अगले 6-12 महीनों में नई ऊंचाई पर पहुंच सकता है बाजार, नीलेश शाह ने बताई वजह

बाजार अगले 6-12 महीनो में नई ऊंचाई पर पहुंच सकता है। इनविजन कैपिटल के फाउंडर नीलेश शाह ने यह अनुमान जताया है। उन्होंने पेटीएम के शेयरों में तेजी जारी रहने की उम्मीद जताई है। उनका मानना है कि अच्छी अर्निंग्स ग्रोथ, अनुकूल पॉलिसी और बेहतर होते इनवेस्टर सेंटिमेंट से अगली कुछ तिमाही में पेटीएम के शेयरों में तेजी जारी रह सकती है।

बाजार अगले चरण की तेजी के लिए तैयार

उन्होंने कहा कि लंबे समय तक कंसॉलिडेशन के बाद शेयर बाजारों में अगले चरण की तेजी के लिए एक मजबूत बुनियाद बनी है। बैंकिंग और आईटी जैसे सेक्टर में अच्छी अर्निंग्स ग्रोथ दिख सकती है। विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) की खरीदारी भी फिर से शुरू होने की उम्मीद है। इससे अगले 6 से 12 महीनों में बाजार के प्रमुख सूचकांक नई ऊंचाई पर पहुंच सकते हैं।

इन वजहों से बढ़ेगी कॉर्पोरेट अर्निंग्स

उन्होंने कहा, “मेरा मानना है कि कंपनियों की अर्निंग्स बढ़ने के बड़े कारण हैं। अगली कुछ तिमाहियों में स्ट्रॉन्ग ग्रोथ दिख सकती है। बीती कुछ तिमाहियों में पॉलिसी के स्तर पर जो कदम उठाए गए हैं, उनका पूरा असर अभी कंपनियों की अर्निंग्स पर नहीं दिखा है।” उन्होंने कहा कि अगर सरकार नए रिफॉर्म्स करती है तो इससे विदेशी कैपिटल की आवक शुरू हो सकती है।

इन सेक्टर का प्रदर्शन कंसॉलिडेशन के दौरान भी बेहतर

शाह ने कहा कि कुल मिलाकर आउटलुक कंस्ट्रक्टिव लगता है। ऐसा लगता है कि बुरा दौर बीत चुका है। उन्होंने उन सेक्टर्स को अपनी पसंद बताया, जिनका प्रदर्शन बाजार में कंसॉलिडेशन के दौरान भी अच्छा रहा। इनमें डिजिटल प्लेटफॉर्म्स, डिफेंस और एयरोस्पेस कंपनियां शामिल हैं।

आने वाले हैं बाजार में बड़े आईपीओ

उन्होंने कहा कि एनएसई और एनएसडीएल के आईपीओ आने वाले हैं। मार्केट में लिक्विडिटी का एक बड़ा हिस्सा इन शेयरों में जाएगा। हालांकि, म्यूचु्अल फंड्स और सिप के जरिए अच्छा निवेश हो रहा है, जिससे मार्केट में अतिरिक्त सप्लाई से कोई निगेटिव असर नहीं पड़ेगा।

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बाजार का सेंटीमेंट अब हो रहा बेहतर

बीते कुछ महीनों में बाजार पर बड़ा दबाव दिखा था, जिसकी वजह मध्यपूर्व में टेंशन से क्रूड की कीमतों में उछाल था। अब क्रूड की कीमतें नीचे आ रही हैं। इसका पॉजिटिव असर मार्केट पर पड़ा है। अमेरिका-ईरान के बीच डील की खबर का भी बाजार पर पॉजिटिव असर पड़ा है।

Vaibhav Sooryavanshi: टीम इंडिया की जर्सी पहनते ही इमोशनल हुए वैभव सूर्यवंशी, कही अपने दिल की बात…वीडियो आया सामने

आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम रवाना हो गई है। वहीं श्रेयस अय्यर की कप्तानी में टी20 विश्व कप जीतने के बाद भारतीय टीम की ये पहली टी20 सीरीज है। वहीं भारत के 15 सदस्यीय टीम में 15 साल के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को भी शामिल किया गया है। हाल ही में वैभव सूर्यवंशी को पहली बार टीम इंडिया की जर्सी मिली। सिर्फ 15 साल की उम्र में सीनियर भारतीय टीम में जगह बनाने वाले वैभव ने कहा कि जर्सी पहनते ही वह इमोशनवल हो गए। भारतीय जर्सी पहनना उनका बचपन का सपना था। बीसीसीआई द्वारा शेयर किए गए वीडियो में उन्होंने अपनी इस यादगार उपलब्धि को सपने के सच होने जैसा बताया।

