Market Outlook : भारतीय इक्विटी इंडेक्स मामूली गिरावट के साथ हुए बंद, जानिए 17 अगस्त को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : 14 अगस्त को उतार-चढ़ाव भरे ट्रेडिंग सेशन में भारतीय इक्विटी इंडेक्स मामूली गिरावट के साथ बंद हुए हैं। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 70.71 अंक या 0.09 प्रतिशत गिरकर 78,009.25 पर और निफ्टी 29.85 अंक या 0.12 प्रतिशत गिरकर 24,366 पर बंद हुआ। आज लगभग 1855 शेयरों में बढ़त हुई,2244 शेयरों में गिरावट आई और 174 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। निफ्टी में सबसे ज़्यादा बढ़त वाले शेयरों में अपोलो हॉस्पिटल्स,भारती एयरटेल,अदाणी एंटरप्राइजेज,अदाणी पोर्ट्स और विप्रो शामिल रहे। जबकि गिरावट वाले शेयरों में टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल,जियो फाइनेंशियल,ONGC,हिंडाल्को और SBI शामिल रहे।

सेक्टरों की बात करें तो ऑटो,एनर्जी,FMCG,मेटल,फार्मा और रियल्टी में 0.3-1% की गिरावट आई,जबकि कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और मीडिया में लगभग 1% की बढ़त हुई। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.5 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.7 प्रतिशत की गिरावट आई।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ़ रिसर्च,विनोद नायर का कहना है कि आज मार्केट में कम उतार-चढ़ाव देखने को मिला। निवेशक की नजर एनर्जी की कीमतों और ग्लोबल बॉन्ड यील्ड के आउटलुक पर लगी हुई है। हालांकि,कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और डिस्क्रिशनरी कंजम्पशन स्टॉक्स की अगुवाई में मार्केट दिन के निचले स्तरों से रिकवरी हुआ, जिसे बेहतर डिमांड ट्रेंड्स का भी सपोर्ट मिला।

इस तिमाही में उम्मीद से बेहतर नतीजों और घरेलू सपोर्टिव फैक्टर्स(जिनसे FY27 के अर्निंग अनुमानों में बढ़ोतरी हो सकती है) की वजह से बॉटम-अप स्टॉक सिलेक्शन अप्रोच के लिए मौके बन रहे हैं।

इसके अलावा,रुपये में स्थिरता,भारत की 10-साल की बॉन्ड यील्ड में गिरावट और FII की खरीदारी में धीरे-धीरे सुधार से घरेलू मैक्रो-एनवायरनमेंट को सपोर्ट मिल रहा है और महंगाई की स्थिति भी बेहतर हो रही है।

17 अगस्त को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि निफ्टी में एक और दिन सुस्त ट्रेडिंग देखने को मिली। ट्रेडर्स वीकेंड से पहले किसी खास दिशा में पोजीशन लेने से बचते दिखे। निफ्टी थोड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ,लेकिन 20EMA के ठीक ऊपर रहा और मोटे तौर पर अपनी शॉर्ट-टर्म मजबूती बनाए रखने में कामयाब रहा।

मोमेंटम इंडिकेटर RSI और कमजोर होने लगा है और बेयरिश क्रॉसओवर ओवरसोल्ड जोन की ओर बढ़ रहा है। कुल मिलाकर,सेंटीमेंट कमजोर बना हुआ है और 24,180 के स्तर तक और गिरावट की संभावना है। ऊपरी स्तर पर 24,400 का लेवल निफ्टी के लिए एक अहम रेजिस्टेंस का काम कर सकता है।

SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च हेड ,सुदीप शाह का कहना है कि आगे निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 24500-24550 के जोन में नजर आ रहा है। अगर निफ्टी इस जोन के ऊपर टिकता है तो यह 24700 और उसके बाद शॉर्ट टर्म में 24850 तक जा सकता है। नीचे की तरफ,निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 24230-24200 के जोनन में है,जो 100 डे EMA के लेवल के पास ही है।

