SIP Calculator: मंथली 2000 रुपये की SIP से 10 लाख का फंड कितने समय में तैयार होगा? आसानी से समझें पूरा कैलकुलेशन

SIP Calculator: कई लोग निवेश शुरू करन के लिए इनकम बढ़ने का इंतजार करते हैं। इनकम बढ़ने पर खर्च भी बढ़ जाते हैं। इस वजह से वे निवेश शुरू करने के लिए सही मौके का इंतजार करते रह जाते हैं। सच यह है कि निवेश शुरू करने के लिए ज्यादा इनकम जरूरी नहीं है। आप कम इनकम से भी निवेश की शुरुआत कर सकते हैं। खासकर आप सिप से म्यूचुअल फंड की स्कीम में कम अमाउंट से निवेश शुरू कर बड़ा फंड तैयार कर सकते हैं। आइए यहां पूरा कैलकुलेशन समझते हैं।

निवेश में बरतना होगा अनुशासन

एक्सपर्ट्स का कहना है कि निवेश में सबसे जरूरी अनुशासन है। अगर आप 2000 रुपये से निवेश शुरू करते हैं और लंबी अवधि तक हर महीने निवेश करना जारी रखते हैं तो आप आसानी से बड़ा फंड तैयार कर सकते हैं। म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीम में निवेश करने पर सालाना कम से कम 12 फीसदी का रिटर्न आराम से मिल जाता है। कई बार इससे ज्यादा यानी 14 फीसदी या 16 फीसदी तक रिटर्न मिल जाता है। लंबी अवधि के निवेश में सबसे बड़ा फायदा कंपाउंडिंग का मिलता है।

लंबी अवधि में कंपाउंडिंग का ज्यादा फायदा

कंपाउंडिंग का मतलब यह है कि निवेश के रिटर्न पर भी आपको रिटर्न मिलता है। इससे आपका पैसा तेजी से बढ़ता है। कंपाउंडिंग की वजह से छोटे अमाउंट के निवेश से भी लंबी अवधि में आसानी से बड़ा फंड तैयार हो जाता है। जो इनवेस्टर कंपाउंडिंग के मैजिक को समझ जाते हैं वे निवेश में अनुशासन बनाए रखते हैं। इससे 10-15 साल में उनके लिए आसानी से बड़ा फंड तैयार हो जाता है।

आइए एक टेबल की मदद से समझते हैं कि हर महीने 2000 रुपये के SIP निवेश से 10 लाख रुपये का फंड तैयार होने में कितना समय लगेगा।

अनुमानित सालाना रिटर्न10 लाख का फंड तैयार होने में अनुमानित समय
12%15 साल कुछ महीने
14%14 साल कुछ महीने
16%13 साल कुछ महीने

अगर आप कम समय में बड़ा फंड तैयार करना चाहते हैं तो आप स्टेट-अप स्ट्रेटेजी का इस्तेमाल कर सकते हैं। स्टेप-अप स्ट्रेटेजी में हर साल सिप का अमाउंट बढ़ा दिया जाता है। इसे एक उदाहरण की मदद से समझ सकते हैं। मान लीजिए आप निवेश की शुरुआत मंथली 2000 रुपये के निवेश से करते हैं। दूसरे साल आप निवेश का अमाउंट 10 फीसदी बढ़ा देते हैं। तीसरे साल भी आप SIP का अमाउंट 10 फीसदी बढ़ा देते हैं। इस स्ट्रेटेजी से कम समय में आपके लिए काफी बड़ा फंड आसानी से तैयार हो जाता है।

आइए समझते हैं कि स्टेप-अप सिप से 10 लाख रुपये का SIP तैयार करने में कितना समय लगेगा।

सामान्य SIP से 10 लाख10% स्टेप-अप SIP से 10 लाखसमय की बचतअनुमानित सालाना रिटर्न
15 साल कुछ महीने12 साल कुछ महीने3 साल12%
14 साल कुछ महीने11 साल कुछ महीने3 साल14%
13 साल कुछ महीने11 साल कुछ महीने2 साल16%

स्टेप-अप सिप के फायदे

स्टेप-अप सिप में हम देखते हैं कि हर महीने 2000 रुपये के SIP निवेश से 10 लाख रुपये का फंड तैयार होने में कम समय लगता है। चूंकि, आप SIP अमाउंट हर साल सिर्फ 10 फीसदी बढ़ाते हैं, जिससे आपको किसी तरह की दिक्कत नहीं आती है। लेकिन, आपके निवेश की अवधि काफी कम हो जाती है। इसकी वजह कंपाउंडिंग का मैजिक है।