जर्सी पहनने के बाद इमोशनल हुए वैभव

वैभव सूर्यवंशी ने वीडियो में कहा, “इस एहसास को शब्दों में बयां करना बहुत मुश्किल है। जब मैंने पहली बार बल्ला हाथ में लिया था और क्रिकेट खेलना शुरू किया था, तभी से मेरा सपना भारत की जर्सी पहनने का था। आज वह सपना पूरा हो गया है। यह मेरे लिए बेहद खास और अविश्वसनीय पल है। ये किसी सपने के सच होने जैसा लगता है।”

सूर्यवंशी ने आगे कहा, “जैसे ही मैंने टीम इंडिया की जर्सी देखी, मेरी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। मैं लगातार मुस्कुरा रहा था और उस पल को महसूस कर रहा था। कई बार जिंदगी में कुछ ऐसे मौके आते हैं, जिनके बारे में आपने कभी सोचा भी नहीं होता। जब वह पल सामने आता है, तो समझ नहीं आता कि कैसी प्रतिक्रिया दी जाए। मेरे साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ।”

ट्राई सीरीज में खेली शानदार पारी

वैभव सूर्यवंशी को भारतीय टीम में मौका मिलने के पीछे उनका शानदार प्रदर्शन बड़ी वजह रहा है। पिछले कुछ महीनों में उन्होंने अपने खेल से सभी का ध्यान खींचा है और युवा खिलाड़ियों में अपनी अलग पहचान बनाई है। यूनाइटेड किंगडम दौरे पर रवाना होने से पहले उन्होंने श्रीलंका ए के खिलाफ त्रिकोणीय सीरीज के फाइनल में इंडिया ए के लिए धमाकेदार बल्लेबाजी की। बाएं हाथ के बल्लेबाज वैभव ने सिर्फ 29 गेंदों में 94 रन ठोक दिए और लिस्ट-ए क्रिकेट में महज 11 गेंदों पर अर्धशतक पूरा कर नया रिकॉर्ड बना दिया। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने उन्हें भारतीय क्रिकेट के सबसे चर्चित युवा खिलाड़ियों में शामिल कर दिया है।

अब 15 वर्षीय ये युवा बल्लेबाज जूनियर क्रिकेट, इंडिया ए और आईपीएल में सफलता हासिल करने के बाद भारतीय सीनियर टीम के लिए खेलने के अपने सबसे बड़े सपने को पूरा करने के बेहद करीब पहुंच गया है।

Gold Silver Prices: सोने-चांदी में बड़ी गिरावट, ETF भी टूटा; ये 5 कारण हैं जिम्मेदार

Gold Silver Prices: सोने और चांदी में मंगलवार को बड़ी गिरावट दिखी। यह ट्रेंड वैश्विक और घरेलू, दोनों बाजारों में दिखा। गोल्ड और सिल्वर ETF भी लाल निशान में ट्रेड करते नजर आए। इसकी वजह फेडरल रिजर्व का रुख और भू-राजनीतिक घटनाक्रम हैं।

ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन (AIJGF) के राष्ट्रीय महासचिव नितिन केडिया का कहना है कि सितंबर में अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने की आशंका है। वहीं, बैंक ऑफ अमेरिका ने 2026 में तीन बार ब्याज दर बढ़ने का अनुमान दिया है। इस फैक्टर ने भी निवेशकों की चिंताओं को और बढ़ा दिया है।

सोने और चांदी में कितनी गिरावट

गोल्ड दोपहर 2.40 बजे तक करीब 2100 रुपये यानी 1.42% की गिरावट के साथ 1,46,010 रुपये प्रति 10 ग्राम पर था। हालांकि, एक वक्त यह गिरकर 1,45,510 रुपये तक पर आ गया था। वहीं, चांदी 7300 रुपये यानी 3% से ज्यादा टूटकर 2,27,010 प्रति किलो पर थी। ये भी कारोबार के दौरान गिरकर 2,25,666 रुपये तक आ गई थी।

अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार की बात करें, तो वहां सोना करीब 2% गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा था। वहीं, चांदी में 5% से ज्यादा की गिरावट आई है। गोल्ड और सिल्वर ETF भी लगभग इतना ही टूटे हैं।

