Ram Mandir Daan Chori: दान पेटी से बैंक तक… राम मंदिर में कैसे होती है हर 1 रुपये की गिनती और निगरानी?

अयोध्या के राम मंदिर में कथित दान घोटाले की जांच के बीच लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर मंदिर में आने वाले करोड़ों रुपये, सोना-चांदी और कीमती सामान की गिनती और निगरानी कैसे होती है।

हर दिन एक लाख से ज्यादा श्रद्धालु रामलला के दर्शन के लिए पहुंचते हैं और बड़ी मात्रा में नकद, सोना, चांदी और दूसरी कीमती वस्तुएं दान करते हैं। इन सभी दानों को सुरक्षित रखने और उनका हिसाब-किताब रखने के लिए एक बेहद सख्त और कई लेवल की व्यवस्था बनाई गई है।

35 दान पेटियों से शुरू होती है प्रक्रिया

मंदिर परिसर में कुल 35 बड़ी स्टील की दान पेटियां लगाई गई हैं। इन पर 24 घंटे CCTV कैमरों से निगरानी रखी जाती है।

इन दान पेटियों में डबल-लॉक सिस्टम होता है, यानी किसी एक व्यक्ति के पास इन्हें खोलने का अधिकार नहीं होता। जब कोई पेटी भर जाती है, तो ट्रस्ट के अधिकारी और बैंक प्रतिनिधि की मौजूदगी में उसे खोला जाता है।

इसके बाद दान की रकम और अन्य सामग्री को विशेष सुरक्षा वाले सीलबंद बैग में रखकर सेंट्रल काउंटिंग रूम में भेजा जाता है।

दो शिफ्ट में होती है गिनती

उच्च सुरक्षा वाले काउंटिंग रूम में सुबह से रात तक दो शिफ्ट में काम चलता है। इस प्रक्रिया में करीब 40 पेशेवर कैश टेलर, नेशनलाइज बैंकों के अधिकारी और ऑडिटर शामिल रहते हैं।

पहली शिफ्ट में:

  • नोटों को मूल्य के हिसाब से अलग किया जाता है।
  • मुड़े-तुड़े नोट सीधे किए जाते हैं।
  • खराब या कटे-फटे नोटों को अलग रखा जाता है।

दूसरी शिफ्ट में:

  • नोटों को हाई-स्पीड कैश काउंटिंग मशीनों से गिना जाता है।
  • नकली नोटों की जांच की जाती है।
  • पूरी प्रक्रिया कैमरों की निगरानी में होती है।
  • सोना-चांदी का अलग हिसाब

नकदी के अलावा श्रद्धालुओं की ओर से दान किए गए सोने के आभूषण, चांदी के सिक्के और दूसरी कीमती चीजों की जांच अलग टीम करती है।

सरकार की मान्यता प्राप्त मूल्यांकन विशेषज्ञ (Appraisers) इन वस्तुओं का वजन और मूल्य दर्ज करते हैं। इसके बाद उन्हें मंदिर के सुरक्षित अंडरग्राउंड वॉल्ट (तिजोरी) में रखा जाता है।

बैंक में जमा होने से पहले कई लेवल की जांच

दिनभर की गिनती पूरी होने के बाद नकद राशि का मिलान किया जाता है।

  • मशीनों के रिकॉर्ड और वास्तविक नकदी का आंकड़ा मिलाया जाता है।
  • सभी रिकॉर्ड की जांच होती है।
  • ट्रस्ट और वित्तीय एजेंसियों के प्रतिनिधि दस्तावेजों पर संयुक्त हस्ताक्षर करते हैं।

इसके बाद रकम को सुरक्षा व्यवस्था के बीच बैंक पहुंचाया जाता है और मंदिर ट्रस्ट के आधिकारिक खातों में जमा किया जाता है।

डिजिटल रसीद मिलने के बाद ही होता है अंतिम रिकॉर्ड

बैंक से डिजिटल रसीद मिलने के बाद ही राशि को ट्रस्ट के केंद्रीय लेखा-जोखा (Accounting System) में स्थायी रूप से दर्ज किया जाता है।

जांच एजेंसियां क्या देख रही हैं?

