नेपाल बाढ़ में अबतक 1068 लोगों की मौत:4600 से ज्यादा की तलाश जारी; एक लड़की ने 17 रिश्तेदारों को खोया; चीन के 100 नागरिक लापता

नेपाल में बाढ़ के एक हफ्ते बाद भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। आपदा में लापता लोगों की तलाश के बावजूद कई परिवारों को अपने परिजनों की कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। कई इलाकों में कीचड़ और मलबा जमा होने से राहत कार्य मुश्किल बना हुआ है। 26 अगस्त को आई बाढ़ के बाद अब तक 1,068 शव बरामद किए गए हैं, जिनमें 400 के केवल आंशिक अवशेष मिले हैं। करीब 4,606 लोग अभी भी लापता हैं। इनमें 500 विदेशी नागरिक हैं। नेपाल में सड़क और हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट पर काम कर रहे कई चीनी नागरिक लापता हैं। चीन के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, नेपाल में करीब 100 चीनी नागरिकों का अब तक पता नहीं चला है। नेपाल और चीन के प्रभावित परिवारों की मांग है कि उनके परिजनों की सही और स्पष्ट जानकारी दी जाए। एक नेपाली लड़की ने बताया कि इस आपदा में उसने अपने परिवार के 17 सदस्यों को खो दिया। बाढ़ प्रभावित बिदुर में विस्थापित परिवार अस्थायी शिविरों में रह रहे हैं, लेकिन उन्हें अब भी दोबारा बाढ़ आने का डर सता रहा है। नेपाल त्रासदी की 4 तस्वीरें… नेपाल के 5 लोगों के शव यूपी में मिले उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में गंडक नदी से मिले नेपाल के पांच नागरिकों के शव मंगलवार को सोनौली सीमा पर सौंपे गए। ये लोग नेपाल में आई अचानक बाढ़ में बह गए थे। शव नेपाल पुलिस को सौंपे गए। इनमें दो महिलाएं और तीन पुरुष हैं। नेपाल में शव जलाने की बजाय दफनाए जा रहे नेपाल में बाढ़ के बाद सैकड़ों अज्ञात शवों को जलाने के बजाय दफनाया जा रहा है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि शवों के अवशेष सुरक्षित रहें और DNA जांच से पहचान कर परिजनों को सौंपे जा सकें। दरअसल, पानी और कीचड़ में लंबे समय तक दबे रहने से शवों की हालत बहुत खराब हो चुकी है। कई शव पानी में फूल गए हैं और तेजी से सड़ रहे हैं। इससे उनकी पहचान करना मुश्किल हो गया है। दूसरी तरफ शवगृह और अस्थायी केंद्र भी शवों से भर चुके हैं। ऐसे में प्रशासन के लिए शवों को लंबे समय तक सुरक्षित रखना संभव नहीं है। यही वजह है कि अज्ञात शवों को सामूहिक कब्रों में दफनाया जा रहा है।

नेपाल बाढ़ में अबतक 1068 लोगों की मौत:4600 से ज्यादा की तलाश जारी; एक लड़की ने 17 रिश्तेदारों को खोया; चीन के 100 नागरिक लापता

नेपाल में बाढ़ के एक हफ्ते बाद भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। आपदा में लापता लोगों की तलाश के बावजूद कई परिवारों को अपने परिजनों की कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। कई इलाकों में कीचड़ और मलबा जमा होने से राहत कार्य मुश्किल बना हुआ है। 26 अगस्त को आई बाढ़ के बाद अब तक 1,068 शव बरामद किए गए हैं, जिनमें 400 के केवल आंशिक अवशेष मिले हैं। करीब 4,606 लोग अभी भी लापता हैं। इनमें 500 विदेशी नागरिक हैं। नेपाल में सड़क और हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट पर काम कर रहे कई चीनी नागरिक लापता हैं। चीन के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, नेपाल में करीब 100 चीनी नागरिकों का अब तक पता नहीं चला है। नेपाल और चीन के प्रभावित परिवारों की मांग है कि उनके परिजनों की सही और स्पष्ट जानकारी दी जाए। एक नेपाली लड़की ने बताया कि इस आपदा में उसने अपने परिवार के 17 सदस्यों को खो दिया। बाढ़ प्रभावित बिदुर में विस्थापित परिवार अस्थायी शिविरों में रह रहे हैं, लेकिन उन्हें अब भी दोबारा बाढ़ आने का डर सता रहा है। नेपाल त्रासदी की 4 तस्वीरें… खबर से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

