RRB JE Vacancy 2026: रेलवे में 4000 से ज्यादा जूनियर इंजीनियर के पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी, जानें कब से कब तक कर सकते हैं आवेदन

RRB JE Vacancy 2026: रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) ने कई तकनीकी श्रेणियों में जूनियर इंजीनियर (JE) के पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। यह उन युवाओं के लिए अहम खबर है, जो रेलवे में सरकारी नौकरी करना चाहते हैं। इस भर्ती प्रक्रिया के लिए आरआरबी की ओर से मंजूरी मिल चुकी है और इसकी जानकारी सभी जोनल रेलवे और प्रोडक्शन यूनिट्स को भेज दी गई है।

इच्छुक और योग्य अभ्यर्थी आरआरबी की आवेदन वेबसाइट rbapply.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस भर्ती अभियान के तहत 35 अलग-अलग तकनीकी कैटेगरी में कुल 4098 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इनमें जूनियर इंजीनियर (JE), डिपो मटेरियल सुपरिटेंडेंट (DMS) और केमिकल एंड मेटालर्जिकल असिस्टेंट (CMA) जैसे पद शामिल हैं।

किस ब्रांच में कितने पदों पर होनी है भर्ती

आरआरबी की ओर से भेजे गए विवरण के अनुसार सबसे ज्यादा पद जूनियर इंजीनियर (सिविल-सिग्नल) के हैं।

जूनियर इंजीनियर (सिविल-सिग्नल): 845 पद

जूनियर इंजीनियर (वर्क्स): 470 पद

जूनियर इंजीनियर (केमिकल एंड मेटालर्जिकल): 450 पद

जूनियर इंजीनियर (वर्क्स/मैकेनिकल): 436 पद

डिपो मटेरियल सुपरिटेंडेंट (DMS): 314 पद

जूनियर इंजीनियर (टी-ओ): 163 पद

जूनियर इंजीनियर (टीआरएस): 82 पद

जूनियर इंजीनियर (ट्रैक मशीन): 49 पद

जूनियर इंजीनियर (ब्रिज): 46 पद

इसके अलावा कई अन्य तकनीकी श्रेणियों में भी खाली पदों को इस भर्ती प्रक्रिया के जरिए भरा जाएगा। इसकी डीटेल नोटिफिकेशन से मिल सकती है।

कौन कर सकता है आवेदन?

इस भर्ती में इंजीनियरिंग डिप्लोमा धारकों के साथ-साथ बीई और बीटेक करने वाले उम्मीदवार भी आवेदन कर सकेंगे। किस पद के लिए कौन-सी शैक्षणिक योग्यता होगी इसकी पूरी जानकारी आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के बाद दी जाएगी। इसी नोटिफिकेशन में आयु सीमा, आवेदन शुल्क, आरक्षण, चयन प्रक्रिया और परीक्षा पैटर्न की जानकारी भी जारी की जाएगी।

रेलवे के इन तकनीकी विभागों में होगी नियुक्ति

इलेक्ट्रिकल विभाग : इलेक्ट्रिकल विभाग में डिजाइन एंड ड्राइंग, टीआरएस, जनरल सर्विस, पावर और वर्कशॉप जैसी शाखाओं के लिए जूनियर इंजीनियर भर्ती किए जाएंगे।

सिविल इंजीनियरिंग विभाग : सिविल इंजीनियरिंग विभाग में ब्रिज, पी-वे, वर्क्स, डिजाइन एंड ड्राइंग और रिसर्च एंड डेवलपमेंट से जुड़े पद शामिल किए गए हैं।

मैकेनिकल विभाग : मैकेनिकल विभाग में कैरेज एंड वैगन, डीजल शेड, प्रोडक्शन यूनिट (PU), डिजाइन एंड ड्राइंग और वर्कशॉप जैसी विभिन्न शाखाओं में जूनियर इंजीनियर नियुक्त किए जाएंगे।

