वर्ल्ड अपडेट्स:जेलेंस्की ने पोलैंड का सर्वोच्च सम्मान लौटाया; बोले- यह यूक्रेनी जनता और सैनिकों के लिए था

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने पोलैंड का सर्वोच्च राज्य सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ द व्हाइट ईगल’ लौटा दिया है। यह कदम पोलैंड के राष्ट्रपति कारोळ नवरोत्स्की द्वारा सम्मान वापस लेने के फैसले के बाद उठाया गया। दोनों देशों के बीच द्वितीय विश्व युद्ध के इतिहास से जुड़ा विवाद एक बार फिर सामने आ गया है। नवरोत्स्की ने जेलेंस्की से सम्मान वापस लेने का फैसला तब किया, जब यूक्रेन ने अपनी स्पेशल ऑपरेशंस फोर्स की एक यूनिट का नाम यूक्रेनियन इंसर्जेंट आर्मी (UPA) के नाम पर रखा। पोलैंड UPA पर द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान हजारों पोलिश नागरिकों की हत्या का आरोप लगाता है। जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि यह सम्मान यूक्रेनी जनता और सेना के लिए था। उन्होंने सम्मान पोलैंड के राष्ट्रपति कार्यालय को वापस भेजने की जानकारी देते हुए इसकी तस्वीरें और डाक रसीद भी साझा की। यह सम्मान पूर्व पोलिश राष्ट्रपति आंद्रेज डूडा ने 2023 में जेलेंस्की को यूक्रेन की सुरक्षा, लोकतांत्रिक मूल्यों और मानवाधिकारों की रक्षा में योगदान के लिए दिया था। यूक्रेन के चार वरिष्ठ अधिकारियों ने भी पोलैंड से मिले अपने राज्य सम्मान लौटाने की घोषणा की है। हालांकि, पूर्व प्रधानमंत्री आर्सेनी यात्सेन्युक ने इस कदम की आलोचना करते हुए कहा कि एक गलत फैसले का जवाब दूसरे गलत फैसले से नहीं दिया जाना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… रिपोर्ट- ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर सोमवार तक इस्तीफा दे सकते हैं; सरकार ने दावे को खारिज किया ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के जल्द इस्तीफा देने की अटकलें तेज हो गई हैं। ब्रिटेन के अखबार ‘द ऑब्जर्वर’ की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि वह सोमवार तक इस्तीफे का ऐलान कर सकते हैं या पद छोड़ने का रोडमैप बता सकते हैं। हालांकि सरकार ने इन खबरों को खारिज किया है। रिपोर्ट में कहा गया कि, स्टार्मर की पार्टी लेबर पार्टी के 100 से ज्यादा सांसद उनसे इस्तीफा देने या पद छोड़ने की मांग कर चुके हैं। न्यूज एजेंसी ANI मुताबिक, हाल के महीनों में स्टार्मर पर पार्टी के अंदर से दबाव बढ़ा है। यह दबाव तब और बढ़ गया, जब लेबर पार्टी के नेता एंडी बर्नहम ने शुक्रवार को एक संसदीय सीट जीत ली। उन्हें स्टार्मर के संभावित उत्तराधिकारी के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, स्टार्मर ने शुक्रवार को साफ कहा था कि वह नेतृत्व को लेकर किसी भी चुनौती का सामना करेंगे और पार्टी को आपसी खींचतान से बचना चाहिए। जर्मनी में दो मालगाड़ियों की टक्कर, पुल से नीचे गिरे डिब्बे; एक की मौत
जर्मनी के म्यूनिख में शनिवार तड़के दो मालगाड़ियों की टक्कर हो गई। हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दो रेल डिब्बे पटरी से उतरकर पुल से नीचे सड़क पर जा गिरे। दुर्घटना शंटिंग ऑपरेशन के दौरान हुई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में दो रेल डिब्बे पुल से लटके और नीचे सड़क पर गिरे दिखाई दिए। घटनास्थल पर दमकल, पुलिस और भारी मशीनरी की मदद से राहत एवं रिकवरी अभियान चलाया गया। पुलिस के अनुसार नीचे गिरे डिब्बे खाली थे। हादसा केवल मालगाड़ियों के लिए इस्तेमाल होने वाले रेल मार्ग पर हुआ, इसलिए यात्री रेल सेवाएं प्रभावित नहीं हुईं। रिकवरी कार्य पूरा होने तक आसपास की सड़कें बंद रखी गई हैं। इस हादसे से कुछ घंटे पहले ब्रिटेन में भी दो यात्री ट्रेनों की टक्कर हुई थी। उस दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत और 89 लोग घायल हुए थे। फ्रांस में भीषण गर्मी के बीच संगीत महोत्सव पर शराब बैन
फ्रांस में जारी भीषण हीटवेव के बीच सरकार ने राष्ट्रीय संगीत महोत्सव ‘फेट द ला म्यूजिक’ के दौरान कुछ आयोजनों में शराब के सेवन पर प्रतिबंध लगा दिया है। देश के लगभग एक-तिहाई हिस्से में रेड हीटवेव अलर्ट जारी है और कई क्षेत्रों में तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया कि राज्य और उससे जुड़ी एजेंसियों द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में शराब नहीं परोसी जाएगी। रेड अलर्ट वाले क्षेत्रों में सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने पर भी रोक लगाई गई है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि सोमवार को गर्मी और बढ़ सकती है। कई दिनों से जारी हीटवेव के कारण दर्जनों ट्रेन सेवाएं रद्द करनी पड़ी हैं और कई क्षेत्रों में स्कूलों की कक्षाएं स्थगित की गई हैं। लोगों को राहत देने के लिए पेरिस प्रशासन ने शहर के पार्क और उद्यान पूरी रात खुले रखने का निर्णय लिया है। चार दशक से अधिक पुराने इस संगीत महोत्सव का आयोजन हर वर्ष ग्रीष्म संक्रांति के अवसर पर किया जाता है। पिछले साल पेरिस में ही करीब 20 लाख लोगों ने इसमें भाग लिया था।

