पीएम मोदी को बड़े ग्लोबल लीडर के तौर पर क्यों पसंद करते हैं ट्रंप? खुद कही ये बात

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दुनिया के उन नेताओं में शामिल बताया है, जिनकी वह सबसे ज्यादा सराहना करते हैं। नेतृत्व क्षमता और वैश्विक प्रभाव पर बात करते हुए ट्रंप ने मोदी का नाम चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ लिया। फ्रांस में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के बाद समाचार वेबसाइट Axios को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने दुनिया के प्रमुख नेताओं के साथ अपने संबंधों और वैश्विक राजनीति को लेकर अपने विचार साझा किए। इंटरव्यू के दौरान जब उनसे पूछा गया कि वे किन विश्व नेताओं की सबसे अधिक प्रशंसा करते हैं, तो ट्रंप ने भारत और चीन का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग का नाम लिया।

शी जिनपिंग और पीएम मोदी का लिया नाम

Axios की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उन विश्व नेताओं में शामिल बताया, जिनकी वह सबसे अधिक प्रशंसा करते हैं। ट्रंप ने शी जिनपिंग को पूरी तरह काम पर केंद्रित नेता बताया, जबकि नरेंद्र मोदी को बेहद मजबूत और सख्त नेतृत्व वाला नेता कहा। हाल के दिनों में ट्रंप की ओर से पीएम मोदी के बारे में की गई सकारात्मक टिप्पणियों में यह एक और महत्वपूर्ण बयान माना जा रहा है। यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब G7 शिखर सम्मेलन के दौरान ट्रंप और मोदी की 16 महीने से अधिक समय बाद पहली आमने-सामने मुलाकात हुई थी।

भारत और अमेरिका के मजबूत संबंधों पर जोर

बातचीत के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और अमेरिका के मजबूत संबंधों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हाल के समय में व्यापार, प्रतिबंधों और ओमान के तट के पास अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में तीन भारतीय नाविकों की मौत जैसे मुद्दों पर कुछ मतभेद जरूर रहे हैं, लेकिन इससे दोनों देशों के रिश्तों की मजबूती पर कोई असर नहीं पड़ा है। मुलाकात के दौरान ट्रंप ने कहा, “हमारे संबंध बेहद अच्छे हैं। इससे ज्यादा करीबी रिश्ते शायद ही हो सकते हैं। हमारे देशों के बीच मजबूत साझेदारी है और इसकी शुरुआत हम दोनों नेताओं से होती है।” ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक सख्त और कुशल वार्ताकार भी बताया। उन्होंने अपनी पहले की टिप्पणी दोहराते हुए कहा कि मोदी बातचीत के दौरान मजबूती से अपनी बात रखते हैं। साथ ही ट्रंप ने संकेत दिया कि भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है।

ट्रेड डील पर कही ये बात

G7 शिखर सम्मेलन के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील होने के काफी करीब है। उन्होंने इस मौके पर एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बातचीत और नेतृत्व क्षमता की सराहना की। ट्रंप ने कहा कि मोदी का व्यक्तित्व बेहद प्रभावशाली है और वह देखने में बहुत शांत और सौम्य लगते हैं। हालांकि, बातचीत और फैसलों के मामले में वह काफी मजबूत और सख्त नेता हैं। ट्रंप के अनुसार, मोदी अपनी बात मजबूती से रखते हैं और सामने वाले को अपने नेतृत्व शैली से प्रभावित कर देते हैं। उन्होंने कहा कि मोदी का शांत स्वभाव और दृढ़ नेतृत्व उन्हें अन्य नेताओं से अलग बनाता है।

इस सवाल से किया इनकार

Axios का यह इंटरव्यू मुख्य रूप से अमेरिका-ईरान शांति प्रयासों के बाद डोनाल्ड ट्रंप की नेतृत्व क्षमता और वैश्विक प्रभाव पर केंद्रित था। बातचीत के दौरान ट्रंप ने दुनिया के कई नेताओं के साथ अपने संबंधों और अनुभवों पर भी चर्चा की। हालांकि, जब उनसे उन नेताओं के बारे में पूछा गया जिन्हें वह कमजोर मानते हैं, तो उन्होंने किसी का नाम लेने से इनकार कर दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने इस बात पर भी खेद जताया कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन G7 समूह का हिस्सा नहीं थे। इसके अलावा उन्होंने फ्रांस में आयोजित शिखर सम्मेलन के दौरान फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की ओर से वर्साय पैलेस में दिए गए स्पेशल स्टेट डिनर का भी जिक्र किया।

Aashadh Gupt Navratri 2026: जुलाई में इस दिन से शुरू होगी आषाढ़ गुप्त नवरात्रि, जानें सभी 10 महाविद्याओं के नाम और महत्व