सिग्नल एंड टेलीकम्यूनिकेशन विभाग : सिग्नल एंड टेलीकम्यूनिकेशन (S&T) विभाग में सिग्नल, टेलीकम्यूनिकेशन, डिजाइन और वर्कशॉप से जुड़े पद भी इस भर्ती का हिस्सा होंगे।

केमिकल एंड मेटालर्जिकल विभाग : केमिकल एंड मेटालर्जिकल असिस्टेंट (CMA) के पदों पर भी इसी भर्ती के माध्यम से नियुक्तियां की जाएंगी।

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आंखें खुली तो चेहरे पर बैठा था चमगादड़, कुछ दिन तो आराम से कटे, फिर यही जीव बना युवक के लिए काल

Canada: कभी-कभी एक छोटी-सी घटना जिंदगी के लिए कितना बड़ा खतरा बन सकती है, यह कोई नहीं जानता। ऐसा ही एक मामला कनाडा से आया है। दरअसल, यहां का एक 11 साल का लड़का अपनी फैमिली के साथ 2024 में ऑन्टारियो के एक कॉटेज में घूमने गया था। यहां पर सोते समय उसके नाक और मुंह पर एक चमगादड़ बैठ गया। जिसे उसने अपने हाथों से हटा दिया। फिर उसके पिता ने इस जीव को किसी तरह पकड़कर कॉटेज से बाहर निकाल दिया। चूंकि लड़के के चेहरे पर चोट या काटने के कोई निशान नहीं थे और ना ही किसी तरह का लक्षण दिख रहा था तो उसके माता-पिता ने उसे डॉक्टर के पास ले जाना जरूरी नहीं समझा। बीबीसी ने यह जानकारी ‘कैनेडियन मेडिकल एसोसिएशन जर्नल’ पर छपी रिपोर्ट के हवाले से दी है।

19 दिन बाद दिखें लक्षण

लेकिन इस मामले के 19 दिन बाद, लड़के के चेहरे पर सुन्नपन और सूजन महसूस होने लगी। ‘कैनेडियन मेडिकल एसोसिएशन जर्नल’ में बताया गया है कि इसके बाद परिवार उसे इमरजेंसी इलाज के लिए क्लिनक ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसके लक्षणों का पता लगाने की कोशिश की।

शुरुआत में, लड़के को एंटीवायरल दवा दी गई, जिसका इस्तेमाल हर्पीज वायरस से होने वाले संक्रमण के इलाज में किया जाता है। उन्हें लगा कि उसे ‘बेल्स पाल्सी’ हो सकता है, जिसमें चेहरे के एक तरफ की मांसपेशियां कुछ समय के लिए लकवाग्रस्त (पैरालिसिस) हो जाती हैं।

इसके बाद वह लगातार दो बार अस्पताल गया; पहली बार उसे ‘हर्पीस जिंजिवोस्टोमेटाइटिस’ (मुंह और मसूड़ों का वायरल इन्फेक्शन) होने का शक जताया गया, और फिर अगले दिन वह तब वापस आया जब उसके चेहरे का दाहिना हिस्सा कमजोर पड़ गया था। इस दौरान उसे 39°C (102°F) बुखार हो गया, साथ ही उसे कुछ भी निगलने में दिक्कत, उलझन और ऐसी चीजें दिखाई देने लगीं जो असल में नहीं थीं (विजुअल हैलुसिनेशन)। उस दिन उसकी हालत तेजी से बिगड़ने लगी। जर्नल के अनुसार, उसे इंट्यूबेट किया गया और बच्चों के इंटेंसिव केयर यूनिट (PICU) में भर्ती कराया गया।

जिसके बाद, कनाडा के मैनिटोबा विश्वविद्यालय के बाल रोग एवं बाल स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों ने चमगादड़ के कारण होने वाले रेबीज वायरस का प्रबल संदेह जताया। कुछ दिनों बाद, एक टेस्ट के दौरान इसकी पुष्टि हुई। वहीं, हॉस्पिटल में भर्ती होने के 17 दिन बाद लड़के की मृत्यु हो गई।