Re-NEET 2026 आज : 22 लाख छात्रों की परीक्षा, 1.38 लाख CCTV कैमरे और AI निगरानी के बीच होगा एग्जाम

नीट यूजी 2026 (NEET UG 2026) की दोबारा परीक्षा, जिसे कई लोग री-नीट (Re-NEET) भी कह रहे हैं, रविवार 21 जून को आयोजित की जाएगी। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने दावा किया है कि परीक्षा को निष्पक्ष, सुरक्षित और अभ्यर्थी-अनुकूल बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।

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गौरतलब है कि NEET UG 2026 की मूल परीक्षा 3 मई को आयोजित हुई थी, लेकिन पेपर लीक के आरोपों के चलते इसे रद्द कर दिया गया था। इसके बाद यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा विवाद बन गया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी उठी।

 

एनटीए ने कहा है कि वह सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी रख रही है और फर्जी 'पेपर लीक' दावों तथा अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। एजेंसी ने छात्रों और अभिभावकों से केवल एनटीए की आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने और अपुष्ट संदेशों को नजरअंदाज करने की अपील की है।

 

5,454 परीक्षा केंद्रों पर होगी परीक्षा

 

एनटीए के अनुसार, री-नीट परीक्षा भारत के 551 शहरों में स्थित 5,440 परीक्षा केंद्रों और विदेशों के 14 केंद्रों सहित कुल 5,454 केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। परीक्षा अंग्रेजी सहित 12 भारतीय भाषाओं में होगी।

 

परीक्षा के लिए देशभर में 95,000 से अधिक परीक्षा कक्ष बनाए गए हैं, जिनमें सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। कुल 1,38,560 सीसीटीवी कैमरों की निगरानी राष्ट्रीय, राज्य और मंत्रालय स्तर पर की जाएगी।

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नकल रोकने के लिए 51 हजार से अधिक जैमर

 

इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से होने वाली गड़बड़ियों को रोकने के लिए 51,311 जैमर लगाए गए हैं। इनमें 17,054 जैमर इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ECIL) और 34,257 जैमर भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) द्वारा उपलब्ध कराए गए हैं।