गोल्ड-सिल्वर गिरने के 5 बड़े कारण

फेडरल रिजर्व के कड़े संकेत: अमेरिकी सेंट्रल बैंक ने संकेत दिए हैं कि महंगाई को काबू में रखने के लिए इस साल ब्याज दरों में बढ़ोतरी की जा सकती है। ब्याज दरें बढ़ने से निवेशक बॉन्ड्स में निवेश करना पसंद करते हैं। क्योंकि सोने-चांदी में ब्याज नहीं मिलता।

ब्याज दर बढ़ने का अनुमान: बैंक ऑफ अमेरिका ने 2026 में ब्याज दरों में तीन बार बढ़ोतरी का अनुमान दिया है। इसके चलते भी निवेशकों ने सोने और चांदी में बिकवाली बढ़ा दी है।

निवेशकों की मुनाफावसूली: ब्याज दर में बढ़ोतरी की आशंका से निवेशक गोल्ड और सिल्वर में मुनाफावसूली भी कर रहे हैं। गोल्ड-सिल्वर ETF में भी प्रॉफिट बुकिंग दिख रही है।

अमेरिकी डॉलर: डॉलर इंडेक्स में बढ़ोतरी देखने को मिली है। डॉलर मजबूत होने से विदेशी मुद्रा रखने वाले खरीदारों के लिए सोना-चांदी महंगा हो जाता है। इससे ग्लोबल डिमांड पर असर दिखता है।

भू-राजनीतिक तनाव में कमी: अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की बातचीत में सकारात्मक प्रगति हुई है। इससे वैश्विक स्तर पर जोखिम में कुछ नरमी आई है। ऐसे में निवेशक सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने और चांदी से अपना पैसा निकाल रहे हैं।

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बेटा, बहू, बेटी, दामाद और ग्रैंड चिल्ड्रेन एक साथ 9 को खोने वाला ये बुजुर्ग जोड़ा मांग रहा अपनी मौत! श्यामभाई और मधुबेन की कहानी दर्दनाक

सूरत के 73 वर्षीय श्यामभाई कापूर्जी गहलोत और उनकी 68 वर्षीय पत्नी मधुबेन ने जिला प्रशासन से इच्छा-मृत्यु की अनुमति की मांग की है। दंपती का कहना है कि वर्षों से चल रहे संपत्ति विवाद और कथित प्रशासनिक उत्पीड़न ने उन्हें पूरी तरह टूटने की कगार पर पहुंचा दिया है। उनके अनुसार, लगातार कानूनी लड़ाई, दुकानों की बार-बार सीलिंग और आर्थिक नुकसान ने उनकी जिंदगी को बेहद कठिन बना दिया है। पहले परिवार में हुए दर्दनाक सड़क हादसे और अपनों की मौत ने पहले ही उन्हें गहरे सदमे में डाल दिया था, और अब मौजूदा हालात ने उनकी हिम्मत पूरी तरह खत्म कर दी है।

दंपती का आरोप है कि उन्हें न्याय की उम्मीद अब नजर नहीं आती, और वे मानसिक व भावनात्मक रूप से पूरी तरह थक चुके हैं। इसी वजह से उन्होंने प्रशासन से अंतिम राहत के रूप में इच्छा-मृत्यु की अनुमति की मांग की है।

11 दुकानों का विवाद बना जीने की वजह

दंपती का कहना है कि उन्होंने 2006 में 11 छोटी व्यावसायिक दुकानें खरीदी थीं। 2008 में यह इलाका सूरत नगर निगम (SMC) के तहत आ गया, जिसके बाद वे लगातार इन संपत्तियों पर टैक्स भी भरते रहे। लेकिन 2021 में बिना किसी पूर्व नोटिस के उनकी दुकानें सील कर दी गईं।

कोर्ट की लड़ाई और अस्थायी राहत

इसके बाद उन्होंने गुजरात हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और लगभग पांच साल तक कानूनी लड़ाई लड़ी। फायर विभाग की रिपोर्ट में कहा गया कि इन छोटी दुकानों पर बड़े कॉमर्शियल भवनों जैसे नियम लागू नहीं होते, जिसके बाद उन्हें राहत मिली और दुकानें 31 जनवरी को खोल दी गईं।

