यूपी के 2.17 करोड़ से अधिक किसानों के खाते में आई 4352.40 करोड़ की ‘सम्मान निधि’

Samman Nidhi funds credited to accounts of over 2.17 crore farmers in Uttar Pradesh

– प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल से जारी की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त

– अन्नदाता के परिश्रम, सम्मान और समृद्धि के प्रति सरकार की अटूट प्रतिबद्धता का सशक्त प्रतीक है सम्मान निधि

– झांसी में आयुक्त सभागार से कार्यक्रम में वर्चुअल जुड़े मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

Uttar Pradesh News : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल से पीएम किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त जारी की। इससे उत्तर प्रदेश के 2.17 करोड़ से अधिक किसान लाभान्वित हुए, उनके खाते में 4352.40 करोड़ रुपए की ‘सम्मान निधि’ आई। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ झांसी स्थित आयुक्त सभागार में इस कार्यक्रम से जुड़े। उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। 

 

झांसी में वर्चुअल जुड़े मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल से पीएम किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त भेजी। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ झांसी से ऑनलाइन जुड़े। यहां सांसद अनुराग शर्मा, राज्यमंत्री मनोहर लाल ‘मन्नू कोरी’, विधायक जवाहर लाल राजपूत, उप्र गोसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता समेत स्थानीय जनप्रतिनिधि भी जुड़े रहे। 

 

अन्नदाता की समृद्धि और खुशहाली डबल इंजन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताः मुख्यमंत्री

 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर पोस्ट कर उत्तर प्रदेश के सभी किसान साथियों की ओर से इस ऐतिहासिक सौगात के लिए प्रधानमंत्री का आभार जताया। मुख्यमंत्री ने लिखा कि अन्नदाता किसानों की समृद्धि और खुशहाली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यशस्वी नेतृत्व वाली डबल इंजन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

इसी संकल्प की सिद्धि हेतु आज प्रधानमंत्री जी द्वारा पश्चिम बंगाल से 'प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि' की 23वीं किस्त के रूप में 18,880 करोड़ रुपए से अधिक की धनराशि देश के 9.44 करोड़ से अधिक किसानों को हस्तांतरित की गई है।

इनमें उत्तर प्रदेश के 2.17 करोड़ से अधिक किसान भी लाभान्वित हुए हैं, जिनके खातों में 4,352.40 करोड़ रुपए की राशि सीधे पहुंची है। यह राशि केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि अन्नदाता के परिश्रम, सम्मान और समृद्धि के प्रति सरकार की अटूट प्रतिबद्धता का सशक्त प्रतीक है। 

 

दो-दो हजार रुपए आए बैंक खाते में 

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि डीबीटी के माध्यम से दो-दो हजार रुपए सीधे लाभार्थी के खाते में हस्तांतरित हुए। इसमें पात्र किसान परिवार के एक सदस्य को प्रतिवर्ष छह हजार रुपए की आर्थिक सहायता वर्ष में दो-दो हजार रुपए प्रति किस्त के रूप में तीन बार में प्रदान किए जाने की व्यवस्था है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 फरवरी 2019 को गोरखपुर से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत की थी। 

 

उत्तर प्रदेश के किसानों के खाते में अब तक आ चुके 103,391.24 करोड़ रुपए 

शनिवार को 4352.40 करोड़ जारी होने के बाद उत्तर प्रदेश के किसानों के खाते में अब तक 103,391.24 करोड़ रुपए की सम्मान निधि आ चुकी है। 

 

वर्ष                धनराशि 

2018-19      2238.92 करोड़ 

2019-20      11006.87 करोड़ 

2020-21      14,432.14 करोड़ 

2021-22      15,775.52 करोड़ 

2022-23      12,454.32 करोड़ 

2023-24     13,808.48 करोड़ 

2024-25      15,594.74 करोड़ 

2025-26     13,727.85 करोड़

2026-27      (अप्रैल-जुलाई) 4352.40 करोड़ 

कुल-  1,03,391.24 करोड़ रुपए
 

Edited By : Chetan Gour

IND vs AFG: भारत का अफगानिस्तान पर 3-0 से क्लीन स्वीप, शुभमन गिल की कप्तानी में जीती पहली वनडे सीरीज

IND vs AFG: भारत और अफगानिस्तान के बीच खेले गए 3 मैचों की वनडे सीरीज को भारत ने अपने नाम किया है। टीम इंडिया ने अफगानिस्तान को 9 विकेट से हराकर तीन मैचों की वनडे सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप कर दिया। बतौर कप्तान शुभमन गिल ने पहली बार किसी वनडे सीरीज में जीत हासिल की है। चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में भारतीय टीम ने अफगानिस्तान पर पूरी तरह दबदबा बनाए रखा। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी अफगानिस्तान की टीम बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर सकी और 218 रन पर सिमट गई।

219 रन के आसान टारगेट का पीछा करते हुए भारत ने शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया और 28.4 ओवर में सिर्फ एक विकेट खोकर 224 रन बनाते हुए मैच अपने नाम कर लिया। अफगानिस्तान के लिए हश्मतुल्लाह शाहिदी ने 102 रन की बेहतरीन पारी खेली, लेकिन उनकी यह कोशिश टीम को हार से नहीं बचा सकी। भारत की जीत की नींव यशस्वी जायसवाल के दूसरे वनडे शतक और रोहित शर्मा के साथ उनकी शानदार ओपनिंग साझेदारी ने रखी।

