IMD Heavy Rain Alert: इन 15 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी, कई जगहों पर आंधी-तूफान, दिल्ली से यूपी-बिहार तक ऐसा रहेगा मौसम

India Weather Update: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के विभिन्न हिस्सों के लिए ताजा वेदर बुलेटिन जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 3-4 दिनों के दौरान पूर्वोत्तर भारत, पश्चिम बंगाल और बिहार में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इसके साथ ही 13 जुलाई को मेघालय और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कुछ जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश को लेकर भी चेतावनी दी गई है। उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों, पश्चिम-मध्य और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में अगले 6-7 दिनों के दौरान बारिश की गतिविधियों में थोड़ी कमी देखी जा सकती है।

अभी कहां कितनी हुई बारिश और आंधी-तूफान की स्थिति?

मौसम विभाग के मुताबिक पिछले 24 घंटों के दौरान देश के कई हिस्सों में भारी वर्षा और तेज हवाएं दर्ज की गईं। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बेहद तेज बारिश रिकॉर्ड की गई। पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, असम, मेघालय और त्रिपुरा में भी बहुत भारी बारिश (12-20 सेमी) दर्ज हुई। अरुणाचल प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी बारिश (7-11 सेमी) देखी गई।

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और पंजाब में अलग-अलग जगहों पर 60-80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज/झंझावाती हवाएं चलीं। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी राजस्थान, मध्य प्रदेश, विदर्भ, महाराष्ट्र, गुजरात राज्य, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल, केरल और माहे, रायलसीमा, तेलंगाना और आंतरिक कर्नाटक में 40-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं और बिजली चमकने की घटनाएं दर्ज की गईं।

क्षेत्रीय मौसम का विस्तृत पूर्वानुमान

मौसम प्रणालियों की बात करें तो मानसून ट्रफ का पश्चिमी छोर समुद्र तल पर अपनी सामान्य स्थिति के करीब है जबकि इसका पूर्वी छोर सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर बना हुआ है। इसके अलावा पाकिस्तान और बांग्लादेश के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं और उत्तर-पश्चिम बिहार से मणिपुर तक एक ट्रफ रेखा भी गुजर रही है। इन सिस्टम्स के प्रभाव से आने वाले दिनों में देश का मौसम कुछ ऐसा रहेगा-

उत्तर-पश्चिम भारत (दिल्ली, यूपी, पंजाब और हरियाणा)

दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 13 से 19 जुलाई के दौरान अलग-अलग जगहों पर हल्की से छिटपुट बारिश होने की संभावना है। 18 और 19 जुलाई को पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पंजाब में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 13-17 जुलाई तक छिटपुट बारिश और 18-19 जुलाई को व्यापक रूप से भारी बारिश होने का अनुमान है। इस दौरान 17 से 19 जुलाई के बीच पूर्वी यूपी में भारी बारिश का अलर्ट है। उत्तराखंड में 13-19 जुलाई तक व्यापक बारिश और 15-19 जुलाई के दौरान भारी बारिश की चेतावनी है। हिमाचल प्रदेश में 18-19 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है।

जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में 13-19 जुलाई के दौरान 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और 18-19 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। पूर्वी राजस्थान में 16-19 जुलाई के दौरान बारिश देखने को मिल सकती है।

पूर्वी भारत (बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल)

बिहार में 13-15 जुलाई तक व्यापक बारिश होने की संभावना है। इसके बाद 16-19 जुलाई को छिटपुट बारिश जारी रहेगी। 13-14 जुलाई को बिहार में अलग-अलग जगहों पर बहुत भारी बारिश का अलर्ट है जबकि 15-19 जुलाई के दौरान भारी बारिश होने का अनुमान है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 13 जुलाई को अत्यधिक भारी बारिश और 14, 15, 18 व 19 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। गांगेय पश्चिम बंगाल में 13-17 जुलाई के दौरान भारी बारिश देखने को मिल सकती है।

झारखंड में 13, 18 और 19 जुलाई को छिटपुट बारिश और 14-17 जुलाई तक व्यापक बारिश के साथ 13-14 जुलाई को भारी बारिश का अनुमान है। ओडिशा में 14-15 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 13 व 16 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है।

