मुख्यमंत्री धामी ने बनबसा में किया सामूहिक योगाभ्यास, योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का किया आह्वान

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर बनबसा में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित योग साधकों, सशस्त्र सीमा बल के जवानों, छात्र-छात्राओं, युवाओं, मातृशक्ति एवं वरिष्ठ नागरिकों के साथ सामूहिक योगाभ्यास किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए योग को स्वस्थ एवं संतुलित जीवन का आधार बताया।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि माँ शारदा की पावन भूमि पर आयोजित इस कार्यक्रम में क्षेत्रवासियों के साथ योगाभ्यास करने का अवसर प्राप्त होना उनके लिए अत्यंत हर्ष और गौरव का विषय है। उन्होंने योग दिवस के सफल आयोजन में योगदान देने वाले सभी योग प्रशिक्षकों, साधकों एवं आयोजकों का आभार व्यक्त किया।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मन, शरीर और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित करने वाली जीवन पद्धति है। उन्होंने कहा कि योग मन को स्थिरता प्रदान करता है तथा व्यक्ति को सकारात्मक, संतुलित एवं सफल जीवन की ओर अग्रसर करता है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में तनाव, अवसाद और अस्वस्थ जीवनशैली से उत्पन्न चुनौतियों के बीच योग एक प्रभावी प्राकृतिक उपचार प्रणाली के रूप में कार्य कर रहा है। योग और प्राणायाम के नियमित अभ्यास से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, मानसिक एकाग्रता मजबूत होती है तथा जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि योग ने विश्वभर में मानवता को जोड़ने का कार्य किया है तथा भारतीय संस्कृति के मूल मंत्र “वसुधैव कुटुम्बकम्” और “सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः” के संदेश को वैश्विक स्तर पर स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को वैश्विक पहचान मिली और आज विश्व के 190 से अधिक देशों में करोड़ों लोग योग से जुड़ चुके हैं।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड योग, अध्यात्म और साधना की प्राचीन परंपराओं की भूमि है। राज्य सरकार उत्तराखंड को योग एवं वेलनेस की वैश्विक राजधानी के रूप में स्थापित करने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा देश की पहली योग नीति लागू की गई है, जिसके अंतर्गत योग एवं ध्यान केंद्रों की स्थापना के लिए अधिकतम 20 लाख रुपये तक की सब्सिडी तथा योग, ध्यान एवं प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में शोध एवं अध्ययन को प्रोत्साहित करने के लिए 10 लाख रुपये तक के अनुदान का प्रावधान किया गया है। साथ ही प्रदेश में पांच नए योग हब विकसित किए जा रहे हैं तथा सभी आयुष हेल्थ एवं वेलनेस सेंटरों में योग सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि बनबसा में राज्य स्तरीय योग दिवस कार्यक्रम के आयोजन का उद्देश्य शारदा नदी तट पर भी योग एवं आध्यात्मिक साधना को व्यापक रूप से बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शारदा कॉरिडोर परियोजना के माध्यम से क्षेत्र को आध्यात्मिक एवं पर्यटन विकास की नई पहचान देने के लिए कार्य कर रही है। लगभग 3300 करोड़ रुपये की लागत से विकसित की जा रही इस परियोजना के अंतर्गत टनकपुर से बनबसा तक शारदा रिवर फ्रंट सहित विभिन्न धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों का विकास किया जा रहा है। प्रथम चरण में 179 करोड़ रुपये की लागत से शारदा घाट के पुनर्विकास कार्यों का शुभारंभ किया जा चुका है।

 

 

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से युवाओं से आह्वान किया कि वे योग को केवल एक दिवस तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाएं तथा नशे जैसी बुराइयों से दूर रहकर स्वस्थ, अनुशासित और सकारात्मक जीवनशैली अपनाएं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेशवासी उत्तराखंड को योग का वैश्विक केंद्र बनाने के संकल्प को साकार करने में सक्रिय सहयोग प्रदान करेंगे।

 

