गौतम गंभीर की कोचिंग टीम से खुश नहीं हैं BCCI? जल्द ले सकती है बड़ा फैसला

इंग्लैंड और आयरलैंड के खिलाफ लगातार टी20 सीरीज में मिली हार के बाद भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर और उनके सपोर्ट स्टाफ पर सवाल उठने लगे हैं। पहले आयरलैंड ने भारत को टी20 सीरीज में 2-0 से हराया और उसके बाद इंग्लैंड ने पांच मैचों की सीरीज 4-0 से अपने नाम कर ली। लगातार मिली इन हारों की वजह से टीम प्रबंधन पर दबाव बढ़ गया है। अब सभी की नजर 14 जुलाई से शुरू हो रही इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज पर होगी। वनडे सीरीज भारतीय टीम के लिए वापसी का बड़ा मौका मानी जा रही है। वहीं इसी बीच गौतम गंभीर की कोचिंग स्टॉफ को लेकर बड़ी खबर आई है।

TOI की रिपोर्ट के मुताबिक, असिस्टेंट कोच रेयान टेन डोएशेट और गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज के बाद अपना मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने पर अपने पद छोड़ने पर विचार कर रहे हैं। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) दोनों कोचों से राष्ट्रीय टीम के साथ उनके भविष्य को लेकर बातचीत कर रहा है।

क्या जारी रखेंगे अपना कार्यकाल

रिपोर्ट में कहा गया कि, “रेयान टेन डोएशेट अभी इस जिम्मेदारी को आगे जारी रखने को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं। उन्होंने पूरे साल टीम के साथ लगातार यात्रा करने में आने वाली दिक्कतों का जिक्र किया है। वहीं, मोर्ने मोर्कल भी फिलहाल अपने ऑप्शनों पर विचार कर रहे हैं। बोर्ड दोनों कोचों से बातचीत कर रहा है और ये जानने की कोशिश कर रहा है कि क्या इस मामले का कोई समाधान निकाला जा सकता है।” रिपोर्ट के मुताबिक, रेयान टेन डोएशेट कथित तौर पर पहले से ही एक आईपीएल फ्रेंचाइजी के साथ बातचीत कर रहे हैं, जबकि मोर्ने मोर्कल ने अभी तक अपने भविष्य को लेकर अंतिम फैसला नहीं किया है।

रिपोर्ट में आगे कहा गया, “अगर रेयान टेन डोएशेट और मोर्ने मोर्कल के साथ बातचीत से कोई समाधान नहीं निकलता, तो बीसीसीआई को हाल ही में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में फास्ट बॉलिंग कोच बनाए गए लक्ष्मीपति बालाजी को टीम के साथ श्रीलंका दौरे पर भेजना पड़ सकता है।”

कब से जुड़े हैं टीम इंडिया के साथ

डोएशेट और मोर्कल दोनों साल 2024 में भारतीय टीम के कोचिंग स्टाफ से जुड़े थे। हेड कोच बनने के बाद गौतम गंभीर ने खुद उन्हें अपनी टीम में शामिल किया था। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि हाल के महीनों में भारतीय टीम की खराब फील्डिंग को देखते हुए फील्डिंग कोच टी. दिलीप का भविष्य भी अनिश्चित माना जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, “बोर्ड टीम के गिरते फील्डिंग स्तर से संतुष्ट नहीं है। पिछले साल नायर के हटने के बाद टी. दिलीप को राहत मिली थी, लेकिन अब उनकी स्थिति फिर से सवालों के घेरे में है।”

‘मेरी छवि खराब करने की कोशिश हुई’ कुक के साथ मारपीट विवाद पर क्रिकेटर शशांक सिंह ने तोड़ी चुप्पी

पंजाब किंग्स के खिलाड़ी शशांक सिंह ने अपने और परिवार के खिलाफ दर्ज पुलिस मामले पर पहली बार रिएक्शन दिया है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर पूरी तरह झूठी है और एक मशहूर खिलाड़ी होने की वजह से उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। शशांक के मुताबिक इस मामले का इस्तेमाल उन पर दबाव बनाने और कथित तौर पर उगाही करने के लिए किया गया। बता दें पिछले महीने भोपाल के रातीबाद थाने में शशांक सिंह और उनके पिता शैलेश सिंह के खिलाफ उनके घर में काम करने वाले कुक की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई थी।

