Market Prediction Today: गिफ्ट निफ्टी दे रहा भारतीय बाजार के फ्लैट खुलने के संकेत, US-ईरान वार्ता और फेड रेट आउटलुक पर इन्वेस्टर्स की नजर

Market Prediction Today: US-ईरान शांति समझौते को लेकर सावधानी के बीच, ग्लोबल मार्केट से मिले-जुले संकेतों को देखते हुए, भारतीय स्टॉक मार्केट के बेंचमार्क इंडेक्स, सेंसेक्स और निफ्टी 50, मंगलवार को फ्लैट खुलने की संभावना है। GIFT Nifty के ट्रेंड भी भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स के लिए धीमी शुरुआत का संकेत दे रहे है। गिफ्ट निफ्टी 24,130 के लेवल के आसपास ट्रेड कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले क्लोज से लगभग 6 पॉइंट्स का प्रीमियम है।

सोमवार को, US-ईरान शांति वार्ता में प्रोग्रेस की खबरों के बीच भारतीय स्टॉक मार्केट बढ़त के साथ बंद हुआ, जिसमें बेंचमार्क निफ्टी 50 24,100 के लेवल से ऊपर बंद हुआ।सेंसेक्स 291.17 पॉइंट्स या 0.38% बढ़कर 77,094.07 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 89.80 पॉइंट्स या 0.37% बढ़कर 24,102.90 पर बंद हुआ।

ओपनिंग बेल से पहले ग्लोबल संकेत मिले-जुले रहे

वॉल स्ट्रीट रात भर नीचे बंद हुआ, जिसमें टेक्नोलॉजी स्टॉक्स दबाव में रहे। नैस्डैक कंपोजिट 1.32 परसेंट गिरा और S&P 500 0.37 परसेंट गिरा, जिसकी वजह अल्फाबेट समेत बड़े टेक्नोलॉजी नामों में गिरावट रही। हालांकि, हेल्थकेयर और इंडस्ट्रियल स्टॉक्स में बढ़त से डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.29 परसेंट बढ़ा।

मंगलवार को एशियाई मार्केट भी धीमे रहे। जापान के बाहर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा इंडेक्स 0.5 परसेंट गिरा, जबकि जापान का निक्केई 0.6 परसेंट फिसला। साउथ कोरिया का कोस्पी लगभग 2 परसेंट गिरा, हालांकि ताइवानी इक्विटीज़ ने नई ऊंचाई को छुआ। इस साल के आखिर में फेडरल रिजर्व के और रेट बढ़ाने की बढ़ती उम्मीदों के बीच इन्वेस्टर सावधान रहे।

इस बीच, पिछले सेशन में तेज गिरावट के बाद कच्चे तेल की कीमतें बढ़ीं। ब्रेंट क्रूड लगभग $78 प्रति बैरल तक पहुंच गया, जबकि US क्रूड $74 प्रति बैरल से ऊपर ट्रेड कर रहा था, क्योंकि इन्वेस्टर US-ईरान बातचीत में प्रोग्रेस का अंदाज़ा लगा रहे थे और होर्मुज स्ट्रेट से तेल के फ्लो की बहाली पर ज़्यादा क्लैरिटी का इंतज़ार कर रहे थे।

यह उछाल सोमवार को तेल की कीमतों में 3 परसेंट से ज़्यादा की गिरावट के बाद आया है, जब अमेरिका ने ईरान को 60 दिन के बैन से छूट दी और अधिकारियों ने डिप्लोमैटिक बातचीत में प्रोग्रेस पर ज़ोर दिया। इस बढ़ोतरी के बावजूद, क्रूड तेल लड़ाई के पीक के दौरान देखे गए लेवल से काफी नीचे है, जो भारत जैसी तेल इंपोर्ट करने वाली इकॉनमी के लिए एक सपोर्टिव बैकग्राउंड देता है।

क्या कहते है बाजार एक्सपर्ट

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर के मुताबिक, डिप्लोमैटिक डेवलपमेंट सेंटीमेंट को सपोर्ट कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “भारतीय बाज़ारों में सावधानी से पॉज़िटिव रुझान के साथ ट्रेड करने की उम्मीद है क्योंकि US-ईरान बातचीत में डिप्लोमैटिक प्रोग्रेस से इन्वेस्टर सेंटिमेंट को सपोर्ट मिल रहा है। US वाइस प्रेसिडेंट के इस कमेंट से कि प्रस्तावित एग्रीमेंट को फ़ाइनल करने के लिए ‘अच्छी नींव’ है, इस उम्मीद को और मज़बूत किया है कि बातचीत कंस्ट्रक्टिव रास्ते पर है, जिससे मिडिल ईस्ट में एक स्थायी समाधान की उम्मीदें बढ़ रही हैं।”