भारत की शानदार बल्लेबाजी

टारगेट का पीछा करने आई भारत की टीम को रोहित शर्मा और यशस्वी जायसवाल ने टीम को शानदार शुरुआत दिलाई। रोहित ने शुरुआत में थोड़ा संभलकर बल्लेबाजी की, लेकिन जल्द ही अपने पुराने अंदाज में नजर आए और बेहतरीन शॉट्स लगाए। उन्होंने राशिद खान की गेंद पर शानदार छक्का जड़कर अपना आत्मविश्वास दिखाया। वहीं, जायसवाल ने पहले ही ओवर से आक्रामक रुख अपनाया और अजमतुल्लाह उमरजई के ओवर में लगातार चौके लगाकर विपक्षी टीम पर दबाव बना दिया। उस ओवर में मिले पेनल्टी रन के साथ भारत ने तेजी से स्कोर आगे बढ़ाया और मजबूत शुरुआत हासिल की। रोहित शर्मा और यशस्वी जायसवाल ने पहले विकेट के लिए सिर्फ 22.5 ओवर में 170 रन की शानदार पार्टनरशिप की।

भारतीय गेंदबाजों का प्रदर्शन

इससे पहले भारतीय तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा ने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए अफगानिस्तान की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। उनकी सटीक गेंदों के सामने अफगान टीम ने महज 36 रन के भीतर अपने चार अहम विकेट गंवा दिए। मुश्किल हालात में कप्तान हश्मतुल्लाह शाहिदी ने जिम्मेदारी संभाली और धैर्य के साथ शानदार शतक लगाया। उन्होंने 131 गेंदों में 102 रन की पारी खेलकर टीम को संभाला और अफगानिस्तान को 218 रन के सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

यशस्वी शतक की बदौलत भारत ने अफगानिस्तान को 9 विकेट से हराकर किया क्लीन स्वीप

Yashsvi Jaiswal

AFGvsIND तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा (23 रन पर पांच विकेट) के पंजे और यशस्वी जायसवाल (नाबाद 110) तथा रोहित शर्मा (79) के साथ उनकी 170 रन की ओपनिंग साझेदारी की बदौलत भारत ने तीसरा और आखिरी वनडे शनिवार को नौ विकेट से जीतकर अफगानिस्तान का 3-0 से सूपड़ा साफ़ कर दिया।

भारत ने अफगानिस्तान को 44.2 ओवर में 218 रन पर समेटने के बाद 28.4 ओवर में एक विकेट पर 224 रन बनाकर एकतरफा जीत हासिल की। चेज करते हुए भारत को पहले ओवर में ही 23 रन मिल गए थे जिसने टोन सेट करने का काम किया।

रोहित ने 47 गेंदों में अपना 62वां अर्धशतक पूरा किया और फिर तेज़ी से रन बटोरने लगे। यशस्वी ने शुरुआत में ही आक्रमण किया और केवल 37 गेंदों में पचासा पूरा कर लिया था। रोहित तो अपने शतक के क़रीब नहीं जा पाए, लेकिन जायसवाल ने बिना कोई गलती करते हुए दूसरा वनडे शतक जड़ा। जायसवाल ने 86 गेंदों पर नाबाद 110 रन की पारी में 13 चौके और तीन छक्के लगाए। उन्होंने विजयी छक्का भी मारा। रोहित ने 69 गेंदों पर 79 रन में नौ चौके और तीन छक्के लगाए। श्रेयस अय्यर दो छक्कों की मदद से 20 रन बनाकर नाबाद रहे। 

अफगानिस्तान पर लगी पांच रन की पेनल्टी के कारण भारत की पारी की शुरुआत बिना विकेट के पांच रन से हुई।जायसवाल ने उमरजई के पहले ही ओवर में तीन चौकों के साथ शुरुआत की जबकि रोहित ने भी फरीद अहमद पर लगातार दो चौके मारे।

रोहित हालांकि 10 रन के स्कोर पर भाग्यशाली रहे जब उन्होंने जियाउर रहमान की गेंद को कट लिया लेकिन थर्ड मैन पर खड़े फरीद कैच लपकने में नाकाम रहे। उन्होंने बाद में फ्लडलाइट की ओर इशारा करके कहा कि वह दूधिया रोशनी के कारण गेंद नहीं देख पाए।जायसवाल ने इसके बाद फरीद जबकि रोहित ने रहमान पर छक्के मारे।

जायसवाल ने राशिद खान की गेंद पर एक रन के साथ 38 गेंद में अर्धशतक पूरा किया और फिर अल्लाह गजनफर पर चौके के साथ 13वें ओवर में टीम का स्कोर 100 रन के पार पहुंचाया।रोहित ने राशिद की गेंद पर छक्के और दो चौकों के साथ 47 गेंद में अर्धशतक जड़ा।

राशिद की लगातार गेदों पर चौके और छक्के के साथ रोहित पारी में पहली बार जायसवाल से आगे निकल गए।रोहित हालांकि अगले ओवर में मोहम्मद नबी की गेंद पर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में डीप मिडविकेट पर स्थानापन्न खिलाड़ी सेदिकुल्लाह अटल को कैच दे बैठे।जायसवाल ने नबी पर छक्के के साथ 83 गेंद पर शतक पूरा किया और फिर इसी ओवर में लगातार गेंदों पर चौके और छक्के के साथ भारत को जीत दिला दी।

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NEET-UG Re-Exam के लिए NTA का ‘अभेद्य सुरक्षा कवच’: 21 जून को 22 लाख छात्रों की परीक्षा, नकल रोकने के लिए AI और 51,000 जैमर तैयार

देशभर के 22 लाख से ज्यादा मेडिकल छात्रों के भविष्य से जुड़ी सबसे बड़ी परीक्षा NEET-UG 2026 कल यानी 21 जून को आयोजित होने जा रही है। NEET पेपर लीक के बाद ये परीक्षा दोबारा कराई जा रही है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने इस परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित, निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए ‘मेगा तैयारी’ की है। किसी भी तरह की गड़बड़ी या नकल को रोकने के लिए इस बार सुरक्षा का ऐसा ‘अभेद्य कवच’ तैयार किया गया है, जिसमें परिंदा भी पर नहीं मार सकेगा।

यह परीक्षा देश के 551 शहरों और विदेशों के 14 शहरों में एक साथ आयोजित की जाएगी। इसके लिए कुल 5,440 परीक्षा केंद्र (Exam Centers) बनाए गए हैं।