फिर से सील, फिर से विवाद

लेकिन राहत ज्यादा दिन नहीं टिक सकी। दंपती का आरोप है कि 30 मई को उनकी दुकानें फिर से बिना किसी नोटिस के सील कर दी गईं। उनका कहना है कि यह कार्रवाई अचानक और बिना किसी स्पष्ट कारण के की गई।

दबाव और आरोपों की परतें

श्यामभाई गहलोत ने यह भी आरोप लगाया कि उन पर स्थानीय स्तर पर एक राजनीतिक नेता से मिलने का दबाव बनाया गया और उनकी संपत्ति पर कब्जे की कोशिशें हुईं। उन्होंने कहा कि कई बार स्पष्टीकरण मांगने के बावजूद उन्हें कोई लिखित जवाब नहीं मिला।

परिवार की त्रासदी और टूटता हौसला

इस दर्द को और गहरा करने वाली घटना 2016 में हुई, जब एक सड़क हादसे में उनके परिवार के नौ सदस्य उनका इकलौता बेटा, बहू, पोते-पोतियां और अन्य रिश्तेदार एक साथ चल बसे। तब से यह दंपती अकेले जीवन बिता रहा है और एक-दूसरे का सहारा ही उनका पूरा संसार है।

 “अब जीने की इच्छा नहीं बची”

दंपती ने अपने आवेदन में साफ लिखा है कि लगातार कानूनी लड़ाई, आर्थिक नुकसान और मानसिक तनाव ने उन्हें इस हद तक तोड़ दिया है कि अब वे जीवन समाप्त करने की अनुमति चाहते हैं। उनका कहना है अगर न्याय नहीं मिल सकता, तो उनके लिए जीवन का कोई अर्थ नहीं बचा है।

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Delhi Weather: दिल्ली में अचानक आई धूल भरी आंधी, 40 Kmph की रफ्तार से चली हवा, रेड अलर्ट जारी

Delhi Weather Today: राजधानी दिल्ली समेत आसपास के इलाकों में मंगलवार (23 जून) की दोपहर में अचनाक मौसम बदल गया। धूल भरी आंधी चली। मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी करते हुए बताया कि दिल्ली में करीब 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली।

दिन में दिखा रात सा नजारा 

बता दें कि, दिल्ली और आसपास के इलाकों में अचानक आई धूल भरी आंधी के कारण दिन में ही रात सा माहौल हो गया। धूल भरी आंधी से पूरा आसमान ढक गया। तेज हवाओं ने सड़क पर चल रहे राहगीरों की मुश्किलें बढ़ा दी। बता दें कि मंगलवार की सुबह IMD ने बताया था कि , दिल्ली में दिन में कहीं-कहीं आंधी-तूफान की गतिविधि हो सकती है। तेज हवाओं से पिछले कुछ दिनों से बनी उमस भरी स्थिति से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

बता दें कि, भारतीय मौसम विभाग ने पहले ही 23 जून 2026 को दिल्ली में आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने, तेज हवाएं चलने और आंधी-तूफान की संभावना जताई थी। मौसम विभाग ने दोपहर और शाम के समय आंधी-तूफान की स्थिति बनने का अनुमान लगाया था साथ ही 40  किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं जो दिन में 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।

उधर मंगलवार को सुबह साढ़े नौ बजे दिल्ली का एक्यूआइ 145 दर्ज किया गया। इसे ‘मध्यम’ श्रेणी में रखा जाता है। एनसीआर के शहरों में भी हवा संतोषजनक से मध्यम श्रेणी में चल रही है। वहीं अधिकतम तापमान 39°C से 41°C के बीच रहने की संभावना है, जबकि न्यूनतम तापमान 24°C से 26°C के बीच रहने की उम्मीद है।

खबर अपडेट हो रही है…

Ram Mandir Daan Chori Case: एसआईटी ने सरकार को सौंपी राम मंदिर में कथित चंदा चोरी की रिपोर्ट, जानें- बड़ी बातें

Ayodhya Ram temple donation case: उत्तर प्रदेश के अयोध्या में श्री राम मंदिर के लिए मिले चंदे में कथित हेराफेरी के आरोपों की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने मंगलवार (23 जून) को यूपी सरकार को अपनी शुरुआती जांच रिपोर्ट सौंप दी। लखनऊ के डिविजनल कमिश्नर विजय विश्वास पंत ने एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (होम) संजय प्रसाद को यह शुरुआती रिपोर्ट सौंपी। उन्होंने बताया कि स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की जांच अभी भी चल रही है। मामले में अभी जानकारी जुटाई जा रही है।