जियोपॉलिटिक्स के अलावा, इन्वेस्टर ट्रेड के मोर्चे पर भी डेवलपमेंट पर नज़र रखेंगे। US ट्रेड रिप्रेज़ेंटेटिव जैमीसन ग्रीर के इस हफ़्ते कॉमर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल के साथ बातचीत के लिए भारत आने की उम्मीद है, क्योंकि दोनों देश बाइलेटरल ट्रेड एग्रीमेंट की दिशा में काम कर रहे हैं। टैरिफ़ में छूट या बड़े ट्रेड सहयोग पर कोई भी प्रोग्रेस मार्केट सेंटिमेंट को और सपोर्ट कर सकती है।

एफआईआई फ्लो मिला-जुला

इंस्टीट्यूशनल फ़्लो मिले-जुले रहे। 22 जून को फ़ॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर (FII) नेट सेलर थे, जिन्होंने Rs 635 करोड़ के इक्विटी बेचे। डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर (DII) ने Rs 1,000 करोड़ के शेयर खरीदकर सपोर्ट देना जारी रखा।

टेक्निकल मोर्चे पर, पोनमुडी ने कहा कि निफ्टी ज़रूरी सपोर्ट लेवल से ऊपर एक कंस्ट्रक्टिव स्ट्रक्चर बनाए हुए है। अभी की रुकावट 24,200 का निशान है, और इस लेवल से ऊपर लगातार ब्रेकआउट 24,400 की ओर बढ़ने का रास्ता बना सकता है। नीचे की तरफ, 24,000-23,900 ज़ोन एक ज़रूरी सपोर्ट एरिया बना हुआ है। इस रेंज से नीचे ब्रेक होने पर नई प्रॉफ़िट बुकिंग शुरू हो सकती है और इंडेक्स 23,800 की ओर जा सकता है।

 

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पहले दिया 60 दिनों का अल्‍टीमेटम, फिर दिखाई ईरान को हेकड़ी… ट्रंप ने दी होर्मुज में टोल लगाने की धमकी; क्‍या युद्ध का खर्चा निकालने की है प्‍लानिंग?

Donald Trump: अमेरिका और ईरान के बीच लगभग 100 दिनों के युद्ध के बाद समझौता हो गया है। समझौते की बाकी शर्तें किस तरह से पूरी होनी है, इसे लेकर अगले 60 दिनों में बात होगी। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि सीजफायर के दौरान 60 दिनों तक होर

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“मैं बॉस हूं’ वाले बयान पर ट्रंप की सफाई, बोले- मैं मजाक कर रहा था, मेरी बात को गलत समझा गया

Donald Trump: G7 नेताओं से “मैं बॉस हूं” (I’m the boss) वाली बात कहने के बाद, जब यह टिप्पणी वायरल हो गई और समिट के दौरान दुनिया भर का ध्यान अपनी ओर खींचा और लोगों को इस बात पर हंसी भी आई, तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सफाई देते हुए कहा, “मैं मजाक कर रहा था। मैं बॉस बनने की कोशिश नहीं कर रहा था।” ट्रंप ने यह बात The Axios Show पर एक इंटरव्यू के दौरान कही। उन्होंने बताया कि उनकी टिप्पणी का मकसद मजाक करना था, लेकिन उसे गलत संदर्भ में लिया गया।

उस पल को याद करते हुए जब शो के होस्ट ने ट्रंप से पूछा, “आप कमरे में आए और कहा, ‘मैं बॉस हूं।’ उनमें से कितने लोगों ने इस बात पर यकीन किया होगा?”