Aashadh Gupt Navratri 2026: आषाढ़ का महिना चंद्र मास आधारित हिंदू कैलेंडर का चौथा महीना होता है। इस महीने में सबसे ज्यादा बारिश होती है। इसी माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से पूरे साल में आने वाली 4 नवरात्रि पर्व में से आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की शुरुआत होती है। इस समय में शक्ति की उपासना बेहद फलदायी मानी जाती है। साल में चार बार आने वाली नवरात्रि में चैत्र और शारदीय नवरात्रि सबसे अधिक प्रसिद्ध हैं, लेकिन माघ और आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि भी धार्मिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है। आषाढ़ गुप्त नवरात्रि को शाकंबरी नवरात्रि या शाकंबरी उत्सव के नाम से भी जाना जाता है। यह नवरात्रि मुख्य रूप से उत्तर भारत में मनाई जाती है। गुप्त नवरात्रि को साधना, मंत्र जाप और दस महाविद्याओं की आराधना के लिए जाना जाता है। इस साल आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 15 जुलाई से शुरू होकर 23 जुलाई तक चलेगी। इस दौरान देवी की 10 महाविद्याओं की पूजा की जाएगी और भक्त पूरे नौ दिनों तक व्रत एवं उपासना करेंगे।

आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 2026 तिथि और मुहूर्त

गुप्त नवरात्रि का पहला दिन 15 जुलाई 2026 को होगा। इसी दिन घट स्थापना की जाएगी। घट स्थापना का शुभ समय सुबह 5:33 बजे से 10:09 बजे तक रहेगा। पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा होगी।

10 महाविद्याओं के नाम

मां काली : शत्रुओं पर विजय और भय से मुक्ति के लिए मां काली की आराधना की जाती है।

मां तारा : आर्थिक उन्नति, मोक्ष और ज्ञान की प्राप्ति के लिए तारा देवी की पूजा फलदायी है।

मां त्रिपुर सुंदरी (ललिता): सुख-समृद्धि, सुंदरता और ऐश्वर्यपूर्ण जीवन के लिए इनकी साधना की जाती है।

मां भुवनेश्वरी : संतान सुख और पारिवारिक सुख-शांति के लिए भुवनेश्वरी देवी की कृपा अनिवार्य है।

मां छिन्नमस्ता : मानसिक शक्ति और सोची हुई कामनाओं की तत्काल पूर्ति के लिए इनकी पूजा की जाती है।

मां त्रिपुर भैरवी : आत्मविश्वास में वृद्धि और जीवन की बड़ी बाधाओं को दूर करने के लिए भैरवी माता का पूजन करें।

मां धूमावती : संकटों के नाश और दुर्भाग्य को दूर करने के लिए धूमावती देवी की आराधना की जाती है।

मां बगलामुखी : अदालती मामलों, वाद-विवाद और विरोधियों को शांत करने के लिए इनकी पूजा अचूक मानी जाती है।

मां मातंगी : वैवाहिक जीवन की समस्याओं को सुलझाने और कला के क्षेत्र में सफलता के लिए इनकी साधना करें।

मां कमला : धन की देवी मां लक्ष्मी का ही रूप हैं। पूर्ण ऐश्वर्य और धन प्राप्ति के लिए इनकी पूजा की जाती है।

गुप्त नवरात्रि का महत्व

चैत्र और शारदीय नवरात्रि की तरह गुप्त नवरात्रि में सार्वजनिक उत्सव नहीं होते, बल्कि इसमें साधकों द्वारा तंत्र-मंत्र और गुप्त साधनाएं की जाती हैं। यह पर्व मुख्य रूप से मनोवांछित फल की प्राप्ति, शत्रुओं पर विजय और आध्यात्मिक शक्तियों को जागृत करने के लिए उत्तम माना जाता है।

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EPFO से यूपीआई-एटीएम से पैसे निकालने की सुविधा इस महीने हो जाएगी शुरू, लेकिन टैक्स के नियम क्या होंगे?

ईपीएफओ के करीब 8 करोड़ सब्सक्राइबर्स इस महीने के आखिर तक यूपीआई और एटीएम से पैसे निकाल सकेंगे। इससे पैसे निकालने के लिए मुश्किल प्रक्रिया से सब्सक्राइबर्स को छुटकारा मिल जाएगा। ईपीएफओ एक डेडिकेटेड ऐप लॉन्च करने जा रहा है। यह बैंक सब्सक्राइबर्स के बैंक अकाउंट से लिंक्ड होगा। यह भीम और दूसरे यूपीआई प्लेटफॉर्म के साथ मिलकर काम करेगा।