पूर्वोत्तर भारत (असम, मेघालय और त्रिपुरा)

मेघालय में 13 जुलाई को कुछ जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। असम और मेघालय में 13-15 जुलाई और 17-19 जुलाई के दौरान भारी बारिश तथा 16 जुलाई को बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश में 13-19 जुलाई तक लगातार भारी बारिश का अनुमान है। नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 13 और 17 जुलाई को बहुत भारी बारिश हो सकती है जबकि 14-16 और 18-19 जुलाई को भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

मध्य और पश्चिमी भारत (मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र)

पश्चिमी मध्य प्रदेश में 16-17 जुलाई को 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। छत्तीसगढ़ में 14-15 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। कोंकण और गोवा में 13-16 जुलाई तक छिटपुट बारिश के बाद 17-19 जुलाई के दौरान व्यापक से बहुत व्यापक बारिश होने का अनुमान है। गुजरात, मध्य महाराष्ट्र और सौराष्ट्र व कच्छ में 13-19 जुलाई तक छिटपुट बारिश जारी रहेगी।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत (कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु)

तटीय कर्नाटक में 17-19 जुलाई और केरल व माहे, लक्षद्वीप में 18-19 जुलाई को व्यापक बारिश होने की संभावना है। तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, तटीय कर्नाटक, रायलसीमा और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 13-17 जुलाई के दौरान तेज सतही हवाएं चलने की संभावना है।

हीटवेव और उमस भरी गर्मी की चेतावनी

बारिश के बीच देश के कुछ हिस्सों में गर्मी का प्रकोप भी देखने को मिलेगा। तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 13 से 15 जुलाई के दौरान अलग-अलग इलाकों में लू चलने की प्रबल संभावना है। ओडिशा में 13-14 जुलाई और रायलसीमा व तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 13-15 जुलाई के दौरान मौसम बेहद गर्म और उमस भरा बना रहेगा।

Delhi Weather: दिल्ली में हीटवेव के बाद 5 दिन देरी से पहुंचा मानसून, IMD ने 5 जुलाई तक जारी किया बारिश का अलर्ट

Delhi Weather: कई दिनों की भीषण गर्मी, उमस और लू के बाद, दक्षिण-पश्चिम मानसून आखिरकार गुरुवार को दिल्ली पहुंच ही गया, जिससे लोगों को इस उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिली। बता दें कि इस बार मानसून अपने तय समय से 5 दिन देर से पहुंचा है। वहीं, राष्ट्रीय राजधानी में मानसून के पहुंचने के बाद गुरुवार की सुबह दिल्ली के कई इलाकों में हल्की बारिश हुई। पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहे, जिससे तापमान सामान्य से काफी कम रहा। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने बताया कि मौसम की अनुकूल परिस्थितियां बनने के बाद दिल्ली में मानसून के पहुंचने की आधिकारिक घोषणा कर दी गई।

दूसरी तरफ मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए येलो अलर्ट जारी किया है और आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहने और मध्यम बारिश का अनुमान जताया है। इस दौरान न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में दिल्ली में मॉनसून की भारी बारिश का एक और दौर देखने को मिल सकता है।

5 जुलाई तक और मानसून बारिश की संभावना

स्काईमेट वेदर के मौसम वैज्ञानिक महेश पलावत ने बताया कि मौसम प्रणाली में बदलाव के बाद दिल्ली में बारिश की गतिविधियां फिर तेज हो सकती हैं।

पलावत ने कहा, “मानसून आमतौर पर मौसमी ट्रफ के साथ आगे बढ़ता है, जो अभी पंजाब से बंगाल की खाड़ी तक फैला हुआ है।” उन्होंने कहा कि यह मौसमी ट्रफ दक्षिण की ओर मध्य भारत की तरफ बढ़ने की उम्मीद है, जिससे मध्य भारत में बारिश बढ़ेगी, जबकि दिल्ली, पंजाब और हरियाणा सहित इंडो-गंगा के मैदानी इलाकों में बारिश की गतिविधियां कुछ समय के लिए कम हो सकती हैं।”