पाकिस्तान के पहले सिख एंकर के दफ्तर पर रेड:बोले- पुलिस ने वर्करों को पीटा, सामान चुराया; इमरान खान की खबर चलाने पर लगा था बैन

पाकिस्तान के 79 साल के इतिहास में सिख समुदाय से पहले टेलीविजन एंकर और पत्रकार के तौर पर पहचान बनाने वाले हरमीत सिंह के डिजिटल स्टूडियो पर इस्लामाबाद पुलिस की कार्रवाई ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हरमीत सिंह ने वीडियो जारी कर बताया, करीब दो दिन पहले पुलिस ने उनके स्टूडियो में रेड कर वहां काम कर रहे कर्मचारियों को हिरासत में लिया और कथित तौर पर उनके साथ मारपीट की। पुलिस वाले सामान चुराकर ले गए। हरमीत सिंह ने पाकिस्तान सरकार, पुलिस और प्रशासनिक तंत्र पर आरोप लगाते हुए कहा- टीवी से बैन और नौकरी जाने के बाद उन्होंने अपनी जमा-पूंजी से डिजिटल स्टूडियो खड़ा किया था, लेकिन अब पत्रकारिता जारी रखने के लिए उनके पास न नौकरी बची है और न जरूरी संसाधन। हालांकि हरमीत सिंह के आरोपों के बाद पुलिस का कोई बयान सामने नहीं आया। हरमीत सिंह सिख परिवार से हैं और 1947 को बंटवारे के समय हरमीत सिंह का परिवार पाकिस्तान में रह गया। इनके कई रिश्तेदार भारतीय पंजाब में रहते हैं। मौजूदा समय में वह पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के चाकेसर (शांगला) शहर के रहने वाले हैं। पाकिस्तान की इस्लामाबाद पुलिस की ओर से की गई बर्बरता को बताते हुए हरमीत सिंह ने क्या कहा, जानिए… टीवी से बैन के बाद डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू किया…6 बड़ी बातें… 1. टीवी स्क्रीन से बैन और नौकरी गई
31 अगस्त को वीडियो जारी कर हरमीत सिंह ने बताया कि वह सिख समुदाय के पहले पत्रकार हैं, जिन्होंने मुख्यधारा के पाकिस्तानी मीडिया में जगह बनाई। उनका कहना है कि उन्होंने हमेशा दुनिया के सामने पाकिस्तान की सकारात्मक तस्वीर पेश करने की कोशिश की। लेकिन संविधान की सर्वोच्चता, लोकतंत्र, कानून के शासन और पीड़ित लोगों की आवाज उठाने के कारण सत्ताधारियों की नाराजगी झेलनी पड़ी। इसके बाद उन्हें टीवी स्क्रीन पर आने से रोक दिया गया और नौकरी भी चली गई। 2. जमा-पूंजी से बनाया डिजिटल स्टूडियो
टीवी में काम के रास्ते बंद होने के बाद हरमीत सिंह ने हार नहीं मानी। उन्होंने अपनी जिंदगी भर की जमा-पूंजी और कुछ फिल्मों से मिले पैसों से दो-तीन दोस्तों के साथ मिलकर छोटा दफ्तर और डिजिटल स्टूडियो शुरू किया। इसका मकसद व्लॉग और पॉडकास्ट के जरिए अपना काम जारी रखना और आजीविका कमाना था। 3. स्टूडियो पर रेड कर सामान जब्त किया
हरमीत सिंह का आरोप है कि पुलिस ने उनके दफ्तर पर 30 अगस्त को रेड की और वहां रखा सामान अपने साथ चुराकर ले गई। इसमें 5 कंप्यूटर सिस्टम, कैमरे, पॉडकास्ट माइक, स्टैंड, प्रॉम्प्टर और बैटरियां शामिल थीं। उनका आरोप है कि स्टूडियो में काम करने वाले मुल्तान निवासी सैफ और सहयोगी रजी ताहिर को हिरासत में लिया गया और उनके साथ कथित तौर पर मारपीट व प्रताड़ना की गई। 4. हरमीत ने कार्रवाई पर उठाए सवाल
हरमीत सिंह ने सवाल उठाया कि अगर उनके सहयोगी रजी ताहिर ने पत्रकार के तौर पर कश्मीर (पीओके) के विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया था, तो इसके लिए पूरे स्टूडियो का सामान और अन्य कर्मियों के कंप्यूटर जब्त करने का क्या औचित्य था। 5. परिवार ने देश छोड़ने की सलाह दी
हरमीत ने बताया कि उनकी सिख बिरादरी और परिवार के लोग उन्हें कोई दूसरा कारोबार करने या देश छोड़ने की सलाह देते हैं। उनका कहना है कि पत्रकारिता के कारण उनकी जान को खतरा है और परिवार की जिंदगी भी मुश्किल हो गई है। इसके बावजूद उन्होंने हमेशा पाकिस्तान में रहकर काम करना पसंद किया। 6. मानवाधिकार संगठनों से मदद की अपील
हरमीत सिंह ने कहा कि अब उनके पास न नौकरी है और न ही काम जारी रखने के लिए जरूरी सामान। उन्होंने सवाल किया कि पुलिस उनके कैमरों और कंप्यूटर सिस्टम का क्या करेगी। उनका आरोप है कि पत्रकारों को आर्थिक रूप से खत्म किया जा रहा है। उन्होंने पाकिस्तान के नागरिक समाज और मानवाधिकार संगठनों से पत्रकारों पर हो रहे कथित अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाने और जब्त सामान वापस दिलाने की अपील की। हरमीत की प्रशासन से तनातनी…2 केस केस-1 केस-2