इस पर ट्रंप ने जवाब दिया कि जब वह उस कमरे में पहुंचे, जहां पहले से ही दुनिया के कई बड़े नेता बैठे थे, तो उन्होंने माहौल हल्का करने के लिए मजाक में यह बात कही थी। उनका कहना है कि इस बयान को गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं थी, लेकिन यह तेजी से वायरल हो गया।

“मैं बॉस हूं…” G7 बैठक में बोले ट्रंप 

बता दें कि बुधवार को, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने G7 शिखर सम्मेलन के अंतिम दिन बैठक में प्रवेश करते समय एक मजाकिया टिप्पणी की, जिस पर सब हंस पड़े।

जब वह तीन दिवसीय जी7 समिट के अंतिम दिन की सुबह की बैठक में पहुंचे, तो बाकी देश के नेता पहले से अपनी सीटों पर बैठे हुए थे। उसी दौरान ट्रंप ने अंदर आते हुए कहा, “मैं बॉस हूं।”

इसी हंसी-मजाक के बीच, फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने इस टिप्पणी को हल्के-फुल्के अंदाज में लिया। फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने पूछा, “आप कैसे हैं?” ट्रंप ने जवाब दिया, “अच्छा हूं, धन्यवाद।”

G7 समिट का आयोजन कैसे होता है, और इसमें कितने देश शामिल हैं?

गौरतलब है कि G7 देश बारी-बारी से कार्यक्रमों की मेजबानी और आयोजन करते हैं। इस बार फ्रांस को पिछले साल के मेजबान कनाडा से G7 की अध्यक्षता मिली थी और 2027 में यह अमेरिका को सौंपी जाएगी।

वहीं, इस समूह का पहला शिखर सम्मेलन 1975 में फ्रांस के रैम्बौइलेट में हुआ था। इसमें छह देशों – फ्रांस, पश्चिमी जर्मनी, इटली, जापान, ब्रिटेन और अमेरिका – के नेता एक साथ आए थे। उन्होंने दूसरे विश्व युद्ध के बाद आई सबसे बड़ी आर्थिक मंदी से उबरने की गति तेज करने के तरीकों पर विचार-विमर्श किया था। अगले साल कनाडा भी इसमें शामिल हो गया, जिससे यह G7 बन गया।

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“समुद्री यात्रियों की सुरक्षा सबसे अहम”, तनाव के बीच ट्रंप के सामने PM मोदी ने पुरजोर तरीके से उठाया ‘भारतीय नाविकों’ का मुद्दा

फ्रांस में चल रहे G7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच शुक्रवार को एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक हुई। यह मुलाकात भारत और अमेरिका के रिश्तों को एक नई दिशा देने के लिए बहुत बड़ी मानी जा रही है। दरअसल, पिछले कुछ समय से दोनों देशों के बीच व्यापारिक पाबंदियों (टैरिफ) और हाल ही में ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ के पास अमेरिकी हमलों में तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद से रिश्तों में थोड़ी कड़वाहट आ गई थी। ऐसे में इस बैठक पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी थीं।

“हमारे रिश्तों में आई है नई ऊर्जा”- पीएम मोदी

पिछले 16 महीनों में राष्ट्रपति ट्रंप के साथ अपनी पहली आमने-सामने की मुलाकात में PM मोदी ने बेहद सकारात्मक रुख दिखाया।

राष्ट्रपति ट्रंप को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “मिस्टर प्रेसिडेंट, आपसे मिलकर बहुत खुशी हुई। पिछले साल हमारी मुलाकात वॉशिंगटन में हुई थी और तब से हमारे संबंधों को एक नई रफ्तार मिली है। एक नई ऊर्जा का संचार हुआ है। यह हमारे लिए बेहद खुशी की बात है कि हमारी दोनों टीमों ने मिलकर कुछ लक्ष्य तय किए हैं। हम उन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं और बहुत तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।”

मिडल ईस्ट में शांति के प्रयासों की तारीफ

पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया में शांति बहाल करने के लिए डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व और उनके प्रयासों की जमकर सराहना की। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस इलाके में शांति का यह प्रयास लंबे समय तक टिका रहेगा। मोदी ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (समुद्री व्यापार का मुख्य रास्ता) का खुला रहना बेहद जरूरी है और समुद्र में जहाजों की आवाजाही बिना किसी रोक-टोक के होनी चाहिए।

