आइए जानें कि इंटरेस्ट कैलकुलेटर लोन लेने से पहले कुल लागत की तुलना करने में कैसे आपकी मदद करता है

कोई भी लोन लेने से पहले इंटरेस्ट कैलकुलेटर आपको उस पर होने वाले कुल खर्च का अंदाज़ा लगाने में आपकी मदद करता है। इससे पता चलता है कि आपको कितना ब्याज़ चुकाना होगा, आपकी महीने की किस्त कितनी होगी और कुल मिलाकर कितनी रकम वापस करनी होगी। इस कैलकुलेटर की मदद से आप लोन के अलग-अलग विकल्पों की तुलना कर सकते हैं, अपना बजट की बेहतर योजना बना सकते हैं और समझदारी से लोन लेने का फैसला कर सकते हैं।

चाहे आप अपने घर को नए जैसा बनाना चाहते हों, आगे की पढ़ाई के लिए पैसों का इंतजाम कर रहे हों, शादी का खर्च उठाना हो या  अचानक कोई मेडिकल इमरजेंसी सामने आ गई हो, किसी भी स्थिति में आपको अपना लोन चुकाने की ज़िम्मेदारी को समझना बेहद जरूरी है। ऐसे मौकों पर ही पर्सनल लोन और इंटरेस्ट कैलकुलेटर आपके काम आते हैं ताकि आप ज़िम्मेदारी से लोन ले सकें।

इंटरेस्ट कैलकुलेटर क्या होता है?

इंटरेस्ट कैलकुलेटर एक ऑनलाइन टूल है, जो कुछ जरूरी बातों को ध्यान में रखकर अंदाज़ा लगाता है कि आपको लोन पर कितना ब्याज़ देना होगा, जैसे कि:

  • लोन की रकम
  • ब्याज़ दर
  • लोन चुकाने की समय-सीमा

इस कैलकुलेटर की मदद से आप तुरंत कुछ चीजों का अंदाज़ा लगा सकते हैं, जैसे कि:

  • हर महीने की किस्त
  • चुकाया जाने वाला कुल ब्याज़
  • चुकाई जाने वाली कुल रकम
  • समय-सीमा या लोन की रकम बदलने का असर

खुद से हिसाब लगाने के झंझट के बिना, आपको तुरंत नतीजे मिल जाते हैं जिससे आप पूरे भरोसे के साथ लोन के अलग-अलग विकल्पों की तुलना कर सकते हैं।

लोन लेने से पहले इंटरेस्ट कैलकुलेटर का इस्तेमाल करना क्यों जरूरी है?

लोन लेना पैसों से जुड़ा एक बड़ा फैसला है। इंटरेस्ट कैलकुलेटर की मदद से आप कोई भी लोन लेने से पहले ही उस पर होने वाले कुल खर्च को अच्छी तरह समझ सकते हैं।

लोन की अलग-अलग रकम की तुलना करें

हो सकता है आपको अपने घर के रेनोवेशन के लिए 2 लाख रुपये चाहिए या फिर शादी में होने वाले खर्च के लिए 10 लाख रुपये की ज़रूरत हो। आप इंटरेस्ट कैलकुलेटर में अलग-अलग रकम डालकर देख सकते हैं कि आपकी महीने की किस्त और कुल खर्च में कितना बदलाव आता है।

इस तरह आप बस उतना ही लोन लेते हैं जितनी आपको ज़रूरत हो, और बेवजह के आर्थिक बोझ से बच जाते हैं।

लोन की समय-सीमा के असर को समझें

आम तौर पर, कम समय के लिए लोन लेने पर आपकी हर महीने की किस्त तो ज़्यादा होगी, लेकिन कुल मिलाकर आपको काफी कम ब्याज़ चुकाना होगा। वहीं, लंबे समय के लिए लोन लेने से हर महीने खर्च का बोझ थोड़ा कम होता है, पर आपको ज़्यादा ब्याज़ चुकाना पड़ सकता है।

इंटरेस्ट कैलकुलेटर की मदद से आप लोन चुकाने की अलग-अलग समय-सीमा में होने वाले खर्च को देख सकते हैं, फिर आप अपनी इनकम और आर्थिक लक्ष्यों के हिसाब से सही समय-सीमा चुन सकते हैं।

अपने महीने के बजट की बेहतर योजना बनाएँ

अगर आपको पहले से ही अपनी महीने की किस्तों के बारे में पता हो, तो इससे अपने महीने के खर्चों को अच्छी तरह संभालने में मदद मिलती है।

पर्सनल लोन के लिए आवेदन करने से पहले आप यह देख सकते हैं कि लोन चुकाना आपके बजट में आसानी से फिट बैठता है या नहीं।

इंटरेस्ट कैलकुलेटर लोन पर होने वाले कुल खर्च की तुलना करने में कैसे मददगार है?

इंटरेस्ट कैलकुलेटर का सबसे बड़ा फायदा यही है कि ये आपसे कुछ भी नहीं छिपाता है। इसकी मदद से आप सिर्फ ब्याज़ दर ही नहीं, बल्कि कई दूसरे पहलुओं के आधार पर भी लोन की तुलना कर सकते हैं।

उदाहरण के लिए, हो सकता है दो अलग-अलग लोन की ब्याज़ दरें एक-समान हों, लेकिन लोन चुकाने की समय-सीमा अलग-अलग होने पर आपके द्वारा चुकाई जाने वाली कुल रकम में काफी अंतर आ सकता है।

इंटरेस्ट कैलकुलेटर की मदद से आप इन चीजों की तुलना कर सकते हैं:

  • चुकाई जाने वाली कुल रकम
  • हर महीने की किस्त
  • चुकाया जाने वाला कुल ब्याज़
  • समय-सीमा के अलग-अलग विकल्प
  • लोन की अलग-अलग रकम

यह पूरी जानकारी आपको ऐसा लोन विकल्प चुनने में मदद करती है, जो आपके लिए किफायती हो और जिसे चुकाना भी आसान हो।