कुक ने आरोप लगाया था कि दोनों ने उसके साथ मारपीट की, गाली-गलौज की और उसका मोबाइल फोन छीन लिया। वहीं शशांक ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर इन सभी आरोपों को पूरी तरह गलत बताया।

शशांक सिंह ने क्या कहा

शशांक सिंह ने लिखा, “इस घटना ने मुझे पूरी तरह बदल दिया और मुझे ऐसे सबक सिखाए, जिन्हें मैं जिंदगी भर नहीं भूलूंगा। मैं यह बात किसी की सहानुभूति पाने के लिए नहीं लिख रहा, बल्कि इसलिए साझा कर रहा हूं क्योंकि मेरे परिवार और मैंने पहली बार ऐसी स्थिति का सामना किया है। मुझे उम्मीद है कि दूसरे लोग भी इससे कुछ सीखेंगे। एक खिलाड़ी होने के नाते मैंने वर्षों तक आलोचना, ट्रोलिंग और अपशब्दों का सामना किया है और उसके साथ जीना भी सीख लिया है। लेकिन इस बार मामला अलग था। देखते ही देखते मुझे ऐसे पेश किया गया, मानो मैंने अपने से कमजोर और कम साधन वाले व्यक्ति के साथ मारपीट की हो। बिना पूरी सच्चाई जाने हजारों लोगों ने मुझे सोशल मीडिया पर गलत बातें कहीं।”

 

वीडियो देख हैरान थे हम

उन्होंने आगे लिखा, “मैं आज भी इस बात को लेकर सवाल उठाता हूं कि शिकायत में जो बातें कही गईं, वे कैसे सामने आईं। जिस दिन वह हमारे घर से गया, उस समय उसे किसी तरह की चोट नहीं थी। बाद में जब हमने उसका वीडियो देखा तो हम हैरान रह गए। हमें समझ नहीं आया कि इतनी गंभीर चोटें आखिर आईं कैसे। वह अपनी इच्छा से हमारे घर काम करने आया था, लेकिन तीसरे ही दिन हमने उसे वापस भेज दिया। इसकी वजह ये थी कि हमने उसे घर में इधर-उधर घूमते, घर के अंदर की तस्वीरें खींचते और उन्हें अपने दोस्तों या साथियों को भेजते हुए देखा था। बाद में इस पूरे घटनाक्रम को देखकर हमें कई बातें समझ में आने लगीं।”

 

ये घटना सोची-समझी साजिश

उन्होंने आगे आरोप लगाया कि पूरी घटना एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा थी और इसका मकसद उन पर दबाव बनाकर पैसे ऐंठना था। उन्होंने आगे लिखा, “जैसे-जैसे इस मामले से जुड़ी और जानकारी सामने आती गई, मुझे पूरा भरोसा हो गया कि वह हमारे घर किसी अच्छे इरादे से नहीं आया था। मेरे अनुसार, पूरी योजना झूठी एफआईआर दर्ज कराकर मुझ पर दबाव बनाने की थी। शायद उन्हें लगा कि एक सार्वजनिक जीवन से जुड़े व्यक्ति होने के कारण मैं अपनी छवि बचाने के लिए पैसे देने को मजबूर हो जाऊंगा। मेरा मानना है कि इस मामले में एफआईआर का इस्तेमाल किसी वास्तविक शिकायत के लिए नहीं, बल्कि कथित तौर पर दबाव बनाकर उगाही करने के साधन के रूप में किया गया।”

उन्होंने एफआईआर दर्ज किए जाने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। 33 वर्षीय क्रिकेटर ने कहा कि, पुलिस ने उनके और उनके परिवार के खिलाफ मामला दर्ज करने से पहले उनका पक्ष जानने या उनसे पूछताछ करने की जरूरत नहीं समझी। उन्होंने लिखा, “मुझे सबसे ज्यादा तकलीफ इस बात की हुई कि जहां कई वास्तविक पीड़ितों को गंभीर मामलों में भी एफआईआर दर्ज कराने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है, वहीं मेरे और मेरे परिवार के खिलाफ बिना हमारी बात सुने और बिना किसी पूछताछ के तुरंत एफआईआर दर्ज कर दी गई।”