Rashifal Today: आज के दिन किस मूलांक के लोगों की चमकेगी किस्मत, जानें मूलांक 1 से 9 तक का भविष्यफल

Aaj Ka Rashifal: अंक ज्योतिष के अनुसार 2 सितंबर का दिन आर्थिक मामलों के लिहाज से अलग-अलग मूलांक वाले लोगों के लिए कई तरह के संकेत लेकर आया है। कुछ लोगों के लिए कमाई के नए रास्ते खुल सकते हैं, जबकि कुछ को खर्च और निवेश के मामले में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। आइए जानते हैं मूलांक 1 से 9 तक के लिए आज का दिन कैसा रहेगा।

मूलांक 1

अगर आपका जन्म 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक स्थिति सामान्य रह सकती है। बड़े निवेश का फैसला लेने से पहले अच्छी तरह सोचें। फिलहाल छोटे और सुरक्षित निवेश पर ध्यान देना बेहतर रहेगा। खर्चों को नियंत्रण में रखें। साथ ही, अपनी प्रतिभा और अनुभव के जरिए अतिरिक्त कमाई के मौके तलाश सकते हैं।

मूलांक 2

अगर आपका जन्म 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक रूप से दिन अच्छा रह सकता है। किसी पुराने आर्थिक मामले को सुलझाने का मौका मिल सकता है। निवेश की योजना बनाने के लिए समय अनुकूल है, लेकिन बचत को भी प्राथमिकता दें। परिवार या करीबी लोगों से चर्चा करने पर आपको बेहतर आर्थिक फैसले लेने में मदद मिल सकती है।

मूलांक 3

अगर आपका जन्म 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है, तो आज पैसों के मामले में संतुलित रहने की जरूरत है। अपनी आर्थिक योजनाओं की दोबारा समीक्षा करना फायदेमंद रहेगा। जोखिम भरे निवेश से दूरी बनाए रखें और छोटी-छोटी चीजों पर होने वाले खर्च पर नजर रखें। कोई बड़ा आर्थिक फैसला लेने से पहले विशेषज्ञ या भरोसेमंद व्यक्ति की सलाह लें।

मूलांक 4

अगर आपका जन्म 4, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक योजनाओं में बदलाव हो सकता है। ऐसे में बजट को नए सिरे से देखना जरूरी होगा। किसी पुराने आर्थिक विवाद या समस्या को खत्म करने का मौका मिल सकता है। निवेश से जुड़ा कोई भी फैसला जल्दबाजी में न लें और गैरजरूरी खर्चों से बचें।

मूलांक 5

अगर आपका जन्म 5, 15 या 23 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक रूप से दिन काफी अच्छा रह सकता है। कमाई के नए साधन सामने आ सकते हैं और पुराने निवेश से लाभ मिलने की संभावना है। किसी नई योजना पर काम शुरू करने से पहले उसके सभी पहलुओं को अच्छी तरह समझ लें। कारोबार से जुड़े फैसलों में सावधानी बरतना जरूरी होगा।