HDFC सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी ने कहा कि शुक्रवार को मार्केट में एक छोटे दायरे में उतार-चढ़ाव और कंसोलिडेशन का दौर जारी रहा। अंत में निफ्टी 29 अंक गिरकर बंद हुआ। ओवरऑल चार्ट पैटर्न से पता चलता है कि पिछले 9 सेशन से मार्केट में धीरे-धीरे कमजोरी बढ़ती जा रही है।

पिछले हफ्ते हाई लेवल पर डोजी टाइप का वीकली पैटर्न बनने के बाद इस हफ्ते निफ्टी के वीकली चार्ट पर एक साफ नेगेटिव कैंडल बनी है। यह 24500-24600 के अहम रेजिस्टेंस लेवल के पास ऊपर की ओर एक फॉल्स ब्रेकआउट का संकेत है।

पिछले कुछ महीनों में लगातार हायर बॉटम बनते हुए देखे गए हैं। अभी दिख रही कमजोरी नए हायर बॉटम बनने की प्रक्रिया का हिस्सा हो सकती है। इसलिए,आने वाले सेशन में कुछ और कंसोलिडेशन की संभावना है। अगर यहां से और कमजोरी आती है तो निफ्टी जल्द ही 24200-24000 के अगले निचले सपोर्ट लेवल तक गिर सकता है। फिलहाल 24500 के लेवल पर तत्काल रेजिस्टेंस दिख रहा है।

बैंक निफ्टी का आउटलुक

सुदीप शाह ने कहा बैंक निफ्टी ने शुरुआती कमजोरी को पीछे छोड़ते हुए बढ़त बनाई,लेकिन 57,681 के आसपास उसे रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ा और फिर यह नीचे गिरकर 57,380 के इंट्राडे निचले स्तर पर आ गया। सेशन के दूसरे हिस्से में निचले स्तरों से आई रिकवरी ने इंडेक्स को अपने शुरुआती नुकसान की कुछ भरपाई करने में मदद की और बैंक निफ्टी 0.25% की गिरावट के साथ 57,491 पर बंद हुआ।

इंडेक्स ने दोनों तरफ विक्स वाली एक छोटी बॉडी वाली कैंडल बनाई। यह बाजार में अनिश्चितता का संकेत है। फ्लैट RSI और ADX मजबूत डायरेक्शनल मोमेंटम और उतार-चढ़ाव की कमी का संकेत देते हैं,जिससे पता चलता है कि इंडेक्स अभी भी कंसोलिडेशन के दौर में है।

आगे की बात करें तो बैंक निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 57900-58000 के जोन में है। अगर यह इस जोन के ऊपर टिकता है तो बैंक निफ्टी का यह पुलबैक 58400 और उसके बाद शॉर्ट टर्म में 58800 तक बढ़ सकता है। नीचे की तरफ,बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 57100-57000 के जोन में है।

 

Trading plan: बाजार कह रहा है कुछ दिन ट्रेडिंग ना करें, एकदम पक्का भरोसा मिले तभी करें ट्रेड

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Outlook : बेंचमार्क इंडेक्स लगातार तीसरे सेशन में बढ़त के साथ हुए बंद, जानिए 3 अगस्त को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : 31 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स लगातार तीसरे सेशन में बढ़त के साथ बंद हुए है। फाइनेंशियल,ऑटो और कुछ दिग्गज शेयरों में तेजी की वजह से निफ्टी 24,350 के स्तर के ऊपर बंद हुआ। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 166.49 अंक या 0.21 प्रतिशत बढ़कर 78,094.64 पर और निफ्टी 66.45 अंक या 0.27 प्रतिशत बढ़कर 24,383.60 पर बंद हुआ। आज लगभग 2444 शेयरों में बढ़त हुई,1607 शेयरों में गिरावट आई और 185 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी पर बजाज फाइनेंस,बजाज फिनसर्व,जियो फाइनेंशियल,M&M और अदाणी पोर्ट्स सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयर रहे। जबकि TCS,एटरनल,मैक्स हेल्थकेयर, इंफोसिस और विप्रो सबसे ज्यादा गिरावट वाले शेयरों में शामिल रहे।