परीक्षा से जुड़े कुछ बड़े आंकड़े:

कुल छात्र: 22 लाख से अधिक अभ्यर्थी मैदान में।

परीक्षा केंद्र: भारत और विदेश मिलाकर 5,440 केंद्र।

परीक्षा कक्ष (क्लासरूम): 95 हजार से ज्यादा कमरे तैयार।

भाषाएं: अंग्रेजी के साथ-साथ 12 भारतीय भाषाओं में होगी परीक्षा।

हाई-टेक सुरक्षा: AI और 1.38 लाख कैमरों से ‘तीसरी आंख’ का पहरा

इस बार की परीक्षा में तकनीक का जबरदस्त इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि धांधली की कोई गुंजाइश न बचे:

लाइव निगरानी: हर परीक्षा कक्ष में सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगाए गए हैं। देशभर में कुल 1.38 लाख से अधिक कैमरों से पल-पल की निगरानी होगी।

दिल्ली से नजर: दिल्ली में बैठे 100 से ज्यादा वर्चुअल ऑब्जर्वर (वर्चुअल निरीक्षक) सीधे लाइव सीसीटीवी फुटेज पर नजर रखेंगे।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI): सीसीटीवी फुटेज की जांच के लिए एआई (AI) तकनीक की मदद ली जाएगी, जो किसी भी संदिग्ध गतिविधि को तुरंत पकड़ लेगी।

51,000 जैमर: मोबाइल या ब्लूटूथ से नकल रोकने के लिए सेंटर्स पर रिकॉर्ड 51,311 जैमर लगाए गए हैं।

चप्पे-चप्पे पर तैनात रहेगा स्टाफ, सुरक्षा के कड़े नियम

कड़ी चेकिंग: परीक्षा केंद्र में एंट्री से पहले 38,795 फ्रिस्किंग स्टाफ (जांच कर्मी) अभ्यर्थियों की अच्छे से जांच करेंगे।

चेहरा और अंगूठा मिलान: फर्जी परीक्षार्थियों (सॉल्वर गैंग) को रोकने के लिए 48,448 बायोमेट्रिक कर्मी तैनात रहेंगे। इस बार अंगूठे के निशान (बायोमेट्रिक) के साथ-साथ फेस ऑथेंटिकेशन (चेहरा पहचानना) भी अनिवार्य किया गया है।

निरीक्षकों की फौज: हर कमरे में दो-दो इनविजिलेटर (निरीक्षक) होंगे। परीक्षा केंद्रों पर निगरानी के लिए 6,700 ऑब्जर्वर और हर केंद्र पर एक सेंटर सिस्टम ऑफिसर (CSO) तैनात रहेगा। साथ ही हर सेंटर पर 40 से 50 सुरक्षाकर्मी मुस्तैद रहेंगे।

सीक्रेट मटीरियल सुरक्षित: प्रश्नपत्र और गोपनीय सामग्री को देश के 1,500 बैंकों की शाखाओं में सुरक्षित लॉकर में रखा गया है। परीक्षा के बाद ओएमआर (OMR) शीट को सुरक्षित कलेक्ट करने के लिए डाक विभाग के 700 केंद्र बनाए गए हैं।

आज हुई ‘मेगा मॉक ड्रिल’, छात्रों की सहूलियत का भी रखा पूरा ध्यान

परीक्षा में कोई तकनीकी खराबी या चूक न हो, इसके लिए आज (20 जून) को देशभर के सभी केंद्रों पर एक ‘मेगा मॉक ड्रिल’ (रिहर्सल) की गई, जिसमें सभी सुरक्षा इंतजामों को जांचा गया।

सुरक्षा के साथ-साथ NTA ने चिलचिलाती गर्मी को देखते हुए छात्रों और अभिभावकों की सहूलियत का भी पूरा ख्याल रखा है:

गर्मी से राहत: सेंटर्स पर पीने का साफ पानी, ओआरएस (ORS) के घोल और एम्बुलेंस की व्यवस्था रहेगी।

अभिभावकों के लिए इंतजाम: छात्रों के साथ आने वाले माता-पिता के लिए छायादार वेटिंग एरिया बनाया गया है।

कमरे के अंदर: समय देखने के लिए हर कमरे में दीवार घड़ी होगी। साथ ही छात्रों को रफ काम करने के लिए एक्स्ट्रा पेज दिए जाएंगे।

विशेष छूट: बाएं हाथ से लिखने वाले (Left-handed) छात्रों के लिए खास व्यवस्था की गई है। चेकिंग और एंट्री की लंबी प्रक्रिया में लगने वाले समय को देखते हुए इस री-एग्जाम की अवधि (टाइम) को भी थोड़ा बढ़ाया गया है।

‘बार-बार की एग्जाम से थक गया हूं’… NEET री-टेस्ट से 2 दिन पहले छात्र ने दी जान

‘बार-बार की एग्जाम से थक गया हूं’… NEET री-टेस्ट से 2 दिन पहले छात्र ने दी जान

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में शुक्रवार को एक दुखद घटना सामने आई है, यहां 22 वर्षीय जतिन कुमार अपने घर में मृत पाया गया। जतिन नीट (NEET) एग्जाम की तैयारी कर रहा था। ये दुखद घटना रविवार को आयोजित होने वाली NEET-UG री-टेस्ट से कुछ दिन पहले हुई। जतिन पिछले कई वर्षों से मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहा था। हालांकि, कई बार प्रयास करने के बावजूद उसे सफलता नहीं मिल पाई थी। बताया जा रहा है कि वह लगातार एग्जाम और उसके दबाव को लेकर परेशान था।

आत्महत्या से पहले वीडियो किया था रिकॉर्ड

पुलिस जांच के दौरान जतिन के मोबाइल फोन से एक वीडियो भी मिला है। माना जा रहा है कि यह वीडियो उसने अपनी मौत से कुछ समय पहले रिकॉर्ड किया था। वीडियो में वह बार-बार एग्जाम देने, सफलता न मिलने और उससे पैदा हुई मानसिक थकान और निराशा के बारे में बात करता नजर आ रहा है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और मोबाइल से मिले वीडियो को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है।