शशांक सिंह ने उन मीडिया रिपोर्टों को भी गलत बताया, जिनमें उन्हें 30 अप्रैल 2026 की एक दूसरी कथित घटना से जोड़ा गया था। उन्होंने कहा कि इन खबरों में बुनियादी तथ्यों की भी जांच नहीं की गई। शशांक के मुताबिक, जिस दिन की घटना का जिक्र किया जा रहा है, उस दिन वह आईपीएल मैच खेल रहे थे, इसलिए उन पर लगाए गए आरोप तथ्यों से मेल नहीं खाते।

शशांक सिंह ने कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि घटना के समय वह अपने माता-पिता के साथ घर पर मौजूद थे। उन्होंने लिखा, “इस पूरे अनुभव ने मुझे कई कठिन सबक सिखाए हैं। किसी पर सिर्फ दया या हमदर्दी के आधार पर भरोसा नहीं करना चाहिए। घर में काम करने के लिए हमेशा किसी रजिस्टर्ड एजेंसी के जरिए ही कर्मचारी रखें और उसका पुलिस वेरिफिकेशन जरूर कराएं।”

वाइटवाश से बचने उतरेगा भारत, इंग्लैंड की नजर नंबर 1 रैंक पर

ENGvsIND ब्रिस्टल में चौथा टी 20 जीतकर सीरीज अपने नाम करने के बाद हैरी ब्रूक ने इंग्लैंड की सीरीज़ को एकदम सही बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें सबसे ज़्यादा खुशी इस बात से हुई कि उन्होंने अलग-अलग पिच के हिसाब से खुद को ढाल लिया और “पिच से निपटने” के लिए अलग-अलग कुशलता ढूंढ लीं। ठीक यहीं पर भारत कम पड़ गया, और इसी वजह से, वे साउथम्प्टन में पांचवें और आखिरी टी20 में उतरेंगे।

धीमी विकेटों पर अतिरिक्त उछाल ने तकनीकी कमियों को सामने ला दिया है, जबकि लंबी स्क्वायर बाउंड्री ने भारतीय पिचों पर प्राकृतिक तरीके से मिलने वाले कुछ स्कोरिंग विकल्प  को कहीं ज़्यादा जोखिम बना दिया है। छोटे भारतीय मैदान  और पाटा पिच पर डीप स्क्वायर लेग रोप्स को आराम से पार करने वाले शॉट बार-बार फील्डर्स को मिल जाते हैं, जैसा कि नॉटिंघम में ईशान किशन के साथ हुआ।

सीरीज़ की शुरुआत में जोफ्रा आर्चर की यह बात कि वह आईपीएल में “आसान” पिचों के बाद “नॉर्मल” क्रिकेट खेलने वापस आ गए हैं, ने बहुतों को हैरान कर दिया था, लेकिन सीरीज़ के दौरान भारत की बल्लेबाजी ने इसे गलत साबित करने के लिए कुछ खास नहीं किया। इन हारों ने ऑस्ट्रेलिया में 2028 टी 20 वर्ल्ड कप से पहले बेहतर तरीके से समायोजित करने की ज़रूरत को और पक्का कर दिया है, जहाँ तेजी , उछाल और बड़े ग्राउंड कहीं ज़्यादा बड़ी चुनौती पेश कर सकते हैं।

साउथम्प्टन भारत को यूके के निराशाजनक सफेद गेंद के दौरे से कुछ उबरने का एक आखिरी मौका देता है, जिसमें आयरलैंड से उनकी पहली अंतरराष्ट्रीय सीरीज़ हार और 2019 के बाद इंग्लैंड से उनकी पहली द्विपक्षीय सीरीज़ हार मिली है।