सेक्टोरल परफॉर्मेंस काफी हद तक पॉजिटिव रही। निफ्टी मीडिया सबसे अधिक बढ़त वाला सेक्टर रहा। इसमें 2% की तेजी आई। इसके बाद निफ्टी ऑटो (1.6%),निफ्टी ऑयल एंड गैस (1%),निफ्टी एनर्जी (1%),निफ्टी फार्मा (0.7%),निफ्टी इंफ्रा (0.7%)और निफ्टी PSU बैंक (0.5%) रहे। दूसरी ओर,निफ्टी IT में 1.5% की गिरावट आई,जिससे यह सबसे खराब परफॉर्मेंस वाला सेक्टर बन गया,जबकि निफ्टी FMCG में 1% की गिरावट आई। ब्रॉडर मार्केट ने बेंचमार्क से बेहतर प्रदर्शन किया। इसके चलते निफ्टी मिडकैप 100 और स्मॉलकैप 100 में 0.4% की बढ़त हुई।

आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल?

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च, विनोद नायर का कहना है कि आज भी बाजार में तेजी का रुख बना रहा,हालांकि ऊपरी स्तरों पर कुछ मुनाफावसूली भी देखने को मिली। हाई बॉन्ड यील्ड और ब्याज दरें बढ़ने की आशंकाओं के बीच निवेशक सतर्क नजर आए रहे। बाजार की यह रिकवरी कितनी टिकाऊ होगी यह मुख्य रूप से इस बात पर निर्भर करेगा कि कंपनियों के नतीजों के दौर कैसा रहता है। हालांकि,अभी तक अनुमान से बेहतक नतीजे आ रहे हैं। इसके साथ साथ ही ग्लोबल रिस्क फैक्टर भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।

बोनान्ज़ा में रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी का कहना है कि विदेशी निवेशकों की वापसी,कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और मज़बूत ग्लोबल सेंटीमेंट के कारण बाजार का आउटलुक पॉजिटिव बना हुआ है। आगे बाजार की दिशा तय करने में पहली तिमाही के नतीजे और पश्चिम एशिया एशिया की स्थितियां अहम भूमिका निभाएंगी।

SBI सिक्योरिटीज में हेड, टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च सुदीप शाह का कहना है कि आगे निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 24450-24500 जोन में है। अगर निफ्टी इस जोन के ऊपर टिकता है तो यह शॉर्ट टर्म में 24650 और उसके बाद 24800 तक बढ़ सकता है। दूसरी ओर,निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 24150-24100 जोन में है।

LKP सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे की राय है कि आज निफ्टी दिन भर ज्यादातर हरे निशान में ही रहा। इसने ऑवरली टाइमफ़्रेम पर अहम मूविंग एवरेज से ऊपर अपनी मजबूती बनाए रखी,जिससे शॉर्ट टर्म के लिए पॉज़िटिव ट्रेंड की पुष्टि होती है। हालांकि,मोमेंटम की कमी दिख रही है क्योंकि कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और मिडिल ईस्ट में अनिश्चित हालात के कारण ट्रेडर्स सतर्क हैं।

इसके बावजूद,कुल मिलाकर ट्रेंड पॉज़िटिव बना हुआ है,क्योंकि इंडेक्स डेली चार्ट पर 50 EMA से ऊपर बना हुआ है। नीचे की तरफ़,शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स के लिए तत्काल सपोर्ट 24,200 पर है। ऊपर की तरफ, रेजिस्टेंस 24,500 पर दिख रहा है।

HDFC सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी का कहना है कि शुक्रवार को निफ्टी में लगातार तीसरे सेशन में भी तेजी कायम रही और यह 66 अंक ऊपर बंद हुआ। डेली चार्ट पर अपर और लोअर शैडो (shadow)वाली एक स्मॉल पॉजिटिव कैंडल बनी। टेक्निकल नज़रिए से मार्केट की यह चाल ऊपरी स्तरों पर ‘हाई वेव’ या ‘डोजि’जैसे कैंडल पैटर्न के बनने का संकेत देती है,जो रेजिस्टेंस वाले स्तरों पर मार्केट में थोड़ी अस्थिरता (volatility) का संकेत है।

निफ्टी अभी 24350-24400 के अहम रेजिस्टेंस जोन (8 जुलाई का पिछला ओपनिंग डाउन गैप,17 जुलाई का पिछला स्विंग हाई और 200-डे EMA) के आसपास है। इसलिए,किसी बड़े ब्रेकआउट से पहले रेजिस्टेंस के आसपास कंसोलिडेशन या थोड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है।