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रिटर्न की गारंटी नहीं

यहां टेबल में 12 फीसदी, 14 फीसदी और 16 फीसदी रिटर्न का अनुमान लगाया गया है। इसका मतलब है कि हम तीन तरह के रिटर्न का अनुमान लगाते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि म्यूचुअल फंड के रिटर्न के बारे में पहले से कुछ कहना मुश्किल है। लेकिन, आम तौर पर यह देखा  गया है कि लंबी अवधि तक निवेश करने पर कम से कम 12 फीसदी का रिटर्न मिल जाता है। ऊपर टेबल में दी गई जानकारी सिर्फ कैलकुलेशन के लिए है।

Silver Price Today: आज क्या है चांदी कीमत? दिल्ली, मुंबई समेत जानें अपने शहर का रेट

Silver Price Today: अंतरराष्ट्रीय बाजारों में चल रही उतार-चढ़ाव की स्थिति का सीधा असर चांदी की कीमतों पर देखने को मिल रहा है। हर दिन कीमतों में हल्का बदलाव हो रहा है, जिससे निवेशकों से लेकर आम खरीदारों तक सभी की नजरें लगातार चांदी के रेट पर टिकी हुई हैं। आज बाजार खुलने से पहले मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी का वायदा भाव 0.2% बढ़कर यानी 455 रुपये की तेजी के साथ 2,29,691 रुपये प्रति किलो पहुंच गया, जबकि पिछले कारोबारी सत्र में यह 2,29,236 रुपये प्रति किलो पर बंद हुआ था। वहीं, इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक शुक्रवार सुबह तक चांदी का भाव 2,28,850 रुपये प्रति किलो दर्ज किया गया, जबकि गुडरिटर्न्स के अनुसार यह बढ़कर 2,45,000 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है।

दूसरी ओर, दिल्ली के सर्राफा बाजार में चांदी की कीमत टैक्स समेत बढ़कर 2,40,000 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई है। वैश्विक स्तर पर हाजिर चांदी भी उछलकर 59.89 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई है।

ऐसे में चांदी की कीमतों में लगातार हो रहे इस बदलाव के बीच अगर आप गहने खरीदने या निवेश करने की योजना बना रहे हैं, तो अपने शहर के ताजा रेट जानना बेहद जरूरी हो जाता है।

भारत के शहरों में चांदी के ताजा भाव

शहर10 ग्राम चांदी100 ग्राम चांदी1 किलो चांदी
दिल्ली₹2450₹24500₹245000
मुंबई₹2450₹24500₹245000
कोलकाता₹2450₹24500₹245000
चेन्नई₹2500₹25000₹250000
पटना₹2450₹24500₹245000
लखनऊ₹2450₹24500₹245000
मेरठ₹2450₹24500₹245000
अयोध्या₹2450₹24500₹245000
कानपुर₹2450₹24500₹245000
गाजियाबाद₹2450₹24500₹245000
नोएडा₹2450₹24500₹245000
गुरुग्राम₹2450₹24500₹245000
चंडीगढ़₹2450₹24500₹245000
जयपुर₹2450₹24500₹245000
लुधियाना₹2450₹24500₹245000
गुवाहाटी₹2450₹24500₹245000
जलगांव₹2450₹24500₹245000
इंदौर₹2450₹24500₹245000

पिछले दिन क्या रही चांदी की कीमत

गुरुवार को दिल्ली के सर्राफा बाजार में चांदी की कीमतों में लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में तेजी देखने को मिली। इस दौरान चांदी के भाव में 5,000 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई, जिससे यह बढ़कर 2,40,000 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स समेत) पर पहुंच गई। इससे पिछले सत्र में चांदी का भाव 2,35,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ था। वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी करीब 1.3 प्रतिशत की बढ़त के साथ बढ़कर 59.89 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।

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Gold Price Today: सोने में तेजी बरकरार; दिल्ली, जयपुर में ₹143940 पर पहुंचा 24 कैरेट; आपके शहर में क्या है रेट

