Pramodini IPO Listing: ₹118 के शेयर ₹120 पर लिस्ट, लगातार मजबूत हो रही प्रमोदिनी की सेहत

Pramodini IPO Listing: डाइग्नॉस्टिक सर्विसेज देने वाली प्रमोदिनी मेडिकेयर के शेयरों की आज NSE SME पर प्रीमियम एंट्री हुई। इसके आईपीओ को ओवरऑल 3 गुना से अधिक बोली मिली थी। इसके आईपीओ के तहत ₹118 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज NSE SME पर इसकी ₹120.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 1.69% का लिस्टिंग गेन (Pramodini Listing Gain) मिला। हालांकि आईपीओ निवेशकों की खुशी थोड़ी ही देर में फीकी हो गई जब शेयर टूट गए। टूटकर यह ₹119.05 (Pramodini Share Price)  पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 0.89% मुनाफे में हैं।

Pramodini IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

प्रमोदिनी मेडिकेयर का ₹69 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 12-14 अगस्त तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 3.87 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 3.66 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 4.96 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 3.49 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹63 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹10 की फेस वैल्यू वाले 5,00,400 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹45.15 करोड़ मौजूदा और प्रस्तावित डाइग्नॉस्टिक सेंटर्स के लिए मेडिकल इक्विपमेंट्स की खरीदारी और बाकी पैसे अधिग्रहण और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Pramodini Medicare के बारे में

प्रमोदिनी मेडिकेयर डाइग्नॉस्टिक सर्विसेज मुहैया कराती है। यह टियर1, टियर 2 और टियर 3 शहरों में सरकारी से लेकर प्राइवेट अस्पतालों, PSU, मेडिकल कॉलेजों और प्राइवेट डाइग्नॉस्टिक सेंटर्स को सर्विसेज देती है। इसके सर्विस पोर्टफोलियो में एमआरआई, सीटी स्कैन, एक्सरे, कलर डॉप्लर के साथ अल्ट्रासाउंट, मैमोग्राफी, डेक्सा स्कैन और इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी जैसी रेडियोलॉजी सर्विस; हेमेटोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, इम्यूनोलॉजी, पैथोलॉजी और बायोकेमिस्ट्री जैसे क्लिनिकल लेबोरेटरी सर्विस; और पीईटी-सीटी, SPECT और न्यूक्लियर थेरेपी जैसी न्यूक्लियर मेडिसिन सर्विस हैं। कंपनी विजयवाड़ा से 24×7 टेली-रेडियोलॉजी यूनिट और उसी जगह पर एक प्रोसेसिंग लेबोरेटरी भी चलाती है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 56% की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹17.38 करोड़ और टोटल इनकम 33% के सीएजीआर से ₹63.38 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹17.85 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹36.46 करोड़ पड़े थे।

Behari Lal IPO Listing: 118 गुना सब्सक्रिप्शन के बाद 63% लिस्टिंग गेन, ₹285 के शेयरों का बड़ा धमाल

Shiprocket IPO Listing: ₹97 का शेयर ₹131 पर लिस्ट, आईपीओ को मिली थी 102 गुना बोली

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Shiprocket IPO Listing: ₹97 का शेयर ₹131 पर लिस्ट, आईपीओ को मिली थी 102 गुना बोली

Shiprocket IPO Listing: ई-कॉमर्स एनेबलमेंट कंपनी शिपरॉकेट के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 102 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹97 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹129.50 और NSE पर ₹131.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 11% का लिस्टिंग गेन (Krystal Integrated Services Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर BSE पर यह ₹135.08 (Shiprocket Share Price) पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 39.26% मुनाफे में हैं। एंप्लॉयीज अधिक फायदे में हैं क्योंकि उन्हें हर शेयर ₹9 के डिस्काउंट पर मिला है।