एक ही लोन के लिए दो अलग-अलग समय-सीमा के विकल्पों की तुलना

मान लीजिए पुणे में रहने वाली 32 साल की प्रिया एक मार्केटिंग प्रोफेशनल हैं, जिनकी महीने की इनकम 65,000 रुपये है। उन्हें अपनी बहन की शादी के लिए 5 लाख रुपये की ज़रूरत है। वह इंटरेस्ट कैलकुलेटर की मदद से सालाना 14% की ब्याज़ दर पर लोन चुकाने के दो अलग-अलग विकल्पों की तुलना करती हैं।

तुलना के बिंदुविकल्प A: 24 महीने की समय-सीमाविकल्प B: 48 महीने की समय-सीमा
लोन की रकम5,00,000 रुपये5,00,000 रुपये
ब्याज़ दर14% सालाना14% सालाना
महीने की किस्त (लगभग)24,006 रुपये13,676 रुपये
चुकाया जाने वाला कुल ब्याज़ (लगभग)76,144 रुपये1,56,448 रुपये
चुकाई जाने वाली कुल रकम (लगभग)5,76,144 रुपये6,56,448 रुपये

दोनों विकल्पों की तुलना करने पर, प्रिया को समझ आता है कि 48 महीने की समय-सीमा चुनने से उनकी महीने की किस्त में 10,330 रुपये की बचत तो होगी, लेकिन लोन की समय-सीमा के दौरान कुल मिलाकर 80,304 रुपये ज़्यादा ब्याज़ चुकाना होगा।

चूंकि उनकी महीने की इनकम इतनी है कि वह हर महीने होने वाले खर्चों के बाद भी 24 महीने की EMI आसानी से चुका सकती हैं, इसलिए वह लोन पर होने वाले कुल खर्च को कम करने के लिए कम समय-सीमा वाला विकल्प चुनती है।

कैलकुलेटर से क्या पता चला: दोनों ही मामलों में ब्याज़ की दर एक जैसी थी। सिर्फ लोन की समय-सीमा बदलने से चुकाई जाने वाली कुल रकम में 80,000 रुपये से ज्यादा का अंतर आ गया। इंटरेस्ट कैलकुलेटर के ज़रिये आप कुछ ही सेकंड में इन बातों की तुलना कर सकते हैं।

पर्सनल लोन फाइनैंसिंग का सुविधाजनक विकल्प क्यों है?

पर्सनल लोन पैसे की ज़रूरत पूरी करने के सबसे सुविधाजनक विकल्पों में से एक हैं, क्योंकि पहले से तय और अचानक सामने आने वाले कई तरह के खर्चों को पूरा करने के लिए इसका उपयोग किया जा सकता है।

आप पर्सनल लोन ऑनलाइन के लिए आवेदन करके लोन की रकम का उपयोग इन कामों के लिए कर सकते हैं:

  • मेडिकल इमरजेंसी
  • ट्रैवल पर होने वाले खर्च
  • आगे की पढ़ाई
  • शादी का खर्च
  • घर की मरम्मत/रिनोवेशन
  • कोई बड़ी खरीदारी

सिक्योर्ड लोन के मुकाबले, पर्सनल लोन के लिए आमतौर पर किसी कोलेटरल की ज़रूरत नहीं होती है। इसके आवेदन करने का तरीका भी बहुत आसान है, जो उन लोगों के लिए सबसे बेहतर विकल्प है जिन्हें तुरंत पैसों की ज़रूरत हो।

बजाज फाइनैंस पर्सनल लोन कैसे आपकी मदद कर सकता है?

बजाज फाइनैंस पर्सनल लोन अलग-अलग तरह की पैसों की जरूरतों को पूरा करने का बेहद आसान और सुविधाजनक जरिया है। इंटरेस्ट कैलकुलेटर का उपयोग करके आप अपने लोन चुकाने की जिम्मेदारियों का अंदाज़ा लगा सकते हैं और एक सही लोन स्ट्रक्चर चुन सकते हैं।

इसके कुछ खास फायदे इस प्रकार हैं:

  • 40,000 रुपये से 55 लाख रुपये तक की लोन की रकम
  • लोन चुकाने के लिए 12 महीने से 108 महीने तक की समय-सीमा
  • सालाना 10% से 30% तक की ब्याज़ दरें
  • किसी कोलेटरल की ज़रूरत नहीं
  • तेजी से मंजूरी मिलने की प्रक्रिया
  • बहुत कम कागजी कार्रवाई
  • ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया
  • वेरिफिकेशन और मंजूरी के आधार पर, सिर्फ़ 24 घंटों* में लोन की रकम पाने की सुविधा

आवेदन करने से पहले इंटरेस्ट कैलकुलेटर की मदद से आप जान सकते हैं कि लोन की अलग-अलग रकम और समय-सीमा आपके कुल लोन खर्च पर कैसे असर डालती है।

ऑनलाइन पर्सनल लोन के लिए कौन-कौन आवेदन कर सकता है?

ज्यादातर नौकरीपेशा वाले और खुद का रोजगार करने वाले लोग ऑनलाइन पर्सनल लोन चुनते हैं, क्योंकि यह सुविधाजनक है और इसकी प्रक्रिया पूरी होने में बहुत कम वक्त लगता है।

सामान्य तौर पर एलिजिबिलिटी इन बातों पर निर्भर है:

राष्ट्रीयताभारतीय
उम्र21 साल से 80 साल*
नौकरीसरकारी, प्राइवेट, या MNC.
CIBIL स्कोर650 या उससे ज्यादा
ग्राहक का प्रोफाइलखुद का रोजगार करने वाले या नौकरीपेशा

 

* लोन की समय-सीमा पूरी होने पर आपकी उम्र 80 साल या उससे कम होनी चाहिए।

लोन पाने की शर्तों को पूरा करने से मंजूरी की गारंटी नहीं मिलती, क्योंकि लोन देने वाले संस्थान अपने नियमों और वेरिफिकेशन की प्रक्रिया के आधार पर हर आवेदन की जांच करते हैं।

पर्सनल लोन के लिए आवेदन करने से पहले, चुकाई जाने वाली रकम का अंदाज़ा लगाने और अपनी आर्थिक स्थिति के हिसाब से सही फैसला लेने के लिए इंटरेस्ट कैलकुलेटर का उपयोग करना बहुत मददगार साबित होता है।

ज़िम्मेदारी से लोन लेने से हमें क्या फायदा होता है?