योग दिवस कार्यक्रम के अवसर पर  कैबिनेट मंत्री एवं जनपद प्रभारी मंत्री श्री भरत चौधरी, अध्यक्ष जिला पंचायत श्री आनंद सिंह अधिकारी,  सचिव मुख्यमंत्री एवं आयुक्त कुमाऊं श्री दीपक रावत,सचिव आयुष श्रीमती रंजना राजगुरु,आईजी कुमाऊं श्रीमती निवेदिता कुकरेती, जिलाधिकारी चम्पावत श्री मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, जिलाधिकारी उधमसिंह नगर श्री नितिन सिंह भदौरिया, पुलिस अधीक्षक उधमसिंह नगर श्री अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी डॉ जीएस खाती अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारी मौजूद थे।Edited by : Sudhir Sharma

 

 

दावा- ब्रिटिश प्रधानमंत्री स्टार्मर कल तक इस्तीफा दे सकते हैं:पार्टी के 100 सांसद खिलाफ; 10 साल में 5 पीएम ने कार्यकाल से पहले पद छोड़ा

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर सोमवार को इस्तीफे का ऐलान कर सकते हैं। साथ ही वे अपने पद छोड़ने का रोडमैप भी बता सकते हैं। यह दावा ब्रिटेन के अखबार ‘द ऑब्जर्वर’ की रिपोर्ट में किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक स्टार्मर ने कैबिनेट मंत्रियों, सलाहकारों और ट्रेड यूनियन नेताओं से बातचीत के बाद तय किया है कि उनका पद पर बने रहना अब मुश्किल है। हालांकि, रॉयटर्स के मुताबिक सरकारी सूत्रों ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि स्टार्मर अभी भी प्रधानमंत्री के तौर पर अपने काम करने पर ध्यान दे रहे हैं। रॉयटर्स के मुताबिक स्टार्मर की लेबर पार्टी के 100 से ज्यादा सांसद सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि पीएम को इस्तीफा दे देना चाहिए या अपने पद छोड़ने की समयसीमा घोषित करनी चाहिए। स्टार्मर के खिलाफ हुए सांसद, हाउस ऑफ कॉमन्स में पार्टी के कुल सांसदों का करीब एक चौथाई हैं। अगर स्टार्मर इस्तीफा देते हैं, तो ब्रिटेन के 10 साल के इतिहास में वे छठे ऐसे प्रधानमंत्री होंगे, जिन्हें यह पद छोड़ना पड़ा। इससे पहले डेविड कैमरन, थेरेसा मे, बोरिस जॉनसन, लिज ट्रस और ऋषि सुनक अपना कार्यकाल खत्म करने से पहले ही पीएम पद छोड़ चुके हैं। स्टार्मर पर पद छोड़ने का दबाव क्यों बढ़ा स्टार्मर ने 2024 में लेबर पार्टी को बड़ी चुनावी जीत दिलाई थी, लेकिन उसके बाद उनकी लोकप्रियता लगातार घटी है। कई विवादों, नीतिगत यू-टर्न और जीवनस्तर में सुधार के वादों को पूरा नहीं कर पाने की वजह से उनकी इमेज को नुकसान पहुंचा। स्टार्मर की मुश्किलें तब और बढ़ गईं, जब उनके विरोधी एंडी बर्नहैम ने शुक्रवार को उपचुनाव जीत लिया। इस जीत के बाद बर्नहैम पार्टी की कमान संभालने की दावेदारी पेश कर सकते हैं। जीत के बाद बर्नहैम ने कहा कि वह देश को नई दिशा देना चाहते हैं। बर्नहैम के सहयोगी स्टार्मर से इस्तीफा देने की मांग कर रहे हैं। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री वेस स्ट्रीटिंग ने भी संकेत दिया कि वह जरूरत पड़ने पर स्टार्मर को नेतृत्व के लिए चुनौती दे सकते हैं। हालांकि, स्टार्मर ने 19 जून को साफ कहा था कि मैं अपने नेतृत्व के खिलाफ आने वाली किसी भी चुनौती का सामना करूंगा। साथ ही लेबर पार्टी के नेताओं से आपसी खींचतान से बचने की अपील की थी। ब्रिटेन में प्रधानमंत्री बार-बार बदलने की वजह एक्सपर्ट्स के मुताबिक ब्रिटेन में प्रधानमंत्री बार-बार बदलने की बड़ी वजह वहां की संसदीय व्यवस्था है। वहां प्रधानमंत्री को लोग सीधे नहीं चुनते, बल्कि उनकी पार्टी के सांसद उनका समर्थन करते हैं। प्रधानमंत्री तब तक पद पर बने रहते हैं, जब तक पार्टी के सांसद उनके साथ खड़े हों। अगर सांसदों को लगने लगे कि किसी नेता की घटती लोकप्रियता से अगले चुनाव में पार्टी को नुकसान हो सकता है, तो वे बिना आम चुनाव कराए भी नया नेता चुनने की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं। यही वजह है कि ब्रिटेन में पार्टी का समर्थन कमजोर पड़ते ही प्रधानमंत्री बदलने की नौबत जल्दी आ जाती है। ब्रिटेन की बड़ी पार्टियों के नियम भी नेताओं को हटाने का रास्ता आसान बना देते हैं। कंजर्वेटिव पार्टी में अगर 15% सांसद किसी नेता के खिलाफ चिट्ठी लिख दें, तो उसके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जा सकता है। वहीं, लेबर पार्टी में कोई दूसरा नेता तब दावेदारी पेश कर सकता है, जब उसे पार्टी के 20% से ज्यादा सांसदों और सदस्यों का समर्थन मिल जाए। 2011 में स्थिरता के लिए ‘फिक्स्ड टर्म कानून’ लाया गया था 2011 में फिक्स्ड-टर्म पार्लियामेंट्स एक्ट’ लाया गया था। इसका मकसद संसद का कार्यकाल तय रखना और सरकारों को समय से पहले गिरने से बचाना था। लेकिन बाद में इस कानून को खत्म कर दिया गया। आलोचकों का कहना है कि इसके बाद पुराने नियम फिर लागू हो गए, जिससे प्रधानमंत्री अपनी पार्टी के समर्थन और अचानक पैदा होने वाले राजनीतिक संकटों के ज्यादा भरोसे हो गए। ऐसे में पार्टी का समर्थन कम होते ही प्रधानमंत्री की कुर्सी खतरे में पड़ सकती है, जिससे नेताओं का कार्यकाल छोटा और अनिश्चित होता जा रहा है। ब्रेग्जिट के बाद कम समय में अच्छे नतीजे देने का दबाव मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 2016 में ब्रेग्जिट पर हुए जनमत संग्रह के बाद ब्रिटेन की राजनीति में बड़ा बदलाव आया। लोग अब सिर्फ पार्टी देखकर वोट नहीं देते, बल्कि महंगाई, टैक्स, सरकारी सेवाओं और बेहतर जीवन स्तर जैसे मुद्दों पर जल्दी नतीजे चाहते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसी वजह से नेताओं पर कम समय में अच्छे नतीजे देने का दबाव बढ़ गया है। अगर सरकार लोगों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरती, तो सत्तारूढ़ पार्टी के अंदर ही विरोध शुरू हो जाता है और नेता बदलने की मांग उठने लगती है। ———————— ये खबर भी पढ़ें… शबाना महमूद ब्रिटेन की पहली मुस्लिम प्रधानमंत्री बन सकती हैं:कश्मीर मूल की हैं; एपस्टीन फाइल्स विवाद से PM स्टार्मर की कुर्सी खतरे में अमेरिकी यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े विवादों के कारण ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की कुर्सी खतरे में है। अब उनकी अपनी लेबर पार्टी के एक धड़े ने ही इस्तीफे की मांग कर दी है। हालांकि स्टार्मर अभी पद छोड़ने से इनकार कर रहे हैं। इस बीच, नए प्रधानमंत्री पद की होड़ में गृह मंत्री शबाना महमूद के साथ ही स्वास्थ्य मंत्री वेस्ट स्ट्रीटिंग और पूर्व उपप्रधानमंत्री अंगेला रेनर का नाम सामने आ रहा है। पूरी खबर पढ़ें…

Kanpur News: 43 बंद अस्पतालों को फिर से खोलने की कवायद, महापौर रखेंगी इस दिन बड़ा प्रस्ताव