SIT अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इतनी कड़ी सुरक्षा और कई स्तरों की निगरानी के बावजूद अगर कोई गड़बड़ी हुई है तो वो किस चरण में हुई। जांच का मुख्य फोकस यह है कि कहीं मानवीय लापरवाही, रिकॉर्ड में हेरफेर या निगरानी की किसी कमजोरी का फायदा तो नहीं उठाया गया।

फिलहाल जांच जारी है और एजेंसियां पूरी वित्तीय प्रक्रिया की बारीकी से समीक्षा कर रही हैं।

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‘वो हमसे दोस्ती करना चाहती हैं, लेकिन मैं नहीं करूंगा’, ट्रंप ने मेलोनी के बारे में फिर लिखी ऊल-जलूल बातें; कल इटली PM ने दिया था मुंहतोड़ जवाब

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी के बारे में एक बार फिर ऊल-जलूल बातें की हैं। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि इटली में जैसी उनकी लोकप्रियता है, उसके अनुसार वो बहुत घटिया काम कर रही हैं।आपको बता दें कि इससे पहले भी उन्ह

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India A vs Sri Lanka A: दबाव में हैं वैभव सूर्यवंशी? फाइनल से पहले तिलक वर्मा ने दिया बड़ा बयान

ट्राई नेशन सीरीज का फाइनल मुकाबला इंडिया ए और श्रीलंका ए के बीच खेला जाएगा। दोनों टीमों के बीच ये मुकाबला दांबुला में 21 जून को खेला जाएगा। वहीं इस ट्राई नेशन सीरीज में फैंस की नजरें युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी पर होगी। वहीं पिछले कुछ मुकाबलों में वैभव का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। वैभव सूर्यवंशी के फॉर्म पर इंडिया ए टीम के कप्तान तिलक वर्मा ने बड़ा बयान दिया है। तिलक वर्मा ने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी का समर्थन करते हुए कहा कि उन्हें अपनी क्षमता पर भरोसा बनाए रखना चाहिए।

श्रीलंका ‘A’ और अफगानिस्तान ‘A’ के खिलाफ ट्राई-सीरीज में संघर्ष करने के बावजूद तिलक ने भरोसा जताया कि 15 वर्षीय बल्लेबाज सीनियर स्तर की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम है।

मैच का रुख बदल सकते हैं

तिलक वर्मा ने स्पोर्टस्टार से कहा, “जब वह सीनियर पुरुष टीम में पहुंचेगा तो उसके सामने निश्चित रूप से बड़ी चुनौतियां होंगी। वह अंडर-19 क्रिकेट से आया है, IPL में उसका प्रदर्शन शानदार रहा और अब वह सीनियर टीम का रिप्रेजेंट कर रहा है। लेकिन वह बेहद प्रतिभाशाली खिलाड़ी है। अगर उसका दिन अच्छा हो तो वह अकेले दम पर मैच का रुख बदल सकता है। उसके जैसे युवा खिलाड़ियों के लिए सबसे जरूरी चीज समर्थन है। उन्हें खुलकर खेलने की आजादी मिलनी चाहिए।”

तिलक ने वैभव को दी ये खास सलाह

तिलक वर्मा ने कहा, “मैंने वैभव से कहा है कि वह अपना स्वाभाविक खेल खेलता रहे, मैच का आनंद ले और किसी तरह का दबाव न ले। उसकी उम्र में सीखना और खुद को खुलकर व्यक्त करना सबसे अहम है। उसने अब तक जो भी सफलता हासिल की है, वह पॉजिटिव और बेखौफ क्रिकेट खेलने की वजह से मिली है, इसलिए उसे अपना तरीका बदलने की जरूरत नहीं है।”

उन्होंने आगे कहा, “कप्तान के तौर पर मैंने उससे कहा है कि अगर उसे किसी भी मदद की जरूरत हो तो मैं हमेशा उसके साथ हूं। बस सीखते रहो, खेल का आनंद लेते रहो और अपनी क्षमताओं पर भरोसा रखो। हम सभी उसका समर्थन कर रहे हैं और उम्मीद है कि वह फाइनल में अच्छा प्रदर्शन करेगा। अगर वह अपनी लय में खेला, तो हम सभी जानते हैं कि वह क्या कर सकता है।”

वैभव का प्रदर्शन

वैभव सूर्यवंशी ने IPL 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए सबसे ज्यादा 766 रन बनाए थे। इसी प्रदर्शन के दम पर उन्हें इंडिया ‘A’ टीम में मौका मिला और आयरलैंड व इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए पहली बार राष्ट्रीय टीम में भी चुना गया। वहीं श्रीलंका में चल रही ट्राई-सीरीज में वह अब तक उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। वैभव ने चार मैचों में 29.25 के एवरेज और 153.95 के स्ट्राइक-रेट से सिर्फ 117 रन बनाए हैं। वहीं श्रीलंका ए के खिलाफ सुपर ओवर तक पहुंचे रोमांचक मुकाबले में हार के बाद उन्हें आलोचनाओं और बढ़ती चर्चा का भी सामना करना पड़ रहा है।