मूलांक 6

अगर आपका जन्म 6, 15 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज अपनी मेहनत का अच्छा परिणाम मिल सकता है। निवेश से जुड़ा कोई बेहतर अवसर सामने आ सकता है। परिवार की आर्थिक स्थिति में भी सुधार के संकेत हैं। पुराने कर्ज या पैसों से जुड़े विवाद सुलझ सकते हैं। फिर भी भविष्य के लिए बचत करना न भूलें और सुरक्षित निवेश को प्राथमिकता दें।

मूलांक 7

अगर आपका जन्म 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। आज बजट पर ध्यान देना और अनावश्यक खर्च रोकना जरूरी है। नए निवेश के अवसर आकर्षित कर सकते हैं, लेकिन बिना पूरी जानकारी के कोई फैसला न लें। किसी भरोसेमंद दोस्त या परिवार के सदस्य से सलाह लेना फायदेमंद हो सकता है।

मूलांक 8

अगर आपका जन्म 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक जीवन में आज कोई बड़ा बदलाव नहीं दिख रहा है। हालांकि खर्च बढ़ सकते हैं, लेकिन उन्हें संभाला जा सकता है। बचत को सुरक्षित रखने पर ध्यान दें और जोखिम वाले निवेश से बचें। लंबे समय से बनाई गई आर्थिक योजना को अब लागू करने पर विचार कर सकते हैं।

मूलांक 9

अगर आपका जन्म 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है, तो आज आर्थिक रूप से दिन सकारात्मक रह सकता है। मेहनत का फायदा मिलने और किसी योजना के सफल होने की संभावना है। निवेश का नया विचार सामने आ सकता है, लेकिन किसी की सलाह पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। खर्चों पर नियंत्रण रखें और अगर कोई पुराना आर्थिक विवाद है तो उसे सुलझाने की कोशिश करें।

डिस्क्लेमर: इस लेख की सामग्री पूरी तरह से ज्योतिषीय भविष्यवाणियों पर आधारित है। हम इसकी सत्यता और सटीकता का पूरी तरह दावा नहीं करते। यहां दी गई किसी भी जानकारी के आधार पर कोई वित्तीय, स्वास्थ्य या व्यावसायिक निर्णय लेने से पहले योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

नेपाल के त्रिभुवन त्रिशूली स्कूल की इमारत तो बह गई पर प्रिंसिपल ने 1600 बच्चों को बचा लिया! अब भारत इस स्कूल को फिर बनवाएगा

Nepal Flood: नेपाल के नुवाकोट जिले में स्थित त्रिभुवन त्रिशूली सेकेंडरी स्कूल के प्रिंसिपल राजेंद्र दवाड़ी को हीरो माना जा रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि उन्होंने 26 अगस्त को त्रिशूली घाटी में आई भयानक बाढ़ के दौरान स्कूल के सभी 1,643 छात्रों की जान बचाने में मदद की थी। हालांकि, स्कूल की इमारत अब नष्ट हो चुकी है, इसलिए दवाड़ी ने भारत सरकार से अपील की है कि वे स्कूल को फिर से बनाने और बच्चों को उनकी पढ़ाई जारी रखने के लिए सुरक्षित जगह उपलब्ध कराने में मदद करें।

स्कूल से जल्दी निकलो

मीडिया से बात करते हुए दवाड़ी ने बताया कि कैसे स्कूल की एक आम सुबह समय के साथ एक मुश्किल दौड़ में बदल गई। उन्होंने बताया कि सुबह करीब 9:20 बजे, मुझे एक दोस्त का जरूरी फोन आया, जिसमें उन्हें चेतावनी दी गई थी कि पास के एक गांव में नदी का पानी भर गया है। वहां, से जल्दी निकलो। इसके कुछ ही देर बाद, एक घबराए हुए पैरेंट स्कूल पहुंचे और बताया कि नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।