देश में सोने की कीमत में तेजी जारी है। 3 जुलाई की सुबह ज्यादातर शहरों में भाव और बढ़ गया है। राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत बढ़कर 143940 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई है। एक दिन पहले दिल्ली के सराफा बाजार में 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत 3,000 रुपये बढ़कर 1,47,500 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने की कीमत में मजबूती और डॉलर के कमजोर होने के कारण सोने की मांग में तेजी आई।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 4,144.83 डॉलर प्रति औंस पर है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श ने बाजार के अनुमानों के मुकाबले कम सख्त रुख की बात कही है, जिससे ब्याज दरों में जल्द बढ़ोतरी की चिंताएं कम हुई हैं। इसके अलावा अमेरिका में नौकरियों का डेटा उम्मीद से कमजोर रहना भी ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीदें कम होने का एक कारण है। रॉयटर्स के मुताबिक, अमेरिकी लेबर डिपार्टमेंट के ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिस्टिक्स का कहना है कि जून में नॉन-फार्म पेरोल में 57,000 नौकरियां बढ़ीं।

देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट

दिल्ली में सोने की कीमतदिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 143940 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 131960 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 131810 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 143790 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 146190 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 134010 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 143790 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 131810 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)
दिल्ली131960143940
मुंबई131810143790
अहमदाबाद131860143840
चेन्नई134010146190
कोलकाता131810143790
हैदराबाद131810143790
जयपुर131960143940
भोपाल131860143840
लखनऊ131960143940
चंडीगढ़131960143940

चांदी की कीमत

सोने की तरह दूसरी कीमती धातु चांदी में भी तेजी कायम है। 3 जुलाई की सुबह कीमत बढ़कर 245100 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई। औद्योगिक मांग और निवेश के लिहाज से मांग बढ़ने के कारण चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी जारी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत 61.28 डॉलर प्रति औंस पर है। देश के अंदर सोने और चांदी की कीमतें डोमेस्टिक फैक्टर्स के साथ-साथ ग्लोबल फैक्टर्स से भी प्रभावित होती हैं।

आप जो फेमस Red Bull, Sting पीते हैं उनके समेत 6 बड़े ब्रांड्स को मिल गया FSSAI का नोटिस, ऐसा क्या कर दिया?

FSSAI: भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने छह बेवरेज (पेय) ब्रांड्स को “एनर्जी ड्रिंक” शब्द के इस्तेमाल और कथित तौर पर गुमराह करने वाले दावों को लेकर नोटिस जारी किए हैं। फूड रेगुलेटर के मुताबिक, “एनर्जी ड्रिंक” या इसी तरह के बेचे जाने वाले दूसरे प्रोडक्ट्स के लिए अभी तक कोई मानक तय नहीं किया गया है।

एक इंस्टाग्राम पोस्ट के अनुसार, “FSSAI ने ‘एनर्जी ड्रिंक’ होने का दावा करने वाले कई बेवरेज ब्रांड्स को गलत ब्रांडिंग और गुमराह करने वाले दावों के लिए नोटिस जारी किए हैं।”

जिन ब्रांड्स को नोटिस मिले

ये नोटिस Red Bull, Sting, Monster, Campa Energy, Hell Energy, Adrenaline Rush और Gold Boost  को जारी किए गए हैं। आरोप है कि कंपनियां अपने प्रोडक्ट्स की ब्रांडिंग और दावों के जरिए ग्राहकों को गुमराह कर रही हैं। हालांकि, इन कंपनियों की तरफ से तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है।

नोटिस क्यों जारी किए गए?

FSSAI का कहना है कि भारत में अब तक Energy Drink नाम की कोई आधिकारिक फूड कैटेगरी या उसका कोई अलग मानक तय नहीं किया गया है। इसका मतलब यह है कि किसी प्रोडक्ट को सिर्फ Energy Drink कहकर बेचना या उसी नाम से प्रचार करना नियमों के अनुरूप नहीं माना जा सकता। रेगुलेटर का कहना है कि फूड कैटेगरी सिस्टम केवल प्रशासनिक वर्गीकरण के लिए है। इसे प्रोडक्ट का नाम या मार्केटिंग टर्म नहीं बनाया जा सकता।

FSSAI ने प्रोडक्ट के दावों के बारे में क्या कहा?