एग्जाम से पहले की आत्महत्या

परिवार के लोगों के अनुसार, नीट (NEET) एग्जाम की तैयारी कर रहा जतिन कुमार गुरुवार रात रोज की तरह अपने स्टडी रूम में पढ़ाई करने गया था। लेकिन जब वह शुक्रवार सुबह काफी देर तक बाहर नहीं आया, तो परिवार वालों को चिंता हुई। जब उन्होंने कमरे में जाकर देखा तो वह बेसुध हालत में पड़ा मिला। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।मामले की जानकारी मिलते ही विजय नगर थाना पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने घर का निरीक्षण किया, जरूरी सबूत जुटाए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

पुलिस ने दी ये जानकारी 

नगर कोतवाली की सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) उपासना पांडे ने बताया कि जांच में मिले वीडियो को देखकर लगता है कि इसे जतिन ने अपनी मौत से कुछ समय पहले रिकॉर्ड किया था। पुलिस परिवार के सदस्यों के बयान भी दर्ज कर रही है और मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब नीट (NEET) परीक्षा को लेकर देशभर में फिर से चर्चा तेज हो गई है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं के आरोपों के बाद 3 मई को आयोजित परीक्षा को रद्द कर दिया था, जिसके बाद परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं।

वहीं, एक अन्य मामले में मध्य प्रदेश के धार जिले की रहने वाली 21 वर्षीय अवंतिका मौर्य की इंदौर में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। अवंतिका नीट परीक्षा की तैयारी कर रही थी और अपनी बड़ी बहन के साथ रह रही थी, जो पेशे से डॉक्टर हैं। बताया जा रहा है कि गुरुवार रात वह एक चार मंजिला इमारत से गिर गई, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह हादसा था या इसके पीछे कोई और वजह थी।

स्वस्थ, जागरूक और विकसित भारत की आधारशिला है ‘योग’

'समत्वं योग उच्यते' अर्थात् संतुलन ही योग है… श्रीमद्भगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण का यह संदेश जहां समूचे विश्व को संतुलित करने का सूत्र है, वहीं महर्षि पतंजलि ने पतंजलि योग सूत्र में 'योगश्चित्तवृत्तिनिरोध' के माध्यम से मानव जीवन को स्वस्थ और निरोग रहने का मार्ग प्रदान किया है। भारत की यही सनातन योग परंपरा विश्व को शरीर, मन और आत्मा के स्तर पर संतुलित और समृद्ध बनाने का आधार है।

सदियों पूर्व ऋषि-मुनियों द्वारा विकसित जीवन पद्धति आज संपूर्ण विश्व के लिए सुख, शांति और संतुलन का मार्ग है। यह हमारे लिए गर्व की बात है कि योग विश्व मानवता के कल्याण का माध्यम बन गया है। यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व और अथक प्रयासों से संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 21 जून को अंतरराष्‍ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता प्रदान की गई।

यह निर्णय भारतीय संस्कृति और जीवन-दर्शन के प्रति विश्व समुदाय के सम्मान का प्रतीक है। दुनियाभर के 190 से अधिक देशों में करोड़ों लोग योग को अपने जीवन का हिस्सा बना चुके हैं। यह भारत की सांस्कृतिक चेतना और आध्यात्मिक नेतृत्व का प्रमाण है। इस वर्ष अंतरराष्‍ट्रीय योग दिवस की थीम 'स्वस्थ आयु के लिए योग' रखी गई है।

 

मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि इस वर्ष अंतरराष्‍ट्रीय योग दिवस पर मध्यप्रदेश की पावन धरती पर आयोजित समारोह में माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगी। उनका आगमन मध्यप्रदेश के लिए गौरव का विषय है। यह सुखद संयोग है कि योग के वैश्विक आंदोलन में मध्यप्रदेश को विशेष भूमिका निभाने का अवसर प्राप्त हो रहा है।

 

प्रसन्नता का विषय है कि मध्यप्रदेश सरकार ने योग को जन-जन तक पहुंचाने के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास किए हैं। स्वस्थ नागरिक विकसित और समृद्ध राष्ट्र का आधार है। प्रदेश के प्रत्येक व्यक्ति के स्वस्थ और सुखी जीवन के लिए 'घर-घर योग- हर व्यक्ति निरोग' अभियान शुरू किया गया है।

प्रदेश में 800 से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, स्वास्थ्य एवं कल्याण केन्द्रों तथा विभिन्न चिकित्सालयों में नियमित योग गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। प्रशिक्षित योग शिक्षकों द्वारा छोटे-छोटे समूहों में भी नागरिकों को योगाभ्यास करवाया जा रहा है। योग-सखी और योग-दूत गांव-गांव और शहर-मोहल्लों तक योग का संदेश पहुंचा रहे हैं।

 

प्रदेश में 12 मई से आरंभ हुआ अंतरराष्‍ट्रीय योग दिवस आयोजन 'हर घर योग अभियान' से जनभागीदारी का नया अध्याय लिख रहा है। इसी क्रम में आयुष मंत्रालय द्वारा आयोजित ऑनलाइन योग सत्रों का लाभ प्रदेश के लोगों को प्राप्त हो रहा है।

हम सभी के लिए गौरव की बात है कि विगत दिनों इंदौर स्थित मालवांचल यूनिवर्सिटी में आयोजित योग महोत्सव में 35 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने सामूहिक योग कर एक नया विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया। योग 'वन अर्थ-वन हेल्थ' विचार को व्यवहार में उतारने का माध्यम है जो हमें स्वयं, समाज और प्रकृति से जोड़ता है। यह शरीर को स्वस्थ रखने के साथ जीवन को संतुलित, सार्थक और उत्कृष्ट बनाता है।

