इसमें’बेयरिश क्रॉसओवर’दिखा। MACD जीरो और सिग्नल लाइन के ऊपर बना रहा,लेकिन MACD और सिग्नल लाइन के बीच का अंतर और कम हो गया। यह हिस्टोग्राम पर दिख रही हरी पट्टी से पता चलता है,जो लगातार छठे सेशन में छोटी हुई है। इन सबसे पता चलता है कि ओवरऑल ट्रेंड तो पॉज़िटिव है,लेकिन तेज़ी का मोमेंटम कम हो रहा है,जिससे संकेत मिलता है कि जल्द ही कंसोलिडेशन या रेंज-बाउंड ट्रेडिंग का दौर आ सकता है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

29 जून को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने ₹1,350 करोड़ के शेयर बेचे और वे नेट सेलर बन गए। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार पांचवें सेशन में भी खरीदारी जारी रखी और ₹2,800 करोड़ के शेयर खरीदे।

इंडिया VIX

मार्केट में उतार-चढ़ाव की उम्मीद को मापने वाला इंडिया VIX 4.29 प्रतिशत बढ़कर 13.61 पर पहुंच गया,जिससे तेजड़ियों को थोड़ी परेशानी हुई। हालांकि,यह सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे बना रहा,जो’बुल्स’के लिए अच्छी बात है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 29 जून को पिछले सेशन के 1.06 से घटकर 0.85 हो गया। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक:कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक:कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक:कोई नहीं

 

 

HDFC बैंक ने एक्सिस बैंक के पूर्व एग्जीक्यूटिव पुनीत शर्मा को नियुक्त किया CFO, 1 दिसंबर से संभालेंगे कामकाज

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market cues : निफ्टी के 24200 के नीचे बने रहने तक कंसोलिडेशन जारी रहने की उम्मीद, 23800–23750 पर अहम सपोर्ट

Trade setup for today : 25 जून को,तेल की कम कीमतों और VIX के निचले स्तरों के बावजूद,दूसरे हाफ में प्रॉफिट बुकिंग के कारण निफ्टी 50 दिन के हाई से थोड़ा नीचे बंद हुआ। ऊपर की तरफ 24,100–24,200 का जोन निफ्टी के लिए एक अहम रेजिस्टेंस लग रहा है,क्योंकि पिछले हफ्ते यह क्लोजिंग के आधार पर इस लेवल से ऊपर टिक नहीं पाया था। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब तक निफ्टी 24,200 के नीचे ट्रेड करता रहेगा,तब तक कंसोलिडेशन जारी रह सकता है। इसके लिए 23,800–23,750 पर अहम सपोर्ट है। हालांकि,जानकारों का यह भी मानना ​​है कि अगर इंडेक्स मजबूती से 24,200 के जोन के ऊपर बंद होता है तो यह 24,500–24,600 के अगले अहम रेजिस्टेंस जोन तक पहुंच सकता है। इससे निफ्टी के 24,800 के स्तर की ओर बढ़ने का रास्ता साफ हो रहा है। एक्सपर्ट्स की होर्मुज जलडमरूमध्य में नए तनाव के बाद सावधानी बरतने की भी सलाह है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,034, 23,981 और 23,896

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,204, 24,256 और 24,341

डेली चार्ट पर निफ्टी ने एक छोटी बेयरिश कैंडल बनाई,जिसकी ऊपरी शैडो लंबी थी। इससे पता चलता है कि अहम रेजिस्टेंस लेवल पर बुल्स को रिजेक्शन का सामना करना पड़ा। इंडेक्स क्लोजिंग के आधार पर गिरती हुई रेजिस्टेंस ट्रेंडलाइन (जो 21 अप्रैल और 18 जून के हाई को जोड़ती है) के ऊपर टिक नहीं पाया। यह क्लोजिंग के आधार पर 100-दिन के EMA के ऊपर भी नहीं टिक सका,लेकिन शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज से काफी ऊपर बना रहा,जो ऊपर की ओर बढ़ रहे थे। मोमेंटम इंडिकेटर्स ने कंसोलिडेशन का संकेत दिया,क्योंकि पॉजिटिव क्रॉसओवर के बावजूद RSI 56.97 पर स्थिर रहा। लगातार पांचवें सेशन में हरे हिस्टोग्राम बार के छोटे होने से पता चलता है कि MACD और सिग्नल लाइन के बीच का अंतर और कम हो गया। यह सब पॉजिटिव रुझान के साथ लगातार कंसोलिडेशन का संकेत देता है,हालांकि रैली के अगले चरण को शुरू करने के लिए रेजिस्टेंस जोन के ऊपर एक निर्णायक ब्रेकआउट की जरूरत है।