अयोध्या राम मंदिर में मिले चंदे के गलत इस्तेमाल के आरोपों के बाद मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को SIT का गठन किया था। SIT द्वारा शुरुआती रिपोर्ट सौंपने के बाद, पंत ने PTI वीडियो को बताया कि SIT अगले 10 से 15 दिनों के भीतर अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपने की कोशिश कर रही है। पंत ने कहा, “अब तक सामने आई जानकारी और हमारे पास मौजूद तथ्यों के आधार पर हमने आज पहली रिपोर्ट सौंपी है। यह केवल शुरुआती रिपोर्ट है और अंतिम रिपोर्ट कुछ समय बाद सौंपी जाएगी।”

उन्होंने कहा कि रिपोर्ट गोपनीय है। उन्हें इस चरण में मीडिया के साथ जांच के नतीजों का विवरण साझा करने की अनुमति नहीं है। जब उनसे पूछा गया कि क्या टीम आगे की जांच के लिए अयोध्या लौटेगी क्योंकि सौंपी गई रिपोर्ट केवल शुरुआती थी? इस पर पंत ने PTI से कहा, “बिल्कुल, हम जरूरत के हिसाब से ऐसा करेंगे।”

अखिलेश यादव ने उठाया था मामला

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 7 जून को उन रिपोर्टों का हवाला दिया था जिनमें दावा किया गया था कि राम मंदिर में दिए गए चंदे में से करोड़ों रुपये गायब हैं। उन्होंने अदालतों से इस मामले का संज्ञान लेने का आग्रह किया था। यादव ने SIT जांच पर रोज़ाना जानकारी देने की मांग की थी। साथ ही आरोप लगाया था कि एजेंसी पर जनता का भरोसा कम हो गया है, जिसे उन्होंने BJP सरकार के तहत बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का नतीजा बताया था।

मंदिर से जुड़े लोगों को जांच पूरी होने तक अयोध्या न छोड़ने का निर्देश

राम मंदिर के दान में कथित हेराफेरी की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों और अन्य संबंधित लोगों को जांच पूरी होने तक अयोध्या नहीं छोड़ने के निर्देश दिए। सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी ने रविवार को लखनऊ रवाना होने से पहले यह निर्देश दिए। सूत्रों ने बताया कि ट्रस्ट के पदाधिकारियों और जांच से जुड़े अन्य लोगों से पूछताछ सहित रोजाना की जांच रिपोर्ट डिजिटल रूप में सुरक्षित की जा रही हैं। सूत्रों ने बताया कि एसआईटी अपनी जांच रिपोर्ट रोजाना मुख्यमंत्री कार्यालय को भेज रही है।

सूत्रों के मुताबिक, सबसे बड़ी कथित अनियमितता कुंभ मेले के दौरान सामने आई, जब करीब दो महीने की अवधि में रोजाना लगभग 10 लाख श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे थे। दान पेटियां दो घंटे के भीतर ही नोटों से भर जाती थीं। यही वजह है कि एसआईटी इस दान की निगरानी एवं हिसाब-किताब की गहराई से जांच कर रही है। सूत्रों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में भगवान राम को चढ़ाए गए सोने, चांदी के आभूषणों, हीरे और अन्य कीमती पत्थरों के रिकॉर्ड में कथित गड़बड़ी सामने आई है।

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Trading Strategy : ग्लोबल बाजारों से मिले कमजोर संकेत बाजार पर पड़े भारी, जानिए अब क्या हो ट्रेडिंग रणनीति

Trading Strategy : ग्लोबल बाजारों से कमजोर संकेत भारतीय बाजार पर भारी पड़े है। निफ्टी 200 प्वाइंट से ज्यादा फिसलकर 23900 के नीचे आ गया है। बैंक निफ्टी करीब 650 प्वाइंट गिरा है। वोलैटिलिटी इंडेक्स INDIA VIX 9% से ज्यादा चढ़कर 14 के करीब पहुंच गया है। चिप शेयरों में दबाव जारी है। नैस्डैक फ्यूचर्स 700 प्वाइंट से ज्यादा टूटा है। एशिया में कोस्पी में 10% का लोअर सर्किट लगा है। दूसरे एशियाई बाजारों में भी तेज गिरावट देखने को मिल रही है। डॉलर इंडेक्स के 101 के ऊपर निकलने से मेटल सेक्टर में तगड़ी मुनाफावसूली आई है। मेटल इंडेक्स 3.5 फीसदी टूटा है। नाल्को,हिंदुस्तान जिंक और NMDC वायदा के टॉप लूजर्स में शामिल हैं। IT इंडेक्स में भी दो फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई है। साथ ही सरकारी बैंक,कंज्यूर ड्यूरेबल और कैपिटल मार्केट शेयर भी फिसले हैं। वहीं कमजोर बाजार में भी फार्मा शेयर मजबूत दिख रहे हैं।