 

मध्यप्रदेश सरकार ने योग को पर्यावरण-संरक्षण और जनकल्याण से भी जोड़ा है। विश्व पर्यावरण दिवस से लेकर अंतरराष्‍ट्रीय योग दिवस तक विशेष जन-अभियान संचालित किया जा रहा है। 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान से पर्यावरण-संरक्षण और योग से स्वास्थ्य संरक्षण पर कार्य किया जा रहा है। प्रकृति और मानव स्वास्थ्य का गहरा संबंध है। योग हमें प्रकृति संग सह-अस्तित्व का जीवन जीने की प्रेरणा देता है। यही भारतीय जीवन-दर्शन का मूल तत्व भी है।

 

मध्यप्रदेश सरकार आयुष चिकित्सा, योग वेलनेस सेंटर, आरोग्य मंदिरों तथा जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से योग को जनांदोलन बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। हमारा प्रयास है कि प्रदेश का प्रत्येक नागरिक योग से लाभ प्राप्त करे और स्वस्थ जीवन की दिशा में कदम बढ़ाए।

 

मुझे यह बताते हुए हर्ष है कि मध्यप्रदेश में जनवरी 2027 में 'एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य और एक चेतनाः समग्र कल्याण के लिए योग' विषय पर वैश्विक सम्मेलन आयोजित होने जा रहा है। इसमें मध्यप्रदेश, भारत की सभ्यतागत चेतना का वैश्विक प्रतिनिधित्व करेगा।

 

आज जब दुनिया तनाव, अवसाद, जीवनशैली जनित रोगों और सामाजिक चुनौतियों का सामना कर रही है, ऐसे समय में योग मानवता के लिए बड़ा संबल है। ऐसे यह स्वस्थ शरीर, शांत मन और सुखी जीवन का आधार है।अंतरराष्‍ट्रीय योग दिवस स्वस्थ, जागरूक और आत्मनिर्भर समाज के निर्माण का संकल्प है। यह भारत की उस प्राचीन चेतना का उत्सव है, जिसने सदियों से मानव कल्याण का मार्ग प्रशस्त किया है।

हमें गर्व है कि आज पूरी दुनिया योग को अपनाकर भारत के इस अमूल्य ज्ञान का लाभ प्राप्त कर रही है। मैं, प्रदेश के सभी नागरिकों, युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठजन, विद्यार्थियों, शासकीय सेवकों और सामाजिक संगठनों से आग्रह करता हूं कि वे योग गतिविधियों से जुड़ें और इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।

 

आइए, हम सभी मिलकर योग को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाएं। अपने परिवार और समाज को इससे जोड़ें तथा स्वस्थ मध्यप्रदेश, विकसित भारत और समृद्ध विश्व के निर्माण में सहभागी बनें। अंतरराष्‍ट्रीय योग दिवस की प्रदेशवासियों को हार्दिक मंगलकामनाएं…
(लेखक- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री हैं)

Stay-at-Home पिता ने बदल दी Parenting की परिभाषा| Fatherhood Story | Happy Father’s Day

एक नौकरी जाने के बाद, निशांत की ज़िंदगी पूरी तरह बदल गई। जहाँ पहले वो Corporate Job में व्यस्त थे, वहीं अब उन्होंने अपने 6 साल के बेटे शिवेन के लिए Full-time पिता बनने का फैसला लिया। लोगों ने ताने दिए… सवाल उठाए… “असली नौकरी कब करोगे?”
“माँ का काम क्यों कर रहे हो?”
लेकिन निशांत रुके नहीं। हर स्कूल Drop, हर Homework, हर Bedtime Story में उन्होंने अपने बेटे का बचपन जीया। ये कहानी है एक ऐसे पिता की जिसने साबित किया कि Parenting का कोई Gender नहीं होता।
इस Father’s Day, एक बात याद रखें: बच्चे आपकी Salary नहीं, आपकी Presence याद रखते हैं।

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कांग्रेस व सपा सरकारों ने ललितपुर को कुल 1500 करोड़ रुपए भी नहीं दिए होंगे : योगी आदित्यनाथ

Chief Minister Yogi Adityanath gifted projects to Lalitpur

– मुख्यमंत्री योगी ने किया राजकीय मेडिकल कॉलेज सहित 1766 करोड़ रु. की 221 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास

– सपा-कांग्रेस ने उपेक्षित रखा, हम ललितपुर को एक दिन में दे रहे 1500 करोड़ रुपए से अधिक की सौगात

– अब बहन-बेटियों को सिर पर नहीं ढोना पड़ता पानी, बुंदेलखंड में हर घर जल योजना साकार

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ललितपुर को आज एक साथ 1500 करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं की सौगात मिल रही है। कांग्रेस ने पांच दशक और सपा ने चार बार प्रदेश में शासन किया, लेकिन इन दलों ने कुल मिलाकर 1500 करोड़ रुपए भी ललितपुर को नहीं दिए होंगे, क्योंकि उनमें विकास की सोच नहीं थी। सपा के लिए सैफई ही परिवार था और कांग्रेस के लिए दिल्ली का परिवार ही देश था। दोनों इससे बाहर नहीं निकल सकते। लेकिन, हमारे लिए 25 करोड़ जनता ही परिवार है और उसे विकास, सुरक्षा, सम्मान देना हमारा दायित्व है। 

 

मुख्यमंत्री शनिवार को तुवन मंदिर मैदान में राजकीय मेडिकल कॉलेज सहित 1766 करोड़ रुपए की 221 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास करने के उपरांत जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर ललितपुर की विकास यात्रा पर लघु फिल्म भी दिखाई गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक सौंदर्य के लिए विख्यात बुंदेलखंड के सुंदरतम जनपदों में से एक ललितपुर हमारे हृदय में बसता है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित जनता का अभिनंदन करते हुए आश्वासन दिया कि डबल इंजन सरकार यहां के विकास के लिए हरसंभव कदम उठाएगी।