बैंक निफ्टी

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 58,559, 58,699 और 58,927

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 58,103, 57,963 और 57,735

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 59,195, 61,678

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 57,332, 56,465

बैंक निफ्टी 27 पॉइंट्स की बढ़त के साथ दिन के हाई के पास बंद हुआ और डेली टाइमफ्रेम पर एक रेड कैंडल बनाई,जिसके ऊपरी हिस्से में एक बड़ी शैडो (upper shadow) थी। यह ऊंचे लेवल पर प्रॉफिट बुकिंग का संकेत है। इस प्रॉफिट बुकिंग के बावजूद,ओवरऑल ट्रेंड पॉजिटिव बना रहा,क्योंकि बैंकिंग इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से काफी ऊपर ट्रेड कर रहा था और शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज,मीडियम और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर बने हुए थे। RSI बढ़कर 66.60 हो गया और इसमें बुलिश क्रॉसओवर देखा गया। लगातार पांचवें सेशन में हरे हिस्टोग्राम बार के छोटे होने से पता चलता है कि MACD और सिग्नल लाइन के बीच का अंतर और कम हो गया। इन सबसे पता चलता है कि ओवरऑल ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है,हालांकि मोमेंटम थोड़ा धीमा हुआ है और निकट भविष्य में कुछ कंसोलिडेशन या रेंज-बाउंड मूवमेंट जारी रह सकता है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

25 जून को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 383 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने भी 5,747 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

इंडिया VIX

मार्केट में उतार-चढ़ाव की उम्मीद को मापने वाला इंडिया VIX निचले स्तरों और सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे बना रहा। इसमें 2.5 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 13.05 पर आ गया,जिससे बुल्स को राहत मिली। अगर यह 12 के स्तर से नीचे आता है तो बुल्स का भरोसा और बढ़ सकता है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 25 जून को पिछले सेशन के 1.21 से गिरकर 1.06 पर आ गया। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक:कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक:कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक:कोई नहीं

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

Market cues : हाल के कंसोलिडेशन के बावजूद ट्रेंड अभी भी बुल्स के पक्ष में, 24100 के ऊपर जाने पर निफ्टी में 24500 का लेवल मुमकिन

Trade setup for today : एक दिन की गिरावट के बाद निफ्टी ने अपने नुकसान का एक बड़ा हिस्सा रिकवर कर लिया और 24 जून को इसमें 0.8 प्रतिशत की बढ़त हुई। इसमें कुछ हद तक तेल की कीमतों में और गिरावट का भी योगदान रहा। हाल के कंसोलिडेशन के बावजूद,ट्रेंड अभी भी बुल्स के पक्ष में है,क्योंकि इंडेक्स मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज के ऊपर वापस आ गया है और पिछले दो सेशन में इंट्राडे आधार पर अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज को बनाए रखने में कामयाब रहा है। आगे निफ्टी को 24,100-24,200 के जोन में तत्काल रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है। अगर यह इस जोन के ऊपर मजबूती दिखाता है,तो 24,500 की तरफ बढ़ने का रास्ता खुल सकता है। हालांकि,जानकारों के मुताबिक,तब तक 23,800-23,750 का जोन निफ्टी 50 के लिए तत्काल और अहम सपोर्ट एरिया का काम करेगा।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 23,852, 23,781 और 23,666