 

प्रत्येक परीक्षा कक्ष में दो निरीक्षक (Invigilators) तैनात किए गए हैं। इसके अलावा केंद्रों पर अतिरिक्त परीक्षा कर्मियों की भी नियुक्ति की गई है।

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बायोमेट्रिक और फेस ऑथेंटिकेशन से होगी जांच

 

उम्मीदवारों की पहचान सत्यापित करने के लिए 38,795 फ्रिस्किंग स्टाफ और 48,448 बायोमेट्रिक सत्यापन कर्मियों को तैनात किया गया है। बायोमेट्रिक जांच की क्षमता को दोगुना किया गया है और फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक का भी उपयोग किया जाएगा, ताकि पहचान प्रक्रिया अधिक सुरक्षित और तेज हो सके।

 

AI करेगा संदिग्ध गतिविधियों की पहचान

 

एनटीए ने बताया कि करीब 6,700 पर्यवेक्षकों (Observers) को परीक्षा केंद्रों पर तैनात किया गया है, जबकि 100 से अधिक वर्चुअल ऑब्जर्वर केंद्रीय स्तर पर सीसीटीवी फुटेज की निगरानी करेंगे।

 

इसके अलावा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित टूल्स के जरिए सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया जाएगा, जिससे किसी भी असामान्य गतिविधि की तुरंत पहचान की जा सके।

 

सुरक्षा के लिए पुलिस, अर्धसैनिक बल और वायुसेना की तैनाती

 

परीक्षा सुरक्षा को देखते हुए राज्य और जिला प्रशासन, पुलिस, अर्धसैनिक बलों, भारतीय वायुसेना और डाक विभाग के कर्मचारियों को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। औसतन प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर 40 से 50 सुरक्षा कर्मी तैनात रहेंगे।

 

देशभर में लगभग 1,500 बैंक शाखाओं में रखी गई गोपनीय परीक्षा सामग्री की निगरानी के लिए बैंक अधिकारियों की तैनाती की गई है। वहीं डाक विभाग लगभग 700 संग्रह केंद्रों से OMR शीट एकत्र करने का कार्य करेगा।

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छात्रों के लिए विशेष सुविधाएं

परीक्षा केंद्रों पर पीने के पानी, ओआरएस, एंबुलेंस और अभिभावकों के लिए छायादार प्रतीक्षा क्षेत्र जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रत्येक परीक्षा कक्ष में दीवार घड़ी लगाई गई है। बाएं हाथ से लिखने वाले छात्रों के लिए अतिरिक्त सुविधा और रफ वर्क के लिए अतिरिक्त पृष्ठ भी उपलब्ध कराए गए हैं। एनटीए ने सभी हितधारकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि 22 लाख से अधिक अभ्यर्थियों को शांत, सुरक्षित और सहयोगपूर्ण वातावरण में परीक्षा देने का अवसर मिलना चाहिए। Edited by : Sudhir Sharma

International Yoga Day 2026 : कोलकाता में PM मोदी ने किया योग, गुजरात में अमित शाह भी हुए शामिल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर सामूहिक योग कार्यक्रम के दौरान योगाभ्यास किया। इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 'स्वस्थ आयु के लिए योग' की थीम के साथ मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर सामूहिक योग कार्यक्रम के दौरान योगाभ्यास किया।

इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 'स्वस्थ आयु के लिए योग' की थीम के साथ मनाया जा रहा है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, भाजपा सांसद रवि शंकर प्रसाद और अन्य नेता अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 पर आयोजित एक सामूहिक कार्यक्रम में शामिल हुए।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि योग आज केवल हमारी निजी जीवन शैली के जरूरी हो, इतना ही नहीं है बल्कि योग दुनिया के बेहतर भविष्य के लिए एक आवश्यकता भी है।  

 