सब्सक्राइबर्स 75 फीसदी तक पैसे निकाल सकेंगे

ईपीएफओ की यह नई सुविधा शुरू हो जाने के बाद सब्सक्राइबर्स अपने पीएफ में जमा 75 फीसदी तक पैसे निकाल सेकेंगे। अभी ईपीएफओ बुक्स में करीब 30 करोड़ सब्सक्राइबर्स हैं। लेकिन, एक्टिव कंट्रिब्यूशन वाले मेंबर्स की संख्या करीब 7.5 करोड़ है। ईपीएफओ करीब 26 लाख करोड़ रुपये के फंड का प्रबंधन करता है।

पैसे निकालने से पहले टैक्स के नियमों की समझ जरूरी

एक्सपर्ट्स का कहना है कि एटीएम और यूपीआई से पैसे निकालने की सुविधा से सब्सक्राइबर्स को काफी आसानी हो जाएगी। लेकिन, उन्हें टैक्स के नियमों का भी ध्यान रखना होगा। टैक्स के नियमों को समझे बगैर एटीएम या यूपीआई से ईपीएफ का पैसा निकालने पर सब्सक्राइबर को मुश्किल का सामना करना पड़ सकता है।

नौकरी 5 साल से कम तो विड्रॉल पर चुकाना होगा टैक्स 

टैक्स के नियम के मुताबिक, अगर किसी सब्सक्राइबर की नौकरी के लगातार 5 साल पूरे हो गए हैं तो पीएफ के पैसे निकालने पर उसे टैक्स चुकाने की जरूरत नहीं है। दिक्कत उन लोगों को होती है, जो नौकरी के 5 साल पूरे होने के पहले पीएफ से पैसे निकालते हैं।

एंप्लॉयी के टैक्स-स्लैब के हिसाब से चुकाना होगा टैक्स

अगर कोई सब्सक्राइबर नौकरी 5 साल पूरे होने से पहले पैसे निकालता है तो पूरा अमाउंट इनकम माना जाता है। फिर इस पर एंप्लॉयी के टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स लगता है। इसमें एंप्लॉयर का कंट्रिब्यूशन, एक्युमलेटेड इंटरेस्ट और एंप्लॉयी के हिस्से का कंट्रिब्यूशन होता है, जिस पर उसने सेक्शन 80सी के तहत डिडक्शन क्लेम किया होता है। इसका मतलब है कि पहले मिला टैक्स बेनेफिट रिवर्स हो जाता है।

ज्यादा इनकम तो चुकाना होगा विड्रॉल पर ज्यादा टैक्स

इसे एक उदाहरण की मदद से समझा जा सकता है। मान लीजिए कोई व्यक्ति 4 साल की नौकरी के बाद पीएफ से पैसे निकालता है। विड्रॉल के समय ईपीएफओ 10 फीसदी टीडीएस डिडक्ट करेगा। इसका मतलब है कि 50,000 रुपये डिडक्ट हो जाएंगे। यह तब होगा जब ईपीएफओ के पास एंप्लॉयी के पैन की डिटेल होगी। यह डिडक्शन फाइनल टैक्स नहीं है। यह ध्यान में रखना जरूरी है कि पैन की डिटेल ईपीएफओ के पास नहीं होने पर टीडीएस का रेट 34.60 फीसदी लागू होता है।

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टीडीएस का पैसा कुल टैक्स लायबिलिटी में एडजस्ट होगा

जब एंप्लॉयी इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करता है तो 5 लाख रुपये का पूरा अमाउंट उसकी सालाना इनकम में जुड़ जाती है। अगर एंप्लॉयी 20 फीसदी टैक्स ब्रैकेच में आता है तो पीएफ से निकाले गए पैसे पर 1 लाख रुपये का टैक्स बनता है। चूंकि, 50,000 टीडीएस पहले काटा जा चुका है, जिससे आपको सिर्फ बाकी 50,000 रुपये टैक्स का पेमेंट करना होगा। अगर एंप्लॉयी 30 फीसदी टैक्स स्लैब में है तो कुल टैक्स 1.5 रुपये बनेगा। इसका मतलब है कि एंप्लॉयी को बाकी 1 लाख रुपये का टैक्स चुकाना होगा।

7 रनों की हार में भी बांग्लादेश ने छुड़ा दिए ऑस्ट्रेलिया के पसीने

AUSvsBAN मैट रेनशॉ (नाबाद 89) और टिम डेविड (45) की शानदार पारियों के मदद से ऑस्ट्रेलिया ने शुक्रवार को दूसरे टी-20 मुकाबले में बांग्लादेश को सात रन से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अपराजेय बढ़त बना ली। ऑस्ट्रेलिया ने पांच विकेट पर 196 रनों का मजबूत स्कोर बनाने के बाद बांग्लादेश की कड़ी चुनौती को छह विकेट पर 189 रन पर थाम लिया। मैट रेनशॉ को उनकी शानदार पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच घोषित किया गया।

ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत अच्छी नहीं हुई और उसने 44 रन के स्कोर तक अपने तीन विकेट गंवा दिये। जॉश इंग्लिस (11), कूपर कॉनली (एक) और कप्तान मिचेल मार्श (20) रन बनाकर आउट हुये। ऐसे संकट के समय मैट रेनशॉ और टिम डेविड की जोड़ी ने पारी को संभाला। दोनों बल्लेबाजों के बीच 97 रनों की साझेदारी हुई। 15वें ओवर में अब्दुल गफर सकलैन ने टिम डेविड को आउट कर इस साझेदारी को तोड़ा।

टिम डेविड ने 25 गेंदों में दो चौके और चार छक्के लगाते हुए (45) रन बनाये। निखिल चौधरी (आठ) रन पगबाधा आउट हुये। ऑस्ट्रेलिया ने निर्धारित 20 ओवरों में पांच विकेट पर 196 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। मैट रेनशॉ ने 52 गेंदों में चार चौके और पांच छक्के लगाते हुए (नाबाद 89) रनों की पारी खेली। जोएल डेविस ने आठ गेंदों में नाबाद 13 रन बनाये।

बांग्लादेश ने लक्ष्य का पीछा करते हुए शानदार शुरुआत की, ओपनर्स ने सिर्फ़ 19 गेंदों में तेज़ी से 48 रन बनाए, जिससे मैच रोमांचक हो गया। तन्ज़िद (30) के मैट रेनशॉ के रिटर्न कैच पर आउट होने के बाद भी, सौम्या बाउंड्री लगाते रहे, और परवेज़ हुसैन इमॉन (36)और सैफ़ (42) के बीच 53 रन की मज़बूत पार्टनरशिप ने बांग्लादेश को 10 ओवर तक मज़बूती से कंट्रोल में रखा। हालाँकि, जब ऐसा लग रहा था कि मैच ऑस्ट्रेलिया के हाथ से निकल रहा है, तो उन्होंने लगातार दो ओवरों में ज़रूरी विकेट लेकर सेट बैट्समैन को आउट करके वापसी की।

इन जल्दी-जल्दी सफलताओं के बाद, ऑस्ट्रेलियाई स्पिनरों ने बीच के ओवरों में पूरी तरह से पासा पलट दिया। मैट रेनशॉ, जोएल और नाथन एलिस ने बहुत ही टाइट स्पेल फेंके, जिससे रन कम हुए और बैटिंग साइड पर बहुत ज़्यादा दबाव बना। बांग्लादेश आखिरकार बिखर गया, ज़रूरी रन-रेट बनाए रखने के लिए बहुत संघर्ष कर रहा था। ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने आधिकारिक तौर पर रन रोक दिए और 7 रन से रोमांचक जीत पक्की कर ली।

मुख्यमंत्री योगी ने 4901.65 करोड़ के कार्य प्रस्तावों को दी मंजूरी, प्रमुख धार्मिक स्थलों को जोड़ने वाले 13 मार्गों का होगा विकास

Chief Minister Yogi approves project proposals worth Rs 4901.65 crore

– देवीपाटन और बस्ती मंडल के विधानसभा क्षेत्रों में लोक निर्माण विभाग की विकास परियोजनाओं के कार्यों की हुई समीक्षा

– प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के 50-50 करोड़ के विकास कार्यों का देखा प्रेजेंटेशन

– तेरह दिन बाद फिर दौरे पर गोंडा पहुंचे थे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

– मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के सर्वाधिक 810 कार्यों को दी मंजूरी

– गड्ढामुक्त अभियान के तहत सड़कों के दुरुस्तीकरण की जानी प्रगति

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को महज़ तेरह दिनों बाद फिर गोंडा का दौरा किया। उन्होंने अपने दो घंटे के कार्यक्रम के दौरान 33 विधानसभा क्षेत्रों से जनप्रतिनिधियों द्वारा भेजे गए प्रस्तावों का प्रेजेंटेशन भी देखा। इसमें प्रमुख रूप से मां पाटेश्वरी शक्तिपीठ धाम संग अन्य धार्मिक स्थलों तक कनेक्टिविटी को बेहतर करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने देवीपाटन मंडल के मां पाटेश्वरी देवी शक्तिपीठ, स्वामीनाराण मंदिर से बस्ती के मखौड़ा धाम व अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों को जोड़ने वाले प्रमुख 13 मार्गों के विकास को मंजूरी दी। कुल 4901.65 करोड़ रुपए की एक हजार से अधिक विकास परियोजनाओं के प्रस्तावों को स्वीकृति दी। 

 