कनाडा में रेबीज से अब तक 28 मौतें हुईं

बता दें कि कनाडा में रेबीज का संक्रमण बहुत कम होता है। कैनेडियन वेटरनरी मेडिकल एसोसिएशन के अनुसार, 1924 से अब तक देश में रेबीज से इंसानों की 28 मौतें हुई हैं।

एसोसिएशन की वेबसाइट के अनासर, “रेबीज की यह कम दर बड़े पैमाने पर चल रहे टीकाकरण कार्यक्रमों की वजह से है, और अगर इन कार्यक्रमों को जारी नहीं रखा गया तो बीमारी के दोबारा फैलने का खतरा है।”

अगर कोई इंसान सीधे तौर पर चमगादड़ के संपर्क में आता है, तो उसे रेबीज के लिए ‘पोस्ट-एक्सपोजर प्रोफिलैक्सिस’ (यानी रेबीज वाले जानवर के संपर्क में आने के तुरंत बाद दिया जाने वाला मेडिकल इलाज) की जरूरत होती है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि एक बार लक्षण दिखने के बाद यह संक्रमण लगभग हमेशा जानलेवा साबित होता है।

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Microsoft Layoff News: पिछले साल 15000 की छंटनी के बाद अब फिर तैयारी, माइक्रोसॉफ्ट के इन एंप्लॉयीज पर तलवार

Microsoft Layoff News: माइक्रोसॉफ्ट बड़े पैमाने पर एक बार फिर छंटनी की तैयारी कर रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक माइक्रोसॉफ्ट अपने वर्कफोर्स से करीब 2.5% एंप्लॉयीज के छुट्टी की तैयारी कर रही है। मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से किए गए दावे के मुताबिक माइक्रोसॉफ्ट इसके बारे में अगले हफ्ते तक ऐलान कर सकती है। बता दें कि पिछले कुछ महीनों में अमेरिकी कंपनियों ने ताबड़तोड़ छंटनी शुरू की है। टेक, मीडिया और फाइनेंस सेक्टर में इसकी एक नई लहर शुरू हुई है क्योंकि ये कंपनियां अपना लागत कम कर रही हैं और साथ ही एआई इंफ्रा में भारी निवेश भी कर रही हैं।

Microsoft Layoff: किन एंप्लॉयीज पर पड़ेगा असर?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक माइक्रोसॉफ्ट में जो छंटनी होनी है, उसमें हजारों एंप्लॉयीज की छुट्टी होगी। इसकी मार सेल्स और कंसल्टिंग के साथ-साथ Xbox गेमिंग डिविजन पर भी पड़ेगी। एसईसी फाइलिंग के मुताबिक पिछले साल 30 जून 2025 तक के आंकड़ों के मुताबिक माइक्रोसॉफ्ट के करीब 2.28 लाख फुल-टाइम एंप्लॉयीज थे।

पिछले साल दो बार में 15000 की छुट्टी

इस महीने की शुरुआत में आई ब्लूमबर्ग न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार Xbox ने वैश्विक स्तर पर पार्ट्स की कमी के चलते दुनिया भर में अपने गेमिंग कंसोल की कीमतें बढ़ा दी। कंपनी ने बड़े पैमाने पर एंप्लॉयीज की छंटनी करने के साथ-साथ मार्केटिंग और अन्य चीजों पर खर्च में भारी कटौती की योजना बनाई। एक और मीडिया रिपोर्ट में सामने आया था कि माइक्रोसॉफ्ट अपने Xbox गेमिंग यूनिट को अलग करने (स्पिन ऑफ) या इसे पूरी तरह अपनी सब्सिडरी कंपनी के तौर पर रीस्ट्रक्चर करने पर विचार कर रही है। पिछले साल जुलाई 2025 में कंपनी ने कहा था कि वह अपने करीब 4% एंप्लॉयीज की छुट्टी करेगी। बता दें कि पिछले साल मई 2025 में कंपनी ने 6 हजार एंप्लॉयीज की छंटनी की थी, जिसके बाद जुलाई में भी करीब 9 हजार एंप्लॉयीज की छंटनी का ऐलान और हुआ। अब एक बार फिर इसमें छंटनी की तैयारी हो रही है।