Kanpur Closed Hospitals: कानपुर में बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने और नगर निगम की आय बढ़ाने के लिए महापौर प्रमिला पांडेय 24 जून को लखनऊ में होने वाली प्रदेश के 17 महापौरों की बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखने जा रही हैं। इनमें शहर के बंद पड़े 43 अस्पतालों और डिस्पेंसरियों को दोबारा संचालित कराने का प्रस्ताव प्रमुख रूप से शामिल है। इससे शहरवासियों को सस्ता और सुलभ इलाज मिल सकेगा।

Monsoon Update: 23 जून से फिर रफ्तार पकड़ेगा मानसून, जुलाई के पहले सप्ताह तक दिल्ली पहुंचने के संकेत

देशभर में मानसून का इंतजार कर रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने संकेत दिया है कि 23 जून के आसपास दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बन रही हैं। 8 जून से दक्षिण महाराष्ट्र में रुका हुआ मानसून अब दोबारा उत्तर और पूर्व दिशा की ओर बढ़ सकता है, जिससे कई राज्यों में मौसम का मिजाज बदलने की संभावना है।

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मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में मानसून महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के अन्य हिस्सों में आगे बढ़ सकता है। वहीं, छत्तीसगढ़ में भी जल्द मानसून की एंट्री होने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मौजूदा स्थिति बनी रहती है तो मानसून जुलाई के पहले सप्ताह तक दिल्ली पहुंच सकता है।

 

पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में सक्रिय है मानसून

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है। पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 21 जून को अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में पूरे सप्ताह भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है।

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कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

आईएमडी ने पश्चिम बंगाल और सिक्किम के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। असम और मेघालय में भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। ओडिशा, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी अच्छी बारिश होने की संभावना है।

 

पिछले 24 घंटों के दौरान असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। वहीं अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा और झारखंड में भी तेज बारिश हुई है।

 

मध्य और पश्चिम भारत में गर्मी का असर बरकरार

 

एक ओर जहां पूर्वी भारत में मानसून सक्रिय है, वहीं मध्य और पश्चिम भारत के कई इलाकों में गर्मी और लू का असर बना हुआ है। तटीय और मध्य महाराष्ट्र में हीटवेव का अलर्ट जारी किया गया है। पूर्वी उत्तर प्रदेश और विदर्भ क्षेत्र में भी 25 जून तक लू जैसी स्थिति बनी रह सकती है। तेलंगाना और बिहार के कुछ हिस्सों में 21 जून तक गर्म हवाओं का असर देखने को मिल सकता है।

तापमान में गिरावट की संभावना

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत में 22 जून तक तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन इसके बाद तापमान में करीब 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है। महाराष्ट्र में 21 जून के बाद तापमान 2 से 3 डिग्री तक कम हो सकता है, जबकि तेलंगाना में 2 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।  Edited by : Sudhir Sharma

भारत की समुद्री शक्ति को नई उड़ान, PM मोदी ने INS Dunagiri, Agray और Sanshodhak किए कमीशन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कोलकाता स्थित श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट पर भारतीय नौसेना के तीन स्वदेशी रूप से निर्मित युद्धपोतों को औपचारिक रूप से कमीशन किया। इस अवसर पर उन्होंने भारत की बढ़ती समुद्री शक्ति और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर जोर दिया।

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इन तीन युद्धपोतों में स्टील्थ फ्रिगेट दुनागिरी (INS Dunagiri), सर्वे वेसल (लार्ज) संशोधक (INS Sanshodhak) और एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट अग्रे (INS Agray) शामिल हैं। ये जहाज समुद्री युद्ध, हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण और पनडुब्बी रोधी अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

 

नौसेना द्वारा जारी वीडियो में INS Dunagiri को एक अत्याधुनिक और शक्तिशाली युद्धपोत बताया गया है, जिसमें ब्रह्मोस मिसाइल, मिडियम रेंज सतह-से-आकाश मिसाइल प्रणाली और आधुनिक सेंसर लगाए गए हैं। यह युद्धपोत भारतीय स्टील्थ तकनीक से लैस है और लंबी अवधि के समुद्री अभियानों में सक्षम है।