इंटरेस्ट कैलकुलेटर सिर्फ़ योजना बनाने में मदद करने वाला टूल नहीं है, बल्कि यह ज़िम्मेदारी से लोन लेने में भी बहुत उपयोगी है।

कोई भी लोन लेने से पहले, इन बातों को जरूर ध्यान में रखें:

  • बस उतनी ही रकम लोन लें जितनी आपको असल में ज़रूरत हो
  • लोन चुकाने की अपनी क्षमता के हिसाब से सही समय-सीमा चुनें
  • अपना क्रेडिट प्रोफाइल बेहतर बनाए रखें
  • सभी शुल्कों और शर्तों पर अच्छी तरह गौर करें
  • ध्यान रखें कि हर महीने की किस्त आपके बजट में आ जाए

ज़िम्मेदारी से लोन लेकर आप इसे अच्छी तरह संभाल सकते हैं और भविष्य में होने वाले आर्थिक तनाव से बच सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या इंटरेस्ट कैलकुलेटर चुकाई जाने वाली कुल रकम दिखाता है?

हाँ। इंटरेस्ट कैलकुलेटर से आपको यह अंदाज़ा मिलता है कि लोन के मूलधन और तय समय-सीमा में लगने वाले ब्याज़ को मिलाकर आपको कुल कितनी रकम चुकानी होगी। इससे लोन लेने से पहले आपको कुल खर्च के बारे में जानने में मदद मिलती है।

क्या मैं इंटरेस्ट कैलकुलेटर की मदद से लोन के अलग-अलग विकल्पों की तुलना कर सकता हूँ?

हाँ। इंटरेस्ट कैलकुलेटर की मदद से आप लोन की अलग-अलग रकम, ब्याज़ दर और लोन चुकाने की समय-सीमा की तुलना कर सकते हैं। इस तरह आपके लिए ऐसा विकल्प चुनना आसान हो जाता है, जो आपके बजट और आर्थिक लक्ष्यों के हिसाब से सही हो।

क्या पर्सनल लोन के लिए इंटरेस्ट कैलकुलेटर उपयोगी है?

हाँ, पर्सनल लोन के लिए इंटरेस्ट कैलकुलेटर खास तौर पर बहुत उपयोगी है, क्योंकि इससे आप हर महीने की किस्त और कुल खर्च का आसानी से अंदाज़ा लगा सकते हैं। इससे आपको लोन लेने के बारे में सही फैसला लेने और लोन चुकाने की बेहतर योजना बनाने में मदद मिलती है।

निष्कर्ष

इंटरेस्ट कैलकुलेटर बेहद आसान लेकिन बहुत कारगर टूल है, जिससे आपको लोन के विकल्पों की तुलना करने, लोन चुकाने के बारे में अंदाज़ा लगाने और कोई भी फैसला लेने से पहले लोन लेने की कुल लागत को समझने में मदद मिलती है। इसके ज़रिये आप  सारी चीजों को अच्छे से समझ सकते हैं, आपकी फाइनेंशियल प्लानिंग बेहतर होती है और आप समझदारी से लोन ले सकते हैं।

अगर आप पहले से तय या अचानक सामने आने वाले किसी खर्च के लिए लोन लेने के बारे में सोच रहे हैं, तो बजाज फाइनैंस पर्सनल लोन के साथ इंटरेस्ट कैलकुलेटर का उपयोग करके आप अपनी ज़रूरतों के हिसाब से लोन चुकाने का सही विकल्प चुन सकते हैं। आज ही अपनी एलिजिबिलिटी के बारे में जानें और ऑनलाइन आवेदन करें, ताकि आप आसान और तेज आवेदन प्रक्रिया के ज़रिये फाइनैंसिंग के सुविधाजनक विकल्पों का लाभ उठा सकें।

* नियम व शर्तें लागू

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

Gold Price Today: सोना फिर लुढ़का, 24 और 22 कैरेट दोनों की गिरी कीमत; चेक करें दिल्ली समेत 10 बड़े शहरों का भाव

देश में सोने की कीमत में फिर से गिरावट दिख रही है। 24 जून की सुबह राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत घटकर 144740 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई। एक दिन पहले दिल्ली के सराफा बाजार में 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत 3,000 रुपये या 2 प्रतिशत घटकर 1,49,300 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई। मुख्य रूप से विदेशी बाजारों में डॉलर के मजबूत होने से कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 4,121.10 डॉलर प्रति औंस पर है।

देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट

दिल्ली में सोने की कीमतदिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 144740 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 132690 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 132540 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 144590 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 147920 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 135590 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 144590 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 132540 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)
दिल्ली132690144740
मुंबई132540144590
अहमदाबाद132590144640
चेन्नई135590147920
कोलकाता132540144590
हैदराबाद132540144590
जयपुर132690144740
भोपाल132590144640
लखनऊ132690144740
चंडीगढ़132690144740

चांदी की कीमत

सोने की तरह दूसरी कीमती धातु चांदी में भी गिरावट है। 24 जून को कीमत घटकर 244900 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत 62.27 डॉलर प्रति औंस पर है।

 

Personal Loan: अपनी आर्थिक जरूरतों के लिए कैसे चुनें सही पर्सनल लोन? ये 5 फैक्टर करेंगे आपकी मदद

Personal Loan: अपनी आर्थिक जरूरतों के लिए कैसे चुनें सही पर्सनल लोन? ये 5 फैक्टर करेंगे आपकी मदद

Personal Loan: -पर्सनल लोन जरूरत के समय बड़ी राहत दे सकता है। मेडिकल इमरजेंसी, बच्चों की पढ़ाई, शादी-ब्याह, घर की मरम्मत या पुराने कर्जों को चुकाने जैसे कई कामों के लिए लोग इसका इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, बिना योजना के लिया गया लोन बाद में आर्थिक दबाव बढ़ा सकता है। इसलिए लोन लेने से पहले अपनी जरूरत, चुकाने की क्षमता और लोन की शर्तों को अच्छी तरह समझ लेना चाहिए।