FSSAI ने कहा है कि किसी भी खाने-पीने के प्रोडक्ट्स पर ऐसे दावे नहीं किए जा सकते जो शरीर या दवा से जुड़े हों (functional या therapeutic claims)। रेगुलेटर के अनुसार, “शरीर और दिमाग को मजबूत करना”, “ध्यान बढ़ाना”, “एनर्जी लेवल बढ़ाना”, “कमजोरी दूर करना” जैसे दावे या ऐसे ही अन्य दावे खाद्य उत्पादों पर करना नियमों के खिलाफ है। ये दावे FSS Act 2006 और उसके तहत बने नियमों के अनुसार मान्य नहीं हैं।

हाल की कार्रवाई

FSSAI ने हाल के महीनों में गलत ब्रांडिंग और गुमराह करने वाले दावों को लेकर फूड बिजनेस ऑपरेटर्स के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। रेगुलेटर ने ग्राहकों से मिली शिकायतों के आधार पर भी कार्रवाई की है और फूड सेफ्टी व रेगुलेटरी नियमों के पालन के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐसी कार्रवाई की जानकारी भी शेयर की है।

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Parle Products IPO: पारले-जी बनाने वाली कंपनी का आएगा आईपीओ, ₹1 लाख करोड़ से ज्यादा के वैल्यूएशन पर नजर : सूत्र

Parle Products IPO: Parle-G, Melody और Mango Bite जैसे लोकप्रिय ब्रांड बनाने वाली Parle Products अगले साल 1 अरब डॉलर (करीब 9,530 करोड़ रुपये) से बड़ा IPO लाने की तैयारी कर रही है। मामले की जानकारी रखने वाले कई सूत्रों ने Moneycontrol को यह जानकारी दी है।

सूत्रों के मुताबिक, चूंकि ये देश प्रतिष्ठित ब्रांड है, ऐसे में प्रस्तावित IPO का साइज1 अरब डॉलर से अधिक हो सकता है। उन्होंने बताया कि प्रक्रिया अभी शुरुआती चरण में है और अंतिम फैसला नहीं हुआ है। फिलहाल कंपनी 10.5 अरब डॉलर (करीब 1 लाख करोड़ रुपये) से अधिक के वैल्यूएशन का लक्ष्य लेकर चल रही है। हालांकि, बाजार की स्थिति के हिसाब से IPO का साइड और वैल्यूएशन बदल सकता है।

किन बैंकों को मिल सकती है जिम्मेदारी?

सूत्रों के मुताबिक, कंपनी ने अप्रैल में Request for Proposal (RFP) जारी किया था। इसके बाद कई इन्वेस्टमेंट बैंकों ने अपनी प्रेजेंटेशन दी। फिलहाल कंपनी ने Kotak Mahindra Capital, Axis Capital और HSBC Securities को सलाहकार के तौर पर चुना है।

दो अन्य सूत्रों ने भी इन नामों की पुष्टि की। इनमें से एक ने बताया कि कंपनी चौथे इन्वेस्टमेंट बैंक को भी सलाहकार समूह में शामिल करने पर विचार कर रही है। इस संबंध में बातचीत जारी है।

Parle Products ने क्या कहा?

Moneycontrol ने जब Parle Products से संपर्क किया तो कंपनी के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर (CMO) मयंक शाह ने कहा कि कंपनी बाजार में चल रही अटकलों पर टिप्पणी नहीं करती। फिलहाल उसका पूरा फोकस कारोबार को बढ़ाने पर है। उन्होंने कहा कि हर बड़ी कंपनी की तरह Parle Products भी ग्रोथ के लिए तमाम विकल्पों का मूल्यांकन करती रहती है।

वहीं, Kotak Mahindra Capital और Axis Capital ने इस खबर पर कोई जवाब नहीं दिया। HSBC Securities ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

Parle Agro से अलग है Parle Products

विजय चौहान के अगुआई वाली Parle Products असल में जयंतीलाल चौहान, सचौना चौान नादिया चौहान के नेतृत्व वाली Parle Agro से अलग कंपनी है। Parle Agro Frooti, Appy Fizz और Bailley जैसे ब्रांड बनाती है। परिवार के बंटवारे के बाद दोनों कंपनियां स्वतंत्र रूप से कारोबार कर रही हैं।

किन कंपनियों से है मुकाबला?