बाजार: बड़ी गिरावट

ऐसे में बाजार में अपनी रणनीति साझा करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि भारतीय बाजारों पर ग्लोबल बाजारों की गिरावट हावी हो गई है। एशिया और US फ्यूचर्स में गिरावट का असर देखने को मिल रहा है। निफ्टी ने इंट्राडे में 23,900 तोड़ा है। बैंक निफ्टी में भी बड़ी गिरावट आई है। इंफोसिस की अगुवाई में IT में फिर गिरावट आई है। निफ्टी IT फिर 52-WEEK LOW के करीब है। आज मिडकैप और स्मॉलकैप में भी बड़ी गिरावट आई है। बड़ा सवाल यह है कि क्या आज ट्रेंड बदला है?

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बाजार: अब क्या?

अगर निफ्टी 23,900 के नीचे बंद हो तो बाहर हों। एक ना एक दिन तो ट्रेलिंग SL लगना ही था। फिर भी ये वाली स्विंग काफी अच्छी रही है। आज बाजार में थोड़ी घबराहट है। हमारे मार्केट्स का इतना गिरने का लॉजिक नहीं है। कोरिया जब 50% भागा हम तो नहीं भागे। आज कोरिया 10% गिरा तो हम क्यों गिरे? कच्चा तेल अभी भी $77 के ही करीब है। आज थोड़ा एक्सपायरी का भी प्रेशर लगता है।

निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीति साझा करते हुए अनुज सिंघल ने कहा कि निफ्टी के लिए अगला सपोर्ट 23,800-23,850 पर और बैंक निफ्टी के लिए अगला सपोर्ट 57,000-57,200 पर है।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

IMD Heavy Rain Alert: मानसून की यूपी में एंट्री की आहट के बीच IMD ने इन 14 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट दिया, कहां-कहां आंधी तूफान?

India Weather Update: देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार तेज होने के साथ ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 23 जून को मानसून की ताजा स्थिति और देशभर के लिए भारी बारिश का विस्तृत बुलेटिन जारी किया है। उत्तर प्रदेश में मानसून की दस्तक की आहट के बीच मौसम विभाग ने देश के 14 राज्यों/क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही कई मैदानी और पहाड़ी राज्यों में तेज आंधी-तूफान और बिजली कड़कने की भी चेतावनी दी गई है। आइए जानते हैं अगले कुछ दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों में कैसा रहने वाला है मौसम का हाल।

मानसून की ताजा स्थिति और यूपी में एंट्री की आहट

मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है। मानसून फिलहाल मुंबई समेत महाराष्ट्र के कुछ और हिस्सों, मध्य अरब सागर के बचे हुए भागों, तेलंगाना, ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के कई नए इलाकों में आगे बढ़ चुका है। मानसून की उत्तरी सीमा दहानू, वर्धा, रायपुर, डालटनगंज और मोतिहारी से होकर गुजर रही है। आईएमडी के मुताबिक अगले 2-3 दिनों के भीतर मानसून उत्तरी अरब सागर, गुजरात, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के कुछ और हिस्सों में दस्तक दे देगा। इसके ठीक बाद यानी अगले 3-4 दिनों के दौरान बिहार-झारखंड के बचे हुए हिस्सों को कवर करते हुए उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में मानसून की आधिकारिक एंट्री हो जाएगी।

देश के इन 14 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट

आईएमडी बुलेटिन के मुताबिक इस सप्ताह पश्चिमी तट, पूर्वोत्तर भारत और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 7 से 20 सेमी तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। आज और आने वाले दिनों के लिए प्रभावित 14 प्रमुख राज्य/क्षेत्र यहां नीचे दिए गए हैं-