श्री श्री रविशंकर को मिला लक्ज़मबर्ग शांति पुरस्कार, 182 देशों में शांति प्रयासों का सम्मान, करोड़ों लोगों को किया प्रेरित

Gurudev Sri Sri Ravi Shankar was honored with the prestigious Luxembourg Peace Prize

– पिछले 45 वर्षों में गुरुदेव ने विश्व के अनेक संघर्षग्रस्त क्षेत्रों में शांति स्थापना के प्रयासों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई

– विश्वभर में शांति के दूतों की एक विशाल मानव श्रृंखला तैयार करने के लिए मिला सम्मान

– गुरुदेव श्री श्री ने कहा- संघर्ष का मूल कारण व्यक्ति के भीतर शांति का अभाव है

Gurudev Sri Sri Ravi Shankar : विश्व शांति मंच (World Peace Forum) द्वारा वैश्विक मानवतावादी, आध्यात्मिक गुरु और आर्ट ऑफ़ लिविंग के संस्थापक गुरुदेव श्री श्री रविशंकर को प्रतिष्ठित लक्ज़मबर्ग शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें विश्व के 182 देशों में शांति, सद्भाव और मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देने के उनके अद्वितीय योगदान के लिए प्रदान किया गया।

 

यह सम्मान गुरुदेव के 45 वर्षों के उस निरंतर प्रयास को मान्यता देता है, जिसमें उन्होंने आंतरिक शांति को बढ़ावा दिया, लंबे समय से चले आ रहे संघर्षों के समाधान में सहयोग किया, हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में मानसिक आघात से उबरने के लिए सहायता प्रदान की और करोड़ों लोगों को शांति के वाहक बनने के लिए प्रेरित किया।

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पिछले चार दशकों में गुरुदेव ने विश्व के अनेक संघर्षग्रस्त क्षेत्रों में शांति स्थापना के प्रयासों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। तनावमुक्त जीवन, मानसिक स्वास्थ्य और मानवीय मूल्यों पर आधारित उनके कार्यक्रमों ने विश्वभर में करोड़ों लोगों के जीवन को सकारात्मक रूप से स्पर्श किया है।

 

पुरस्कार ग्रहण करते हुए गुरुदेव ने संघर्षों की जड़ों को समझने और उन्हें दूर करने की आवश्यकता पर बल दिया।

उन्होंने कहा, संघर्ष का मूल कारण व्यक्ति के भीतर शांति का अभाव है। संघर्ष क्षेत्रों में हमारे अनुभव ने दिखाया है कि समाज को ऐसे लोगों की आवश्यकता है जो पुल बना सकें, संवाद को पुनर्जीवित कर सकें और विश्वास को फिर से स्थापित कर सकें।

आज ऐसे मध्यस्थों की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक है। मैं चाहता हूं कि हर युवा जहां भी समाज में विभाजन देखे, वहां एक सेतु बने। उन्होंने आगे कहा कि शांति को निष्क्रियता नहीं समझना चाहिए। शांति उदासीनता नहीं है और आक्रामकता साहस नहीं है। वास्तविक शांति तब जन्म लेती है जब व्यक्ति जागरूक भी हो और सक्रिय भी।

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मानवता के सामने उपस्थित सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक तनाव पर प्रकाश डालते हुए गुरुदेव ने कहा,
 तनाव मानवता के सबसे बड़े शत्रुओं में से एक है। तनावमुक्त मन और हिंसामुक्त समाज ही स्थाई शांति की नींव हैं।गुरुदेव ने यह भी कहा कि शांति को उतना ही महत्व मिलना चाहिए जितना सुरक्षा को दिया जाता है।

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उन्होंने कहा, हम अक्सर शांति और सुरक्षा की बात एक साथ करते हैं, लेकिन जहां सुरक्षा के लिए अपार संसाधन लगाए जाते हैं, वहीं शांति के संस्कार विकसित करने पर अभी भी बहुत कम ध्यान दिया जाता है।लक्ज़मबर्ग शांति पुरस्कार उन व्यक्तियों और संस्थाओं को प्रदान किया जाता है, जिन्होंने विश्व स्तर पर शांति, मेलमिलाप और मानव गरिमा को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया हो।
Edited By : Chetan Gour

मुख्यमंत्री योगी के हाथों सम्मान पाकर खिल उठे चेहरे, योजनाओं के लाभार्थियों को सौंपे चेक, चाबी और स्वीकृति पत्र

faces of beneficiaries lit up upon receiving honors from Chief Minister Yogi Adityanath

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों सम्मान पाकर लाभार्थियों के चेहरे खिल उठे। मुख्यमंत्री योगी ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को चेक, चाबी, स्वीकृति पत्र, आयुष्मान कार्ड आदि प्रदान किया। मुख्यमंत्री के हाथों पुरस्कृत होने वाले लाभार्थी…