बिना देरी किए स्कूल की बेल बजाने का दिया आदेश

उस समय सैकड़ों छात्र स्कूल की तीन मंजिला इमारत के अंदर या आस-पास थे, जो नदी से लगभग 60 मीटर की ऊंचाई पर स्थित थी। हालात तेजी से बिगड़ते देख, दवाड़ी ने बिना देरी के स्कूल की घंटी बजाने का आदेश दिया और शिक्षकों को निर्देश दिया कि वे क्लासरूम खाली कराएं और बच्चों को ऊंची जगह पर ले जाएं।

प्रींसिपल ने बस ड्राइवरों से भी किया संपर्क

उन्होंने स्कूल बस ड्राइवरों से भी संपर्क किया और उन्हें वापस लौटने को कहा। हालांकि, एक बस से संपर्क नहीं हो पा रहा था। राजेंद्र दावाड़ी ने बाहर आकर देखा तो वही बस लोहे के पुल को पार कर स्कूल की तरफ बढ़ रही थी और नीचे नदी का विकराल पानी स्कूल परिसर की तरफ तेजी से आ रहा था। प्रिंसिपल साहब ने पूरी ताकत से चिल्लाकर और हाथ हिलाकर ड्राइवर को इशारा किया। ड्राइवर ने पलक झपकते ही बस को रिवर्स किया और सुरक्षित दूरी पर ले गया। बस के हटते ही वो पुल ताश के पत्तों की तरह ढह गया और नदी में समा गया।

जान बचाकर पहाड़ी पर भागे बच्चे

जैसे-जैसे खतरा बढ़ा, छात्र पहाड़ी की ओर जाने लगे। खबर है कि एक लड़की को पैनिक अटैक आया और उसे मोटरसाइकिल से सुरक्षित जगह ले जाना पड़ा, जबकि बाकी बच्चे पैदल ही भाग निकले। जब छात्र नदी से दूर जा रहे थे, तो दवाड़ी उनके साथ ही रहे।

बाद में बाढ़ का पानी उस इलाके में फैल गया, जिससे स्कूल बर्बाद हो गया और नदी के किनारे बनी इमारतें बह गईं। जब पानी का तेज बहाव घाटी से गुजर रहा था, तब छात्रों ने एक बोधि वृक्ष के नीचे शरण ली।

प्रिंसिपल दावाड़ी ने 1,643 मासूमों को बचाया

हालांकि, इस आपदा से प्रिंसिपल दावाड़ी ने 1,643 मासूमों को तो सुरक्षित बचा लिया, लेकिन स्कूल ने अपने दो बहादुर साथियों को खो दिया। 32 साल के नए सोशल हिस्ट्री टीचर संतोष परियार क्लास लेने के बाद खाना पकाने अपने कमरे पर गए थे और बाढ़ में बह गए। वहीं, स्कूल के सफाईकर्मी सुल्तान लामा की भी मौत हो गई। बताया जाता है कि वे स्कूल को सुरक्षित करने के लिए वापस लौटे थे।

दुनियाभर की मीडिया में नेशनल हीरो के तौर पर सराहे जाने के बाद भी राजेंद्र दावाड़ी की आंखों में अपनों को खोने का गम है। मलबे के ढेर को देखते हुए वे बेहद विनम्रता से बस एक ही बात कहते हैं, “मैं करता भी तो क्या? उस वक्त मेरे बच्चों की जान से बढ़कर कुछ नहीं था।”

स्कूल बनाने के लिए भारत से मदद की मांग

दावाड़ी के लिए, रेस्क्यू ऑपरेशन एक और चुनौती की शुरुआत भर थी। स्कूल की इमारत के तबाह हो जाने के बाद, अब वे स्कूल को फिर से बनाने के लिए भारत से मदद मांग रहे हैं, ताकि सैकड़ों बच्चे अपनी पढ़ाई फिर से शुरू कर सकें।

भारत ने दी मदद की गारंटी

वहीं, नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने X पर एक पोस्ट में लिखा, मैंने नुवाकोट के बिदुर में स्थित त्रिभुवन त्रिशूली सेकेंडरी स्कूल के प्रिंसिपल राजेंद्र दवाडी से मुलाकात की। रसुवा में अचानक आई बाढ़ (flash flood) में स्कूल के बह जाने से ठीक पहले, उनके समय पर लिए गए फैसले ने 1600 से ज्यादा स्कूली बच्चों की जान बचाई। यह स्कूल 1950 के दशक में बनाया गया था। इसका डिजाइन एक भारतीय इंजीनियर ने तैयार किया था, जो त्रिशूली हाइड्रोपावर प्लांट के निर्माण से जुड़े थे, और इसे भारत की मदद से बनाया गया था। इस स्कूल की नई इमारत भी 2022 में भारत की मदद से HICDP प्रोग्राम के तहत बनाई गई थी। श्रीवास्तव ने दवाड़ी को भरोसा दिलाया कि भविष्य में भारत, नेपाल में भारतीय दूतावास के माध्यम से स्कूल के पुनर्निर्माण में मदद करेगा।