निफ्टी का मेन ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है। अगर यह 24400 के ऊपर टिकता है,तो जल्द ही इसमें 24600-24700 के स्तर देखने को मिल सकते है। वहीं, नीचे की तरफ सपोर्ट 24200 पर है।

बैंक निफ्टी व्यू

सुदीप शाह का कहना है कि बैंक निफ्टी गैप-डाउन के साथ खुला और सेशन के पहले हिस्से में इसमें गिरावट जारी रही,जिससे यह 56,769 के इंट्राडे निचले स्तर तक पहुंच गया। हालांकि,निचले स्तरों से अच्छी-खासी खरीदारी देखने को मिली। इसके चलते इंडेक्स अपने ज्यादातर नुकसान की भरपाई करने में कामयाब रहा। आखिर में यह 0.10% की गिरावट के साथ 57,148 पर बंद हुआ।

पिछले चार ट्रेडिंग सेशन के दौरान बैंक निफ्टी 57,330–56,672 की रेंज में ही घूम रहा है,जिससे पता चलता है कि इंडेक्स सीमित दायरे में बना हुआ है। बैंक निफ्टी अपने 20-डे और 50-डे EMA के बीच ऊपर-नीचे हो रहा है,जो किसी साफ दिशा वाले ट्रेंड का अभाव दिखाता है। RSI भी सपाट हो गया है,जिससे पता चलता है कि तेजी या मंदी का कोई मजबूत मोमेंटम नहीं है। वहीं,ADX भी सपाट बना हुआ है,जो कमजोर ट्रेंड और कम उतार-चढ़ाव (volatility) का संकेत है।

आगे बैंक निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 57500-57600 जोन में है। अगर यह इस जोन के ऊपर टिकता है,तो इसमें में 58000 और उसके बाद शॉर्ट टर्म में 58400 तक की बढ़त देखने को मिल सकती है। वहीं,नीचे की तरफ बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 56700-56600 के जोन में है।

 

Trading Strategy : निचले स्तरों से तेजड़ियों ने की जोरदार वापसी, जानिए अब सोमवार के लिए क्या हो ट्रेंडिंग रणनीति

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Outlook : हल्की बढ़त के साथ बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 31 जुलाई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : 30 जुलाई को उतार-चढ़ाव भरे सेशन में भारतीय इक्विटी इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए हैं। निफ्टी 24,300 के ऊपर टिके रहने में कामयाब रहा है। ट्रेडिंग सेशन के अंत में सेंसेक्स 273.55 अंक या 0.35 प्रतिशत बढ़कर 77,928.15 पर और निफ्टी 66.95 अंक या 0.28 प्रतिशत बढ़कर 24,317.15 पर बंद हुआ। मार्केट ब्रेथ कमजोर रही है। आज लगभग 1620 शेयरों में बढ़त हुई, 2408 शेयरों में गिरावट आई और 188 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज्यादा बढ़त M&M, आयशर मोटर्स, मारुति सुजुकी, कोल इंडिया और टेक महिंद्रा के शेयरों में दिखी। जबकि गिरावट वाले शेयरों में अदाणी पोर्ट्स, श्रीराम फाइनेंस, HDFC लाइफ, अल्ट्राटेक सीमेंट और जियो फाइनेंशियल शामिल रहे।

सेक्टोरल इंडेक्स में निफ्टी ऑटो सबसे ज्यादा बढ़त वाला इंडेक्स रहा। इसमें 1.6% की तेजी आई। दूसरी ओर निफ्टी रियल्टी में सबसे ज्यादा गिरावट आई। यह आज 2% नीचे गिर कर बंद हुआ है।