 

संदीप- मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत 4.50 लाख रुपए का चेक व ट्रैक्टर की चाबी

सत्येंद्र- मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत 4.95 लाख रुपए का चेक व ट्रैक्टर की चाबी

मोहिनी पटेल- यूपी बोर्ड में हाईस्कूल में जनपद में प्रथम स्थान पाने वाली को प्रमाण पत्र व 5000 रुपए का चेक 

आशी यागिक- मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत 7000 रुपए का स्वीकृति पत्र 

नंदिनी- आंगनबाड़ी कार्यकत्री- स्मार्ट फोन

कुसुम- मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत चाबी 

अंगूरी देवी- मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत चाबी

फूल सिंह- पर ड्राप मोर क्रॉप योजना के तहत 1.59 लाख रुपए से अधिक का स्वीकृति पत्र 

जाहर सिंह- पर ड्राप मोर क्रॉप योजना के तहत 1.17 लाख रुपए से अधिक का स्वीकृति पत्र
आलोक जैन – एफपीओ 10 लाख रुपए का स्वीकृति पत्र

रीना/गीता- राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत (स्वयं सहायता समूहों को आरएफ व सीआईएफ) के तहत 4.24 करोड़ रुपए से अधिक का चेक 

यमुना- विद्युत सखी को प्रमाण पत्र 

भानु कुंवर- बीसी सखी को प्रमाण पत्र।

Edited By : Chetan Gour

कल का मौसम 21 जून: IMD ने इन 13 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट दिया, 20 से ज्यादा राज्यों में आएगा आंधी-तूफान!

देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से करवट ले रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 21 जून (रविवार) के लिए मौसम का ताजा हाल जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, एक तरफ जहां मानसून धीरे-धीरे आगे बढ़ने के लिए पैर पसार रहा है, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय वेदर सिस्टम के कारण देश के एक बड़े हिस्से में मौसम खराब रहने वाला है। IMD ने रविवार को देश के 13 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश और 20 से ज्यादा राज्यों में तेज आंधी-तूफान के साथ आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया है।

इन 13 राज्यों में होगी भारी से बहुत भारी बारिश

मौसम विभाग ने देश के पूर्वोत्तर, पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों के 13 राज्यों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी है। ये राज्य इस प्रकार हैं:

असम और मेघालय: यहां कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है।

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम: इन इलाकों में बादलों की भारी गड़गड़ाहट के साथ मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहेगा।

अरुणाचल प्रदेश: यहां भी भारी बारिश को लेकर ऑरेंज/येलो अलर्ट है।

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: पूर्वोत्तर के इन सभी चार राज्यों में भारी वर्षा होने का अनुमान है।

ओडिशा और झारखंड: मानसून के अनुकूल सिस्टम के कारण यहां रविवार को अच्छी बारिश होगी।

बिहार: राज्य के अलग-अलग जिलों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश के आसार हैं।

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़: मध्य भारत के इन दोनों राज्यों में भी झमाझम बारिश की चेतावनी है।

केरल और कोंकण-गोवा: तटीय इलाकों और दक्षिण भारत के केरल में भारी बारिश हो सकती है।

20 से ज्यादा राज्यों में आंधी-तूफान और बिजली का साया

मौसम विभाग के मुताबिक, रविवार को देश के आधे से ज्यादा हिस्से (20 से अधिक राज्यों) में तेज हवाएं, धूलभरी आंधी और आकाशीय बिजली का तांडव देखने को मिल सकता है:

उत्तर-पश्चिम भारत: दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी और आंधी-तूफान के साथ बिजली चमकेगी। जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों में ओले भी गिर सकते हैं।

पूर्वी और मध्य भारत: बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ (महाराष्ट्र) में मौसम काफी खराब रहेगा। यहाँ कुछ जगहों पर 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ आने की आशंका है।

दक्षिण भारत: तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, तेलंगाना, रायलसीमा, कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और केरल में भी बादलों की भयंकर गर्जना के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का अलर्ट है।

राहत के बीच कुछ इलाकों में अभी भी सताएगी ‘लू’

भले ही देश के बड़े हिस्से में आंधी-बारिश की वजह से तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है, लेकिन कुछ राज्यों को अभी भी भीषण गर्मी और लू का सामना करना पड़ेगा।

पूर्वी उत्तर प्रदेश और विदर्भ: इन दोनों क्षेत्रों में रविवार को भी कुछ जगहों पर भीषण लू (Heat Wave) का प्रकोप बना रहेगा।