 

अब ललितपुर के युवाओं व बेटियों को मिलती है सरकारी नौकरी 

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस व सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि संकुचित सोच वाली इनकी सरकारों ने हर जनपद में एक-एक माफिया दिया था, जो जनता की गाढ़ी कमाई पर डकैती डालने के साथ अवैध खनन, वनों की अवैध कटान, गोतस्करी करते थे। प्रदेश को बंजर बनाते थे। इन लोगों ने यूपी को बीमारू बनाकर बुंदेलखंड के नौजवानों को पलायन पर मजबूर किया। बहन-बेटियों को कष्ट दिया था, लेकिन आज ललितपुर की बेटियां व नौजवान यूपी पुलिस समेत सरकारी नौकरियों में भर्ती होते हैं। 

 

पिछली सरकारों की उपेक्षा का दंश झेलता था ललितपुर

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों की उपेक्षा का दंश झेलने वाला ललितपुर विकास की योजनाओं से कोसों दूर था। सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, विकास परियोजनाएं नहीं थीं। पानी होने के बावजूद खेती के लिए सिंचाई, गरीब के लिए आवास की सुविधा नहीं थी। मिट्टी के घड़े में पानी ढोते-ढोते माता-बहनों की जिंदगी व्यतीत हो जाती थी। यहां के संसाधनों व वन संपदा में लूट होती थी और मुट्ठी भर लोग अवैध खनन कर अव्यवस्था पैदा करते थे। 

 

अब नवाचार के लिए जाना जा रहा है ललितपुर

मुख्यमंत्री ने कहा कि ललितपुर अब विकास की ऊंचाइयों को प्राप्त कर नवाचार के लिए जाना जा रहा है। प्रदेश की पहली गोशाला देकर ललितपुर ने बताया था कि सरकार भी गोशाला का संचालन कर सकती है। तुवन सरकार की कृपा से तत्कालीन जिला प्रशासन ने पहली गोशाला प्रारंभ की थी। अब वहां से कंपोस्ट का निर्यात अन्य देशों को होने जा रहा है। अब ललितपुर के पास मेडिकल कॉलेज, अटल आवासीय विद्यालय भी है। 1500 एकड़ में यूपी का पहला फार्मा पार्क ललितपुर में बनेगा, इसकी तैयारी हो चुकी है। इससे हजारों नौजवानों को नौकरी मिलेगी। 

 

बुंदेलखंड में बसने जा रहा यूपी का सबसे बड़ा औद्योगिक शहर 

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब बहन-बेटियां, माताएं सिर पर घड़ा लेकर नहीं जातीं, क्योंकि बुंदेलखंड में हर घर जल की योजना साकार हो रही है। हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंच रहा है। मुख्यमंत्री ने बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे की चर्चा करते हुए कहा कि हम लोग यूपी का सबसे बड़ा औद्योगिक शहर बुंदेलखंड में बसाने जा रहे हैं। पहले यहां का युवा पलायन करता था। ठोकर से घड़ा फूट जाता था तो माताएं-बहनें किस्मत पर रोती थीं।

आपके पूर्वजों ने बुंदेलखंड को सजाया-संवारा था, लेकिन पिछली सरकारों के निकम्मेपन और माफियावृत्ति के कारण बुंदेलखंड पिछड़ा था। हर जनपद में माफिया नौजवानों की नौकरी पर डकैती डालता था। विकास योजनाओं पर गुंडों को बैठाकर जनता के हक को छीना जाता था, जिससे बुंदेलखंड ठगा महसूस करता था। 

 

नए भारत को ताकत दे रहे पीएम मोदी

मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि सरकार ने बुंदेलखंड को भी डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर के हब के रूप में विकसित करने की बात कही थी। अभी इस कॉरिडोर में यूपी के अंदर ब्रह्मोस मिसाइल बन रही है। ऑपरेशन सिंदूर में जब यह मिसाइल दागी गई तो पाकिस्तान त्राहिमाम करते हुए जान की भीख मांग रहा था। पीएम मोदी नए भारत को ताकत दे रहे हैं। उनके नेतृत्व में उत्तर प्रदेश समेत बुंदेलखंड का कायाकल्प हो रहा है।

यहां की पहचान अब नौजवानों को नौकरी, बहन-बेटियों की सुरक्षा-समृद्धि से हो रही है। महिला स्वयंसेवी समूह की बहनें बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर के माध्यम से तेजी से कैसे आय बढ़ा सकती हैं, बुंदेलखंड, ललितपुर, झांसी इस मॉडल का प्रतीक बन रहा है।

 

पूरी हो गई दशकों से लंबित अर्जुन सहायक परियोजना 

मुख्यमंत्री ने कहा कि समग्र विकास का कोई विकल्प नहीं हो सकता। विकास ही जीवन में परिवर्तन लाएगा। नौजवान, किसान, कारीगर, हस्तशिल्पी, व्यापारी, बेटी-बहन समेत समाज के हर तबके को विकास का वाहक बनाना पड़ेगा, तब किस्मत बदलेगी और समृद्धि आएगी। डबल इंजन की भाजपा सरकार ने यही कार्य किया।

लंबित सिंचाई परियोजनाओं को तेजी से बढ़ाया गया है। दशकों से लंबित अर्जुन सहायक परियोजना अब पूरी हो गई। रतौली बांध, बावनी बांध, कचनौदा बांध, चिल्ली सिंचाई आदि परियोजनाओं ने बुंदेलखंड के किसानों की किस्मत बदली है। किसानों की आमदनी अब कई गुना हो रही है। 

 