Shiprocket IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

शिपरॉकेट का ₹1,617 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 12-14 अगस्त तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 102.28 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 125.20 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 92.58 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 48.38 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 58.85 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹885 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹10 की फेस वैल्यू वाले 7,54,62,363 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹365.60 करोड़ उभरते हुए और कोर बिजनेस के शिपरॉकेट प्लेटफॉर्म्स की ग्रोथ में निवेश, ₹205.80 करोड़ मार्केटिंग, ₹159.80 करोड़ टेक इंफ्रा और कैपेबिलिटीज में निवेश, ₹210.00 करोड़ कर्ज हल्का करने, और बाकी पैसे इनऑर्गेनिक ग्रोथ और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Shiprocket के बारे में

शिपरॉकेट एक भारतीय ई-कॉमर्स एनेबलमेंट कंपनी है जो कंपनियों को टेक सॉल्यूशंस देती है। यह MSMEs (माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज), D2C (डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर) ब्रांड्स और बड़े रिटेलर्स को उनके ऑनलाइन और ऑफलाइन बिजनेस को मैनेज करने और बढ़ाने में मदद करती है। रेडशियर रिपोर्ट (Redseer Report) के मुताबिक वित्त वर्ष 2025 में रेवेन्यू के हिसाब से यह देश की सबसे न्यू-एज एंड-टू-एंड ई-कॉमर्स एनेबलमेंट प्लेटफॉर्म थी।

कंपनी ने शुरुआत में एक शिपिंग प्लेटफॉर्म के तौर पर काम करना शुरू किया था। इसकी मुख्य सर्विसेज में घरेलू शिपिंग और शिपिंग सॉफ्टवेयर शामिल हैं, जो इंस्टेंट पिकअप, ऑर्डर ट्रैकिंग, सुरक्षित डिलीवरी, वजन की जांच और फास्ट COD (कैश-ऑन-डिलीवरी) पेमेंट सेटलमेंट जैसी सर्विसेज देती है। समय के साथ इसका कारोबार बढ़ता गया और यह कार्गो और फुलफिलमेंट सर्विसेज, क्रॉस-बॉर्डर शिपिंग सॉल्यूशंस, एडवर्टाइजिंग और मार्केटिंग सॉल्यूशंस, और मर्चेंट सॉल्यूशंस देती है। वित्त वर्ष 2026 में इसने 146 देशों में क्लाइंट्स को सर्विसेज दी। शिपरॉकेट को मुख्य रूप से यूजेज-बेस्ड प्राइसिंग मॉडल से रेवेन्यू मिलता है जिसमें मर्चेंट्स इस आधार पर पेमेंट करते हैं कि वे प्लेटफॉर्म का कितना इस्तेमाल करते हैं, जैसे कि शिपमेंट की संख्या, ट्रांज़ैक्शन या प्रोसेस किए गए ऑर्डर की वैल्यू।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है लेकिन कंपनी तीन वित्त वर्षों से लगातार घाटे में बनी हुई है। वित्त वर्ष 2024 में कंपनी ₹595.18 करोड़ का शुद्ध घाटा हुआ था जोकि वित्त वर्। 2025 में घटकर ₹74.45 करोड़ और वित्त वर्ष 2026 में ₹79.25 करोड़ पर आ गया। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम सालाना करीब 24% की रफ्तार यानी सीएजीआर से ₹2,077.42 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹242.01 करोड़ का टोटल कर्ज था।

Behari Lal IPO Listing: 118 गुना सब्सक्रिप्शन के बाद 63% लिस्टिंग गेन, ₹285 के शेयरों का बड़ा धमाल

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Molbio IPO Listing: गोवा की पहली यूनिकॉर्न, ₹980 पर लिस्ट ₹807 का शेयर, 70 गुना भरा था आईपीओ

