Donald Trump: G7 नेताओं से “मैं बॉस हूं” (I’m the boss) वाली बात कहने के बाद, जब यह टिप्पणी वायरल हो गई और समिट के दौरान दुनिया भर का ध्यान अपनी ओर खींचा और लोगों को इस बात पर हंसी भी आई, तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सफाई देते हुए कहा, “मैं मजाक कर रहा था। मैं बॉस बनने की कोशिश नहीं कर रहा था।” ट्रंप ने यह बात The Axios Show पर एक इंटरव्यू के दौरान कही। उन्होंने बताया कि उनकी टिप्पणी का मकसद मजाक करना था, लेकिन उसे गलत संदर्भ में लिया गया।
उस पल को याद करते हुए जब शो के होस्ट ने ट्रंप से पूछा, “आप कमरे में आए और कहा, ‘मैं बॉस हूं।’ उनमें से कितने लोगों ने इस बात पर यकीन किया होगा?”
इस पर ट्रंप ने जवाब दिया कि जब वह उस कमरे में पहुंचे, जहां पहले से ही दुनिया के कई बड़े नेता बैठे थे, तो उन्होंने माहौल हल्का करने के लिए मजाक में यह बात कही थी। उनका कहना है कि इस बयान को गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं थी, लेकिन यह तेजी से वायरल हो गया।
“You walked in and you said, ‘I’m the boss.’ How many of them believed that?”@POTUS: “All of them, but I was just being funny.” https://t.co/TuyS6ttu15 pic.twitter.com/KqzkKFWkrk
— Rapid Response 47 (@RapidResponse47) June 19, 2026
“मैं बॉस हूं…” G7 बैठक में बोले ट्रंप
बता दें कि बुधवार को, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने G7 शिखर सम्मेलन के अंतिम दिन बैठक में प्रवेश करते समय एक मजाकिया टिप्पणी की, जिस पर सब हंस पड़े।
जब वह तीन दिवसीय जी7 समिट के अंतिम दिन की सुबह की बैठक में पहुंचे, तो बाकी देश के नेता पहले से अपनी सीटों पर बैठे हुए थे। उसी दौरान ट्रंप ने अंदर आते हुए कहा, “मैं बॉस हूं।”
इसी हंसी-मजाक के बीच, फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने इस टिप्पणी को हल्के-फुल्के अंदाज में लिया। फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने पूछा, “आप कैसे हैं?” ट्रंप ने जवाब दिया, “अच्छा हूं, धन्यवाद।”
“I’m the boss.”
— @POTUS arrives for a working session at the G7 summit in France pic.twitter.com/BvAamZo0sD
— Rapid Response 47 (@RapidResponse47) June 17, 2026
G7 समिट का आयोजन कैसे होता है, और इसमें कितने देश शामिल हैं?
गौरतलब है कि G7 देश बारी-बारी से कार्यक्रमों की मेजबानी और आयोजन करते हैं। इस बार फ्रांस को पिछले साल के मेजबान कनाडा से G7 की अध्यक्षता मिली थी और 2027 में यह अमेरिका को सौंपी जाएगी।
वहीं, इस समूह का पहला शिखर सम्मेलन 1975 में फ्रांस के रैम्बौइलेट में हुआ था। इसमें छह देशों – फ्रांस, पश्चिमी जर्मनी, इटली, जापान, ब्रिटेन और अमेरिका – के नेता एक साथ आए थे। उन्होंने दूसरे विश्व युद्ध के बाद आई सबसे बड़ी आर्थिक मंदी से उबरने की गति तेज करने के तरीकों पर विचार-विमर्श किया था। अगले साल कनाडा भी इसमें शामिल हो गया, जिससे यह G7 बन गया।