गोरखपुर या उप मुख्यमंत्रियों के जनपदों को नहीं दिया मेडिकल कॉलेज

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने गोरखपुर या उप मुख्यमंत्रियों के जनपदों के लिए नहीं, बल्कि ललितपुर के लिए मेडिकल कॉलेज स्वीकृत किया। मुख्यमंत्री युवा के माध्यम से युवा उद्यमी बनाए जा रहे हैं। पूर्वजों ने कहा था कि ललितपुर न छोड़ियो, जब तक मिले उधार। किंतु अब आपको उधार लेने की जरूरत नहीं, क्योंकि सरकार ब्याज-गारंटी मुक्त पैसा दे रही है। अपना व्यवसाय चलाइए और कुछ समय बाद पैसा वापस कर दीजिए। आपका व्यवसाय भी बढ़ेगा और आप उद्यमी भी हो जाएंगे।

 

मुख्यमंत्री ने विधायकों व सांसद की जमकर तारीफ भी की

मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छा कार्य तब होता है, जब अच्छी सरकार आती है। अच्छी सरकार तब आती हैं, जब अच्छे विधायक-सांसद चुने जाते हैं। मुख्यमंत्री ने मन्नू कोरी व रामरतन कुशवाहा को ईमानदार, मेहनती तथा जनसेवा के प्रति पूरी तरह समर्पति बताते हुए कहा कि वे दिन-रात काम करते हैं। हमने उनसे कहा है कि मेहनत से जनता की सेवा करिए। परिवारवाद के खिलाफ खड़े रहिए, पार्टी आपके साथ खड़ी रहेगी। इन लोगों को सांसद अनुराग शर्मा का सान्निध्य भी प्राप्त होता है।

आयुर्वेद आरोग्यता के लिए ऋषि परंपरा का सबसे बड़ा उपकार है। सैकड़ों वर्षों से सांसद जी का परिवार उस विधा को पुनर्जीवित कर भारत की पारंपरिक उपचार व्यवस्था को बढ़ा रहा है। वैद्यनाथ के नाम पर उन्होंने तेजी के साथ आर्युवेद का विस्तार किया है। ललितपुर में फॉर्मा पार्क के बाद आयुष पार्क भी बनाएंगे, जिसमें सांसद जी के अनुभव का लाभ मिलेगा। 

 

33 से अधिक देशों ने पीएम मोदी को दिया सर्वोच्च सम्मान

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब अमेरिका-ईरान युद्ध में दुनिया में ईंधन की आपूर्ति बाधित हुई तो अमेरिका भी किंकर्तव्यविमूढ़ जैसी स्थिति में था। भारत में ऊर्जा संकट न पैदा हो, महंगाई न बढ़े, इसके लिए मोदी जी के नेतृत्व में कार्य किया गया। यह कार्य अन्य देशों में नहीं हो पाया। स्लोवाकिया समेत 33 से अधिक देशों ने पीएम मोदी को अपना सर्वोच्च सम्मान दिया है। इससे 140 करोड़ भारतीयों का भी सम्मान होता है और देश अपने यशस्वी प्रधानमंत्री पर गौरव की अनुभूति करता है।

 

समारोह में प्रभारी मंत्री दानिश आजाद अंसारी, राज्यमंत्री मनोहर लाल ‘मन्नू कोरी’, सांसद अनुराग शर्मा, विधान परिषद सदस्य रमा निरंजन, जिला पंचायत अध्य़क्ष कैलाश नारायण निरंजन, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष सोनाली जैन, तुवन सरकार मंदिर के महंत रामलखन दास जी, भाजपा जिलाध्यक्ष हरिशचंद्र रावत आदि मौजूद रहे। विधायक रामरतन कुशवाहा ने सभी अतिथियों का स्वागत किया।
Edited By : Chetan Gour

मिडिल ईस्ट से बड़ी खबर, ईरान ने फिर बंद किया हॉर्मुज, आखिर क्यों लिया ये फैसला?

Iran closed the Strait of Hormuz due to a ceasefire violation

Iran closes the Strait of Hormuz again : मिडिल ईस्ट से बड़ी खबर सामने आई है। खबरों के अनुसार, ईरान ने सीजफायर उल्लंघन के चलते एक बार फिर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) बंद कर दिया है। ईरान की शीर्ष संयुक्त सैन्य कमान का कहना है कि अमेरिका के भरोसा तोड़ने और लेबनान में इसराइल के युद्धविराम का उल्लंघन करने के कारण होर्मुज को बंद किया गया है। ईरानी सेना का दावा है कि दक्षिणी लेबनान में इसराइल ने हमला किया है, जो कि युद्धविराम का लगातार उल्लंघन है। गौरतलब है कि अमेरिका-ईरान के बीच समझौते के बाद दोनों देशों ने होर्मुज को खोलने का निर्णय लिया था। अब ईरान के इस फैसले ने एक बार फिर दुनिया की टेंशन बढ़ा दी है।

 

मिडिल ईस्ट से बड़ी खबर सामने आई है। खबरों के अनुसार, ईरान ने सीजफायर उल्लंघन के चलते एक बार फिर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) बंद कर दिया है। ईरान की शीर्ष संयुक्त सैन्य कमान का कहना है कि अमेरिका के भरोसा तोड़ने और लेबनान में इसराइल के युद्धविराम का उल्लंघन करने के कारण होर्मुज को बंद किया गया है।

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ईरानी सेना ने किया यह दावा

ईरानी सेना का दावा है कि दक्षिणी लेबनान में इसराइल ने हमला किया है, जो कि युद्धविराम का लगातार उल्लंघन है। गौरतलब है कि अमेरिका-ईरान के बीच समझौते के बाद दोनों देशों ने होर्मुज को खोलने का निर्णय लिया था। अब ईरान के इस फैसले ने एक बार फिर दुनिया की टेंशन बढ़ा दी है।

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ईरान ने दी यह चेतावनी 

ईरान की जॉइंट मिलिट्री कमांड ने यह चेतावनी भी दी है कि अगर आक्रामकता जारी रहती है तो आगे के कदम उठाने की योजना बनाई गई है। ईरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने संकेत दिया कि जब तक ईरान को यह महसूस नहीं होता कि अमेरिका समझौते का पालन कर रहा है, तब तक शायद ही कुछ हो पाएगा।

 

लेबनान पर इसराइली हमलों में 16 लोगों की मौत 

बाघेई ने कहा, अंतिम समझौते के लिए बातचीत तभी शुरू होगी, जब लेबनान में लड़ाई खत्म करने सहित मुख्य वादों को पूरा किया जाएगा। शनिवार को दक्षिणी लेबनान पर हुए इसराइली हमलों में कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 2 बच्चे भी शामिल थे।

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ईरानी सेना के दावे पर क्‍या बोले अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस?