Molbio IPO Listing: टेमासेक (Temasek) और मोतीलाल ओसवाल ग्रुप (Motilal Oswal Group) के निवेश वाली मोल्बियो डाइग्नॉस्टिक के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को ओवरऑल 70 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹807 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹980.00 और NSE पर भी ₹980.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 21% से अधिक लिस्टिंग गेन (Molbio Listing Gain) मिला। हालांकि आईपीओ निवेशकों की खुशी थोड़ी ही देर में फीकी हो गई जब शेयर टूट गए। टूटकर BSE पर यह ₹946.80 (Molbio Share Price)  पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 946.80% मुनाफे में हैं।

Molbio Diagnostics IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

मोब्लियो डाइग्नॉस्टिक्स न का ₹940 करोड़ का आईपीओ 10-12 अगस्त तक खुला था। इसे हर कैटेगरी के निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला और ओवरऑल यह 70.27 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 186.39 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 49.80 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 12.97 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 13.28 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹200 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹1 की फेस वैल्यू वाले 91.66 लाख शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री हुई है। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹105.54 करोड़ आरएंडडी फैसिलिटी, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और कनेक्टेड ऑफिस स्पेस बनाने, ₹72.28 करोड़ गोवा यूनिट 1, गोवा यूनिट 2 और विशाखापत्तनम यूनिट के लिए प्लांट, मशीनरी और अन्य इक्विपमेंट की खरीदारी, ₹59.54 करोड़ आईपीओ से जुड़े खर्चों को भरने और ₹9.47 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Molbio Diagnostics के बारे में

मोल्बियो डायग्नोस्टिक्स एक पॉइंट-ऑफ-केयर (POC) डायग्नोस्टिक्स कंपनी है। इसने ‘Truenat’ नाम से पीसीआर (PCR) प्लेटफॉर्म डेवलप किया है, जो 100 से अधिक देशों में पेटेंटेड है। यह तकनीक टीबी (TB), कोविड-19, हेपेटाइटिस B & C, एचआईवी (HIV) और एचपीवी (HPV) जैसी बीमारियों की जांच 1 घंटे के भीतर कर सकती है। प्रोग्नोसिस और ऑप्ट्रास्कैन जैसी सहायक कंपनियों के जरिए यह डिजिटल पैथोलॉजी, रेडियोलॉजी और ब्रेस्ट हेल्थ स्क्रीनिंग डिवाइस भी मुहैया कराती है। देश भर में इसके 6 मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज हैं और इसके ग्राहक 90 से अधिक देशों में हैं।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 40% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹164.14 करोड़ और टोटल इनकम करीब 32% के सीएजीआर से ₹1,455.17 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹412.64 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹1,148.84 करोड़ पड़े थे।

Dhoot Transmission की धांसू एंट्री, IPO को 75 गुना बोली, फिर 37% प्रीमियम पर ₹871 का शेयर लिस्ट

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Dhoot Transmission की धांसू एंट्री, IPO को 75 गुना बोली, फिर 37% प्रीमियम पर ₹871 का शेयर लिस्ट

Dhoot Transmission IPO Listing: आईपीओ को 75 गुना से अधिक बोली मिलने के बाद अब धूत ट्रांसमिशन के शेयरों की आज घरेलू स्टॉक मार्केट में धांसू एंट्री हुई है। इसके आईपीओ के तहत ₹871 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹1193.80 और NSE पर ₹1,200.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 37% से अधिक लिस्टिंग गेन (Dhoot Transmission Listing Gain) मिला। हालांकि आईपीओ निवेशकों की खुशी थोड़ी ही देर में हल्की फीकी हो गई जब शेयर टूट गए। टूटकर BSE पर यह ₹1174.50 (Dhoot Transmission Share Price)  पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 34.85% मुनाफे में हैं।

Dhoot Transmission IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

धूत ट्रांसमिशन का ₹3,067 करोड़ का आईपीओ 10-12 अगस्त तक खुला था। इसे हर कैटेगरी के निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला और ओवरऑल यह 75.06 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 209.02 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 53.13 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 8.32 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 8.60 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹1,400 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹2 की फेस वैल्यू वाले 1,91,37,602 शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री हुई है। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹464.80 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹301.77 करोड़ सब्सिडरीज का कर्ज हल्का करने के लिए उनमें निवेश, ₹150.00 करोड़ नई वायरिंग हार्नेस मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स लगाने, ₹159.96 करोड़ आईपीओ से जुड़े खर्चों को भरने और ₹410.41 करोड़ अधिग्रहण और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Dhoot Transmission के बारे में