ब्रॉडर इंडेक्स ने बेंचमार्क से कमजोर प्रदर्शन किया। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.4 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.6 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ रिसर्च, विनोद नायर का कहना है कि यूएस फेड का ब्याज दरों में कोई बदलाव न करने का फैसला काफी हद तक उम्मीद के मुताबिक ही रहा। लेकिन महंगाई को कंट्रोल करने पर लगातार जोर दिए जाने की वजह से सख्त रुख (hawkishness) बना रहा। US बॉन्ड यील्ड में तेज बढ़ोतरी ने निकट भविष्य में ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी के बढ़ते दबाव का संकेत दिया, जिससे ग्लोबल निवेशक सतर्क नजर आए। वहीं, पश्चिम एशिया में तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने बाजार में अनिश्चितता को और बढ़ा दिया।

इसके चलते घरेलू इक्विटी बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद इंडेक्स एक दायरे में बना रहा, क्योंकि निवेशक मजबूत घरेलू फंडामेंटल और ग्लोबल चुनौतियों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करते दिखे। इसके बावजूद, FII के बढ़ते निवेश, मज़बूत होते रुपये और Q1FY27 के अच्छे नतीजों ने बाजार का मूड सुधारा और निवेशकों ने गिरावट में चुनिंदा क्वालिटी शेयरों में खरीदारी की।

निफ्टी व्यू

कोटक सिक्योरिटीज में हेड इक्विटी रिसर्च श्रीकांत चौहान ने कहा कि आज सेंसेक्स-निफ्टी में तेजी का रुख कायम रहा। कारोबार के अंत में निफ्टी 67 अंक ऊपर और सेंसेक्स 274 अंक चढ़कर बंद हुआ। सेक्टर के हिसाब से देखें तो ऑटो इंडेक्स में सबसे अधिक तेजी देखने को मिली और यह 1.76% से ज्यादा की बढ़त लेकर बंद हुआ। वहीं, दूसरी तरफ रियल्टी इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट आई और यह 2% टूट कर बंद हुआ।

टेक्निकल नजरिए से देखें तो सुस्त शुरुआत के बाद भी बाजार पूरे दिन 20-डे SMA (सिंपल मूविंग एवरेज) के ऊपर बना रहा। यह एक काफी अच्छा संकेत है। इसके अलावा, डेली चार्ट पर बुलिश कैंडल और इंट्राडे चार्ट पर अपट्रेंड जारी रहने का पैटर्न यह संकेत देता है कि मौजूदा लेवल से और तेजी आने की अच्छी संभावना है।

ट्रेंड को फॉलो करने वाले ट्रेडर्स के लिए अब निफ्टी में 24,200 का लेवल एक अहम सपोर्ट लेवल का काम करेगा। इसके ऊपर टिके रहने पर अपट्रेंड जारी रहने की उम्मीद है। ऊपर की तरफ, यह तेज़ी 24,450-24,500 तक जा सकती है। दूसरी ओर, 24,200 के नीचे जाने पर अपट्रेंड कमजेर पड़ सकता है। इस लेवल के नीचे, ट्रेडर्स अपनी लॉन्ग पोजीशन काट सकते हैं।

बैंक निफ्टी व्यू

LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट,वत्सल भुवा का कहना है कि बैंक निफ्टी अभी भी एक ‘कंजेशन ज़ोन’ में फंसा हुआ है। इसके साथ ही यह इंडेक्स डेली और आवरली चार्ट पर अहम मूविंग एवरेज के बीच ट्रेड कर रहा है। बैंक निफ्टी के लिए 56,500 के लेवल पर मजबूत सपोर्ट है, जो 50-DMA के पास स्थित है, जबकि 57,500 के पास 200-DMA के एक बड़े रेजिस्टेंस के तौर पर काम करने की उम्मीद है। इंडेक्स में कुछ और कंसोलिडेशन देखने को मिल सकता हैं। ऐसे में लेवल-बेस्ड ट्रेडिंग अप्रोच अपनाना सही रहेगा। जब तक कोई साफ ब्रेकआउट नहीं होता, तब तक ट्रेडर्स सपोर्ट जोन के पास खरीदारी करने और प्रॉफिट बुक करने या रेजिस्टेंस जोन के पास शॉर्ट पोजीशन लेने की रणनीति अपना सकते हैं।

 

Trading plan : अब निफ्टी में थोड़ा रिस्क, चाहें तो इन लेवल्स पर थोड़ा प्रॉफिट बुक करें