1. सबसे पहले तय करें कितनी रकम चाहिए

लोन के लिए आवेदन करने से पहले यह स्पष्ट होना चाहिए कि आपको कितनी रकम की जरूरत है और उसका इस्तेमाल किस काम के लिए होना है। कई बार लोग जरूरत से ज्यादा लोन ले लेते हैं, जिससे EMI और ब्याज दोनों का बोझ बढ़ जाता है।

जरूरत के हिसाब से लोन लेने का फायदा यह है कि कुल ब्याज कम चुकाना पड़ता है और लोन चुकाना भी आसान रहता है। इससे आपकी वित्तीय स्थिति पर अनावश्यक दबाव नहीं पड़ता।

2. ब्याज दरों की तुलना करना जरूरी

पर्सनल लोन चुनते समय सबसे अहम ब्याज दर है। अलग-अलग बैंक अलग-अलग दरों पर लोन देते हैं। जून 2026 में Axis Bank 8.95% सालाना की शुरुआती ब्याज दर पर पर्सनल लोन ऑफर कर रहा है। वहीं HDFC Bank और कई अन्य बैंक 9.99% से शुरू होने वाली दरों पर लोन दे रहे हैं।

ब्याज दर में छोटा-सा अंतर भी लंबे समय में बड़ी रकम का फर्क पैदा कर सकता है। इसलिए किसी एक बैंक के ऑफर को देखकर फैसला करने की बजाय कई बैंकों की दरों की तुलना करना बेहतर रहता है।

3. छिपे हुए शुल्कों को नजरअंदाज न करें

सिर्फ कम ब्याज दर देखकर लोन लेना सही फैसला नहीं होता। कई बार प्रोसेसिंग फीस, प्रीपेमेंट चार्ज, पार्ट-पेमेंट फीस, लेट पेमेंट पेनाल्टी और दूसरे शुल्क लोन की कुल लागत को काफी बढ़ा देते हैं।

यही वजह है कि आवेदन करने से पहले सभी नियम और शुल्कों को ध्यान से पढ़ना चाहिए। इससे बाद में किसी तरह की परेशानी या अतिरिक्त खर्च से बचा जा सकता है।

4. सही टेन्योर चुनना भी उतना ही अहम

लोन का टेन्योर आपकी EMI और कुल ब्याज लागत दोनों को प्रभावित करता है। कम अवधि वाला लोन चुनने पर EMI ज्यादा आती है, लेकिन कुल ब्याज कम देना पड़ता है। वहीं लंबी अवधि चुनने पर EMI कम हो जाती है, लेकिन ब्याज का कुल बोझ बढ़ जाता है।

इसलिए ऐसा टेन्योर चुनना चाहिए, जो आपकी आय और मासिक बजट के हिसाब से संतुलित हो। EMI इतनी होनी चाहिए कि बाकी जरूरी खर्चों पर असर न पड़े।

5. बैंक की साख और सेवा भी देखें

लोन लेते समय सिर्फ ब्याज दर ही नहीं, बल्कि बैंक या वित्तीय संस्था की साख भी देखनी चाहिए। ग्राहक सेवा, शिकायत निपटान व्यवस्था, लोन प्रोसेसिंग की पारदर्शिता और रकम मिलने में लगने वाला समय जैसे पहलुओं पर भी ध्यान देना जरूरी है। एक अच्छी संस्था से लिया गया लोन पूरी प्रक्रिया को आसान और सुविधाजनक बना सकता है।

सोच-समझकर लें पर्सनल लोन का फैसला

पर्सनल लोन एक वित्तीय जिम्मेदारी है। बैंक आपको तय शर्तों पर रकम देता है और बदले में आपको हर महीने EMI चुकानी होती है। इसलिए लोन लेने से पहले अपनी आय, खर्च, मौजूदा कर्ज और भविष्य की जरूरतों का आकलन जरूर करें।

ब्याज दर, टेन्योर, अतिरिक्त शुल्क और चुकाने की क्षमता को ध्यान में रखकर लिया गया फैसला आपको आर्थिक दबाव से बचा सकता है। जरूरत पड़ने पर किसी योग्य वित्तीय सलाहकार की राय लेना भी फायदेमंद हो सकता है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। कोई भी वित्तीय फैसला लेने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

क्या ऑनलाइन पर्सनल लोन के लिए वीडियो KYC जरूरी है?

पर्सनल लोन एक ऐसा फाइनेंशियल टूल है, जो मेडिकल बिल्स, एजुकेशन फीस या दूसरी जरूरी फाइनेंशियल जरूरतों को पूरा करने में मदद करता है. डिजिटल लेंडिंग के बढ़ने से ऑनलाइन पर्सनल लोन लेना अब पहले से कहीं ज्यादा तेज और आसान हो गया है. इस प्रोसेस का एक अहम स्टेप है KYC (Know Your Customer) वेरिफिकेशन, जिसके जरिए लेंडर्स आपकी आइडेंटिटी यानि कि आपकी पहचान वेरिफाई करते हैं. जब ये प्रोसेस डिजिटली होता है, तो इसे e-KYC कहते हैं.

प्रोसेस को और तेज व आसान बनाने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) अब लेंडर्स को वीडियो कॉल के जरिए e-KYC करने की इजाजत देता है, जिसे वीडियो KYC कहते हैं. इससे फिजिकल डॉक्युमेंट्स जमा करने की जरूरत खत्म हो जाती है, जिससे लोन अप्रूवल तेज और हैसल-फ्री हो जाता है.

पाएं पर्सनल लोन 9.99% से शुरू

पर्सनल लोन वीडियो KYC क्या है?