धूत ट्रांसमिशन देश की बड़ी E&E (इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स) कंपनियों में शुमार है। यह ऑटोमोटिव और नॉन-ऑटोमोटिव एप्लीकेशंस के लिए वायरिंग हार्नेसेज और इलेक्ट्रिकल डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम्स बनाती है। इसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में वायरिंग हार्नेसेज, बैट्री पैक्स, सेंसेक्स और इलेक्ट्रिक कंट्रोलर्स, ऑटोमोटिव स्विचेज, टर्मिनल्स, कनेक्टर्स, और पावर सप्लाई कॉर्ड्स हैं। इनका इस्तेमाल तेल से चलने वाली और इलेक्ट्रिक, दोनों प्रकार की गाड़ियों में होता है।

यह दोपहिया और तिपहिया वायरिंग हार्नेस मार्केट में देश की दो सबसे बड़ी कंपनियों में शुमार है जिसका 41% मार्केट पर कब्जा है तो वित्त वर्ष 2026 के आंकड़ों के मुताबिक करीब 71% मार्केट शेयर के साथ दोपहिया और तिपहिया इलेक्ट्रिक सेगमेंट में यह लीडर है। इसके प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल कमर्शियल वेईकल्स, ऑफ-हाईवे वेईकल्स, फार्मिंग इक्विपमेंट और इंडस्ट्रियल एप्लीकेशंस में भी होता है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 15% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹396.84 करोड़ और टोटल इनकम करीब 28% के सीएजीआर से ₹4,563.70 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹841.39 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹2,360.40 करोड़ पड़े थे।

Molbio IPO Listing: गोवा की पहली यूनिकॉर्न, ₹980 पर लिस्ट ₹807 का शेयर, 70 गुना भरा था आईपीओ

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

LAPL Automotive IPO Listing: ₹135 पर लिस्ट ₹94 का शेयर, आईपीओ को मिली थी 344 गुना बोली

LAPL Automotive IPO Listing: दोपहिया से लेकर बस तक के लिए ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स और एक्सेसरीज बनाने वाली एलएपीएल ऑटोमोटिव के शेयरों की आज BSE SME पर धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 344 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹94 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹135.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 43.62% का लिस्टिंग गेन (Krystal Integrated Services Listing Gain) मिला। हालांकि आईपीओ निवेशकों की खुशी थोड़ी ही देर में थोड़ी फीकी हो गई जब शेयर टूट गए। टूटकर यह ₹130.00 (LAPL Automotive Share Price)  पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 38.30% मुनाफे में हैं।

LAPL Automotive IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

एलएपीएल ऑटोमोटिव का ₹32 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 6-10 अगस्त तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का धांसू रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 344.31 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 200.23 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 433.26 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 387.78 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 34,46,400 नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹19.56 करोड़ औरंगाबाद के औरिक सिटी में एक अतिरिक्त मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने, ₹4.79 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹3.24 करोड़ आईपीओ से जुड़े खर्चों को भरने और ₹4.81 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

LAPL Automotive के बारे में

एलएपीएल ऑटोमोटिव कई प्रकार के ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स और एक्सेसरीज की डिजाइनिंग कर उन्हें बनाती है और सप्लाई करती है। इसे ऑटोमोटिव लाइटिंग और सिग्नलिंग प्रोडक्ट्स बनाने में महारत हासिल है। इसकी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी महाराष्ट्र के औरंगाबाद में है। इसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में लाइटिंग डिविजन के तहत टेल लैम्प्स, ब्लिंकर लैम्प्स और हेडलैम्प्स हैं तो मोटर डिविजन के तहक स्टार्टर मोटर्स, वाइपर मोटर्स और रोटर्स हैं। इसके अलावा कंपनी के प्रोडक्ट्स पोर्टफोलियो में मिरर डिविजन के तहत दोपहिया और तिपहिया गाड़ियों के लिए रियर-व्यू मिरर्स हैं।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 99% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹8.63 करोड़ और टोटल इनकम 24% से अधिक के सीएजीआर से ₹94.32 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹7.84 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹16.45 करोड़ पड़े थे।