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WhatsApp ला रहा है Username फीचर, प्राइवेसी होगी मजबूत या बढ़ेंगे ऑनलाइन फ्रॉड? जानिए पूरी बात

WhatsApp जल्द ही अपने यूजर्स के लिए एक बड़ा बदलाव लेकर आने वाला है, जिसका नाम है Username फीचर। इस नए फीचर के जरिए लोग अपनी एक यूनिक डिजिटल पहचान बना सकेंगे और दूसरों से जुड़ने के लिए मोबाइल नंबर शेयर करने की जरूरत नहीं होगी। यह कदम ऐप में प्राइवेसी और सेफ्टी को और मजबूत करने की दिशा में माना जा रहा है। यूजर्स अब अपने मनपसंद यूजरनेम चुन सकेंगे, जिससे चैटिंग का तरीका पहले से ज्यादा आसान और सुरक्षित हो जाएगा।

साथ ही, WhatsApp ने इस फीचर के लिए कुछ खास नियम भी तैयार किए हैं, ताकि हर यूजर का नाम अलग और वैध हो तथा किसी तरह की कॉपी या गलत पहचान से बचा जा सके। इस बदलाव को सोशल मीडिया और टेक वर्ल्ड में एक बड़े अपडेट के रूप में देखा जा रहा है, जो आने वाले समय में ऑनलाइन बातचीत के तरीके को पूरी तरह बदल सकता है।

प्राइवेसी के साथ बढ़ेग चुनौतियां

WhatsApp का कहना है कि यह फीचर यूजर्स की प्राइवेसी को मजबूत करेगा, क्योंकि अब हर बातचीत के लिए फोन नंबर साझा करना जरूरी नहीं होगा। हालांकि, इस फीचर के सामने आते ही साइबर सुरक्षा और फर्जी पहचान को लेकर नई चिंताएं भी सामने आने लगी हैं।

अंकुर वारिकू ने जताई बड़ी चिंता

उद्यमी और कंटेंट क्रिएटर अंकुर वारिकू ने इस फीचर को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी चिंता जाहिर की। उनका कहना है कि अगर मजबूत सुरक्षा व्यवस्था नहीं बनाई गई, तो ठग ऐसे यूजरनेम बना सकते हैं जो किसी प्रसिद्ध व्यक्ति से मिलते-जुलते हों और लोगों को आसानी से धोखा दे सकते हैं।

भारत जैसे देश में यह खतरनाक साबित हो सकता है’

वारिकू ने कहा कि भारत जैसे देश में ऑनलाइन ठगी पहले से ही बड़ी समस्या है। अगर किसी ठग ने warikoo, ankur_warikoo या इससे मिलते-जुलते यूजरनेम बनाकर लोगों से पैसे मांगे, तो कई लोग आसानी से भ्रमित हो सकते हैं। उनके अनुसार, ऐसे मामलों को रोकने के लिए WhatsApp को मजबूत एंटी-अब्यूज सिस्टम लागू करना होगा।

पहले भी उठा चुके हैं फर्जी विज्ञापनों का मुद्दा

वारिकू ने बताया कि वह पहले भी Meta के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ चुके हैं। उनका आरोप था कि AI से बने फर्जी विज्ञापनों में उनकी तस्वीर का इस्तेमाल कर लोगों को निवेश वाले WhatsApp ग्रुप में जोड़ने की कोशिश की गई थी। उनका मानना है कि इसी तरह की ठगी नए Username फीचर के जरिए भी बढ़ सकती है।