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19 सितंबर से शुरु होगा Family Full House with Rohit Sharma, टीजर हुआ रीलीज (Video)

भारतीय पूर्व कप्तान रोहित शर्मा जल्द ही अपना फैमिली शो Family Full House with Rohit Sharma.में बतौर होस्ट शिरकत करते हुए नजर आएंगे। उन्होंने इस टीजर को रीट्विट कर कैप्शन में लिखा कि 19 सितंबर का प्लान सेट कर दिया है। मीडिया सूत्रों के मुताबिक यह मशूहर अमेरिकी शो द फैमिली फ्यूड(The Family Feud) का भारतीय संस्करण होगा और इसके 40 एपिसोड रोहित शर्मा को शूट करने होंगे।इस अमेरिकी शो में मशहूर होस्ट स्टीव हार्वे की भूमिका रोहित शर्मा निभाएंगे।

संन्यास की अटकलें जुलाई से हो रही है तेज

17 जुलाई (शुक्रवार) से मीडिया सूत्रों में यह अटकलें लग रही थी कि वह संन्यास के बारे में सोच रहे हैं और 19 जुलाई को (रविवार) को लॉर्ड्स पर खेला जाने वाला एकदिवसीय मैच उनका अंतिम मैच होगा। इस मैच से पहले या तो वह खुद संन्यास ले लेंगे या फिर ड्रॉप हो जाएंगे।लेकिन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के सचिव देवजीत सैकैया ने कहा है कि यह सब अफवाह है। वह जब तक चाहे क्रिकेट खेल सकते हैं।

माना जा रहा था रोहित शर्मा ने अपने PR यानि कि जनसंपर्क के कारण अफगानिस्तान सीरीज में अपनी जगह बचा ली थी लेकिन इंग्लैंड उनकी अंतिम सीरीज मानी जा रही थी।रोहित शर्मा ने फिर जबरदस्त जनसंपर्क की बिसात बिछाकर अपनी जगह एक बार फिर बचा ली और आलोचकों के मुंह शतक लगाकर बंद कर दिए।

साल भर रहा बुरा फॉर्म, लॉर्ड्स पर मिली संजीवनी

गौरतलब है कि रोहित शर्मा खराब फॉर्म से जूझ रहे थे और इंग्लैंड के पहले दो एकदिवसीय मैच में फ्लॉप रहे थे। जिसके बाद उनकी संन्यास की अटकलें लगनी शुरु हो गई थी। हालांकि आज उन्होंने बेहतरीन पारी खेली। रोहित शर्मा ने 110 गेंदो में 138 रन बनाए। उन्हें जैकब बैथल ने बोल्ड किया।

रोहित शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले एकदविसीय मैच में 21 गेंदो में 11 रन बनाए थे।  दूसरे एकदिवसीय मैच में 47 गेंद में 1 चौका और छक्का मारने के बाद 26 रन बनाकर आउट हुए। उनका 5 रनों पर गस एटिंकसन ने कैच छोड़ा था।

अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे एकदिवसीय मैच को छोड़ दे तो इस साल रोहित का प्रदर्शन औसत से नीचे रहा है।पहले मैच में वह 16 रन बनाकर रनआउट हो गए और दूसरे मैच में वह 39 गेंदों में 48 रन बनाकर बोल्ड हो गए।

इससे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ पहली एकदिवसीय सीरीज में रोहित शर्मा फ्लॉप रहे और टीम को शुरुआत में बड़ा स्कोर नहीं दे सके। रोहित शर्मा 3 मैचों में 20 की औसत से 61 रन बना पाए। पूरी सीरीज में उन्होंने 9 चौके और 2 छक्के लगाए।पहले मैच में उन्होंने 29 गेंदो पर 26 रन, दूसरे मैच में उन्होंने 38 गेंदो में 24 रन और तीसरे मैच में 13 गेंदो में 11 रन बनाए।