इस बीच, इंग्लैंड के पास एक और मौका है। पांचवें टी20 में जीत उन्हें पुरुष टी 20 रैंकिंग में नंबर 1 स्थान पर पहुंचा देगी, ब्रूक को लगा कि यह एक “बहुत अच्छी” उपलब्धि होगी। सच कहूं तो, यह एक ऐसी सीरीज़ को खत्म करने का सबसे अच्छा तरीका होगा जिसमें वे लगातार भारत से एक कदम आगे दिखे हैं। साउथम्प्टन में चेस्टर-ली-स्ट्रीट जितना फ्री-स्कोरिंग होने की उम्मीद नहीं है और स्थिति भारत के लिए फिर से मुश्किलें खड़ी कर सकती हैं, जो संघर्ष कर रहे हैं। चौकोर मैदान पर बड़ी स्क्वायर बाउंड्री के हिसाब से ढलने के लिए।

बारिश से छोटा हुआ मैच टाई होने के अलावा, 2025 से यहां खेले गए 14 टी 20 मैचों में पहले बैटिंग करने वाली और चेज़ करने वाली टीमों ने सात-सात गेम जीते हैं। उन मैचों में पहली इनिंग का एवरेज स्कोर 174 है, जो पहले बैटिंग करने वाली टीम के जीते हुए गेम में बढ़कर 203 हो जाता है। मेजबान टीम, जिसने पिछले मैच के लिए रेहान अहमद को शामिल किया था, के बिना किसी बदलाव के उतरने की संभावना है।

मेहमान कुछ बदलाव कर सकते हैं। संजू सैमसन नंबर 3 पर आ सकते हैं ताकि बहुत ज़्यादा खब्बू बल्लेबाज को तोड़ा जा सके, जबकि सूर्यांश शेडगे को मौका मिल सकता है। वरुण चक्रवर्ती और हर्षित राणा हैमस्ट्रिंग इंजरी की वजह से सीरीज़ से बाहर हैं।

ENGvsIND

टीम इस प्रकार हैं:

भारत: श्रेयस अय्यर (कप्तान), वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, इशान किशन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, वाशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल, प्रसिद्ध कृष्णा, प्रिंस यादव, अर्शदीप सिंह, संजू सैमसन, सूर्यांश शेडगे, रवि बिश्नोई।

इंग्लैंड: हैरी ब्रूक (कप्तान), फिल साल्ट, जोस बटलर, जैकब बेथेल, टॉम बैंटन, विल जैक्स, सैम कुरेन, जोश टंग, जोफ्रा आर्चर, आदिल राशिद, रेहान अहमद, लियाम डॉसन, ल्यूक वुड, साकिब महमूद, सन्नी बेकर, जॉर्डन कॉक्स, जेम्स कोल्स।

समय: शाम सात बजे।

IPL से बैन है हैरी ब्रूक, कल 35 गेंदों में बनाए नाबाद 79 रन (Video Highlights)

इंडियन प्रीमियर लीग 2025 में हैरी ब्रूक को प्रतिबंधित करने का निर्णय लिया गया था। वह दो साल  2025 और 2026 में इस कारण  इंडियन प्रीमियर लीग का हिस्सा नहीं थे। अगले साल अगर वह खुद को इंडियन प्रीमियर लीग नीलामी के लिए पंजीकृत करते हैं तो महंगे दामों में जाएंगे क्योंकि ब्रिस्टल में उन्होंने एक मुश्किल पिच पर विस्फोटक पारी खेली है।

ब्रूक ने अपने इंग्लैंड करियर पर ध्यान केंद्रित करने के लिए आईपीएल 2025 से बाहर होने का विकल्प चुना, जबकि 2024 में अपनी दादी की मृत्यु के बाद उन्होंने अपना नाम वापस ले लिया।इंग्लैंड के बल्लेबाज हैरी ब्रूक को इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के 2025 सत्र से आखिरी समय में हटने के बाद दो सत्र के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया था।ब्रूक ने दूसरे सत्र के लिए खुद का इस लीग के लिए अनुपलब्ध करार देते हुए अपनी फ्रेंचाइजी दिल्ली कैपिटल्स और उनके समर्थकों से “बिना शर्त” माफी मांगी थी।