वंदे भारत ट्रेनों के लिए पार्ट्स बनाने वाली कंपनी लाएगी ₹1350 करोड़ का IPO

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Aegeus IPO Listing: 18% का लिस्टिंग गेन, सोलर की सफाई करने वाली ऐजीअस के ₹105 के शेयरों का धमाल

Aegeus IPO Listing: सोलर प्लांट की सफाई के लिए रोबोट तैयार करने वाली ऐजीअस टेक के शेयरों की आज BSE SME पर धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला था और ओवरऑल 29 गुना से अधिक सब्सक्राइब हुआ था। इसके आईपीओ के तहत ₹105 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹124.50 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 18.57% का लिस्टिंग गेन (Aegeus Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर यह ₹129.95 (Aegeus Share Price) पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 23.76% मुनाफे में हैं।

Aegeus IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

ऐजीअस का करीब ₹24 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 4-6 अगस्त तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 29.91 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 23.88 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 48.05 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 25.59 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 22,58,400 नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹2.86 करोड़ प्रोडक्ट डेवलपमेंट, ₹5.74 करोड़ जमीन की खरीदारी और सिविल वर्क्स के जरिए मैनुफैक्चरिंग फैसिलिटी के सेटअप, ₹8.00 करोड़ वर्किंग कैपिटल, ₹3.56 करोड़ आईपीओ से जुड़े खर्चों और ₹3.55 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Aegeus Technologies के बारे में

ऐजीअस रोबोटिक और इंटेलिजेंस ऑटोमेशम सॉल्यूशंस डिजाइन कर डेवलप करती है। यह सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, सिस्टम इंटीग्रेशन, डेटा मैनेजमेंट, ऑटोमेशन सॉल्यूशंस और कस्टमाइज्ड टेक्नोलॉजी सपोर्ट जैसी सर्विसेज ऑफर करती है। कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना करीब 108% की रफ्तार यानी सीएजीआर से बढ़कर ₹4.02 करोड़ और टोटल इनकम 64% से अधिक के CAGR से बढ़कर ₹41.22 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 के आखिरी में कंपनी पर ₹11.93 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹9.28 करोड़ पड़े थे।

Anawil IPO Listing: 22% का लिस्टिंग गेन, टावर बनाने वाली कंपनी के ₹270 के शेयरों की धांसू एंट्री

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Oneindig Tech IPO Listing: लिस्ट होते ही अपर सर्किट, 25% प्रीमियम पर एंट्री के बाद और चढ़ा ₹96 का शेयर

Oneindig Tech IPO Listing: देश भर में सोलर पावर प्रोजेक्ट्स पर काम करने वाली वनइंडिग टेक के शेयरों की आज BSE SME प्लेटफॉर्म पर धांसू एंट्री हुई। इसका आईपीओ ओवरऑल 1.73 गुना भरा था। इसके आईपीओ के तहत ₹96 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹120.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 25% का लिस्टिंग गेन (Oneindig Tech Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर यह ₹126.00 (Oneindig Tech Share Price) के अपर सर्किट पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 31.25% मुनाफे में हैं।

Oneindig Tech IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

वनइंडिग टेक का ₹28 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 30 जुलाई से 3 अगस्त तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 1.73 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 1.05 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 2.40 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 1.84 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 28.80 लाख नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹20.00 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Oneindig Tech के बारे में