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,082, 24,153 और 24,268

निफ्टी ने पिछले दिन की रेड कैंडल के साथ एक लंबी बुलिश कैंडल बनाई,जो डेली चार्ट पर’पियर्सिंग लाइन’जैसे पैटर्न (हालांकि पूरी तरह से क्लासिकल नहीं)जैसा दिखता है। यह बताता है कि बिकवाली का दबाव कम हो रहा है और खरीदार ट्रेंड को ऊपर ले जाने के लिए आगे आ रहे हैं। आज के सेशन में इसकी पुष्टि की जरूरत है। इंडेक्स अपने शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज से काफी ऊपर बना रहा,जबकि RSI बुलिश क्रॉसओवर के साथ बढ़कर 56.24 पर पहुंच गया। MACD भी सिग्नल और जीरो लाइन से ऊपर बना रहा,हालांकि हरा हिस्टोग्राम बार छोटा होता रहा। ये सभी बातें बुलिश मोमेंटम में सुधार का संकेत देती हैं,हालांकि इसके कन्फर्मेशन के लिए और खरीदारी (फॉलो-थ्रू बाइंग) की जरूरत है।

बैंक निफ्टी

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 58,279, 58,557 और 59,009

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,376, 57,097 और 56,646

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 59,195, 61,678

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 56,946, 56,152

बैंक निफ्टी ने न सिर्फ बेंचमार्क निफ्टी से बेहतर प्रदर्शन किया,बल्कि 1.7 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद होकर पिछले दिन हुए सारे नुकसान की भरपाई भी कर ली। डेली चार्ट पर एक लंबी बुलिश कैंडल बनी,जिसने मंगलवार की रेड कैंडल को पूरी तरह कवर कर लिया। हाल के कंसोलिडेशन के बाद यह एक मजबूत पॉजिटिव संकेत है। इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से काफी ऊपर बना रहा और लगभग चार महीनों में पहली बार 58,000 के स्तर के ऊपर बंद हुआ। शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज ऊपर की ओर बढ़ते रहे। RSI बढ़कर 66.46 हो गया,जबकि MACD सिग्नल और जीरो लाइन से ऊपर बना रहा,हालांकि लगातार चौथे सेशन में भी ग्रीन हिस्टोग्राम बार और छोटा हो गया। मोमेंटम इंडिकेटर्स में थोड़ी नरमी के बावजूद,ये सभी बातें लगातार तेजी के रुझान और मजबूत अंडरलाइंग ट्रेंड की ओर इशारा करती हैं।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

24 जून को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने ₹1,843 करोड़ के शेयर बेचे और वे नेट सेलर बने रहे। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार तीसरे सेशन में भी खरीदारी जारी रखी और ₹3,637 करोड़ के शेयर खरीदे,जिससे घरेलू बाजार को सहारा मिला।

इंडिया VIX

मार्केट में उतार-चढ़ाव की उम्मीद को मापने वाला इंडिया VIX कल 4% गिरकर 13.38 पर आ गया और सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे बना रहा, जिससे बुल्स को राहत मिली। बुल्स का भरोसा और मज़बूत करने और मार्केट में अपनी बढ़त बनाए रखने के लिए इसके 13-12 के जोन से नीचे आना जरूरी है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 24 जून को पिछले सेशन के 0.88 से बढ़कर 1.21 हो गया। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक:कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक:कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक:केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

Market cues : निफ्टी के 23750 से नीचे जाने पर बढ़ेगी गिरावट, इसके ऊपर बने रहने पर 24000-24200 का लेवल मुमकिन

Trade setup for today : 23 जून को टेक शेयरों में आई ग्लोबल गिरावट के चलते बाजार पर दबाव बना और यह 1.2 प्रतिशत गिर गया। मोमेंटम इंडिकेटर्स ने कंसोलिडेशन का संकेत दिया,लेकिन तेल की कीमतों में राहत के कारण निफ्टी अभी भी 20-डे EMA (23,750) और बोलिंगर बैंड्स की मिडलाइन (23,640) के ऊपर बना हुआ है। अगर इंडेक्स इन लेवल्स को साफ तौर पर तोड़ता है, तो मार्केट में मंदड़िए ज़ोरदार वापसी कर सकते हैं। हालांकि,इसके ऊपर बने रहने से धीरे-धीरे 24,000 के लेवल और उसके बाद 24,200 (जो एक अहम रेजिस्टेंस लेवल है) की ओर बढ़ने की संभावना बढ़ सकती है। 24,200 के ऊपर लगातार ट्रेड होने पर ही बड़ी बढ़त की उम्मीद की जा सकती है। जानकारों के मुताबिक,तब तक एक तय दायरे में ट्रेडिंग और कंसोलिडेशन का दौर जारी रह सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 23,781, 23,698 और 23,564