इसके बाद वह सफेद गेंद के कप्तान बने और जल्द ही लाल गेंद के कप्तान भी बनने वाले हैं क्योंकि वह टेस्ट क्रिकेट के नंबर एक बल्लेबाज हैं।भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के आईपीएल से जुड़े नियमों के अनुसार अगर कोई विदेशी खिलाड़ी नीलामी में चुने जाने के बाद अनफिट नहीं होने की स्थिति में इस टूर्नामेंट में नहीं खेलता है तो उस पर आईपीएल में खेलने पर दो साल का प्रतिबंध लगाया जा सकता है।

हालांकि जब वह कल भारत के खिलाफ खेलने उतरे तो अकेले दम पर मैच का रुख पलट दिया।लक्ष्य का पीछा करने उतरे इंग्लैंड की शुरुआत भी खराब रही और टीम ने तीसरे ओवर में अर्शदीप सिंह की गेंद पर जोस बटलर (08) का विकेट गंवा दिया जिन्होंने विकेटकीपर इशान किशन को कैच थमाया।ब्रूक और सॉल्ट ने हालांकि इसके बाद भारतीय गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया। ब्रूक ने आते ही अर्शदीप पर छक्के से खाता खोला।

ब्रूक ने आठवें ओवर में वाशिंगटन सुंदर को निशाना बनाते हुए उनके ओवर में तीन चौकों और एक छक्के से 19 रन बटोरे और फिर अगले ओवर में अपना 100वां टी20 अंतरराष्ट्रीय खेल रहे अक्षर पटेल की लगातार गेंदों पर चौके और छक्के के साथ सिर्फ 21 गेंद में अर्धशतक पूरा किया और टीम का स्कोर 100 रन के पार पहुंचाया।

भारत के 159 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड ने ब्रूक (नाबाद 79 रन, 35 गेंद, आठ चौके, चार छक्के) और सलामी बल्लेबाज सॉल्ट ( नाबाद 59 रन, 42 गेंद, नौ चौके, एक छक्का) के बीच दूसरे विकेट की 146 रन की अटूट साझेदारी की बदौलत 13.5 ओवर में एक विकेट पर 159 रन बनाकर आसान जीत दर्ज की।

62 की उम्र में कर्टली एम्ब्रोस का गेंदबाजी करते हुए वीडियो वायरल

तेज गेंदबाजी के लिए मशहूर वेस्टइंडीज के गेंदबाज कर्टली एम्ब्रोज का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें वह तेज गेंदबाजी कर रहे हैं। हालांकि उनकी हाफ वॉली गेंद को गेंदबाज मिड ऑन के ऊपर से छक्का मार देता है लेकिन इस उम्र में भी गेंदबाजी करने की ललक रखना काबिल ए तारीफ है। गौरतलब है कि यह कैरिबियाई गेंदबाज अब 62 साल का हो गया है।

एम्ब्रोज को साल 2014 में तत्कालीन कोच ओटिस गिब्सन की जगह वेस्टइंडीज का गेंदबाजी कोच भी बनाया गया था।हालांकि उनका अनुभव खास अच्छा नहीं रहा।करियर में 98 टेस्टों में वेस्टइंडीज के लिए 405 विकेट निकालने वाले पूर्व महान क्रिकेटर ने राष्ट्रीय टीम की इंग्लैंड के खिलाफ शर्मनाक हार पर कैरिबियाई टीम को लताड़ लगाई थी।

एम्ब्रोज ने कहा, मैं टीम के साथ बतौर गेंदबाजी कोच दो वर्ष के लिए रहा और मैंने उन्हें काफी सिखाने की कोशिश की। एम्ब्रोस ने कहा था कि मैंने टीम को अपने लोगों का नेतृत्व करने और सम्मान के लिए खेलने का पाठ पढ़ाया था, लेकिन मैदान पर उन्हें खुद के हिसाब से ही खेलना है। यदि वे तैयारी नहीं करेंगे तो उन्हें सिखाना बेकार ही है।