वनइंडिंग टेक एक रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी है जो देश भर में सोलर पावर प्रोजेक्ट्स के लिए EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्यूरमेंट एंड कमीशनिंग) सर्विसेज मुहैया कराती है। यह रेजिडेंशियल, C&I (कमर्शियल एंड इंडस्ट्रियल) रूफटॉप, ग्राउंड-माउंटेड सोलर प्रोजेक्ट्स और O&M (ऑपरेशंस एंड मेंटेनेंस) सर्विसेज ऑफर करती है तो PPA (पावर पर्चेज एग्रीमेंट्स) के जरिए IPP (इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर) एक्टिविटीज करती है। साथ ही यह सोलर पीवी मॉड्यूल्स, इंवर्टर्स, बैट्रीज, एनर्जी स्टोरेज सिस्टम्स, माउंटिंग स्ट्रक्चर्स, सोलर पम्प्स, कंट्रोलर्स और इनसे जुड़े इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट्स जैसे सोलर प्रोडक्ट्स की सप्लाई करती है।

कंपनी ने दिल्ली, हरियाणा,यूपी, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, पंजाब, उत्तराखंड, तेलंगाना, अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा, जम्मू-कश्मीर और पश्चिम बंगाल जैसे कई राज्यों में सोलर प्रोजेक्ट पूरे किए हैं। कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2026 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 47.72% बढ़कर ₹6.16 करोड़ और टोटल इनकम 24.75% उछलकर ₹57.56 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 के आखिरी में कंपनी पर ₹1,559.13 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹1,006.52 करोड़ पड़े थे।

Juniper Green Energy IPO Listing: ₹245 पर लिस्ट ₹225 का शेयर, खुदरा निवेशकों का हिस्सा नहीं भरा था पूरा

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Poojaa Precision IPO Listing: 56% प्रीमियम पर ₹301 का शेयर लिस्ट, आईपीओ को मिली थी 278 गुना बोली

Poojaa Precision IPO Listing: पूजा प्रिसिजन के शेयरों की आज BSE SME प्लेटफॉर्म पर धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 278 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹301 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹470.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 56.15% का लिस्टिंग गेन (Poojaa Precision Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर यह ₹488.00 (Poojaa Precision Share Price) के अपर सर्किट पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 62.13% मुनाफे में हैं।

Poojaa Precision IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

पूजा प्रिसिजन का ₹160 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 28-30 जुलाई तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 278.83 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 206.46 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 463.43 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 247.58 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 1.33 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 53.10 लाख नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹106.34 करोड़ मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के सेटअप, ₹30.00 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Poojaa Precision Engg. के बारे में

पूजा प्रिसिजन इंजीनियरिंग एक प्रिसिजन इंजीनियरिंग कंपनी है जो एलुमिनियम डाई-कास्टिंग और प्रिसिजन-मशीन्ड कंपोनेंट्स बनाती है। इनका इस्तेमाल इंजन, ड्राइवरट्रेन, ईवी पावरट्रेन और इलेक्ट्रिकल सिस्टम में होता है। इसके प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल ऑटोमोटिव (कमर्शियल गाड़ियां, पैसेंजर गाड़ियां, दो-पहिया गाड़ियां, इलेक्ट्रिक गाड़ियां), खेती, डिफेंस, एनर्जी, हेल्थकेयर, एयरोस्पेस और इंजीनियरिंग गुड्स जैसे इंडस्ट्रीज में होता है। इसके ग्राहक भारत से लेकर जर्मनी, अमेरिका, इटली और स्विटजरलैंड तक हैं। हाल ही में अप्रूव्ड वेंडर पार्टनरशिप्स के जरिए एयरोस्पेस सेक्टर तक अपना दायरा फैलाया है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 38% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹30.90 करोड़ और टोटल इनकम 30% के सीएजीआर से ₹295.20 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 के आखिरी में कंपनी पर ₹41.16 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹118.53 करोड़ पड़े थे।

Zepto IPO: टल गई Swiggy-Eternal से नए मैदान में टक्कर! जेप्टो जुटी इस काम में

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।