सोशल मीडिया पर यूजर्स भी बंटे

वारिकू की पोस्ट के बाद कई लोगों ने उनकी चिंता से सहमति जताई। कुछ यूजर्स का कहना था कि अगर WhatsApp को सच में प्राइवेसी बढ़ानी थी, तो उसे ऐसे विकल्प देने चाहिए थे जिनसे केवल कॉन्टैक्ट लिस्ट में मौजूद लोग ही मैसेज या कॉल कर सकें।

4 अंकों का PIN भी होगा, फिर भी चिंता बरकरार

रिपोर्ट्स के मुताबिक, WhatsApp यूजरनेम के साथ 4 अंकों का PIN भी जोड़ेगा, जिससे गलत व्यक्ति तक पहुंचना आसान नहीं होगा। इसके बावजूद कई यूजर्स का मानना है कि यह फीचर प्लेटफॉर्म की मूल पहचान को बदल सकता है और फर्जी अकाउंट्स के लिए नए रास्ते खोल सकता है।

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Health Benefits of Banana: कच्चे और पके केले में कौन कौनसे विटामिन होते हैं?

An image providing information about raw and ripe bananas from a health perspective

Vitamins in Banana: केला दुनिया के सबसे लोकप्रिय और पौष्टिक फलों में से एक माना जाता है। यह न केवल स्वादिष्ट होता है, बल्कि शरीर को आवश्यक पोषक तत्व भी प्रदान करता है। खास बात यह है कि कच्चा और पका दोनों प्रकार का केला स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है, हालांकि दोनों के पोषण गुणों और शरीर पर पड़ने वाले प्रभावों में कुछ अंतर होता है। यही कारण है कि आयुर्वेद और आधुनिक पोषण विज्ञान दोनों ही केले को संतुलित आहार का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं।ALSO READ: Monsoon health tips: सावधान! बारिश में बीमारियों के खतरे से कैसे बचाएं खुद को, ये लक्षण दिखें तो ना करें नजरअंदाज

 

यदि आप जानना चाहते हैं कि कच्चे और पके केले में कौन-कौन से विटामिन पाए जाते हैं, इनके पोषण गुण क्या हैं और इन्हें खाने से स्वास्थ्य को कौन-कौन से लाभ मिल सकते हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकती है।

 

आइए जानते हैं कि कच्चे और पके केले में कौन-कौन से विटामिन मुख्य रूप से होते हैं:

 

1. पके केले में मिलने वाले विटामिन

पका केला विटामिन और तुरंत एनर्जी देने वाली नेचुरल शुगर से भरपूर होता है:

 

विटामिन B6 (Pyridoxine): पके केले में यह बहुत अच्छी मात्रा में होता है। एक मध्यम आकार का केला आपके दिनभर की आवश्यकता का लगभग 20-30% विटामिन B6 दे देता है। यह दिमाग के विकास, नर्वस सिस्टम और मूड को अच्छा रखने तथा हैप्पी हार्मोन बनाने में मदद करता है।

 

विटामिन C: हालांकि केले को खट्टा फल नहीं माना जाता, लेकिन इसमें विटामिन C अच्छी मात्रा में होता है। यह आपकी इम्यूनिटी अर्थात् रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है और त्वचा को चमकदार बनाता है।

 

विटामिन A: पके केले में थोड़ी मात्रा में विटामिन A (बीटा-कैरोटीन) भी होता है, जो आंखों की रोशनी और स्किन के लिए फायदेमंद है।

 

विटामिन B9 (फोलेट): यह शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं (Red Blood Cells) के निर्माण में मदद करता है।

 

2. कच्चे केले में मिलने वाले विटामिन

कच्चे केले में विटामिन के साथ-साथ रेसिस्टेंट स्टार्च (Resistant Starch) और फाइबर बहुत ज्यादा होता है, जो पेट के लिए वरदान है:

 

विटामिन B6: कच्चे केले में भी विटामिन B6 प्रचुर मात्रा में होता है, जो ब्लड शुगर को कंट्रोल करने और मेटाबॉलिज्म को सुधारने में मदद करता है।

 

विटामिन C: कच्चे केले में विटामिन C की मात्रा पके केले की तुलना में थोड़ी ज्यादा स्थिर होती है, क्योंकि पकने की प्रक्रिया में कुछ एंटीऑक्सीडेंट्स का रूप बदल जाता है। यह शरीर की कोशिकाओं को डैमेज होने से बचाता है।

 

विटामिन A और E: इसमें बहुत सूक्ष्म मात्रा में विटामिन A और विटामिन E भी पाए जाते हैं, जो एंटीऑक्सीडेंट की तरह काम करते हैं।

 

तुलना: कच्चा बनाम पका केला

कच्चा केला (Green)

पोषक तत्व / विटामिन

विटामिन B6- उच्च मात्रा, ब्लड शुगर कंट्रोल में मददगार।

विटामिन C- अच्छी मात्रा ज्यादा सुरक्षित/स्टेबल।

स्टार्च/शुगर- रेसिस्टेंट स्टार्च ज्यादा। शुगर कम, जो वजन घटाने और डायबिटीज के लिए अच्छा है।

पाचन (Digestion)- पचाने में थोड़ा भारी, पेट के गुड बैक्टीरिया के लिए बेहतरीन।

 

पका केला (Yellow)

पोषक तत्व / विटामिन
विटामिन B6- उच्च मात्रा- मूड और ब्रेन हेल्थ के लिए बेस्ट

विटामिन C- अच्छी मात्रा

स्टार्च/ शुगर- नेचुरल शुगर ज्यादा ग्लूकोज/फ्रुक्टोज, जो तुरंत एनर्जी देता है।

पाचन (Digestion)- पचाने में बेहद आसान।

 

काम की बात: अगर आप वजन घटाना चाहते हैं या डायबिटीज मैनेज कर रहे हैं, तो कच्चा केला (सब्जी या कबाब के रूप में) ज्यादा फायदेमंद है। वहीं, अगर आपको तुरंत एनर्जी चाहिए या वर्कआउट के बाद रिकवरी करनी है, तो पका केला सबसे बेस्ट है।

 

कच्चे और पके दोनों केले विटामिन B6, विटामिन C, फोलेट और पोटैशियम के अच्छे स्रोत हैं। कच्चा केला फाइबर और रेजिस्टेंट स्टार्च के कारण पाचन और ब्लड शुगर नियंत्रण में मदद कर सकता है, जबकि पका केला तुरंत ऊर्जा देने वाला और आसानी से पचने वाला फल है। दोनों को संतुलित आहार का हिस्सा बनाया जा सकता है। 

 

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जुकरबर्क की Meta का CRED में ₹8550 करोड़ निवेश, फाउंडर कुणाल शाह को बनाएगी WhatsApp का नया ग्लोबल CEO

Meta Investment In CRED: फेसबुक की पैरेंट कंपनी Meta ने भारतीय फिनटेक स्टार्टअप CRED में करीब 90 करोड़ डॉलर (लगभग ₹8,550 करोड़) निवेश करने का ऐलान किया है। दोनों कंपनियों ने 22 जून को इस डील की घोषणा की। इससे पहले Moneycontrol ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि Meta, CRED में 4 अरब डॉलर के वैल्यूएशन पर निवेश को लेकर बातचीत कर रही है।

WhatsApp की कमान संभालेंगे कुणाल शाह

इस निवेश के साथ CRED के फाउंडर कुणाल शाह Meta में शामिल होंगे और वह WhatsApp के नए ग्लोबल CEO बनेंगे। कुणाल मौजूदा विल कैथकार्ट की जगह लेंगे, जिन्होंने सात साल तक WhatsApp को लीड करने के बाद पद छोड़ने का फैसला किया है।