जैसा कि नाम से पता चलता है, वीडियो KYC आपकी आइडेंटिटी वेरिफाई करने का वीडियो-बेस्ड तरीका है. ये एक नॉर्मल वीडियो कॉल की तरह ही है. आपके लैपटॉप, कंप्यूटर या स्मार्टफोन का फ्रंट-फेसिंग कैमरा यूज होता है ताकि लेंडिंग इंस्टीट्यूशन के ऑफिशियल्स आपकी आइडेंटिटी वेरिफाई कर सकें. इस दौरान ऑफिशियल्स आपकी इमेज कैप्चर कर सकते हैं.

इस प्रोसेस में आपको आधार कार्ड और पैन कार्ड जैसे जरूरी डॉक्युमेंट्स दिखाने होते हैं. ऑफिशियल्स एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग और KYC गाइडलाइंस के हिसाब से कुछ सवाल पूछ सकते हैं. साथ ही, लाइव लोकेशन ट्रैकिंग ऑन रखना जरूरी है ताकि लेंडर को आपकी लोकेशन पता रहे.

क्या पर्सनल लोन के लिए वीडियो KYC जरूरी है?

वीडियो KYC की जरूरत हर लेंडर के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है. कुछ लेंडर्स इसे पर्सनल लोन देने के लिए जरूरी मानते हैं, जबकि कुछ के लिए ये ऑप्शनल हो सकता है. आप बैंक-वाइज पर्सनल लोन वीडियो KYC डिटेल्स चेक कर सकते हैं ताकि पता चल सके कि किसी खास बैंक से ऑनलाइन लोन लेने के लिए वीडियो KYC जरूरी है या नहीं.

वीडियो KYC के फायदे

वीडियो KYC के कुछ बड़े फायदे हैं:

फिजिकल डॉक्युमेंट्स की जरूरत नहीं: वीडियो KYC का सबसे बड़ा फायदा ये है कि आपको कोई डॉक्यूमेंट फिजिकली जमा नहीं करना पड़ता. आप वीडियो कॉल में डॉक्युमेंट्स दिखाकर प्रोसेस पूरा कर सकते हैं.

फास्ट लोन अप्रूवल: वीडियो KYC से आइडेंटिटी वेरिफिकेशन मिनटों में हो जाता है, जिससे लोन सैंक्शन का टाइम कम हो जाता है.

लेकिन आपको कौन सा लोन चुनना चाहिए? मनीकंट्रोल ऐप और वेबसाइट पर आप लेंडर्स के लोन चेक कर सकते हैं. आप 50 लाख रुपए तक का लोन ले सकते हैं, जिसमें इंटरेस्ट रेट्स 9.99% सालाना से शुरू होते हैं. ये लोन सर्च करने का तेज और ऑनलाइन तरीका है और कोई चीज गिरवी रखने की जरूरत नहीं पड़ती है.

बढ़ी हुई एक्सेसिबिलिटी और रिमोट बोर्डिंग: वीडियो KYC से कस्टमर्स अपने घर से ही पर्सनल लोन KYC प्रोसेस पूरा कर सकते हैं. ये स्ट्रेस-फ्री और कन्वीनियंट है और कस्टमर्स को लेंडर की लोकल ब्रांच में जाने की जरूरत नहीं पड़ती. ये खास तौर पर रिमोट और कम सर्विस वाले इलाकों में रहने वालों के लिए फायदेमंद है.

वीडियो KYC पूरा करने के स्टेप्स

वीडियो KYC पूरा करने के लिए आपको ये स्टेप्स फॉलो करने होंगे:

डिवाइस सेट करें: पहले तय करें कि आप वीडियो KYC के लिए कौन सा डिवाइस यूज करेंगे. आप डेस्कटॉप, लैपटॉप या स्मार्टफोन यूज कर सकते हैं. इसमें वेबकैम या फ्रंट-फेसिंग कैमरा और अच्छा इंटरनेट कनेक्शन होना चाहिए. रूम में पर्याप्त लाइटिंग हो और कोई नॉइज न हो.

आधार-बेस्ड e-KYC पूरा करें: लेंडर आपको एक लिंक देगा, जिससे आपको आधार वेरिफिकेशन पूरा करना होगा. आपके आधार-रजिस्टर्ड नंबर पर एक ओटीपी आएगा, जिसे आपको एंटर करना होगा.

वीडियो KYC लिंक रिसीव करें: लेंडर आपको वीडियो कॉल जॉइन करने का लिंक भेजेगा. आपका अपॉइंटमेंट KYC ऑफिशियल्स की अवेलेबिलिटी के हिसाब से शेड्यूल होगा.

वीडियो कॉल जॉइन करें: शेड्यूल के हिसाब से टाइम पर वीडियो कॉल जॉइन करें. कैमरा और माइक्रोफोन ऑन करें ताकि प्रोसेस शुरू हो सके.

जरूरी डॉक्युमेंट्स दिखाएं: वीडियो कॉल में आपको आधार कार्ड और पैन कार्ड जैसे रिलेवेंट डॉक्युमेंट्स ऑफिसर को दिखाने होंगे. आपको एम्प्लॉयमेंट या इनकम प्रूफ भी दिखाना पड़ सकता है.

सवालों के जवाब दें: KYC ऑफिसर आपके लोन एप्लिकेशन और दिखाए गए डॉक्युमेंट्स के आधार पर कुछ सवाल पूछेगा. सभी सवालों के सही जवाब दें.

KYC प्रोसेस पूरा करें: KYC ऑफिशियल्स को आपकी KYC एप्लिकेशन चेक करने और अप्रूव या रिजेक्ट करने में आमतौर पर कुछ मिनट लगते हैं.

अगर वीडियो KYC सक्सेसफुल होती है, तो लेंडर आपकी लोन एप्लिकेशन का मूल्यांकन करेगा. लोन अप्रूव होने पर लोन अमाउंट आपके बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर दिया जाएगा.