भारतीय बाजार में Parle Products की प्रतिस्पर्धा Britannia, ITC (Sunfeast), Mondelez India, Perfetti, Priya Gold, Anmol Industries और Cremica जैसी कंपनियों से है।

Hurun India 500 की 2025 रिपोर्ट के मुताबिक, Parle Products का अनुमानित वैल्यूएशन 75,420 करोड़ रुपये था। इस वैल्यूएशन के साथ यह भारत की सातवीं सबसे मूल्यवान गैर-सूचीबद्ध (Unlisted) कंपनी थी।

पहले IPO से किया था इनकार

20 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को Melody टॉफी भेंट करने का वीडियो वायरल होने के बाद CMO मयंक शाह ने कहा था कि इससे भारतीय ब्रांड को वैश्विक पहचान मिलेगी।

उसी दौरान जब उनसे IPO की योजना के बारे में पूछा गया था, तो उन्होंने कहा था कि फिलहाल कंपनी लिस्टिंग पर विचार नहीं कर रही है। उन्होंने कहा था कि Parle Products लंबे समय से एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी है और फिलहाल उसी तरह बने रहने की योजना है।

कंपनी का कारोबार कितना बड़ा है?

मुंबई के विले पार्ले में मुख्यालय वाली Parle Products की स्थापना 1929 में हुई थी। Parle-G के अलावा कंपनी के पोर्टफोलियो में KrackJack, Monaco, Hide & Seek और Poppins जैसे लोकप्रिय ब्रांड भी शामिल हैं।

PTI की रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू 8.5% बढ़कर 15,568.49 करोड़ रुपये रहा। हालांकि, इसी दौरान उसका मुनाफा 39% घटकर 979.53 करोड़ रुपये रह गया।

बिस्किट और कन्फेक्शनरी के अलावा कंपनी केक, रस्क, आटा और ब्रेकफास्ट सीरियल जैसे सेगमेंट में भी मौजूद है। कंपनी के प्रोडक्ट अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, न्यूजीलैंड और मध्य-पूर्व सहित कई देशों में बिकते हैं। इसके अलावा नाइजीरिया, कैमरून, घाना, इथियोपिया, केन्या, आइवरी कोस्ट, नेपाल और मेक्सिको समेत कई देशों में इसके मैन्युफैक्चरिंग प्लांट भी हैं।

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Gold Price Today: सोना ₹3000 उछला, ₹5000 महंगी हुई चांदी; कमजोर डॉलर से बढ़ी मांग

Gold Price Today: अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और वैश्विक बाजार में मजबूती के चलते गुरुवार को सोने की कीमतों में जोरदार उछाल आया। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोना 3,000 रुपये बढ़कर 1,47,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया। इससे एक दिन पहले यह 1,44,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।

वहीं, चांदी में भी तेजी का सिलसिला जारी रहा। लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में चांदी 5,000 रुपये महंगी होकर 2,40,000 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गई। पिछले सत्र में इसका भाव 2,35,000 रुपये प्रति किलोग्राम था।

क्यों बढ़े सोने-चांदी के दाम?

कारोबारियों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूती और अमेरिकी डॉलर के कमजोर होने से सोने की मांग बढ़ी है। वहीं, औद्योगिक और निवेश मांग मजबूत रहने से चांदी की कीमतों में भी तेजी बनी हुई है।

HDFC Securities के सीनियर कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श के उम्मीद से कम सख्त रुख के बाद ब्याज दरों में जल्द बढ़ोतरी की आशंकाएं कम हुईं। इससे सोने को समर्थन मिला।

अंतरराष्ट्रीय बाजार का हाल

वैश्विक बाजार में स्पॉट गोल्ड 38.75 डॉलर (करीब 1%) बढ़कर 4,070.04 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं, स्पॉट सिल्वर 1.3% चढ़कर 59.89 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा।

Mirae Asset Sharekhan के हेड ऑफ कमोडिटीज प्रवीण सिंह ने कहा कि अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में नरमी आने से सोना मजबूत हुआ है। उनके मुताबिक, जापानी येन में मजबूती और बैंक ऑफ जापान के हस्तक्षेप की खबरों से डॉलर पर दबाव बना।

उन्होंने कहा कि जब डॉलर कमजोर होता है, तो दूसरी मुद्राएं रखने वाले निवेशकों के लिए सोना सस्ता हो जाता है। इससे वैश्विक मांग बढ़ती है और कीमतों को समर्थन मिलता है।

आगे किन बातों पर रहेगी नजर?