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,049, 24,132 और 24,265

निफ्टी ने कल एक लंबी बेयरिश कैंडल बनाई,जिसके दोनों तरफ छोटी शैडो थीं। यह उतार-चढ़ाव के बीच कमजोरी का संकेत है। इंडेक्स 100-डे EMA के नीचे बना रहा और 10-डे और 50-डे EMA के भी नीचे आ गया। हालांकि यह 20-डे EMA के ऊपर बना रहा। इंडेक्स अप्रैल की रैली के 23.6 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल के नीचे भी फिसल गया,जो 24,000 से थोड़ा ऊपर है। RSI गिरकर 51.91 पर आ गया,लेकिन रेफरेंस लाइन से ऊपर बना रहा। MACD में बुलिश क्रॉसओवर बना रहा,हालांकि MACD लाइन और सिग्नल लाइन के बीच का अंतर कम हो गया। यह हिस्टोग्राम की हल्के हरे रंग की बार्स में दिखा,जो लगातार तीसरे सेशन में छोटी होती गईं। इन सबसे पता चलता है कि ओवरऑल ट्रेंड तो पॉजिटिव है,लेकिन मोमेंटम कमजोर पड़ गया है और निकट भविष्य में कंसोलिडेशन जारी रह सकता है।

बैंक निफ्टी

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,752, 57,963 और 58,304

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,070, 56,859 और 56,519

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 59,195, 61,678

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 56,772, 56,012

बैंक निफ्टी में भी 1.3 प्रतिशत की गिरावट आई और डेली टाइमफ्रेम पर एक लंबी बेयरिश कैंडल बनी,जो 58,000 के लेवल पर रेजिस्टेंस का सामना करने के बाद कमजोरी का संकेत है। बैंकिंग इंडेक्स ने पिछले हफ्ते के निचले स्तर को बनाए रखा और सभी अहम मूविंग एवरेज से ऊपर ट्रेड करना जारी रखा। इसमें 20-डे EMA,100-डे EMA से ऊपर चला गया है और अब 200-डे EMA से ऊपर जाने की कगार पर है। RSI गिरकर 60.97 पर आ गया है और बेयरिश क्रॉसओवर की कगार पर है। MACD में तेजी का रुख बना रहा,हालांकि हल्के हरे रंग के हिस्टोग्राम बार और छोटे हो गए। इन सबसे पता चलता है कि बड़ा ट्रेंड तो पॉज़िटिव बना हुआ है,लेकिन मोमेंटम कम होने से संकेत मिलता है कि निकट भविष्य में कंसोलिडेशन हो सकता है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

23 जून को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 17 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे और वे नेट बायर रहे। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने भी बाजार को सहारा देना जारी रखा और इस दौरान 680 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

इंडिया VIX

मार्केट में उतार-चढ़ाव की उम्मीद को मापने वाले इंडिया VIX में कल 8.57% की बढ़त हुई और यह 13.94 पर पहुंच गया,जो बुल्स के लिए बेचैनी का संकेत है। बुल्स के लिए अपने कम्फर्ट जोन में बने रहने के लिए इंडेक्स का 12 के लेवल से नीचे आना जरूरी है।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 23 जून को पिछले सेशन के 0.97 से गिरकर 0.88 पर आ गया। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक:कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक:केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक:कोई नहीं

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

GIFT Nifty बाजार के फ्लैट खुलने के दे रहा संकेत, ग्लोबल बाजार में मिला-जुला ट्रेड, क्रूड की कीमतों में दबाव

सेंसेक्स और निफ्टी बुधवार को फ्लैट खुल सकते हैं, जिसे GIFT Nifty से पॉजिटिव संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों में कमी और चल रही US-ईरान शांति बातचीत को लेकर बेहतर सेंटीमेंट से सपोर्ट मिलेगा। ग्लोबल टेक्नोलॉजी स्टॉक्स में कमजोरी और US फेडरल रिजर्व के ज्यादा सख्त रुख को लेकर चिंताओं के बावजूद भारतीय बेंचमार्क इक्विटी इंडेक्स में बढ़त की संभावना है, जो रिस्क लेने की क्षमता पर असर डाल रही है।

GIFT Nifty सुबह करीब 8.22 बजे 23,820.00 पर ट्रेड कर रहा था, जो 1.50 पॉइंट्स या 0.01 परसेंट नीचे था, जो मंगलवार की तेज सेल-ऑफ के बाद घरेलू इक्विटी के लिए पॉजिटिव शुरुआत का संकेत है।