  • कोंकण और गोवा: यहां 23 जून को कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी और अलग-अलग हिस्सों में अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट है। 24-26 जून के दौरान भी यहां भारी से बहुत भारी बारिश जारी रहेगी।
  • बिहार: यहां 25 से 29 जून के दौरान भारी बारिश होगी जबकि 28 जून को कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश का अनुमान है।
  • ओडिशा और झारखंड: ओडिशा में 23-27 जून के दौरान भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।
  • उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम: यहां 23 जून और फिर 25-29 जून के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी है।
  • असम और मेघालय: पूर्वोत्तर के इन राज्यों में 23 जून और फिर 26-27 जून को मूसलाधार (भारी से बहुत भारी) बारिश की आशंका है।
  • अरुणाचल प्रदेश: यहां 23 जून और फिर 26-29 जून के दौरान भारी बारिश का अनुमान है।
  • नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: इन राज्यों में 23 जून और 26-27 जून को भारी वर्षा की संभावना जताई गई है।
  • मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा: मध्य महाराष्ट्र में 23 जून और 26 जून को बहुत भारी बारिश जबकि मराठवाड़ा में 25-26 जून को भारी बारिश का अलर्ट है।

दक्षिण गुजरात: यहां 23 जून को भारी बारिश की संभावना है।

तटीय और आंतरिक कर्नाटक: तटीय कर्नाटक में 23-26 जून के बीच बहुत भारी बारिश और 27-29 जून को भारी बारिश होगी। आंतरिक कर्नाटक के दक्षिणी हिस्से में 24-29 जून तक भारी बारिश का अलर्ट है।

  • केरल और माहे: यहां 23 जून और फिर 26-29 जून के दौरान भारी बारिश का अनुमान है।
  • तेलगंगाना: मानसून के सक्रिय होने से यहां 23 से 29 जून के दौरान भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
  • तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल: यहां 26 से 29 जून के दौरान भारी बारिश की संभावना है।
  • आंध्र प्रदेश और रायलसीमा: तटीय आंध्र प्रदेश में 23 जून और 25-27 जून को जबकि रायलसीमा में 27 जून को भारी बारिश हो सकती है।

कहां-कहां आएगा आंधी-तूफान?

मौसम विभाग ने कई राज्यों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ तूफान का अलर्ट जारी किया है। 23 जून को पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 50-60 किमी/घंटे की रफ्तार से विनाशकारी थंडरस्क्वाल (तीव्र झंझावात) चलने की आशंका है, जिसकी रफ्तार बढ़कर 70 किमी/घंटे तक पहुंच सकती है। बिहार में भी 25 और 26 जून को 50-60 किमी/घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाओं के साथ थंडरस्क्वाल आने का अनुमान है।

40-50 किमी/घंटे की रफ्तार वाली आंधी

उत्तर-पश्चिम भारत: जम्मू-कश्मीर-लद्दाख (23-24 जून), उत्तराखंड (23-25 जून), हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब (23-26 जून और 29 जून)। इसके अलावा राजस्थान में 23 जून को तेज हवाएं चलेंगी और बाद में इसकी रफ्तार 30-40 किमी/घंटे रहेगी।

दक्षिण और पूर्वी भारत: अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, झारखंड (23-29 जून) और ओडिशा (23-25 जून)। इसके अलावा कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में भी इस अवधि में तेज हवाओं के साथ बिजली कड़कने का अलर्ट है।

विदर्भ और पूर्वी यूपी समेत कुछ हिस्सों में लू का सितम जारी

एक तरफ जहां देश का बड़ा हिस्सा मानसूनी बारिश से भीग रहा है, वहीं कुछ इलाकों में अभी भी गर्मी का प्रकोप बना रहेगा-

  • पूर्वी उत्तर प्रदेश: यहां अगले 4-5 दिनों तक (23-27 जून) लू की स्थिति बनी रहेगी।
  • विदर्भ और दक्षिण-पूर्वी मध्य प्रदेश: विदर्भ में अगले 2-3 दिनों (23-25 जून) तक लू का प्रकोप रहेगा जबकि दक्षिण-पूर्वी मध्य प्रदेश और बिहार में 23-24 जून को लू चलने की आशंका है।
  • झारखंड में गर्म रातें: झारखंड के कुछ हिस्सों में 24-25 जून को रातें भी बेहद गर्म और असहज रहने वाली हैं।

Monsoon Breaking: डाल्टेनगंज, मोतिहारी से गुजर रहा मानसून, अब IMD ने बताई यूपी में इसकी एंट्री की तारीख