मोदी ने कहा कि योग दिवस के अवसर पर आज बंगाल में होना बहुत ही विशेष है । बंगाल की ये पवित्र भूमि जहां भगवान राम कृष्ण परमहंस जैसे सिद्ध संतों ने अवतार लिया। जहां से निकलकर स्वामी विवेकानन्द ने पूरे विश्व को योग से परिचय करवाया। जहां महर्षि अरविंद जैसे महान योगी ने जन्म लिया…आज उसी धरती पर सामूहिक योग का अनुभव एक अलग आध्यात्मिक अनुभूति दे रहा है।  Edited by : Sudhir Sharma

ट्रम्प बोले-अमेरिका होर्मुज में टोल लगा सकता है:इससे मिडिल-ईस्ट में सुरक्षा पर खर्च की भरपाई करेंगे; स्विट्जरलैंड में आज US-ईरान की बातचीत

ट्रम्प ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि अगर ईरान के साथ 60 दिनों में कोई समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका भविष्य में होर्मुज स्ट्रेट में टोल लगाने पर विचार कर सकता है। यह शुल्क मिडिल-ईस्ट में सुरक्षा पर हुए अमेरिकी खर्च की भरपाई के लिए होगा। हालांकि उन्होंने साफ किया कि सीजफायर के दौरान अगले 60 दिनों तक होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर कोई टोल नहीं लगाया जाएगा। 60 दिन खत्म होने के बाद भी टोल नहीं लगाया जाएगा, जब तक यह अमेरिका की तरफ से नहीं लगाया गया होता। इस बीच अमेरिका और ईरान शांति वार्ता के लिए स्विट्जरलैंड पहुंच चुके हैं। अमेरिकी डेलिगेशन में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रम्प के दामाद जेरेड कुशनर हैं। वहीं, ईरानी डेलिगेशन का नेतृत्व विदेश मंत्री अब्बास अराघच कर रहे हैं। संसद स्पीकर बाघेर गालिबाफ भी बातचीत में शामिल होंगे। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. ईरान की जहाजों को चेतावनी: ईरान की रिवोल्यूशनरी फोर्स (IRGC) ने जहाजों को होर्मुज के पास से न गुजरने की चेतावनी दी और कहा कि अगर वे ऐसा करते हैं तो उनकी सुरक्षा की गारंटी नहीं होगी। 2. ईरानी टीम स्विट्जरलैंड रवाना: अमेरिका से बातचीत करने ईरान की टीम स्विट्जरलैंड रवाना हो गई। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। 3. भारत से जुड़े 3 तेल टैंकर ने होर्मुज पार किया: भारतीय झंडे वाले तीन तेल टैंकर शनिवार को सुरक्षित रूप से होर्मुज पार कर भारत के लिए रवाना हो गए। इन जहाजों में 8.6 लाख मीट्रिक टन से अधिक कच्चा तेल और 94 भारतीय क्रू मेंबर शामिल हैं। 4. नेतन्याहू बोले- हमले जारी रखेंगे: इजराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि इजराइल अपनी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा, और दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह पर हमले जारी रखेगा। 5. ट्रम्प बोले- पाकिस्तान ने बहुत मदद की: अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा है कि ईरान के साथ हुए समझौते (MoU) में पाकिस्तान ने अमेरिका की बहुत मदद की। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

UP Weather: यूपी में अगले 5 दिनों तक लू से राहत नहीं, 31 से अधिक जिलों में हीटवेव का अलर्ट

यूपी में मॉनसून की सुस्ती और मौसम गतिविधियों के अनुपस्थिति के कारण गर्मी का सिलसिला जारी है। प्रदेश के 31 से अधिक जिलों में लू यानी हीटवेव का यलो अलर्ट जारी किया गया है। पूर्वांचल और मध्य यूपी के कई इलाकों में पांच दिनों तक गर्म हवाओं से राहत मिलने के आसार नहीं हैं।

भारत बोला- PAK राष्ट्रपति का बयान नफरत फैलाने वाला:हमारे मामलों में दखल न दें; जरदारी बोले थे- वाराणसी की मस्जिद खतरे में, कार्रवाई रोकी जाए

पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के भारत की मस्जिद को लेकर दिए भड़काऊ बयान पर भारत ने रिएक्शन दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, पाकिस्तान को भारत के आंतरिक मामलों पर कमेंट करने का कोई अधिकार नहीं है। विदेश मंत्रालय की तरफ से शनिवार को जारी प्रेस रिलीज में कहा गया कि मानवाधिकारों के मामले में पाकिस्तान का अपना रिकॉर्ड बहुत खराब रहा है, जिस पर दुनिया भर में चर्चा होती है। ऐसे में पाकिस्तान की तरफ से ऐसी बयानबाजी बेतुकी लगती हैं। अलग-अलग धर्मों के अल्पसंख्यकों को सुनियोजित तरीके से निशाना बनाने और उनका उत्पीड़न करने का पाकिस्तान का लंबा इतिहास जगजाहिर है। दरअसल जरदारी ने कहा था कि भारत में कई ऐतिहासिक मुस्लिम धार्मिक स्थल खतरे में हैं। उन्होंने खास तौर पर वाराणसी की गंज शहीदा मस्जिद का जिक्र किया। जिसे रेलवे ने अवैध निर्माण का नोटिस जारी किया है। जरदारी बोले थे- भारत में मुस्लिम धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई से तनाव बढ़ सकता है पाकिस्तान के राष्ट्रपति कार्यालय ने शनिवार को एक प्रेस नोट जारी किया। जिसमें जरदारी ने कहा कि भारत में कई ऐतिहासिक मुस्लिम धार्मिक स्थल खतरे में हैं। उन्होंने खास तौर पर वाराणसी की गंज शहीदा मस्जिद का जिक्र किया, जिसे उन्होंने करीब 1000 साल पुरानी मस्जिद बताया। जरदारी ने भारत से अपील की कि ऐसे धार्मिक स्थलों के खिलाफ किसी भी कार्रवाई को तुरंत रोका जाए। उनका कहना है कि इससे सामाजिक तनाव बढ़ सकता है और देश में अस्थिरता पैदा हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत को अल्पसंख्यकों के अधिकारों और साझा सांस्कृतिक विरासत की रक्षा करनी चाहिए। अब जानिए क्या है वाराणसी की गंज शहीदा मस्जिद विवाद… वाराणसी के काशी रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास और मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब परियोजना के तहत रेलवे प्रशासन ने स्टेशन के पास स्थित गंज शहीदा मस्जिद को नोटिस जारी कर 20 जून तक परिसर खाली करने को कहा था। रेलवे का कहना है कि मस्जिद रेलवे की जमीन पर बना अवैध ढांचा है और 1991 में दायर एक दीवानी मुकदमे में अगस्त 2024 में आए फैसले के बाद कार्रवाई की जा रही है। रेलवे का कहना है कि 1991 में दायर मुकदमा 28 अगस्त 2024 को खारिज होने के बाद मस्जिद हटाने का रास्ता साफ हो गया। वहीं, मस्जिद प्रबंधन समिति का दावा है कि मामला मस्जिद के अस्तित्व से नहीं, बल्कि उसके पूर्वी हिस्से की जमीन से जुड़ा था और रेलवे अदालत के फैसले की गलत व्याख्या कर रहा है। मस्जिद की 3 तस्वीरें… रेल प्रशासन का क्या कहना है, 4 पॉइंट… मस्जिद कमेटी का पक्ष; बोले- हाईकोर्ट जाएंगे —————————

भारत बोला- PAK राष्ट्रपति का बयान नफरत फैलाने वाला:हमारे मामलों में दखल न दें; जरदारी बोले थे- वाराणसी की मस्जिद खतरे में, कार्रवाई रोकी जाए

पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के भारत की मस्जिद को लेकर दिए भड़काऊ बयान पर भारत ने रिएक्शन दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, पाकिस्तान को भारत के आंतरिक मामलों पर कमेंट करने का कोई अधिकार नहीं है। विदेश मंत्रालय की तरफ से शनिवार को जारी प्रेस रिलीज में कहा गया कि मानवाधिकारों के मामले में पाकिस्तान का अपना रिकॉर्ड बहुत खराब रहा है, जिस पर दुनिया भर में चर्चा होती है। ऐसे में पाकिस्तान की तरफ से ऐसी बयानबाजी बेतुकी लगती हैं। अलग-अलग धर्मों के अल्पसंख्यकों को सुनियोजित तरीके से निशाना बनाने और उनका उत्पीड़न करने का पाकिस्तान का लंबा इतिहास जगजाहिर है। दरअसल जरदारी ने कहा था कि भारत में कई ऐतिहासिक मुस्लिम धार्मिक स्थल खतरे में हैं। उन्होंने खास तौर पर वाराणसी की गंज शहीदा मस्जिद का जिक्र किया। जिसे रेलवे ने अवैध निर्माण का नोटिस जारी किया है। जरदारी बोले थे- भारत में मुस्लिम धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई से तनाव बढ़ सकता है पाकिस्तान के राष्ट्रपति कार्यालय ने शनिवार को एक प्रेस नोट जारी किया। जिसमें जरदारी ने कहा कि भारत में कई ऐतिहासिक मुस्लिम धार्मिक स्थल खतरे में हैं। उन्होंने खास तौर पर वाराणसी की गंज शहीदा मस्जिद का जिक्र किया, जिसे उन्होंने करीब 1000 साल पुरानी मस्जिद बताया। जरदारी ने भारत से अपील की कि ऐसे धार्मिक स्थलों के खिलाफ किसी भी कार्रवाई को तुरंत रोका जाए। उनका कहना है कि इससे सामाजिक तनाव बढ़ सकता है और देश में अस्थिरता पैदा हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत को अल्पसंख्यकों के अधिकारों और साझा सांस्कृतिक विरासत की रक्षा करनी चाहिए। अब जानिए क्या है वाराणसी की गंज शहीदा मस्जिद विवाद… वाराणसी के काशी रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास और मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब परियोजना के तहत रेलवे प्रशासन ने स्टेशन के पास स्थित गंज शहीदा मस्जिद को नोटिस जारी कर 20 जून तक परिसर खाली करने को कहा था। रेलवे का कहना है कि मस्जिद रेलवे की जमीन पर बना अवैध ढांचा है और 1991 में दायर एक दीवानी मुकदमे में अगस्त 2024 में आए फैसले के बाद कार्रवाई की जा रही है। रेलवे का कहना है कि 1991 में दायर मुकदमा 28 अगस्त 2024 को खारिज होने के बाद मस्जिद हटाने का रास्ता साफ हो गया। वहीं, मस्जिद प्रबंधन समिति का दावा है कि मामला मस्जिद के अस्तित्व से नहीं, बल्कि उसके पूर्वी हिस्से की जमीन से जुड़ा था और रेलवे अदालत के फैसले की गलत व्याख्या कर रहा है। मस्जिद की 3 तस्वीरें… रेल प्रशासन का क्या कहना है, 4 पॉइंट… मस्जिद कमेटी का पक्ष; बोले- हाईकोर्ट जाएंगे —————————

यूपी में स्थानीय भाषा में मिलेगी नौकरी की जानकारी, सभी मंडलों में योगी सरकार शुरू करेगी ‘ब्लू डॉट्सएआई’

Job information to be available in local language in Uttar Pradesh

– स्थानीय युवाओं और एमएसएमई को जोड़ने के लिए 'ब्लू डॉट्सएआई' की शुरुआत, मुजफ्फरनगर में खुला पहला जेएफसी

– अब मोबाइल मैप पर दिखेंगी आसपास की नौकरियां, गाजियाबाद के सफल मॉडल को पूरे प्रदेश में मिलेगा विस्तार

– 18 मंडलों में शुरू होगी डिजिटल रोजगार पहल, युवाओं, महिलाओं और कुशल श्रमिकों को स्थानीय रोजगार से जोड़ने की तैयारी

– स्थानीय उद्योगों को मिलेंगे आसपास के प्रशिक्षित अभ्यर्थी, रोजगार व्यवस्था होगी मजबूत