यह संकेत 23 जून को भारतीय बाज़ारों में लगभग दो हफ़्तों की सबसे बड़ी गिरावट के बाद आया है। सेंसेक्स 893.39 पॉइंट्स या 1.16 प्रतिशत गिरकर 76,200.68 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 278.80 पॉइंट्स या 1.16 प्रतिशत गिरकर 23,824.10 पर बंद हुआ। कमज़ोर ग्लोबल संकेतों और US-ईरान शांति बातचीत को लेकर अनिश्चितता ने सेंटिमेंट पर असर डाला, जबकि निवेशकों ने टेक्नोलॉजी शेयरों में निवेश कम करना जारी रखा।

ओपनिंग बेल से पहले ग्लोबल बाज़ार मिले-जुले रहे

टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर शेयरों में बिकवाली के एक और दौर से वॉल स्ट्रीट रात भर तेज़ी से नीचे बंद हुआ। नैस्डैक कंपोजिट 2.21 प्रतिशत गिरा, जबकि S&P 500 1.44 प्रतिशत गिरकर एक हफ़्ते से ज़्यादा के निचले स्तर पर आ गया। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज काफ़ी मज़बूत था, जो सिर्फ़ 0.09 प्रतिशत गिरा।

इन्वेस्टर्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ते डेट-फंडेड खर्च और इस बात की संभावना को लेकर चिंतित थे कि US फेडरल रिजर्व इस साल के आखिर में और सख्त रुख अपना सकता है। सेमीकंडक्टर स्टॉक्स में बिकवाली का सबसे ज़्यादा असर पड़ा क्योंकि इन्वेस्टर्स ने महीनों की अच्छी बढ़त के बाद वैल्यूएशन का फिर से आकलन किया।

हालांकि, बुधवार को एशियाई मार्केट्स में स्थिरता के संकेत दिखे। जापान के बाहर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा इंडेक्स थोड़ा बदला, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी मंगलवार की 10 परसेंट की तेज गिरावट के बाद 2.2 परसेंट उछला। जापान का निक्केई बढ़त और गिरावट के बीच ऊपर-नीचे होता रहा और आखिरी बार थोड़ा नीचे ट्रेड कर रहा था।

कच्चे तेल की कीमतों में हालिया गिरावट जारी रही, जिससे भारत जैसी तेल इंपोर्ट करने वाली अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक बड़ी पॉजिटिव बात सामने आई। ब्रेंट क्रूड $76.7 प्रति बैरल के करीब ट्रेड कर रहा था, जबकि US क्रूड $73 प्रति बैरल से नीचे था। दोनों बेंचमार्क अब चार महीने के सबसे निचले स्तर के करीब ट्रेड कर रहे हैं क्योंकि US-ईरान बातचीत में प्रगति और होर्मुज स्ट्रेट के ज़रिए टैंकर ट्रैफिक फिर से शुरू होने से सप्लाई में रुकावटों की चिंता कम हो गई है। क्रूड ऑयल की कीमतों में तेज़ गिरावट भारतीय इक्विटीज़ के लिए सबसे मज़बूत सपोर्ट में से एक बनकर उभरी है।

निफ्टी के लिए 24,000 पर सबसे बड़ी रुकावट 

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर के मुताबिक, घरेलू मार्केट ग्लोबल इक्विटीज़ में कमज़ोरी के मुकाबले पॉज़िटिव जियोपॉलिटिकल डेवलपमेंट को बैलेंस कर रहा है। उन्होंने कहा, “US-ईरान शांति बातचीत में प्रोग्रेस से सुधर रहे सेंटिमेंट को ग्लोबल टेक्नोलॉजी स्टॉक्स में कमज़ोरी और US फेडरल रिज़र्व के ज़्यादा सख्त रुख को लेकर चिंताओं से बैलेंस किया जा रहा है।” US-ईरान शांति बातचीत में लगातार प्रोग्रेस हो रही है, जिससे ग्लोबल एनर्जी सप्लाई में संभावित रुकावटों को लेकर चिंताओं को कम करने में मदद मिल रही है। हालांकि, उन्होंने आगे कहा कि जब तक कोई फॉर्मल एग्रीमेंट फाइनल और लागू नहीं हो जाता, तब तक इन्वेस्टर्स के सावधान रहने की संभावना है।