बिहार और तेलंगाना: इन राज्यों के सीमित इलाकों में भी रविवार को गर्म हवाएं (लू) लोगों को परेशान कर सकती हैं, जिसके बाद सोमवार से राहत मिलने की उम्मीद है।

सावधानी की सलाह

मौसम विभाग ने आंधी-तूफान और विशेषकर आकाशीय बिजली की चेतावनी को देखते हुए लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान पेड़ों के नीचे या कमजोर इमारतों के पास आश्रय न लें। साथ ही, समुद्र में ऊंची लहरें उठने के कारण मछुआरों को गहरे पानी में न जाने की हिदायत दी गई है।

IMD Heavy Rain Alert: इन 18 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, 22 से ज्यादा राज्यों में आंधी-तूफान की चेतावनी! 26 जून तक ऐसा रहेगा मौसम

सिर्फ 5 मिनट वीडियो कॉल की बात और कर ली शादी, 9 दिन बाद पति को हुआ बड़ा पछतावा

किसी व्यक्ति के साथ पूरी जिंदगी बिताने का फैसला करने से पहले आमतौर पर लोग एक-दूसरे को अच्छी तरह जानने की कोशिश करते हैं। लेकिन चीन के एक व्यक्ति ने सिर्फ पांच मिनट की वीडियो कॉल के बाद शादी करने का फैसला कर लिया। जो बातचीत जीवनसाथी की तलाश के रूप में शुरू हुई थी, वह बाद में शादी, पैसों और भरोसे से जुड़े विवाद में बदल गई। शादी के महज नौ दिन बाद ही उस व्यक्ति को अपने फैसले पर पछतावा होने लगा। उसने दावा किया कि उसने जल्दबाजी में यह फैसला लिया था और अब वह इस रिश्ते को खत्म करना चाहता है।

सिर्फ 5 मिनट की बात और कर ली शादी

गू नाम के इस व्यक्ति ने बताया कि इतनी जल्दी शादी करने का फैसला लेने के पीछे उसके माता-पिता का दबाव भी एक बड़ी वजह था। पूर्वी चीन के झेजियांग प्रांत में रहने वाला 32 वर्षीय गू अपने लिए जीवनसाथी की तलाश कर रहा था। इसी कारण उसने एक मैट्रिमोनियल एजेंसी की मदद ली। ‘साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट’ की रिपोर्ट के अनुसार, गू अपने माता-पिता की इकलौती संतान है। उसने एक स्थानीय मैट्रिमोनियल एजेंसी में रजिस्टर कराने के लिए 200 युआन (करीब 2,700 रुपये) फीस दी थी। एजेंसी ने शुरुआत में उसकी मुलाकात उसके इलाके की तीन महिलाओं से कराई, लेकिन किसी के साथ भी बात आगे नहीं बढ़ सकी और रिश्ता तय नहीं हो पाया।

मैट्रिमोनियल एजेंसी पर भरोसा पड़ा भारी! 

बाद में मैट्रिमोनियल एजेंसी ने गू को दूसरे राज्यों की महिलाओं के बारे में जानकारी दी। मैचमेकर ने गू के परिवार से कहा कि शादी सिर्फ दो दिनों के भीतर कराई जा सकती है। गू का घर बसाने की इच्छा से उसके परिवार ने इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए सहमति दे दी। अप्रैल महीने में गू की मुलाकात उत्तर-पश्चिमी चीन के शानक्सी प्रांत की 30 वर्षीय महिला से कराई गई। विवाह परिचय केंद्र की ओर से दी गई जानकारी में बताया गया था कि महिला पर कोई कर्ज नहीं है, उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है और वह किसी गंभीर या आनुवंशिक बीमारी से भी पीड़ित नहीं है। महिला की प्रोफाइल में यह भी लिखा गया था कि वह जल्द शादी करने और जरूरत पड़ने पर दूसरे शहर या प्रांत में जाकर बसने के लिए तैयार है।

22 लाख फीस देकर भी नहीं बची शादी

शादी जैसा बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला लेने के बावजूद, गू और उस महिला को एक-दूसरे को समझने और जानने का बहुत कम समय मिला। शादी से पहले दोनों के बीच केवल एक बार पांच मिनट की वीडियो कॉल हुई थी। इस बातचीत के दौरान गू ने महिला के काम और उसके परिवार के बारे में कुछ सवाल पूछे। महिला ने बताया कि वह एक सेल्स एग्जीक्यूटिव के रूप में काम करती है। हालांकि, बातचीत के दौरान अधिकतर सवालों के जवाब मैट्रिमोनियल एजेंसी के प्रतिनिधि ने ही दिए। एजेंसी ने यह भी भरोसा दिलाया था कि शादी से पहले महिला की क्रेडिट हिस्ट्री और मेडिकल जांच की रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि किसी तरह की शंका न रहे। एजेंसी की ओर से दी गई जानकारी पर भरोसा करते हुए गू और उनके परिवार ने शादी के लिए हां कर दी। हैरानी की बात यह रही कि शादी का फैसला लेने से पहले गू और महिला की कभी आमने-सामने मुलाकात भी नहीं हुई थी।