Uttar Pradesh News : उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने स्थानीय रोजगार, कौशल विकास और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रदेश के सभी 18 मंडलों में 'ब्लू डॉट्सएआई' (Blue DotsAI) पहल का शुभारंभ मुजफ्फरनगर से किया। व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  कपिल देव अग्रवाल ने शनिवार को मुजफ्फरनगर में प्रदेश के पहले संयुक्त सुविधा केंद्र (ज्वाइंट फैसिलिटेशन सेंटर- जेएफसी) का उद्घाटन किया। गाजियाबाद में सफल पायलट परियोजना के बाद अब इस डिजिटल पहल का विस्तार पूरे उत्तर प्रदेश में किया गया है।

 

इस अवसर पर मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य स्थानीय युवाओं, महिलाओं और कुशल श्रमिकों को उनके आसपास उपलब्ध रोजगार के अवसरों से सीधे जोड़ना है। उन्होंने कहा कि अब युवा अपनी स्थानीय भाषा में वॉयस कॉल के माध्यम से भी इस प्लेटफॉर्म से जुड़ सकेंगे और अपने क्षेत्र में उपलब्ध नौकरियों की जानकारी मोबाइल मैप पर आसानी से प्राप्त कर सकेंगे।

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साथ ही स्थानीय एमएसएमई और उद्योगों को भी अपने आसपास के योग्य एवं प्रशिक्षित अभ्यर्थियों तक त्वरित पहुंच मिलेगी। उन्होंने कहा कि जब स्थानीय हुनर और स्थानीय उद्योग एक-दूसरे से जुड़ेंगे, तब आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश का लक्ष्य और अधिक मजबूत होगा।

 

उन्होंने कहा कि तकनीक केवल माध्यम है, वास्तविक सफलता विभागीय टीमों, उद्योगों और सहयोगी संस्थाओं के समन्वित प्रयासों से ही संभव होगी। इस अभिनव पहल को सफल बनाने में गाजियाबाद की जिला टीम, विभागीय अधिकारियों तथा सहयोगी संस्थाओं के योगदान की भी उन्होंने सराहना की।

 

व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमिता विभाग के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन द्वारा संचालित इस पहल में ईवाई, एकस्टेप फाउंडेशन (EkStep Foundation) तथा हेड हेल्ड हाई फाउंडेशन तकनीकी एवं संस्थागत सहयोग प्रदान कर रहे हैं।

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इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से युवाओं, महिलाओं, प्रशिक्षण संस्थानों, उद्योगों तथा नियोक्ताओं को एक साझा डिजिटल मंच पर जोड़ा जाएगा, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने की प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनेगी।

 

मंत्री अग्रवाल ने बताया कि गाजियाबाद में संचालित पायलट परियोजना ने बेहद उत्साहजनक परिणाम दिए। कुछ ही महीनों में 16 हजार से अधिक स्थानीय रोजगार अवसरों और 15 हजार से अधिक इच्छुक अभ्यर्थियों का सफल पंजीकरण किया गया। यह उपलब्धि उद्योगों के सीमित दायरे को जोड़ने के बावजूद प्राप्त हुई, जिससे स्पष्ट है कि पूरे प्रदेश में इस पहल के माध्यम से रोजगार सृजन की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।

 

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बड़ी चुनौती यह है कि एक ही क्षेत्र में रोजगार के अवसर और योग्य अभ्यर्थी उपलब्ध होने के बावजूद जानकारी के अभाव में दोनों एक-दूसरे तक नहीं पहुंच पाते। परिणामस्वरूप उद्योगों को आवश्यक मानव संसाधन नहीं मिलता और युवाओं को रोजगार के लिए दूर-दराज भटकना पड़ता है। 'ब्लू डॉट्सएआई'* इसी को समाप्त करने का प्रभावी माध्यम बनेगा। स्थानीय भाषा आधारित वॉयस सुविधा और लोकेशन आधारित मैपिंग के जरिए यह प्लेटफॉर्म युवाओं एवं उद्योगों के बीच सीधा संपर्क स्थापित करेगा।