ग्लोबल डेवलपमेंट के अलावा, मार्केट पार्टिसिपेंट्स मॉनसून की प्रोग्रेस पर भी करीब से नज़र रख रहे हैं। कई इलाकों में बारिश की कमी ने एग्रीकल्चरल आउटपुट, फ़ूड इन्फ्लेशन और रूरल डिमांड को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं, जिससे आने वाले हफ़्तों में मॉनसून ट्रेंड्स मार्केट के लिए एक ज़रूरी वेरिएबल बन गए हैं।

मंगलवार के तेज़ करेक्शन के बावजूद इंस्टीट्यूशनल फ्लो सपोर्टिव रहे। फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) 23 जून को मार्जिनल नेट बायर्स बने, उन्होंने 17 करोड़ रुपये के इक्विटी खरीदे, जबकि डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DIIs) ने 680 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

टेक्निकल नज़रिए से, पोनमुडी ने कहा कि 24,000 के निशान से नीचे जाने के बाद निफ्टी पर दबाव बना हुआ है। अभी सबसे बड़ी रुकावट 24,000 पर है, और इस लेवल से ऊपर लगातार बढ़ने से बुलिश मोमेंटम फिर से आ सकता है और 24,100-24,200 ज़ोन की ओर रिकवरी का रास्ता खुल सकता है। नीचे की तरफ, 23,800 एक ज़रूरी सपोर्ट लेवल बना हुआ है। इस ज़ोन से नीचे एक बड़ा ब्रेक नया सेलिंग प्रेशर पैदा कर सकता है और इंडेक्स को 23,600 के लेवल पर ले जा सकता है।

Asian Market Today: एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार, 1 दिन में 10% की गिरावट के बाद 3.65% चढ़ा कोस्पी

Share Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, मजबूत हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Prediction Today: गिफ्ट निफ्टी दे रहा भारतीय बाजार के फ्लैट खुलने के संकेत, US-ईरान वार्ता और फेड रेट आउटलुक पर इन्वेस्टर्स की नजर

Market Prediction Today: US-ईरान शांति समझौते को लेकर सावधानी के बीच, ग्लोबल मार्केट से मिले-जुले संकेतों को देखते हुए, भारतीय स्टॉक मार्केट के बेंचमार्क इंडेक्स, सेंसेक्स और निफ्टी 50, मंगलवार को फ्लैट खुलने की संभावना है। GIFT Nifty के ट्रेंड भी भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स के लिए धीमी शुरुआत का संकेत दे रहे है। गिफ्ट निफ्टी 24,130 के लेवल के आसपास ट्रेड कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले क्लोज से लगभग 6 पॉइंट्स का प्रीमियम है।

सोमवार को, US-ईरान शांति वार्ता में प्रोग्रेस की खबरों के बीच भारतीय स्टॉक मार्केट बढ़त के साथ बंद हुआ, जिसमें बेंचमार्क निफ्टी 50 24,100 के लेवल से ऊपर बंद हुआ।सेंसेक्स 291.17 पॉइंट्स या 0.38% बढ़कर 77,094.07 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 89.80 पॉइंट्स या 0.37% बढ़कर 24,102.90 पर बंद हुआ।

ओपनिंग बेल से पहले ग्लोबल संकेत मिले-जुले रहे

वॉल स्ट्रीट रात भर नीचे बंद हुआ, जिसमें टेक्नोलॉजी स्टॉक्स दबाव में रहे। नैस्डैक कंपोजिट 1.32 परसेंट गिरा और S&P 500 0.37 परसेंट गिरा, जिसकी वजह अल्फाबेट समेत बड़े टेक्नोलॉजी नामों में गिरावट रही। हालांकि, हेल्थकेयर और इंडस्ट्रियल स्टॉक्स में बढ़त से डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.29 परसेंट बढ़ा।