वीडियो KYC लोन एप्लिकेशन प्रोसेस में एक शानदार स्टेप है. ये KYC पूरा करने का बहुत कन्वीनियंट और सिक्योर तरीका है. इससे आपका काफी टाइम और मेहनत बचती है और ये फाइनेंशियल इनक्लूजन को भी बढ़ावा देता है. अगर आप पर्सनल लोन लेने की सोच रहे हैं, तो मनीकंट्रोल ऐप पर आप लेंडर्स से 50 लाख रुपए तक का लोन अप्लाई कर सकते हैं. आपको बस लोन सेक्शन में जाना है, अपने लिए सही लोन चुनना है, एप्लिकेशन फॉर्म भरना है और जरूरी डॉक्युमेंट्स अपलोड करने हैं. इंटरेस्ट रेट्स 9.99% सालाना से शुरू होते हैं.

अगर पर्सनल लोन एप्लिकेशन रिजेक्ट हो जाए तो क्या करें?

पर्सनल लोन रिजेक्ट होने से किसी को भी बड़ा झटका लग सकता है, खासकर तब जब पैसों की तुरंत जरूरत हो. बैंक या लेंडर कई वजहों से लोन एप्लिकेशन रिजेक्ट कर सकते हैं. लेकिन अच्छी बात यह है कि इनमें से ज्यादातर वजहें सुधारी जा सकती हैं. चाहे मामला CIBIL स्कोर का हो, पुराने लोन का हो या अधूरे डॉक्युमेंट का, आपके पास हमेशा यह मौका रहता है कि अगली बार पर्सनल लोन अप्रूवल की संभावना बेहतर बनाई जा सके.

पर्सनल लोन रिजेक्ट क्यों होता है?

लेंडर कई वजहों से पर्सनल लोन रिजेक्ट कर सकते हैं. सबसे आम वजहें इस प्रकार हैं:

  • कम CIBIL स्कोर: खराब क्रेडिट हिस्ट्री या कम CIBIL स्कोर (750 से कम) पर्सनल लोन रिजेक्शन का सबसे बड़ा कारण है.
  • हाई डेट-टू-इनकम रेशियो: अगर आपका मौजूदा लोन आपकी इनकम के मुकाबले ज्यादा है, तो बैंक आपको नया लोन देने में हिचकिचा सकते हैं.
  • अनस्टेबल जॉब या कम इनकम: कम इनकम या हाई-रिस्क इंडस्ट्री में काम करने वालों की एप्लिकेशन रिजेक्ट हो सकती हैं.
  • बार-बार लोन अप्लाई करना: कम समय में कई बार लोन के लिए अप्लाई करने से आप क्रेडिट के लिए उतावले लग सकते हैं, जिससे लेंडर सतर्क हो जाते हैं.
  • अधूरे डॉक्युमेंट: ID प्रूफ, सैलरी स्लिप या बैंक स्टेटमेंट जैसे जरूरी डॉक्युमेंट न देने पर भी एप्लिकेशन रिजेक्ट हो सकती है.

अगर आप भी बिना झंझट के पर्सनल लोन लेना चाहते हैं, तो मनीकंट्रोल का ऑनलाइन लेंडिंग प्लेटफॉर्म जरूर एक्स्प्लोर करें.

अपना CIBIL स्कोर चेक करें

अगर आपका लोन CIBIL स्कोर की वजह से रिजेक्ट होता है, तो आपको तुरंत स्कोर चेक करना चाहिए. मनीकंट्रोल की वेबसाइट पर आप इसे फ्री में चेक कर सकते हैं.

अगर आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में कोई गलती दिखे तो CIBIL से संपर्क करके उसे ठीक करवाएं. इसके अलावा, अगर स्कोर कम है, तो उसे सुधारने के लिए समय लें और फिर दोबारा अप्लाई करें.

CIBIL स्कोर सुधारने के तरीके

कम CIBIL स्कोर होना लोन रिजेक्शन की एक आम वजह है. इसे सुधारने के लिए ये कदम उठाएं:

  • EMI और क्रेडिट कार्ड बिल समय पर चुकाएं – देरी से पेमेंट करने पर स्कोर तेजी से गिरता है.
  • क्रेडिट यूज लिमिट कम रखें – कोशिश करें कि क्रेडिट कार्ड लिमिट का 50% से ज्यादा इस्तेमाल न करें.
  • बार-बार लोन अप्लाई करने से बचें – हर एप्लिकेशन पर “हार्ड इंक्वायरी” होती है, जो स्कोर को घटा देती है.
  • पुराना लोन निपटाएं – आउटस्टैंडिंग लोन चुकाने से आपकी क्रेडिटवर्थिनेस बढ़ती है.

रिजेक्शन की वजह समझें

अगर रिजेक्शन की वजह साफ न हो, तो लेंडर से इसकी जानकारी लें. वजह जानने के बाद आप उस पर सुधार कर सकते हैं.

उदाहरण के तौर पर, अगर आपकी इनकम कम है, तो छोटे लोन अमाउंट के लिए अप्लाई करें. इसके अलावा, अगर जॉब हिस्ट्री अनस्टेबल है, तो स्टेबल जॉब मिलने के बाद दोबारा अप्लाई करें.

छोटे लोन अमाउंट के लिए अप्लाई करें

जब आप बड़े लोन अमाउंट के लिए अप्लाई करते हैं, तो बैंक जोखिम के कारण एप्लिकेशन रिजेक्ट कर सकते हैं. इसलिए, अपनी रीपेमेंट क्षमता के अनुसार कम अमाउंट के लिए अप्लाई करें.

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को-एप्लिकेंट या गारंटर जोड़ें

अगर कम इनकम या खराब CIBIL स्कोर के कारण रिजेक्शन हुआ है, तो एक मजबूत क्रेडिट प्रोफाइल वाले को-एप्लिकेंट या गारंटर को जोड़कर अप्रूवल की संभावना बेहतर बनाई जा सकती है.

दूसरे लेंडर एक्सप्लोर करें

आम बैंकों की एलिजिबिलिटी शर्तें सख्त होती हैं, लेकिन NBFCs और फिनटेक लेंडर ज्यादा फ्लेक्सिबल होते हैं. कई बार वे कम CIBIL स्कोर पर भी लोन अप्रूव कर देते हैं.