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मुजफ्फरनगर में स्थापित पहला संयुक्त सुविधा केंद्र क्षेत्रीय समन्वय, निगरानी और सेवा वितरण का प्रमुख केंद्र होगा। आगामी चरणों में प्रदेश के सभी 18 मंडलों में ऐसे केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जहां जिला उद्योग केंद्र, श्रम विभाग, रोजगार कार्यालय, आईटीआई, पॉलिटेक्निक, उच्च शिक्षण संस्थान, उद्योग संघ, एमएसएमई, स्टार्टअप्स तथा अन्य स्थानीय साझेदार संस्थाएं एकीकृत रूप से कार्य करेंगी।
Edited By : Chetan Gour

VIDEO: फिसलन, संघर्ष और शिकार: IIT बॉम्बे पहुंच गया तेंदुआ, CCTV में कैद हुआ खौफनाक दृश्य

IIT बॉम्बे के पवई कैंपस में शुक्रवार को एक तेंदुए के दिखने के बाद डर का माहौल बना हुआ है। देर रात करीब 2 बजे हॉस्टल पहुंचे तेंदुए ने कैंपस में ही एक आवारा कुत्ते का शिकार किया। इसके बाद उसकी गर्दन को दबाकर वह वहां से निकल गया।

महाराष्ट्र में भयावह हादसा, परभणी में मंदिर की गिरी छत, 7 श्रद्धालुओं की मौत, कई घायल

Roof of temple collapsed in Maharashtra's Parbhani district

Parbhani Temple Roof Collapsed : महाराष्ट्र के परभणी जिले में भयावह दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। खबरों के अनुसार, यशवाड़ी गांव स्थित मशहूर हनुमान मंदिर में शनिवार को श्रद्धालु पूजा और धार्मिक कार्यक्रम में व्यस्त थे, तभी अचानक निर्माणाधीन छत एक हिस्सा भरभराकर गिर पड़ा और पूरा परिसर चीख-पुकार से गूंज उठा और अफरातफरी मच गई। इस दौरान मलबे में दबने से 7 श्रद्धालुओं की मौत की खबर है, जबकि 20 से ज्‍यादा घायल हुए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिसमें करीब 6 श्रद्धालुओं की हालत गंभीर है। दिल दहलाने वाले इस हादसे का वीडियो भी सामने आया है। 

 

भरभराकर गिरा निर्माणाधीन छत का हिस्सा

महाराष्ट्र के परभणी जिले में भयावह दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। खबरों के अनुसार, यशवाड़ी गांव स्थित मशहूर हनुमान मंदिर में शनिवार को श्रद्धालु पूजा और धार्मिक कार्यक्रम में व्यस्त थे, तभी अचानक निर्माणाधीन छत एक हिस्सा भरभराकर गिर पड़ा, जिससे चीख-पुकार और अफरातफरी मच गई। इस दौरान मलबे में दबने से 7 श्रद्धालुओं की मौत की खबर है, जबकि 20 से ज्‍यादा घायल हुए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिसमें करीब 6 श्रद्धालुओं की हालत गंभीर है।

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हादसे का वीडियो भी आया सामने 

दिल दहलाने वाले इस हादसे का वीडियो भी सामने आया है। खबरों के मुताबिक, हादसा इतनी तेजी से हुआ कि किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला। जो लोग मंडप के ठीक नीचे बैठे थे, वे सीधे मलबे की चपेट में आ गए। घटना के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीण और मंदिर में मौजूद अन्य श्रद्धालु राहत कार्य में जुट गए। कई लोगों ने अपने हाथों से मलबा हटाकर घायलों को बाहर निकाला।

प्रधानमंत्री मोदी ने हादसे पर जताया गहरा दुख

हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और आपदा राहत दल मौके पर पहुंच गए। बचाव टीमों ने विशेष उपकरणों की मदद से मलबा हटाने का काम शुरू किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।  

हादसे पर क्‍या बोले मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस? 

हादसे को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मंदिर की निर्माणाधीन छत का हिस्सा गिरने से यह दुखद घटना हुई है और पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। शनिवार का दिन होने, साथ ही वीकेंड की छुट्टी होने की वजह से भारी संख्या में श्रद्धालु मंदिर आए थे।
Edited By : Chetan Gour