वहीं दूसरी ओर ईरानी सेना के दावे अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का बयान भी सामने आया है। वेंस का कहना है कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि ईरान होर्मुज को बंद कर रहा है। उपराष्ट्रपति वेंस का कहना है कि ईरान पर बातचीत के लिए आने वाले दिनों में उनके स्विट्जरलैंड जाने की उम्मीद है।

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नेतन्याहू बोले- लेबनान से पीछे नहीं हटेगी ईरानी सेना

इसराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने साफ किया है कि ईरान की सेना लेबनान से पीछे नहीं हटेगी। गौरतलब है कि ईरान और अमेरिका के बीच 111 दिनों की जंग के बाद युद्ध समाप्त करने को लेकर 14 बिंदुओं का समझौता हुआ है। इसे इस्लामाबाद समझौते का नाम दिया गया है। इस समझौते में इसराइल शामिल नहीं है। ऐसे में ईरान की तरफ से होर्मुज को एक बार फिर बंद किए जाने का फैसला क्षेत्रीय तनाव बढ़ा सकता है।
Edited By : Chetan Gour

फिर बंद होगा होर्मुज? ईरान की बड़ी चेतावनी, अमेरिका-इजरायल पर लगाया सीजफायर तोड़ने का आरोप!

ईरान ने एक बार फिर दुनिया की ऊर्जा सप्लाई के लिए बेहद अहम होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को व्यावसायिक जहाजों के लिए बंद करने का ऐलान किया है। ईरानी सेना के शीर्ष कमान का कहना है कि अमेरिका ने शांति समझौते की शर्तों का उल्लंघन किया है, जबकि इजरायल लगातार लेबनान में हमले जारी रखे हुए है।

ईरान के खातम अल-अनबिया सेंट्रल मुख्यालय ने बयान जारी कर कहा कि अमेरिका ने संघर्षविराम समझौते की पहली शर्त का खुला उल्लंघन किया है और इजरायल दक्षिणी लेबनान में लगातार हमले कर रहा है। ऐसे में होर्मुज जलडमरूमध्य को जहाजों की आवाजाही के लिए बंद किया जा रहा है।

“यह सिर्फ पहला कदम है”

ईरान ने चेतावनी दी है कि यह शांति समझौते के उल्लंघन के जवाब में उठाया गया पहला कदम है। अगर “आक्रामक कार्रवाई” जारी रही तो आगे और कड़े कदम उठाए जा सकते हैं।

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। वैश्विक तेल और गैस निर्यात का लगभग 20% हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। इसके बंद होने से अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में भारी उथल-पुथल मच सकती है।

लेबनान से सेना हटाने की मांग

ईरान लंबे समय से मांग कर रहा है कि इजरायल अपनी सेना लेबनान से वापस बुलाए। लेकिन इजरायल ने इस मांग को मानने से इनकार कर दिया है और हिजबुल्लाह के ठिकानों पर कार्रवाई जारी रखी है।

हालांकि शुक्रवार को इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच संघर्षविराम की घोषणा हुई थी, लेकिन इसके बाद भी हिंसा थमती नजर नहीं आ रही है।

शनिवार को दक्षिणी लेबनान के सैदा (सिडोन) के पास एक गांव पर इजरायली हमले में कम से कम 7 लोगों की मौत हो गई। वहीं, लेबनान की सिविल डिफेंस एजेंसी के मुताबिक, नबातियेह जिले में हुए हमलों में 16 लोगों की जान गई।

हिजबुल्लाह सांसद हसन फदलाल्लाह ने कहा कि संगठन को इजरायली हमलों का जवाब देने का पूरा अधिकार है।

स्विट्जरलैंड जा सकते हैं जेडी वेंस

इस बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा है कि वह जल्द ही ईरान के साथ वार्ता के लिए स्विट्जरलैंड जा सकते हैं।

उन्होंने दावा किया कि अमेरिका और ईरान के बीच हुए 14 सूत्रीय समझौते के तहत घोषित संघर्षविराम अभी भी कायम है और उन्हें ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है कि होर्मुज जलडमरूमध्य वास्तव में बंद कर दिया गया है।

शांति वार्ता पर संकट

अमेरिका और ईरान के बीच स्विट्जरलैंड में होने वाली नई वार्ता शुक्रवार को टाल दी गई थी। इन बातचीतों का उद्देश्य 60 दिनों के भीतर लंबित मुद्दों, खासकर ईरान के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम, पर स्थायी समाधान तलाशना था।

रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विककोफ वार्ता को फिर से शुरू कराने के लिए स्विट्जरलैंड पहुंच चुके हैं। वहीं, ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर के भी वहां पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

ट्रंप ने फिर जताई नाराजगी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार खुद को क्षेत्रीय युद्ध रोकने वाले नेता के रूप में पेश कर रहे हैं। उन्होंने हाल ही में कहा था कि अमेरिकी समर्थन के बिना इजरायल की स्थिति बेहद कमजोर हो सकती थी।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप इजरायल की लगातार सैन्य कार्रवाई से नाराज हैं और उन्होंने इस महीने की शुरुआत में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बातचीत के दौरान उनके रवैये पर असंतोष भी जताया था।

अब दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या होर्मुज जलडमरूमध्य वास्तव में बंद होता है और क्या अमेरिका-ईरान के बीच प्रस्तावित शांति वार्ता दोबारा पटरी पर लौट पाती है।