सिक्योर्ड लोन लें

अगर अनसिक्योर्ड पर्सनल लोन रिजेक्ट हो गया है, तो सिक्योर्ड लोन के लिए अप्लाई करें. गोल्ड, FD या प्रॉपर्टी जैसे एसेट गिरवी रखकर लोन लेना आसान हो जाता है और ब्याज दर भी सस्ती मिल सकती है.

इंतजार करें और फिर दोबारा अप्लाई करें

अगर आपका लोन CIBIL स्कोर की वजह से रिजेक्ट हुआ था और अब आपने उसे सुधार लिया है, तो कुछ महीने रुककर दोबारा अप्लाई करें. धीरे-धीरे अपनी फाइनेंशियल आदतें सुधारते रहेंगे तो लोन अप्रूवल की संभावना अपने आप बढ़ जाएगी.

कुल मिलाकर, पर्सनल लोन रिजेक्ट होना निराशाजनक हो सकता है, लेकिन आप सुधार लाकर वापसी भी कर सकते हैं. रिजेक्शन की वजह समझकर, CIBIL स्कोर सुधारकर और बेहतर फाइनेंशियल मैनेजमेंट से आप अगली बार आसानी से अप्रूवल पा सकते हैं.

अगर आप भी बिना झंझट के पर्सनल लोन लेना चाहते हैं, तो मनीकंट्रोल का ऑनलाइन लेंडिंग प्लेटफॉर्म जरूर एक्स्प्लोर करें. यहां आप लेंडर से 50 लाख रुपए तक का पर्सनल लोन ले सकते हैं, जिस पर ब्याज दर सिर्फ 9.99% सालाना से शुरू होती है. इसका पूरा प्रोसेस 100% डिजिटल है, यानी आप घर बैठे भी अप्लाई कर सकते हैं.

ITR Filing 2026: कब तक भरना है ITR, देरी पर कितना लगेगा जुर्माना; जानिए हर एक डिटेल

ITR Filing 2026: इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइलिंग का सीजन शुरू हो चुका है। टैक्सपेयर्स लगातार AY 2026-27 की डेडलाइन सर्च कर रहे हैं। असेसमेंट ईयर (AY) 2026-27, फाइनेंशियल ईयर (FY) 2025-26 की कमाई से जुड़ा है। ऐसे में हर टैक्सपेयर के लिए यह जानना जरूरी है कि उसे कब तक ITR फाइल करना है। तय समयसीमा चूकने पर लेट फीस, ब्याज और दूसरी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

AY 2026-27 के लिए ITR फाइलिंग की डेडलाइन

इनकम टैक्स विभाग ने अलग-अलग तरह के टैक्सपेयर्स के लिए अलग-अलग डेडलाइन तय की हैं।

टैक्सपेयर की कैटेगरीआखिरी तारीख
ITR-1 या ITR-2 भरने वाले व्यक्ति और HUF (ऑडिट नहीं)31 जुलाई 2026
ITR-3 या ITR-4 भरने वाले बिजनेस और प्रोफेशनल टैक्सपेयर (ऑडिट नहीं)31 अगस्त 2026
जिनके खातों का ऑडिट जरूरी है31 अक्टूबर 2026
ट्रांसफर प्राइसिंग नियमों के दायरे में आने वाले टैक्सपेयर30 नवंबर 2026
बिलेटेड रिटर्न31 दिसंबर 2026
रिवाइज्ड रिटर्न31 मार्च 2027

इस बार एक अहम बदलाव भी हुआ है। ITR-3 और ITR-4 भरने वाले नॉन-ऑडिट टैक्सपेयर्स को अब 31 जुलाई की जगह 31 अगस्त 2026 तक रिटर्न दाखिल करने का समय मिलेगा।

डेडलाइन छूट गई तो क्या होगा?

अगर आप तय तारीख तक ITR फाइल नहीं कर पाते हैं तो भी रिटर्न दाखिल करने का मौका खत्म नहीं होता। आप 31 दिसंबर 2026 तक बिलेटेड रिटर्न भर सकते हैं। हालांकि, इसके कुछ नुकसान हो सकते हैं।

सबसे पहले आपको लेट फाइलिंग फीस देनी पड़ सकती है। अगर कोई टैक्स बकाया है तो उस पर ब्याज भी लगेगा। कुछ नुकसान (Losses) को अगले सालों में कैरी फॉरवर्ड करने की सहूलियत भी नहीं मिलेगी। कई मामलों में टैक्स रिफंड मिलने में भी देरी हो जाती है।

समय पर ITR भरने के फायदे

समय पर ITR फाइल करना सिर्फ नियमों का पालन भर नहीं है, बल्कि इसके कई व्यावहारिक फायदे भी हैं। समय पर रिटर्न भरने से टैक्स रिफंड जल्दी मिलता है।

अगर आपको भविष्य में होम लोन, पर्सनल लोन या किसी अन्य तरह की क्रेडिट सुविधा लेनी है तो ITR अहम दस्तावेज माना जाता है। वीजा और इमिग्रेशन से जुड़ी प्रक्रियाओं में भी ITR काम आता है। समय पर फाइलिंग करने से टैक्स विभाग की ओर से नोटिस या पेनाल्टी का जोखिम भी कम हो जाता है।

ITR भरने से पहले ये बातें जरूर जांच लें

रिटर्न फाइल करने से पहले कुछ जरूरी चीजों को चेक कर लेना चाहिए ताकि बाद में कोई गलती न हो।

सबसे पहले यह सुनिश्चित करें कि आपने सही ITR फॉर्म चुना है। इसके बाद Form 26AS, AIS और प्री-फिल्ड डेटा का मिलान करें। अपनी आय के सभी स्रोतों की सही जानकारी दें और बैंक अकाउंट डिटेल्स को दोबारा जांच लें।

सिर्फ उन्हीं डिडक्शन और छूट का दावा करें जिनके लिए आप वास्तव में पात्र हैं। रिटर्न जमा करने से पहले पूरी जानकारी ध्यान से पढ़ें और फाइलिंग के बाद ई-वेरिफिकेशन करना बिल्कुल न भूलें।

लेट फाइलिंग पर कितना जुर्माना?