खर्च हुए थे 36 लाख रुपए

इस शादी के लिए गू के परिवार ने कुल लगभग 2.65 लाख युआन (करीब 36.8 लाख रुपये) खर्च किए। इसमें करीब 1 लाख युआन (लगभग 13.9 लाख रुपये) शादी से जुड़ी पारंपरिक रकम के रूप में दिए गए, जबकि 1.60 लाख युआन (करीब 22.2 लाख रुपये) मैट्रिमोनियल एजेंसी की फीस थी। परिवार ने मैचमेकर से यह भी कहा था कि वह महिला को शानक्सी प्रांत से गू के शहर तक लेकर आए। हैरानी की बात यह रही कि पहली वीडियो कॉल के केवल तीन दिन बाद ही गू और महिला ने कानूनी रूप से अपनी शादी दर्ज करा ली। उस समय तक गू का परिवार महिला के माता-पिता से भी नहीं मिला था। हालांकि, शादी के कुछ समय बाद ही समस्याएं सामने आने लगीं। मैट्रिमोनियल एजेंसी ने जिन दस्तावेजों को देने का वादा किया था, जैसे क्रेडिट हिस्ट्री और अन्य जरूरी रिकॉर्ड, वे उपलब्ध नहीं कराए गए। इसके बाद गू और उसके परिवार को पूरे मामले पर शक होने लगा।

शादी के बाद खुला लाखों के कर्ज का राज

शादी के बाद गू अपनी पत्नी को बैंक ले गए ताकि उसकी क्रेडिट रिपोर्ट की जांच कर सकें। जांच के दौरान उन्हें पता चला कि महिला के नाम पर लगभग 1 लाख युआन (करीब 13.9 लाख रुपये) का कर्ज़ है। इस पर महिला ने कहा कि यह कर्ज़ उसके पूर्व प्रेमी से जुड़ा हुआ है और उसका इससे कोई संबंध नहीं है। गू को तब भी चिंता हुई जब उन्हें पता चला कि महिला के मोबाइल पेमेंट अकाउंट (जिसके लिए असली नाम से वेरिफिकेशन ज़रूरी होता है) से जुड़ा नाम उस नाम से अलग था जो उन्हें पता था। अगले दिन, महिला ने उन्हें बताया कि उसके लिवर में एंजाइम का लेवल ज़्यादा है और उसे वजन कम करने की जरूरत है। उसने यह भी कहा कि इस स्थिति का उसकी फर्टिलिटी (बच्चे पैदा करने की क्षमता) पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

9 दिन में पति ने तोड़ दिया रिश्ता

शादी का पंजीकरण होने के केवल नौ दिन बाद ही गू ने तलाक लेने का फैसला कर लिया। उनका कहना था कि उन्हें इस बात का पछतावा है कि उन्होंने अपनी होने वाली पत्नी को ठीक से समझे और जाने बिना शादी जैसा बड़ा फैसला ले लिया। शुरुआत में महिला तलाक के लिए तैयार हो गई थी, लेकिन बाद में उसने अपना फैसला बदल दिया। इसके बाद उसने गू के खिलाफ कानूनी मामला दर्ज करा दिया। महिला का आरोप है कि तलाक की मांग से उसकी मानसिक स्थिति पर बुरा असर पड़ा और वह डिप्रेशन का शिकार हो गई। अपने दावे के समर्थन में उसने मेडिकल रिपोर्ट भी पेश की। उसने गू से 50,000 युआन (करीब 6.9 लाख रुपये) मुआवजे की मांग की है। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि गू चाहते थे कि शादी के बाद वह मेकअप करे, घर के काम संभाले और साथ ही नौकरी भी करती रहे। इसी वजह से दोनों के बीच विवाद बढ़ता गया।

इस बीच, गु ने मैचमेकिंग सेंटर के ख़िलाफ़ भी शिकायत दर्ज कराई और अपनी दी हुई 1,60,000 युआन (लगभग 22.2 लाख रुपये) की फ़ीस वापस करने की माँग की। एजेंसी ने पैसे वापस करने से इनकार कर दिया और कहा कि उसने पार्टनर से मिलवाकर अपनी सर्विस पूरी कर दी थी और कपल ने कानूनी तौर पर शादी भी कर ली थी। मैचमेकर ने यह भी सुझाव दिया कि हो सकता है कि कपल ने पैसे वापस पाने के लिए नकली तलाक की योजना बनाई हो।