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Outlook: अच्छी बढ़त लेकर बंद हुआ बाजार, जानिए 30 जुलाई को कैसी रह सकती है सेंसेक्स-निफ्टी की चाल

Market Outlook : 29 जुलाई को भारतीय इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स अच्छी बढ़त लेकर बंद हुए हैं। IT,मेटल,बैंकिंग और FMCG शेयरों की अगुवाई में बाजार में व्यापक स्तर की तेजी देखने को मिली है। इसके चलते निफ्टी 24,200 के ऊपर बंद होने में कामयाब रहा है।

ट्रडिंग सेशन के अंत में सेंसेक्स 888.68 अंक या 1.16 फीसदी बढ़कर 77,654.60 पर और निफ्टी 264.85 अंक या 1.10 फीसदी बढ़कर 24,250.20 पर बंद हुआ। आज लगभग 2460 शेयरों में बढ़त देखने को मिली। वहीं, 1597 शेयर लाल निशान में बंद हुए। वहीं, 177 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी इंडेक्स में शामिल शेयरों की बात करें तो जियो फाइनेंशियल सर्विसेज,हिंदुस्तान यूनिलीवर,इंफोसिस,हिंडाल्को इंडस्ट्रीज और लार्सन एंड टुब्रो(L&T)सबसे ज़्यादा बढ़त लेकर बंद होने वाले शेयरों में रहे। जबकि, अदाणी पोर्ट्स एंड SEZ,महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M),पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन,आयशर मोटर्स और HDFC लाइफ इंश्योरेंस निफ्टी के टॉप लूजरों में रहे।

सेक्टोरल इंडेक्सों की बात करें तो रियल्टी को छोड़कर सभी इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। IT,मीडिया,मेटल,फार्मा,टेलीकॉम,प्राइवेट बैंक,FMCG और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स में 1-2% की बढ़त देखने को मिली।

छोटे-मझोले शेयरों में भी अच्छी खरीदारी आई। इसके चलते निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.8% और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 1.5% की बढ़त लेकर बंद हुए।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ़ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि भारत में AI से जुड़े ट्रेड के कम होने से FII के आने की संभावना मजबूत हो रही है। ग्लोबल निवेशकों का चिप शेयरों से मोह भंग हो रहा है। इस बीच,पश्चिम एशिया में फिर से तनाव बढ़ने के कारण कच्चे तेल की कीमतों में दिन के दौरान थोड़ी बढ़त के बावजूद,पूरे हफ्ते तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। इससे महंगाई की चिंताएं कम हुई हैं। साथ ही ग्रोथ और ऑपरेशनल लागत के आउटलुक में सुधार हुआ है।

घरेलू मार्केट की बात करें उम्मीद से बेहतर IIP डेटा ने बाज़ार को राहत दी है। इससे निवेशकों में जोश देखने को मिला है।आज की तेजी में IT और मेटल स्टॉक का अहम योगदान रहा। अब बाजार की नजरें आज रात आने वाले US फेड पॉलिसी पर है। बाजार की आम धारणा है कि अमेरिका में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं होगा। इसके भारतीय बाज़ारों पर कोई खास असर पड़ने की संभावना नहीं है,क्योंकि इसको ज़्यादातर असर को पहले ही पचा लिया है।

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे की राय है कि डेली टाइमफ्रेम पर कुछ समय तक एक ही रेंज में रहने के बाद इंडेक्स में आज बढ़त देखने को मिली। RSI में बुलिश क्रॉसओवर हुआ है। इसके अलावा,निफ्टी 50 EMA के ऊपर बना हुआ है। ऑवरली चार्ट पर,इंडेक्स ने 200 DMA का स्तर भी फिर से हासिल कर लिया है। यह शॉर्ट में मजबूती आने का संकेत है। शॉर्ट टर्म में निफ्टी के मजबूत बने रहने और इसके 24,450–24,500 के स्तर तक जाने की संभावना है। नीचे की तरफ इसके लिए 24,100 पर सपोर्ट है। अगर इंडेक्स इस सपोर्ट को तोड़ता है तो सेंटीमेंट कमजोर हो सकता है,जिससे यह 23,950 के स्तर तक गिर सकता है।