Meta के CEO मार्क जुकरबर्ग ने कहा कि कुणाल शाह ने CRED को भारत की सबसे महत्वपूर्ण टेक कंपनियों में से एक बनाया है। उनके पास बिजनेस बनाने का अनुभव और वैश्विक नजरिया है। यह दुनिया के सबसे बड़े मैसेजिंग प्लेटफॉर्म को आगे बढ़ाने में मदद करेगा।

जुकरबर्ग ने विल कैथकार्ट की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि कैथकार्ट के नेतृत्व में WhatsApp 3 अरब से ज्यादा यूजर्स तक पहुंचा और उन्होंने यूजर्स की प्राइवेसी को प्राथमिकता दी। अब वह Meta में नई भूमिका संभालेंगे और नए प्रोडक्ट्स पर काम करेंगे।

CRED की कमान किसके हाथ में होगी?

कुणाल शाह के Meta में जाने के बाद CRED के ऑपरेशनल कामकाज की जिम्मेदारी मितेन संपत संभालेंगे। वह फिलहाल कंपनी में दूसरे सबसे सीनियर एग्जीक्यूटिव हैं।

मितेन संपत ने कहा कि 1.7 करोड़ से ज्यादा भरोसेमंद भारतीय CRED का इस्तेमाल करते हैं। उनके मुताबिक कंपनी के पास मजबूत टीम, स्पष्ट विजन और लंबी अवधि की रणनीति है। उन्होंने कहा कि CRED के अगले चरण का लक्ष्य कंपनी को पब्लिक मार्केट तक ले जाना है।

कुणाल शाह ने क्या कहा?

कुणाल शाह ने कहा कि उन्होंने 2018 में CRED की शुरुआत इस भरोसे के साथ की थी कि अच्छी क्रेडिट स्कोर को सम्मान मिलना चाहिए। आठ साल से भी कम समय में कंपनी लाखों सदस्यों, लगभग ₹3,200 करोड़ रेवेन्यू, मुनाफे में कारोबार, कई लाइसेंस और मजबूत ब्रांड के साथ एक नई कैटेगरी बनाने में सफल रही है।

उन्होंने कहा कि अतिरिक्त पूंजी और प्रतिभाशाली टीम के साथ CRED आने वाले दशकों तक एक मजबूत संस्था बन सकती है। उन्होंने भरोसा जताया कि टीम भविष्य में भी नए मानक स्थापित करेगी।

भारतीय स्टार्टअप जगत का बड़ा नाम हैं कुणाल शाह

यह दूसरा स्टार्टअप है जिससे कुणाल शाह बाहर निकल रहे हैं। इससे पहले उन्होंने डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म Freecharge की स्थापना की थी, जिसे बाद में बेच दिया गया था।

वर्षों के दौरान वह भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम के सबसे चर्चित चेहरों में शामिल हो गए। CRED बनाने के अलावा उन्होंने सैकड़ों शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स में निवेश किया है और देश के सबसे सक्रिय एंजेल इनवेस्टर्स में उनकी गिनती होती है।

1 अरब डॉलर जुटा चुकी है CRED

2018 में शुरू हुई CRED अब तक करीब 1 अरब डॉलर की फंडिंग जुटा चुकी है। कंपनी में Tiger Global, Ribbit Capital, Peak XV Partners, Greenoaks Capital और DST Global जैसे बड़े निवेशकों ने निवेश किया है।

Peak XV Partners के मैनेजिंग डायरेक्टर शैलेंद्र सिंह ने कहा कि CRED का सफर काफी शानदार रहा है। उनके मुताबिक कंपनी ने एक नई कैटेगरी बनाई, लाखों सक्रिय यूजर्स जोड़े और मजबूत आर्थिक मॉडल तैयार किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में CRED और मजबूत होकर उभरेगी।