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि 5 जुलाई तक ट्रफ के फिर से उत्तर की ओर बढ़ने की संभावना है, जिससे दिल्ली और उत्तर-पश्चिम भारत के अन्य हिस्सों में मानसून जैसी बारिश का एक और दौर देखने को मिल सकता है।

2021 के बाद पहली बार जुलाई में मॉनसून की शुरुआत

2021 के बाद यह पहली बार है जब मानसून जुलाई में दिल्ली पहुंचा है। 2021 में, मानसून 13 जुलाई को आया था। IMD के रिकॉर्ड के अनुसार, पिछले कुछ सालों में मानसून अलग-अलग तारीखों पर दिल्ली पहुंचा है। 2025 में यह 29 जून को, 2024 में 28 जून को, 2023 में 25 जून को और 2022 में 30 जून को पहुंचा था।

पिछले 125 सालों में दिल्ली में मानसून का सबसे जल्दी आगमन 15 जून, 2008 को दर्ज किया गया था, जबकि सबसे देर से आगमन 26 जुलाई, 1987 को हुआ था।

2020 में, मॉनसून 25 जून को दिल्ली पहुंचा था और एक दिन बाद पूरे देश में फैल गया था। 2021 में, यह दिल्ली पहुंचा और उसी दिन पूरे देश में फैल गया। 2022, 2023 और 2024 में, मॉनसून 2 जुलाई को पूरे देश में फैल गया, जबकि पिछले साल यह दिल्ली पहुंचा और 29 जून को पूरे भारत में फैल गया।

तापमान में भारी गिरावट

मानसून के आने से शहर भर में तापमान में काफी गिरावट आई। दिल्ली के मुख्य मौसम केंद्र, सफदरजंग में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4.4 डिग्री कम था, जबकि न्यूनतम तापमान 22.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 5.1 डिग्री कम था। शहर में 21 जुलाई, 2021 के बाद से सबसे कम न्यूनतम तापमान भी दर्ज किया गया; उस समय न्यूनतम तापमान 22.4 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया था।

अन्य मौसम केंद्रों पर भी सामान्य से कम तापमान दर्ज किया गया। जैसे- पालम में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लोदी रोड पर अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

रिज स्टेशन पर अधिकतम तापमान 33.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अयानगर में अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

दिल्ली में हल्की बारिश हुई

गुरुवार को सुबह के समय हल्की लेकिन व्यापक बारिश हुई। सुबह 8.30 बजे तक सफदरजंग में 4.6mm बारिश हुई, जबकि पालम में 1.9mm और आयानगर में 5mm बारिश दर्ज की गई। लोदी रोड पर 4.1mm और रिज स्टेशन पर 3mm बारिश हुई। सुबह के बाद ज्यादातर मौसम केंद्रों पर कोई खास बारिश दर्ज नहीं की गई।

मानसून में देरी क्यों हुई?

देरी से आने की वजह बताते हुए पलावत ने कहा कि मानसून को बनाए रखने के लिए जरूरी नमी वाली हवाएं पहले दिल्ली नहीं पहुंची थीं।

उन्होंने कहा, “बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी वाली पूर्वी हवाएं, जो मानसून की लगातार बारिश के लिए जरूरी हैं, पहले दिल्ली नहीं पहुंची थीं।” दिल्ली में मानसून के देर से आने से पहले का मौसम (प्री-मानसून सीजन) सामान्य से ज्यादा गर्म रहा था।

IMD के डेटा के मुताबिक, मार्च-जून के दौरान औसत न्यूनतम तापमान 22.9 डिग्री सेल्सियस रहा, जो 2022 के बाद से सबसे ज्यादा औसत तापमान है।

इसी दौरान औसत अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस रहा, जो 2024 के बाद पिछले छह सालों में दूसरा सबसे ज्यादा औसत तापमान है। राष्ट्रीय राजधानी में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आने से पहले, प्री-मानसून सीजन में लगातार गर्मी, उमस, कुछ समय के लिए तेज लू और कहीं-कहीं प्री-मानसून बारिश देखी गई।

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