मंगलवार को एशियाई मार्केट भी धीमे रहे। जापान के बाहर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा इंडेक्स 0.5 परसेंट गिरा, जबकि जापान का निक्केई 0.6 परसेंट फिसला। साउथ कोरिया का कोस्पी लगभग 2 परसेंट गिरा, हालांकि ताइवानी इक्विटीज़ ने नई ऊंचाई को छुआ। इस साल के आखिर में फेडरल रिजर्व के और रेट बढ़ाने की बढ़ती उम्मीदों के बीच इन्वेस्टर सावधान रहे।

इस बीच, पिछले सेशन में तेज गिरावट के बाद कच्चे तेल की कीमतें बढ़ीं। ब्रेंट क्रूड लगभग $78 प्रति बैरल तक पहुंच गया, जबकि US क्रूड $74 प्रति बैरल से ऊपर ट्रेड कर रहा था, क्योंकि इन्वेस्टर US-ईरान बातचीत में प्रोग्रेस का अंदाज़ा लगा रहे थे और होर्मुज स्ट्रेट से तेल के फ्लो की बहाली पर ज़्यादा क्लैरिटी का इंतज़ार कर रहे थे।

यह उछाल सोमवार को तेल की कीमतों में 3 परसेंट से ज़्यादा की गिरावट के बाद आया है, जब अमेरिका ने ईरान को 60 दिन के बैन से छूट दी और अधिकारियों ने डिप्लोमैटिक बातचीत में प्रोग्रेस पर ज़ोर दिया। इस बढ़ोतरी के बावजूद, क्रूड तेल लड़ाई के पीक के दौरान देखे गए लेवल से काफी नीचे है, जो भारत जैसी तेल इंपोर्ट करने वाली इकॉनमी के लिए एक सपोर्टिव बैकग्राउंड देता है।

क्या कहते है बाजार एक्सपर्ट

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर के मुताबिक, डिप्लोमैटिक डेवलपमेंट सेंटीमेंट को सपोर्ट कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “भारतीय बाज़ारों में सावधानी से पॉज़िटिव रुझान के साथ ट्रेड करने की उम्मीद है क्योंकि US-ईरान बातचीत में डिप्लोमैटिक प्रोग्रेस से इन्वेस्टर सेंटिमेंट को सपोर्ट मिल रहा है। US वाइस प्रेसिडेंट के इस कमेंट से कि प्रस्तावित एग्रीमेंट को फ़ाइनल करने के लिए ‘अच्छी नींव’ है, इस उम्मीद को और मज़बूत किया है कि बातचीत कंस्ट्रक्टिव रास्ते पर है, जिससे मिडिल ईस्ट में एक स्थायी समाधान की उम्मीदें बढ़ रही हैं।”

जियोपॉलिटिक्स के अलावा, इन्वेस्टर ट्रेड के मोर्चे पर भी डेवलपमेंट पर नज़र रखेंगे। US ट्रेड रिप्रेज़ेंटेटिव जैमीसन ग्रीर के इस हफ़्ते कॉमर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल के साथ बातचीत के लिए भारत आने की उम्मीद है, क्योंकि दोनों देश बाइलेटरल ट्रेड एग्रीमेंट की दिशा में काम कर रहे हैं। टैरिफ़ में छूट या बड़े ट्रेड सहयोग पर कोई भी प्रोग्रेस मार्केट सेंटिमेंट को और सपोर्ट कर सकती है।

एफआईआई फ्लो मिला-जुला

इंस्टीट्यूशनल फ़्लो मिले-जुले रहे। 22 जून को फ़ॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर (FII) नेट सेलर थे, जिन्होंने Rs 635 करोड़ के इक्विटी बेचे। डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर (DII) ने Rs 1,000 करोड़ के शेयर खरीदकर सपोर्ट देना जारी रखा।

टेक्निकल मोर्चे पर, पोनमुडी ने कहा कि निफ्टी ज़रूरी सपोर्ट लेवल से ऊपर एक कंस्ट्रक्टिव स्ट्रक्चर बनाए हुए है। अभी की रुकावट 24,200 का निशान है, और इस लेवल से ऊपर लगातार ब्रेकआउट 24,400 की ओर बढ़ने का रास्ता बना सकता है। नीचे की तरफ, 24,000-23,900 ज़ोन एक ज़रूरी सपोर्ट एरिया बना हुआ है। इस रेंज से नीचे ब्रेक होने पर नई प्रॉफ़िट बुकिंग शुरू हो सकती है और इंडेक्स 23,800 की ओर जा सकता है।

 

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।