डेडलाइन चूकने पर सेक्शन 234F के तहत लेट फाइलिंग फीस लग सकती है। अगर आपकी कुल सालाना आय 5 लाख रुपये से ज्यादा है तो अधिकतम 5,000 रुपये तक की फीस देनी पड़ सकती है। वहीं, अगर आपकी कुल आय 5 लाख रुपये या उससे कम है तो अधिकतम 1,000 रुपये की फीस लग सकती है।

ध्यान देने वाली बात यह है कि यह फीस तब भी देनी होगी, जब आप बाद में तय समयसीमा के भीतर बिलेटेड रिटर्न दाखिल कर दें।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Personal Loan: सैलरी वालों को आसानी से मिलता है पर्सनल लोन, लेकिन इन 5 बातों नजरअंदाज करना पड़ेगा महंगा

Personal Loan: भारत में डिजिटल पर्सनल लोन का चलन तेजी से बढ़ा है। खासकर, सैलरी को देखकर मिलने वाला पर्सनल लोन। पारंपरिक लोन के मुकाबले इसमें कम कागजी काम होती है। लोन देने वाली कंपनियां आपकी सैलरी, नौकरी की स्थिरता, क्रेडिट स्कोर, पुराने लोन चुकाने का रिकॉर्ड और बैंकिंग पैटर्न देखकर तय करती हैं कि आपको कितना लोन दिया जा सकता है।

इस वजह से लोन जल्दी मंजूर हो जाता है और कम समय में पैसा मिल सकता है। लोग इन लोन का इस्तेमाल मेडिकल इमरजेंसी, शादी-ब्याह, बच्चों की पढ़ाई, पुराने कर्ज चुकाने या कई महंगे लोन को एक जगह जोड़ने के लिए करते हैं।

हालांकि, आसान से मिलने का मतलब यह नहीं है कि बिना सोचे-समझे लोन ले लिया जाए। कुछ गलतियां आपको बाद में परेशानी में डाल सकती हैं।

सैलरी वाले पर्सनल लोन में क्या जोखिम हैं?

ऐसे लोन में कई बार सिर्फ ब्याज ही नहीं, बल्कि प्रोसेसिंग फीस और दूसरे चार्ज भी जुड़ जाते हैं। इससे लोन की कुल लागत बढ़ सकती है। आसान मंजूरी मिलने की वजह से कुछ लोग जरूरत से ज्यादा रकम उधार ले लेते हैं। इससे बाद में EMI का बोझ बढ़ जाता है।

इसके अलावा अगर आप लंबी अवधि का लोन चुनते हैं, तो मंथली EMI कम जरूर हो सकती है, लेकिन कुल ब्याज ज्यादा देना पड़ सकता है। समय पर EMI नहीं चुकाने पर क्रेडिट स्कोर खराब हो सकता है। इसका असर भविष्य में होम लोन, कार लोन या क्रेडिट कार्ड मिलने पर भी पड़ सकता है।

समझदारी से लोन लेने के 5 तरीके

1. सिर्फ जरूरत भर का लोन लें

कई बार लोग जितना लोन मिल सकता है, उतना ले लेते हैं। लेकिन सही तरीका यह है कि सिर्फ उतनी ही रकम लें, जिसकी वास्तव में जरूरत हो।

ज्यादा लोन का मतलब ज्यादा EMI और ज्यादा ब्याज है। इसलिए पहले जरूरत का सही आकलन करें और फिर लोन लें।

2. EMI चुकाने की क्षमता जरूर देखें

लोन लेना आसान है, लेकिन हर महीने EMI भरना उतना आसान नहीं होता।

नया लोन लेने से पहले यह जरूर देखें कि आपकी सैलरी का कितना हिस्सा EMI में जाएगा। अगर पहले से कोई लोन चल रहा है, तो उसका भी ध्यान रखें। ऐसी EMI चुनें जिसे आप आराम से चुका सकें।

3. अलग-अलग बैंकों की तुलना करें

लोन लेने से पहले सिर्फ ब्याज दर ही नहीं, बल्कि प्रोसेसिंग फीस, दूसरे चार्ज और लोन की शर्तों की भी तुलना करें।

कई बार कम ब्याज वाला लोन दूसरे चार्ज की वजह से महंगा पड़ सकता है। इसलिए पूरी लागत समझने के बाद ही फैसला लें।

4. अच्छा क्रेडिट स्कोर बनाए रखें

क्रेडिट स्कोर जितना अच्छा होगा, भविष्य में उतनी ही आसानी से लोन मिल सकता है। 750 या उससे ज्यादा का क्रेडिट स्कोर आमतौर पर अच्छा माना जाता है।

इसके लिए EMI और क्रेडिट कार्ड बिल हमेशा समय पर चुकाएं। लोन या कार्ड पेमेंट में देरी करने से क्रेडिट स्कोर पर नेगेटिव असर पड़ता है।

5. लोन का इस्तेमाल सही काम में करें

लोन की रकम का इस्तेमाल सोच-समझकर करें। महंगे गैजेट, लग्जरी शॉपिंग या गैर-जरूरी खर्चों के लिए बार-बार लोन लेना सही नहीं माना जाता।

कोशिश करें कि लोन का इस्तेमाल किसी जरूरी जरूरत, इमरजेंसी या ऐसे काम में हो जो आपकी वित्तीय स्थिति को बेहतर बनाने में मदद करे।

लोन लेते समय जल्दबाजी न करें

सैलरी पर मिलने वाला पर्सनल लोन जरूरत के समय काफी मददगार साबित हो सकता है। लेकिन लोन लेने से पहले उसकी लागत, EMI, ब्याज और अपनी चुकाने की क्षमता को अच्छी तरह समझ लेना जरूरी है।

अगर सही योजना और अनुशासन के साथ लोन लिया जाए, तो यह आपके वित्तीय लक्ष्यों को पूरा करने में मदद कर सकता है। वहीं बिना योजना के लिया गया लोन लंबे समय तक आर्थिक दबाव बढ़ा सकता है।

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