बाजार की नजर अब अमेरिका के नॉन-फार्म पेरोल (Non-Farm Payrolls) आंकड़ों पर है। Motilal Oswal Financial Services के कमोडिटी एनालिस्ट मानव मोदी के मुताबिक, यह रिपोर्ट अमेरिकी श्रम बाजार की स्थिति और फेडरल रिजर्व की अगली मौद्रिक नीति के संकेत दे सकती है।

एनालिस्टों का मानना है कि इन आंकड़ों के बाद सोना, चांदी और अमेरिकी डॉलर में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। वहीं, World Gold Council का कहना है कि साल 2026 की दूसरी छमाही सोने के लिए अहम रह सकती है। ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें और भू-राजनीतिक घटनाक्रम आगे भी सोने की कीमतों की दिशा तय करने में बड़ी भूमिका निभाएंगे।

क्या सोना बेचकर शेयर खरीदने का समय आ गया? एक्सपर्ट रोहित श्रीवास्तव ने निफ्टी और बैंक निफ्टी पर कर दी बड़ी भविष्यवाणी

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Revolt’s electric motorcycle range explained: Where the RVX slots in

Revolt's electric motorcycle range explained: Where the RVX slots in

With the launch of the RVX, Revolt Motors has further expanded its electric motorcycle portfolio, strengthening its presence in India’s growing electric motorcycle market. The line-up now spans six models, catering to everyone from first-time EV buyers to those looking for a more performance-oriented electric motorcycle. While the RV1 and RV1+ are aimed at commuters, the BlazeX, RV400 BRZ, RV400 and the new RVX offer progressively higher levels of performance, equipment and styling. Here’s a closer look at where each model fits in the range.

RV1 and RV1+

Revolt RV1

The RV1 twins form the entry point into the Revolt range and are aimed squarely at urban riders. Priced at Rs 99,999, the RV1 gets a 2.2kWh removable battery, a 2.8kW mid-drive motor and a claimed 100km IDC range. The motorcycle adopts a straightforward commuter design with upright ergonomics, conventional cycle parts and minimal bodywork, keeping both costs and complexity in check.

For buyers covering longer daily distances, the Rs 1,04,990 RV1+ swaps in a larger 3.24kWh battery, increasing the claimed IDC range to 160km, while retaining the same motor and overall design. In essence, the RV1+ is less about additional performance and more about reducing charging frequency.

BlazeX and RV400 

Revolt RV BlazeX

The next step up is the RV BlazeX, priced at Rs 1,19,990. While it shares the 3.24kWh battery with the RV1+, it upgrades to a 4.1kW motor, claimed 150km IDC range and a higher 85kph top speed. Mechanically, it also benefits from upside-down front forks and fast-charging capability, while its styling is noticeably sportier than the commuter-focused RV1 twins.

The RV400 BRZ and RV400, priced at Rs 1,29,950 and Rs 1,39,950 respectively, continue with the same 3.24kWh battery and familiar naked streetfighter-inspired styling that has defined Revolt since the original RV400 debuted. The BRZ serves as the more accessible variant, while the standard RV400 continues as the range-topper in terms of price and equipment.

Revolt RV400

RVX

Rather than replacing the RV400, the new RVX introduces an altogether different proposition. Priced at an introductory Rs 1.30 lakh, it debuts a sharper and more aggressive design language, with similar LED headlight, angular body panels, muscular tank shrouds, unique graphics with ‘X’ motif, giving it a refreshed appearance than the rest of the range.

Revolt RVX

Under the bodywork sits a new 4kW mid-drive PMSM motor producing 5.3kW of peak power and 230Nm of torque at the wheel, making it the most powerful electric motorcycle Revolt has built. The motor is paired with a 3.24kWh removable NMC battery, which delivers a claimed 160km IDC range. Performance claims include a 0-40kph time of 3.9 seconds, while the new Boost mode unlocks a 90kph top speed. The battery also supports 0-80 percent charging in 80 minutes with the fast charger.

Where does the RVX fit?

Positioned alongside the RV400 BRZ at the upper end of Revolt’s line-up, the RVX expands the brand’s portfolio rather than replacing any existing model. It distinguishes itself with gold-finished USD forks, contrasting body accents and exclusive colour options, giving it a sportier appearance aimed at younger buyers. While the RV400 remains the most expensive motorcycle in the range, the RVX offers buyers an alternative with a different visual identity and positioning within Revolt’s electric motorcycle portfolio.