कोटक सिक्योरिटीज के इक्विटी रिसर्च हेड श्रीकांत चौहान का कहना है कि अब निफ्टी के लिए 20 डे SMA या 24,100 और उसके 24,150 का स्तर अहम सपोर्ट जोन का काम करेगा। जब तक निफ्टी इस लेवल से ऊपर टिका रहेगा, तब तक तेजी जारी रहने की उम्मीद है। ऊपर की तरफ निफ्टी 24,400-24,500 तक जा सकता है। हालांकि,24,100 के नीचे आने अपट्रेंड कमज़ोर पड़ सकता है। इस स्तर के नीचे आने पर ट्रेडर्स अपनी लॉन्ग पोजीशन से बाहर निकल सकते हैं।

 

 

Trading Plan : अगस्त सीरीज का शानदार आगाज, जानिए कल के लिए क्या हो ट्रेडिंग रणनीति

 

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Adani Ports Q1 Result: 10% उछलकर मुनाफा पहुंचा ₹3650 करोड़ पर, रेवेन्यू में जोरदार तेजी

Adani Ports Q1 Result: अदाणी ग्रुप की पोर्ट कंपनी अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकनॉमिक जोन (APSEZ) ने आज चालू वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही अप्रैल-जून 2026 के कारोबारी नतीजे पेश किए। देशी-विदेशी कारोबार के दम पर रेवेन्यू और ऑपरेटिंग प्रॉफिट की मजबूत ग्रोथ ने इसके मुनाफे को सपोर्ट किया और यह 10% उछल पड़ा।

Adani Ports Q1 Result: खास बातें

जून 2026 तिमाही में अदाणी पोर्ट्स का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर ₹3,311 करोड़ से 10% उछलकर ₹3,650 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान ऑपरेशंस से कंपनी का रेवेन्यू भी 19% बढ़कर ₹10,821 करोड़ पर पहुंच गया। ऑपरेटिंग लेवल पर भी कंपनी का परफॉरमेंस दमदार रहा। अदाणी पोर्ट्स का जून तिमाही में ईबीआईटीडीए ₹6,541 करोड़ रहा जोकि सालाना आधार पर 19% अधिक है लेकिन मार्जिन में इस दौरान हल्की सुधार दिखी और यह 60.2% से 60.4% पर पहुंच गया।

वैसे तो कंपनी का देश-विदेश में कारोबार तेजी से आगे बढ़ा लेकिन घरेलू पोर्ट बिजनेस अहम बना रहा। कंपनी के घरेलू पोर्ट्स बिजनेस से रेवेन्यू सालाना आधार पर 12% बढ़ा। इसे बेहतर कार्गो मिक्स, हाई रियलाइजेशंस और कॉर्गो वॉल्यूम में उछाल से सपोर्ट मिला। जून तिमाही में घरेलू बंदरगाहों ने 115.3 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) कार्गो संभाला। इसके घरेलू पोर्ट्स बिजनेस का ईबीआईटीडीए मार्जिन 74% रहा जिसे इंडस्ट्री में शानदार माना जाता है।

अदाणी पोर्ट्स का कहना है कि यह अब तक के सबसे बड़े पोर्ट कैपेसिटी एक्सपैंशन प्रोग्राम पर काम कर रही है। जून 2026 तक इसकी घरेलू पोर्ट क्षमता 653 MMT थी और कंपनी का लक्ष्य दिसंबर 2030 तक इसे बढ़ाकर 1,000 MMT करने का लक्ष्य है। जून तिमाही के दौरान पूरे भारत में कार्गो मार्केट में इसकी हिस्सेदारी 27.6% थी, जबकि कंटेनर कार्गो मार्केट में हिस्सेदारी 44.8% थी।

जून तिमाही में कंपनी के इंटरनेशनल पोर्ट्स बिजनेस का रेवेन्यू और ईबीआईटीडीए रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गया। इस सेगमेंट से रेवेन्यू सालाना आधार पर 80% बढ़कर ₹1,747 करोड़ हो गया, जबकि ईबीआईटीडीए 256% उछलकर ₹730 करोड़ हो गया। इसे ऑस्ट्रेलिया और कोलंबो में शानदार परफॉरमेंस से सपोर्ट मिला।

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