IND vs SA Live Streaming: जीत की हैट्रिक लगाने के इरादे से उतरेगी हरमनप्रीत की टीम, साउथ अफ्रीका से है टक्कर, कहां देखें लाइव मुकाबला

IND vs SA Live Streaming:  महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 का 18वां मैच भारतीय महिला और साउथ अफ्रीका महिला टीम के बीच खेला जाएगा। दोनों टीमों के बीच ये मुकाबला मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान में खेला जाएगा। दोनों टीमों के बीच ये मुकाबला 21 जून को खेला शाम 7 बजे से खेला जाएगा। ग्रुप-1 का ये मुकाबला दोनों टीमों के लिए काफी अहम माना जा रहा है। दोनों टीमें अपना पिछला मुकाबला जीतकर यहां आई है। साउथ अफ्रीका पाकिस्तान को हराकर वहीं भारत ने नीदरलैंड्स को मात दी है। मैच से पहले जानें कहां पर देखें ये लाइव मुकाबला

हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारतीय महिला टीम ने टी20 विश्व कप में शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत की। टीम ने पाकिस्तान को बड़े अंतर से हराकर अपना दम दिखाया। भारतीय महिला टीम ने अपने दूसरे मुकाबले में भी शानदार खेल दिखाते हुए जीत का सिलसिला जारी रखा। नीदरलैंड्स के खिलाफ टीम ने दमदार ऑलराउंड खेल की बदौलत भारत ने मुकाबला 95 रन के बड़े अंतर से अपने नाम किया और अंक तालिका में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली।

कब खेला जाएगा मुकाबला

भारत और दक्षिण अफ्रीका की महिला टीमों के बीच टी20 विश्व कप का अहम मुकाबला रविवार, 21 जून को खेला जाएगा। दोनों टीमें शाम 7 बजे (भारतीय समयानुसार) मैदान पर आमने-सामने होंगी। टूर्नामेंट में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिहाज से यह मुकाबला काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

किस मैदान पर होगा मुकाबला

भारत और दक्षिण अफ्रीका की महिला टीमों के बीच टी20 विश्व कप का यह अहम मुकाबला मैनचेस्टर के ऐतिहासिक ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान में खेला जाएगा। दोनों टीमें इस मैदान पर जीत हासिल कर टूर्नामेंट में अपनी स्थिति और मजबूत करने की कोशिश करेंगी।

कहां पर देखें मुकाबला

भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच होने वाले महिला टी20 विश्व कप मुकाबले का सीधा प्रसारण टीवी पर स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क के विभिन्न चैनलों पर देखा जा सकेगा। वहीं, जो दर्शक मोबाइल या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर मैच देखना चाहते हैं, वे इसकी लाइव स्ट्रीमिंग जियोहॉटस्टार पर देख सकते हैं।

भारतीय महिला की पूरी टीम: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, भारती फुलमाली, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष, श्री चरणी, यास्तिका भाटिया, नंदनी शर्मा, अरुंधति रेड्डी, रेणुका सिंह, क्रांति गौड़, श्रेयंका पाटिल, राधा यादव

कृष्णा के 5 विकेट, हशमत का शतक, भारत के खिलाफ अफगानिस्तान 218 पर ढेर

 

AFGvsIND हशमतउल्लाह शाहिदी (102) के पहले शतक के बावजूद भारत ने प्रसिद्ध कृष्णा (23 रन पर पांच विकेट) की शानदार गेंदबाजी की बदौलत अफगानिस्तान को तीसरे और आखिरी वनडे में शनिवार को 44.2 ओवर में 218 रन पर समेट दिया। अफगानिस्तान के टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला करने के बाद कृष्णा ने घातक गेंदबाजी से अफगान टीम को झकझोर दिया।

कृष्णा ने 36 रन तक जाते-जाते अफगानिस्तान के चार विकेट चटका दिए।कृष्णा ने शतक बना चुके हशमतउल्लाह शाहिदी को आउट कर अपना पांचवां विकेट लिया और अफगानिस्तान की पारी समेट दी। दो हाफ वाली पारी रही अफगानिस्तान की। पहले चार विकेट काफी जल्दी गिरे और टीम दबाव में आ गई। इसके बाद अजमत और हशमत की शतकीय साझेदारी ने उनकी जबरदस्त वापसी कराई और रन रेट भी 5 के ऊपर चला गया था। हालांकि, अजमत के आउट होने के बाद रनों की गति धीमी पड़ गई। भारतीय गेंदबाजों ने लगातार हशमत को शॉर्ट गेंदों से टार्गेट किया जिस पर अधिकतम समय वह डक करते दिखे।