Gold Silver Price: सोने की कीमतों में तेजी, यूएस जॉब डेटा में नरमी और क्रूड में गिरावट से मिला सपोर्ट

Gold Silver Price: गुरुवार को सोने की कीमतों में बढ़त देखने को मिली। सोने को उम्मीद से कम जॉब डेटा और क्रूड की कम कीमतों से सपोर्ट मिला, जबकि मार्केट का फोकस फेडरल रिजर्व की चाल पर नए संकेतों के लिए आज की यूएस पेरोल रिपोर्ट पर था। पिछले सेशन में 23 जून के बाद अपने सबसे ऊंचे लेवल को छूने के बाद, 0251 GMT तक स्पॉट गोल्ड 0.7% बढ़कर $4,057.92 प्रति औंस हो गया। अगस्त डिलीवरी के लिए U.S. गोल्ड फ्यूचर्स 0.3% गिरकर $4,070.10 पर आ गया।

प्राइवेट पेरोल डेटा उम्मीद से कम आने के बाद बुलियन बुधवार को 7 महीने से ज़्यादा के निचले स्तर के करीब रहा, फिर $4,029.89 पर बंद हुआ।

ABC रिफाइनरी में इंस्टीट्यूशनल मार्केट्स के ग्लोबल हेड निकोलस फ्रैपेल ने कहा, ADP डेटा अनुमान से थोड़ा कम आया, इसलिए शायद यही सोने की तेजी की वजह है क्योंकि कुछ लोगों को लगता है कि डेटा का असर नॉन-फार्म पेरोल में दिखेगा।” ADP नेशनल एम्प्लॉयमेंट रिपोर्ट से पता चला कि मई में बिना बदलाव के 122,000 की बढ़त के बाद पिछले महीने प्राइवेट एम्प्लॉयमेंट में 98,000 नौकरियां बढ़ीं। रॉयटर्स के पोल में शामिल इकोनॉमिस्ट ने प्राइवेट एम्प्लॉयमेंट में 118,000 की बढ़ोतरी का अनुमान लगाया था।

इस बीच, फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वार्श ने बुधवार को कहा कि हाल के हफ्तों में महंगाई की उम्मीदें और महंगाई के रिस्क कम हुए हैं, हालांकि उन्होंने दोहराया कि फेड महंगाई को अपने 2% के लक्ष्य तक लाने के लिए कमिटेड है।

CME फेडवॉच टूल के मुताबिक, ट्रेडर्स सितंबर में रेट बढ़ने की लगभग 64% संभावना मान रहे हैं। इन्वेस्टर्स अब जून के नॉनफार्म पेरोल डेटा का इंतजार कर रहे हैं, जो आज दिन में बाद में आएगा, ताकि फेड की मॉनेटरी पॉलिसी के रास्ते के बारे में और सुराग मिल सकें। बुधवार को ईरान और अमेरिका के बीच होर्मुज स्ट्रेट पर फोकस्ड इनडायरेक्ट बातचीत खत्म होने के बाद तेल की कीमतों में गिरावट आई, लेकिन इससे पक्की शांति की तरफ कोई खास बढ़त नहीं हुई।

क्रूड की बढ़ी हुई कीमतें और मजबूत लेबर मार्केट महंगाई और लंबे समय तक ऊंची ब्याज दरों को लेकर डर पैदा कर सकते हैं।

हालांकि सोने को पारंपरिक रूप से महंगाई के खिलाफ बचाव के तौर पर देखा जाता है, लेकिन ज्यादा ब्याज दर वाले माहौल में यह एक नॉन-यील्डिंग एसेट के तौर पर अपनी अपील खो देता है। स्पॉट सिल्वर 1.6% बढ़कर $60.06 प्रति औंस हो गया, प्लैटिनम 2% बढ़कर $1,607.67 हो गया, और पैलेडियम 1.4% बढ़कर $1,227.13 हो गया।

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Gold Rate Today: और चढ़ा सोना; मुंबई, कोलकाता में ₹129040 का हुआ 22 कैरेट; 10 बड़े शहरों में ये है भाव

देश में सोने की कीमत में 2 जुलाई को तेजी है। ज्यादातर शहरों में भाव चढ़ा है। राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत बढ़कर 140920 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई है। मुंबई में भाव 140770 रुपये प्रति 10 ग्राम है। एक दिन पहले दिल्ली के सराफा बाजार में 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत 1,300 रुपये गिरकर 1,44,500 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई। वैश्विक बाजारों में सोने की कीमत में कमजोरी और डॉलर की मजबूती से सोने पर दबाव रहा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 3,986.07 डॉलर प्रति औंस पर है।

देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेट

दिल्ली में सोने की कीमतदिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 140920 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 129190 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

मुंबई और कोलकाता: मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 129040 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 140770 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

चेन्नई में सोने की कीमत: 24 कैरेट सोने की कीमत 144560 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 132510 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