Monsoon Entry in UP Forecast: उत्तर प्रदेश समेत देश के किसानों और आम जनता के लिए राहत की बड़ी खबर है। दो हफ्तों तक पश्चिमी भारत में सुस्त पड़े रहने के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून ने एक बार फिर जबरदस्त रफ्तार पकड़ ली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के मुताबिक मानसून अब झारखंड के डाल्टेनगंज और बिहार के मोतिहारी से गुजर रहा है।

इसके साथ ही मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश में मानसून की एंट्री की तारीख भी साफ कर दी है। केंद्रीय और पश्चिमी क्षेत्रों में मानसून के आगे बढ़ने से खरीफ फसलों की बुवाई को बड़ा बूस्ट मिलने की उम्मीद है। साथ ही लोगों को भीषण लू से भी बड़ी राहत मिलेगी।

डाल्टेनगंज और मोतिहारी पहुंची मानसून की सीमा

IMD के मुताबिक 23 जून को मानसून की उत्तरी सीमा अब देश के कई महत्वपूर्ण हिस्सों को पार कर चुकी है। आज की तारीख में मानसून की यह रेखा दहानू, वर्धा, रायपुर, डाल्टेनगंज और मोतिहारी से होकर गुजर रही है। मानसून ने मध्य अरब सागर के बचे हुए हिस्सों, मुंबई सहित महाराष्ट्र के कुछ और इलाकों, तेलंगाना, ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के कई नए क्षेत्रों को पूरी तरह कवर कर लिया है।

उत्तर प्रदेश में इस दिन होगी मानसून की एंट्री

IMD ने अपने लेटेस्ट वेदर बुलेटिन में देश के विभिन्न राज्यों में मानसून के आगे बढ़ने का एक अनुमानित टाइमफ्रेम जारी किया है। अगले 2-3 दिनों में उत्तर अरब सागर के कुछ हिस्सों, गुजरात, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों के साथ-साथ मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में मानसून दस्तक दे देगा।

मध्य प्रदेश में एंट्री के बाद मानसून अगले 3-5 दिनों में आगे बढ़ेगा और झारखंड व बिहार के बचे हुए हिस्सों को कवर करते हुए उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में प्रवेश कर जाएगा। यानी अगले एक हफ्ते के भीतर यूपी में मानसूनी बारिश का दौर शुरू होने की पूरी संभावना है।

दो हफ्ते तक क्यों अटका रहा मानसून?

रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक मानसून ने 8 जून को ही दक्षिणी महाराष्ट्र में दस्तक दे दी थी लेकिन इसके बाद करीब दो हफ्तों तक इसकी रफ्तार थम गई थी। मौसम अधिकारियों के मुताबिक भूमध्य सागर से उठने वाले पश्चिमी विक्षोभ के कारण मानसून की प्रगति रुक गई थी। पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत में बारिश और बर्फबारी लाते हैं लेकिन कभी-कभी ये मानसूनी हवाओं के मार्ग में रुकावट भी पैदा कर देते हैं। अब यह बाधा दूर हो चुकी है और मानसून दोबारा मोमेंटम पकड़ रहा है।

भारतीय अर्थव्यवस्था और खेती के लिए क्यों अहम है यह बदलाव?

भारत की लगभग 4 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लिए जून से सितंबर के बीच होने वाली मानसूनी बारिश बेहद महत्वपूर्ण है। देश की करीब आधी आबादी अपनी आजीविका के लिए कृषि पर निर्भर है। भारत की लगभग आधी कृषि भूमि सिंचाई के लिए पूरी तरह बारिश पर निर्भर है। यह चार महीने का मानसून देश की सालाना बारिश का लगभग 70% हिस्सा देता है। इससे जल स्रोतों की रीफिलिंग भी होती है।

जून में अब तक सामान्य से कम रही है बारिश

मौसम विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि अल नीनो के प्रभाव के चलते इस साल जून के पहले 21 दिनों में भारत में औसत से 42.2% कम बारिश दर्ज की गई है। इस पूरे हफ्ते भी बारिश सामान्य से कम रहने का अनुमान है। इससे पहले मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमान में कहा था कि चार महीने के इस मानसूनी सीजन में देश में दीर्घावधि औसत (LPA) की 90% बारिश होने की संभावना है जबकि अकेले जून महीने में एल नीनो के कारण एलपीए (LPA) की 92% बारिश होने का अनुमान जताया गया था।