हशमत की पारी काफी धीमी रही जिसमें उन्होंने काफी डॉट गेंद खेली, लेकिन शायद उनके शतक के कारण ही टीम 45वें ओवर तक खेली और 200 का आंकड़ा पार कर सकी। प्रसिद्ध ने पावरप्ले में चार विकेट निकालने के बाद पारी का अंत किया और फिर पंजा खोलते हुए पारी का अंत किया।

36/4 से 218 का टोटल। यह अफ़गानिस्तान के कैप्टन के दिखाए गए साहस की बदौलत ही संभव हो पाया, जिन्होंने अपना पहला वनडे शतक बनाया। उन्होंने 131 गेंदों की अपनी शतकीय पारी में 13 चौके और एक छक्का लगाया। अज़मतुल्लाह उमरज़ई (50) के साथ उनकी 105 रन की पार्टनरशिप ने असल में इनिंग्स को वापस पटरी पर ला दिया, लेकिन पारी फिर से बिखर गई, आखिरी पाँच विकेट सिर्फ़ 20 रन पर खो दिए।

इंडिया के लिए प्रसिद्ध कृष्णा ने शानदार परफ़ॉर्मेंस दी, जिन्होंने अपने पहले पाँच ओवर में चार विकेट लिए। यह तेज़ बॉलिंग का एक शानदार प्रदर्शन था, एक ऐसी पिच पर जिसमें काफ़ी पेस और बाउंस था, साथ ही शुरुआत में कुछ लैटरल मूवमेंट भी था।

Yoga day 2026: 21 जून को ही क्यों मनाया जाता है योग दिवस? पीछे छिपा है खास कारण

योग भारत की एक प्राचीन परंपरा है, जो शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने का माध्यम मानी जाती है। यह सिर्फ शारीरिक व्यायाम नहीं बल्कि एक संपूर्ण जीवनशैली है, जो व्यक्ति को मानसिक शांति, सकारात्मक सोच और आंतरिक मजबूती प्रदान करती है। योग के इसी महत्व को समझते हुए हर साल 21 जून को पूरी दुनिया में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य लोगों को योग के लाभों के प्रति जागरूक करना और उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है।

आज के समय में बढ़ते तनाव और व्यस्त जीवन में योग और भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है। यह न केवल शरीर को फिट रखता है बल्कि मानसिक संतुलन बनाए रखने में भी मदद करता है। इसी वजह से योग दिवस को वैश्विक स्तर पर बड़े उत्साह और भागीदारी के साथ मनाया जाता है।

योग दिवस की शुरुआत

योग दिवस की शुरुआत का श्रेय भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाता है। उन्होंने 27 सितंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन के दौरान योग को वैश्विक मंच पर मान्यता देने का प्रस्ताव रखा। उनका कहना था कि योग भारत की प्राचीन परंपरा का अनमोल उपहार है, जो मानवता को शरीर और मन के बीच संतुलन सिखाता है। इस प्रस्ताव को दुनियाभर के देशों ने समर्थन दिया।

संयुक्त राष्ट्र का ऐतिहासिक फैसला

11 दिसंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने प्रस्ताव 69/131 को स्वीकार किया और 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित कर दिया। इस प्रस्ताव को रिकॉर्ड 175 देशों का समर्थन मिला, जो योग की वैश्विक स्वीकार्यता को दर्शाता है। इसके बाद से हर साल पूरी दुनिया में योग दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है।

21 जून ही क्यों चुना गया?

21 जून को योग दिवस के लिए इसलिए चुना गया क्योंकि यह दिन “समर सॉल्स्टिस” का होता है, जो उत्तरी गोलार्ध में साल का सबसे लंबा दिन माना जाता है। यह दिन प्रकाश, ऊर्जा और नई शुरुआत का प्रतीक होता है। भारतीय परंपराओं में भी इस समय को आध्यात्मिक साधना और आत्म-चिंतन के लिए बेहद उपयुक्त माना गया है।

योग दिवस का उद्देश्य

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का मुख्य उद्देश्य लोगों को योग के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभों के प्रति जागरूक करना है। यह दिन तनावमुक्त जीवन, बेहतर स्वास्थ्य और संतुलित जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए मनाया जाता है। आज योग दुनिया भर में लोगों को जोड़ने और स्वस्थ जीवन की दिशा में प्रेरित करने का एक वैश्विक माध्यम बन चुका है।

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