उन्होंने महाराजा सुहेलदेव सभागार में लोक निर्माण विभाग की परियोजनाओं की समीक्षा की। साथ ही नई कार्य योजनाओं पर जनप्रतिनिधियों के साथ मंथन किया। इस दौरान देवीपाटन मंडल के गोंडा, बलरामपुर, बहराइच और श्रावस्ती की सड़क व संपर्क मार्ग परियोजनाओं की प्रगति परखी। इसके साथ बस्ती मंडल के बस्ती, सिद्धार्थनगर और संतकबीरनगर की विकास परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों को मुख्य मार्गो से जोड़ने, जर्जर सड़कों के पुनर्निर्माण, संपर्क मार्गों के सुदृढ़ीकरण और पुल सेतु से जुड़े निर्माण कार्यों पर मंथन हुआ। 
 

मुख्यमंत्री को देवीपाटन मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल व लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने सड़क, पुल, सेतु और अन्य आधारभूत विकास परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने लंबित कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को विभिन्न विकास परियोजनाओं की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट दी।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने गड्ढामुक्त अभियान की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 810 कामों को मंजूरी दी। इसमें करीब 1472.83 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इससे ग्रामीण अंचलों में 1602 किलोमीटर लंबी सड़कें बनाकर बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराई जाएगी। करीब पचास से अधिक सड़कों का चौड़ीकरण व दुरुस्तीकरण किया जाएगा।  

प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र की विकास परियोजनाओं पर हुआ मंथन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र की करीब 50-50 करोड़ की विकास परियोजनाओं का प्रस्तुतीकरण देखा। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से विकास परियोजनाओं की स्थिति पर चर्चा की। उन्होंने नगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों की बेहतर कनेक्टिविटी और सुगम यातायात के लिए सड़क मार्गों के दुरुस्तीकरण पर केंद्रित प्रस्तावों को प्राथमिकता के साथ देखा। इसमें आधारभूत संरचना के कार्य भी शामिल रहे। मुख्यमंत्री ने पिछड़े क्षेत्रों व आकांक्षात्मक ब्लॉक क्षेत्रों में जारी विकास परियोजनाओं की भी समीक्षा की। 

 

औद्योगिक क्षेत्रों की भी बेहतर होगी कनेक्टिविटी

मुख्यमंत्री ने दो राज्य राजमार्गों, प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों की बेहतर कनेक्टिविटी, 81 लघु सेतु व सात बड़े पुलों को बनाने की मंजूरी दी। शहरी क्षेत्रों में बेहतर यातायात व्यवस्था के लिए बाईपास मार्गों, ओवरब्रिज आदि के कामों को मंजूरी दी। देवीपाटन मंडल में सड़क सुरक्षा के कार्यों को कराने कभी निर्देश दिया। इसके साथ जिले में ग्रामीण क्षेत्रों में 12 हेलीपैड के निर्माण कार्यों को भी मंजूरी दी।

उन्होंने हरदौपट्टी संपर्क मार्ग का विशेष मरम्मत कार्य, कटरा बाजार के पंडितपुरवा नहवा परसौरा वाया खजुहा संपर्क मार्ग का विशेष मरम्मत कार्य, सुभानपुर बेलवानोहर मार्ग के चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण कार्य, हट्टीपुरवा से कुढि़यांव संपर्क मार्ग का विशेष मरम्मत कार्य, चांदपुरडीहा संपर्क मार्ग निर्माण कार्य आदि की अद्यतन स्थिति पर भी जानकारी ली।
Edited By : Chetan Gour

प्रेमी के लिए मां बनी हैवान! 7 साल के मासूम अंगदवीर की हत्या का खुलासा, WhatsApp चैट ने खोले चौंकाने वाले राज

बहसूमा थाना क्षेत्र में 7 वर्षीय मासूम अंगदवीर की हत्या के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि बच्चे की हत्या उसकी मां के प्रेमी ने की थी, जबकि मां पर भी साजिश में शामिल होने के आरोप लगे हैं। व्हाट्सएप चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने बच्चे की मां गुरप्रीत को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

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 पुलिस के अनुसार, 16 जून 2026 को परिजनों ने शिकायत दर्ज कराई थी कि सात वर्षीय अंगदवीर को मुजफ्फरनगर जनपद के मीरापुर निवासी अर्पित पाराशर अपनी वैगनार कार में बैठाकर ले गया था। इसके बाद बच्चे का कोई पता नहीं चला। परिजनों ने अनहोनी की आशंका जताते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की थी।

 मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी अविनाश पांडे के निर्देश पर चार विशेष पुलिस टीमें गठित की गईं। जांच के दौरान आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, जिनमें एक युवक बच्चे को कार में बैठाकर ले जाता दिखाई दिया। फुटेज देखने पर पुलिस को लगा कि बच्चा उस व्यक्ति को अच्छी तरह जानता था। बाद में परिवार ने उसकी पहचान अर्पित पाराशर के रूप में की, जो अंगदवीर की मां गुरप्रीत का कथित प्रेमी बताया गया। 

 

पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अर्पित को 24 घंटे के अंदर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह गुरप्रीत से प्रेम करता था और उसे लगता था कि अंगदवीर उनके संबंधों में बाधा बन रहा है। इसी वजह से उसने बच्चे की हत्या कर दी। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने हस्तिनापुर थाना क्षेत्र के अकबरपुर गढ़ी स्थित सती आशादेवी मठ मंदिर के पास जंगल से मासूम का शव बरामद किया। हत्या में प्रयुक्त चाकू और घटना में इस्तेमाल की गई वैगनार कार भी बरामद कर ली गई।

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व्हाट्सएप चैट से मां पर बढ़ा शक

अर्पित की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया तो गुरप्रीत और अर्पित के बीच हुई व्हाट्सएप चैट सामने आई। पुलिस के अनुसार एक चैट में गुरप्रीत ने अंग्रेजी में लिखा था— “I Trust Your Call”। बताया जा रहा है कि यह संदेश अंगदवीर के लापता होने के बाद भेजा गया था।

 

पुलिस ने इस चैट और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को आधार बनाकर गुरप्रीत से पूछताछ की। जांच में सामने आया कि उसे घटनाक्रम की जानकारी पहले से थी। इसके बाद पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की गहन जांच कर रही है।

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पति विदेश में, बेटे की मौत से टूटा परिवार

मृतक अंगदवीर के पिता गुरुसेवक घटना के समय सऊदी अरब में नौकरी कर रहे थे। इकलौते बेटे की हत्या की खबर मिलने पर वह तत्काल मेरठ पहुंचे और अंतिम संस्कार में शामिल हुए। उन्होंने दोनों आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी सजा की मांग की है।

आठ साल पुरानी शादी, फिर बढ़े प्रेम संबंध

पुलिस जांच में सामने आया कि गुरुसेवक मूल रूप से पंजाब के पटियाला का निवासी है। करीब आठ वर्ष पहले उसकी शादी बिजनौर निवासी गुरप्रीत से हुई थी। कुछ वर्ष पूर्व गुरप्रीत बहसूमा स्थित एंबीशन पब्लिक स्कूल में शिक्षिका थी, जबकि अर्पित वहीं क्लर्क के पद पर कार्यरत था। इसी दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और कथित प्रेम संबंध स्थापित हो गए।
 

परिजनों के अनुसार जब गुरुसेवक को इसकी जानकारी मिली तो उसने पत्नी की नौकरी छुड़वा दी। इसके बाद पति-पत्नी के बीच विवाद बढ़ने लगे। गुरप्रीत बेटे को ससुराल में छोड़कर मायके चली गई। बाद में गुरुसेवक भी रोजगार के लिए विदेश चला गया।

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बताया जाता है कि अर्पित ने भी शादी कर ली थी और हापुड़ में बैंक में नौकरी कर रहा था। इसके बावजूद दोनों के बीच संपर्क बना रहा। पुलिस के अनुसार वारदात से एक दिन पहले गुरप्रीत बेटे से मिलने सैफपुर आई थी और अगले दिन अर्पित वहां पहुंचा। इसके बाद वह अंगदवीर को अपने साथ ले गया और हत्या कर दी। पुलिस का कहना है कि मामले में डिजिटल साक्ष्यों और दोनों आरोपियों के बयानों के आधार पर आगे की जांच जारी है। जरूरत पड़ने पर दोनों को आमने-सामने बैठाकर भी पूछताछ की जा सकती है।  Edited by : Sudhir Sharma

Cocktail 2 box office collection day 1: शाहिद, कृति और रश्मिका की फिल्म ने की शानदार शुरुआत, 5 करोड़ का आंकड़ा किया पार

Cocktail 2 box office collection day 1: होमी अदजानिया की रोमांटिक ड्रामा ‘कॉकटेल 2’ सिनेमाघरों में रिलीज़ हो गई है और मिली-जुली प्रतिक्रिया के बावजूद, इसने ज़बरदस्त शुरुआत की है। शाहिद कपूर, कृति सेनन और रश्मिका मंदाना स्टारर इस फ़िल्म को इस साल बॉलीवुड में रोमांटिक फ़िल्मों के लिए एक बड़ी उम्मीद के तौर पर देखा जा रहा है।

महामारी के बाद से बॉक्स ऑफ़िस पर रोमांटिक फ़िल्मों की सफलता दर काफ़ी कम रही है, इसलिए ‘कॉकटेल 2’ जैसी फ़िल्मों से काफ़ी उम्मीदें हैं। अपने पहले ही दिन, ‘कॉकटेल 2’ की घरेलू नेट कमाई के मामले में अपनी पिछली फ़िल्म को पीछे छोड़ने और डबल-डिजिट का आंकड़ा पार करने के लिए तैयार है।