पुणे और बेंगलुरु में कीमत: इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 140770 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 129040 रुपये प्रति 10 ग्राम है।

शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)
दिल्ली129190140920
मुंबई129040140770
अहमदाबाद129090140820
चेन्नई132510144560
कोलकाता129040140770
हैदराबाद129040140770
जयपुर129190140920
भोपाल129090140820
लखनऊ129190140920
चंडीगढ़129190140920

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चांदी की कीमत

सोने की तरह दूसरी कीमती धातु चांदी में भी तेजी है। 2 जुलाई की सुबह कीमत बढ़कर 240100 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत 58 डॉलर प्रति औंस पर है। देश के अंदर सोने और चांदी की कीमतें डोमेस्टिक फैक्टर्स के साथ-साथ ग्लोबल फैक्टर्स से भी प्रभावित होती हैं।

Gold Outlook: 2026 की दूसरी छमाही में घटेंगे या बढ़ेंगे सोने के दाम? वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की रिपोर्ट ने बताए बड़े ट्रिगर

Gold Outlook: 2026 की दूसरी छमाही में सोने की चाल कई बड़े फैक्टर्स पर निर्भर करेगी। इनमें सबसे अहम हैं भू-राजनीतिक तनाव, ब्याज दरें और निवेशकों का रुख। यह बात वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) ने अपनी Gold Mid-Year Outlook 2026 रिपोर्ट में कही है।

इस साल की पहली छमाही सोने के लिए काफी उतार-चढ़ाव वाली रही। जनवरी के आखिर में सोना 5,405 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। इसके बाद जून में कीमत गिरकर 4,002 डॉलर प्रति औंस तक आ गई। यानी रिकॉर्ड हाई से 26% की गिरावट। इसके बावजूद पिछले एक साल में सोना सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले एसेट्स में शामिल है। इसकी कीमतों में उतार-चढ़ाव भी बढ़ा है और वोलैटिलिटी 30% तक पहुंच गई है।

सबसे बड़ा असर किसका रहा?

WGC का कहना है कि पहली छमाही में अमेरिका-ईरान तनाव जैसे भू-राजनीतिक घटनाक्रमों ने सोने को सबसे ज्यादा सपोर्ट दिया। इसके अलावा निवेशकों की खरीद-बिक्री और मुनाफावसूली का भी असर दिखा।

रिपोर्ट के मुताबिक, सोने की कीमतों में सबसे ज्यादा हलचल एशिया और अमेरिका के ट्रेडिंग घंटों के दौरान हुई। इससे साफ है कि अब एशियाई निवेशकों की भूमिका पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गई है।

आगे क्या हो सकता है?

WGC का मानना है कि मौजूदा कीमतें इस उम्मीद को दिखाती हैं कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व इस साल अक्टूबर तक कम से कम एक बार ब्याज दर बढ़ा सकता है। इसके अलावा Bank of England, Bank of Japan और European Central Bank भी सख्त मौद्रिक नीति जारी रख सकते हैं।

अगर ऐसा होता है तो साल के आखिर तक सोना करीब 4,100 डॉलर प्रति औंस के आसपास रह सकता है। इसमें करीब 5% ऊपर या नीचे का उतार-चढ़ाव संभव है।

किन वजहों से बढ़ सकती हैं कीमतें?

अगर दुनिया में तनाव बढ़ता है, अर्थव्यवस्था कमजोर पड़ती है या ब्याज दरों को लेकर बाजार की सोच बदलती है, तो सोना फिर से तेजी पकड़ सकता है। हालांकि 4,500 डॉलर प्रति औंस से ऊपर जाने के लिए दुनिया की अर्थव्यवस्था में बड़ी सुस्ती जैसी स्थिति बननी होगी।

दूसरी तरफ, अगर अमेरिकी डॉलर मजबूत होता है, ब्याज दरें उम्मीद से ज्यादा बढ़ती हैं और निवेशक शेयर जैसे जोखिम वाले एसेट्स की तरफ लौटते हैं, तो सोने पर दबाव बन सकता है।

WGC का कहना है कि अगर सोना 4,000 डॉलर प्रति औंस से नीचे टिकता है तो बिकवाली बढ़ सकती है। लेकिन इतिहास बताता है कि बड़ी गिरावट के बाद केंद्रीय बैंक, बड़े निवेशक और आम खरीदार फिर से खरीदारी शुरू कर देते हैं। इससे कीमतों को सहारा मिल सकता है।

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