भारतीय नाविकों की सुरक्षा को ‘सर्वोच्च प्राथमिकता’ देने की मांग

मुलाकात के दौरान पीएम मोदी ने अमेरिका और ईरान के बीच शुक्रवार को ही साइन होने वाले समझौते (MoU) का जिक्र किया। उन्होंने बेहद मजबूती से भारतीय नाविकों (Seafarers) का मुद्दा उठाया, जो दुनिया के कुल नाविकों का लगभग 10% हैं। हाल ही में हुई तीन भारतीय नाविकों की मौत के जख्मों को ध्यान में रखते हुए पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि इस नए समझौते में उनकी सुरक्षा को सबसे ऊपर रखा जाए।

पीएम मोदी ने ट्रंप से साफ शब्दों में कहा, “जैसा कि आप जानते हैं, समुद्री व्यापार की दुनिया में लाखों भारतीय नाविक पूरी दुनिया के समुद्री रास्तों पर अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं, जिसमें ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ भी शामिल है। वे वैश्विक प्रगति में बहुत बड़ा योगदान दे रहे हैं। उनकी सुरक्षा हमारे लिए सबसे ज्यादा मायने रखती है। आपने ईरान के साथ इस समझौते को करने के लिए बहुत बड़े प्रयास किए हैं, और मुझे पूरा विश्वास है कि जब इस समझौते को लागू किया जाएगा, तो नाविकों की सुरक्षा को सबसे पहली प्राथमिकता दी जाएगी।”

‘अगर भारत पर कभी हमला हुआ, तो अमेरिका हमेशा उसके साथ खड़ा रहेगा’ PM मोदी से मुलाकात में ट्रंप ने कह दी बहुत बड़ी बात

मेलोनी ने छोड़ी सिगरेट, ट्रंप चुराने चले फ्रांस के राष्ट्रपति की घड़ी! G7 समिट का हॉट माइक रह गया ऑन, नेताओं की सीक्रेट बातचीत हो गईं रिकॉर्ड

दुनिया के सबसे ताकतवर देशों के नेता जब एक बंद कमरे में मिलते हैं, तो हमें लगता है कि वहां सिर्फ युद्ध, व्यापार और दुनिया की सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों पर ही चर्चा होती होगी। लेकिन फ्रांस में चल रहे G7 समिट (G7 Summit) के दूसरे दिन एक गजब का वाकया हुआ। यहां करीब 27 मिनट तक नेताओं का माइक गलती से चालू रह गया (Hot-Mic)। इस ‘ओपन माइक’ ने दुनिया के इन बड़े नेताओं के बीच की अनौपचारिक बातचीत, हंसी-मजाक, खेल और निजी जिंदगी के कई ऐसे दिलचस्प राज खोल दिए जो अमूमन सामने नहीं आते।

इटली की पीएम मेलोनी ने छोड़ी सिगरेट

इस लीक हुई बातचीत में सबसे ज्यादा चर्चा इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की रही। जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने मेलोनी से अनौपचारिक बातचीत में पूछा कि क्या उन्होंने सुबह की सिगरेट पी ली है? इस पर मेलोनी ने सबको चौंकाते हुए बताया कि उन्होंने इसी साल 1 मई से सिगरेट पीना पूरी तरह छोड़ दिया है।

यह सुनते ही ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर समेत कई नेताओं ने उन्हें बधाई दी। वहीं कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने मजाक में अपने हाथ को पकड़ने का इशारा करते हुए पूछा, “क्या आप निकोटीन पैच (सिगरेट छुड़ाने वाली पट्टी) का इस्तेमाल कर रही हैं?” इस पर मेलोनी ने खुशी से दोनों हाथ उठाकर जश्न मनाया।

समिट में चढ़ा फुटबॉल और UFC का बुखार

दुनिया भर के बड़े संकटों के बीच नेताओं के सिर पर फुटबॉल का खुमार भी देखने को मिला। अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में होने वाले आगामी फीफा वर्ल्ड कप को लेकर नेताओं ने लंच के दौरान फुटबॉल पर लंबी बात की।

इसी बीच एक आवाज आई, “एले ले ब्लूज!” (फ्रांस की टीम का हौसला बढ़ाने वाला नारा)।

एक नेता ने पेरिस सेंट-जर्मेन (PSG) क्लब की चैंपियंस लीग में जीत की तारीफ की।

ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर ने केप वर्डे की टीम की वर्ल्ड चैंपियन स्पेन को 0-0 से ड्रॉ पर रोकने को बेहद हैरान करने वाला बताया।

वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बातचीत का रुख मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA) की तरफ मोड़ दिया। उन्होंने अपने 80वें जन्मदिन पर व्हाइट हाउस में रखी गई UFC इवेंट की यादें ताजा करते हुए इसके प्रेसिडेंट डाना व्हाइट की जमकर तारीफ की।

ट्रंप का ‘ग्रीनलैंड’ वाला रहस्यमयी कमेंट

इस रिकॉर्डिंग में डोनाल्ड ट्रंप का एक छोटा सा कमेंट खूब सुर्खियां बटोर रहा है। यूरोपीयन यूनियन के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा से बात करते हुए ट्रंप ने धीरे से कहा, “तुम समझे?” और थोड़ा रुककर सिर्फ एक शब्द बोला- “ग्रीनलैंड।”

इसके आगे की बात सुनाई नहीं दी। लेकिन इस एक शब्द ने ही कौतूहल बढ़ा दिया है, क्योंकि ट्रंप पहले भी कई बार डेनमार्क के इस हिस्से (ग्रीनलैंड) को खरीदने की इच्छा जता चुके हैं, जिससे यूरोपीय नेता नाराज भी हुए थे। ट्रंप यहां क्या कहना चाहते थे, यह अब भी एक रहस्य है।

जब मैक्रों की घड़ी चुराने चले ट्रंप!

एक हल्के-फुल्के पल में कनाडा के पीएम मार्क कार्नी ने देखा कि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों अपनी घड़ी लंच टेबल पर ही भूल गए हैं। कार्नी ने मजाक में कहा, “वह अपनी घड़ी यहीं छोड़ गए हैं। हमारे हाथ उनकी घड़ी लग गई है।”

यह सुनते ही ट्रंप तुरंत मजे लेते हुए बोले, “अगर वह छोड़ गए हैं, तो वो घड़ी मुझे दे दो, मुझे दे दो।” ट्रंप की यह बात सुनकर वहां मौजूद सभी नेता ठहाके मारकर हंस पड़े।

ट्रंप को मिले अनोखे तोहफे: साइकिल और ’47’ नंबर की जर्सी

इस समिट में नेताओं ने एक-दूसरे को गिफ्ट भी दिए। फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने सभी G7 नेताओं को एक-एक कस्टमाइज्ड (खास तौर पर तैयार) साइकिल गिफ्ट की। यह तोहफा इसलिए मजेदार था, क्योंकि ट्रंप अक्सर गोल्फ के अलावा किसी भी तरह की एक्सरसाइज से बचने के लिए जाने जाते हैं और इस पर मजाक भी करते हैं।

वहीं, जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने ट्रंप को जर्मनी की फुटबॉल टीम की एक जर्सी गिफ्ट की, जिस पर पीछे ‘TRUMP’ और ’47’ नंबर लिखा था (ट्रंप अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति हैं)। ट्रंप ने इस जर्सी के साथ मुस्कुराते हुए तस्वीरें खिंचवाईं। बाद में जर्मन चांसलर ने इस फोटो को इंटरनेट पर पोस्ट करते हुए लिखा, “आखिरकार, हम सब एक ही टीम में हैं।”

Melodi का जलवा फिर बरकरार

तस्वीर खिंचवाने से ठीक पहले भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी के बीच भी बेहद गर्मजोशी भरी मुलाकात हुई। दोनों ने एक-दूसरे का हंसकर स्वागत किया। मेलोनी ने पीएम मोदी से कहा, “आपसे दोबारा मिलकर बहुत अच्छा लगा!”

सोशल मीडिया पर दोनों की तस्वीरों और वीडियो के क्रेज का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने इस संक्षिप्त बातचीत के दौरान ‘इंस्टाग्राम’ का भी नाम लिया, जिसे सुनकर मेलोनी मुस्कुरा उठीं।

कुल मिलाकर, इस 27 मिनट के ‘ओपन माइक’ ने यह दिखा दिया कि भले ही ये दुनिया के सबसे ताकतवर नेता हों, लेकिन जब काम का दबाव थोड़ा कम होता है, तो ये भी आम इंसानों की तरह नींद की कमी, मौसम, खेल, सिगरेट और सोशल मीडिया पर मजेदार गप्पें लड़ाते हैं।

“सुधर जाओ, वरना फिर से सिर पर गिराएंगे बम”! G7 समिट में ईरान पर भड़के डोनाल्ड ट्रंप, डील से पहले दी खुली चेतावनी

 

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