 

INS Sanshodhak को समुद्री सर्वेक्षण के लिए तैयार किया गया है, जो समुद्र की गहराई और भू-भौतिकीय डेटा एकत्र करने में उपयोग होगा। वहीं INS Agray को उथले समुद्री क्षेत्रों में पनडुब्बियों का पता लगाने और उनसे मुकाबला करने के लिए डिजाइन किया गया है।

 

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ये तीनों जहाज “आत्मनिर्भर भारत” के प्रतीक हैं और अब भारत रक्षा क्षेत्र में केवल खरीददार नहीं रह सकता। उन्होंने कहा कि देश की शक्ति उसकी आत्मनिर्भरता में है और भारतीय इंजीनियरों, श्रमिकों और उद्योगों की मेहनत से यह उपलब्धि हासिल हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि मजबूत समुद्री शक्ति देश की आर्थिक और रणनीतिक स्थिति को मजबूत करती है और भारत इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। Edited by : Sudhir Sharma

अपने लिए जीने की बारी आई, तो चुना योग का रास्ता | Senior Citizen | Yoga Nani | Maharashtra

आज जब हम किसी बुज़ुर्ग को Exercise या योग करते देखते हैं, तो ये हमारे लिए बेहद आर्श्चय करने वाली बात होती है.. लेकिन असल में ये नार्मल है! 75 साल की सुशीलजी बोहरा बताती हैं कि योग उनके जीवन का एक अहम हिस्सा है। ये केवल 1 घंटे का काम नहीं, बल्कि पूरी जीवनशैली बदलने जैसा है।

जिस महिला ने लगभग अपना पूरा जीवन घर-परिवार और दूसरों के लिए जीने में निकाल दिया… जब अपने लिए जीने की बारी आई, तो उन्होंने योग को क्यों चुना? देखिए पूरी कहानी

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7 महीने बाद भी नहीं थमी कानपुर पार्षदों और मेयर के बीच रार, अब CM योगी के जनता दरबार जाएंगे बागी

कानपुर में भाजपा बागी छह पार्षदों और मेयर प्रमिला पांडेय के बीच 7 महीने से चल रही जंग शांत होने के नाम नहीं ले रहा है। पार्षद, मेयर और उनके बेटे  के कारनामों की शिकायत रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और प्रदेश अध्यक्ष से भी कर चुके हैं। अब बागी पार्षद सीएम योगी के जनता दरबार में जाएंगे।

International Yoga Day 2026: गुजरात में योग दिवस का उत्सव, CM भूपेंद्र पटेल ने मानसा में किया सामूहिक योग

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर पूरे गुजरात में उत्साह के साथ विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इस मौके पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल ने गांधीनगर जिले के मानसा में योगाभ्यास कर विश्व योग दिवस समारोह में भाग लिया। मानसा स्थित साइंस कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और योग प्रेमियों ने हिस्सा लिया। “स्वस्थ जीवन के लिए योग” थीम के तहत आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य योग के शारीरिक और मानसिक लाभों के प्रति लोगों को जागरूक करना था।

 

कार्यक्रम में गुजरात योग बोर्ड के अध्यक्ष शिशपाल राजपूत तथा मानसा के विधायक जे.एस. पटेल भी उपस्थित रहे। सभी ने सामूहिक योगाभ्यास कर स्वस्थ और फिट जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।

 

विश्व योग दिवस के अवसर पर राज्य के विभिन्न शहरों और जिलों में भी योग कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें बड़ी संख्या में लोग उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं। 

 

अहमदाबाद रिवरफ्रंट पर भव्य आयोजन

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर अहमदाबाद रिवरफ्रंट पर भव्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सुबह से ही बड़ी संख्या में योग प्रेमी, विद्यार्थी, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि कार्यक्रम में शामिल हुए।

 

इस अवसर पर गुजरात भाजपा प्रदेश अध्यक्ष जगदीशभाई विश्वकर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने योग के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभों के बारे में लोगों को जागरूक किया और सभी से अपने दैनिक जीवन में योग को अपनाने की अपील की।