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बरसात के मौसम में ये 5 आसान योगासन कर सकते हैं आपकी इम्युनिटी की रक्षा

best yoga asanas for health: बरसात का मौसम जहां मन को सुकून देता है, वहीं यह मौसम शरीर के लिए कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं भी लेकर आता है। नमी भरा वातावरण, गीली जमीन, हवा में बैक्टीरिया और कमज़ोर होती इम्युनिटी, ये सभी मिलकर सर्दी, जुकाम, खांसी, वायरल बुखार और स्किन एलर्जी जैसी बीमारियों को न्योता देते हैं। ऐसे में अपने शरीर की प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्युनिटी को मजबूत बनाए रखना सबसे जरूरी हो जाता है। दवाओं के बजाय अगर आप प्राकृतिक उपायों को प्राथमिकता दें, तो योग सबसे बेहतर विकल्प बनकर सामने आता है। योग न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है बल्कि मानसिक तनाव को भी कम करता है। खासकर बरसात के मौसम में कुछ खास योगासन अपनाकर आप खुद को बीमारियों से दूर और फिट रख सकते हैं।

 

1. वज्रासन

बरसात में खाना सही से नहीं पचता और पेट की गड़बड़ियों की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में वज्रासन एक सरल लेकिन प्रभावशाली योगासन है, जिसे आप भोजन के बाद कुछ मिनट करके पाचन तंत्र को दुरुस्त बना सकते हैं। वज्रासन से गैस, अपच और एसिडिटी जैसी समस्याएं दूर होती हैं और यह शरीर को अंदर से स्थिर बनाता है, जिससे प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है।

 

2. भस्त्रिका प्राणायाम

भस्त्रिका प्राणायाम मानसून के मौसम में बहुत उपयोगी है क्योंकि यह सांस से संबंधित परेशानियों से लड़ने में मदद करता है। यह प्राणायाम फेफड़ों को शुद्ध करता है, ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाता है और शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा को संतुलित करता है। इसे नियमित रूप से करने से सर्दी-जुकाम और इंफेक्शन से बचाव होता है। सुबह के वक्त इसका अभ्यास करने से दिनभर ताजगी और ऊर्जा बनी रहती है।

 

3. सूर्य नमस्कार 

हालांकि बरसात में सूर्य कम दिखता है, लेकिन सूर्य नमस्कार का अभ्यास आपके शरीर को हर मौसम में संतुलित रखता है। इसमें 12 आसान स्टेप्स होते हैं जो शरीर की हर मांसपेशी पर काम करते हैं। इससे रक्त संचार सुधरता है, शरीर डिटॉक्स होता है और मेटाबॉलिज़्म तेज़ होता है। यह योगासन इम्यून सिस्टम को प्राकृतिक रूप से सक्रिय करता है और मानसून में चपेट में आने वाली बीमारियों से बचाव करता है।

 

4. सेतु बंधासन 

बारिश के दिनों में अक्सर शरीर भारीपन और थकान से भर जाता है। ऐसे में सेतु बंधासन यानी ब्रिज पोज़ शरीर को खिंचाव देता है, रीढ़ की हड्डी को मजबूत करता है और थकान दूर करता है। यह योगासन खासतौर पर स्ट्रेस से छुटकारा दिलाता है और हार्मोन बैलेंस करता है, जिससे मानसिक शांति और इम्युनिटी दोनों बनी रहती हैं।

 

5. कपालभाति 

कपालभाति प्राणायाम शरीर की गंदगी को बाहर निकालने का एक अत्यंत प्रभावशाली तरीका है। यह पेट की चर्बी कम करता है, पाचन को दुरुस्त करता है और शरीर के हर अंग तक ऑक्सीजन पहुंचाने में मदद करता है। खासकर बारिश में जब सर्दी-जुकाम या थकावट महसूस हो, तब कपालभाति दिन की शुरुआत के लिए सबसे अच्छा अभ्यास माना जाता है।

 


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