ट्रेड एक्सपर्ट्स के अनुसार, ‘कॉकटेल 2’ भारत भर में 3000 से ज़्यादा स्क्रीन्स पर रिलीज़ हुई, जो इस जॉनर की फ़िल्म के लिए एक बड़ी रिलीज़ है। शुक्रवार को, यानी थिएटर्स में इसके पहले दिन, शाम 5 बजे तक फ़िल्म ने भारत में ₹5.44 करोड़ (नेट) की कमाई कर ली है। एक रोमांटिक ड्रामा फ़िल्म के लिए यह एक अच्छा आंकड़ा है, खासकर इसलिए क्योंकि पिछले 5-6 सालों में ऐसी फ़िल्मों के लिए माहौल अच्छा नहीं रहा है।

ट्रेड ट्रैकर Sacnilk की रिपोर्ट के मुताबिक, ‘कॉकटेल 2’ के पहले दिन के लिए एडवांस बुकिंग में 1.6 लाख से ज़्यादा टिकट बिके, जिससे ₹5.57 करोड़ (ग्रॉस) की अच्छी कमाई हुई। अगर इसमें ब्लॉक की गई सीटों (जो स्पॉट बुकिंग के दौरान बिकती हैं) को जोड़ दिया जाए, तो यह आंकड़ा ₹8 करोड़ से ज़्यादा हो जाता है।

इसका मतलब है कि स्पॉट बुकिंग जोड़ने के बाद, ‘कॉकटेल’ के ओपनिंग डे पर भारत में ₹10 करोड़ (नेट) का आंकड़ा पार करने की संभावना है। फ़िल्म को क्रिटिक्स और दर्शकों के एक हिस्से से मिले-जुले रिव्यूज़ के कारण मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, जिसका असर ‘वर्ड ऑफ़ माउथ’ (लोगों की राय) पर पड़ना तय है। हालांकि, अब तक दिन भर फ़िल्म की ऑक्यूपेंसी लगातार बढ़ रही है, और मेकर्स को उम्मीद है कि यह ट्रेंड जारी रहेगा।

‘कॉकटेल 2’ की अच्छी शुरुआत का सबसे बड़ा कारण ‘कॉकटेल’ की अच्छी इमेज और शाहिद, रश्मिका और कृति जैसी स्टार पावर है। 2012 में रिलीज़ हुई ‘कॉकटेल’ को इम्तियाज़ अली ने लिखा था और होमी अदजानिया ने डायरेक्ट किया था। इसमें सैफ अली खान, दीपिका पादुकोण और डायना पेंटी ने काम किया था।

बॉक्स-ऑफिस पर सफल रही इस फ़िल्म ने ₹10.47 करोड़ की ओपनिंग की थी, और उम्मीद है कि इसका सीक्वल इस आंकड़े को पार कर लेगा। हालाँकि, यह बात बिना महंगाई को ध्यान में रखे कही जा रही है। टिकट बिक्री और महंगाई को ध्यान में रखते हुए, ‘कॉकटेल 2’ को अपनी पिछली फ़िल्म से ज़्यादा कमाई करने के लिए लगभग ₹18-19 करोड़ कमाने होंगे, जिसकी संभावना कम है। 2012 की फ़िल्म ने दुनिया भर में ₹125 करोड़ की ग्रॉस कमाई की थी।

बुरी तरह फंसे बोतल वाले बाबा, महिला से रेप के प्रयास में उठा ले गई पुलिस, सहयोगी भी गिरफ्तार

कानपुर देहात में महिला ने बोतल बाबा और उसके सहयोगी पर जबरन वसूली और विशेष पूजा के नाम पर बलात्कार के प्रयास का मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। 

दो बच्चों के Single पापा | Single Father Raising Kids | Father’s Day | The Better India Hindi

शुभेंदु सरकार ने बहुत छोटी उम्र में ही अपनी माँ को खो दिया था।।उनके पिता ने भी उनकी जिम्मेदारी लेने से इंकार कर दिया। जिंदगी की शुरुआत ही अनिश्चितता और संघर्ष से भरी थी।
किस्मत ने जैसे बार-बार उनकी परीक्षा ली। 2021 में कोविड के दौरान उन्होंने अपनी पत्नी को खो दिया।।उस वक्त उनका बेटा डेढ़ साल का था,।और बेटी सिर्फ छह महीने की।
बहुत लोगों ने कहा–
“कि दो बच्चों को अकेले पालना संभव नहीं है।” कई लोगों ने उन्हें दोबारा शादी करने की सलाह भी दी। क्योंकि समाज आज भी मानता है कि बच्चों को पालने की जिम्मेदारी सिर्फ माँ की होती है।।लेकिन शुभेंदु ने इस सोच को गलत साबित करने का फैसला किया।
आज वह अकेले ही अपने दोनों बच्चों की परवरिश कर रहे हैं। माँ, पिता और पत्नी–
जिंदगी में कई अपने खोने के बाद भी
उन्होंने हार नहीं मानी।