 

कार्यक्रम के दौरान योग विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में विभिन्न योगासनों और प्राणायाम का सामूहिक अभ्यास कराया गया। उपस्थित लोगों ने उत्साहपूर्वक योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।

 

अहमदाबाद रिवरफ्रंट पर आयोजित इस कार्यक्रम में हजारों लोगों की भागीदारी से पूरा वातावरण योगमय हो गया। विश्व योग दिवस के इस आयोजन के माध्यम से स्वास्थ्य, फिटनेस और मानसिक शांति का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। Edited by : Sudhir Sharma

NEET Re-Exam 2026: धर्मेंद्र प्रधान बोले- बिना डर और तनाव के दें परीक्षा, 22 लाख छात्रों से क्या अपील की

dharmendra pradhan

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने लगभग 22 लाख छात्र-छात्राओं के राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) पुनर्परीक्षा में शामिल होने की तैयारी के बीच रविवार को अभ्यर्थियों से बिना किसी भय और चिंता के आत्मविश्वास के साथ परीक्षा में शामिल होने की अपील की।

 

प्रधान ने कहा कि उन्हें राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए), राज्य सरकारों, जिला प्रशासन, शिक्षा जगत और छात्रों पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा, ‘‘आज करीब 22 लाख छात्र कुछ ही देर में नीट परीक्षा देने जा रहे हैं। उन्हें निडर होकर और बिना किसी चिंता के परीक्षा में शामिल होना चाहिए। वे निश्चित रूप से अच्छा प्रदर्शन करेंगे। मेरी ओर से सभी छात्रों को ढेर सारी शुभकामनाएं।’’

 

उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि कोई भी ऐसा कार्य न करें जिससे बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़े। उन्होंने कहा, ‘‘कृपया भारत की नई पीढ़ी के भविष्य के साथ खिलवाड़ न करें। ऐसा कुछ भी न करें जिससे बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़े। कुछ ही घंटों में बच्चे परीक्षा देने जा रहे हैं।’’

 

उन्होंने कहा, ‘‘मैं अपील करता हूं कि हमें भारत की नई पीढ़ी के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं करना चाहिए। कोई भी इसे मज़ाक न बनाए। ऐसा कुछ भी नहीं किया जाना चाहिए जिससे बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़े। कुछ ही घंटों में छात्र परीक्षा में बैठने वाले हैं।’’

 

किसी का नाम लिए बिना प्रधान ने कहा कि शनिवार को कुछ ‘‘ कथित जिम्मेदार लोगों’’ ने ‘‘गलत इरादे’’ से ऐसा व्यवहार किया, जिससे बच्चों पर असर पड़ा, उन्होंने उनसे आगे किसी भी तरह की परेशानी या तनाव नहीं फैलाने की अपील की।

 

उन्होंने कहा, ‘‘कम से कम यदि आप जिम्मेदार हैं, यदि आप स्वयं को भारत का सच्चा नागरिक मानते हैं, यदि आप भारत के लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं, तो कृपया जिम्मेदारी लें और बच्चों को और अधिक परेशानी न दें।’’

 

एनटीए ने तीन मई को हुई नीट-यूजी 2026 परीक्षा को पेपर लीक के आरोपों के बीच रद्द कर दिया था, और सरकार ने इस मामले को जांच के लिए सीबीआई को सौंप दिया है। पुनर्परीक्षा रविवार को आयोजित की जा रही है। Edited by : Sudhir Sharma

पहले दिया 60 दिनों का अल्‍टीमेटम, फिर दिखाई ईरान को हेकड़ी… ट्रंप ने दी होर्मुज में टोल लगाने की धमकी; क्‍या युद्ध का खर्चा निकालने की है प्‍लानिंग?

Donald Trump: अमेरिका और ईरान के बीच लगभग 100 दिनों के युद्ध के बाद समझौता हो गया है। समझौते की बाकी शर्तें किस तरह से पूरी होनी है, इसे लेकर अगले 60 दिनों में बात होगी। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि सीजफायर के दौरान 60 दिनों तक होर

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