एम्ब्रोज आईपीएल (इंडियन प्रीमियर लीग) के भी सख्त खिलाफ थे। अपनी आत्मकथा ‘टाइम टू टॉक’ के प्रचार के लिए लॉर्ड्स पर उन्होंने कहा था कि मैं आईपीएल खेलने वाले खिलाड़ियों का अपमान नहीं करना चाहता लेकिन आप  आईपीएल खेलकर इत्मीनान से टीम में अपनी जगह नहीं पा सकते। मुझे लगता है कि यह चिंता का  विषय है।

वह कितने दूरदर्शी थे इसका अंदाजा इस ही बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने कहा था कि खिलाड़ियों को तय करना होगा कि वेस्टइंडीज के लिए खेलना है या देश के लिए। आज वेस्टइंडीज क्रिकेट की बर्बादी के लिए कई विशेषज्ञ मुखर होकर फ्रैंचाइजी लीग को दोष देते हैं।

Video: ‘बूढ़ा हो गया हूं… नहीं कर सकता’, इंग्लैंड के खिलाफ मैच के दौरान वायरल हुआ धोनी का वीडियो

भारत और इंग्लैंड के बीच नॉटिंघम के ट्रेंट ब्रिज में खेले गए तीसरे वनडे में भारत को 125 रन से हार का सामना करना पड़ा। वहीं इस मैच में पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की मौजूदगी से फैंस काफी एक्साईटेड थे। अपने 46वें जन्मदिन के मौके पर धोनी भारत और इंग्लैंड के बीच तीसरा मैच देखने स्टेडियम पहुंचे थे। जैसे ही पूर्व भारतीय कप्तान स्टेडियम पहुंचे, दर्शकों ने तालियों और नारों से उनका जोरदार स्वागत किया। धोनी ने भी मुस्कुराते हुए हाथ हिलाकर फैंस का अभिवादन स्वीकार किया।

वहीं इस दौरान धोनी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इंग्लैंड की जीत के बावजूद ट्रेंट ब्रिज में सबसे ज्यादा चर्चा महेंद्र सिंह धोनी की रही।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो

वहीं इस दौरान उनका एक खास अंदाज कैमरे में कैद हो गया, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। X पर वायरल हो रहे एक वीडियो में महेंद्र सिंह धोनी फैंस की ओर इशारा करते नजर आए। उन्होंने मजाकिया अंदाज में बताया कि, ‘अब वह बूढ़े हो गए हैं और अगर बल्लेबाजी करने उतरेंगे, तो विकेटों के बीच तेजी से दौड़ना उनके लिए आसान नहीं होगा।’

 

आईपीएल 2026 में एक भी मैच नहीं खेले थे धोनी

धोनी से आईपीएल 2026 में दमदार वापसी की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन फिटनेस से जुड़ी परेशानियों के कारण वह पूरे सीजन मैदान से दूर रहे। अब भी यह साफ नहीं है कि वह अगले आईपीएल सीजन में चेन्नई सुपर किंग्स की ओर से खेलते नजर आएंगे या नहीं। फैंस उनकी वापसी को लेकर बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

कड़े सुरक्षा में स्टेडियम से बाहर निकाला गया

नॉटिंघम में महेंद्र सिंह धोनी की लोकप्रियता एक बार फिर देखने को मिली। मैच खत्म होने के बाद जब वह स्टेडियम से बाहर निकले, तो उन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में फैंस जुट गए। कड़ी सुरक्षा के बीच धोनी भीड़ के बीच से आगे बढ़े, जबकि चारों ओर उनके नाम के नारे गूंज रहे थे। फैंस उनकी एक झलक पाने और उन्हें करीब से देखने के लिए उत्साहित नजर आए।

सबसे सफल कप्तान

महेंद्र सिंह धोनी को क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल खिलाड़ियों में गिना जाता है। अपने करियर की शुरुआत में उन्होंने आक्रामक बल्लेबाज के रूप में पहचान बनाई, जबकि बाद में वह मैच को अंत तक ले जाकर जीत दिलाने वाले बेहतरीन फिनिशर बन गए। कप्तान के तौर पर भी उन्होंने भारत को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। उनकी अगुवाई में टीम इंडिया ने 2007 का टी20 विश्व कप, 2011 का वनडे विश्व कप और 2013 की चैंपियंस ट्रॉफी जीतकर इतिहास रचा।