क्योंकि अब उनके लिए उनके बच्चे ही उनकी पूरी दुनिया है।

@suvendu5337

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Ram Mandir: ‘प्रोफेशनल सिस्टम ही समाधान…’, राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में नृपेंद्र मिश्रा का बड़ा बयान

राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी का विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। इस महीने की शुरुआत में अयोध्या राम मंदिर के दानपात्र से नकदी और अन्य वस्तुओं के गायब होने के आरोप लगे हैं। इस मामले पर योगी सरकार ने जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। वहीं मामले में निर्माण समिति के अध्यक्ष और भारतीय प्रशासनिक सेवा के पूर्व अधिकारी नृपेंद्र मिश्रा ने बड़ा बयान दिया है। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि, मंदिर प्रबंधन का पूरा मैनेजमेंट स्ट्रक्चर, अनुभवी लोगों के हाथ में सौंप दिया जाए।

मंदिर की व्यवस्था को बदलने की मांग

राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने कहा है कि अब मंदिर के संचालन में केवल वॉलंटियर्स पर आधारित व्यवस्था के बजाय प्रोफेशनल और व्यवस्थित प्रबंधन अपनाने की जरूरत है। उनका कहना है कि राम मंदिर में दान को लेकर सामने आए कथित विवाद ने प्रशासन और निगरानी व्यवस्था से जुड़ी कई अहम चिंताओं को उजागर किया है। उन्होंने कहा कि जो संस्थाएं बड़ी मात्रा में लोगों का दान और रोजमर्रा के कामकाज संभालती हैं, वे लंबे समय तक अनौपचारिक तरीकों पर निर्भर नहीं रह सकतीं। ऐसी संस्थाओं में स्पष्ट जिम्मेदारियां, मजबूत निगरानी व्यवस्था और जवाबदेही का साफ सिस्टम होना बेहद जरूरी है, ताकि कामकाज पारदर्शी और प्रभावी तरीके से चल सके।

की जाए मजबूत निगरानी व्यवस्था 

राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष और पूर्व आईएएस अधिकारी नृपेंद्र मिश्र ने कहा कि मंदिर की पूरी प्रबंधन व्यवस्था को नए सिरे से व्यवस्थित करने की जरूरत है। उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया कि उन्होंने इस बारे में कोई औपचारिक प्रस्ताव नहीं दिया है, लेकिन अपनी राय सार्वजनिक रूप से रखी है। उनका मानना है कि मंदिर के संचालन की जिम्मेदारी अनुभवी और प्रोफेशनल लोगों को सौंपी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर में रोजाना बड़ी संख्या में गतिविधियां होती हैं, लेकिन मौजूदा व्यवस्था में जिम्मेदारियों का स्पष्ट और व्यवस्थित बंटवारा नहीं है। ऐसे में बेहतर प्रबंधन, स्पष्ट भूमिकाओं और मजबूत निगरानी व्यवस्था की आवश्यकता है, ताकि सभी काम सुचारू और पारदर्शी तरीके से चल सकें।

नृपेंद्र मिश्र ने कहा कि फिलहाल मंदिर का प्रबंधन काफी हद तक वॉलंटियर्स के भरोसे चल रहा है। उन्होंने बताया कि वहां काम करने वाले लोगों को मौखिक रूप से उनकी जिम्मेदारियां समझा दी जाती हैं, लेकिन उनके लिए कोई लिखित आदेश, स्पष्ट जिम्मेदारियां बताई नहीं जाती। उन्होंने कहा कि मंदिर में विभिन्न कार्यों के लिए करीब 1,500 लोग काम कर रहे हैं। इतनी बड़ी व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए एक औपचारिक प्रबंधन प्रणाली और मजबूत निगरानी व्यवस्था बेहद जरूरी है। उनके अनुसार, हाल ही में सामने आया विवाद उनके लिए भी निराशाजनक है, क्योंकि यह ऐसे समय में हुआ है जब मंदिर का निर्माण अपने अंतिम चरण में है। उनका मानना है कि इस तरह की घटनाएं भक्तों के विश्वास को प्रभावित कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि यह मामला श्रद्धालुओं की आस्था के लिए एक बड़ी चुनौती है और इससे लोगों को दुख पहुंचा है।

यह बयान राम मंदिर में दान के पैसों के हिसाब-किताब में कथित गड़बड़ियों के आरोपों के बीच आया है। मंदिर के एक कर्मचारी के घर से नकदी मिलने के बाद 7 करोड़ रुपये और उससे भी बड़ी रकम से जुड़े कई दावे सामने आए, हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इस मामले ने राजनीतिक बहस को भी जन्म दिया और जांच की मांग तेज हो गई। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। यह टीम रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है।